एफ एम रेनबो कोलकाता से निकाले गए 100 आरजे, उम्र का हवाला देकर किया बाहर

ऑल इंडिया रेडियो कोलकाता से खबर आ रही है कि यहां उम्र का हवाला देकर तकरीबन 100 रेडियो जौकी (आरजे) को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.ये छटनी कोलकाता के एफएम रेनबो और एफएम गोल्ड से की गई है.images

काव्य पाठ के साथ मनाया वरिष्ठ साहित्यकार नामवर सिंह का 89वां जन्मदिवस

हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार एवं आलोचक डा० नामवर सिंह का 89वां जन्मदिवस  हिंदी भवन, नई दिल्ली में हर्षोल्लास से मनाया गया. इस कार्यक्रम में देश भर से आये कवियों ने काव्य पाठ किया और उनके दीर्घायु जीवन कीकामना की। साहित्यकारों के इस सम्मान से आह्लादित नामवर सिंह ने कहा कि आज उनका दिल भरा है और दिमाग खाली हैayojan

यूपी पुलिस की सुस्त कार्रवाई के ख़िलाफ पीड़ित पत्रकार ने एसपी क्राईम से लगाई गुहार.

उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली का रवैया किसी से छुपा नहीं है. एक सप्ताह पहले गाजियाबाद के लोनी में पत्रकार के घर हुई लाखों की चोरी के मामले में भी पुलिस ढुलमुल रवैया अपनाये हुए है. इसके विरोध में पीड़ित पत्रकार ने बृहस्पतिवार को एसपी क्राईम से मिलकर मामले का जल्द ख़ुलासा कराने की गुहार लगाई. 

उत्तराखंड में कुदरत ने फिर ढाया कहर, मलबे में तब्दील हुए एक गांव की दास्तां

दुनिया में नदियों के किनारे सभ्यताओं के विकास का लंबा इतिहास रहा है.लेकिन पिछले कुछ अरसे से उत्तराखंड में नदी तो क्या छोटे-छोटे गाड़-गदेरे(नाले-झरने) भी यहाँ के मनुष्य के लिए खतरनाक होते जा रहे हैं.पिछले दिनों टिहरी जिले के नौताड नामक स्थान पर बदल फटने और उसके बाद गदेरे में आये भारी मलबे से हुई तबाही ने प्रकृति के विकराल रूप को एक बार फिर सामने ला दिया. नौताड़,राजस्व गाँव जखन्याली का एक छोटा सा तोक है,जहां मुश्किल से 15-20 परिवार निवास करते हैं.यह स्थान घनसाली से लगभग पांच किलोमीटर और पुराने टिहरी शहर को डुबो कर अस्तित्व में आये नए टिहरी शहर से यह लगभग पचास किलोमीटर की दूरी पर है. 30 जुलाई की रात को जब नौताड़ के वाशिंदे सोने गए होंगे तो उन्हें सपने में भी गुमान नहीं रहा होगा कि कैलेण्डर में तारीख बदलने के कुछ घंटों के बाद ही उनका सब कुछ मलबे में दफ़न हो जाएगा.रात में लगभग सवा दो बजे के आसपास, आबादी से लग कर बहने वाला रुईस गदेरा अपने साथ पहले पानी और फिर भारी मात्रा में मलबा ले कर आया.उसने पूरे नौताड़ को तहस-नहस कर दिया.

Uk tragedy 1

नेटवर्क 18 ग्रुप के सीओओ बने आलोक अग्रवाल, सीईओ संजय दुआ इस्तीफा देकर जा रहे आईटीवी

नेटवर्क 18 से दो खबरें आ रही हैं. ग्रुप के सीईओ रह चुके संजय दुआ ने नेटवर्क 18 को अलविदा कह दिया है. सूत्रों के मुताबिक संजय दुआ अब नई पारी आईटीवी के साथ शुरू करने जा रहे हैं. हालांकि यहां वो किस पद पर आएंगे इस बारे में कोई पुख्ता सूचना नहीं मिली है. वहीं दूसरी ओर जी ग्रुप के सीईओ रह चुके आलोक अग्रवाल ने बतौर सीओओ अपनी नई पारी नेटवर्क 18 के साथ शुरू की है.

शाहजहांपुर में वाहनों से रंगदारी वसूलते पांच फर्जी पत्रकार गिरफ्तार

शाहजहांपुर। पत्रकारिता को बदनाम करने वाले पांच फर्जी पत्रकारों को बीती रात कोतवाली पुलिस ने हाईवे पर पशु व्यापारी से रंगदारी बसूलते हुए अरेस्ट कर लिया। पशु व्यापारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पांचों फर्जी पत्रकारों का चालान कर दिया।  शहर कोतवाली अंतर्गत पुलिस चौकी अजीजगंज के प्रभारी वीके मिश्रा ने बताया कि पुलिस को काफी समय से कुछ लोगों द्वारा टोल टैक्स बैरियर के आसपास पशु व्यापारियों व अन्य वाहन चालकों से तथाकथित पत्रकारों द्वारा वसूली किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। पुलिस उनकी फिराक में थी। बीती रात पुत्तूलाल चैराहा निवासी पशु व्यापारी रफी अहमद ने पुलिस को सूचना दी कि टोल टैक्स बैरियर के पास पांच कथित पत्रकारों ने उनकी भैंसों से भरी डीसीएम रोक रखी है और वह सभी रंगदारी मांग रहे हैं। उसने यह भी बताया कि इससे पहले भी यह लोग दो बार पांच-पांच हजार रुपया वसूल चुके हैं। इस सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी वीके मिश्रा ने पांचों तथाकथित पत्रकारों को पकड़ लिया और रात में ही उन्हें थाने लाकर बंद कर दिया।

अखिलेश के लिए रक्षा कवच बनेंगे अमर सिंह!

आखिर चार साल बाद मुलायम सिंह को अचानक अमर सिंह की याद क्यों आयी? इसके पीछे मुझे लगता है कि मुलायम सिंह की बहुत सोची समझी रणनीति है। दरअसल अखिलेश यादव का मुख्यमंत्री बनना सपा के कई दिग्गजों को जिसमें सैफई परिवार के भी कुछ लोग शामिल हैं, शुरुआत से ही पच नहीं रहा है।  लगातार अखिलेश को एक नाकामयाब मुख्यमंत्री साबित करने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सपा के अंदर से ही कुछ लोग प्रयासरत हैं। मुलायम सिंह को भी इन बातों की जानकारी है और वे इन सब बातों से परेशान भी हैं। तभी तो सपा सरकार के अनेकों कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने और अखिलेश यादव की कड़ी मेहनत के बावजूद भी लोकसभा चुनावों में सपा को मुंह की खानी पड़ी। यही कारण है कि मुलायम सिंह ने इस संक्रमण काल में अपने पुराने मित्र अमर सिंह को याद किया।