मुख्यमंत्री के पीए का स्टिंग करने वाले अशोक पांडेय को भी तो जानिए

मैं यह नहीं कहता कि अशोक पांडेय ने जो स्टिंग किया वह फर्जी है, लेकिन लोगों को यह जानना भी बेहद जरूरी है कि आखिर अशोक पांडेय हैं कौन। मूलतः उत्तर प्रदेश उन्नाव के रहने वाले अशोक पांडेय ने कुछ साल पहले ही उन्नाव में नया प्राइवेट डिग्री कालेज खोला था। तब पांडेय जी समाचार पत्र दैनिक हिन्दुस्तान की कानपुर यूनिट में स्थानीय सम्पादक थे। मुझे नहीं मालूम कि एक डिग्री कालेज खोलने में कितनी लागत लगती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या एक पत्रकार अपनी पत्रकारिता की कमाई से डिग्री कालेज खोल सकता है…। खैर आगे बढ़ते हैं। 

उत्तरांचल पुलिस वाले के सामने हाथ जोड़े हुए पत्रकार अशोक पांडेय

हे संसद वाले प्रभु! रेल हादसा प्राकृतिक आपदा नहीं, इसके जिम्मेदार सिर्फ तुम सब !!

रात में कामायनी एक्स. के दुर्घटनाग्रस्त होने के मैसेज आने लगे थे। सुबह हादसे की भयावहता का पता चला। भोपाल जाने के लिए यही मेरी ट्रेन थी। 

आतंक के खेल में एक मासूम के जिंदा पकड़े जाने का मीडिया टेरर

कुछ मित्रों ने जिंदा पकड़े गए आतंकवादी यानी कसब पर मेरी राय जाननी चाही है. मैंने मना किया तो कहने लगे कि लिखने से डरते हैं. अब ये हाल भी नहीं है कि कोई मुझे कुछ कहकर उकसा ले. पर अगर आप सुनना ही चाहते हैं तो लीजिए सुनिए….

पत्रकारों से यूपी के सूचना सचिव के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान

लखनऊ : मेरे ईमानदार पत्रकार साथियों, मेरी आप से विनम्रता के साथ अपील है, नवनीत सहगल जैसे उत्तर प्रदेश की लूट के साम्राज्य के सरगना के जब मैंने दृष्टान्त मैग्ज़ीन में लगातार बेनकाब किए तो वह मेरी पत्रिका के टाइटल को कैंसिल कराने की कोशिश कर रहे हैं। प्रेस पर छापे डलवाए गए। अपने डिपार्टमेंट के तीन अधिकारियों की कमेटी बनाकर एक फर्जी रिपोर्ट बनवाई और उस प्रेस को दबाव डालकर उससे मेरी पत्रिका की छपाई बंद करवा दी.

स्कूटी पर चलती हिंदी साहित्य की बुक शॉप

अंग्रेजी प्रकाशकों की नकलचेपी करते नए-नए फैशनेबुल हुए हिन्दी प्रकाशक लोकार्पण( बुक रिलीज) पर जितने पैसे खर्च कर रहे हैं, संजनाजी की पूरी दूकान में उस लोकार्पण में हाईटी पर खर्च किए जानेवाली रकम जितनी भी पूंजी नहीं लगी होगी..न तो उन्हें आक्सफोर्ड बुक सेंटर या इंडिया हैबिटेट, इंडिया इंटरनेशनल की सुरक्षा मिली है..इनकी न तो एफबी पर पेज है और न ही बाकी प्रकाशकों की तरह लाइक-कमेंट में अपना बाजार देख पाती हैं. जो है, सब धरातल पर, कुछ भी वर्चुअल नहीं.

कानून : सोशल मीडिया पर अब सुप्रीम कोर्ट की भी नजर

सुप्रीम कोर्ट सोशल मीडिया पर नियंत्रण के लिए नया कानून चाहता है. अंग्रेजी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार मकसद अपमानजनक संदेशों के ऑनलाइन प्रसार के कारण सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकना है.

पत्रकारों के लिए ipolicy वर्कशॉप, चार से छह सितंबर तक

सेंटर फार सिविल सोसायटी (सीसीएस), एटलस नेटवर्क व फ्रेडरिक न्यूमन फाऊंडेशन (एफएनएफ) के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए ipolicy (लोकनीति में सर्टिफिकेट) कार्यक्रम। 4-6 सितंबर, 2015 तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रस्तुति का माध्यम हिंदी होगी। इस कार्यशाला में आवेदन के लिए सभी भाषाओं (हिंदी, ऊर्दू, अंग्रेजी इत्यादि) के सभी माध्यमों (टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, पत्रिकाओं इत्यादि) में कार्यरत श्रमजीवी पत्रकार (स्थायी/अस्थायी) स्वीकार्य हैं। 

पुणे में पत्रकारों पर हिंसक भीड़ का हमला, चार घायल

पुणे (महाराष्ट्र) : कामशेत में एक मनसे कार्यकर्ता के मर्डर की रिपोर्टिंग करने गये प्रिन्ट तथा इलेक्टॉनिक मिडिया के रिपोर्टर्स की जमकर पिटाई की गई. हमले में चार पत्रकार घायल हो गये। पत्रकार संगठनों ने घटना पर रोष जताते हुए दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। 

मजीठिया : देवघर के ‘इंडियन पंच’ अखबार प्रबंधन ने कर्मचारियों से खेला घिनौना खेल

देवघर (झारखंड) : मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू करने से बचने के लिए अखबार मालिकों द्वारा नित नये घिनौने हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। यहां से प्रकाशित होने वाले हिन्दी दैनिक ‘इंडियन पंच’ के मालिक ने अखबार में कार्यरत सभी कर्मियों से कहा है कि स्थानीय सहायक श्रमायुक्त ने पूरे स्टॉफ के नियुक्ति पत्र मांगे हैं, ताकि यह पता चले कि यहां कितने कर्मी कार्यरत हैं। उसके बाद हाजिरी रजिस्टर गायब कर दिया गया। फिर नोटिस दिया गया कि सभी कर्मी अपने आईडी कार्ड जमा कर दें। इसके पीछे अखबार प्रबंधन और श्रम विभाग की मिलीभगत बताई जा रही है। 

बांग्लादेश में एक और ब्लॉगर को चाकुओं से गोद डाला

बांग्लादेश में एक और ब्लॉगर निलॉय नील का शुक्रवार को मर्डर कर दिया गया। एक साल में देश में यह चौथा अटैक है। हत्यारों ने ढाका के उपनगर गोरान में उसके अपार्टमेंट में घुसकर चाकुओं से गोद डाला।

महाभ्रष्टाचारी यादव सिंह को बचाने की यूपी सरकार की कोशिश नाकाम, एससी का झटका, सीबीआई जांच पर रोक से इनकार

दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा के सस्पेंड इंजीनियर-इन-चीफ यादव सिंह मामले में सीबीआई जांच पर रोक लगाने से मना कर दिया है। अखिलेश सरकार को इससे तगड़ा झटका लगा है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि यादव ने पूरी व्यवस्था को अपना दास बना लिया है। पिछली 16 जुलाई को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस एसएन शुक्ला ने सीबीआई जांच कराने के आदेश किए थे। इसके बाद अखिलेश सरकार ने यादव सिंह पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

यूपी में लोकायुक्त नियुक्ति पर फिर झटका, राज्यपाल ने सीएम को फाइल बैरंग लौटाई

लखनऊ : लोकायुक्त नियुक्ति पर उत्तर प्रदेश सरकार को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार सुनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकायुक्त नियुक्ति के लिए कैबिनेट से जो प्रस्ताव पारित करा लिया था, गवर्नर राम नाईक ने उसे मंजूरी देने से इनकार करते हुए फाइल सीएम को वापस कर दी है, जबकि सरकार किसी भी कीमत पर जस्टिस रवींद्र सिंह को ही लोकायुक्त नियुक्त कराने पर आमादा है।

फेसबुक पर आतंकी बनने की इच्छा जताने वाला पत्रकार गिरफ्तार

सोशल साइट फेसबुक पर याकूब मेमन को शहीद बताने वाले पत्रकार जुबैर अहमद खान को वसंत बिहार (दिल्ली) की पुलिस ने मुंबई में गिरफ्तार कर लिया है। जुबेर अहमद खान ने अपनी पोस्ट में इस्लामिक स्टेट में शामिल होने की मंशा भी व्यक्त की थी। 

लो, कर लो जी साढ़े आठ करोड़ वाली ‘मन की बात’, मोदी मेहरबान तो मीडिया पहलवान

वाह रे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, ऐसी कौन सी बात कर देते हैं कि सरकारी खजाने को उसे सुनने पर इस तरह न्योछावर कर दिया जा रहा है। पता चला है कि ‘मन की बात’ का सबसे ज्यादा मजा मीडिया लूट रहा है। केंद्र सरकार इस रेडियो कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए अब तक साढ़े आठ करोड़ रुपए फूंक चुकी है। इस कारस्तानी को आरटीआई के जरिए सार्वजनिक किया है आम आदमी पार्टी के मीडिया संयोजक मुल्कराज आनंद ने। 

जनतंत्र के लिए खतरा बने कारपोरेट मीडिया घराने

नेटवर्क 18, दैनिक भास्कर समूह, जी नेटवर्क, टाइम्स ग्रुप या ऐसे तमाम मीडिया समूह जनतंत्र की मूल आत्मा और उसके ढांचे के लिए खतरनाक हैं जो एक ही साथ दर्जनभर से ज्यादा ब्रांड को चमकाने और उनसे अपने मीडिया बिजनेस का प्रसार करने में लगे हैं ? देश के इन प्रमुख मीडिया घरानों के संबंध में अगर ये बात सवाल की शक्ल में न करके स्टेटमेंट देने के तौर पर की जाए तो बहुत संभव है कि इनकी ओर से संबंधित व्यक्ति पर मान-हानि का मुकदमा या कम से कम कानूनी नोटिस तो भेजा ही जाएगा. लेकिन भारत सरकार का सूचना और प्रसारण मंत्रालय, उसकी सहयोगी संस्था ट्राय और मीडिया के मालिकाना हक को लेकर समय-समय पर गठित कमेटी पिछले कुछ सालों से लगातार इस बात को दोहराती आयी है कि जो मीडिया संस्थान एक ही साथ प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, ऑनलाइन और मीडिया के कई दूसरे व्यवसाय से एक साथ जुड़ी है, वो दरअसल देश के लोकतांत्रिक ढांचे और उसकी बुनियाद कमजोर करने का काम कर रहे हैं.

बड़ी बात : फेसबुक फ्रेंड्स के स्टेटस पर मिल जाएगा कर्ज!

