नहीं रहे पटना के प्रखर पत्रकार अवधेश ओझा

पटना के प्रखर पत्रकार अवधेश कुमार ओझा नहीं रहे। चालीस साल से अधिक समय तक जम कर पत्रकारिता की पारी खेलने के बाद कल रात उन्होंने लगभग 70 वर्ष की उम्र में सदा-सदा के लिए आंखे मूद ली। क्राइम रिपोर्टिग के विविध आयामों को सलीके से अखबार में परोसने के कारण इन्हें प्यार से पत्रकारिता क्षेत्र में  ‘क्रिमिनल रिपोर्टर’ भी कहा जाता था। पटना के दैनिक आर्यावर्त से अपना पत्रकार जीवन प्रारंभ करने वाले अवधेश ओझा सन 1979 में ‘आज’ से जुड़े और अस्सी के दशक में हिन्दुस्तान के साथी बन गये।

अपनी जाति बताने के लिये शुक्रिया राजदीप सरदेसाई

Vineet Kumar : राजदीप की इस ट्वीट से पहले मुझे इनकी जाति पता नहीं थी..इनकी ही तरह उन दर्जनों प्रोग्रेसिव मीडियाकर्मी, लेखक और अकादमिक जगत के सूरमाओं की जाति को लेकर कोई आईडिया नहीं है..इनमे से कुछ वक्त-वेवक्त मुझसे जाति पूछकर अपनी जाति का परिचय दे जाते हैं..और तब हम उनकी जाति भी जान लेते हैं.

मौलाना आजाद की जयंती पर मेनस्ट्रीम मीडिया द्वारा पुरानी स्टोरी गरम करके परोसने के मायने

Vineet Kumar : आज यानी 11 नवम्बर को मौलादा अबुल कलाम आजाद की जयंती है. इस मौके पर मेनस्ट्रीम मीडिया ने तो कोई स्टोरी की और न ही इसे खास महत्व दिया. इसके ठीक उलट अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उनके ना से जो लाइब्रेरी है, उससे जुड़ी दो साल पुरानी बासी स्टोरी गरम करके हम दर्शकों के आगे न्यूज चैनलों ने परोस दिया. विश्वविद्यालय के दो साल पहले के एक समारोह में दिए गए बयान को शामिल करते हुए ये बताया गया कि इस लाइब्रेरी में लड़कियों की सदस्यता दिए जाने की मनाही है. हालांकि वीसी साहब ने जिस अंदाज में इसके पीछे वाहियात तर्क दिए हैं, उसे सुनकर कोई भी अपना सिर पीट लेगा. लेकिन क्या ठीक मौलाना आजाद की जयंती के मौके पर इस स्टोरी को गरम करके परोसना मेनस्ट्रीम मीडिया की रोचमर्रा की रिपोर्टिंग और कार्यक्रम का हिस्सा है या फिर अच्छे दिनवाली सरकार की उस रणनीति की ही एक्सटेंशन है जिसमे बरक्स की राजनीति अपने चरम पर है. देश को एक ऐसा प्रधानसेवक मिल गया है जो कपड़ों का नहीं, इतिहास का दर्जी है. उसकी कलाकारी उस दर्जी के रूप में है कि वो भले ही पाजामी तक सिलने न जानता हो लेकिन दुनियाभर के ब्रांड की ट्राउजर की आल्टरेशन कर सकता है. वो एक को दूसरे के बरक्स खड़ी करके उसे अपनी सुविधानुसार छोटा कर सकता है. मेनस्ट्रीम मीडिया की ट्रेंनिंग कहीं इस कलाकारी से प्रेरित तो नहीं है?

बिहार कैडर के आईपीएस अमिताभ दास के समर्थन में मुखर हुए यूपी कैडर के आईपीएस अमिताभ ठाकुर

To,
Hon’ble Justice Bilal Nazki,
Chairman,
Bihar Human Rights Commission,
Patna

Subject- Regarding certain report about Sri Amitabh Kumar Das, IPS currently posted as SP, BHRC, Patna

Respected Sir,

रतिभान त्रिपाठी, केके सिंह, दिलीप नागपाल, अश्विनी शर्मा के बारे में सूचनाएं

दैनिक जागरण इलाहाबाद में वरिष्ठ पद पर कार्यरत रहे रतिभान त्रिपाठी के बारे में पता चला है कि उन्होंने देशबंधु अखबार के यूपी ब्यूरो चीफ के रूप में नई पारी की शुरुआत कर दी है. कई न्यूज चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके केके सिंह के बारे में खबर है कि उन्होंने श्री न्यूज ज्वाइन कर लिया है. वह श्री न्यूज के छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ बनाए गए हैं. इसके पहले केके सिंह 4रीयल न्यूज में हुआ करते थे.

मित्रों, मैं पिछले 4-5 दिनों से डा. सुभाष चन्द्रा जी से परेशान हूं

Vijay Yadav :  मित्रों, मैं पिछले 4-5 दिनों से डा. सुभाष चन्द्रा जी से परेशान हूं। सुभाष जी एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन हैं। दरअसल हमने अपने घर पर जो टीवी छतरी (डिश टीवी) लगाया है, वह इन्हीं की कंपनी का है, जिसका एकाउंट नंबर 01518442110 है। करीब दो साल से मैं डा. साहब की सुविधा हर महीने 220 रुपये चुका कर ले रहा हूं। हाल ही में उन्होंने 220 को 230 रुपये कर दिया। हमने मान लिया डा. चन्द्रा जी हाल ही में हरियाणा में नवीन जिंदल के खिलाफ लड़कर लौटे हैं, खर्चा बढ़ गया होगा। हमने उन्हें 10 रुपये अतिरिक्त बढाकर देना स्वीकार कर लिया।

गिरिराज सिंह को रणवीर सेना का संरक्षक बताने वाले आईपीएस अमिताभ दास बोले- ”मैं किसी कार्यवाई से डरने वाला नहीं”

Vinayak Vijeta : हाल ही में केन्द्र में राज्य मंत्री बनाए गए भाजपा नेता व सांसद गिरिराज सिंह को रणवीर सेना का समर्थक और संपोषक करार देने वाले राज्य मानवाधिकार आयोग के एसपी अमिताभ कुमार दास पर विभागीय कार्यवाई तय है। सूत्रों के अनुसार आज यानी बुधवार को आयोग में होने वाली बैठक के बाद आयोग के अध्यक्ष बिलाल नजकी इस संदर्भ में गृह सचिव को पत्र भेजने वाले हैं। सनद रहे की आयोग माह के हर दूसरे और चौथे बुधवार को अपने अधिकारियों की बैठक आयोजित करता है। इधर आयोग के एसपी अमिताभ कुमार दास ने कहा की वह किसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। कार्रवाई तो गिरिराज सिंह के खिलाफ होनी चाहिए जिन्होंने प्रतिबंधित रणवीर सेना के संस्थापक अध्यक्ष ब्रह्मेश्वर मुखिया को ‘गांधीवादी’ करार दिया था।

सुमित्रा महाजन अपने गृह क्षेत्र से दो मीडियाकर्मियों पंकज क्षीरसागर और हरीश कश्यप को लाई हैं

Awadhesh Kumar :  लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन जब पद के लिए निर्वाचित हुई थीं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि हमारी अध्यक्ष केवल मित्र नहीं सुमित्र हैं। सामान्यतः यह धारणा भी है कि सुमित्रा जी आम कार्यकर्ताओं, नेताओं सबसे सुह्रदयता से व्यवहार करती हैं। हालांकि उनको निकट से जानने वाले कई लोग इसके विपरीत बात भी करते हैं, पर राजनीति में ऐसा होता है इसलिए इसे हम यहां छोड़ दें। हाल में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ सुमित्रा महाजन के घर आये। जब वे आए तो उन्होंने पूछा कि ‘सुमित्रा जी हैं?’ उनसे सुमित्रा जी के सहयोगियों ने पूछा कि ‘आपका नाम क्या है?’ जाखड़ साहब ने कहा कि ‘जी बलराम जाखड़।’ फिर पूछा गया कि ‘आपने पहले से समय लिया है?’ जाखड़ साहब ने कहा कि ‘हां मेरी उनसे बातचीत हुई है।’ तो ठीक है बैठिए। सुमित्रा जी अभी एक जरुरी मीटिंग में हैं। वे बैठ गए।

बाल पत्रकारिता : संभावना एवं चुनौतियां

: 14 नवम्बर बाल दिवस पर विशेष लेख : बीते 5 सितम्बर 2014, शिक्षक दिवस के दिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बच्चों से रूबरू हो रहे थे तब उनके समक्ष देशभर से हजारों की संख्या में जिज्ञासु बच्चे सामने थे। अपनी समझ और कुछ झिझक के साथ सवाल कर रहे थे। इन्हीं हजारों बच्चों में छत्तीसगढ़ दंतेवाड़ा से एक बच्ची ने आदिवासी बहुल इलाके में उच्चशिक्षा उपलब्ध कराने संबंधी सवाल पूछा। यह सवाल उसके अपने और अपने आसपास के बच्चों के हित के लिये हो सकता है लेकिन यह सवाल बताता है कि ऐसे ही बच्चे पत्रकारिता के नये हस्ताक्षर हैं। एक पत्रकार का दायित्व होता है कि वह समाज के बारे में सोचे और सरकार को अपनी सोच के केन्द्र में खड़ा करे। इस स्कूली छात्रा ने यह कर दिखाया जब उसके सवाल से प्रधानमंत्रीजी न केवल संजीदा हुये बल्कि इसे देश का सवाल माना।  यह सवाल एक विद्यार्थी का था लेकिन उसके सवाल पूछने का अंदाज और भीतर का आत्मविश्वास बताता है कि यह आग पत्रकारिता के लिये जरूरी है।

कल्पतरु एक्सप्रेस छंटनी कथा : बेटा गंवाया, मां गंवायी, ऊंगली कटायी और नौकरी भी चली गयी

कल्पतरु एक्सप्रेस में बंपर छंटनी का शिकार बने कर्मचारियों में जितनी नाराजगी खुद को हटाये जाने को लेकर है उससे कहीं अधिक नाराजगी अपने एक साथी को इसमें शामिल किये जाने से है। यह नाराजगी उनमें भी है जो इस छंटनी का शिकार होने से बच गये हैं।  यह वह साथी है जिसे उसके10 साल के एकमात्र बेटे की आकस्मिक मौत ने बुरी तरह तोड़ दिया है। आगरा कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ उपसम्पादक राजकमल को कुछ माह पूर्व अचानक उन्नाव स्थित घर से खबर आयी कि उनके बेटे की तबियत खराब हो गयी है।

कल्पतरु एक्सप्रेस ने 40 को बाहर का रास्ता दिखाया, नाराज कर्मचारी न्यायालय की शरण लेंगे

दिवाली पर अपने कर्मचारियों को बोनस देकर खुश करने वाले आगरा, मथुरा और लखनऊ से प्रकाशित होने वाले दैनिक कल्पतरु एक्सप्रेस ने दिवाली के एक पखवारे के भीतर ही अपने 40 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अचानक इतने व्यापक पैमाने पर हुई छंटनी से कर्मचारियों में रोष है। हटाये गये कुछ कर्मचारियों ने न्यायालय की शरण लेने का भी मन बनाया है।  बताया जाता है कि दैनिक ने आर्थिक तंगी का बहाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है। हटाए गये अधिकतर कर्मचारी सम्पादकीय विभाग के हैं। आगरा और मथुरा से 32 और लखनऊ से आठ कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

लोकमत प्रबंधन की प्रताड़नाओं ने बुझा दिया एक दीपक

: लोकमत समाचार पत्र समूह के अन्याय, अत्याचार और प्रताड़नाओं से हार गए दीपक नोनहारे :  नागपुर :  लोकमत समाचारपत्र समूह के मगरूर प्रबंधन के अन्याय, अत्याचार और प्रताड़नाओं के आगे ‘लोकमत समाचार’ का एक पत्रकार पराजित हो गया. ‘लोकमत समाचार’ में पिछले 25 सालों से व्यापार-व्यवसाय डेस्क संभाल रहे दीपक नोनहारे ने गुरुवार 6 नवंबर की दोपहर को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मेयो अस्पताल) नामक सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया.

उज्जैन के पत्रकार दीपक जैन ने ठग को ब्लैकमेल कर एक लाख वसूले, गिरफ्तार

इंदौर। होम लोन के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले को ब्लैकमेल कर एक लाख रुपए ऐंठने वाले उज्जैन के पत्रकार को भी क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। एक महिला समेत उसके अन्य साथियों की भी खोजबीन की जा रही है। पत्रकार ने महिला की मदद से ही ठग को ब्लैकमेल किया था। क्राइम ब्रांच एएसपी विनय प्रकाश पॉल के मुताबिक, केनरा बैंक का जनरल मैनेजर बनकर लोगों को होम लोन के नाम पर झांसा देने वाले रामचरण सोलंकी से पूछताछ चल रही है, वहीं उसे ब्लैकमेल करने वाले उज्जैन के पत्रकार दीपक जैन को भी गिरफ्तार किया गया है।

चिदंबरम ने किया 2जी घोटाला : हंसराज भारद्वाज

लोकसभा चुनाव और हरियाणा व महाराष्ट्र में करारी हार के बाद कांग्रेस में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। हार के बाद कई नेताओं ने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमता पर सवाल खड़े किए थे। अब इस कड़ी में संप्रग शासन में केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के राज्यपाल रहे हंसराज भारद्वाज का भी नाम जुड़ गया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी की डूबती नैया को प्रियंका गांधी वाड्रा ही किनारे लगा सकती है।

‘हमारा महानगर’ अखबार के मालिक आरएन सिंह की पिटाई

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना को वोट देना उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष आरएन सिंह उर्फ रामनिवास सिंह को भारी पड़ गया है. शिवसेना को वोट देने के मुद्दे पर गुस्साए कुछ लोगों ने सिंह की जमकर पिटाई कर दी और फरार हो गए. आरएन सिंह ‘हमारा महानगर’ अखबार के मालिक भी हैं.

