पत्रकार नलिन कुमार के पिता बीरेन्द्र सिंह का निधन

बीबीसी लंदन में प्रोड्यूसर रह चुके पत्रकार नलिन कुमार के पिता बीरेन्द्र सिंह का निधन हो गया है. वे बेगूसराय के एक हॉस्पीटल में इलाजरत थे. 75 वर्षीय बीरेन्द्र सिंह बरौनी थर्मल पावर स्टेशन में कार्यरत थे और कार्यालय अधीक्षक (वित्त विभाग) के पद से सन् 2001 में अवकाशप्राप्त किए थे. बेगूसराय जिला के बरौनी प्रखंड मल्हीपुर गांव निवासी बीरेन्द्र बाबू अपने पीछे चार पुत्र व एक पुत्री समेत पौत्र-पौत्री से भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं.

आजमगढ़ का सांप्रदायिक तनाव सपा-भाजपा गठजोड़ का मिशन 2017

लखनऊ । आजमगढ़ को सांप्रदायिकता की आग में झांककर सपा-भाजपा गठजोड़ ठीक वही षडयंत्र रच रहा है जो उसने मुजफ्फरनगर समेत सैकड़ों सांप्रदायिक तनावों में किया है। ये बातें रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने लाटूश रोड स्थित कार्यालय पर पिछले तीन दिनों से आजमगढ़ के दाऊदपुर, खुदादादपुर, फरिहा समेत पूरे इलाके में बने सांप्रदायिक माहौल के मुद्दे पर आयोजित रिहाई मंच की बैठक में कही। वहीं मंच के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि आजमगढ़ में सांप्रदायिक तनाव लगातार बने रहने के पीछे की वजह मुस्लिमों के खिलाफ हमलावरों में मुख्यतः यादव जाति के लोगों का शामिल होना है जिनके खिलाफ अखिलेश यादव सरकार कारवाई से बच रही है। इस पूरे साम्प्रदायिक तनाव में पूर्व भाजपा सांसद रमाकांत यादव की संलिप्तता है। ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन को तत्काल निलंबित किया जाए तथा पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराई जाए।

न्यूज24 की तरफ से मोदी सरकार के दो साल होने पर कानक्लेव 21 मई को

Greetings from BAG Network the media conglomerate that broadcasts News24 – India’s fastest growing Hindi news channel. 

As you are aware, NDA Government will be completing two years in office in a few weeks time. On this occasion we have planned a special event on our channel – ‘News24- Har Hindustani Ka Channel’.

राजनीतिक कार्यकर्ता को डंडा खिलवाने व फर्जी आरोप में जेल भिजवाने का ठेका लेता है प्रभात खबर का यह पत्रकार

अधिवक्ता व पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट

पटना । बिहार में विगत दशकों में पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक चेहरे देखने को मिल रहे हैं। सीवान के राजदेव रंजन जैसे पत्रकार देश, समाज और अपने मीडिया हाउस के हित और सुरक्षा में अपनी कीमती जिन्दगी की कुर्बानी दे रहे हैं। दूसरी ओर, बिहार के ही मुंगेर जिले के दैनिक ‘प्रभात खबर‘ के पत्रकार विजय शंकर सिंह अपने आपराधिक कारनामों से पत्रकारिता के पेशे को कलंकित कर रहे हैं। पुलिस अनुसंधान में इस पत्रकार के षड़यंत्र में नाम आने के बाद भी दैनिक प्रभात खबर, दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर का प्रबंधन व संपादकीय विभाग मामले को उजागर नहीं कर रहा है।

महेंद्र मोहन गुप्ता को राज्यसभा के लिए टिकट न मिलने से पत्रकारों का शोषण करने वाले परिवार में खामोशी

दैनिक जागरण के प्रबंध संपादक महेंद्र मोहन को यूपी सरकार ने राज्यसभा का टिकट नहीं दिया… दो दिन पहले महेंद्र मोहन व यूपी के संपादक दिलीप अवस्थी मामले को लेकर मुलायम सिंह से मिलने गए थे तो मुलायम नहीं मिले… जागरण के कर्ताधर्ता व पत्रकारों का शोषण करने वाले परिवार में खामोशी…

महिला एंकर को लाइव शो में देह ढकने के लिए दिया गया कपड़ा, देखें तस्वीरें और वीडियो

अमेरिका के एक न्यूज चैनल पर मौसम की जानकारी देने के लाइव शो के दौरान साथी महिला एंकर को स्वेटर देना पुरुष एंकर को काफी महंगा पड़ गया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है और आलोचनाएं भी हो रही हैं। अमेरिका के लॉस एंजेलिस के स्थानीय टीवी स्टेशन कीएलटीए में एक पुरुष एंकर ने अपनी साथी महिला एंकर को एक काले रंग का स्वेटर दिया, ताकि वह अपनी बांह ढक सकें। उस समय महिला साथी सुबह आठ बजे मौसम की जानकारी दे रही थीं।

राज्यसभा भेजे गए संजय सेठ की कुंडली बता रहे हैं वरिष्ठ वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सूची में चौकाने वाला नाम है संजय सेठ. सौदेबाज मुलायम के कारोबारी साझेदार और 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह के चुनावी संचालक रहे हैं संजय सेठ! राज्यसभा और विधान परिषद उम्मीदवारों की लिस्ट संभावित सपा-भाजपा तालमेल को लेकर हुयी है तैयार. मुलायम कुनबे द्वारा राज्य के ग़रीबों व केन्द्रीय योजनाओं के धन की लूट के कालेधन को सफ़ेद बनाने की मशीन है संजय सेठ.

बड़ौदा ग्रामीण बैंक ने एक निजी कंपनी का बीमा अपने ग्राहकों को जबरन बेचना शुरू किया

अटल पेंशन योजना व प्रधानमन्त्री बीमा योजना को ठेंगा दिखाकर आजकल बड़ौदा ग्रामीण बैंक एक निजी कंपनी का बीमा अपने ग्राहकों को जबरन बेंच रही है। इसके लिये शाखा प्रबन्धकों पर जबरन पॉलिसी बेचने का दबाव है। जो प्रबन्धक इस बीमा कंपनी इंडिया फर्स्ट की पॉलिसी नहीं बेचेंगे उन्हें चार्जशीट मिलेगी। उत्पीड़न होगा और इन्क्रीमेंट रुकेगा। इस बीमा कंपनी का कोई कर्मचारी नहीं, अधिकारी नहीं व अभी तक यूपी में कोई कार्यालय भी नहीं।

आईजी अमिताभ ठाकुर ने यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन को बेशर्म कहा

Amitabh Thakur : यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन पर 02 क्लास IV कर्मियों को अवैध रूप से घरेलू काम पर रखते हुए, अपने लड़के की शादी में एक बिल्डर द्वारा दिए गए 30 लाख के हीरों का हार चोरी होने के शक में, उन सरकारी कर्मियों को 02 माह के अवैध पुलिस हिरासत में …

सोशल मीडिया पर वायरल हो गई यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन की क्रूर कथा

मुख्‍य सचिव आलोक रंजन को हार चाहिए, न मिले तो नकद तीस लाख रुपया दो… चोरी के आरोप में दो महीनों तक अवैध हिरासत में रखा अपने दो घरेलू नौकरों को… इसी सारे मामले से जुड़ी है लखनऊ के एसएसपी के तबादले की इंटरनल स्टोरी….

पत्रकार शशिकांत सिंह को उत्पीड़ित करने के मामले में ‘यशोभूमि’ मुम्बई के सम्पादक आनंद राज्यवर्धन को श्रम आयुक्त ने किया तलब

मुम्बई । देश भर के समाचार पत्रों के पत्रकारों और समाचार पत्र कर्मियों की उम्मीद की किरण मजीठिया वेज बोर्ड बना है। इसकी लड़ाई लड़ रहे पत्रकार शशिकांत सिंह को मुंबई के एक मीडिया हाउस के प्रबंधकों के इशारे पर प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसा कोई और नहीं बल्कि खुद संपादक कर रहा है। लेकिन अपने ही साथी पत्रकारों को शोषित व प्रताड़ित करना संपादकों को भारी पड़ने वाला है। इसकी एक बानगी मुम्बई (महाराष्ट्र) के श्रम आयुक्त कार्यालय से पता चली है। मुम्बई के पत्रकार शशिकांत सिंह को प्रताड़ित करने के एक मामले में मुंबई से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र ‘यशोभूमि’ के संपादक आनन्द राज्यवर्धन (शुक्ला) को एक नोटिस भेजकर इस मामले में 23 मई को दोपहर 12.30 बजे मुंबई श्रम आयुक्त कार्यालय में हाजिर होने को कहा है।

बहुत-बहुत बधाई यशवंत जी, आठ साल लंबी सरोकारी जिद और साहस को

Yashwant Singh : भड़ास के आठ साल पूरे हो गए आज. 17 may 2008 से 17 may 2016 तक. दिन भर यही सोचता रहा कि आगे जो कुछ करना चाहता हूं क्या उसे कर पाउंगा या इसी भार को ढोता रहूंगा. देखता हूं रोबोट होने से इतर कुछ कर पाता हूं या नहीं.

और हां,

आठ साल होने पर कार्यक्रम 26 अगस्त 2016 को. ताकि मौसम की मार से परे कुछ नया हो सके और मुझे भी तय करने सोचने का मौका मिल सके.

पत्रकार की हत्या के विरोध में साउथ एशियन वीमेन इन मीडिया का प्रतिरोध मार्च

पटना। पत्रकारों पर हमला जनतंत्र पर हमला है, पत्रकारों पर हमला बंद करों, पत्रकारों पर हमला करने वालों दंड दो, पत्रकारों को सुरक्षा दो, इन नारों के साथ साउथ एशियन वीमेन इन मीडिया (स्वाम) की ओर से प्रतिरोध मार्च का आयोजन रविवार को किया गया. प्रतिरोध मार्च सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन और झारखंड के अखिलेश प्रसाद सिंह की हत्या के विरोध में निकाला गया है. मार्च रेडियो स्टेशन से डाक बंगला चौराहे तक निकाला गया.

प्रभु की रेल में टायलेट के पानी से तैयार होता है टोमैटे सूप!

दूरंतो एक्सप्रेस में परोसा गया टॉयलेट के पानी से बना टोमैटो सूप… यात्रियों ने किया हंगामा… एर्नाकुलम से मुंबई जा रही दुरतों एक्सप्रेस में यात्रियों ने उस वक्त हंगामा खड़ा कर दिया जब उन्हें मालूम हुआ कि वे ट्रेन में जिस टोमैटो सूप का सेवन कर रहे हैं उसे टॉयलेट के पानी से तैयार किया गया है। इस मामले की पोल तब खुली जब एक यात्री ने कोझीकोड में स्टेशन मास्टर से शिकायत की। इसके बाद बड़ा बवाल मच गया। गुस्साए लोगों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया और 15 मिनट तक ट्रेन को रोके रखा।

फर्जी सूचनाओं के बाढ़ के इस दौर में पत्रकार रहें सावधान वरना पुष्प शर्मा की तरह जेल पहुंच जाएंगे

संघियों से लेकर कांग्रेसियों और आपियों तक में सूचनाओं को डिस्टार्ट कर एक दूसरे को बदनाम करने की होड़ लगी हुई है और ये लोग इसके लिए पत्रकारों का इस्तेमाल कर ले रहे हैं. कई पत्रकार तो जानबूझ कर इनके अभियान का हिस्सा बनते हैं क्योंकि या तो उन्हें पैसे दिए गए होते हैं या फिर वे विचारधारा के आधार पर जुड़े होते हैं. लेकिन कई निर्दोष पत्रकार इस चक्कर में इनके जाल में फंस जा रहे हैं कि वो इन सूचनाओं को सच समझ लेते हैं. ह्वाट्सएप से लेकर फेसबुक, ट्विटर तक में दनादन फर्जी, फोटोशाप्ड, एडिटेड, डिस्टार्टेड सूचनाएं, जानकारियां शेयर अपलोड पब्लिश की जा रही है. ऐसी ही एक झूठी जानकारी के चक्कर में पड़कर दिल्ली के खोजी पत्रकार पुष्प शर्मा जेल पहुंच चुके हैं.

हिंदुस्तान अखबार के बरेली और मुजफ्फरपुर के संपादकों का तबादला

हिंदुस्तान अखबार से खबर है कि दो संपादकों का एक दूसरे की जगह तबादला कर दिया गया है. हिंदुस्तान बरेली के स्थानीय संपादक कुमार अभिमन्यु को मुजफ्फरपुर का स्थानीय संपादक बनाया गया है. मुजफ्फरपुर के स्थानीय संपादक संजय कटियार को बरेली एडिशन का संपादक बना कर भेजा गया है.