सोशल नेटवर्किंग के बादशाह फेसबुक ने एक नया पेटेंट हासिल किया है, जिसमें फेसबुक फ्रेंड्स के स्टेटस के आधार पर ऋण मिल जाया करेगा। 

लैंड बिल : भाजपा की हिफाजत में कारपोरेट मीडिया का अटैक

अंबानी घराने की कारपोरेट मीडिया गतिविधियों को लेकर बेचैनी और सतर्कता का आलम अब छन-छन कर बाहर की सुर्खियां बनने लगा है। उसके नेटवर्क-18 वाले ऑन लाइन समाचार मंच ‘फर्स्‍टपोस्‍ट’ प्रबंधन में पिछले दिनों जो कुछ घटा है, अंदरखाने की बेचैनी का साफ खुलासा कर देता है। इसके पीछे असली मालिक अंबानी घराने का भाजपा-प्रेम …

नेटवर्क-18 के पांच चैनलों में वायाकॉम की साझेदारी का 940 करोड़ का सौदा

मुंबई : अमेरिकी मीडिया कंपनी वायाकॉम इंक ने 940 करोड़ रुपए में प्रिज़्म टीवी प्राइवेट लिमिटेड के पांच क्षेत्रीय चैनलों – कलर्स मराठी, कलर्स कन्नड़, कलर्स बांग्ला, कलर्स ओडिया और कलर्स गुजराती का 50 फीसद मालिकाना हथिया लिया है। 

यूपी का आबकारी मंत्र : खूब पिलाओ-पैसा कमाओ, डीएम बढ़ाएंगे शराब की बिक्री !

उत्तर प्रदेश के किसी बिजनेसमैन  को दिन दिन दूनी रात चैगनी कमाई करने का धंधा करना हो तो राज्य का आबकारी विभाग उसके लिये नजीर बन सकता है।कमाई के मामले मंे आबकारी महकमें ने बड़े-बड़े उद्योगपतियों को पछाड़ दिया है।आश्चर्य की बात यह है कि शराब के कारण प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के साथ-साथ अन्य कई सामाजिक बुराइयों की चिंता सरकार में बैठे लोगों को रत्ती भर भी नहीं है।इसी लिये प्रति वर्ष हजारो करोड़ की आमदनी करने वाले महकमें के बड़े अधिकारी इतनी मोटी कमाई के बाद भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।वह  प्रदेश के तमाम जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर अपने जिले में शराब की खपत बढ़ाने को कह रहे हैं।शराब से परिवार बिगड़ते हैं तो बिगड़े।अपराध बढ़ते हैं तो बढ़ा करें लेकिन आबकारी विभाग का इन बातों से कुछ लेना-देना नहीं है।ऐसा लगता है कि  यूपी के जिलाधिकारियों के पास कोई काम नहीं है।इसी लिये उनके कंधों पर शराब बेचने की जिम्मेदारी डाली जा रही है।सरकारी खजाना भरने के चक्कर में आबकारी विभाग के अधिकारी महापुरूषों की उस नसीहत को अनदेखा कर रहे हैं जिसमें वह कहा करते थे,‘ जो राष्ट्र नशे का शिकार होता है,विनाश उसकी तरफ मुंह बाय खड़ा रहता है।’ 

यादव सिंह प्रकरण : यूपी में ‘ठाकुर’ और ‘सिंह’ दहाड़ रहे, मीडिया समेत बाकी बने घुग्घू,!

लखनऊ (उ.प्र.) : आईपीएस अमिताभ ठाकुर हों या आईएएस सूर्य प्रताप सिंह, इन दोनो जुझारू वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों ने उत्तर प्रदेश में वो कर दिखाया है, जो उम्मीद मीडिया और राजनीतिक विपक्ष से, कथित ईमानदार संगठनों से, जुझारू लेखकों और पत्रकारों से की जानी चाहिए थी। उनके साथ साथ इन वर्गों के लोग हैं जरूर, लेकिन पीछे-पीछे, चुप-चुप। उनमें न उतना साहस दिख रहा है, न उतनी इच्छा शक्ति कि वे सत्ता के कोप का सामना कर सकें। मीडिया तो अपनी गंदी आदत के अनुसार हर उसके साथ हो ले रहा है, जो उसे विज्ञापन दे दे। ये कैसी नीचता की पराकाष्ठा है। सीबीआई के शिकंजे में फंसे यादव सिंह प्रकरण में इन सबकी भूमिका ने उनके चेहरे से पर्दा हटा दिया है। खुल्लमखुल्ला ललकार रहे, दहाड़ रहे हैं तो सिर्फ ठाकुर और सिंह…

स्टार इंडिया ने बालाजी टेली फिल्‍म में अपने 25.99 प्रतिशत शेयर बेचे

स्‍टार इंडिया ने बालाजी टेली फिल्‍म में अपने सभी 25.99 प्रतिशत शेयर भले बेच दिए हैं लेकिन उसके साथ उनकी कंपनी के रिश्ते पहले की तरह बरकरार हैं। यह कदम उनकी कंपनी की एक रणनीति के तहत उठाया गया है।  

ट्राई से नया टैरिफ आदेश सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया

सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार विवाद निपटान व अपीलीय ट्राइब्यूनल (टीडीसैट) के उस आदेश पर स्टे देने से मना कर दिया है जिसमें भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा की गई मुद्रास्फीति से जुड़ी 27.5 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि को खारिज कर दिया गया था। 

लखनऊ सहारा के पत्रकार ने वेतन न मिलने पर पांच माह का अवकाश मांगा

राष्ट्रीय सहारा लखनऊ के वरिष्ठ उप संपादक रवि कुमार ने शीर्ष प्रबंधन को प्रेषित एक पत्र में बताया है कि नियमित वेतन न मिलने से उनके परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे वह भारी मानसिक कष्ट से गुजर रहे हैं। हर महीने किसी तरह से सिर्फ आधा वेतन दिया जा रहा है और काम पूरा लिया जा रहा है। वह चाहते हैं कि 6 अगस्त 2015 से दिसंबर 2015 तक उन्हें अवैतनिक अवकाश दे दिया जाए ताकि वह जीविकोपार्जन का कोई और रास्ता ढूंढ सकें।

जी न्यूज से निकाले गए 26 स्ट्रिंगर और रिपोर्टर जाएंगे कोर्ट

जी न्यूज के 26 स्ट्रिंगरों को पूर्व सूचना और उनके बकाया देय के भुगतान के बिना हटा दिया जाना चैनल प्रबंधन को भारी पड़ सकता है। बताया गया है कि चैनल हेड दिलीप तिवारी, इनपुट हेड विकास कौशिक और भोपाल ब्यूरो प्रमुख आशुतोष गुप्ता ने षड्यंत्र पूर्वक हटा दिया। स्ट्रिंगरों ने 31 जुलाई तक खबरें भेजी थीं, लेकिन यह कहकर होल्ड रखा गया कि खबरें नहीं चलाई गईं। वहीं खबरें अन्य एजेंसी से लेकर प्रसारित की जाती रहीं। 

ग्रेनो सेक्स रैकेट : गुनहगार दो पत्रकारों का चेहरा बेनकाब करने की सीएम से सिफारिश

ग्रेटर नोएडा की कांशीराम कॉलोनी में 22 जुलाई 2015 को छापे के दौरान पकड़े गए सैक्स रैकेट मामले की उच्च स्तर पर लीपापोती की जा रही है। असली गुनहगारों और पकड़े गए दो पत्रकारों को इसलिए बचाया जा रहा है कि उसमें हाई-प्रोफाइल लोगों के गले फंसे हुए थे। इस संबंध में ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ नामक संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रेषित एक लिखित फरियाद में कहा गया है कि यदि रैकेट के असली गुनहगारों का चेहरा पूरी सूची के साथ मीडिया के सामने बेनकाब नहीं किया गया तो वे समाज को गंदा करते रहेंगे। उस मामले को दबाया जा रहा है। उसकी उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने के बाद दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। 

मजीठिया : श्रम आयुक्त ने होशंगाबाद भास्कर के संपादक की पहल ठुकराई

मजीठिया मामले पर होशंगाबाद दैनिक भास्कर प्रबंधन के तौर-तरीकों से नाराज श्रम आयुक्त ने संस्थान के कर्मचारियों की दिक्कतों के साथ सहानुभूति रखते हुए संपादक की सिफारिश को अनसुना करते हुए दोनो पक्षों में समझौता कराने से इनकार कर दिया है। श्रम आयुक्त का कहना है कि अब जो भी होगा, अदालत में होगा। मामला लेबर कोर्ट में चल रहा है।  

पत्रकारों के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में जाने पर पाबंदी

नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से पत्रकारों को रक्षा, गृह, विदेश, वित्त मंत्रालय के बाद अब संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन में भी जाने पर मौखिक आदेश के जरिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। पत्र सूचना कार्यालय भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी इन मंत्रालयों में जाने पर सुरक्षाकर्मी तभी अंदर जाने देते हैं जब अधिकारी चाहें।

दक्षिण भारतीय पत्रकार कुख्यात आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल

मीडिया सूचनाओं के मुताबिक पालाक्‍कड के एक मलयालम समाचारपत्र से इस्तीफा दे चुके एक पत्रकार के कुख्यात आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में सक्रिय होने की जानकारी मिली है।

मीडिया भी उसकी अंगुलियों पर नाच रहा

यह ‘सुपर पंच’ है! ‘मैं हिंदुओं को मारने आया था… मुझे हिंदुओं को मारने में मजा आता है…!’ तमाम खबरों के माथे पर बैठे इस हेडिंग ने एक झटके में वह काम कर दिया, जो पिछले कई दिनों से लगातार कभी अचानक कलाम की मौत का संयोग तो उसके बरक्स सचेतन कभी याकूब को फांसी, कभी डीएनए तो कभी पोर्न जैसे शिगूफ़ों की कूथम-कुत्था नहीं कर पा रही थी…! अब ललित-गेट क्या था… व्यापमं का व्यापक घोटाला क्या था… जाति जनगणना का सवाल कहां गया… इन सब सवालों को गहरी नींद में सुला दिया जा चुका है…!