गाजीपुर से तीन खबरें : बाजरा बनाम डाई, गो तस्कर बनाम भाजपा नेता, मंत्री बनाम ठाकुर साहब

Yashwant Singh : गाजीपुर से तीन खबरें सुना रहा हूं. पहली खेती किसानी की. बाजड़ा पिछले साल 1100 रुयये क्विंटल था, इस साल 900 रुपये हो गया है. वहीं, डाई खाद का दाम 600 रुपये बोरी से बढ़कर 1150 रुपये हो गया है. कितनी तेज देश तरक्की कर रहा है और कितना तेज गांवों किसानों का विकास हो रहा है, इसकी ये एक बानगी है. ये जानकारी मुझे पिताजी ने दी, चिंतिंत लहजे में ये कहते हुए कि ”अब खेती-किसानी में कुछ रक्खा नहीं है”.

इस संपादक के काले कारनामों से पूरा अजमेर और मीडिया वाकिफ है

: तेरह साल मीडिया में काम करने के बावजूद एक वरिष्ठ साथी ने इतना सा सहयोग नहीं किया : आपके सामने होता तो आपके मुंह पर थूक कर जाता : अभी दो दिन पहले मैंने और मेरे रिश्तेदार अधिकारी ने दो गलती की…मेरे रिश्तेदार को अपनी गलती पर पछतावा होगा या नहीं…ये तो मैं नहीं जानता…लेकिन मुझे मेरी गलती पर कोई पछतावा नहीं…वे रिश्तेदार राजस्थान रोडवेज में अजमेर आगार में आगार प्रबंधक है और जयपुर के एक विधायक के छोटे भाई हैं…दो दिन पहले उनका परिवार जयपुर से अजमेर के लिए अजमेर आगार की बस में बैठकर रवाना हुआ…इसमें उनका निजी परिवार और आश्रित माँ के आलावा शायद एक दो लोग और थे…बस कंडेक्टर ने इस मामले की जानकारी सिन्धी कैंप से अजमेर आगार प्रबंधन को दे दी…

निशांत कौशिक हिंदुस्तान, मेरठ के नए ब्यूरो चीफ, गणेश भेजे गए बुलंशहर

हिन्दुस्तान, मेरठ में बदलावों का दौर जारी है। हिन्दुस्तान मेरठ के स्थानीय संपादक सूर्यकांत द्विवेदी ने बिजनौर और हापुड़ जिले में फेरबदल के बाद मेरठ और बुलंदशहर के ब्यूरो चीफ को भी बदल दिया। पहले बिजनौर से हर्यंश्व सिंह सज्जन को मेरठ डेस्क पर लाकर सर्वेंद्र पुंडीर को ब्यूरो चीफ बनाया। इसके बाद बदायूं के ब्यूरो चीफ मुलित त्यागी को हापुड़ लाकर यहां का ब्यूरो चीफ बना दिया। हापुड़ के इंचार्ज अशोक गोस्वामी को मेरठ रिपोर्टिंग में लाया गया।

कोर्ट में झुका भास्कर प्रबंधन, दिव्य भास्कर वालों को अगले माह से मजीठिया वेतनमान मिलने लगेगा

मजीठिया वेतन बोर्ड को लेकर गुजरात के पत्रकारों द्वारा लगाई गई याचिका का सार्थक परिणाम आया है। गौरतलब है कि गुजरात हाईकोर्ट में उक्त मामले की सोमवार 10 नवंबर को अंतिम सुनवाई थी लेकिन कोर्ट का फैसला आता कि उससे पहले ही डीबी कार्प के वकील ने अपनी गलती मानते हुए मजीठिया वेतन बोर्ड की अनुशंसाओं के अनुसार सभी भुगतान करने की बात मान ली और केस बंद करने का आग्रह किया।

मीडिया ने मेरे खिलाफ खूब खबरें छापी पर मैंने इसे अपनी सहज आलोचना माना : मुलायम सिंह यादव

लखनऊ : बदलते दौर में सोशल मीडिया की प्रासंगिकता बढ़ रही है। आज के दौर में इसे नजरअंदाज कर न तो राजनीति संभव है और न ही सरकार चलाना। पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने यह विचार इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) की ओर से ‘सोशल मीडिया-वरदान या अभिशाप’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में व्यक्त किए। राजनीति के शुरुआती दिनों को याद करते हुए श्री यादव ने कहा कि कई बार कहा कि मीडिया ने उनके खिलाफ खबरें छापी पर उन्होंने इसे अपनी सहज आलोचना के रूप में ही लिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए भी वेज बोर्ड गठित करने की मांग

मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडवणीस से प्रिंट मीडिया की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी एक वेज बोर्ड के गठन की माँग की गई है। मुंबई मराठी पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष एवं टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन के सदस्य शशिकांत सांडभोर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडवडीस से लिखित रूप से माँग की है इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का आर्थिक शोषण रोकने के लिए जिस तरह से प्रिंट मीडिया में मजीठिया वेज बोर्ड का गठन किया गया है। वैसे ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी एक “वेज बोर्ड” का गठन किया जाये। 

सरकारी लक्ष्य पूरा करने के लिए घंटे भर में 83 महिलाओं की नसबंदी, सात की मौत

Vikram Singh Chauhan : छत्तीसगढ़ में सरकारी लक्ष्य पूरा करने की हड़बड़ी में केवल छह घंटे के भीतर बिलासपुर ज़िला अस्पताल के एक चिकित्सक ने अपने एक सहयोगी के साथ मिल कर 83 महिलाओं की नसबंदी कर दी. इस सरकारी चिकित्सा शिविर में सात महिलाओं की मौत हो गई है. बिलासपुर के पेंडारी गांव में केंद्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत शनिवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था.

Jurnos urge Jaitley for wage board for TV employees

Electronic Media Forum Assam (EMFA), while congratulating Arun Jaitley for being bestowed the responsibility of Information & Broadcasting ministry (under GoI), urges him for initiating a separate wage board for the employees of privately owned television channels of India. Prime Minister Narendra Modi on November 10 in New Delhi distributed the portfolios of his expanded Union cabinet, where Jaitley has been given the Information & Broadcasting (I&B) ministry in addition to Finance and Corporate Affairs.

समाचार प्लस के सीईओ उमेश कुमार ने एक दुखी परिवार को हर माह पांच हजार रुपये देने का वादा किया

समाचार प्लस के सीईओ उमेश कुमार ने एक लाचार, बेसहारा और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की मदद के लिए हर महीने पांच हजार रुपये देने का वादा किया है. उन्होंने शुरुआत पांच हजार रुपये देकर कर दी है. इस परिवार के खाते में उन्होंने पांच हजार रुपए डाल दिए. उन्होंने प्रतिमाह इस परिवार को पांच हजार रुपए देने की बात कही है. असहाय महिला राजी देवी का कहना है कि उमेश जी का शुक्रिया अदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है. इस आर्थिक मदद से अब उनके परिवार को दो वक्त की रोटी मिल पाएगी.  उमेश इससे पूर्व विकलांग जगदीश की भी मदद कर चुके हैं. इस परिवार की भी उमेश जी पांच हजार रुपए प्रतिमाह मदद कर रहे हैं.

डीडी न्यूज के लिए अच्छा मौका है क्योंकि निजी चैनलों से लोग ऊब चुके हैं : सूर्य प्रकाश

प्रसार भारती के नए अध्यक्ष ए. सूर्य प्रकाश ने कहा है कि लोग निजी चैनलों से ऊब चुके हैं। ऐसे में डीडी न्यूज के पास मौका है कि वह खुद को उच्च श्रेणी के चैनल के रूप में पेश कर दर्शकों को अपनी ओर खींच सके। 28 अक्टूबर को प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष नियुक्त किए गए सूर्य प्रकाश ने कहा, संघ प्रमुख मोहन भागवत के विजदशमी भाषण का दूरदर्शन पर सजीव प्रसारण बिल्कुल सही था क्योंकि उनका यह भाषण खबर की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा, सालों पहले जब निजी समाचार चैनल अस्तित्व में आए तो कई लोगों ने डीडी न्यूज के भविष्य के बारे में सवाल उठाया, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।

डॉ अवनीश सिंह चौहान को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का ‘हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान’

04 जून, 1979 को चन्दपुरा (निहाल सिंह), इटावा (उत्तर प्रदेश) में जन्में चर्चित युवा कवि, अनुवादक, सम्पादक डॉ अवनीश सिंह चौहान को उनके नवगीत संग्रह ‘टुकड़ा कागज का’ (प्रकाशन वर्ष – 2013) पर उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का ‘हरिवंशराय बच्चन युवा गीतकार सम्मान’ प्रदान करने की घोषणा की गयी है। यह सम्मान उन्हें माननीय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी द्वारा 07 दिसंबर 2014 को लखनऊ में प्रदान किया जाएगा। यह राष्ट्रीय सम्मान वर्ष में एक युवा गीतकार को दिया जाता है, जिसकी जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

जयराम शुक्ल ‘चरैवेती’ के संपादक बने, संघ से जुडे पत्रकारों में नाराज

भोपाल। स्टार समाचार और पीपुल्स समाचार से हटने के बाद से ही नया ठिकाना तलाश रहे  कांग्रेस शासन में विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के स्टाफ में रहे जयराम शुक्ल को भाजपा ने अपने मुख्य पत्र चरैवेती का संपादक बना दिया है । संघ से जुड़े पत्रकार जयराम शुक्ल को कांग्रेसी मानसिकता का मानते हैं  श्री शुक्ल मध्यप्रदेश के पूर्व विधानसभा के अध्यक्ष के काफी निकट माने जाते हैं। निकटता की वजह से ही श्री तिवारी ने शुक्ला को विधानसभा के अपने निजी स्टाफ में रखा था।

दिल्ली और एमपी पुलिस से घूम कर शिकायत यूपी पुलिस को

19 अगस्त 2014 को इंदिरानगर, लखनऊ की शुचिता श्रीवास्तव मेरे पास आयीं और उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन से एलेग्जेंडर जिओर्जी नामक एक व्यक्ति सीरिया निवासी बताते उन्हें भारत में अस्पताल खोलने के नाम पर संपर्क कर रहा था. एक लम्बे समय तक शुचिता और एलेग्जेंडर की इस बारे में फेसबुक पर बातचीत होती रही. शुचिता ने बताया कि यद्यपि वे समझ गयी थीं कि एलेग्जेंडर ठग है पर वे मामले की तह तक पहुँचने के लिए उसका विश्वास जीतने को उससे बात करती रहीं.

इंदौर पुलिस ने पत्रकार से मारपीट करने वाले गुंडों का जुलूस निकाला

इंदौर में एक पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले गुंडों का सदर बाजार पुलिस ने जुलुस निकाला. इस दौरान गुंडों को लाठियों से पीटा गया. उनसे उठक-बैठक लगवाकर माफ़ी मंगवाई गई. वहीं गुंदगर्दी ना करने की कसम भी खिलवाई गई. 3 नवम्बर को बदमाश धर्मेन्द्र और राहुल ने अपने साथी गीतू के साथ पत्रकार नितेश …

जनसंदेश टाइम्स लखनऊ में छंटनी, बचे लोगों की सेलरी घटी, जीएम बोले- ”जाकर कहीं भीख मांग लो पर सेलरी मत मांगो”

जनसंदेश टाइम्स लखनऊ से 10 लोगों की छंटनी की गई है. ये सभी संपादकीय विभाग के हैं. जो लोग बच गए हैं उनकी सेलरी में 40 प्रतिशत की कमी कर दी गई है. ये सब कुछ अखबार के जीएम विनीत मौर्या के आदेश पर किया गया है. इसी अखबार से खबर है कि कुछ दिनों पहले डाक डेस्क पर कार्यरत उपेन्द्र राय ने जब जीएम विनीत मौर्या से अपने वेतन की बात की थी तो उस समय जीएम ने उन्हें ये कहते हुए अपने केबिन से निकाल दिया था कि ”जाओ कहीं सड़क पर जाकर भीख मांगो लेकिन मुझसे सेलरी मत मांगो”.