सपा में हाई वोल्टेज ड्रामा, आजम के लिये मुश्किल होगा आगे का सफर

अजय कुमार, लखनऊ

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और मंत्री आजम खान की शख्सियत की व्याख्या करना हो तो यह कहा जा सकता है कि वह स्वभाव से अखड़ ,जुबान के कड़क,लेकिन ईमानदार और स्वाभिमानी नेता हैं। आजम पर अक्सर आरोप लगाते रहते हैं कि वह सियासी दुनिया में किसी की भावनाओं की कद्र नहीं करते है। दिल की जगह दिमाग से काम लेते हैं,इसी लिये उन्होंने  दोस्त से अधिक दुश्मन पाल रखे हैं। वह जिसके पीछे पड़ जाते हैं उसे किसी भी दशा में छोड़ते नहीं हैं और जिससे दोस्ती निभाते हैं उसके लिये सब कुछ दांव पर लगा देते हैं। आजम खान का कोई बड़ा सियासी दुश्मन नहीं है, अगर है तो वह स्वयं अपने दुश्मन हैं।

खुलासा : ठेकेदारी करने वाले टीवी पत्रकार को रंगदारी न देने पर नक्सलियों ने मार डाला

झारखंड के चतरा में ताजा टीवी के पत्रकार इंद्रदेव यादव उर्फ अखिलेश प्रताप सिंह हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया. चतरा एसपी अंजनी झा ने बताया कि पत्रकार हत्याकांड में छह लोग शामिल थे. इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी तलाश अभियान जारी है. फरार आरोपियों में एक स्थानीय विधायक का प्रतिनिधि भी शामिल है. यह तीनों नक्सली संगठन टीपीसी यानी तृतीय प्रस्तुति कमेटी से जुड़े हुए हैं.

Doordarshan Documentary- ‘Whispers of Warming’ on Climate change wins First Prize

New Delhi : Climate Change is an issue which is affecting every aspect of human life from food, water, energy security, health and global economy.  It is manifesting in more unpredictable weather patterns and frequent and intensive natural hazards such as typhoons, sea level surges, flooding, landslides, drought and glacial lake outbursts. India is a major stake holder in the Paris declaration on climate change and IPCC.

DOORDARSHAN TO RAMP UP CONTENT & MARKETING BY ROLL OUT OF ROBUST POLICY OF SLOT SALE

Doordarshan has unveiled a policy to attract high quality content on its National & Regional Channels through an offer of sale of slots. The policy encourages private entrepreneurs to Make for India’s National Public Service Broadcaster, cutting edge programming with a commitment for providing wholesome family entertainment. The key features of this outsourcing is to attract bids in the genre of ‘General Entertainment’ from eligible Producers as pertechnical & financial criteria to be notified separately.

बलिया के रेड लाइट एरिया से सबसे ज्यादा बिहार और बंगाल की लड़कियां मिलीं (देखें वीडियो)

देह की मंडी में पुलिस ने अचानक छापेमारी कर इससे जुड़े लोगों का हलक ही सुखा डाला। एक-एक कर रेड लाइट एरिया के संदिग्ध घरों की तलाशी कर पुलिस ने दो दर्जन से अधिक सेक्स वर्करों, ग्राहकों व दलालों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से रेड लाइट एरिया इलाके में जहां घंटों अफरा-तफरी का महौल बना रहा, वहीं संभ्रांत लोगों ने पुलिसिया कार्रवाई की सराहना भी की।

दिल्ली में मोदी की मां का आना और गुजरात में पूनम बेन का नाले में गिरना… दो घटनाएं, दो स्थापनाएं…

Sanjaya Kumar Singh : एक पत्रकार मित्र का कहना है कि प्रधानमंत्री बनने के दो साल बाद नरेन्द्र मोदी की मां मदर्स डे पर दिल्ली आईं। इसमें भी लोग राजनीति देख रहे हैं। शर्म आनी चाहिए ऐसे लोगों को। पर वे बता रहे थे कि जैसे आईं वैसे ही चली जातीं तो किसी को पता ही नहीं चलता। इसलिए बताना पड़ा कि आई थीं और चली गईं। क्यों? मैं नहीं जानता। अब संयोग से यह सूचना तमिलनाडु में मतदान से पहले वाले दिन आई ताकि मतदान वाले दिन अखबारों में छपे।

मोदी के दो साल : मीडिया को डरा फुसला कर सेल्फी में फंसा दिया… अब ‘दिक्कत’ दे रहीं अदालतों को ठीक करेंगे साहब लोग

Sanjaya Kumar Singh : सत्ता मिली तो ये कर दूंगा, वो कर दूंगा। ऐसे, वैसे। अब विपक्ष (जो बचा ही नहीं था) सहयोग नहीं कर रहा है। मीडिया को डरा कर और फुसला कर सेल्फी में फंसा दिया। अधिकारियों को पहले ही कसने का दावा किया गया। यह भी कि सब समय से आते-जाते हैं। प्रधानमंत्री 18 घंटे काम करते हैं। अधिकारी परेशान हैं, काम करते करते। नालायकों को दो साल पहले ही हटा दिया गया था।

मेनस्ट्रीम पत्रकारिता मूर्खता के प्रसार का व्यापार है, आउटलुक की कारस्तानी देखिये

Sanjaya Kumar Singh : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केरल की तुलना सोमालिया से कर गए। उसकी निन्दा हुई तो अमित शाह ने केरल सरकार को “नालायक” साबित करने के लिए कुपोषण से बच्चों की मौत का आरोप लगाया और आउटलुक के एक पुराने अंक का सहारा लिया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पूरे आत्मविश्वास के साथ। इस बारे में Prakash K Ray ने लिखा है, बहुत समय से मेरी यह दृढ़ मान्यता रही है कि मेनस्ट्रीम पत्रकारिता मूर्खता के प्रसार का व्यापार है।

मोदी सरकार के दो साल और शशि शेखर का यह ‘हिंदुस्तानी’ आलेख

Sanjaya Kumar Singh : भक्तों की शिकायत रहती है कि मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इस सरकार के खिलाफ ही लिखता हूं। उनके पक्ष में कुछ नहीं लिखता। कल इसे पढ़ने के बाद लगा कि इसमें कुछ खास नहीं है। इसलिए शेयर नहीं किया। कुछ अच्छा ढूंढ़ रहा था उसी में अदालतों पर जेटली साब के विचार मिल गए जिसे पहले शेयर कर चुका हूं। सरकार के दो साल पूरे होने पर किसी ने कुछ और अच्छा लिखा हो तो शेयर करना चाहता था। पर मुझे तो कुछ नहीं मिला। आपको मिला हो तो शेयर कीजिए। टैग भी कर सकते हैं।

खबर को लेकर मेरी दो बार मुठभेड़ मुख्‍तार अंसारी से हो चुकी है

हम अपराधियों की हरकतों के खिलाफ युद्ध करें, उनके धंधे में भागीदारी क्‍यों

लखनऊ : यह कोई 13 साल पहले का हादसा है। मैं जौनपुर में हिन्‍दुस्‍तान अखबार का ब्‍यूरो प्रमुख था। खबर को लेकर दो बार मेरी मुठभेड़ मुख्‍तार अंसारी से हो गयी। एक बार एक ट्रैक्‍टर व्‍यवसायी आईबी सिंह के घर और दूसरी बार मोहम्‍मद हसन कालेज के प्रिंसिपल के यहां। तब मुख्‍तार अंसारी समाजवादी पार्टी के चहेते हुए करते थे। दोनों ही बार आयोजकों ने मुख्‍तार से मेरा परिचय कराया और मैंने सवाल पूछने शुरू किये।

हेमन्त तिवारी जैसों को नहीं पहचाना तो फिर अगला नम्बर आपका होगा

न खुद दलाली कीजिए और न दलालों को अपने आसपास फटकने दीजिए

लखनऊ : चाहे वह सीवान का काण्‍ड हो या फिर चतरा का, पत्रकारों की मौत के असल कारणों का खुलासा तो बाद में ही हो पायेगा, लेकिन अब तक इतिहास बताता है कि ऐसे मामलों में उन लोगों की खास भूमिका रहती है, जो खुद को पत्रकार कहलाते हैं और असल पत्रकार जाने-अनजाने उनके पाले में पहुंच कर अपनी बरबादी का सामान जुटा लेता है। कम से कम, चालीस साल का जिन्दा इतिहास तो मुझे खूब याद है, जिसमें किसी पत्रकार की मौत के कारणों में से एक रहे हैं जो ऐसे पत्रकारों के करीबी बन कर असल वारदात को अंजाम दिला देते हैं।

शशि शेखर ने पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या पर एक भावुक पीस लिख मारा और हो गई इतिश्री

Sandip Thakur : हिंदी का पत्रकार तो वैसे भी रोज तिल तिल कर मरता है…. घर का किस्त भरने में, बच्चों के स्कूल की फीस भरने में, बूढ़े मां-बाप के ईलाज में खर्च होने वाली रकम जुटाने में। पढ़ा लिखा होता है इसलिए भीख भी नहीं मांग सकता। किसी हिंदी पत्रकार का घर जाकर देखिए कभी…वह भी छोटे जगहों पर काम करने वाले पत्रकार का। शशि शेखर ने सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या पर एक भावुक पीस लिख मारा…और हो गई इतिश्री।

कुमार सौवीर को जौनपुर में इस तरह परेशान किया मधुकर तिवारी ने

लखनऊ : जौनपुर में मधुकर तिवारी जैसे व्यक्ति ने सीधे मुझ पर ही हमला कर दिया। बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक के तौर पर भर्ती इस शख्स ने अपनी नौकरी तो आज तक नहीं की, लेकिन पत्रकार बन कर प्रशासन को धौंस खूब दी। चूंकि हिन्दुस्तान अखबार ने मुधकर तिवारी को हटा कर मुझे ब्यू्रो प्रमुख बनाया था, इसलिए मधुकर का कोप मुझ पर भड़का। अरे मधुकर तिवारी वही, जो सरकारी नौकरी पर होने के बावजूद हिन्‍दुस्‍तान अखबार से सम्‍बद्ध था और अपनी धौंस-पट्टी कायम किये हुए था। लेकिन उसकी करतूतों का खुलासा होने पर उसे हिन्‍दुस्‍तान से हटा दिया और मुझे जोधपुर से बुलाया गया। तब मैं जोधपुर के दैनिक भास्‍कर एडीशन में ब्‍यूरो प्रमुख था। खैर।

भाड़ की औकात बता दिया अकेले चने ने, अमिताभ ठाकुर को बधाई….

Braj Bhushan Dubey : भाड़ की औकात बता दिया अकेले चने ने। अमिताभ ठाकुर को बधाई…. मुख्‍यमंत्री जी के पिता पर अपराध दर्ज कराने से लेकर अपराधी, तस्‍कर, रिश्‍वतखोरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने वाले अमिताभ ठाकुर सीएम व उनके परिवार का कोप भाजन बन दस माह तक निलम्बित रहे। सत्‍याग्रह, लिखना पढना और उचित …

अमिताभ ठाकुर आईजी बन कर पूरी ठसक के साथ अपने आफिस में बैठे हैं

लखनऊ : मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान केवल सात दिन की तैनाती पाये वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे को दंगा न सम्‍भाल पाने को लेकर शासन ने दोषी ठहराया। दुबे को इस आरोप में मुजफ्फरनगर से हटाकर लखनऊ में पुलिस महानिदेशक कार्यालय में सम्‍बद्ध कर दिया गया और इसके 15 दिन बाद उन्‍हें निलम्बित भी …

लखनऊ के दो पत्रकारों सिद्दीकी और परितोष के मारे जाने का असली कारण जानिए और पत्रकारिता में धंधेबाजी से बचिए

लखनऊ : स्‍वतंत्र भारत का मुख्‍य उप सम्‍पादक हुआ करते थे सिद्दीकी। एक बार वे अपने आफिस में रात की पाली में काम कर रहे थे। रात आधी से ज्‍यादा हो गयी थी। पेज छूटना ही था। 15 मिनट का समय था, इसलिए सिद्दीकी बाहर चाय की दुकान की ओर बढ़े। रास्‍ते में नाली के किनारे बैठ कर उन्‍होंने पेशाब करना शुरू किया। अचानक कुछ लोगों ने पीछे से चाकुओं से हमला कर दिया। वार इतना सटीक था कि सिद्दीकी ज्‍यादा चिल्‍ला भी नहीं सके और मौके पर ही ढेर हो गये।

पत्रकार पुष्प शर्मा की गिरफ्तारी मोदी सरकार की एक और ओछी हरकत

बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या खतरनाक संकेत

लखनऊ । रिहाई मंच ने बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है। मंच ने मोदी सरकार द्वारा नीतिगत आधार पर मुसलमानों को योगा ट्रेनिंग के लिए नहीं नियुक्ति करने सम्बंधित खबर को ब्रेक करने वाले पत्रकार पुष्प शर्मा की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को मोदी सरकार में बढ़ रहे दमन का ताजा नजीर बताया है। रिहाई मंच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मंच के महासचिव राजीव यादव ने बिहार के सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन और झारखंड चतरा में अखिलेश प्रताप सिंह की हत्या की निंदा करते हुए कहा है कि ये घटनाएं साबित करती हैं इन राज्यों में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। उन्हांने दोनों मामलों में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