जयपुर भास्कर कर्मियों का श्रम विभाग पर दबाव बरकरार, लेबर इंस्पेक्टर की लीपापोती की कमिश्नर से शिकायत

सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार मजीठिया की जाँच में जयपुर लेबर इंस्पेक्टर द्वारा चल रही लीपा पोती और खानापूरी के संदर्भ में जयपुर भास्कर की टीम ने जॉइंट लेबर कमिश्नर को अपनी शिकायत देकर मैनजमेंट के खिलाफ अपना दबाव बरकरार रखा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हर मीडिया कर्मी को उसका हिस्सा मिले। जो बुरा करे, उसके साथ बुरा हो और अच्छे के साथ बहुत अच्छा, ये भी ईश्वर का नियम है। शिकयत संलग्न है –

‘मजीठिया’ पर पीएम की चुप्‍पी कर्मचारियों का खून पीने वाले मीडिया मालिकों के पक्ष में

DNA या यूं कहें Deoxyribonucleic acid, the molecule that carries genetic information about all living. अर्थात डीएनए वह अणु है जो सभी जीवधारियों की आनुवंशिक सूचनाओं का संवहन करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार के बारे में डीएनए खराब होने की टिप्‍पणी करके एक नई बहस को हवा दे दी है। लेकिन अब तक प्रधानमंत्री ने जिन हरकतों को अंजाम दिया है, उससे उनका भी डीएनए सवालों के घेरे में आ गया है। वह अपने को चाय वाला बता कर गरीबों से निकटता का प्रदर्शन भले ही करें, लेकिन उनके डीएनए में गरीब विरोधी और कारपोरेट समर्थक व्‍यक्ति की पहचान उभर कर सामने आई है। यह अलग बात है कि उनके मनसूबों पर लगातार पानी फिर रहा है।

हरदा रेल हादसा प्राकृतिक था तो पुल-पटरियां भगवान ही बचाए

एक ओर मीडिया की आंखों से देश को दिखाया जा रहा एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन का सपना। दूसरी ओर एक ही रात में दो दो ट्रेन हादसे, दर्जनों लोगों की मौत। अंग्रेजों के ज़माने के रेलवे पुल, जर्जर पटरियां और लचर परिचालन। इतने बड़े देश के रेलवे की गिनती दुनिया की सबसे घटिया रेल व्यवस्था में। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा कह रहे हैं कि हरदा ट्रेन हादसा प्राकृतिक था। ये तो वही बात हुई कि प्राकृतिक आपदा है तो पुल और पटरियां भगवान ने बनाई थीं, वही जाने ? रेल मंत्रालय बुलेट ट्रेन चलायेगा हवा में।

ये है जागरण के पत्रकार की राजनीतिक समझ का तकाजा

दैनिक जागरण के दिल्ली ब्यूरो का ज्ञान भी अजीब है. चा अगस्त के अंक में ‘पी एम ने विपक्ष की ओर बढ़ाया हाथ’ न्यूज़ में एक छोटी न्यूज़ लगी है.”पुराना रहा है निलंबन का इतिहास”. इसमें 1989 में लोक सभा का स्पीकर एच के एल भगत को बताया गया है.

पुस्तक-समीक्षा : पं.दीनदयाल उपाध्याय की याद दिलाती एक किताब

भारतीय जनता पार्टी के प्रति समाज में जो कुछ भी आदर का भाव है और अन्य राजनीतिक दलों से भाजपा जिस तरह अलग दिखती है, उसके पीछे महामानव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तपस्या है। दीनदयालजी के व्यक्तित्व, चिंतन, त्याग और तप का ही प्रतिफल है कि आज भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर राजनीति के शीर्ष पर स्थापित हो सकी है। राज्यों की सरकारों से होते हुए केन्द्र की सत्ता में भी मजबूती के साथ भाजपा पहुंच गई है। राजनीतिक पंडित हमेशा संभावना व्यक्त करते हैं कि यदि दीनदयालजी की हत्या नहीं की गई होती तो आज भारतीय राजनीति का चरित्र कुछ और होता। दीनदयालजी श्रेष्ठ लेखक, पत्रकार, विचारक, प्रभावी वक्ता और प्रखर राष्ट्र भक्त थे। सादा जीवन और उच्च विचार के वे सच्चे प्रतीक थे। उन्होंने शुचिता की राजनीति के कई प्रतिमान स्थापित किए थे। उनकी प्रतिभा देखकर ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि यदि मेरे पास एक और दीनदयाल उपाध्याय होता तो मैं भारतीय राजनीति का चरित्र ही बदल देता।

टाइम्स आफ इंडिया में बंपर भर्ती का ऑफर

टाइम्स आफ इंडिया में बंपर भर्ती का ऑफर है। अखबार में कई पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इस आवेदन में कापी एडिटर, सीनियर कापी एडिटर, चीफ कापी एडिटर और संवाददाता शामिल हैं। ये जॉब उसके दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव ऑफिस के लिए हैं। 

जीत गयी एप्पको, हार गया तर्क

ये कोई मजाक है कि जिस देश का भावी प्रधानमंत्री एप्पको जैसी पीआर एजेंसी की सेवा ले रहे हों और उसका सीधा लाभ भी मिल जाए, वही पीआर एजेंसी मैगी जैसे उत्पाद के लिए फिल्डिंग करे और हार जाए.

ये लिखते हुए मेरा कलेजा भर आया, अपने बच्चों की शक्ल याद आई

ये लड़का जो पकड़ा गया है कासिम खान । क्या उम्र होगी ? बमुश्किल 20 – 22 साल या शायद उस से भी कम ? 16 – 17 साल ? मुझे कसाब की शक्ल भी याद आती है । वो तो इस से भी छोटा था उम्र में । सच कहूँ, मुझे कभी गुस्सा नहीं आया कसाब पर, बल्कि दया आई ।

देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार अशोक पांडेय का मकान ढहाया गया

देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सचिव आईएएस मोहम्मद शाहिद का स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार अशोक पांडेय का घर मंगलवार को मसूरी-देहरादून डिवेलपमेंट अथॉरिटी ने ढहा दिया। स्टिंग में शाहिद राज्य में शराब की बिक्री संबंधी नीतियों को बदलने के लिए रिश्वत की मांग करते दिखाए गए थे।

कलाम और याकूब की खबरों के साथ खिलवाड़ की आलोचना

याकूब मेमन की फांसी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम के निधन से जुड़ी खबरों पर इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया के रवैये को लेकर देश के बौद्धिक जगत में जमकर आलोचना का सिलसिला सोशल मीडिया पर अभी थमा नहीं है। 

सहारा मीडिया दस साल के लीज पर विदेशी कंपनी के हवाले, पहली सितंबर से चार्ज संभालेगी

राष्ट्रीय सहारा ग्रुप प्रबंधन ने अपना पूरा मीडिया तंत्र पहली सितंबर से विदेशी कंपनी की साझेदारी में संचालित करने का निर्णय लिया है। अब सहारा मीडिया में उस कंपनी की 15 प्रतिशत और सहारा की 85 प्रतिशत साझेदारी होगी। मीडिया कर्मियों की सैलरी भी अब उसी कंपनी के माध्यम से जारी होगी। पता चला है कि इस हाई प्रोफाइल डील में सहारा उर्दू दिल्ली के ग्रुप एडिटर फैजल का हाथ रहा है। कंपनी के चेयरमैं सुव्रतो रॉय ने अपने शीर्ष अधिकारियों तक से कहा है कि तकनीकी कराणों से कंपनी का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। वह कंपनी कौन सी है, इसको लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। 

न्यायालय का चाबुक चला न संपादकजी! तो आप भी ‘त्राहिमाम’ करते नजर आएंगे

प्रदेश में नंबर वन का दावा करने वाले अखबार के पहले कॉलम में छपे एक लेख का शीर्षक है- त्राहिमाम् ! लेख में पत्रकारिता के स्वयंभू पुरोधा कहलाने वाले इन महोदय ने जिस प्रकार से सरकार और सरकारी कर्मचारियों पर तंज कसे हैं, काबिले तारीफ है। 

मध्य प्रदेश में कामायनी और जनता एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 28 रेल यात्रियों की मौत

भोपाल : हरदा के करीब चार अगस्त 2015 की रात एक ही जगह दो ट्रेन हादसे का शिकार हो गईं। इसमें 28 लोगों की मौत हो चुकी है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इस हादसे को प्राकृतिक आपदा बताया है। रेलवे प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि हादसे से आठ मिनट पहले इसी रूट पर अन्य ट्रेनें निकलीं, लेकिन उनके ड्राइवरों को किसी खतरे का अंदेशा नहीं हुआ। सक्सेना के मुताबिक, किसी बांध के टूटने से फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़ आना) की स्थिति पैदा हुई होगी। बाढ़ के पानी की वजह से ट्रैक के नीचे की मिट्टी निकल गई होगी और पटरियां धंस गई होंगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने भी अचानक से बाढ़ आने का अंदेशा जताया है। हालांकि, हादसे की असल वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मामले की सीआरएस (कमिश्नर रेलवे सेफ्टी) जांच के आदेश दिए गए हैं।

ये तुमने क्या कर दिया ‘द ट्रिब्यून’

यक़ीनन अंग्रेजी अख़बार द ट्रिब्यून विश्वसनीय अख़बार है, लेकिन कितना ? प्रतियोगिता की इस अंधी होड़ में द ट्रिब्यून भी बिना परखे सुनी सुनाई खबरें लगा रहा है। द ट्रिब्यून ने सोमवार को लुधियाना एडिशन में खबर प्रकाशित की कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ के बारे में आपत्तिजनक मैसेज भेजने पर अकाली पार्षद कंवलजीत सिंह कड़वल पर पुलिस ने एफ.आई.आर दर्ज की है।

सूचना सचिव से लड़ाई भारी पड़ी, ‘दृष्टांत’ के संपादक अनूप गुप्ता का मकान आवंटन निरस्त

लखनऊ : हिंदी पत्रिका ‘दृष्टांत’ के संपादक अनूप गुप्ता और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल की आपसी खींचतान चरम पर पहुंच चुकी है। बताया जाता है कि एक खबर को लेकर दोनो के बीच पैदा हुई रंजिश के चलते सहगल के इशारे पर अनूप गुप्ता का मकान आवंटन निरस्त कर दिया गया है। इस समय अनूप गुप्ता उसी मकान में रह रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि शासन की इस मनमानी को गुप्ता कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। 

यादव सिंह के घर से ससुराल तक 14 ठिकानों पर सीबीआइ के छापे, कोठी सील

सीबीआई ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उनके घर से ससुराल तक एक साथ 14 ठिकानों पर छापा मारा। इसमें यादव सिंह का दफ्तर भी शामिल रहा। आज सुबह नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सीबीआइ की टीम ने यादव सिंह के ठिकानों पर छापा मारने पहुंची। 

‘बजंरगी भाईजान’ वाले असली रिपोर्टर चांद नवाब ने बच्चे को पीटा, वीडियो वायरल

फिल्म ‘बजंरगी भाईजान’ से चर्चित हुए पाकिस्तान के पत्रकार चांद नवाब का इन दिनो वायरल हो रहा एक वीडियो उनकी खूब छीछालेदर करा रहा है। एक रिपोर्ट लाइव प्रसारित होने के दौरान कैमरे के सामने आने पर वह एक बच्चे पर थप्पड़ बरसाने लगते हैं। 

पत्रकारों के साथ गहरी साजिश का अंदेशा, भविष्य निधि की साइट कई दिनो से निष्क्रिय

केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन संचालित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ, इण्डिया) की साइट पिछले कई दिनों से डाउन चल रही है या डाउन कर दी गई है, जिससे मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों को अपनी ईपीएफ पासबुक निकालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

संस्कृति पर अशोक वाजपेयी और तरुण विजय के बोल-कुबोल

असगर वजाहत : ‘हंस’ पत्रिका द्वारा आयोजित ‘राजनीति की सांस्कृतिक चेतना’ विषय पर गत दिनो आयोजित गोष्ठी में बोलते हुए हिन्दी के वरिष्ठ कवि और कला समीक्षक अशोक वाजपेयी ने कहा कि हमारे देश या कम से कम उत्तर भारत में भाषाएँ, साहित्य, ललित कलाएं, संगीत आदि सांस्कृतिक रूपों की स्थिति बहुत चिंताजनक है. इसके बिलकुल विपरीत भाजापा और आर.एस.एस के नेता तरुण विजय ने कहा की भारतीय संस्कृतिक आगे बढ़ रही है. उन्होंने मानसरोवर यात्रा और अक्षरधाम मंदिर का हवाला देते हुए कहा कि भरतीय संस्कृतिक का विकास हो रहा है.