आतंकी सलीम पतला के संपर्क में थे सात मीडियाकर्मी, सबके मोबाइल सर्विलांस पर लगे

अमरोहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का खतरनाक जाल बुनने में लगे रहे आतंकी सलीम पतला से मीडियाकर्मियों के घनिष्ठ संबंध रहे हैं। चार कद्दावर स्थानीय नेता भी उसको संरक्षण दिए हुए थे। एटीएस को बरामद डायरी से इसकी जानकारी मिली है। साथ ही सलीम ने पूछताछ के दौरान भी ऐसा खुलासा किया है। सो, एटीएस ने इन मीडिया कर्मियों व नेताओं के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए हैं। बीते सप्ताह एटीएस द्वारा मुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए आतंकी सलीम पतला को पकड़ा था। एटीएस की इस कार्रवाई में वसीम ने आंतकी द्वारा संचालित लग्जरी वाहनों की चोरी करने वाले गैंग का राजफाश किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर साबित हुए झूठे, जीवित लोगों को मरा बता संवेदना भी जता दी

आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत वाराणसी के जयापुर गांव को गोद लेने की जो वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी थी वह गलत निकली है। प्रधानमंत्री ने जयापुर गांव में बोलते वक्त कहा था कि इस गांव को गोद लेने के मेरे फैसले के पीछे मीडिया ने कई मनगढ़ंत वजहें गिनायी थी। लेकिन इस गांव को गोद लेने की जो वजहें मीडिया ने बतायी वह सब गलत है। लेकिन बड़ी बात यह है कि जो वजह पीएम मोदी ने बतायी वह भी गलत निकली है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जयापुर गांव में बिजली हादसे की वजह से पांच लोगों की मौत हो गयी थी। इस वजह से उन्होंने बुरे वक्त से गुजर रहे इस गांव को गोद लेने का फैसला लिया था। पीएम ने अपने भाषण के दौरान इमोशनल अपील करते हुए कहा था कि बुरे वक्त में वो आपके साथ है। साथ ही उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त भी की थी।

प्रभाष जोशी की पांचवीं पुण्यतिथि : लोक गायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपाणिया ने कबीर भजनों से किया भाव विभोर

गाजियाबाद। प्रभाष परम्परा न्यास और मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने वसुंधरा स्थित इंस्टीट्शंस के मेवाड़ ऑडिटोरियम में सुप्रसिद्ध पत्रकार दिवंगत प्रभाष जोशी की पांचवीं पुण्यतिथि पर स्मृति सभा का संयुक्त रूप से आयोजन किया। खंडवा मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध लोकगायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपाणिया ने इस मौके पर कबीर भजन गाकर उपस्थित जन समूह को भाव विभोर कर दिया। लगभग दो घंटे तक श्री टिपाणिया ने कबीर की साखियां, दोहे व उलटबांसियों के जरिये गुरु की महिमा, जीवन का सत्य, अनुभूति व अभिव्यक्ति की अपनी सुमधुर वाणी से व्याख्या की।

जनसंदेश टाइम्स बनारस की प्रिंटिंग यूनिट बंद, दर्जनों सड़क पर

जनसंदेश टाइम्स बनारस की अब आखिरी सांसें भी टूटने लगी हैं. प्रदेश में जिस तेजी से एनआरएचएम घोटाले की परतें खुलीं, उसी तेजी से जनसंदेश टाइम्स पूरे प्रदेश में फैलता गया. अब जब एनआरएचएम घोटाले के आरोपी जेल की कोठरियों में गुमनामी में खोते जा रहे हैं, उसी गति से जनसंदेश टाइम्सज भी सिमटते-सिमटते अपने अस्तित्व की समाप्ति की कगार पर आ गया है. कर्मचारियों का बकाया नहीं देने का मन बना चुके मालिकों ने बिना किसी सूचना के बनारस की प्रिंटिंग यूनिट बंद कर कर्मचारियों को छुट्टी का फरमान सुना दिया. इन कर्मचारियों को उनका कई माह का बकाया वेतन भी नहीं दिया गया. इसी तरह एक सप्तााह पूर्व संपादकीय और प्रसार और अन्य विभागों के भी दर्जनों कर्मचारियों की उनका बकाया अदा किये बिना छुट्टी कर दी गयी.

चुनाव खत्म होने के बाद ‘साधना न्यूज हरियाणा’ में भी छंटनी का दौर शुरू

‘साधना न्यूज़ हरियाणा’ में भी छंटनी का दौर शुरू हो गया है. कुछ मीडियाकर्मियों की नींद तब उड़ गई जब उन्हें एचआर डिपार्टमेंट के तरफ से फोन करके कहा गया कि आप कल से ऑफिस मत आना, आपको ऑफिस के तरफ से निकला जा रहा है. कारण पूछने पर बताया गया कि हमें कुछ भी पता नहीं, ऊपर से आर्डर है. जब ऊपर के लोगों से बात की गई तो पता चला कि उनके पास बजट नहीं है इतने लोगों को सेलरी देने के लिए. अजीब बात ये है कि छंटनी की लिस्ट में जिन लोगों के नाम है उनकी सेलरी दस हजार रुपये से भी कम है और ये वही लोग हैं जिनका इलेक्शन से पहले वीकली आफ तक कैंसल कर दिया गया था. इन लोगों से 8 घंटे के शिफ्ट में 10 घंटे तक काम लिया जाता था.

दिल्ली में पुलिसवाले ने किया भाजपा नेता की बदसलूकी का स्टिंग

दिल्ली में भाजपा के पार्षदों का विवादों में फंसने का सिलसिला जारी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व पार्षद सतीश उपाध्याय के बाद अब दक्षिण दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष आशीष सूद विवाद में फंस गए हैं। उन पर विज्ञापन विभाग के एक इंस्पेक्टर ने मोबाइल फोन पर बात करने के दौरान दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मजेदार बात यह है कि इंस्पेक्टर ने फोन पर उनके साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड कर ली है और उसे मीडिया को सौंप दिया।

‘तहलका’ से संजय दुबे और विकास बहुगुणा की विदाई

तहलका प्रबंधन ने तहलका हिंदी के कार्यकारी संपादक संजय दुबे को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. तहलका हिंदी के हालिया अंक के प्रिंट लाईन से संजय दुबे और विकास बहुगुणा (मुख्य कॉपी संपादक) का नाम हटा दिया गया है. चर्चा है कि संजय दुबे पिछले काफी समय से संस्थान के प्रबंधन के निशाने पर …

काकोरी थाने में भू-माफिया के प्रभाव में पुलिस और राजस्वकर्मियों द्वारा खुली बेईमानी

दुबग्गा मछली मंडी के पीछे दिलदारनगर नंबर-दो, थाना काकोरी, लखनऊ में भू-माफिया द्वारा खुलेआम गरीब, अनपढ़ लोगों को ठगने और प्रशासन द्वारा मदद नहीं किये जाने का एक मामला अच्छन मियां पुत्र स्व० बाबू उर्फ़ रईसुद्दीन द्वारा हमें बताया गया. उन्होंने बताया कि तकिया पीरबाग़, थाना सआदतगंज के अफजाल अहमद ने मासिक किश्त के बदले उसे और कई लोगों को बेचेनामा पर छोटे-छोटे प्लाट दिए. ये लोग उन प्लाट पर काबिज हो गए. जैसे अंतिम किश्तों का समय आया, अफजाल गायब हो गया और उसने चुपके से उस जमीन को अपने ही आदमी याकूब को रजिस्ट्री कर दी. फिर राजस्व कर्मियों को मिला कर ख़ारिज-दाखिल करा लिया और पहले से काबिज लोगों को पुलिस और गुंडों के बल पर खाली करवाया.

‘वन बार वन वोट’ के हाईकोर्ट आदेश का नहीं हुआ पालन

: 9 नवंबर तक राज्य के सभी वकीलों को देना था हलफनामा : अजमेर। वकीलों के कल्याण और बार एसोसिएशनों के चुनाव सुधार की कवायद जल्द पूरी होती नजर नहीं आ रही है। राजस्थान हाईकोर्ट चाहता है कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के तहत राजस्थान में भी जल्द से जल्द ‘वन बार वन वोट’ की नीति लागू की जाए। हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को एक जनहित याचिका का फैसला करते हुए यह निर्देश भी दिए थे कि राजस्थान के सारे वकील ‘वन बार वन वोट’ की नीति का एक हलफनामा चार सप्ताह के भीतर अपनी बार एसोसिएशनों में दाखिल करें। 9 नवंबर को चार सप्ताह की यह अवधि पूरी हो रही है और अभी तक ऐसा कोई हलफनामा नहीं दिया गया है।

कुलदीप श्रीवास्तव को मॉरीशस सरकार ने दिया कर्मयोगी सम्मान

भारत में भोजपुरी पत्रकारिता में अपनी पहचान बना चुके कुलदीप श्रीवास्तव को भोजपुरी के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए मॉरीशस सरकार ने कर्मयोगी सम्मान से सम्मानित किया है। पिछले 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक मॉरीशस में हुए अंतराष्ट्रीय भोजपुरी सम्मेलन में कुलदीप श्रीवास्तव को विशेष रूप से सरकार ने बुलाया था।

इश्क़ जुर्म नही तो इसमें अनुचित हस्तक्षेप क्यों?

90 के दशक में जब इंजिनीयरिंग की पढ़ाई करने गया था तब भारत में इन्टरनेट नया नया आया था, उन दिनों याहू मैसेंजर सबसे हिट सोसियल चैट रूम हुआ करता था. उन दिनों इंदिरा जी के सख्त कंट्रोल से निकले और घनघोर  लाल फीताशाही भरे माहौल में जिस तरह  भारत का उद्यमी उद्यम करने की जगह लाटरी खरीद कर अपनी किस्मत बदलने की सोचता था, ठीक वैसे ही सामान्य रंग रूप के ‘नव चैटिये’ याहू मेसेंजर पर  रोमियो बनकर अपने लिए जूलियट ढूंढने की किस्मत आजमाइश करता था.

प्रधानमंत्री जी! हथकरघा विभाग और कोठीवाल से हमारी जमीन बचाईये!

: जिस जमीन पर लगना था करघा, उसपर कोठीवाल का कब्जा :

पूरे दिन क्रब में जिस्म आधा रहे
घर में इस पर भी इक वक्त फांका रहे
भूख से गर्म तन सर्द चूल्हा रहे
इस तरह खून कब तक जलायेंगे हम
इस कटौती की मैयत उठायेंगे हम। 

”हमें प्रधानमंत्री जी से मिलना है, उनको बताना है कि बनारस में हथकरघा विभाग के अफसरों से सांठगांठ कर कोठीवाल हमारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठा है।” ये आवाज बुनकर कालोनी से आए बुनकरों की थी, बुनकर अपनी इस आवाज को अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंचाना चाहते थे। पर अफसोस ये आवाज बैरीकेड पर ही दम तोड़ गयी क्योंकि बैरीकेट के इस पार बुनकर थे और उस पार अपने कार्यालय में प्रधान मंत्री चुनी हुई जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुन रहे थे।

विदेश से आनेवाले ब्लैकमनी में से मुझे भी सवा सौ करोड़ भारतीयों की तरह 15 लाख रुपये मिलने की आशा है

मेरे तमाम लेनदार कृपया तत्काल तकादा लिखित में बासबूत पेश करें.  विदेश से आनेवाले ब्लैकमनी में से मुझे भी सवा सौ करोड़ भारतीयों की तरह 15 लाख रुपये मिलने की आशा है. 15 लाख मिलते ही सबकी पाई पाई चुका देने का वादा रहा.  एक साल से 15 लाख रुपए की प्लॉनिंग कर रहा हूं। 15 लाख कहां-कहां खर्च हो सकते है, इससे किस-किस का कर्जा पटाया जा सकता है, घर में क्या सामान आ सकता है, बीवी को कितने गहने दिला सकता हूं, बच्चों को कौन-सी गाड़ी सूट करेगी, बुढ़ापे के लिए कितने पैसे बचाकर रखना मुनासिब होगा आदि-आदि में उलझा हुआ हूं। मुझ जैसे मध्यवर्गीय आदमी के लिए 15 लाख बहुत मायने रखते हैं। कभी 15 लाख रुपए इकट्ठे देखे नहीं। हां, बैंक में जरूर देखे है, लेकिन वो अपने कहां। अने १५ लाख नगद हो तो बात ही क्या। कुछ न करो 15 लाख रुए खाते में ही रखे रहने दो, तो 12 – 13  हजार रुपए के आसपास ब्याज ही आ जाएगा। एक तरह से पेंशन समझो और मूल धन तो अपना है ही। यह पंद्रह लाख रुपए तो मेरे अपने है। बीवी, बच्चों सबके अपने-अपने पंद्रह लाख होंगे पर बीवी बच्चों के पैसे पर मैं निगाह क्यों डालूं। मेरा अपना भी तो स्वाभिमान है।

हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार संजय राय का ‘पत्रकार गौरव अवॉर्ड-2014’ के लिए हुआ चयन

पंचकूला। नेशनल जर्नलिस्ट्स वेलफेयर बोर्ड इंडिया द्वारा आगामी 16 नवंबर को भुवनेश्वर के जयदेव भवन में एक समाचार पत्र के संपादक संजय राय को पत्रकार गौरव अवॉर्ड-2014 प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में नेशनल जर्नलिस्ट्स वेलफेयर बोर्ड के महासचिव सनत मिश्रा ने पत्र भेजकर संजय राय को इस अवॉर्ड के लिए चुने जाने और अवॉर्ड लेने के लिए भुवनेश्वर आमंत्रित किया है। इससे पूर्व एन .यु जे राष्ट्रीय कार्यसमिति  सदस्य  संजय राय भुवनेश्वर से करीब 50 किलोमीटर आगे जगतसिंग पुर  जिला मे ओड़िसा जौर्नालिस्ट यूनियन द्वारा नेशनल प्रेस डे पर आयोजित एक संगोष्टी को मुख्या अतिथि के रूप मे सम्बोधित करेंगे एवं मैराथन दौर को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे और पत्रकारों के हौंसलो को बुलंद करेंगे।

खेवली में मनाई गयी धूमिल जी की जयंती

वाराणसी : जंसा क्षेत्र के खेवली गाँव में कल दिन भर बड़ी चहल पहल रही, बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि, लेखक और सामजिक कार्यकर्त्ता जुटे थे. वजह थी इस गाँव में ही जन्म लिए समकलीन कविता के स्तम्भ जन कवि स्व सुदामा पाण्डेय की जयंती. वे अपनी कविताएँ “धूमिल” उपनाम से लिखते थे.मात्र 38 वर्ष की ही कुल अवस्था में उन्होंने अनेक काव्य संग्रहों की रचना की और साहित्य में अमर हो गए.धूमिल जी का जन्म खेवली में हुआ था. खेवली में सुबह से ही आस पास के गाँव के बच्चे उनके निवास पर एकत्र होने लग गये थे.श्रम दान द्वारा गाँव में साफ़ सफाई की गयी. 10 बजे से एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित हुयी जिसमे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 बच्चो को एक सामाजिक संस्था “आशा” ट्रस्ट द्वारा रोचक बाल साहित्य देकर पुरस्कृत किया गया.