हे लखनऊ वालों, आप खामोश दर्शक बनकर पत्रकारिता की इज्जत लुटते हुए देखिये

मैं मुखालिफत करुँ तो कहिए- भुखरादी कर रहा है.. एक ही मसले पर एक ही संगठन के दो पत्रकार गुटो ने लखनऊ मे नितीश कुमार को ज्ञापन देकर पत्रकारों की खिल्ली उड़वायी…

मुम्बई सहित पूरे महाराष्ट्र में मजीठिया मामले में समाचार पत्र प्रतिष्ठानों की फिर से होगी जांच

टर्नओवर  प्रमोशन अंतरिम एरियर और वेतन वृद्धि पर होगी पैनी नजर…. महाराष्ट्र के श्रम आयुक्त से शशिकांत सिंह ने की मुलाक़ात… मुम्बई सहित पूरे महाराष्ट्र के समाचार पत्र प्रबंधन द्वारा मजीठिया मामले में किये गए गड़बड़ झाला की फिर से जाँच के आदेश दिए गए हैं। मुम्बई के तेजतर्रार पत्रकार और आर टी आई कार्यकर्त्ता शशिकांत सिंह ने आज महाराष्ट्र के श्रम आयुक्त श्री किरूरे से उनके बांद्रा स्थित कार्यालय में जाकर मुलाकात की।

पत्रकार उमेश चतुर्वेदी की कार चोरी

वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार उमेश चतुर्वेदी की सिल्वर रंग की कार दक्षिण दिल्ली के कटवारिया सराय इलाके से चोरी हो गई है। इस कार का नंबर DL 3CAY4578 है। इसकी शिकायत दिल्ली के वसंत विहार थाने में की जा चुकी है।

भास्कर और जागरण के मालिकों ने भी छिपा रखा है विदेशों में पैसा, पत्रिका अख़बार ने इन दोनों को धो डाला

खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय गठबंधन इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (आईसीआईजे) ने अपनी वेबसाइट पर टैक्स हैवन देशों में पैसा रखने वालों की जो जानकारी दी है, उसमें भोपाल के पांच नाम शामिल हैं। इनमें से तीन नाम मीडिया समूहों से जुड़े हुए हैं, जबकि दो नामों के बताए पते पर दूसरे लोग मिले हैं। उन्होंने इन सबके बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। 

लड़ाई ऐसे नहीं लड़ी जाती शशि शेखर जी

पटना में अपने संवाददाता की हत्या के बाद दैनिक हिन्दुस्तान अपने संवाददाता के साथ है, यह बड़ी बात है। मुझे नहीं पता पीड़ित संवादादाता हिन्दुस्तान के पेरॉल पर थे या स्ट्रिंगर। लेकिन इतिहास गवाह है, हिन्दी अखबार का संवाददाता मरता है तो वह स्ट्रिंगर ही होता है। मरने के बाद उसका संस्थान उससे पल्ला झाड़ लेता है। हिन्दुस्तान ने ऐसा नहीं किया बहुत बड़ी बात बात है। इसके लिए पूरे संस्थान की प्रशंसा की जानी चाहिए। पर संपादक जी एक दिन बाद जगे और लिख रहे हैं हम लड़ेंगे क्योंकि जरूरत है। बहुत ही लिजलिजा है।

बिहार में एक पत्रकार मारा गया तो जंगलराज, यूपी में चार महीने में तीन पत्रकार मारे गए तो कोई खास बात नहीं!

Sanjaya Kumar Singh : मैं पहले ही लिख चुका हूं कि झारखंड के चतरा में पत्रकार की हत्या हुई तो बात आई-गई हो गई। पर बिहार में हुई तो जंगलराज हो गया। उत्तर प्रदेश में चार महीने में तीन पत्रकारों की हत्या हुई। कोई खास बात नहीं। मध्य प्रदेश में पत्रकार संदीप कोठारी को जिन्दा जलाकर दफना दिया गया, छत्तीसगढ़ में भी पत्रकार की हत्या हुई और दिल्ली में भी हुई। फरीदाबाद में एक पत्रकार ने खुदकुशी की पर उसकी हत्या में एक पुलिस वाले को गिरफ्तार किया गया है।

34 विधायकों को चाय पानी के लिए 20-25 लाख रुपये खर्चा देने वाले हरीश रावत प्रदेश की सवा करोड़ जनता को भी कुछ देंगे?

Shiv Prasad Sati : हरीश रावत जी इन 34 विधायकों को तो आप चाय पानी का खर्चा, 20-25 लाख रुपए देकर संतुष्ट कर देंगे लेकिन प्रदेश की सवा करोड़ जनता किससे चाय पानी का खर्चा मागेंगी, यह भी साफ-साफ कर दीजिए जिस तरह उत्तराखंड को पहले हांक रहे थे, क्या उसी तरह आगे की कार्यवाही भी चलेगी। जब यह सुना कि आप विधायकों को चाय पानी के लिए 20-25 लाख रुपए चाय पानी के लिए दे सकते हैं तो खाने-पीने के लिए कितना देंगे, कैसे देंगे, कब देंगे। आप विधायकों को मैनेज करते रहो, जनता तड़पती रहेगी।

भारत में राजनीतिक बीट कवर करने वाले पत्रकार ज्यादा मारे जाते हैं…. सेकेंड नंबर पर बिजनेस बीट

Anil Pandey : भारत में पत्रकारों को सबसे ज्यादा खतरा नेताओं से है। पिछले 25 साल में सबसे ज्यादा उन पत्रकारों की हत्या हुई है जो राजनीतिक बीट कवर करते थे। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पिछले 25 सालों में जिन पत्रकारों की हत्या हुई है, उनमें 47 फीसदी राजनीति और 21 फीसदी बिजनेस कवर करते थे। ये आंकड़े साबित करते हैं कि देश में पत्रकारों के खिलाफ नेताओं और उद्योगपतियों का एक गठजोड़ काम कर रहा है।

देखते हैं बस्तर जाने वाली एडिटर्स गिल्ड की टीम चतरा और सीवान जाती है या नहीं

Pushya Mitra : जिलों में पत्रकारिता करने वाले साथियों का जीवन बहुत मुश्किल और जोखिम भरा होता है। ढेर सारी मेहनत, अपेक्षाएं, बदनामियों के बीच वे खुद से और परिवार से लड़ते रहते हैं। जब तक वे दमदार स्थिति में होते हैं संस्थान उन्हें दूहता रहता है। संकट में पड़ गये तो कोई सहारा देने भी नहीं आता। बिहार में दस साल से पत्रकारिता की इस दुनिया को समझा जाना है। कई हादसे देखे जाने और समझे हैं। कई साथियों को खोया है। कुछ साल पहले तो एक पत्रकार साथी को बम से उड़ा दिया गया और उस साथी के अख़बार के अंदर के पन्ने में उसकी छोटी सी खबर छपी थी। अख़बार ने यह नहीं बताया था कि उक्त पत्रकार उसका अपना है। आज हालात बदले हैं। मगर फिर भी जोखिम कम नहीं हुआ। कल चतरा का पत्रकार मारा गया था आज सीवान का। बस्तर में एक हाई प्रोफाइल पत्रकार के घर पत्थर फेंके गये थे तो एडिटर्स गिल्ड की टीम वहां पहुँच गयी थी। अब देखना है चतरा और सीवान के इन साथियों की हत्या पर देश कैसे रियेक्ट करता है। श्रद्धांजली साथी। हमारे पास आपको देने के लिए बस यही है।

ओशो का वह प्रवचन, जि‍स पर ति‍लमि‍ला उठी थी अमेरि‍की सरकार और दे दि‍या जहर!

ओशो का वह प्रवचन, जिससे ईसायत तिलमिला उठी थी और अमेरिका की रोनाल्‍ड रीगन सरकार ने उन्‍हें हाथ-पैर में बेडि़यां डालकर गिरफ्तार किया और फिर मरने के लिए थेलियम नामक धीमा जहर दे दिया था। इतना ही नहीं, वहां बसे रजनीशपुरम को तबाह कर दिया गया था और पूरी दुनिया को यह निर्देश भी दे दिया था कि न तो ओशो को कोई देश आश्रय देगा और न ही उनके विमान को ही लैंडिंग की इजाजत दी जाएगी। ओशो से प्रवचनों की वह श्रृंखला आज भी मार्केट से गायब हैं। पढिए वह चौंकाने वाला सच…

सिविल सेवा में ना सिविल जैसा कुछ है न सेवा जैसा, डीएम-एसपी माने बाघ से भी खतरनाक कोई जीव!

Navin Kumar : क्या आपको किसी IAS टॉपर का नाम याद है जिसने जनता के हक़ में कोई महान काम किया है? नहीं याद है तो इस सामंती गुणगान का तमाशा क्यों? ऐसा लग रहा है जैसे राजा की ताजपोशी पर लोग नाचे जा रहे हैं और पता नहीं है कि क्यों नाच रहे हैं?

एक आईएएस को दबंग महिला सीएम के पैरों में बैठ माफी मांगते देखा तो आईएएस बनने का इरादा बदल दिया

Mayank Saxena : मेरे पिता चाहते थे कि मैं आईएएस बनूं, मैं सोचता था कि बन सकता हूं…फिर सच्चाई से साबका पड़ा…पिताजी को एक बार चुनाव की ड्यूटी पर लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान गया, तो एक आईएएस को सीएम रही एक दबंग महिला के पैरों में बैठ कर माफी मांगते देखा… उसके बाद पढ़ता और पता करता गया…अहसास हुआ कि आईएएस बन गया, तो या तो पैरों में पड़ा रहूंगा-व्यवस्था से मजबूरी में समझौता कर लूंगा या फिर रोज़ ट्रांसफर, सस्पेंशन, जांच होती रहेगी…और जीवन नर्क हो जाएगा…

दूसरे हफ्ते ही कपिल शर्मा का कामेडी शो हुआ धड़ाम, टीआरपी में जबरदस्त गिरावट

बार्क की 18वें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि सोनी पर धूमधड़ाके के साथ आए कपिल शर्मा का कामेडी शो फ्लाप साबित हुआ है. दूसरे ही सप्ताह इसकी टीआरपी में काफी गिरावट देखी गई. लोगों का कहना है कि कपिल अब खुद को रिपीट कर रहे हैं. शो में बिलकुल नयापन नहीं है. वही सब दिखाया जा रहा है जो पहले दिखा चुका हैं. इससे बेहतर दर्शकों ने इंडिया गाट टैलेंट को माना और यह शो कपिल शर्मा के कामेडी शो से हिट साबित हुआ.

सियासत के मामले में मोदी की स्टाइल को कॉपी कर रहे हैं नीतीश कुमार!

अजय कुमार, लखनऊ

2014 के लोकसभा चुनाव के समय गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के लिये जो रास्ता चुना था, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिये उसी राह पर थोड़े से फेरबदल के बाद आगे बढ़ते दिख रहे हैं। मोदी ने जहां गुजरात मॉडल को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया था, वहीं नीतीश कुमार संघ मुक्त भारत, शराब मुक्त समाज की बात कर रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के समय पूरे देश में मोदी और उनके गुजरात मॉडल की चर्चा छिड़ी थी, जिसका मोदी को खूब फायदा मिला था।

सैय्यद सलमान अहमद ने ईटीवी के नेशनल डेस्क पर ज्वाइन किया

खबर है कि पत्रकार सैय्यद सलमान अहमद ने हैदराबाद में ईटीवी के नेशनल डेस्क पर ज्वाइन किया है. इन्होंने पहले ईटीवी उर्दू ज्वाइन किया था. बाद में नेशनल डेस्क पर ट्रांसफर कर दिया गया. इसके पहले वो महाराष्ट्रा टीवी में एडिटोरियल हेड के रूप में काम कर चुके हैं.

यूपी में जंगलराज : लाख रुपये न देने पर पुलिस वालों ने पीटकर मार डाला और लाश हवालात में टांग दिया

यूपी की संभल पुलिस का बर्बर चेहरा… युवक की हवालात में मौत… परिजनों ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप… हवालात के शौचालय में फाँसी पर झूलता मिला युवक का शव… पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मियो को किया निलंबित… मजिस्ट्रेटी जाँच के दिए आदेश… परिजनों ने काटा हंगामा…. भारी पुलिस बल मौके पर तैनात… कई थानों की पुलिस को बुलाया गया…  

ब्यूरो चीफ की हत्या से दुखी संपादकीय टीम ने मनाया काला दिवस, ‘हिंदुस्तान’ निकला ब्लैक एंड ह्वाइट

बिहार के सीवान में शुक्रवार शाम अपराधियों ने हिंदुस्तान अखबार के पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी। पत्रकार राजदेव रंजन को 5 गोली मारी गई। पत्रकार की हत्या के अगले दिन अखबार ने अपना पहला पन्ना ब्लैक एंड वाइट रंग में छापा है। अखबार बिहार में इसे ‘काला दिवस’ के रूप में दिखाया है। पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या शादी की सालगिरह से एक दिन पहले की गई। रंजन पर हमला करने वाले 4 की संख्या में थे। पुलिस ने दावा किया है कि इन 4 में से 2 की पहचान कर ली गई है। सीवान के एसपी ने बताया कि पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। राजदेव रंजन को 5 गोलियां लगी जिसमें 1 सिर में और दूसरी गर्दन और 3 पेट में गोली लगी है।

टीवी रिपोर्टर बन लड़कियों-महिलाओं को फंसाने वाले इस दीपांकर नामक शख्स से रहिए सावधान

भागलपुर से खबर है कि न्यूज चैनल का रिपोर्टर बनकर लड़कियों फंसाने वाला गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी का नाम दीपांकर कुमार वर्मा है. यह शख्स फेसबुक के माध्यम से लड़कियों को फंसाकर यौन शोषण करता था. दीपांकर मूलरूप से किशनगंज जिले का रहने वाला है. पुलिस ने आठवीं कक्षा की एक छात्रा के अपहरण मामले में उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया है. इस छात्रा को दीपांकर ने फेसबुक के माध्यम से फंसाया था. बाद में उसे भगाकर शादी भी कर ली. लड़की के मां बाप ने 12 जनवरी को केस दर्ज कराया था, तब से पुलिस उसे खोज रही थी.