धन्यवाद सुप्रीम कोर्ट, शर्मनाक सुब्रतो रॉय !

आज देश की सर्वोच्च अदालत ने ठीक वही कहा, जो हम शुरू से कहते आ रहे हैं. सहारा के मालिक सुब्रतो रॉय की सबसे बड़ी धूर्ततापूर्ण बात तो यही थी कि इतनी बड़ी कम्पनी का मालिक होते हुए भी अपने आप को सहारा परिवार का मुखिया कहता था और पूरे साम्राज्य का मनचाहा इस्तेमाल करता था. 

अमर उजाला गोरखपुर से तीन गए, चार और के जाने की अटकलें

गोरखपुर अमर उजाला के संपादकीय विभाग से तीन पत्रकारों ने नाता तोड़ लिया है। सीनियर सब एडिटर सुनील सिंह ने हिंदुस्तान मुजफ्फरपुर और सब एडिटर दिलीप जायसवाल ने दैनिक जागरण मुजफ्फरपुर ज्वाइन कर लिया है। सब एडिटर मुकेश सिंह ने भी संस्थान को बॉय-बॉय कह दिया है। वह पहले नोयडा स्थित एक न्यूज चैनल में कार्यरत थे। 

‘नेशनल दुनिया’ के कर्मचारियों का पैसा खा गए शैलेंद्र भदौरिया

दोस्तों, इस सूचना के माध्यम से हम आपका ध्यान इस ओर दिलाना चाहते हैं कि अगर आप या आपका कोई मित्र, रिश्तेदार, जानकार ‘महाराणा प्रताप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स यानी ‘एमपीजीआई’ के किसी संस्थाीन में प्रवेश लेना चाहता है, नौकरी करने वाला है या किसी अन्य तरह से जुड़ने जा रहा है तो इस बात से सचेत रहे कि यह ग्रुप अपने यहां काम करने वालों के पैसे नहीं देता। 

दगाबाज भास्कर : मीडिया कर्मियों को बनाया ‘एमपी प्रिंटर’ का ‘सीनियर मैनेजमेंट एसोसिएट’

दैनिक भास्कर ने अपने सभी कर्मचारियों को ऐसा धोखा दिया है,जिसे वे अब तक नहीं समझ पाए थे। इन्क्रीमेंट के नाम पर उन्हें जो लेटर दिया गया है, उसके माध्यम से उन्हें ठेकेदारी के तहत ‘एमपी प्रिंटर’ कंपनी का ‘सीनियर मैनेजमेंट एसोसिएट’ कर्मचारी घोषित कर दिया गया है। इस खुली धोखाधड़ी से कर्मचारियों में भारी रोष है।

दिल्ली पुलिस ने झूठी खबर पर जागरण को थमाया नोटिस

दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी राजन भगत ने दैनिक जागरण के संपादक को प्रेषित एक लिखित स्पष्टीकरण में आगाह किया है कि वह अपने संवाददाता को विभाग के संबंध में अनधिकृत खबरें न देने की ताकीद करें। साथ ही, दैनिक जागरण में “आप की खबरें करती हैं लोगों का मनोरंजन: भीम सेन बस्सी” शीर्षक से प्रकाशित समाचार पर हमारा पक्ष ठीक से प्रकाशित करें। 

देहरादून सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने अखबार छोड़ा

देहरादून राष्ट्रीय सहारा के यूनिट हेड मृदुल बाली ने गत दिनो आधिकारिक तौर पर बता दिया कि वह सहारा छोड़ रहे हैं। हालाँकि उनके जाने की चर्चा पहले से जोरों पर थी, जिसे उन्होंने बातचीत के दौरान हड़ताली कर्मचारियों से स्वीकार किया था। हड़ताल समाप्त होने वाले दिन से अवकाश पर चले गए थे । 

नियमितीकरण के लिए आकाशवाणी के उद्घोषकों का जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन

दिल्ली : अखिल भारतीय आकस्मिक उद्घोषक/ कम्पीयर कर्मचारी एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मनोज कुमार पाठक ने बताया कि नियमितीकरण की मांगों के समर्थन में सभी आकस्मिक उद्घोषकों (कम्पीयर) ने 3 एवं 4 अगस्त को जंतर-मंतर पर शांति पूर्ण तरीके से दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। 

अपने आप से संवाद : काश आप जैसे सभी मुसलमान हो जाएँ

मुसलमान अनपढ़ और जाहिल होते हैं. लेकिन मैं ऍम.ए, पी-एच.डी हूँ. मुसलमान अधिक बच्चे पैदा करते हैं. मेरा तो एक ही बेटा है. मुसलमान देश का नहीं, पाकिस्तान का झंडा फहराते हैं. मैंने पाकिस्तान पर किताब लिखी है. आप उसे पढ़ लें. समझ लेंगे कि मैं किसका झंडा फहराता हूँ.  मुसलमान टैक्स नहीं देते. टैक्स तो मेरे वेतन से कटा करता था. रिटायर होने के बाद पेंशन से कटता है. मुसलमान आतंकवादी होते हैं. मैं हर तरह के आतंक का विरोधी हूँ.

पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड के गवाहों को बचाना जरूरी : आईपीएस अमिताभ

लखनऊ : शाहजहांपुर के दिवंगत पत्रकार जागेंद्र सिंह के बेटे के अचानक मंत्री राममूर्ति वर्मा के पक्ष में बयान देने के बाद आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस मामले में जागेंद्र के लड़कों सहित सभी गवाहों की रक्षा करने और सच्चाई सामने लाने के लिए राज्य सरकार को उपयुक्त माहौल बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।

अखबार मालिकों की गोद में बैठे श्रम इंस्पेक्टरों की आयुक्त से शिकायत

जयपुर : दैनिक भास्कर जयपुर में मैनेजमेंट के सामने बैठ कर जाँच के नाम पर लीपापोती करने वाले लेबर इंस्पेक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गई है। 

कथाकार काशीनाथ सिंह को उ.प्र. हिंदी संस्थान का ‘भारत भारती सम्मान’

लखनऊ : उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से आज वर्ष 2014 में प्रकाशित पुस्तकों पर सम्मान एवं पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई। इसके अंतर्गत संस्थान ने सुप्रसिद्ध कथाकार काशीनाथ सिंह को भारत-भारती सम्मान, उपन्यासकार मृदुला गर्ग को लोहिया साहित्य सम्मान, विनोद कुमार शुक्ल को हिंदी गौरव सम्मान, डॉ.कृष्ण बिहारी मिश्र को महात्मा गांधी साहित्य सम्मान, प्रो.अभिराज राजेंद्र मिश्र को पं.दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान, डॉ.रामकृष्ण राजपूत को अवंती बाई साहित्य सम्मान, कर्नाटक हिंदी प्रचार समिति, बैंगलूर को राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन सम्मान देने की घोषणा की है। 

जयप्रकाश त्रिपाठी की पुस्तक ‘मीडिया हूं मैं’ को ‘बाबूराव विष्णु पराड़कर पुरस्कार’

उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से आज वर्ष 2014 में प्रकाशित पुस्तकों पर सम्मान एवं पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई। इसके अंतर्गत संस्थान ने पत्रकारित पर केंद्रित पुस्तक ‘मीडिया हूं मैं’ को ‘बाबूराव विष्णु पराड़कर पुरस्कार’ से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

मजीठिया वेतनमान : बीजेयू भोपाल की सक्रियता से जागा मप्र का श्रम विभाग

भोपाल : इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) नई दिल्ली से संबद्ध भोपाल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन भोपाल शहर की सक्रियता के चलते आखिरकार मध्यप्रदेश के श्रम विभाग को जागना ही पड़ा और इसी के तहत उसने मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने से पहले मीडिया संस्थानों में सेवारत पत्रकार एवं गैर पत्रकारों से अपने सुझाव एवं शिकायते एक वेबसाइट के माध्यम से 9 अगस्त तक आमंत्रित किए हैं ताकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गत 28 अप्रैल 2015 को सभी राज्यों के श्रम विभाग से मजीठिया की अनुशंसाओं को लागू करने संबंधी दिए गए आदेश की विस्तृत तथा निष्पक्ष रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट की समयावधि में प्रस्तुत की जा सके। 

आपत्तिजनक शब्दों की फेहरिस्त सेंसर बोर्ड ने वापस ली

सेंसर बोर्ड ने आपत्तिजनक शब्दों की विवादास्पद सूची वापस ले ली है। गौरतलब है कि पहलाज निहलानी के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) का अध्यक्ष पद संभालने के बाद ये विवादास्पद शब्दों की सूची प्रसारित की गई थी। 

टीवी चैनलों के हद लांघने का जेटली ने किया खुलासा

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में पिछले दिनो बताया कि पिछले तीन सालों में कार्यक्रम संहिता के उल्लंघन के 86 मामलों में सरकार ने कार्रवाई की है। इन मामलों में से 20 मामलों में टीवी चैनलों को ट्रांसमिशन रोकने के लिए कहा गया था। टीवी चैनलों को हिंसा भड़काने या किन्हीं परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकने वाले कार्यक्रमों के प्रसारण पर सामान्य रूप से परामर्श जारी किया गया है। उनका प्रसारण रोका गया। अन्य मामलों में प्रसारण मंत्रालय ने कार्यक्रम, विज्ञापन कोड का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए चैनलों को खास चेतावनी दी।

सोशल मीडिया पर सरकार की नजर, अब खास निगरानी की रणनीति

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार कट्टरपंथी विचारधारा से दूर करने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी  विचार कर रही है। केंद्रीय गृह सचिव एलसी गोयल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में गत दिनो एक इस तरह की रणनीति को औपचारिक रूप दिया गया।    कुछ राज्यों में कट्टरपंथ के मामले सामने आने के मद्देनजर …