गाजीपुर में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन का प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

गाजीपुर। पत्रकारिता के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन उ.प्र. की ओर से शनिवार को शहर के लंका मैदान स्थित सभागार मे पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद रहे। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुये उन्होनें पत्रकारिता के क्षेत्र मे ग्रामीण पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होने ग्रामीण पत्रकारिता को चुनौती भरा काम बताते हुये कहाकि कठिन परिश्रम के जरिये सच्ची खबरों को लोगो के बीच लाने वाले ग्रामीण पत्रकार समाज के प्रति अपने दायित्वों का पूर्णताः निर्वाह कर रहे हैं।

अधिमान्यता की संशोधित नीति को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ पत्रकार लामबंद हुए

भोपाल। अधिमान्यता की संशोधित नीति और पत्रकारों को लैपटॉप बांटने में आनाकानी करने को लेकर पत्रकारों ने प्रदेश शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भोपाल श्रमजीवी पत्रकार संघ के मंच पर आयोजित राजधानी के पत्रकार संघों की शनिवार शाम हुई बैठक में पत्रकारों ने इसे उनके विरूद्ध निरूपित करते हुए शासन को पत्रकार विरोधी स्टैण्ड लेने से बचने की चेतावनी दी है.

मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश पांडेय नहीं रहे

मेरठ जिले के मवाना कस्बे से सूचना है कि वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश पांडेय का लंबी बीमारी के बाद देहांत हो गया। जय प्रकाश पांडेय पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहा करते थे. उन्होंने कई अखबारों में विभिन्न पदों पर काम किया.

रांची दूरदर्शन केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिनी ‘राधाकृष्ण महोत्सव’ का समापन

रांची दूरदर्शन केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय राधाकृष्ण महोत्सव का दरभंगा हाउस स्थित विचार मंच सभागार में समापन हो गया। तीसरे और अंतिम सत्र में वक्ताओं ने राधाकृष्ण की पत्रकारिता एवं सम्पादन पर विचार रखे और उनसे जुड़े संस्मरण भी सुनाए। वक्ताओं ने कहा कि राधाकृष्ण साहित्यकार, उपन्यासकार होने के साथ-साथ एक प्रखर और संवेदनशील पत्रकार भी थे। उन्होंने कई पत्रिकाओं का संपादन किया। उन्होंने हिन्दी और झरखंड की अन्य भाषाओं में लेखक तैयार किये। आदिवासियत की चेतना को जगाया।

जाते-जाते हेमंत सोरेन ने झारखंड के पत्रकारों की मान्यता रद्द कर दी

झारखंड से खबर है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जाते-जाते सारे पत्रकारों की मान्यता राज्य में रद्द कर दी है. अब नयी अधिसूचना के अनुसार एक्रीडेशन (मान्यता) की इच्छा रखनेवाले पत्रकारों को फिर से सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी. उन्हें अपने संपादक से लिखाना होगा कि वे उनके अखबार में संवाददाता हैं. यह सभी जानते हैं कि संपादक से फार्म पर हस्ताक्षर लेना कितना कठिन होगा. खासकर वैसे पत्रकारों को जिन्हें अखबार में पत्रकार नहीं मानता, बल्कि शौकिया पत्रकार बताता रहा है.

‘न्यूज 59’ के एंकर डैन थोर्न ने ऑन कैमरा किया डांस, वीडियो वायरल

पश्चिमी वर्जिनिया के ’59 न्यूज’ चैनल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एंकर डैन थोर्न टेलर स्विफ्ट के गाने ‘शेक इट ऑफ..’ पर डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं. साथ में उनकी महिला सहकर्मी भी बैठी हुई हैं, लेकिन उनके हाव भाव को देखने से लगता है कि डैन का डांस उन्हें पसंद नहीं आया.

हमारे पत्रकारिता जीवन का यह 40वां वर्ष है… हम साठ से पहले सठिया गये हैं…

हमारे पत्रकारिता जीवन का यह 40वां वर्ष है। पत्रकारिता हमारे जीवन यापन का साधन न होने के बावजूद जिस शिद्दत से पत्रकारिता के प्रति हमारा समर्पण है, उससे हमारे अधिकतर मित्र परिचित हैं। अपने दो बच्चों को पत्रकारिता में उतारकर हम उत्साहित रहते हैं कि पत्रकारिता के उस मार्ग पर आगे बढने में हमारा योगदान हो रहा है। हमें लगता है कि 60 में तो लोग अक्सर सठिया जाते हैं जबकि हम 60 से पहले सठिया गये हैं। हमारा भानजा जो कम्प्यूटर प्रोग्राम में हमारा गुरु भी है और बीए फाइनल का छात्र है, से पिछले दिनों आगे की पढाई पर चर्चा हुई। उसने एमए मास काम करने की इच्छा जताई तो हमने इनकार कर दिया। सुझाव दिया कि दूसरे कोर्सेज कर सकते हो। एक पत्रकार जो अपने दो बच्चों को पत्रकारिता और सफल पत्रकारिता में उतार चुका हो वह तीसरे बच्चे को ना कहता हो,  हमें स्वयं अपनी हां-ना पर संशय हो रहा है।

वेतनमान को लेकर परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार निकालेगा रथ यात्रा

वर्ष 2005 से बिहार के सभी 38 जिलों में प्रखंड स्तर पर करीब 5 हजार समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम के संग नियोजित शिक्षकों के हित में संघर्ष कर रहे परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार ने वेतनमान की मांग को लेकर सरकार से आर पार की लड़ाई की मुहिम शुरू कर दी है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर ब्रजवाशी ने बताया कि महज 9-12 हजार के मानदेय पर मजदूरों की तरह खट रहे सूबे के चार लाख नियोजित शिक्षकों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चली है. पोशाक राशी, छात्रवृति बांटने से लेकर एमडीएम बनवाने, खिलाने, जनगणना या मतदान करवाने का काम जबरिया शिक्षकों से लिया जा रहा है.

कारोबार जगत की टाप टेन सबसे शक्तिशाली महिलाओं में एचटी मीडिया की चेयरपर्सन शोभना भरतिया भी

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की मुखिया अरुंधती भट्टाचार्य को भारत में कारोबार जगत की सबसे शक्तिशाली महिला करार दिया गया है। फॉर्च्यून पत्रिका ने 50 सर्वाधिक शक्तिशाली कारोबारी महिलाओं की सूची में आईसीआईसीआई बैंक की चंदा कोचर को दूसरे और  एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा को तीसरे पायदान पर रखा है। सूची में कम से कम आठ नए नाम शामिल हुए हैं। भट्टाचार्य को पहला स्थान डूबे कर्जों के खिलाफ उनके अथक प्रयासों को देखते हुए मिला है। लगभग एक वर्ष पूर्व कार्यभार संभालने  के बाद उन्होंने परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ लागत में कटौती और बैंक में नई पूंजी लाने का काम किया है। यह भी  महत्वपूर्ण है कि एसबीआई के विदेश में 190 कार्यालय, 1.9 लाख करोड़ का बाजार पूंजीकरण और 222033 कर्मचारी हैं।

जहाज-भैंस टक्कर कांड : सूरत एयरपोर्ट पर मीडिया के लिए अघोषित सेंसर

सूरत एयरपोर्ट पर गुरुवार को स्पाइस जेट के विमान से भैंस टकराने के बाद से हवाईअड्डा परिसर में जांच टीम के साथ बैठकों और फील्ड सर्वे का दौर चल रहा है। तीसरे दिन एयरपोर्ट प्रशासन ने मीडिया पर सेंसर लगा दिया। हवाईअड्डा पहुंचे मीडियाकर्मियों को गेट पर ही रोक लिया गया। उधर, एरियल सर्वे से एअरपोर्ट परिसर में घुसे जानवरों को तलाशने की कवायद दूसरे दिन भी जारी रही। हालांकि रविवार को एक भी जानवर पकड़ा नहीं जा सका।

मनोज भावुक को मॉरीशस सरकार ने दिया कर्मयोगी सम्मान

भोजपुरी कविता के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले मनोज भावुक को एक ओर जहां मॉरिशस सरकार ने कर्मयोगी सम्मान  से सम्मानित किया वहीं दूसरी ओर  वहां के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री सर अनिरुद्ध जगन्नाथ ने मनोज को अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी  गौरव सम्मान, मॉरिशस 2014 से नवाज़ा। मनोज को यह सम्मान विश्व स्तर पर भोजपुरी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार और अपने  बहुमूल्य और बहुआयामी लेखन से भोजपुरी साहित्य और वृहत्तर अर्थ में हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के लिए प्रदान किया गया।

आजम के गार्डों ने मीडियाकर्मियों को धक्का देकर भगाया और अपशब्द कहे

कानपुर। अपने विवादित बयानों के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां की सुरक्षा में तैनात गार्ड भी कुछ कम नहीं हैं।  इसकी एक बानगी कल कानपुर में नजर आई। कानपुर में आजम खां के सुरक्षा गार्डों ने मीडियाकर्मियों से बदसलूकी की। यही नहीं,  विरोध जताने पर उन्होंने धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान आजम खां तमाशबीन बने रहे और उन्होंने अपने गार्डों को संयमित रहने के लिए दो शब्द कहना भी मुनासिब नही समझा।

सत्तर सेकेंड का सीन

यह एक्शन सीन कुल सत्तर सेकेंड का रहा. इसमें सब कुछ था. सवाल पूछती हुई एक रिपोर्टर थी. उसका कैमरा था. सामने रॉबर्ट वाड्रा खड़े थे. उनके साथ उनके सुरक्षा गार्ड खडे थे. यह एक होटल का गलियारा था जहां पूरा सीन एक ही टेक में शूट हुआ. कहते हैं कि रिपोर्टर कई घंटे से उनका इंतजार करती रही और ज्यों ही राबर्ट वाड्रा जिम से कसरत करके निकले त्यों ही रिपोर्टर ने माइक लेकर पूछना शुरू कर दिया कि हरियाणा वाली जमीन के प्रकरण के बारे में उन्हें क्या कहना है? वाड्रा पहले रिपोर्टर को देखते रहे, फिर तीन बार क्रोध में भरकर कहा: ‘आर यू सीरियस?’ फिर एएनआई की उस रिपोर्टर के हाथ में ठहरे गनमाइक को जोर का मुक्का मारा. गनीमत रही कि रिपोर्टर का गनमाइक उसके हाथ छूट कर नीचे नहीं गिरा. उसके बाद वाड्रा आगे बढ गए और एक आवाज आती रही कि डिलीट कर दो…

गैंग रेप के आरोपी निहालचंद को मोदी ने मंत्रिपद पर कायम रखकर क्या संदेश दिया है?

Om Thanvi : नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल फैलाव में स्वागतयोग्य बातें हैं: पर्रीकर और सुरेश प्रभु जैसे काबिल लोग शामिल किए गए हैं। बीरेंद्र सिंह, जयप्रकाश नड्डा, राजीवप्रताप रूडी और राज्यवर्धन सिंह भी अच्छे नाम हैं। सदानंद गौड़ा से रेलगाड़ी छीनकर उचित ही सुरेश प्रभु को दे दी गई है। लेकिन स्मृति ईरानी का विभाग उनके पास कायम है। गैंग रेप के आरोपी निहालचंद भी मंत्रिपद पर काबिज हैं। अल्पसंख्यकों को लेकर प्रधानमंत्री की गाँठ कुछ खुली है, मगर मामूली; मुख़्तार अब्बास नक़वी को महज राज्यमंत्री बनाया है। वे वाजपेयी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री रह चुके हैं, जैसे रूडी भी।

पर्ल ग्रुप पर पीएफ डिपार्टमेंट का छापा, बड़ा गड़बड़-घोटाला मिला

पर्ल ग्रुप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले निवेशकों को सपना दिखाकर उनसे उनकी गाढ़ी कमाई लूट कर धोखा किया गया और अब पर्ल्स ग्रुप के अधीन चल रहे न्यूज़ चैनल ‘पी7’की स्थिति लगातार चरमराती चली जा रही है। जहाँ चैनल ने अपने कर्मचारियों को सितम्बर से अब तक सैलरी नहीं दी है और मामला लेबर कमिश्नर की चौखट पर है वहीं बेशरमी की हद पार करते हुए चैनल का एक और फ्रॉड सामने आया है।  ताजा मामला पीएफ से जुड़ा हुआ है।  बताया जा रहा है कि चैनल ने पिछले सात महीने से कर्मचारियों का पीएफ ही नहीं जमा किया है। इस बात की पुष्टि तब हुई जब पीएफ डिपार्टमेंट की स्क्वाड टीम ने शुक्रवार को दोपहर 12 बजे चैनल में छापा मारा।

‘स्‍पंदन सम्‍मान 2013’ दिनेश कुशवाह, भालचंद्र जोशी, सुशील सिद्धार्थ समेत कई लोगों को देने की घोषणा

ललित कलाओं के लिए समर्पित स्‍पंदन संस्‍था भोपाल की ओर से स्‍थापित सम्‍मानों की श्रंखला में वर्ष 2013 के सम्‍मानों की घोषणा कर दी गई है। स्‍पंदन कृति सम्‍मान श्री दिनेश कुशवाह को (कविता संग्रह ‘इसी काया में मोक्ष’), स्‍पंदन कृति सम्‍मान श्री भालचन्‍द्र जोशी को (कहानी संग्रह ‘जल में धूप’), स्‍पंदन आलोचना सम्‍मान श्री सुशील सिद्धार्थ को, स्‍पंदन साहित्यिक पत्रिका सम्‍मान श्री ज्ञानरंजन को (‘पहल’ के लिए), स्‍पंदन बाल साहित्‍य सम्‍मान श्री राष्‍ट्रबंधु को, स्‍पंदन प्रवासी कथा सम्‍मान श्रीमती सुधा ओम ढींगरा को तथा स्‍पंदन ललित कला सम्‍मान (गायन के लिए) सुश्री कलापिनी कोमकली को प्रदान किये जाएंगे।

हैरानी तब होती है जब मायावती बेशर्मी के साथ कहती हैं कि….