झारखंड में टीवी पत्रकार तो अब बिहार में हिंदुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ की हत्या

बिहार के सिवान में हिंदुस्तान अख़बार के ब्यूरो चीफ़ राजदेव रंजन की शुक्रवार देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई. सिवान के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार साह का कहना है कि पत्रकार को एक रेलवे पुल के पास पत्रकार को दो गोलियां मारी गई हैं. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे. उनकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन हम ये मान कर चल रहे हैं कि हमलावर दो या तीन हो सकते हैं.

पत्रकार चंडीदत्त शुक्ल के पिता, भाषाविद और साहित्यकार जानकी शरण शुक्ल का निधन

गोन्डा : प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, भाषाविद और आयुर्वेदचार्य जानकी शरण शुक्ल (68) का विगत दिवस लखनऊ में उपचार के दौरान निधन हो गया. अपने हंसमुख स्वभाव की वजह से लोकप्रिय श्री शुक्ल स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री माहविद्यालय में लंबे समय तक पुस्तकालयाध्यक्ष रह चुके थे. स्वर्गीय शुक्ल अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं.

पुणे में रेत चोरी का स्टिंग कर रहे पत्रकार पर जानलेवा हमला

पुणे जिले के इंदापुर में देर रात रेत चोरी का स्टिंग ऑपरेशन करने गए पत्रकार पर रेत माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल पत्रकार को हॉस्पिटल ले जाया गया जहां वह आईसीयू में भर्ती है। पुलिस ने शुक्रवार सुबह रेत माफिया के खिलाफ केस दायर कर आरोपी कि तलाश शुरू कर दी है. एक मराठी अखबार के 41 वर्षीय रिपोर्टर भारत शेंड़गे गुरुवार देर रात जिले की भीमा नदी में हो रही रेत चोरी का स्टिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ तस्वीरें भी निकली थी। इस दौरान रेत माफिया शिवाजी धोत्रे ने उनके साथ मारपीट की।

खालिद रजा, अभिषेक ठाकुर, शोभित वर्मा, प्रखर मिश्रा, आलोक पांडेय, संजय त्रिपाठी के बारे में सूचनाएं

खालिद रज़ा खान ने इटीवी (उर्दू) का दामन थाम लिया है. खालिद रज़ा खान सहारा न्यूज़ नेटवर्क के उर्दू चैनल “आलमी समय” में आउटपुट हेड के तौर पर काम कर रहे थे. खालिद रज़ा खान अपने कुछ कृत्य को लेकर सहारा में चर्चा के विषय भी बने रहे हैं. पिछले सप्ताह ही खालिद रजा ने ईटीवी उर्दू के हेड ऑफिस हैदराबाद में ज्वाइन कर लिया है.

मुलायम के बाद अब अखिलेश लग हैं संघ सेवा में

लखनऊ 13 मई 2016। रिहाई मंच ने आतंकवाद के आरोपों से निचली अदालत द्वारा बरी किए गए मुस्लिम युवकों के मामले में सपा सरकार द्वारा उच्च अदालत में फैसले के खिलाफ अपील करने को अखिलेश यादव सरकार की एक और मुस्लिम विरोधी साम्प्रदायिक आर्रवाई करार दिया है। मंच ने मालेगांव बम धमाकां की आरोपी साध्वी प्रज्ञा पर से एनआईए द्वारा मकोका हटाने को न्यायिक व्यवस्था पर संघी हमला बताया है।

अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि के शिक्षक संघ अध्यक्ष की गाड़ी पर पथराव

वर्धा (महाराष्ट्र) : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विवि के शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. धरवेश कठेरिया की टाटा इंडिगो एमएच 32 सी 1811 पर रात में किसी अज्ञात ने पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। डॉ. कठेरिया ने हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना अप्रत्याशित है, मैं इसकी निंदा करता हूँ। विचारों में मतभेद होना चाहिए, मनभेद नहीं। हमला करने वाले लोगों को मनोरोगी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह एक प्रकार की बीमारी का लक्षण है। बात-चीत से किसी भी समस्या का निदान किया जा सकता है।

महाराष्ट्र के श्रम विभाग ने मजीठिया वेज बोर्ड से संबंधित क्लेम दायर करने को जारी किया फार्मेट

महाराष्ट्र में श्रम विभाग ने पत्रकारों और गैर-पत्रकारों की सुविधा के लिए एक फारमेट जारी किया है जिस भर कर मजीठिया वेज बोर्ड का बकाया आदि मांगने का क्लेम श्रम विभाग में दायर किया जा सकता है. इस आसान से फारमेट को भरकर और सपोर्ट में डाक्यूमेंट्स लगाकर कोई भी मीडियाकर्मी बकाया का अपना दावा श्रम विभाग में ठोंक सकता है. महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी यह फार्मेट मराठी में है लेकिन हिंदी बेल्ट के पाठकों की सुविधा को देखते हुए मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह ने इसका हिंदीकरण करके हिंदी फार्मेट भी तैयार कर दिया है. दोनों फार्मेट नीचे दिए जा रहे हैं.

वॉयस ऑफ लखनऊ और कौमी खबरें अखबार में वेतन के लाले

हिन्दी समाचार पत्र वॉयस ऑफ लखनऊ और उर्दू अखबार कौमी खबरें लखनऊ से प्रकाशित होता है। दोनों समाचार पत्र के मालिक लखनऊ के वरिष्ठ समाज सेवी, बाबू बनारसी दास बैडमिंटन अकेडमी के प्रेसीडेंट, बीबीडी ग्रुप के चेयरमैन, कांग्रेस के पूर्व सांसद तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के पुत्र अखिलेश दास हैं। दोनों समाचार पत्र विराज प्रकाशन के अंडर टेकिंग में लखनऊ से प्रकाशित किये जाते हैं। दोनों समाचार पत्रों के बारे में कहा जाता है कि यहां कार्य करने वाले कर्मचारी पिछले १५ वर्षों से यहां सिर्फ इसलिए जमे हुए हैं, क्योंकि यहां जैसा आराम शायद ही किसी अन्य सरकारी या अद्र्धसरकारी संस्थान में देखने को आपको नहीं मिलेगा। शाम को ७ बजे आइये इंटरनेट की खबरों से कॉपी पेस्ट करके अखबार भरिए, चाहे जैसा छापिए, उसके बाद जिलों में तो दूर शहर तक में अखबार बंटे न बंटे कर्मचारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। बस मालिकों की चापलूसी के लिए उनसे संबंधित सभी संस्थान और ठिकानों पर अखबार उपलब्ध होना चाहिए। दो घंटे में १६ पृष्ठ का अखबार छापकर पिछले १०-१२ साल से लगातार मालिकों के चापलूस उनकी आंखों में धूल झोंकने का कार्य कर रहे हैं।

चार छात्रों को फेलोशिप, नरेंद्र और सुजीत का तबादला

छत्तीसगढ़ के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के चार शोधार्थियों दानेश्वरी सम्भाकर, मीनाक्षी सिन्हा, अनुराग गजपाल, कुमारसिंह तोप्पा का विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय राजीव गांधी फेलोशिप के लिए चयन हुआ है। ये शोधार्थी पी-एचडी के 2014 बैच के हैं।

प्रसार भारती के चेयरमैन सूर्य प्रकाश ने सीईओ जवाहर सरकार को नोटिस भेजा

प्रसार भारती के चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सरकार को शो कॉज नोटिस जारी किया है. वजह है सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति की एक बैठक में वरिष्ठ अधिकारी की जगह कनिष्ठ अधिकारी को भेजना. प्रसार भारती के चेयरमैन द्वारा सीईओ को नोटिस दिए जाने के औचित्य पर सवाल उठ रहे हैं कि वे नोटिस दे सकते हैं या नहीं. सीईओ का पद संवैधानिक होता है.

भईया, इससे अच्छा तो मजदूरी कर लेते, कहाँ से फंस गए मीडिया में!

आज कुछ काम से प्रेस क्लब गया हुआ था, हमेशा की तरह प्रेस क्लब के बाहर और भीतर चहल पहल थी, गेट के ठीक सामने एक कथित संस्थापित टीवी चैनल का कैमरामैन उदास मुद्रा में था, आदत से लाचार होकर पहले तो मैंने उनसे अभिवादन कर कुशलक्षेप पूछा, फिर जो जवाब आया, उसे सुन सुन्न रह गया, और ऐसा पिछले कई महीनों से लगातार जारी है, एक लम्बा मई मीडिया में गुजर चुका वो शख्स बड़ी ईमानदारी के साथ मुझसे कह रहा था, कि, “योगेश जी, ऐसा है, अगर हमको पता रहता कि मीडिया में इतनी ऐसी तैसी करने के बाद भी पगार कि चिंता रहती है, परिवार और पेट कि चिंता रहती है, तो कभी-भी मीडिया में तो नहीं आता, भले हो गाँव में खेतीबाड़ी कर लेता, पर सच में मीडिया में आने कि गलती नहीं करता.”

राजस्थान के गृहमंत्री कटारिया पड़ गए ‘भूत’ के चक्कर में!

दिल्ली से प्रकाशित ‘‘पुलिस पब्लिक प्रेस’’ नामक मैगजीन के सम्पादक पवन कुमार भूत ने पैसों में प्रेस कार्ड बेचकर देशभर में हजारों पत्रकार बना दिए है। किरण बेदी सहित देशभर के कई बड़े पुलिस अधिकारियों को चकमा देकर उनके नाम का इस्तेमाल कर चुके इस भूत के चक्कर से राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया भी बच नहीं सके।  हाल ही में पवन कुमार भूत ने उदयपुर स्थित विज्ञान समिति हॉल में अपनी मैगजीन ‘‘पुलिस पब्लिक प्रेस’’ का लोकापर्ण किया। यहां यह बताना जरूरी है कि यह मासिक पत्रिता एक दशक से अधिक समय से यदाकदा प्रकाशित होती रही है। साथ ही यह भी बताना अत्यन्त आवश्यक है कि इस प्रकार के लोकापर्ण समारोह के लिए इसका प्रकाशन अधिक हुआ है। उदयपुर में आयोजित हुए लोकापर्ण समारोह में पवन कुमार भूत ने राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया को बतौर मुख्य अतिथि बुला लिया। कटारिया भी बना जाने भूत के चक्कर में पड़ गए और लोकापर्ण समारोह में चले गए।

उपेंद्र राय और सहारा मीडिया ने खूब चूतिया बनाया इन कर्मियों को!