देश में साढ़े आठ सौ से ज्यादा पोर्न साइट्स ब्लॉक करने के आदेश

पिछले हफ्ते कुछ टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स ने पोर्न साइट्स ब्लॉक कर दिए तो ये अटकलें लगाई जानें लगीं कि सरकार ने देश में पोर्न साइट्स पर बैन लगा दिया है। अब एक मीडिया रिपोर्ट से इस खबर को और बल मिला है। खबर है कि केंद्र सरकार ने प्रोवाइडर्स को 850 से ज्यादा पोर्न साइट्स …

फिल्म ‘मसान’ पर तसलीमा ने तारीफ के पुल बांधे

प्रसिद्ध उपन्यास लेखिका तसलीमा नसरीन को फिल्म मसान बेहद पसंद आई है। बांग्लादेशी लेखिका ने कहा कि मुझे वैसे तो हिंदी फिल्मों से ज्यादा उम्मीद नहीं होती लेकिन मसाम ने उन्हें हैरान कर दिया है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा, ‘मुझे हिंदी फिल्मों से ज्यादा उम्मीदें नहीं होतीं लेकिन मेरे पास ‘‘मसान’’ की तारीफ के लिए …

पथराव, तोड़फोड़ में कई पत्रकार घायल

जोधपुर नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान गत दिवस लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी के बावजूद पथराव, तोड़फोड़ से क्रोधित लोगों ने निगम दस्ते को निशाने पर ले लिया। इसमें कई पत्रकारों को भी चोटें आई हैं। आंसू गैस के गोले छोड़ कर हालात नियंत्रित किया जा सका।  …

सीएम की पत्नी डिंपल के लोकसभा क्षेत्र में पत्रकार को गोली से उड़ाया

कन्नौज : यूनाइटेड भारत समाचारपत्र के पत्रकार की गत दिवस जमीन के विवाद में गोली मार कर हत्या कर दी गई। गौरतलब है कि कन्नौज प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का लोकसभा क्षेत्र है। जब उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी पत्रकार सुरक्षित नहीं तो, प्रदेश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था …

घाटे के कारण गोवा का दैनिक अखबार ‘सुनापरंत’ बंद होने के कगार पर

गोवा का एक अदद दैनिक कोंकणी समाचारपत्र ‘सुनापरंत’ घाटे के कारण तीन दशक पूरे करने से पूर्व ही बंद होने जा रहा है। ये समाचारपत्र प्रदेश के प्रमुख खनन उद्योगपति दत्तराज सलगांवकर का है। अखबार प्रबंधन के मुताबिक ‘सुनापरंत’ 1987 में शुरु हुआ था। मालिकानों का कहना है कि भारी घाटे के कारण अब अखबार …

यूपी में आपात काल : धमकी मिलीं, प्रतीक्षा सूची में डाला, लो मैं सड़क पर आ गया, प्रदेश छोड़ना पड़ेगा

अखबारों से ज्ञात हुआ कि आज मेरा स्थानांतरण कर ‘प्रतीक्षा’ में रख दिया गया। किसी विभाग से किसी प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी को हटाकर ‘प्रतीक्षा’ में तभी डाला जाना चाहिए, जब उस विभाग में कोई ‘घोटाला’ या कदाचार किया गया हो, तथा उस अधिकारी को निष्पक्ष जांच हेतु हटाना जरूरी हो। आज कई चेतावनी, धमकियां मिलीं। लगता है कि अब प्रदेश ही छोड़ना पड़ जायेगा या फिर छिपे-छिपे फिरना पड़ेगा। अंग्रेजी उपनिवेशवाद की याद आती है। आपातकाल जैसा लगता है।

फोटो पत्रकार की हत्या, अपार्टमेंट में मिले पांच लोगों के शव

मैक्सिको की एक खोजी पत्रिका प्रोसेसो के मुताबिक मैक्सिको सिटी में एक अपार्टमेंट में पांच लोगों के शव मिले, जिनमें एक फोटो पत्रकार का शव भी है। फोटो पत्रकार रूबेन एस्पिनोसा शुक्रवार से लापता थे और शनिवार दोपहर उनके परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की। उनके शरीर पर दो जगह गोली लगने के निशान थे।

डीएम ने मुर्गा न बनने पर पत्रकार की बाइक पुलिस को सौंप दी

बाराबंकी (उ.प्र.) : जिलाधिकारी ने सरेआम मामूली सी बात पर कल सुबह 10.21 बजे डीएम ऑफिस मोड़ पर ‘क्राइम रिब्यू’ के पत्रकार रामशंकर शर्मा को पहले मुर्गा बनने को कहा। ऐसा न करने पर पुलिस को बुलाकर पुनः दबाव बनाया। 

प्रेमचन्द जंयती पर ‘लक्ष्य कला मंच’ ने किया ‘सवा सेर गेहूं’ का मंचन

वाराणसी (भाष्कर गुहा नियोगी) :  तो क्या आज भी दौलत और ताकत के आगे इंसान से लेकर भगवान तक विवश हैं? मुंशी प्रेमचंद  की जयंती पर उनके ठीहे लम्ही में लक्ष्य नाट्य मंच के कलकारों ने सवा सेर गेहूं की प्रस्तुति कर इस सवाल को उठाया। भूमिहीन शंकर जब महाजन पाण्डेय महाराज से कहता है, हम तो आनाज दे देंगे सरकार, पर याद रखियेगा, एक भगवान का घर भी है…… तो महाजन जवाब देते हैं, वहां की चिंता तू कर, वहां हमे कुछ नहीं होगा, वहां, सुर, असुर, देवी- देवता, महात्मा सब ब्राहम्ण ही तो हैं, जो कुछ होगा, हम संभाल लेंगे। 

प्रेमचंद जयंती पर लमही में सवा सेर गेहूं का मंचन करते वाराणसी के कलाकार

ओम थानवी के अवदानों को भुलाया नहीं जा सकता

जनसत्ता के प्रधान संपादक ओम थानवी ढाई दशकों के बाद सेवानिवृत्त हुए. मेरा मानना है कि उनका अनुभव नवांकुर पत्रकारों के लिए एक प्रेरक किस्सा होगा, अगर आप चाहे तो ? नई पीढ़ी के पत्रकारों को उनके अनुभवों का लाभ मिलना चाहिए। 

हल्द्वानी में पत्रकार गौरव गुप्ता और दानिश खान का सम्मान

हल्द्वानी। समूह ग पेपर के लीक होने के मामले में खोजी पत्रकारिता करने वाले देवभूमि पोलखोल समाचार पत्र के सम्पादक गौरव गुप्ता व रामनगर के संवाददाता दानिश खान को जिलाधिकारी दीपक रावत और उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने हल्द्वानी में शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। 

‘कलास्रोत’ के दोनो अंक उम्मीद जगाते हैं : पंकज सिंह

लखनऊ में समारोहपूर्वक त्रैमासिक पत्रिका ‘कलास्रोत’ के नवीन अंक का लोकार्पण हुआ। इस मौके पर वरिष्ठ कवि, कला समीक्षक एवं बीबीसी के पूर्व पत्रकार पंकज सिंह ने कहा है कि कलाएं मनुष्य की आत्मा का उन्नयन करती हैं। वे मनुष्य को थोड़ा और बेहतर मनुष्य बनाती हैं।पत्रकार आलोक पराड़कर द्वारा सम्पादित यह पत्रिका कला, संगीत एवं रंगमंच पर आधारित है। इसका प्रकाशन नगर के कलास्रोत कला केन्द्र द्वारा किया जाता है।   

ओमजी का जाना एक फ्रीलांसर के बतौर मेरे लिए चिंताजनक

ओम थानवी रिटायर हो गए। हर आदमी एक न एक दिन रिटायर होता है। उसके बाद लोग उसे अपने-अपने तरीके से याद करते हैं। मैं कैसे याद करूं? 

फांसी विरोधी अभियान : अफजल और जार्ज ऑरवेल का ‘अ हैंगिंग’

जॉर्ज ऑरवेल ने 1931 में फांसी पर ‘अ हैंगिंग’ नाम से निबंध लिखा था। इसे ‘द हिंदू’ ने अपने फांसी विरोधी अभियान के तहत 31 अगस्त 2011 को अफजल की फांसी के समय छापा था। यह निबंध आज भी उतना ही मौजूं है। आप भी पढ़िए-

यूपी सरकार ने जगेंद्र सिंह के परिवार को 30 लाख क्यों दिए!

टाइम्स ऑफ इंडिया में एक खबर है कि शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह के बेटे ने कहा है कि उसे सीबीआई जांच नहीं करानी क्योंकि उसके पिता कन्फयूज्ड थे और इसी मतिभ्रम के कारण उन्होंने आत्मदाह किया था। उन्हें किसी ने जलाया नहीं और मंत्री एकदम निर्दोष है।

‘गुनाहों का देवता’ अंग्रेजी में ‘चंदर एंड सुधा’

1949 में प्रकाशित ‘गुनाहों का देवता’ का अंग्रेजी अनुवाद ‘चंदर एंड सुधा’ के नाम से आया है। अनुवाद पूनम सक्सेना ने किया है और पेंगुइन ने प्रकाशित किया है। मैंने अनुवाद अभी नहीं पढ़ा है पर उसकी तारीफ पढ़ी है। हालांकि मुझे अंग्रेजी का नाम ही नहीं जम रहा है। विभिन्न भारतीय भाषाओं में इसके सौ के करीब संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। इससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगता है और ऐसे में इसके नाम का बहुत मतलब नहीं है। किताब अपने नाम से ज्यादा लेखक और इसकी बेहद रोमांटिक प्रेम कहानी के लिए पढ़ी जाएगी। इस उपन्यास की लोकप्रियता के मद्देनजर कहा जा सकता है कि अंग्रेजी अनुवाद काफी देर से आया है। ऐसे बहुत से लोग मिल जाएंगे जो एक समय इसे पसंद करते थे पर अब उन्हें इसमें कुछ खास नहीं लगता। खुद धर्मवीर भारती ने उपन्यास के नए संस्करण के दो शब्द में लिखा है, मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि क्या लिखूँ? अधिक-से-अधिक मैं अपनी हार्दिक कृतज्ञता उन सभी पाठकों के प्रति व्यक्त कर सकता हूँ जिन्होंने इसकी कलात्मक अपरिपक्वता के बावजूद इसको पसन्द किया है। मेरे लिए इस उपन्यास का लिखना वैसा ही रहा है जैसा पीड़ा के क्षणों में पूरी आस्था से प्रार्थना करना, और इस समय भी मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं वह प्रार्थना मन-ही-मन दोहरा रहा हूँ, बस…।