Sumant Bhattacharya : अरबों रुपए देने वाले ये कौन हैं मायावती के शोषित और गरीब… जब मायावती कहती हैं कि राज्यसभा पहुंचाने के एवज में अखिलेश दास ने मुझे 100 करोड़ का प्रस्ताव दिया तो मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। हैरानी तब होती है जब मायावती बेशर्मी के साथ कहती हैं कि… “देश के गरीब शोषित के छोटे-छोटे अनुदान से पार्टी चलती है।” तो देश के “वास्तविक गरीब-शोषित लोग” मेरी आंखों के सामने घूमने लगते हैं।

मरने के बाद कोई किसी को नहीं पूछता, सब ताकत के पुजारी हैं, यही जग की रीत है

Vimal Kumar : जब अर्जुन सिंह जिन्दा थे तो लेखक और पत्रकार उनके आगे पीछे घूमा करते थे लेकिन उनके मरने के बाद उनके नाम पर शुरू पुरस्कार समारोह में अब कोई नहीं झांकता. पिछले साल भी इस समारोह में कम लोग थे. इस बार तो और कम लोग. अज्ञेय जी के निधन के बाद में यही हुआ. अज्ञेय जी जब जीवित थे तो उनका जलवा था. लेकिन मरने के बाद सब भूल गए.

महाभ्रष्ट और उगाहीबाज न्यूज चैनल ‘टीवी24’ ने ठगी की शिकायत करने वाले अपने पत्रकार को नौकरी से निकाल दिया

दिनांक: 05.11.2014

सेवा में,

श्रीमान् डायरेक्टर
टीवी24 न्यूज चैनल
चंडीगढ़, पंजाब

विषय: आकाश सिंह चन्देल, ब्यूरो प्रमुख, इलाहाबाद के द्वारा ठगी की शिकायत दिनांक: 20.10.2014 को भेजे जाने के सम्बन्ध में।

महोदय,

मुंबई में महिला पत्रकार को घसीटकर डंडों से पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र राज्य से खबर है कि मुंबई के पनवेल मे आज एक लोकल चैनल की रिपोर्टर चेतना वावेकर पर जानलेवा हमला किया गया. चेतना अपने घर से ड्यूटी पर जा रही थीं.  उसी वक्त एक युवक ने उनकी गाड़ी रोक दी. उनके बाल पकड़कर उन्हें बाहर खींच लिया और उन्हें बेरहमी से पीटा गया. बाद में आरोपी का एक दोस्त वहां पर पहुचा. दोनों ने मिलकर चेतना को डंडों से पीटा.

हिंदी संस्थान के पुरस्कार पाने वालों में 80 प्रतिशत से ज्यादा पोंगापंथी और सांप्रदायिक मानसिकता के लोग हैं

Anil Kumar Singh : कँवल भारती की औकात बताने के बाद आज उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंदी संस्थान के पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. चूंकि मायावती की सरकार ने इन पुरस्कारों को बंद कर दिया था इसलिए पूरी कोशिश की गई है कि इस लिस्ट से दलितों का पत्ता पूरी तरह साफ रहे. भाजपा के शासन में पंडित दीनदयाल उपाध्ध्याय के नाम पर पुरस्कार शुरू किया गया था, उसे चालू रखा गया है क्योंकि उससे सपा के समाजवाद को मजबूती मिलने की संभावना है २०१४ में. दो-तीन यादव भी हैं क्योंकि इस समय की मान्यता है कि असली समाजवादी वही हो सकते हैं. खोज-खाज कर एक दो मुस्लिम भी लाये गए हैं क्योंकि उनके बिना समाज वाद २०१४ का ख्वाब भी नहीं देख सकता.

टाइम्स आफ इंडिया के पत्रकारों का गणित ज्ञान कमजोर, मोदी के गुणगान में आंख मूंद छाप दे रहे हैं कुछ भी

Abhishek Srivastava : ये है टाइम्‍स ऑफ इंडिया की खबर, जो वैसे तो कई अख़बारों में छपी है लेकिन जस यहां है तस कहीं नहीं है। खबर का शीर्षक देखें और पूरी खबर पढ़ें। इसके मुताबिक प्रधानजी बनारस में रोहनिया के जिस गांव को गोद लेने वाले हैं, उसने  ‘450’  साल पहले औरंगज़ेब की फौज को हराकर भगा दिया था। औरंगज़ेब 1618 में पैदा हुआ था यानी आज से 396 साल पहले, लेकिन टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने 450 साल पहले बनारस पर उसका हमला करवा दिया है।

लखनऊ के मीडियाकर्मी रमेश सिंह का हार्ट अटैक से निधन

लखनऊ से दुखद सूचना है कि शहर के दैनिक अखबार वायस ऑफ लखनऊ के असिस्टेंट मार्केटिंग मैनेजर एवं लखनऊ जर्नलिस्ट क्रिकेट एसोसिएशन के बेहतरीन ऑलराउंडर रमेश सिंह का निधन हो गया. उन्होंने 5 नवंबर को अपने लखनऊ स्थ‍ित आवास पर अंतिम सांस ली. उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ. यह जानकारी स्वर्गीय सिंह के करीबी मित्र एवं एराउंड द इंडिया मैगजीन के संपादक राजेश आनंद ने दी.

प्रेस क्लब आफ इंडिया के कोषाध्यक्ष संजय सिंह को डेंगू, राम मनोहर लोहिया में भर्ती

प्रेस क्लब आफ इंडिया के कोषाध्यक्ष और राष्ट्रीय सहारा के नेशनल ब्यूरो में वरिष्ठ पद पर कार्यरत पत्रकार संजय सिंह के बारे में सूचना मिली है कि उन्हें मच्छर ने काट लिया है जिसके कारण उन्हें डेंगू हो गया है. उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्हें जब भर्ती …

सच्चिदानंद ने दुखी होकर हिंदुस्तान अखबार को अलविदा कहा

झारखंड के सिमडेगा से खबर आ रही है कि दैनिक हिन्दुस्तान के कार्यालय इंचार्ज सच्चिदानंद ने ब्यूरो के पद से इस्तीफा दे दिया है. वे अपने होम टाउन पलामू जाने के लिए कई सालों से गुहार लगा रहे थे. उन्होंने एचआर को नोटिस दिया और समय पूरा होने पर अखबार छोड़ दिया. सच्चिदानंद ने अपने फेसबुक पर इस बारे में कुछ यूं लिखा है: 

महिला मेकअप आर्टिस्ट पर प्रतिबंध गैरकानूनी : कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने देश की फिल्म इंडस्ट्री में महिला मेकअप आर्टिस्ट पर 59 साल से जारी प्रतिबंध को गैरकानूनी बताया है। जस्टिस दीपक मिश्र और यू.यू. ललित ने भारतीय फिल्म उद्योग में लैंगिक असमानता को असंवैधानिक करार दिया। अदालत ने कहा, ‘हम 2014 में हैं, न कि 1935 में। इस भेदभाव को एक दिन के लिए भी नहीं चलने दिया जा सकता।’

अभिनेत्री सना को चूना लगाने के आरोप में मीडिया कंसल्टेंट पूनम खन्ना गिरफ्तार

बॉलीवुड अभिनेत्री सना खान को नौ लाख रूपए का चूना लगाने के आरोप में मीडिया कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार खान की शिकायत पर मीडिया कंसल्टेंट पूनम खन्ना को गिरफ्तार किया गया. यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है जब सना एवं दो अन्य 42 वर्षीय मीडिया कंसलटेंट की शिकायत पर पकड़े गए थे. तीनों पर आपराधिक धौंसपट्टी तथा अन्य आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया था. लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गयी.

ईटीवी राजस्थान पर राजस्थानी भाषा में बुलेटिन ‘आपणी खबरां’ आज से

राजस्थान के सेटेलाइट न्यूज चैनल ईटीवी पर भी अब राजस्थानी भाषा में समाचार सुनने को मिलेंगे. इससे पहले डीडी राजस्थान पर राजस्थानी भाषा में समाचार आ रहे हैं. प्रदेश में चल रहे निजी समाचार चैनलों पर अभी तक भी किसी चैनल पर राजस्थानी भाषा में समाचार प्रसारित नहीं किए जा रहे थे. इसके चलते पहली …

विकास पत्रकारिता पुरस्कार के दावेदारों की सूची में प्रियंका दुबे का भी नाम

ब्रिटेन में विकास पत्रकारिता के लिए दिए जाने वाले एक प्रतिष्ठित पुरस्कार के दावेदारों की सूची में इस बार एक भारतीय महिला फ्रीलांस पत्रकार का नाम भी शामिल है. प्रियंका दुबे का नाम विकासशील देशों के पत्रकारों को दिये जाने वाले ‘थॉमसन फाउंडेशन यंग जर्नलिज्म अवार्ड’ के दावेदारों की सूची में शामिल किया गया है. …

अपने निजी फेसबुक और ट्विटर एकाउंट का विज्ञापन करने में जनता का पैसा लुटा रहे हैं अखिलेश यादव

सेवा में, श्री अखिलेश यादव,

मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ

विषय- सरकारी विज्ञापनों में आपके व्यक्तिगत फेसबुक और ट्विटर एकाउंट के प्रचार विषयक

महोदय,

कृपया दिनांक 04/11/2014 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित तीन विज्ञापनों का सन्दर्भ ग्रहण करें जो दिनांक 04/11/2014 को 100 पुलिस भवन तथा 2 उपरिगामी सेतुओं तथा दिनांक 05/11/2014 को समाजवादी पेंशन योजना के उद्घाटन से सम्बंधित हैं.  इन सभी विज्ञापनों में अन्य तथ्यों के अलावा एक ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh, एक फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh तथा एक यू-ट्यूब एकाउंट youtube.com/user/upgovtofficial भी अंकित है. ये फेसबुक और ट्विटर एकाउंट आपके अर्थात श्री अखिलेश यादव के व्यक्तिगत एकाउंट हैं जिसके भारी संख्या में फौलोवर हैं. इन दोनों एकाउंट में आपका वेबसाइट samajwadiparty.in  अंकित है जो समाजवादी पार्टी का आधिकारिक वेबसाइट है.

पत्रकार रवि भारती की फैमिली को 30 लाख का मुआवजा

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट से खबर है कि मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्युनल (एमएसीटी) ने साल 2012 में सड़क हादसे में मारे गए एक पत्रकार के परिवारवालों को 30 लाख से ज्यादा का मुआवजा देने का आदेश दिया है. एक्सिडेंट लापरवाही से चलाए जा रहे एक टेम्पो की वजह से हुआ था. एमएसीटी के प्रीसाइडिंग ऑफिसर रवींद्र बेदी ने हादसे में शामिल टेंपो का इंश्योरेंस कवर करने वाली न्यू इंडिया इंश्योंरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह मृतक रवि भारती की पत्नी, नाबालिग बेटे और पैरंट्स को 30 लाख, 77 हजार और 788 रुपये का मुआवजा दे.

डीएनई रोहित तिवारी दबंग दुनिया से पत्रिका पहुंचे, शशिभूषण को नई जिम्मेदारी

दबंग दुनिया से खबर है कि डिप्टी न्यूज एडिटर रोहित तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने नई पारी की शुरुआत राजस्थान पत्रिका के साथ की है. रोहित दैनिक भास्कर, अमर उजाला में काम कर चुके हैं.

एयरटेल और सैमसंग मिलकर लांच करेगी आईडीटीवी, कीमत 44,900 रुपये से शुरू

एयरटेल डिजिटल टीवी और सैमसंग ने आपसी साझेदारी में एक प्रोडक्ट की घोषणा की. दोनों कंपनियां देश में इंटीग्रेटेड डिजिटल टीवी (आईडीटीवी) पेश करेंगी. भारती एयरटेल के डीटीएच और मीडिया कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशि अरोड़ा ने कहा, ‘एयरटेल डिजिटल टीवी में हम अपने ग्राहकों को ऐसे अनुभव उपलब्ध कराने की कोशिश करते हैं, जो वास्तव में इन्नोवेटिव और विश्वस्तरीय हो’.

पत्रकार राजेश सरोहा की लाठियों से पीटने वाला दिल्ली का थानेदार राकेश सांगवान निलंबित

दिल्ली में त्रिलोकपुरी दंगा के दौरान पत्रकार राजेश सरोहा को लाठियों से पिटाई करने वाले विवेक विहार थानाध्यक्ष राकेश सांगवान को निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं. पिटाई करने वाले उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है, जिन्होंने पिटाई करने में थानाध्यक्ष का साथ दिया था. पत्रकार की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या आठ से दस के बीच है.

मायावती कभी मुख्यमंत्री बन गईं तो अखिलेश दास से सौ करोड़ का सौ गुना यानी एक खरब से भी ज्यादा दुह लेंगी!