एक कहावत है कि मछली मर जाती है लेकिन उसकी गंध मरने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ती। कुछ ऐसा ही हाल उपेंद्र राय का है। उनके जाने के बाद भी उनकी दुर्गंध से सहारा मीडिया के लोग बेहाल हैं। उपेंद्र राय ने अपने समय में राष्ट्रीय सहारा से आंदोलनकारी लोगों को सेफ एग्जिट प्लान के तहत संस्थान से बाहर निकल जाने को कहा। इस प्लान के तहत संस्था को अलविदा कहने वाले कर्मचारियों को कोई न्याय नहीं मिल रहा है। इस कारण इन कर्मचारियों के अंदर भारी बेचैनी है।

ऊर्जा के क्षेत्र में यूपी ने किया शानदार काम, जल्द ही देंगे 24 घंटे बिजली : आलोक रंजन

लखनऊ : यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अपने दो साल के कार्यकाल में विकास के नये कीर्तिमान स्थापित किये। जब उन्होंने कार्यभार संभाला तो नौकरशाहों की लापरवाही के चलते विकास कार्य बहुत प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में उन्होंने खुद कमान संभाली और जिले के दौरे शुरू किये।  गांव-गांव जाकर विकास कार्यों की हालत उन्होंने खुद देखा। यही कारण था कि दो साल के भीतर विकास कार्यों में खासी तेजी आयी। श्री रंजन ने आईआईएम अहमदाबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए की डिग्री लेने के बाद 1978 में उन्होंने आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने बेहद लोकप्रिय दो किताबें भी लिखीं। श्री रंजन अपने विनम्र स्वभाव के लिए बेहद लोकप्रिय हैं। श्री रंजन की कार्य कुशलता का ही परिणाम था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके रिटायर होने के बाद उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया। श्री रंजन ने अपनी जिन्दगी के कई पहलुओं पर 4पीएम के संपादक संजय शर्मा से विस्तार से बातचीत की। पेश हैं उसके अंश…

झारखंड के चतरा में एक निजी चैनल के पत्रकार इंद्रेदव यादव की हत्या

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) ने झारखंड के चतरा में एक निजी चैनल के पत्रकार इंद्रेदव यादव की हत्या की कड़ी निन्दा की है। संगठन ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास से हमलावरों की गिरफ्तारी के साथ मारे गए पत्रकार के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। एनयूजे से संबद्ध झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (जेयूजे) ने पत्रकार की हत्या के खिलाफ बड़े पैमाने पर आन्दोलन चलाने का ऐलान किया है। घटना की जानकारी मिलते ही जेयूजे के पदाधिकारी चतरा पहुंच गए हैं।

परमवीर चक्र विजेता के गांव में इस नेत्रहीन दंपति की दुर्दशा देखिए

गाजीपुर : पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाले और राष्ट्रीय क्षितिज पर जिले का गौरव स्थापित करने वाले परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के गांव का नेत्रहीन दंपति एक अदद शौचालय के लिये तरस रहा है. एक दूसरे का हाथ पकड़ कर ये दंपति शौच के लिये बोतल में पानी लेकर खेतों में जाते हैं. खेतों तक जाने में उन्हें आधा किलो मीटर की दूरी तय करने के लिए काफी वक्त व्यतीत करना पड़ता है. सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे ने सवाल उठाया कि आखिर गांवों में कहां बने हैं शौचालय और कहां है स्वच्छता अभियान? साथ ही उन्होंने इस नेत्रहीन दंपति की दुर्दशा के लिए उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, लूट और जंगलराज की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए इसके लिए अखिलेश सरकार को अपराधी करार दिया.

महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के तहत 17(1) और 17(2) की अधिसूचना और अधिकारियों की सूची

पत्रकार कर सकते हैं मजिठिया मामले में क्लेम

महाराष्ट्र से एक बड़ी खबर आ रही है। पत्रकारों और गैर पत्रकारों के वेतन और भत्ता तथा प्रमोशन मामले से जुड़े मजिठिया वेज बोर्ड मामले के लिये महत्वपूर्ण माने जाने वाले वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के 17 (1) और 17 (2) के तहत  महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों का वर्गीकरण करते हुये अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना के तहत समिति बनाने का जो आदेश प्राप्त हुआ था उसमें अधिकारियों का दो तरह से वर्गीकरण किया गया है। पहले वर्ग में अधिकारियों का वर्गीकरण है और दूसरे वर्ग में उनके कार्य क्षेत्र के बारे में बताया गया है। अब जो भी पत्रकार या गैर पत्रकार मजिठिया वेज बोर्ड के मुताबिक अपना एरियर, वेतन, सुविधायें आदि चाहता है तो उसे अपने क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों के यहां क्लेम करना पड़ेगा।

ऐसे ढीले कानून की वजह से कोई भी नियोजक 1947 से आज तक जेल नहीं जा पाया

पिछले 59 वर्षों से सजा के इस कानून में संशोधन नहीं किया गया जिससे नियोक्ताओं की क्रूरता बढ़ती जा रही है…

श्री मोदी
प्रधान सेवक जी

पहले की सरकारें तो श्रमिक हितों के मामलों में सुप्त थी। आपकी सरकार से आशान्वित हूँ इसलिऐ सुझाव भेज रहा हूँ:-

१.  औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में बना। श्रम न्यायालय के निर्णय के बाद या समझोते का उलंघन करने पर धारा 29 में 17/9/1956 में संशोधन कर 6 माह की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान जोड़ा गया। ऐसे ढीले कानून की वजह से कोई भी नियोजक 1947 से आज तक जेल नहीं जा पाया।

मजिठिया वेजबोर्ड के प्रमोशन मामले में सहायक कामगार आयुक्त ने दिया चौकाने वाला आदेश

मुंबई : देश भर के पत्रकारों और गैर पत्रकारों के वेतन, भत्ते और प्रमोशन के मामले में एक तरफ जहां महाराष्ट्र सरकार ने त्रिस्तरीय कमेटी बनाने का आदेश दिया है वहीं मुंबई के सहायक कामगार आयुक्त और अपील अधिकारी विजय एन चौधरी ने अपने विभाग की फजीहत होते देख आरटीआई के जरिये मांगी गयी मजिठिया वेज बोर्ड के प्रमोशन मामले में एक सूचना पर तीन मई को गोलमोल और चौकाने वाला आदेश दिया है।

दैनिक सवेरा के कार्यालय पर ताला

पंजाब की भूमि से बड़े जोश खरोश से निकले दैनिक सवेरा टाईम्स के हरियाणा के भिवानी जिले में नगर सुधार मंडल मार्केट स्थित कार्यालय पर ताला लग गया है। कारण पिछले 4 माह से दैनिक सवेरा प्रबंधन द्वारा कार्यालय का किराया न भेजना बताया जा रहा है। मजबूरीवश सवेरा कार्यालय के ब्यूरो चीफ को किसी …

कहीं ऐसा न हो खरहा सिर्फ यूपी के किताबी चित्रों में सिमट कर रह जाएं

उत्तर प्रदेश में उड़ीं वाइल्ड लाइफ एक्ट की धज्जियां खरहा प्रजाति पर गहराया संकट, बदलते मौसम और सूखे से त्रस्त वन्य जीव झेल रहे शिकार का दंश, उत्तर प्रदेश में वाणी जीवों के साथ बड़ा छलावा अधिकारी तोड़ रहे कुर्सी, अंधाधुंध शिकार से खरहा की प्रजाति संकट में, शेड्यूल फस्ट के तहत लिस्टेड खरहा का शिकार धड़ल्ले से चलता है मई भर…

सेवानिवृति के समय या तुरंत बाद एक माह के अंदर ग्रेच्युटी दी जानी चाहिए

श्रीमान कानून मंत्री
कानून मंत्रालय
श्रीमान जी,

प्रत्येक कर्मचारी सेवा निवृति तक सेवायें देता है और उसे सेवानिवृति के समय या तुरंत बाद एक माह के अंदर ग्रेचुइटी दी जानी चाहिए। ग्रेचुइटी अधिनियम 1972 की धारा 9 में इस क़ानून का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान दिया  हुआ है परन्तु सजा की अवधि काम से काम 3 से 6 माह और अधिकतम 2 वर्ष की है जिसे 28 वर्ष पूर्व 1987 में जोड़ा  गया था परन्तु कानून का उल्लंघन करने वालो की संख्या बढ़ती  ही जा रही है। नियोजक कोर्ट  में जीतने के बाद भी कई मामलो  में न तो अपील  करता है और  न ही राशि  का भुगतान  करता है और  उस  ग्रेचुइटी निर्गित राशि  की वसूली लैंड रिकवरी एक्ट में होती है, वह भी कम से कम एक पंचवर्षीय योजना तक नहीं  हो पाती  और तब  तक उस व्यक्ति के जीवन  का आख़री पड़ाव ही आ जाता है।

‘बेस्ट ह्यूमन स्टोरी’ के लिए मिलेगा नईदुनिया की लता सिंह को इम्वा अवार्ड

इंडियन मीडिया वेलफेयर एशोसिएशन द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाले भव्य समारोह की कड़ी में 15 मई को नई दिल्ली के मावलंकर ऑडीटोरियम में आयोजित होने वाले 2016 इम्वा अवार्ड के लिए विभिन्न कैटेगरीज़ में देश के कई पत्रकारों को सम्मानित किया जायेगा, जिसमे रायपुर में दैनिक नईदुनिया (जागरण ग्रुप) में संवाददाता के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहीं लता सिंह को ‘बेस्ट ह्यूमन स्टोरीज़’ के लिए अवार्ड प्रदान किया जायेगा।

रायसेन में भास्कर के मनमोहन अग्रवाल का नंगा नाच

दैनिक भास्कर (जबलपुर, नागपुर, सतना) के मालिक मनमोहन अग्रवाल और उसके गुंडों द्वारा रायसेन जिले के चिकलोद में ग्रामीणों की जमीन पर जबरन कब्जा करने की लगातार कोशिश जारी है। इस दौरान मनमोहन अग्रवाल के गुर्गे आजम हसन ने गांव वालों से बुरी तरह मारपीट की। निषाद समाज के पूर्व नवाब हमीदुल्ला खां साहब ने जो तालाब और जमीन उन्हें रोजी रोटी चलाने के लिए दी थी उस पर भी जबरन कब्जा कर लिया। इसकी रिपोर्ट औबेदुल्लागंज थाने में की गई परन्तु मनमोहन की शह पर और एस.डी.ओ. पुलिस श्री मरावी ने उल्टा ग्रामीणों को धमकाया, कहीं और जाकर गुजरबसर करने की सलाह दी। पूर्व में ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिये हुए बयान को बदलने को कहा।

भोपाल पत्रकार भवन : वो शमां क्या बुझे जिसे रोशन ख़ुदा करे

मित्रों, जब भी कभी पत्रकार भवन को लेकर श्रमजीवी पत्रकार संघ के विरुद्ध कोई फैसला आता है तो संघ के अध्यक्ष साथी शलभ भदौरिया के कुछ शुभचिंतक शोर मचाने लगते हैं। हाल ही में भोपाल संभाग के अपर आयुक्त श्री एन पी डहेरिया ने पत्रकार भवन की लीज़ के मामले में श्रमजीवी पत्रकार संघ की अपील ख़ारिज कर दी। बस फिर क्या था श्री शलभ भदौरिया के शुभचिंतक सक्रीय हो गए और अपनी जीत का जश्न मनाने लगे, अति उत्साह में आकर श्री भदौरिया पर भद्दे – भद्दे   आरोप भी लगाने लगे। अक्सर देखने में आता है कि जिन लोगों के पास तथ्य नहीं होते वो ऐसा ही करते हैं। चलो इस बहाने उनकी मानसिकता और चरित्र तो उजागर हुआ।

आदिवासी समाज की एक अनोखी परंपरा- यहां देवर से कर दी जाती है विधवा महिला की शादी!

मंडला : आदिवासी समाज अपने में एक से बढ़कर एक अनोखी रस्में और रीती रिवाज़ समेटे हुए है। आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में इन रीती रिवाजों की बानगी गाँव – गाँव में देखने को मिलती है। इन्ही रीती रिवाजों में एक प्रथा है देवर पाटों और नाती पाटों। इस प्रथा में यदि किसी महिला के पति की मृत्यु हो जाती है तो उसके अंतिम संस्कार के दसवें दिन समाज की मौजूदगी में देवर अपनी भाभी को कड़ा पहनाता है जिसे देवर पाटों कहते है। इसके बाद ये पति – पत्नी की तरह रहने के लिए स्वतंत्र रहते है। इसी तरह यदि विधवा महिला का देवर न हो तो वो अपने ही नाती के हाथों कड़ा पहन लेती है, जिसे नाती पाटा कहते है हालांकि नाती पाटा विधवा महिला को संरक्षण प्रदान करने के मकसद से ही होता है। पाटों के बाद नाती की हैसियत पैवर में मुखिया की तरह होती है। नई पीढ़ी में इस प्रथा का प्रचलन भले ही काम हो गया है लेकिन पुराने लोग आग भी इस प्रथा को अपनाये हुए है।

सुप्रीम कोर्ट रवि शंकर दुबे को भी पेरोल दे या तेरही के बाद सुब्रत रॉय और उनके बहनोई को भी जेल के अंदर करे

सुब्रत राय और अशोक चौधरी छूट गए तो रवि शंकर दूबे को क्यों तिहाड़ में छोड़ दिया?

सुप्रीम कोर्ट की नीयत पर आम जनता का सवाल… सहारा सेबी प्रकरण मे बीते दो साल से जेल मे बंद सुब्रत रॉय को उनकी माता जी के निधन के चलते पेरोल मिल गई। इसी बहाने उनके बहनोई अशोक चौधरी भी बाहर आ गए। अब जेल मे रह गए बेचारे रवि शंकर दूबे। इतना ही नहीं अब सेबी मे जमा करने वाली रकम एकत्र करने की दलील देकर पेरोल भी जुलाई तक बढ़वा ली। दस हजार करोड़ की जमानत राशि मे से दो परसेंट यानी दो सौ करोड़ दो महीने मे देने हैं। दो साल से रकम जुटाने में असफल रहे सहारा समूह के लिए ये कोई बड़ी बात नहीं।

पत्रकार मुन्ने भारती ने किया नेक काम (देखें वीडियो)

मैं आज 12 मई 2016 को सुबह सैर के लिए नई दिल्ली के ओखला के कालिन्दी कुंज पार्क में टहल ही रहा था कि अचानक मेरी निगाह पार्क के कोने मे पड़े तड़पते एक 15-17 साल के लड़के पर पड़ी. बेसुध तड़पते इंसान की मदद के लिए मैं उसकी तरफ भागा. लोग भी जमा हो गये.