‘चैनल वन’ का रिपोर्टर बनकर शराब की तस्करी करने वाला युवक गिरफ्तार

नोएडा की यह तस्वीर जो आप यहां देख रहे हैं, शहर के सहारा चौराहा यानि सेक्टर 11 के निकट की है. गत दिवस यहां से एक संदिग्ध बाइक सवार गुजरते समय पुलिस के चंगुल में आ गया। उसने अपनी बाइक पर ‘प्रेस’ लिखने के साथ ही ‘चैनल वन’ रिपोर्टर का स्टिकर लगा रखा था।  छानबीन में पुलिस को पता चला कि ‘प्रेस’ लिखी इस बाइक से हरियाणा से दारू की तस्करी हो रही थी। 

बाबूलाल गौर ने इंडिया टीवी के रिपोर्टर से कहा – जाओ यहां से, मैं तुम्हे पसंद नहीं करता

भोपाल : प्रायः अपनी बेतुकी टिप्पणियों, बयानों से सुर्खियों में रहने वाले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक टीवी रिपोर्टर से उलझ पड़े और उन्होंने उसको लगभग अपने घर से भगाते हुए कहा कि तुम जाओ, यहां से मुझे तुमसे नफरत है, आज के बाद मेरे घर पर मत आना।

कमलेश्वर जी और गायत्री भाभी की बहुत सी यादें

कमलेश्वर जी के साथ काम करने का एक मौका हमें मिला था। वे हमारे पसंदीदा कहानीकार और संपादक दोनों थे। नई दिल्ली से जब दैनिक जागरण निकला था, तब हम मेरठ जागरण में हुआ करते थे। कमलेश्वर जी ने मुझे दिल्ली के लिए चुना था और उनके साथ लगने के लिए मुझे नरेंद्र मोहन या धीरेंद्र मोहन से परमिशन चाहिए था क्योंकि हम जागरण में ही थे।

कमलेश्वर जी और गायत्री जी

‘ओपिनियन पोस्ट’ पाक्षिक पत्रिका से जुड़े मृत्युंजय कुमार

अमर उजाला जम्मू गोरखपुर, मेरठ और हिमाचल के संपादकीय प्रभारी रहे मृत्युंजय कुमार एक नए प्रोजेक्ट से जुड़ गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार मृत्युंजय कुमार नई दिल्ली कनाट प्लेस से निकलने जा रही राष्ट्रीय पाक्षिक पत्रिका ओपिनियन पोस्ट का काम बतौर संपादक देखेंगे। 

पत्रकार रमा पांडे को ब्रिटने का ‘भारत गौरव सम्मान’

बीबीसी की पूर्व पत्रकार और जानी मानी समाचार वक्ता रमा पांडे को लंदन में उनके जीवन भर की उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। रमा पांडे को पत्रकारिता व सामाजिक कार्यों के लिए ब्रिटिश पार्लियामेंट ने भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया। वह भारत की जानी मानी पत्रकार के साथ-साथ कवियित्री, कलाकार और एक्टिविस्ट हैं।

मीडिया की चादर ओढ़कर देशभर में फल -फूल रहे शारदा, सहारा और पर्ल्स जैसे महा घोटालेबाज

आगरा : कौन कब ठग लिया जाए, कहना मुश्किल है, क्योंकि देश में वित्तीय कारोबार जितनी तेजी से फल -फूल रहा है, वित्तीय हेराफेरी में उतनी ही तेजी आई है. चिटफंड के भुक्तभोगी यही बता रहे हैं। दरअसल, मीडिया की चादर ओढ़कर शारदा, सहारा और पर्ल्स जैसे वित्तीय घोटालों का कारोबार देश भर में फल फूल रहा है। रोजवैली और स्टार जैसी नामचीन कंपनियां भी इसमें पीछे नहीं हैं। पहले तो ये कंपनियां जनता को झूठे सपने दिखाती हैं। यह बताती हैं कि यदि वे कंपनी में पैसा लगाएंगे तो निवेशक को (जनता) दोगुना लाभ होगा। कंपनी के झांसे में आकर जनता अपनी गाढ़ी कमाई लगा देती है। इसके बाद लाभ की बात तो छोड़ें, वह अपना मूलधन भी प्राप्त नहीं कर पाती है।

गुंडों के साथ शराबखोरी करते दरोगा ने फोटो खिंचते ही पत्रकार को दौड़ाया, गाली-गलौज, भीड़ ने घेरा

ग़ाज़ीपुर (उ.प्र.) : वैभव कृष्ण के तबादले के बाद पुलिस ने फिर अपनी दबंगई शुरू कर दी है। अभी शिक्षक नेता विनोद सिंह के घर में घुस कर उनके पुत्र आरटीआई कार्यकर्त्ता और फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अविनाश सिंह गौतम के साथ गाली गलौज और मारपीट के मामले को लेकर ग़ाज़ीपुर पुलिस की करतूत लोगों के दिमाग से उतरी भी नहीं थी कि नगसर थाने में तैनात नशे में धुत एक नायब दरोगा ने पत्रकार के साथ गाली-गलौज करके अपना असली चेहरा सामने दिखा दिया। जो पुलिसकर्मी वैभव कृष्ण के भय से कुछ गलत करने से डरते थे, वे ही अब पत्रकारों तक से गुंडई करने लगे हैं।

अपराधी तत्वों के साथ शराबखोरी में शामिल दरोगा

राष्ट्रव्यापी शोक के वक्त निर्लज्ज दैनिक जागरण और अमर उजाला ने डॉ.कलाम को बेच खाया

पैसे की भूख से तड़प रहे देश के नामी मीडिया घराने बेखौफ, कैसी-कैसी शर्मनाक हरकतें करने पर आमादा हैं। इन बेशर्मों ने तो पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की लोकप्रिय निष्ठा को भी ऐसे मौके पर बेच दिया, जिस वक्त उनके निधन पर पूरा राष्ट्र गहरे शोक में डूबा हुआ था। ऐसी अक्षम्य निर्लज्जता का प्रदर्शन किया कानपुर में दैनिक जागरण और अमर उजाला ने। 

सीएम के जिले में थानेदार की गुंडई, कोर्ट का आदेश ठेंगे पर रखकर पत्रकार की जमीन पर कब्जा करा दिया

नालंदा (बिहार) जिले का नगरनौसा-चंडी अंचल क्षेत्र सुशासन बाबू के नाम से मशहूर बिहार के सीएम नीतिश कुमार के गृह जिले की राजनीति का एक प्रभावशाली अंग माना जाता है लेकिन यहां सुशासन का जो ताजा दृश्य सामने है, वह आम जनता की अंतरात्मा को अंदर तक झकझोर जाता है। एक गुंडा थाना प्रभारी ने कोर्ट के आदेश को परे रखकर पत्रकार की जमीन पर कब्जा करा दिया। 

…. क्योंकि उसका प्रेस, सरकार, पैसा, ज़मीन, कारख़ाने और कोर्ट पर क़ब्ज़ा

देखो भई तुम उसे फाँसी देना चाहते थे, ३० को ही सुबह सुबह देना चाहते थे तुमने दे दी । जो रोकना चाहते थे वे हार गये तुम जीत गये ।

ओम थानवीजी, अंबरीष कुमारजी, ये सब आप दोनो की गरिमा के खिलाफ

फेसबुक पर वरिष्ठ पत्रकार Om Thanvi जी और वरिष्ठ पत्रकार Ambrish Kumar जी ने कभी इशारों में और कभी नाम लेकर कुछ लिखा है. मैंने दोनों की पोस्ट पढ़ी है और पढ़कर अच्छा नहीं लगा. बहुत बुरा लगा. 

जनसत्ता के 26 साल : अब दफ्तर से घर को निकल रहा- ओम थानवी

जनसत्ता के संपादक एवं लेखक ओम थानवी न संस्थान में लंबी पारी खेलते हुए अपने कार्यकाल के आखिरी दिन अपने फेसबुक वाल पर लिखा –  ”अब दफ्तर से घर को निकल रहा हूं। बरसों के पिटारे में से अपने निजी कागजात और असबाब लेकर। मेरी खुशनसीबी थी कि जनसत्ता में 26 साल (दस साल चंडीगढ़, सोलह बरस दिल्ली) काम किया। एक ही अखबार में इतनी लंबी संपादकी पता नहीं कितनों को नसीब हुई होगी। जनसत्ता में अगर कहीं कुछ सार्थक कर पाया तो अपने सहयोगियों, लेखकों, स्तंभकारों, व्यंग्यचित्रकार और चित्रकारों की बदौलत। जो नहीं कर सका, उसका जिम्मेदार मैं हूं। इतना ही है कि काश कुछ साधन और मिल पाते। पर, ‘जो नहीं है उसका गम क्या’!

होशियार ! साजिश का शिकार हो सकता है मजीठिया मामला

भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है कि मजीठिया मामले में गंभीर साजिश रची जा रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि किस पर भरोसा किया जाए और किस पर नहीं। कुछ लोग व्‍यक्तिगत लाभ के लिए अखबार मालिकों के हाथों की कठपुतली बने हैं। वे सुप्रीम कोर्ट में भ्रम पैदा कर सकते हैं और मजीठिया का केस खराब कर सकते हैं। 

‘समाचार प्लस’ पर डिबेट में पते की बात कम, भाषण ज्यादा करते हैं पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री

मैं किसी भी पत्रकार के बारे में लिखने से बचता हूँ लेकिन कई पत्रकारों की हरकतों की वजह से आज यह पोस्ट लिखनी पड़ रही है. वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ‘समाचार प्लस’ पर जब डिबेट में बैठते हैं तो खुद ही बोलते रहते हैं, गेस्ट को बोलने का मौका ही नहीं देते हैं. सवाल पूछने की जगह भाषण देते हैं. 

I TV नेटवर्क सात और न्यूज़ चैनल लाने की जोरदार तैयारी में

मुंबई : कार्तिकेय शर्मा प्रवर्तित आईटीवी नेटवर्क धमाकेदार विस्तार अभियान चलाने की पूरी तैयारी में हैं। यह नेटवर्क अभी अंग्रेज़ी में न्यूज़एक्स और हिंदी में इंडिया न्यूज़ समेत सात न्यूज़ चैनल चलाता है। अब यह मौजूदा न्यूज़ चैनलों के बेड़े को बढ़ाने के साथ ही क्षेत्रीय व तथ्यात्मक मनोरंजन में भी कदम रखने जा रहा है। फिलहाल सात नए चैनल लॉन्च करने की योजना है। इनमें से तीन न्यूज़ चैनल (एक एचडी में), दो क्षेत्रीय मनोरंजन चैनल और दो तथ्यात्मक मनोरंजन चैनल (एक अल्ट्रा एचडी में) हैं।  

Lok Sabha TV को किसने बना दिया ‘जोक सभा’ टीवी?