Kumar Sauvir : मायावती ने एलान किया कि अखिलेश दास ने राज्यसभा की मेम्बरी के लिए बसपा को सौ करोड़ रुपया देने की पेशकश की थी। अखिलेश दास ने इस आरोप को ख़ारिज किया और कहा कि उन्होंने कभी भी एक धेला तक नहीं दिया। हालांकि सभी जानते हैं कि अखिलेश दास के पास बेहिसाब खज़ाना है। बस, वो खर्च तब ही लुटाते हैं जब उनकी कोई कर्री गरज फंसी होती हो। लखनऊ वालों को खूब याद है की लखनऊ संसदीय सीट के चुनाव की तैयारी में अखिलेश दास ने रक्षाबंधन, दीवाली, भैया दूज, होली, ईद-बकरीद तो दूर, करवा-चौथ तक के मौके पर घर-घर मिठाई और तोहफों के पैकेट भिजवाने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं की टीम तैनात कर रखी थी।

विवाद बढ़ता देख वाड्रा ने कारोबार समेटना शुरू कर दिया, बेची चार कंपनियां

विवाद बढ़ता देख कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया है। वाड्रा ने चार कंपनियां बेच दी हैं। दो और कंपनियां जल्द ही बंद हो सकती है। ये सभी हरियाणा और राजस्थान में काम कर रही थीं। लाइफलाइन ऐग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीनवेव ऐग्रो प्राइवेट लिमिटेड, राइटलाइन ऐग्रिकल्चर प्राइवेट लिमिटेड और प्राइमटाइम ऐग्रो प्राइवेट लिमिटेड को रॉबर्ट वाड्रा बंद कर चुके हैं। केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से ही विवादित जमीन सौदों के लिए चर्चित वाड्रा ने कंपनियों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय का कहना है कि सभी कंपनियां मई महीने तक ऐक्टिव थीं।

पैर गंवा चुकी स्नेहिल की चैनल से बातचीत चल रही है

Vineet Kumar : स्नेहिल से मेरी बात हुई. उन्हें इस वक्त हमारी जरूरत नहीं है..लिखने से लेकर बाकी चीजों की भी. वो अब इस संबंध में कोई बात नहीं करना चाहती. उनका कहना है कि चैनल से इस संबंध में बातचीत चल रही है. हमारी प्राथमिकता स्नेहिल की जिंदगी और उसके प्रति उत्साह बनाए रखना पहले है जो कि सचमुच एक चुनौती भरा काम है..लिहाजा, हम इस मामले को तूल देकर उनके हिसाब से शायद नुकसान ही करेंगे. रही बात चैनल की तो हम किसी की आइडी, ज्वाइनिंग लेटर की कॉपी जबरदस्ती साझा करने नहीं कह सकते.

सुभाष घई जब इस लड़की को हमबिस्तर करने के लिए राजी नहीं कर पाता तो उसके सामने masturbation करने लगता है!

Chandan Srivastava : इजराइल मूल की रीना गोलान ने इस किताब में बताया है कि बॉलीवुड में किस हद तक एक लड़की को सेक्स प्रोडक्ट समझा जाता है. बड़े-बड़े सितारे कितने रीढविहीन होते हैं. चाहे वो नचनिया शाहरुख हो या कोई और. परदेस जैसी फिल्म बनाने वाला सुभाष घई जब इस लड़की को हमबिस्तर करने के लिए राजी नहीं कर पाता तो कैसे उसकी आंखों के सामने ही masturbation करने लगता है.

हिंदी संस्थान ने लखकों को झूठा-फ्रॉड साबित कर अपनी फोरेंसिक लैबोरोट्री भी खोल ली है…

Dayanand Pandey : उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में इस बार पुरस्कार वितरण में धांधली भी खूब हुई है। इस धांधलेबाजी खातिर पहली बार उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने एक फर्जी फोरेंसिक लैब्रोटरी भी खोल ली है। तुर्रा यह कि बीते साल किसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में किसी ने याचिका दायर कर दी थी सो इस याचिका कर्ता के भय में लेब्रोटरी में खुद जांच लिया कि कौन सी किताब किस प्रेस से कैसे छपी है और इस बिना पर कई सारी किताबों को समीक्षा खातिर ही नहीं भेजा समीक्षकों को। और इस तरह उन्हें पुरस्कार दौड़ से बाहर कर दिया। क्या तो वर्ष 2014 की छपाई है कि पहले की है कि बाद की है। खुद जांच लिया, खुद तय कर लिया। ज़िक्र ज़रूरी है कि इस बाबत लेखक की घोषणा भी हिंदी संस्थान लेता ही है हर बार।

वर्तमान सीबीआई मुख्‍यालय उसी शर्त के अनुसार दरभंगा महाराज ने नेहरू को दान दिया….

Kumud Singh : राष्टपति प्रणव मुखर्जी ने प्रधानमंत्री से सिफारिश की है कि लाालू प्रसाद को दिसम्बर माह तक उनके सरकारी आवास में रहने दिया जाए। इतिहास देखिए- 1950 में एक दिन गिरिंद्र मोहन मिश्र सुबह राष्‍ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के पास गये और उनसे समय मांगा कि कामेश्‍वर सिंह आपसे मिलना चाहते हैं। इधर, बनैली के राजा कुमार गंगानंद सिंह भी कुछ ऐसा ही कहने पहुंचे। शाम को दोनों के बीच मुलाकात हुई लेकिन कोई महत्‍वपूर्ण बात नहीं हुई। राजेंद्र प्रसाद सोचते रहे कि कामेश्‍वर सिंह आये लेकिन कुछ कहा नहीं, कामेश्‍वर सिंह सोचते रहे कि राजेंद्र बाबू बुलाया क्‍यों।

मोदी की बनारस यात्रा : स्मृति ईरानी से मात खाकर हर्षवर्धन को औकात बोध हो गया!

Sheetal P Singh : प्रधानमंत्री की आज होने वाली बनारस यात्रा से “ट्रामा सेन्टर” के शिलान्यास कार्यक्रम को रद्द कराने में मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी कामयाब हो गईं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन अपनी सारी कोशिशों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मनाने में नाकामयाब साबित हुए। उन्होंने पिछले कार्यक्रम (जो टल गया था, अब हो रहा है) में इसे सबसे प्रमुख कार्यक्रम तय कराया था। क़रीब २०० करोड़ की लागत से बीएचयू में बना ट्रामा सेंटर पिछले डेढ़ साल से उद्घाटक की प्रतीक्षा कर रहा है।

माया की इस मासूमियत पर कौन यकीन करेगा कि मिल रहा इतना सारा पैसा वह ठुकरा दें

Dayanand Pandey : मायावती और अखिलेश दास की आज हुई अंत्याक्षरी में मायावती ने कहा कि अखिलेश दास राज्य सभा सदस्यता कंटीन्यू करने के लिए उन्हें दो सौ करोड़ तक देने को तैयार थे फिर भी उन्होंने मना कर दिया। एक तो राज्य सभा सदस्यता की कीमत अभी इतनी मंहगी हुई नहीं है। दूसरे मायावती की इस मासूमियत पर भला यकीन करेगा कौन? कि मिल रहा इतना सारा पैसा भी वह भूल कर ठुकरा दें! रही बात अखिलेश दास की तो उन्हों ने यह तो बताया कि मायावती विधायक के टिकट खातिर दस लाख लेती हैं जब कि लोक सभा के टिकट खातिर एक करोड़ तक लेती हैं।

केजरीवाल की खांसी और मोदी की चायवाले की पोलिटिकल मार्केटिंग के मायने

Vineet Kumar : मैं मान लेता हूं कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी खांसी की पॉलिटिकल मार्केटिंग की..शुरुआत में जो खांसी हुई और उसके प्रति लोगों की जो संवेदना पैदा हुई, उसे उन्होंने सिग्नेचर ट्यून में बदल दिया..ये अलग बात है कि बनावटी खांसी के लिए भी कम एफर्ट नहीं लगाने पड़ते..लेकिन एक दूसरा शख्स अपने को चाय बेचनेवाला बताता है, बचपन के संघर्ष के किस्से सुनाता है जो कि उसकी असल जिंदगी से सालों पहले गायब हो गए तो आप हायपर इमोशनल होकर देश की बागडोर उनके हाथों सौंप देते हैं.

कबीर साहेब क्यों हैं आज भी स्वीकृत और गौतम बुद्ध हो गए खारिज?

Sumant Bhattacharya : इस धरती पर “कबीर साहेब” एकमात्र ऐसे संत हुए जिन्होंने लाठी लेकर “हिंदू और मुसलमानों” के आडंबर पर बरसाया। जितना उन्होंने गरिआया, और वो भी देसी भाषा में, उतना तो किसी और ने नहीं। बावजूद आज भी भारत में कबीर साहेब के 21 करोड़ से ज्यादा अनुयायी है। वहीं “गौतम बुद्ध” हुए। जिन्होंने एक संगठित धर्म की स्थापना की. “ब्राह्मण आडंबरों” की पुरजोर मुखालफत की, समृद्ध दर्शन भी दिया। फिर क्यों गौतम बुद्ध अपनी ही जमीन से खारिज हो गए और कबीर साहेब आज भी पूजे जाते हैं?

‘आज समाज’ अखबार ने हरियाणा के सारे ब्यूरो बंद किए, सिर्फ करनाल पर करम

हरियाणा विधानसभा चुनाव में विनोद शर्मा एंड कंपनी के औंधे मुंह गिरने के बाद इसकी गाज इनके मीडिया हाउस के कारिदों पर भी गिर रही है. खबर है कि आज समाज अखबार के हरियाणा के सारे ब्यूरोज को बंद कर दिया गया है. सिर्फ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण करनाल जिले के ब्यूरो रहने दिया गया है.

शारदा चिटफंड घोटाले में पेड न्यूज चलाने वाले मीडिया कंपनियों के खिलाफ सीबीआई जांच हो : ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शारदा चिट फंड घोटाले में मीडिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है. ममता बनर्जी ने मांग की है कि उन मीडिया कंपनियों के खिलाफ सीबीआई जांच करानी चाहिए जिन्होंने शारदा चिट फंड घोटाले में पेड न्यूज चलायी है.  पार्टी के एक सदस्य को शारदा चिट फंड घोटाले में क्लीन चिट मिलने के बाद ममता बनर्जी एक्टिव मोड पर आ गयी हैं. उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि किस-किस मीडिया हाउस ने शारदा चिट फंड के मालिकों की महिमामंडन करके तगड़ी कमाई की है.

इंडिया न्यूज, न्यूज नेशन यूपी यूटी, न्यूज24, सहारा समय समेत छह चैनल डीडी डीटीएच के फ्री डिश से डिलीट

एक बड़ी खबर दूरदर्शन की मुफ्त डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) फ्री डिश से है. यहां से छह चैनलों को डिलीट कर दिया गया है जिनमें कई न्यूज चैनल भी शामिल हैं. हटाए गए न्यूज चैनलों के नाम न्यूज24, इंडिया न्यूज, सहारा समय, न्यूज नेशन यूपी यूटी हैं. इनके अलावा 9एक्स, जी स्माइल, ज्ञानदर्शन एक और ज्ञानदर्शन दो को भी हटा दिया गया है. इन्हें इसलिए हटाया गया क्योंकि इन्होंने अपना एनुअल कांट्रैक्ट रीन्यू नहीं कराया.

शिमला के फोटो जर्नलिस्ट नरेश कुमार के घर चोरी

शिमला से सूचना है कि फोटो जर्नलिस्ट नरेश कुमार के घर चोरी हो गई है. नरेश का घर लोअर कैथू स्थित देव निवास सपन कुंज है. नरेश कुमार के घर से चोर सोने के आभूषण सहित पांच हजार की नकदी ले गए. चोरी सोने में मंगल सूत्र, टॉप्स, चाक, पांच अंगूठी, झुमके, एक सोने की चेन व चांदी के कुछ गहने शामिल हैं.

बसपा की मान्यता खत्म करने और मायावती व अखिलेश दास पर के खिलाफ एफआईआर की मांग

बसपा अध्यक्ष मायावती तथा राज्य सभा सांसद अखिलेश दास द्वारा लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप अब चुनाव आयोग तक पहुँच गए हैं. सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों को इस सम्बन्ध में ईमेल द्वारा शिकायत भेज कर इन आरोपों की जांच करने और इन पर तदनुसार कठोर विधिक कार्यवाही करने हेतु निवेदन किया है. उन्होंने कहा कि आईएनसी बनाम इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर सहित तमाम निर्णयों में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आयोग को किसी राजनैतिक दल द्वारा देश के स्थापित कानूनों को तोड़ने की दशा में उसे अपंजीकृत करने का अधिकार और दायित्व है, जैसा इस मामले में बसपा पर श्री दास द्वारा आरोपित किया गया है.

अक्षय राउत, एमके अग्रवाल, अनुराग प्रसाद, रवीना राज कोहली, कृष्ण कुमार और सतीश कुमार के बारे में सूचनाएं

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अक्षय राउत को दूरदर्शन का अतिरिक्त महानिदेशक (समाचार) नियुक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि जब तक नियमित तौर पर नयी नियुक्ति नहीं की जाती है तब तब राउत दूरदर्शन समाचार के डीजी का कामकाज भी संभालेंगे। सूत्रों ने बताया कि एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी एम के अग्रवाल को मंत्रालय ने पत्र सूचना कार्यालय में एडीजी (एम एंडी सी) नियुक्त किया है।

टीआरपी 44वां सप्ताह : एबीपी न्यूज को तगड़ा झटका, न्यूज नेशन को सर्वाधिक फायदा, अंग्रेजी में न्यूज एक्स नंबर वन

44वें हफ्ते की टीआरपी आ गई है. इसमें इंडिया टीवी ने फिर से अपनी नंबर दो की पोजीशन वापस ले ली है. सर्वाधिक झटका एबीपी न्यूज को लगा है. मार्केट शेयर में कुल 2.4 की चपत लगी है. टीआरपी में थोड़ी से वृद्धि के कारण जी न्यूज ने इंडिया न्यूज को पछाड़ते हुए अपनी नंबर चार की पोजीशन वापस ले ली है. इसी तरह न्यूज नेशन ने हफ्ते का सर्वाधिक टीआरपी झटक कर न्यूज24 को अपने से नीचे कर दिया है.