पीएम से शिकायत के बाद मलेशिया की जेल से छूटे गाजीपुर के दोनों युवक

गाजीपुर : दलालों की कारस्‍तानी से टूरिस्‍ट वीजा के आधार पर गाजीपुर के दो युवकों को मलेशिया में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था जिसके लिये परिजनों ने जिला गाजीपुर के सामाजिक कार्यकर्ता ब्रज भूषण दूबे से 5 मई को गुहार लगाया था। श्री दूबे ने उसी दिन प्रधानमंत्री के पोर्टल pmo india पर पूरा मामला लिखकर दोनों युवकों को जेल से छुडाने का अनुरोध किया था। पोर्टल पर भेजा गयी शिकायत तत्‍काल पंजीकृत करके pmopg/e/2016/0149143 के क्रम में पूरा मामला कार्यवाही के लिये प्रधानमंत्री के अण्‍डर सेक्रेटरी अम्‍बुज शर्मा को आदेशि‍त किया गया।

शिखा द्विवेदी दूरदर्शन लखनऊ में एक्सटरनल कोआर्डिनेटर बनाई गईं

लखनऊ से खबर है शिखा द्विवेदी को दूरदर्शन केंद्र लखनऊ का एक्सटर्नल कोआर्डिनेटर नियुक्त किया गया है. शिखा पत्रकार के अलावा डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर और सीनियर न्यूज एंकर भी रह चुकी हैं. शिखा को हाल फिलहाल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों देवी सम्मान भी मिल चुका है. यह सम्मान पत्रकारिता में योगदान के लिए दिया गया. उन्हें अतीत में भी कई एवार्ड सम्मान मिल चुके हैं.

एसएमबीसी के हाथों पराधीन हुआ स्वराज एक्सप्रेस चैनल

भोपाल : स्वराज एक्सप्रेस के कर्मचारियों के दिन फिरते नहीं दिख रहे हैं। कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। अब तीसरा महीना भी आधा बीत चला है। खबर थी कि स्वराज एक्सप्रेस  नोएडा के मृतप्राय चैनल एसएमबीसी के लाइसेंस से चलेगा। लेकिन मामला कानूनी दावपेंचों और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दांव पेंचों में फंस गया है। लाइसेंसी नियमों की अनदेखी का आरोप झेल रहे एसएमबीसी को पहले हीं मंत्रालय ने कारण बताओ नोटिस जारी कर रखा है।

अमर उजाला कानपुर में कई लोग इधर उधर हुए

अमर उजाला कानपुर के नए संपादक विजय त्रिपाठी ने अखबार के बेहतर संचालन और श्रेष्ठ आउटपुट के लिए कई मीडियाकर्मियों का कार्यभार बदला है. जनरल डेस्क पर अभी तक कार्यरत विपिन शुक्ला को हरदोई भेजा गया है. कानपुर देहात से विकास गुप्ता को जनरल डेस्क पर लाया गया है. राजीव शुक्ला को हरदोई से डाक …

शैलेंद्र की जनसत्ता कोलकाता से हो गयी विदाई, अगले हफ्ते मेरी बारी

माननीय ओम थानवी का आभार कि शैलेंद्र जी और मेरे करीबन पच्चीस साल एक साथ काम करते हुए साथ साथ विदाई की नौबत आ गयी। पिछले साल जब शैलेंद्र रिटायर होने वाले थे, तब हमने उनसे निवेदन किया था कि 1979 से शैलेंद्र हमारे मित्र रहे हैं और अगले साल मेरी विदाई है तो कमसकम उन्हें एक साल एक्सटेंशन दे दिया जाये। वैसे ओम थानवी से मेरे संबंध मधुर नहीं थे लेकिन उनने तुरंत फेसबुक पर सूचना करीब दो महीने पहले दे दी कि शैलेंद्र की सेवा जारी है।

आजतक सुधरा लेकिन इंडिया टीवी अब भी नंबर वन, इंडिया न्यूज़ का हुआ पतन

इस साल के अठारहवें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि आजतक ने अपनी स्थिति में ठीकठाक सुधार किया है लेकिन अब भी वह नंबर एक की कुर्सी से दूर हैं. इंडिया टीवी नुकसान के बावजूद नंबर एक बना हुआ है. हां, नंबर एक और नंबर दो के बीच का फासला काफी कम हो गया है. उधर, इंडिया न्यूज का पतन शुरू हो गया है. यह चैनल लुढ़क कर नंबर पांच पर आ गिरा है. जी न्यूज चाह कर भी अपनी पुरानी स्थिति पर नहीं आ पा रहा है क्योंकि इसकी टीआरपी इतनी ज्यादा गिर चुकी है कि इसे अब नंबर चार या नंबर पांच पर आने में काफी मेहनत करनी होगी. ये हैं अठारहवें हफ्ते का आंकड़े….

आर.पी. सिंह और पंकज शुक्ला के बारे में सूचनाएं

रायपुर से प्रकाशित सांध्य दैनिक हमारी सरकार का समाचार संपादक वरिष्ठ पत्रकार आर.पी. सिंह को बनाया गया है. हमेशा से मूल्यपरक पत्रकारिता करने वाले श्री सिंह देश के तममाम अखबारों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. अभी हाल में ही उन्होंने अमन पथ को भी बॉय-बॉय किया.

लोगों को जाल में फंसाने वाले सभी ब्लैकमेलरों के खिलाफ अभियान छेड़ेंगे : हरीश रावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 10 मई के नतीजे आ जाने के बाद सभी ब्लैकमेलरों जो खुल्लमखुल्ला लोगों को जाल में फंसाने के लिए धन व अन्य प्रलोभन की पेशकश कर रहे हैं, जो लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं, के खिलाफ हम किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में एक लड़ाई छेड़ेंगे. हरीश रावत के मुताबिक- ”मैं केंद्र सरकार और बीजेपी पर आरोप लगाता हूं कि वे लोग इस राज्य में कब्जा और अशांति की राजनीति कर रहे हैं।”

हम सभी पेड न्यूज के शिकार हैं : जेटली

मीडिया में पेड न्यूज की बढ़ती प्रवृत्ति पर आज चिंता जताते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने कहा कि यह पाठकों को गुमराह करता है और सरकार को इस पर रोक के लिए तत्काल कड़े कदम उठाने चाहिए। खबरों की आड़ में प्रचार के लिए विज्ञापनों को लेकर विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा चिंता जताए जाने पर सूचना और प्रसारण मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि पेड न्यूज पथ से हटने वाली बात है लेकिन यह भी आशंका है कि सरकार के कदम उठाने पर इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप कहा जाएगा।

पत्रकार पूजा तिवारी के मामले की सीबीआई जांच के लिए पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर निकाला कैंडिल मार्च

नई दिल्ली। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) (एनयूजे) से संबद्ध दिल्ली पत्रकार संघ (डीजेए) ने फरीदाबाद की पत्रकार पूजा तिवारी की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग को लेकर सोमवार की रात को जंतर मंतर पर कैंडिल मार्च का आयोजन किया। इस मार्च में दिल्ली और आसपास के सैकड़ों पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में महिला पत्रकारों ने भी मार्च में अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। मार्च में शामिल पत्रकारों ने पूजा की संदिग्ध मौत और उसकी जांच को लेकर हरियाणा पुलिस के रवैये पर सवाल उठाये। एनयूजे और डीजेए की तरफ से कहा गया है कि अगर दस दिन में इस मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी गई तो हरियाणा भवन पर प्रदर्शन किया जाएगा।

राज्यसभा में गूंजा ‘पेड न्यूज’ मुद्दा, खबर और विज्ञापन में अंतर करने के लिए नियम बनाने की मांग

राज्यसभा में लगभग सभी सदस्यों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पेड न्यूज के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई और इससे निपटने के लिए नियम बनाये जाने की मांग की। राज्यसभा सदस्यों ने मंगलवार को ‘पेड न्यूज’ पर चिंता जताई और इस मुद्दे को सुव्यवस्थित बहस के लिए उठाने का फैसला किया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय गोयल ने शून्य काल में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज से मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव और के.सी. त्यागी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने दलगत भावना से ऊपर उठकर उनका समर्थन किया।

पत्रकार प्रेस परिषद के कोरिया जिले की कमान श्रीराम को

रायपुर : राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों और कलमकारों के हित में काम कर करने वाली पत्रकार प्रेस परिषद ने छत्तीसगढ़ के पत्रकारों को अपने संगठन से जोड़ने और मजबूत टीम बनने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है. पिछले दिनों परिषद के प्रादेशिक कार्यालय में पत्रकार प्रेस परिषद की अहम बैठक का आयोजन किया गया. इसके …

नवभारत ने अपना कलेवर बदला

रायपुर : दैनिक नवभारत ने अपना लेआउट चेंज कर दिया है. अपने हर पृष्ठ में फोन्ट से लेकर डिज़ाइनिंग तक को बदलने में सफ़ल हुआ है. दैनिक नवभारत अखबार के मुख्य पृष्ठ के साथ ही सिटी और टैब्लॉइड के प्रकाशन में भी कई बदलाव किये गए हैं. खबर ये भी है कि पन्नों में बदलाव का असर बरसों से नवभारत में अपनी सेवाएं दे रहे वरिष्ठ पत्रकारों पर पड़ता दिख रहा है. नए लेआउट डिजाइन को समझाने की खातिर नवभारत मुख्यालय की टीम के लिए ट्रेनिंग सेशन भी आयोजित किया जायेगा.

टाइम्स आफ इंडिया के दिल्ली आफिस में लगी आग, हड़कंप

दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर आईटीओ स्थित टाइम्स आफ इंडिया के आफिस में भयंकर आग से सनसनी मच गई है. टीओआई बिल्डिंग के आगे पीछे दोनों तरफ धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा है. करीब आधा दर्जन दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं. बताया जा रहा है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी है. आग और धुएं की तीव्रता का आलम ये था कि लोग टाइम्स बिल्डिंग के आसपास खड़े नहीं हो पा रहे थे.

सिंहस्थ में पत्रकारों से अभद्रता करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की मांग

भोपाल। महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ के दौरान पुलिस विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा पत्रकारों से अभद्रता की खबर आए दिन सुनने को मिल रही है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में असफल रहे पुलिस विभाग के अधिकारियों ने अपनी गलतियों को छुपाने के लिए पत्रकारों को बेइज्जत करना प्रारंभ कर दिया है। आज तो उज्जैन में पदस्थ एडीजी स्तर के अधिकारी ने पत्रकारों को अपने हद में रहने की चेतावनी दे डाली।

सत्ता के नशे में भाजपा नेता इसी तरह पत्रकारों से बदतमीजी करते रहे तो इसे सहन नहीं किया जाएगा

हिसार। हिसार प्रेस क्लब ने आदमपुर की भाजपा नेत्री व उसके पति द्वारा वहां के पत्रकारों के साथ किये गए दुर्व्यवहार व उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने की कड़ी निंदा की है। प्रेस क्लब ने भारतीय जनता पार्टी व जिला प्रशासन से इन दंपति नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है। प्रेस क्लब प्रधान राजेश्वर बैनीवाल ने कहा कि आदमपुर के पत्रकार भाजपा की निगरानी समिति की बैठक की कवरेज करने गए थे और इसके लिए उन्हें निमंत्रण दिया गया था। निगरानी समिति की बैठक में आई भाजपा नेत्री व उसका पति बेवजह पत्रकारों से उलझ पड़े और जब पत्रकारों ने उनका विरोध किया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी तक दे डाली। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता के नशे में भाजपा नेता इस तरह की हरकत करते हैं तो इसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

पंजाब में भाजपा नेत्री और उसके पति ने पत्रकारों के साथ की गुंडागर्दी

मंडी आदमपुर, 10 मई : सत्ता के नशे में चूर भाजपा के नेता आम आदमी तो क्या पत्रकारों को भी नही बख्श रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार देर शाम को सामने आया आदमपुर रेस्ट हाउस में निगरानी समिति की बैठक में जब हिसार लोकसभा क्षेत्र के निगरानी समिति के अध्यक्ष प्रो.मनदीप मलिक व अन्य दर्जनों कार्यकर्ताओं के सामने ही भाजपा नेत्री और उसके पति ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

अगर अराजक होने से सच सामने आता है तो मैं हूं अराजक : यशवंत

भड़ास4मीडिया के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह पिछले दिनों लखनऊ में थे. इस दौरान उनकी वीकेंड टाइम्स और 4पीएम अखबारों के संपादक संजय शर्मा से मुलाकात हुई. संजय ने यशवंत के लखनऊ में होने का फायदा उठाते हुए उनका विस्तृत इंटरव्यू कराया. 4पीएम की स्थानीय संपादक प्रीति सिंह ने यशवंत से ढेर सारे सवाल पूछे और यशवंत ने पूरी बेबाकी से जवाब दिया.