लोकसभा टीवी अब पूरी तरह से ‘जोकसभा’ टीवी का रूप ले चुका है। ये चैनल अब काम के लिए कम और विवादों के लिए ज्यादा जाना जाता है। चाहे लोकसभा टीवी के पत्रकारों का शिकायती पत्र लोकसभा के महासचिव तक पहुँचने का मामला हो, या फिर पूर्व राष्ट्रपति कलाम के असामयिक निधन पर लोकसभा टीवी के सोये रहने का मामला हो। इन दिनों सोशल मीडिया और वेब मीडिया पर आलोचकों की टीआरपी में ये चैनल नंबर वन बना हुआ है।

मजीठिया को लेकर वन-टू-वन चर्चा करेगा मध्य प्रदेश श्रम विभाग

भोपाल : सुप्रीम कोर्ट के 28 अप्रैल के आदेश के बाद मध्यप्रदेश श्रम विभाग मजीठिया को लेकर रिपोर्ट तैयार करने में लगा हुआ है। 

सम्पादकजी क्या वाकई इतनी महिलाओं के साथ सोए भी होंगे या सिर्फ बहबही में झूठ बोले!

परसों पूरे देश में राष्ट्रीय शोक था। संयोग से परसों ही साहित्य के राष्ट्रीय धरोहर नामवर सिंह जी का जन्मदिन भी था। राजकमल प्रकाशन द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में डॉ नामवर सिंह के जन्मदिन को डॉ कलाम के शोक से बड़ा साबित करते हुए एक रंगीन और तरल-गरल पार्टी रख दिया गया। कई पहुंचे, क्या पत्रकार एवं क्या साहित्यकार। शायद नामवर जी नहीं पहुंचे या पहुंचे भी हों तो थोड़े समय के लिए ही पहुचे हों। 

रवीन्द्र भवन : कलाओं का ध्वंस जारी, बर्बाद करने के लिए आधारभूत ढाँचों पर चोट

जयपुर : सरकार ने जब पुणे के फिल्म संस्थान को बर्बाद करने के लिये अपने महान योद्धा को मोर्चे पर भेज रखा है तो वह रंगमंच को बख्श देने की दरियादिली की जेहमत भला क्यों उठाने लगी? फर्क सिर्फ इतना है कि फिल्म के मोर्चे पर जहाँ ‘धर्मराज युधिष्ठिर’ को तैनात किया गया है, वहीं रंगमंच पर प्रहार करने के लिये कौरवों की सेना तैयार की गयी है जो ठेकेदार के भेस में आकर रवीन्द्र-मंच पर प्रहार करने में लगे हैं। 

केंद्र सरकार बताए, सामग्री अपलोड करने का अधिकार फेसबुक, ट्विटर को है या नहीं – दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह उस अनुबंध को अदालत के समक्ष पेश करे जिससे यह पता लगाया जा सके कि फेसबुक (एफबी) व ट्विटर के पास सामग्री अपलोड करने का बौद्धिक संपदा अधिकार (आइपीआर) है। न्यायमूर्ति बीडी अहमद व संजीव सचदेव की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील संजय जैन ने इस बारे में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अगली सुनवाई 19 अगस्त को है। पेश मामले में भाजपा नेता केएन गोविंदाचार्य ने याचिका दायर की थी। याचिका में प्रधानमंत्री कार्यालय समेत अन्य मंत्रालयों के सोशल मीडिया का उपयोग करने पर आपत्ति जताई गई थी।

अमिताभ ठाकुर के चैलेंज पर कैट ने भेजा यूपी सरकार को नोटिस

आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा अपने खिलाफ जांच करने के लिए अध्यक्ष पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड वी के गुप्ता को जांच अधिकारी नामित किये जाने को चुनौती देने पर केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में विस्तृत प्रति-शपथपत्र दायर करने के आदेश दिए हैं। साथ ही जांच अधिकारी वी के गुप्ता को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 2 सितम्बर को होगी।

अफवाहें उड़ाने वालो, देख लेंगे, तुम्हारे दुष्प्रचार में ताकत है या हमारे सच में : ओम थानवी

कुछ समय पहले बदमाशों ने, न सुहाने वाले एक आलोचक – जो टीवी पर भी बेबाक रहते हैं – के बारे में अफवाह उड़ाई कि उनकी पत्नी भाग गई हैं। अफवाह ऐसी कि कोई उनसे पुष्टि भी करना चाहे तो कैसे करे लेकिन कल मेरे बारे में उन लोगों ने थोड़ी रियायत बरती, सो मित्रों ने मुझे फोन कर बता भी दिया। उन कुछ के श्रीमुख से देशद्रोही, गद्दार, विदेशी एजेंट आदि जुमले तो रोज सुनते हैं; सो इसमें भी हैरानी नहीं हुई कि अब वे शराबी-कबाबी-व्यभिचारी कहें; कौन जाने कल बलात्कारी-हत्यारा या तस्कर भी कहने लगें। ऐसे गलीज तत्त्वों से कोई गिला नहीं। 

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार देसी हिन्दू उग्रवाद के निशाने पर

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को धमकाया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह लिखते हैं – ”रवीश “रवीश” होने के नाते देसी हिन्दू उग्रवाद के निशाने पर हैं । अब तो बाक़ायदा ए के ४७ लगाकर उनको धमकाने के यत्न हो रहे हैं । हम असहमति के मुक़ाबले में हिंसा पेश करने के दौर दौरे की ओर हैं जैसा पाकिस्तान और बांग्लादेश में पहले से ही चल रहा है !”

ऋषिकेश जागरण के पत्रकार हरीश तिवारी को मातृ-शोक

ऋषिकेश : दैनिक जागरण के पत्रकार हरीश तिवारी की मां भगवती देवी का देहावसान हो गया। कुछ समय से बीमार भगवती देवी (89) अपने पीछे तीन पुत्र, पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. देवीदत्त तिवारी की धर्मपत्नी भगवती देवी के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत अनेक पत्रकारों, सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है।

हर ख़बर को दूसरी ख़बर से जोड़कर बुलेटिन बनाने के आदती हैं पुण्य प्रसून बाजपेयी

टीवी चैनलों में लिंक न्‍यूज़ का प्रयोग Punya Prasun Bajpai ने किया था। उनकी आदत है कि हर ख़बर को दूसरी ख़बर के साथ जोड़कर बुलेटिन बनाते हैं ताकि एक परिप्रेक्ष्‍य निर्मित हो सके। इसीलिए आज सुबह जब वे रामेश्‍वरम और मुंबई को अलग-अलग दिखा रहे थे, तब मैंने उन्‍हें एक एसएमएस किया कि क्‍यों न दो विंडो में रामेश्‍वरम और मुंबई को एक साथ दिखाया जाए और याकूब व कलाम की मौत को लिंक कर के बात की जाए।

उत्तराखंड : सीएम ने झूठ बोला, आरोपी आईएएस पर कोई कार्रवाई नहीं, दूसरे दागदार आइएएस को सौंप दी जांच

वाह रे उत्तराखंड सरकार और यहां के मुख्यमंत्री हरीश रावत! शराब और खनन माफिया के साथ सीएम रावत व उनकी चंडाल चौकड़ी के मायाजाल के स्टिंग में शर्मनाक आचरण के आरोपी, उनके निजी सचिव मोहम्मद शाहिद (आईएएस) का अब तक बाल भी बांका नहीं हुआ। मात्र 10 दिन पहले कांग्रेस आलाकमान को रावत ने आश्वस्त किया था कि स्टिंग आपरेशन के कुछ ही घंटों में उन्होंने अपने निजी सचिव को सस्पेंड कर दिया है लेकिन उनका यह ऐलान झूठा निकला। शाहिद का सिर्फ विभाग बदला है। अब सीएम रावत स्टिंग की जांच के नाम पर उत्तराखंड की जनता को ही नहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आंखों में धूल झोंकने की शर्मनाक कोशिशों में जुट गए हैं। 

लखनऊ के डीएम की चमचागिरी में खबर चुराने की खुल गई पोल

कभी-कभी अफसरों की चमचागिरी भी भारी पड़ जाती है. ऐसा तब देखने को मिला, जब ‘समाचार प्लस’ के पत्रकार आलोक पाण्डेय ने लखनऊ के डीएम की चमचागिरी में अपने अखबार ‘द मिड डे एक्टिविस्ट’ में  एक खबर लिखी और ग्रुप में डाल दी. पलक झपकते ही एक अन्य पत्रकार ने अपनी खबर लगाते हुए कहा कि यह खबर तो उसकी है. आलोक ने चमचागिरी के लिए उसकी खबर हूबहू कॉपी करके छाप दी है. इस पोस्ट के बाद तो आलोक को साप सूंघ गया.

वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह को चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार

दिल्ली : राज्यसभा टीवी के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह को कृषि पत्रकारिता के शिखर सम्मान ‘चौधरी चरण सिह राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार 2014’ से सम्मानित किया गया है। इलेक्ट्रानिक मीडिया श्रेणी में यह पुरस्कार पटना में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 87वें स्थापना दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदान किया। इस समारोह में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, बिहार के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और देश के अनेक शीर्ष कृषि वैज्ञानिक मौजूद थे। 

वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह का सम्मान करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

‘यूएसए टुडे’ की वो खबर, जिससे पूरे देश की धड़कनें तेज

‘यूएसए टुडे’ की वो खबर, जिसने पूरे भारत की धड़कनें तेज कर दी हैं। दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवाद संगठन इस्लामी स्टेट (आईएस) भारत पर हमले की साजिश रच रहा है। संगठन के एक दस्तावेज के मुताबिक अमेरिका को आर-पार की जंग के लिए उकसाने के मकसद से वह ऐसा कर रहा है। आईएस पाकिस्तान और अफगान तालिबान के दर्जनों धड़ों को मिलाकर एक नई सेना बनाने में जुटा है। उसके 32 पेज के दस्तावेज के आधार पर यूएसए टुडे अखबार में मंगलवार को प्रकाशित खबर इस समय दुनिया भर के मीडिया में तैर रही है। दस्तावेज से पता चला है कि अगर अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर हमला करने की कोशिश करता है तो उससे मुसलमान एकजुट होंगे।

‘यूएसए टुडे’ में ‘Islamic State recruitment document seeks to provoke ‘end of the world’ शीर्षक से प्रकाशित खबर की फोटो साभार

मीडिया को नींद नहीं आई रात भर, चलता रहा ‘फांसी’ लाइव

ऐसा शायद पहली बार रहा, या कह सकते हैं मुंबई अटैक जैसा ही कमोबेश। याकूब मेमन की फांसी की रात। जो सो चुके थे, उन्हें सुबह पता चला होगा लेकिन पूरी रात मीडिया का ‘फांसी’ लाइव चलता रहा देश की राजधानी से नागपुर जेल तक। सुप्रीम कोर्ट भी शायद पहली बार इस तरह जागा और एक मनहूस सुबह याकूब के आखिरी दम की खबरें ले उड़ी देश-दुनिया भर में…। 

अमिताभ ने गृह सचिव से पूछा – एनआरएचएम, खनन के आरोपी बहाल हो सकते हैं तो वह क्यों नहीं !