मीडिया में सरोकार, जज्बे और जज्बात के जितने शब्द-एक्सप्रेशन हैं, सबके सब सिर्फ प्रोमो-विज्ञापन के काम लाए जाते हैं

Vineet Kumar : जिया न्यूज की मीडियाकर्मी स्नेहल वाघेला के बारे में जानते हैं आप? 27 साल की स्नेहल अपने चैनल जिया न्यूज जिसकी पंचलाइन है- जर्नलिज्म इन एक्शन, के लिए अपने दोनों पैर गंवा चुकी है. पिछले दिनों जिया चैनल के लिए मेहसाना (अहमदाबाद) रेलवे स्टेशन पर रिपोर्टिंग करते हुए स्नेहल फिसलकर पटरियों पर …

कर्नाटक के गृहमंत्री बोले- रेप की खबरें टीआरपी पाने के लिए दिखाता है मीडिया

कर्नाटक के गृह मंत्री केजे जॉर्ज ने कहा कि मीडिया में रेप की खबरें टीआरपी के लिए दिखाई जाती हैं. गृह मंत्री से बेंगलुरु में लगातार हो रही रेप की वारदातों को लेकर सवाल पूछे गए थे जिसके बाद उन्होंने ये विवादित बयान दे डाला. स्कूलों में मासूम बच्चियों के साथ बढ़ती रेप की घटनाओं पर प्रश्नों से खिन्न आकर जॉर्ज ने कहा कि मीडिया ऐसी ही खबरों को दिखाता है. बेंगलुरु को ‘रेप सिटी’ के रूप में दर्शाता है और यह सब मीडिया टीआरपी के लिए करता है.

पीएमओ ने वाड्रा पीआईएल में गहरी व्यक्तिगत रुचि ली थी

डीएलएफ-वाड्रा प्रकरण में विधिक कार्य विभाग, विधि मंत्रालय द्वारा आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर को प्राप्त कराये गए नोटशीट से यह साफ़ जाहिर होता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) सहित पूरी सरकार किस प्रकार इस मामले में गहरी रूचि ले रही थी. मामले में स्वयं पीएमओ ने 05 नवम्बर 2012 को विधिक कार्य विभाग को विस्तृत निर्देश भेजे थे. इसमें डॉ ठाकुर द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में इस प्रकरण में दायर याचिका का शुरुआती स्तर पर ही पुरजोर विरोध के निर्देश शामिल थे. तत्कालीन नए विधि मंत्री अश्विनी कुमार से व्यक्तिगत निर्देश लेने को कहा गया था.

लोकसभा टीवी का हाल : 100 नंबर का इंटरव्यू पांच मिनट में, केवल तीन सवाल पूछे

लोकसभा टीवी के लिए डॉयरेक्टर प्रोग्रामिंग की पोस्ट के लिए मैंने आवेदन दिया था। अक्तूबर महीने में 11 तारीख को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। मेरा रोल नंबर 8 था लेकिन 8 तक के रोल नंबर में से केवल चार लोग ही आए थे। इंटरव्यू बोर्ड में तीन लोग थे जिनमें से दो सरकारी अफसर और एक पत्रकार थे जिन्हें मैंने नहीं देखा कभी और उनका नाम भी पता नहीं है। पत्रकारिता जगत में कोई जाना-पहचाना नाम भी नहीं है उनका। तीन में से दो सरकारी अफसर चुप रहे। एक व्यक्ति ने ही तीन सवाल पूछे….

स्नेहल वाघेला नाम की कोई कर्मचारी हमारे यहां कार्यरत नहीं है : जिया न्यूज

शूट के दौरान पैर कट जाने के कारण लाचार स्नेहल वाघेला को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान शुरू हो चुका है. भड़ास पर इस बाबत खबर छपने के बाद जिया न्यूज चैनल की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया गया है कि उनके यहां स्नेहल वाघेला नाम की कोई कर्मचारी कभी कार्यरत नहीं रही हैं. जिया न्यूज ने स्नेहल वाघेला के साथ हुए हादसे पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा है कि मानवीय आधार पर जिया न्यूज स्नेहल वाघेला की मदद के लिए तैयार है लेकिन जिस तरह से उन्हें जिया न्यूज का कर्मचारी बताते हुए संस्थान के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं. पूरी प्रेस रिलीज नीचे प्रकाशित है….

यह एक लड़की का कटा पांव नहीं बल्कि एक मीडिया संस्थान का वीभत्स चेहरा है

Surendra Grover : यह सिर्फ एक लड़की का कटा हुआ पांव ही नहीं बल्कि एक मीडिया संस्थान का वीभत्स चेहरा भी है.. न्यूज़ चैनल जिया न्यूज में काम करने वाली स्नेहा वाघेला के पांव दफ्तर के काम से रेल द्वारा एक जगह से दूसरी जगह जाते हुए कट गए.. चैनल मालिकों ने इसके बाद इस लड़की से कन्नी काट ली और कह दिया कि अब उस चैनल से कोई सम्बन्ध न रखे..

मीडिया की भाषा और मीडिया की साख : ‘सुभाष चंद्रा गाली-गलौज कर रहा है’ बनाम ‘नवीन जिंदल अपराधी है’

अब सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का कोई मतलब ही नहीं रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार अभियान में जिस भाषा-शैली का इस्तेमाल किया, वैसी भाषा-शैली का इस्तेमाल इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया. खासकर, राजनीति में अपने साथियों के चुनाव क्षेत्र में भले ही वे किसी भी पार्टी के राजनेता रहे हों, इस तरह की भाषा-शैली का इस्तेमाल पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया.हमें यह मानना चाहिए कि केंद्र में नई सत्ता के आने के बाद नई भाषा और नई शब्दावली का भी अभ्यस्त हो जाना पड़ेगा.

जमीन घोटालेबाज प्रफुल्ल सकलेचा और मिठाई दुकानदार पंकज शर्मा को इंदौर प्रेस क्लब की सदस्यता दिलाने की तैयारी!

इंदौर प्रेस क्लब में इंदौर के कुल पत्रकारों से दोगुना ज्यादा सदस्य हैं। इस मामले को लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। जब भी प्रेस क्लब के चुनाव आते हैं, नए सदस्यों की भर्ती शुरू हो जाती है। ये सदस्य जरूरी नहीं कि पत्रकार हों। इंदौर के करीब सभी छुटभये नेता, जमीन के घोटालेबाज और दलाल टाइप के लोग भी प्रेस क्लब के सदस्य हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इसकी आड़ में कुछ धंधेबाज पत्रकार भी पैदा हो गए हैं, जो सदस्य बनाने के नाम पर वसूली करने से बाज नहीं आते।

मप्र में पत्रकारों की अधिमान्यता समिति है या ब्राह्मण ​अधिमान्यता समिति है!

मध्यप्रदेश शासन ने पत्रकारों को अधिमान्यता देने के लिए राज्य स्तरीय अधिमान्यता समिति एवं आर्थिक सहयोग देने के लिए संचार कल्याण समिति का गठन किया है।  लेकिन यदि देखा जाए तो कुल मिलाकर समितियों पर पूरी तरह ब्राह्मणों का ही वर्चस्व है।जहां जनसंपर्क मंत्री ब्राह्मण हो वहां उनसे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है। अब पत्रकारों ने इसका विरोध कर मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से की है। जल्द ही यह समिति भंग होने की उम्मीद है। राज्य स्तरीय अधिमान्यता समिति के अलावा संभाग समितियों का भी यही हाल है। इन तीनों समितियों के कुल 113 सदस्यों में से 66 सदस्य सिर्फ ब्राह्मण हैं।

मुकेश अंबानी खरीदेंगे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस अखबार ‘फायनेंशियल टाइम्स’!

मुकेश अंबानी ने ईटीवी, आईबीएन7, सीएनएन-आईबीएन समेत कई चैनलों-मीडिया कंपनियों को खरीदने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया का मोलभाव करना शुरू कर दिया है. ताजी सूचना के मुताबिक उनकी नजर अंतरराष्ट्रीय बिजनेस अखबार ‘फायनेंशियल टाइम्स’ पर है. भारत के साथ विदेशों में भी अपना मीडिया साम्राज्य फैलाने को लेकर लालयित अंबानी के एक प्रतिनिधि ने पियरसन समूह से संपर्क साधा है. अंतरराष्ट्रीय बिजनेस अखबार फायनेंशियल टाइम्स को प्रकाशित करने वाली कंपनी का नाम पियरसन समूह है. 

गूगल ने मीडिया और तकनीकी कंपनियों तथा सरकार के सहयोग से भारतीय भाषा इंटरनेट गठबंधन (आईएलआईए) बनाने की घोषणा की

नई दिल्ली। भारतीय भाषाओं में इंटरनेट के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए गूगल ने मीडिया और तकनीकी कंपनियों तथा सरकार के सहयोग से भारतीय भाषा इंटरनेट गठबंधन (आईएलआईए) बनाने की सोमवार को घोषणा की। आईएलआईए में गूगल समेत कई भारतीय मीडिया हाउसों को भी शामिल किया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आईएलआईए की औपचारिक घोषणा की। भारत में अभी करीब 20 करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और भारतीय भाषाओं में इंटरनेट की उपलब्धता से इस आंकड़े के 2017 तक 50 करोड़ पहुंचने की संभावना है।

सहारनपुर में नयी उम्र के लड़कों के मोटरसाइकिल चलाने पर पूर्ण रोक!

आरटीआई के माध्यम से सहारनपुर जिले प्रशासन का एक अजीबोगरीब फरमान सामने आया है. डीएम सहारनपुर कार्यालय द्वारा आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर को भेजी सूचना के अनुसार डी के चौधरी तत्कालीन एसएसपी, सहारनपुर ने जिले में मोटर साइकिल सवार 2 अज्ञात अपराधियों द्वारा हो रही आपराधिक घटनाओं के दृष्टिगत 13 सितम्बर 2013 को डीएम से मोटरसाइकिल पर दूसरी सवारी तथा औरत, बच्चे और 60 साल से अधिक आयु के पुरुषों को छोड़ कर सभी नयी उम्र के लड़कों को मोटरसाइकिल चलाने से प्रतिबंधित करने हेतु निवेदन किया.

‘पी7न्यूज’ में रमन पांडेय समेत कई वरिष्ठों की नो इंट्री, चैनल की कमान उदय सिन्हा को

जब लुटिया डूबती है तो हर कोई इसके आगोश में आ जाता है।  कुछ ऐसा हाल इन दिनों पर्ल्स ग्रुप के चैनल “पी7” का है। खिसयानी बिल्ली खम्बा नोचे वाली कहावत के तहत पी7 चैनल का मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों के साथ बदतमीजी पर उतारू है। आउटपुट हेड रमन पांडेय समेत कई लोगों की चैनल में नो एंट्री कर दी गयी है। पीएसीएल ग्रुप सेबी के शिकंजे में जबसे फंसा है तबसे इसके मीडिया वेंचर का बुरा हाल है। चैनल की आर्थिक स्थिति कई महीनों से खराब है और लगातार बिगड़ती जा रही है।  वक्त से सैलरी न मिल पाने के कारण चैनल के साथ जी जान से काम करने वाले कर्मचारी परेशान हैं।

मेरे रिमार्क ‘हबीब ने थिएटर में वो काम किया जो रामायण में हनुमान ने किया था’ को सर्वेश्वर ने दिनमान में छापा तो वो नाराज हो गए

: इप्टा के अध्यक्ष रणबीर सिंह से दिनेश चौधरी की बातचीत :

-थियेटर में आपकी भूमिका प्रमुखतः क्या है? अपने लिखे नाटकों और उनके निर्देशकों के बारे में कुछ बतायें।

–मेरी थिएटर में भूमिका प्रमुखतः क्या है, यह कहना मुश्किल है क्यों की जब मैंने थिएटर में काम करने की सोची तो मेरे सामने सवाल था थिएटर से रोटी-रोज़ी जुटाने का। उस वक्त शायद यह फैसला बेवकूफी भरा था या कोई कहे की हिम्मत भरा, मगर मेरे लिए यह दोनों ही नहीं। बस मेरी मज़बूरी थी। पहली नौकरी जो मिली वो भारतीय नाट्य संघ के कार्यवाहक मंत्री (एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी) की मिली। भारतीय नाट्य संघ यूनेस्को का इंडियन सेंटर था। मेरी क़िस्मत की वहां मुझे श्रीमती कमलादेवी चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में काम करने का मौक़ा मिला। वहीँ मेरी मुलाक़ात कपिला वात्स्यायन, मृणालिनी साराभाई, प्रोफेसर एन. सी. मेहता, अल्काजी, हबीब तनवीर, इन्दर राज़दान, तरुण रॉय, नेमीचंद जैन, विश्णु प्रभाकर, जसवंत ठक्कर, शांता गांधी, अनिल बिस्वास , चार्ल्स फेब्री, शीला वत्स, कैलाश पाण्डेय जैसे महान लोगों से हुई और उनसे थिएटर के बारे में जानने-समझने का मौक़ा मिला। सारे भारत के थिएटर की जानकारी हासिल हुईय अच्छाइयाँ, बुराइयाँ, मुश्किलात, सरकार की नीयत और नीतियां, कामकाज का तरीकाय ये सब बहुत नज़दीक से देखने का मौक़ा मिला। उस वक्त मेरी भूमिका सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटर की थी, जो आज मेरे काम आ रही है।

Subject: Arvind Mohan’s review of My book in your web portal

Dear Yashwantji

Someone pointed out to me about this review and I read. After reading I was shocked. While I have nothing to say about Shri Arvind Mohan or his credibility I strongly object to insinuations and innuendos in his article against my book and my credibility. Not that his review would undermine these, but I wish to set the record straight.