शरद मिश्र और गौरव गुप्ता की नई पारी, सुबोध मिश्रा जी न्यूज से हटे

नईदुनिया, दैनिक भास्‍कर, अमर उजाला और राजस्‍थान पत्रिका में प्रिंट और डिजिटल एडिशन में कार्य कर चुके शरद मिश्र अब आउटलुक हिंदी से जुड़ गए हैं। उन्‍हें यहां वेबसाइट में जनरल डेस्‍क में न्‍यूज अपडेट और वेब शेयरिंग की जिम्‍मेदारी दी गई है।

भदोही में बसपा के पूर्व मंत्री के इशारे पर डेली न्यूज़ के पत्रकार पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा

भदोही जिले की औराई तहसील में लखनऊ से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के लिए काम करने वाले पत्रकार विमलेश दूबे पर पुलिस ने दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है. पीड़ित पत्रकार का आरोप है की यह मुकदमा प्रदेश के चर्चित लैकफ़ेड  घोटाले के आरोपी रहे पूर्व बसपा मंत्री की शह पर कराया गया है जबकि पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र ने पत्रकार के आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

मजेठिया आयोगाच्या शिफारशी लागू करण्यासाठी लवकरच समितीची स्थापना करणार

मुंबई : केंद्र शासनाने श्रमिक पत्रकार/पत्रकारेत्तर कर्मचाऱ्यांकरिता मजेठिया आयोगाच्या शिफारशी लागू करण्याबाबत सर्वोच्च न्यायालयाकडून आलेल्या अधिसूचनेची अंमलबजावणी करण्यासाठी समितीची आठ दिवसांत स्थापना करण्यात यावी, असे निर्देश कामगार मंत्री प्रकाश महेता यांनी आज येथे दिले. मजेठिया वेतन आयोगाच्या शिफारशी लागू करण्याबाबत मंत्रालयात झालेल्या आढावा बैठकीत कामगार मंत्री श्री मेहता बोलत होते. कामगार आयुक्त यशवंत केरुरे, आमदार अनंत गाडगीळ, मराठी पत्रकार परिषदेचे अध्यक्ष एस. एम. देशमुख, विश्वस्त किरण नाईक, एन यु जे महाराष्ट्रचे अध्यक्ष डॉ.  उदय जोशी, उपाध्यक्ष बाबा लोंढे, सरचिटणीस शीतल करदेकर, बृहन्मुंबई युनियन ऑफ जर्नालिस्टचे एम. जे. पांडे, इंदरकुमार जैन, टीव्ही जर्नालिस्ट असोसिएशनचे विलास आठवले, विविध वृत्तपत्रांचे व्यवस्थापकीय प्रतिनिधी तसेच वृत्तपत्र व इलेक्ट्रॉनिक माध्यमांचे प्रतिनिधी उपस्थित होते.

छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की फौज ने डीपीआर तो डीपीआर, गांवों के सरपंचों तक की नींद उड़ा दी है!

ना नाप, ना तोल, बस ख़ुदको सम्पादक बोल!

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से डेढ़ दशक बाद प्रदेश में पत्रकारों की फ़ौज़ ने डीपीआर तो डीपीआर, गाँवों के सरपंचों तक की नींद उड़ा दी है, राजधानी रायपुर से तो कुछ पत्रकार सुबह से कैमरा टांगे सरपंचों तक चन्दा वसूली करने से दिन की शुरुआत करने लगे हैं, इतना ही नहीं आरएनआई बिना किसी अनुभव के पत्रकारों को टाईटल का प्रसाद बांटने में लगा है, और दो, चार पन्नों में नेट से खबरें चोरी कर छग में पत्रकारों की संख्या दिन दुनी रात चौगुनी तरक्की करने में लगी है।

दैनिक जागरण कपूरथला का कारनामा

दैनिक जागरण के कपूरथला के अंक में जसकीरत अपहरण कांड संबधित कवरेज छपी है। यह सारी कवरेज उन्होंने दैनिकमेल.काम से उठाई है और खास बात यह है कि एक शब्द भी खबर में नहीं बदला पूरी की पूरी कापी पेस्ट। दैनिकमेल.डाट काम निखिल शर्मा चला रहे हैं जो दैनिकजागरण में पन्द्रह साल क्राम रिपोर्टर रहे हैं। पिछले साल मजीठिया के खिलाफ आवाज उठाई तो जागरण से उनका पंगा हो गया। निखिल शर्मा ने मजीठिया मामले में जागरण मैनेजमेंट और जालंधर के संपादक विजय गुप्ता के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई हुई है जिसमें विजय गुप्ता थाने में पेश होकर बयान भी देकर आए थे।

दिव्य मराठी सहित कई समाचार पत्रों में पैसे बचाने के नाम पर प्रबंधन ले रहा कर्मियों की बलि

महाराष्ट्र में निकलने वाले दैनिक दिव्य मराठी सहित कई समाचार पत्रों में प्रबंधन कर्मचारियों की छंटनी करने में जुट गया है. ऐसा मजीठिया वेज बोर्ड के चलते ज्यादा पैसे देने के बदले किया जा रहा है ताकि खर्चा नियंत्रित रहे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड मामले में पत्रकारों और गैर पत्रकारों के पक्ष में दिए गए फैसले के बाद समाचार पत्र प्रबंधन में हड़कंप का माहौल है। अखबार प्रबंधन को अब समझ में आ गया है कि मजीठिया वेज बोर्ड से बच नहीं सकते इसलिये अब मीडिया मालिक मजीठिया वेज बोर्ड का पैसा बचाने में लगे हैं। डीबी कॉर्प के महाराष्ट्र में निकलने वाले दैनिक दिव्य मराठी और मुंबई के एक समाचार पत्र से खबर आ रही है कि प्रबंधन यहाँ मजीठिया वेज बोर्ड से बचने के लिए अपने कर्मचारियों को निकालने लगे हैं, ऐसा कास्ट कटिंग करने के तहत किया जा रहा है। कर्मचारियों को निकालने के लिए उन्हें परेशान कर उनसे जबरन रिजाइन लिखवा लिया जा रहा या फिर उनका हिसाब किताब देकर दूसरी कंपनी में ठेका पर लिया जा रहा है।

मध्य प्रदेश सरकार ने छल वेबसाइटों को 4 साल में दिए 14 करोड़ के सरकारी विज्ञापन, इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित की रिपोर्ट

वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव की रिपोर्ट में खुलासा, पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों की ओर से संचालित की जा रही हैं वेबसाइट, 10 हजार रूपए से लेकर 21 लाख 70 हजार रुपए तक विज्ञापन दिए गए, कांग्रेसी विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में उठाया था सवाल

-दीपक खोखर-

भोपाल, 10 मई। मध्य प्रदेश में 4 साल के दौरान 244 छल वेबसाइटों को 14 करोड़ रूपए के सरकारी विज्ञापन दिए गए। इनमें से ज्यादातर वेबसाइट पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों की ओर से संचालित की जा रही हैं। इन वेबसाइट को वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के बीच 10 हजार रूपए से लेकर 21 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गए। इंडियन एक्सप्रेस ने इस बारे में सोमवार 9 मई के अंक में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव की रिपोर्ट में यह तमाम खुलासे हुए हैं। दरअसल कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में सवाल उठाया था। जिसके बाद उन्हें दिए गए जवाब में तमाम जानकारी हासिल हुई।

लखनऊ के पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस ने पत्रकार नेता विक्रम राव को जालसाज कहा!

के.  विक्रम राव  अपने झूठ, फरेब, जालसाजी और फर्जीवाड़े के लिए कुख्यात रहे हैं। लेकिन अब जयंत वर्मा जाँच समिति  की रिपोर्ट के बाद से वे इतना बौखला उठे हैं कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा है। हालाँकि उन्हें आई. एफ. डब्लू. जे. से कब का निष्कासित किया जा चुका है लेकिन यह जाल-साज संगठन के नाम का बेजा इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहा है और आई. एफ. डब्लू. जे. पदाधिकारियों के खिलाफ मिथ्या ख़बरें फैला रहा है। उनकी बढ़ती हुई बेचैनी ही उनके मानसिक संतुलन को बिगाड़ रही है।  क्योँकि जाँच समिति के अध्यक्ष श्री जयंत वर्मा पिछले दो दिनों से लखनऊ में हैं और उन्होंने उन स्थानों का दौरा किया जहाँ पर आई. एफ. डब्लू. जे. के प्रेस का उपयोग हुआ और तमाम धांधलियां की गई।  जयंत वर्मा समिति ने लखनऊ के तमांम अधिकारियों के बयान भी दर्ज किये हैं जो विक्रम राव की १०० करोड़ रुपए से ज्यादा की धांधली को उजागर करते हैं।  श्री जयंत वर्मा समिति के अन्य सदस्य सिद्धार्थ कलहंस और मोहम्मद कामरान भी उनके साथ थे। 

दैनिक जागरण में समाचार संपादक शाहिद रजा सोमवार को दुनिया से रुखसत हो गए

मौत चुपचाप दबोच लेती है, चर्चा भी नहीं होता…..दैनिक जागरण में समाचार संपादक शाहिद रजा सोमवार को दुनिया से रुखसत हो गए। एक जनवरी 1960 को जन्मे शाहिद रजा की रुखस्ती एकदम खामोश और गुमनाम रही। करीब ढाई साल पहले लुधियाना यूनिट के प्रभारी पद से हटाकर उन्हें नोएडा सेंट्रल डेस्क पर बुला लिया गया था। यहां वह प्रदेश डेस्क पर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से बीमार थे। उनका दिल्ली के सरगंगा राम अस्पताल में किडनी का इलाज चल रहा था।

केजरीवाल मीडिया को कैसे मैनेज करते हैं

देश में 29 राज्यों के मुख्यमंत्री हैं और दो केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां मुख्यमंत्री होते हैं। यानी कुल मिलाकर देश में 31 मुख्यमंत्री हैं। अरविंद केजरीवाल इनमें मुख्यमंत्रियों में से एक हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि जितनी कवरेज अरविंद केजरीवाल नेशनल मीडिया में पाते हैं, उतना तो किसी राष्ट्रीय पार्टी को भी नसीब नहीं हो पाता। स्थिति ये है कि कवरेज के मामले में आम आदमी पार्टी बीजेपी-कांग्रेस को जोरदार टक्कर देती है। नेशनल मीडिया को देखें तो ऐसा लगता है कि इस समय पूरे देश में सिर्फ आम आदमी पार्टी विपक्षी पार्टी है और केजरीवाल विपक्ष के नेता। ऐसा क्यों है? बिना किसी लाग-लपेट के तर्क के सहारे सीधे-सीधे अपनी बात रख रहा हूं।

उपेन्द्र राय तहलका ग्रुप के एडिटर इन चीफ और सीईओ बने

बड़ी खबर तहलका समूह से आ रही है। खबर है कि उपेन्द्र राय इस समूह के नए एडिटर इन चीफ और सीईओ बना दिए गए हैं। छेड़छाड़ केस के चलते तरुण तेजपाल की केडी सिंह के तहलका ग्रुप से पहले ही छुट्टी हो चुकी है। वो अपना शेयर लेकर अलग हो चुके हैं।

कवरेज करते समय करंट लगने से मरे इंडियन एक्सप्रेस के फोटो जर्नलिस्ट का शव दो घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा

झांसी से एक बड़ी और दुखद खबर आ रही है। पता चला है कि इंडियन एक्सप्रेस के फोटोग्राफर की कवरेज करते समय रेलवे यार्ड में मृत्यु हो गयी है। फोटो journalist का नाम रवि कनोजिया है। दिल्ली से फोटो शूट करने आये थे फोटो जर्नालिस्ट रवि। वे वाटर एक्सप्रेस और सूखे की कवरेज के लिये झाँसी आये थे। बताया जा रहा है कि कवरेज के दौरान असावधानी के कारण वे करन्ट की चपेट में आ गए। दुखद ये है कि दो घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा प्रेस फोटोग्राफर का शव। जीआरपी और आरपीएफ ने शव को छूने से इनकार कर दिया।

एक न्यूज चैनल का बौद्धिक दिवालियापन (देखें वीडियो)

साधना न्यूज नामक एक न्यूज चैनल ने भड़ास4मीडिया डॉट कॉम पर इसलिए मुकदमा किया है क्योंकि भड़ास पर छपी एक धारावाहिक व्यंग्य कथा ‘चांपना न्यूज’ को उसने खुद की कहानी मान लिया है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में यह मामला मजेदार मोड़ में है. कोर्ट की तरफ से मध्यस्थता कर रहे शख्स का कहना …

कोतवाल संजयनाथ तिवारी पर फिर रपट दर्ज

इसके अलावा 14 अन्य पुलिसकर्मियों पर भी केस…. कोतवाल संजय पर इसके पहले भदोही, लखनउ, वाराणसी, जौनपुर, इलाहाबाद में भी दर्ज है लूट, हत्या डकैती, बलातकार व माफियाओं से साठगांठ कर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की रपट…  वर्दी की धौंस जमाकर करता रहा है अवैध वसूली, कई बार हो चुका है निलम्बित… दस हजार करोड़ से भी है उसके पास अधिक की संपत्ति …अरसे से हो रही है भ्रष्ट कोतवाल के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग…

हेलीकॉप्टर घोटाले में किस हिंदी न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार पर खर्च किये गये 28 लाख रुपये?