लखनऊ : नौकरी से निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने उत्तर प्रदेश सरकार से उनका निलंबन समाप्त कर उन्हें बहाल किये जाने की मांग की है. प्रमुख सचिव गृह को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि 13 जुलाई का आरोप पत्र मिलने के बाद उन्होंने 16 जुलाई को अपना जवाब भेज दिया था जिसमे उन्होंने सभी आरोपों को आधारहीन बताया था. 

टीवी पत्रकार ने जागरण और हिंदुस्तान को थमाया तीन करोड़ की मानहानि का नोटिस

 आगरा के मून टीवी चैनल के पत्रकार शशिकांत गुप्ता ने एक खबर से अपनी मानहानि होने पर दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान को तीन करोड़ रुपए अदा करने का नोटिस दिया है। शशिकांत गुप्ता के खिलाफ बीते अप्रैल माह में जागरण और हिन्दुस्तान ने एक खबर प्रकाशित की थी। एक खबर, जो 24 अप्रैल को छपी थी, उसमें एक शराबी युवक द्वारा बिजली घर पर तोड़फोड़ का उल्लेख किया गया था। अगले दिन 25 अप्रैल को फिर खबर छपी कि बिजली घर पर तोड़फोड़ करने वाला युवक शशिकांत गुप्ता है, जिसके विरुद्ध थाने में मुकदमा लिखाया गया है।

जान लेने के इरादे से जनसंदेश टाइम्स के रिपोर्टर पर हमला

लखनऊ : जनसंदेश टाइम्स के रिपोर्टर सलाहउद्दीन शेख पर पिछले दिनो जान लेने की नीयत से हमला किया गया। स्थानीय लोगों के जमा हो जाने से उनकी जान बच गई। उन्होंने घटना के संबंध में हजरतगंज कोतवाली पुलिस को लिखित रूप से अवगत करा दिया है।

के. विक्रम राव आईएफडब्ल्यूजे के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित

नई दिल्ली : इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्टस (आईएफडब्ल्यूजे) की शीर्ष कमेटी ने कामरेड के. विक्रम राव को निर्विरोध अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है। सत्र का कार्यकाल 2016-18 तक का है।

‘रंग राची’ के लोकार्पण पर बोले विश्वनाथ त्रिपाठी- एक ऐसा उपन्यास, जैसे घी का लड्डू

नई दिल्ली : मीरा बाई की संघर्ष-यात्रा को केन्द्र में रखकर लिखे गए उपन्यास ‘रंग राची’ का लोकार्पण साहित्य अकादमी सभागार, मंडी हाउस में किया गया। यह उपन्यास लोकभारती प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। इस मौके पर वरिष्ठ आलोचक नामवर सिंह ने कहा कि, ‘हिन्दी में बहुत कवियत्रियां हुई हैं लेकिन जो स्थान मीरा ने बनाया, वह सब के लिए आदर्श है। मीरा को करूणा, दया के पात्र के रूप में देखने की जरूरत नहीं है, मीरा स्त्रियों के स्वाभिमान की प्रतीक हैं। इस बेहतरीन उपन्यास के लिए मैं राजकमल प्रकाशन समूह व लेखक सुधाकर अदीब को शुभकामनाएं देता हूं।

मजीठिया वेतनमान की गणना जरा संभल के, अखबार मालिक और श्रम विभाग एकजुट!

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर श्रम विभाग हर समाचार पत्र संस्थान से मजीठिया वेतनमान लागू करने के संबंध में जानकारी मांग रहा है लेकिन जानकारी कौन देता है? जब सुप्रीम कोर्ट को जानकारी नहीं दी तो श्रम विभाग किस चिड़िया का नाम है? नतीजन खिसियाए श्रम विभाग ने लेबर कोर्ट में प्रकरण डाल दिया. ये वकया है मध्यप्रदेश का. झारखंड सरकार ने प्रपत्र-सी भरने का एड निकाला; उत्तराखंड सरकार ने कमेटी बनाई. दिल्ली सरकार की जांच मंथर गति से चल रही है. मतलब साफ है कि श्रम विभाग के वश में नहीं कि वह मजीठिया वेतनमान लागू करा सके. अब पत्रकारों की एकता पर ही भरोसा है.

अमरीकी पत्रकार का दावा 25 मिलियन डॉलर में हुआ था लादेन की जान का सौदा

Hersh

सेमोर हर्ष

वरिष्ठ अमरीकी पत्रकार सेमोर हर्ष ने दावा किया है कि अमरीकी सरकार ने ओसामा बिन लादेन को मारने के संबंध में झूठ बोला था। हर्ष ने लंदन रिव्यू ऑफ बुक्स में लिखा है कि ओसामा पाकिस्तान के एबटाबाद के घर में छिप कर नहीं रह रहा था बल्की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की कैद में था। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने ओसामा की जानकारी का सौदा 25 मिलियन डॉलर में किया था। एबटाबाद के तथाकथित घर में जहां ओसामा रह रहा था वहां कोई लड़ाई और गोलीबारी नहीं हुई थी। उन्होने यह भी दावा कि ओसामा को समुद्र में दफ़न नहीं किया गया था।

सलमान खान को हुई जेल लेकिन दो घंटे बाद ही मिल गई बेल

मुंबई की एक सत्र अदालत ने बारह साल पुराने बहुचर्चित ‘हिट एंड रन’ मामले में अभिनेता सलमान खान को दोषी करार दिया है। अदालत ने कहा कि सलमान पर लगे सभी आरोप साबित हुए हैं। उन्हे गैर-इरादतन हत्‍या का दोषी करार दिया गया है। अदालत ने माना कि सलमान खान शराब पीकर गाड़ी चला रहे …

क्या कॉर्पोरेट मीडिया का काम सिर्फ बड़े राजनीतिक दलों का एजेंडा सेट करना है

इस समय चौबीस घंटे में तेईस घंटे मीडिया देश के नाम पर सिर्फ दिल्ली की ख़बरें दिखा रहा है। ये अपने को राष्ट्रीय चैनल कहते हैं। इसमें कहाँ है उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, केरल, मणिपुर, आंध्र, उड़ीसा की ख़बरें? क्या दिल्ली ही इनका देश और राष्ट्र है। क्या सिर्फ दिल्ली को देखने के लिए और मीडिया की सेट बकवास को सुनने के लिए हम दो सौ से सात सौ रूपये तक का भुगतान केबल और डिश को करते हैं। जो फेज़ मीडिया का चल रहा है, यह ऐसे ही चलता रहे, यही हम सब के हित में है। ऐसे अपने ही किये धरे से ये खुद ही जनता में अपना भरोसा खो देंगे।

पेपर लीक होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर उप्र पीसीएस परीक्षा रद्द

लखनऊ: उत्तर प्रदेश प्रांतीय लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा आज रद्द कर दी गयी। कल ऐसी खबरें आयीं थी कि परीक्षा का पहला पहला पर्चा लीक हो गया है, जिसके बाद जांच के आदेश दिये। आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पूरी परीक्षा रद्द कर दी गयी। सरकार के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया कि यूपी पीसीएस की प्रारम्भिक परीक्षा का पहला पर्चा कल लीक होने के बाद मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर सम्पूर्ण परीक्षा को रद्द कर दिया गया। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच रिपोर्ट के बाद यह कदम उठाया गया है।

वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता का निधन

AAA VINOD MEHTA

नई दिल्ली। आउटलुक के संस्थापक संपादकीय प्रमुख और संपादकीय अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता, 73, का रविवार सुबह निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। मेहता का जन्म रावलपिंडी में हुआ था। पत्रकारिता में उन्होंने काफी लंबे समय तक अपना योगदान दिया। उनकी मौत से मीडिया जगत को धक्का लगा है। मेहता ने आउटलुक को नई पहचान दिलाई।

शार्ली एब्दो के कार्टून रिप्रिंट करने वाले जर्मन अख़बार पर हमला

morgan post

बर्लिन। जर्मनी के हैम्बर्ग सिटी में फ्रांसीसी पत्रिका ‘शार्ली एब्दो’ के विवादित कार्टूनों को फिर से प्रकाशित करने वाले अख़बार पर रविवार सुबह हमला किया गया। समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ ‘हम्बर्गर मॉर्गनपोस्ट’ अख़बार की इमारत पर पहले खिड़की से पत्थर फेंके गए और फिर एक जलती हुई चीज फेंकी गई। इससे इमारत की निचली मंजिल के दो कमरों को नुकसान पहुंचा है लेकिन आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।

पाकिस्तान में आतंकियों ने छात्रों पर बरसाईं गोलियां, 132 मरे

PAK

पेशावर, पाकिस्तान। अब तक के सबसे वीभत्स हमले में तालिबान आतंकियों ने उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के पेशावर में एक आर्मी हाई स्कूल में हमला कर 132 छात्रों और शिक्षकों की हत्या कर दी और कई को बंधक बना लिया। मरने वालों में ज्यादातर मासूम छात्र हैं। दोपहर को हुए इस आतंकी हमले के तीन घंटे बाद तक स्कूल से गोलियों और धमाकों की आवाज़ें सुनाई देती रहीं।

सैन्य कार्यवाही के दौरान अल क़ायदा चरमपंथियों ने बंधक अमरीकी पत्रकार की हत्या की

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ल्यूक सोमर्स

अल क़ायदा चरमपंथियों की अरब शाखा के क़ब्ज़े से छुड़ाए जाने की कोशिशों में अमरीकी पत्रकार ल्यूक सोमर्स की मौत हो गई है। अल क़ायदा की इस शाखा (एक्यूएपी) ने ल्यूक सोमर्स और अफ़्रीकी अध्यापक पियरे कोर्की को अगवा कर यमन में बंधक बना कर रखा था। ब्रिटेन में पैदा हुए ल्यूक सोमर्स को पिछले साल अगवा कर लिया गया था।

प्रसिद्ध न्यायविद और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्णा अय्यर का निधन

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प्रसिद्ध न्यायविद और भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्णा अय्यर का गुरुवार की दोपहर को निधन हो गया। कृष्णा अय्यर 1970 के दशक में क़रीब सात साल तक सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे। वे सौ वर्ष के थे। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि वे गुर्दे और दिल की बीमारी के साथ ही न्यूमोनिया से भी पीड़ित थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर दुख जताते हुए उन्हें एक प्रबुद्ध दार्शनिक और सबसे बढ़कर ‘‘बेहतर इंसान’’ बताया।