आह ताज! : उगाही कर रहे कर्मचारियों ने पत्रकारों के दल से की बदतमीजी

आगरा : ताजमहल में तैनात कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं. ये पत्रकारों के साथ भी बदतमीजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. कई कर्मचारी कुछ फोटोग्राफरों के साथ मिल कर पर्यटकों को दोनो हाथों से लूट रहे हैं.  ताजमहल के भीतर फैली गंदगी भी अराजकता की पोल खोल रही है. कहने को तो ताजमहल प्यार और सौहार्द का प्रतीक है लेकिन इस ताजमहल में तैनात कर्मचारियों का व्यवहार इन शब्दों से कोसो दूर है. यही वजह है कि यहां पर आने वाले लोग इन कर्मचारियों को कोसते हुए वापस जाते हैं. ताजमहल में तैनात कर्मचारी इतने बदतमीज हैं कि इन्हें बोलने तक की तमीज नहीं है.  यहां तक कि पत्रकारों से भी बदतमीजी करना अपनी शान समझते हैं. ताजमहल परिसर में ये बदतमीज कर्मचारी कुछ फोटोग्राफरों से मिल कर लोगों को दोनों हाथों से लूट रहे हैं.

यूपी में जंगलराज : केएनआईटी सुलतानपुर में क्यों है इस कदर भ्रष्टाचार!

कमला नेहरू प्रौद्यौगिकी संस्थान सुलतानपुर में भ्रष्टाचार की जडे़ं इतनी गहरी है जिसका पूरा अन्दाजा लगा पाना थोड़ा मुश्किल है। तकनीकी शिक्षा के लिए सरकारी गजट और शासन द्वारा बनाये गये नियम कानून के यहां कोई मायने नहीं हैं।  कई कहानियां हैं। एक-एक कर बताते हैं। यहां कार्यवाहक निदेशक के रूप में के.सी. वर्मा तैनात है। इनकी खुद की तैनाती एक बड़ी कहानी है, जिसे बाद में बताएंगे। पहले इनके अपने अपने चहेते सदा शिव मिश्र के बारे में जानिए। वर्मा जी ने अपने चहेते सदा शिव मिश्र को 2012 में दो बार पदोन्नति दी, शासनादेश एवं निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर। लाबिंग मजबूत करने के लिए राम चन्द्र तिवारी को निदेशक के वैयक्तिक सहायक के पद पर अनर्गल पदोन्नत करने के साथ ही अन्य लाभ देने का काम किया गया।

‘बाल रामकथा’ के लेखक हैं मधुकर उपाध्याय… पूरी लिस्ट देखिए प्रगतिशीलों-सेकुलरों की…

Dilip C Mandal : हे ठाकुर नामवर सिंहों-प्रगतिशीलों-सेकुलरों, आपने कांग्रेस के SECULAR शासन में उंचे पदों पर रहते हुए बच्चों के पढ़ने का यही बंदोबस्त किया क्या? पढ़िए मित्र Jitendra Mahala का स्टेटस.

गांधी जी को जब बनारस के एक पंडे ने काफी भला-बुरा कहा था…

Sanjay Tiwari : एक बार गांधी जी भी काशी गये थे. तब जब वे देश के आंदोलन का हिस्सा नहीं हुए थे. इन दिनों वे दक्षिण अफ्रीका में गिरमिटिया आंदोलन को गति दे रहे थे और उसी सिलसिले में समर्थन जुटाने के लिए भारत भ्रमण कर रहे थे. इसी कड़ी में वे काशी भी पहुंचे थे. बाबा विश्वनाथ का आशिर्वाद लेने के बाद बाहर निकले तो एक पंडा आशिर्वाद देने पर अड़ गया. मोहनदास गांधी ने जेब से निकालकर एक आना पकड़ा दिया. पंडा जी को भला एक पैसे से कैसे संतोष होता? आशिर्वाद देने की जगह बुरा भला कहना शुरू कर दिया और पैसा उठाकर जमीन पर पटक दिया.

अखिलेश, ये हाल है तुम्हारे (जंगल)राज में… पुलिस रिश्वत लेकर देती है डेडबाडी!

Harendra Singh : बीती (23 सितंबर 2014) रात मेरे बेटे हर्षित का करीब 1.45 am पर फोन आया। मैंने फोन उठाया, तो घबराहट में बोला, पापा मैं चारबाग स्टेशन पर हूँ, आप जानते हैं सनबीम में मेरा सहपाठी आशीष था, वह अपने पापा को इलाज के लिए पटना से एम्स दिल्ली ले जा रहा था, पर रास्ते चारबाग से पहले ही अंकल का देहांत हो गया है, और जीआरपी पुलिस के लोग उनकी डेडबाडी नहीं दे रहे हैं, जबकि अंकल का treatment file व reference form मैं दिखा रहा हूं।

कैग का कहना है कि कांग्रेस सरकार की मदद से वाड्रा ने एक झटके में 44 करोड़ कूट लिए

Om Thanvi : देश के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) का कहना है कि कांग्रेस सरकार की मदद से रॉबर्ट वाड्रा ने एक झटके में ४४ करोड़ कूट लिए। गौर करें कि मोदी और भाजपा तो खुद वाड्रा के खिलाफ अभियान चलाते आए हैं। फिर भी कुछ होता क्यों नहीं?

आइये, काले धन को वैध बनाएं

जैसा कि सर्वविदित है भारत में काले धन को वैध बनाने की हाल की गतिविधियां राजनीतिक दलों, कॉरपोरेट कंपनियों और शेयर बाजार के माध्यम से हुई हैं। काले धन को वैध बनाने को रोकने के लिए मनी-लॉन्ड्रिंग निरोध अधिनियम  2002, 1 जुलाई 2005 को प्रभाव में आया था। धारा 12 (1) बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और बिचौलियों पर निम्नांकित दायित्व निर्धारित करता है (क) निर्देशित किये जाने वाले लेनदेनों की प्रकृति और मूल्य का विवरण देने वाले रिकॉर्डों को कायम रखना, चाहे इस तरह के लेनदेनों में एक एकल लेनदेन या एकीकृत रूप से एक दूसरे से जुड़े हुए लेनदेनों की एक श्रृंखला शामिल हो और जहां लेनदेनों की ऐसी श्रृंखला एक महीने के भीतर देखी गयी हो; (ख) खंड (क) में संदर्भित लेनदेनों की जानकारी और अपने सभी ग्राहकों की पहचान के रिकॉर्ड्स निर्धारित की जाने वाली अवधि के भीतर निदेशक के समक्ष प्रस्तुत करना. धारा 12 (2) में यह प्रावधान है कि उपरोक्त उल्लिखित उप-खंड (1) में संदर्भित रिकॉर्डों को लेनदेन पूरा होने के बाद दस साल तक बनाए रखा जाना चाहिए। अधिनियम के प्रावधानों की अक्सर समीक्षा की जाती है और समय-समय पर विभिन्न संशोधन पारित किये गए हैं।

तो क्या मोदी ने संविधान के अनुच्छेद 51A(h) का उल्लंघन किया है!

Virendra Yadav : ‘दि हिन्दू ‘ (1 नवंबर) में प्रकाशित अपने इस महत्वपूर्ण लेख में करण थापर ने ध्यान आकर्षित किया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51A(h) में वैज्ञानिक समझ को विकसित करना हर नागरिक का कर्तव्य बताया गया है. करण थापर का प्रश्न है कि क्या एक चिकित्सालय का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री का मिथकों के हवाले से यह कहना उचित है कि भारत में महाभारत काल में ही जेनेटिक साईंस थी क्योंकि कर्ण कुंती के गर्भ से नही पैदा हुए थे और यह भी कि यदि उस काल में प्लास्टिक सर्जरी न होती तो गणेश का मस्तक हाथी का क्यों होता?

‘हैदर’ जैसी फिल्में भारतीय लोकतंत्र में ही संभव है : आशीष विद्यार्थी (इंटरव्यू)

आशीष विद्यार्थी आला दर्जे के कलाकार होने के साथ-साथ सबसे घुल-मिल कर रहने वाले एक आम इंसान भी हैं। बीते 12 दिनों से आशीष इस्पात नगरी भिलाई में यहीं के पले-बढ़े युवा निर्देशक केडी सत्यम की फिल्म ‘बॉलीवुड डायरी’ की शूटिंग में व्यस्त थे। शूटिंग कभी सुबह 10 बजे से रात 12 बजे तक चली तो कभी अगली सुबह 6 बजे तक। शूटिंग के बीच-बीच में जब भी वक्त मिला, आशीष ने टुकड़ों-टुकड़ों में बातचीत की। इस बीच वह सबसे खुल कर मिलते भी रहे। इसके बाद मुंबई रवाना होने से पहले उनके साथ बातचीत का फाइनल दौर चला। आशीष विद्यार्थी मानते हैं कि बीते तीन दशक के मुकाबले आज ज्यादा बेहतर फिल्में बन रही हैं। फिल्मों की व्यस्तता के बीच उन्हें थियेटर को कम वक्त देने का मलाल भी है। हाल की अपनी फिल्म ‘हैदर’ को लेकर वह खुल कर प्रतिक्रिया देते हैं। उनका मानना है कि ‘हैदर’ जैसी फिल्में भारतीय लोकतंत्र में ही संभव है। आशीष विद्यार्थी से हुई पूरी बातचीत सवाल-जवाब की शक्ल में-

हरियाणा दिवस पर पगड़ी को लोकप्रिय करने के अभियान में पत्रकार भी जुटे

भड़ास के लिए थोड़ा ऑफबीट फोटो भेज रहा हूं। हरि‍याणा के कुरुक्षेत्र वि‍श्‍ववि‍द़यालय में हरि‍याणा दि‍वस के मौके पर होने वाले सालाना रतनावली समारोह में इस बार हरि‍याणवी पगड़ी को लोकप्रि‍य करने का प्रयास कि‍या गया। प्रदेश के गवर्नर से लेकर शि‍क्षामंत्री और अभि‍नेत्री मेघना मलि‍क ने भी यहां आकर हरि‍याणवी पगड़ी पहनी.

कैमरों का गरीब के भूखे पेट की जगह लड़कियों के क्लीवेज पर शिफ्ट होना!

इस देश में ऐसी बहुत सी बातें हैं जिनके लिये मरने का दिल करता है….। दिल को छू कर गुजरने के बजाय दिल में उतर गईं ये लाइनें मिली ‘फुगली’ से..। जी हां फुगली मूवी से यूं तो बहुतों ने फुगली देखी होगी लेकिन उस के पीछे का संदेश शायद ही कोई समझा होगा..। फिल्म में एक जगह पृष्ठभूमि से आवाज आती है कि ‘क्या एक लड़की की इज्जत बचाने की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी..।’ अफसोस ये आवाज एक न्यूज चैनल पर चल रही खबर की लाइन है..। और इस पर अफसोस इस बात का है कि मीडियाकर्मी पुलिस प्रशासन, नेताओं पर आरोप लगाते हैं कि वो अपना काम सही से नहीं कर रहे..। काश कि ये कहने से पहले वो जरा अपने गिरेबान में भी झांक लेते..।

विनोद शर्मा मय परिवार चुनाव हार चुके हैं, इसलिए दीपक तले अंधेरा छा रहा है…

Abhishek Srivastava : दिवाली पर अखबारों और चैनलों में पत्रकारों को मिलने वाली बख्‍शीश को लेकर कई दिलचस्‍प किस्‍से बनते हैं। मसलन, इस बार इंडिया न्‍यूज़ में जबरदस्‍त आक्रोश देखा जा रहा है। विनोद शर्मा मय परिवार चुनाव हार चुके हैं, लिहाजा 2 नवंबर बीतने के बाद भी यहां अब तक किसी को वेतन नहीं मिला है। दीपक तले अंधेरा छा रहा है और विनोद शर्मा का चुनाव चिन्ह ‘सिलेंडर’ ब्‍लास्‍ट करने वाला है क्‍योंकि दिवाली पर जो कथित इलेक्ट्रिक केतली सबको बख्‍शीश में दी गई है, उसमें पानी के अलावा कुछ नहीं बनाया जा सकता।

रिलायंस वालों से खफा भूपेंद्र चौबे ने इस्तीफा दिया, मुकदमा से डरे हिंदुस्तान प्रबंधन ने संवाददाता को निकाला

सीएनएन-आईबीएन के एक्जीक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे ने चैनल प्रबंधन से अपने मतभेद के बाद इस्तीफा दे दिया है. सीएनएन-आईबीएन रिलायंस वालों का चैनल है. रिलायंस प्रबंधन किसी हालत में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों को चैनल में नहीं बुलाना चाहता. खासकर काला धन के मामले में डिबेट पर चैनल प्रबंधन ने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता को चैनल में न आने देने का इशारा किया. इससे दुखी और नाराज भूपेंद्र चौबे ने चैनल प्रबंधन से अपना मतभेद जाहिर करते हुए इस्तीफा दे दिया.