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े एक सनसनीखेज दावे से बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में एक वरिष्ठ पत्रकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जांच के दायरे में है। इस खुलासे से पता चला है कि एक हिन्दी न्यूज चैनल का यह पत्रकार अपनी पत्नी के साथ अगस्ता वेस्टलैंड के खर्चे पर इटली की यात्रा की थी। OneIndia News में छपी रिपोर्ट के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस पत्रकार और उसके परिवार 28 लाख रुपये खर्च किये गये। ईडी अगस्ता वेस्टलैंड और इस पत्रकार के रिश्ते के बारे में जांच करना चाहता है। इस पत्रकार से पिछले साल भी पूछताछ की गई थी। ईडी इसे फिर समन भेजेगा।

मोदी जी के पास डिग्री है तो सत्यमेव जयते के साथ ट्वीट क्यों नहीं कर दे रहे?

Sanjaya Kumar Singh : मोदी जी के पास डिग्री है तो सत्यमेव जयते के साथ ट्वीट क्यों नहीं कर दे रहे हैं। और नहीं कर रहे हैं तो भक्तों ने जैसे कन्हैया को नेता बनाया वैसे ही अरविन्द केजरीवाल की पार्टी को पंजाब चुनाव जीतने का मौका क्यों दे रहे हैं। भक्तों के उछलकूद का लाभ अरविन्द केजरीवाल को मिल रहा है। अलमारी में रखी डिग्री अंडा-बच्चा तो देती नहीं। ना बीमार होकर अस्पताल जाती है। आमलोगों की डिग्री तो पत्नी कहीं रख देगी, चूल्हा जला चुकी होगी या बच्चों के टिफिन पैक करके दे देगी। मोदी जी के साथ तो ये सब लफड़ा भी नहीं है। फिर इतनी देर?

दैनिक जागरण के मालिक और मैनेजर भगवान से नहीं डरते लेकिन जनता को भगवान के नाम पर डराते हैं, देखें तस्वीरें

ये तस्वीरें दैनिक जागरण लखनऊ कार्यालय के बाहर की हैं. इसे कहते हैं- ”पर उपदेश कुशल बहुतेरे” यानि जो लोग भगवान से ना डरते हुए अपने कर्मियों को उनका मजीठिया वेज बोर्ड वाला कानूनी, न्यायिक और संवैधानिक हक नहीं दे रहे हैं, वे ही लोग जनता को ईश्वर की नजर में होने का भय दिखाकर पेशाब न करने, कूड़ा न फेंकने की अघोषित हिदायत दे रहे हैं.

अमर उजाला के संपादकों ने यूपी में नंबर एक अखबार बनने के बाद सोशल मीडिया पर शेयर किया विजय विज्ञापन

आज फेसबुक पर दिनेश जुयाल, विजय त्रिपठी समेत अमर उजाला के कई यूनिटों के संपादकों ने उपर दिए गए अमर उजाला के यूपी में नंबर वन हो जाने संबंधी विजय विज्ञापन को अपने-अपने एकाउंट से अपलोड कर शेयर किया है और इशारों इशारों में दैनिक जागरण को जता बता दिया है कि अब यूपी में आने वाले और आगे वाले दिन तो अमर उजाला के ही हैं.

नेशनल दुनिया जयपुर में जनवरी से किसी को वेतन नहीं, मीडियाकर्मी परेशान

नेशनल दुनिया जयपुर से सूचना है कि यहां इस साल जनवरी से किसी को भी वेतन नहीं मिला है. खासकर मशीन विभाग के लोग बहुत परेशान हैं. पिछले माह की 26 तारीख को ही प्लांट को बन्द कर दिया गया. सभी कर्मचारी वेतन के लिये परेशान हो रहे हैं. प्रबन्धन की तरफ से कोई आश्वासन नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में कर्मचारी क्या करें और कहां जायें, कुछ समझ नहीं आ रहा है. प्रोडक्शन डिपार्मटमेंट की टीम में सभी सदस्य बड़े परेशान हैं.

मजीठिया वेज अवॉर्ड : सुप्रीम कोर्ट के वज्र से बचाव का कवच नहीं सूझ रहा मीडिया मालिकान को

-भूपेंद्र प्रतिबद्ध-

मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों के मुताबिक पगार-सेलरी-मेहनताना पाने की इच्छा रखने वाली प्रिंट मीडिया कर्मियों की विशाल जमात आजकल एक नए उल्लास-उमंग-उम्मीद से सराबोर है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती,  उसकी ओर से अवमानना के समस्त केसों की अंतिम सुनवाई की तिथि तय कर देने और आगे सुनवाई का कोई अवसर देने से मना करने के चलते पत्रकार एवं गैर पत्रकार कर्मियों में आशा का एक अनोखा-अप्रतिम संचार हो गया है। उनका वह संदेह-संशय हवा हो गया है जिसमें उन्हें लगता रहा था या कि लगता रहा है कि कुछ भी हो जाए, मीडिया मालिकान उन्हें मजीठिया के मुताबिक पगार किसी भी सूरत में नहीं देंगे। क ्योंकि उनकी जेहन में यह रचा-बसा दिया गया था या कि बसा दिया गया है कि अखबारी मालिक कानून, सरकार, सिस्टम से ऊपर  हैं। उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वे अपनी मर्जी के मालिक या कहें कि भगवान हैं।  उनकी इच्छा ही कानून है। उनका आदेश न मानने वाला कर्मचारी हर उस दंड-सजा का भागी है या होगा जो उसका कारिंदा मैनेजमेंट तय करेगा, देगा।

अवैध कब्ज़ा मामले में लोकसभा टीवी एंकर अनुराग दीक्षित और उनके परिजनों की हुई हार

बुलंदशहर के जहांगीराबाद में नगर पालिका ने विवेकानंद स्थल से कब्जा हटाया

बुलंदशहर : जहांगीराबाद के विवेकानंद प्रतिमा स्थल पर मालिकाना हक को लेकर नगर पालिका परिषद और मानव कल्याण समिति के बीच चल रही लड़ाई में नगर पालिका ने विजय हासिल की। लोकसभा चैनल में एंकर अनुराग दीक्षित, इनके पिता सुरेन्द्र दीक्षित व बड़े भाई सुनील दीक्षित नगर पालिका से इस लड़ाई को लड़ रहे थे। मण्डलायुक्त मेरठ व उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर अनूपशहर एसडीएम अरुण कुमार द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों नायाब तहसीलदार नरेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी प्रभात वर्मा, अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण, सभासद विनय अग्रवाल व प्रवीन शिशौदिया ने पुलिस बल व पालिका कर्मियों के साथ विवेकानन्द प्रतिमा स्थल पर पहुँच कर नगर पालिका की लाखों की भूमि से मानव कल्याण समिति द्वारा किये गए अवैध कब्ज़े को हटवाया।

छवि राय के अंतिम संस्कार में मीडिया, नेता, अभिनेता सबकी भीड़ उमड़ी

लखनऊ : सहारा ग्रुप के चेयरमैन ‘सहाराश्री’ सुब्रत राय सहारा की मां छवि राय का अंतिम संस्कार… सहाराश्री की मां छवि राय के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब… बैकुंठधाम में हुआ सहाराश्री की मां छवि राय का अंतिम संस्कार… अंतिम संस्कार में शामिल हुए देश-विदेश से आए सहारा ग्रुप के अधिकारी और कर्मचारी… देश के कई बड़े वीवीआईपी, ब्यूरोक्रेट्स, फिल्मी सितारे भी छवि राय के अंतिम संस्कार में पहुंचे…

अगले वेतन आयोग में टीवी पत्रकारों और कैमरामैनों को भी शामिल करने के लिये श्रम एवं रोजगार मंत्री को भेजा पत्र

मुंबई के मीडिया और आरटीआई एक्टीविस्ट शशिकांत सिंह ने श्रम एवं रोजगार मंत्री (भारत सरकार) श्री बंडारू दतात्रय को एक मेल और निवेदन पत्र भेजकर मांग किया है कि पत्रकारों के लिये गठित होने वाले अगले वेतन आयोग में समाचार चैनलों के पत्रकारों, कैमरामैनों और चैनल से जुड़े अन्य कर्मियों को भी स्थान दिया जाये। श्री सिंह ने इस पत्र में लिखा है कि आज प्रिंट मीडिया के साथ साथ समाचार चैनल भी न्यूज क्षेत्र में कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। उनका काम काफी कठिन और चुनौती पूर्ण होता है। अक्सर उनके काम का समय निर्धारित नहीं रहता है और लगातार कई कई दिन तक उन्हें काम करना पड़ जाता है।

‘बहुजन वैचारिकी’ के डॉ. तुलसी राम विशेषांक का विमोचन गांव ‘मुर्दहिया’ में तुलसी राम के परिजनों ने किया, देखें तस्वीरें

तुलसी राम को उनकी प्रथम स्मृति-तिथि से एक दिन पूर्व 12 फरवरी, 2016 को उनके गाँव—मुर्दहिया (धरमपुर, आजमगढ़, यूपी) में याद किया गया और स्मृति-तिथि के दिन 13 फरवरी, 2016 को डॉ.अम्बेडकर पार्क, आजमगढ़ शहर में याद किया गया| तुलसी राम की हिंदी भूमि पर पहचान उनकी आत्मकथा ‘मुर्दहिया’ और ‘मणिकर्णिका’ से बनी लेकिन वो मुख्यतः जवाहर लाला नेहरू विश्वविद्यालय में ‘अंतर्रराष्ट्रीय संबंधों’ के प्रोफ़ेसर और चिन्तक थे| तुलसी राम पर आए ‘बहुजन वैचारिकी’ पत्रिका के प्रवेशांक-विशेषांक में उनके भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय चिंतन को केन्द्रित किया गया है जिसमें तुलसी राम का साहित्य चिंतन, अम्बेडकरीजम, बुद्धिजम, मार्कसिजम, हिन्दू मिथकों, साम्प्रदायिकता, वर्ण-व्यवस्था, सामाजिक न्याय, दलित संहार, दलित महिलाओं के हो रहे बलात्कार पर चिंता, अंतर्राष्ट्रीय चिंतन, उनके साक्षात्कार, डायरी आदि को केंद्र में रखा गया है|

बादल घोंट रहा है मीडिया का गला, कई चैनलों का प्रसारण बंद

चंडीगढ़: पंजाब के मीडिया माफिया फास्टवे ने एक बार फिर अपना माफिया रूप दिखाया है। जी ग्रुप के टीवी चैनल ‘जी पंजाबी’ का कथित रूप से फास्टवे केबल नेटवर्क पर प्रसारण बंद कर दिया गया है ताकि पंजाब और देश भर में बसते पंजाबी समुदाय के लोग पंजाब सरकार के खिलाफ खबरें न देख सकें। इस केबल नेटवर्क का मालिक बादल खानदान है। बताया जाता है कि बादल सरकार के खिलाफ ‘जी पंजाबी’ से कुछ सख्त खबरें चल गईं जिसके कारण केबल पर प्रसारण बंद करा दिया गया।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पत्रकार को शराब ठेकेदार और आबकारी विभाग के लोगों ने पीटा

बिलासपुर में शराब ठेकेदार के पंडों का आतंक…. पत्रकार भी सुरक्षित नहीं…… छत्तीसगढ़ प्रदेश में आतंक का पर्याय बन चुके शराब ठेकेदार के पंडों के हौसले इस कदर बुलन्द हैं कि पत्रकार की पिटाई करने में भी उन्हें कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं रह गया है। मिली जानकारी के अनुसार पंडो ने बुधवार सरकंडा बिलासपुर स्थित देशी शराब भट्टी में “पत्रिका” से संबद्ध एक पत्रकार संदीप के साथ अकारण झुमाझपटी और मारपीट की है। इसमें आबकारी उपनिरीक्षक नितिन शुक्ला भी संलिप्त था।

अगस्ता वेस्टलैंड में घूसखोर पत्रकार से जल्द पूछताछ, पांच करोड़ पाने वाले दूसरे पत्रकार पर ईडी की नजर : स्वामी

नई दिल्ली। अगस्ता घोटाले में बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक बड़ा खुलासा किया है। सुब्रह्मण्यम स्वामी के मुताबिक इस घोटाले में एक पत्रकार का अहम रोल है और उससे इस बाबत पूछताछ होने वाली है। शनिवार को सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा कि अगस्ता घोटाले में पैसा लेने वाले पहले पत्रकार से पूछताछ होने वाली है। इतना ही नहीं, इस मामले में एक और पत्रकार पर ईडी की नजर है जिसे राफेल से पांच करोड़ रुपए मिले।