सपा नेता से उगाही के मामले में अमर उजाला गाजियाबाद के रिपोर्टर पर कार्रवाई

खबर है कि अमर उजाला गाजियाबाद में कई वर्षों से उगाही का खेल कर रहे अमर उजाला के रिपोर्टर डीपी आर्य पर कार्रवाई हो गयी है. डीपी आर्य का मामला तब खुलकर सामने आया जब सपा नेता परवेज चौधरी ने उगाही की शिकायत फेसबुक के जरिए खुलेआम कर दी. सपा नेता संजय यादव का मामला रहा हो या पानी की खबर को लेकर श्रीराम पिस्टन का मामला हो या लोनी में अवैध खनन का मामला हो, हर बार एक दो खबर छापकर मामला मैनेज करने के नाम पर मोटी रकम की उगाही की गई.

दिल्ली में उर्दू पत्रकारिता और शाहिद की यह किताब

हाल में, बिहार के ही एक चर्चित उर्दू पत्रकार, शाहिदुल इस्लाम, ने उर्दू सहाफ़त (पत्रकारिता) को लेकर एक गंभीर, शोधपरक किताब लिखी है। शीर्षक है ‘दिल्ली में असरी उर्दू सहाफ़त‘, यानी दिल्ली की समकालीन उर्दू पत्रकारिता। एक उप-शीर्षक भी है इस किताब का: ‘तस्वीर का दूसरा रुख़‘। अपने निष्कर्षों में, यह किताब उर्दू पत्रकारिता के बारे में जागरूक पाठकों की आम धारणा को ही मजबूत आधार देती है। साथ ही, उर्दू अख़बारों के अपने दावों को गहरी चुनौती भी देती है, शाहिद की यह किताब।

अरुण धुरी ने मीटिंग बुलाकर कहा- ”यार इस मोदी की कैसे बैंड बजाएं…. कुछ मसाला दो….”

अरुण धुरी जी ‘टीवी टुंडे कबाब’ ग्रुप के सारे एडिटर्स को बुलाकर गहन मंत्रणा कर रहे हैं. देखिए मीटिंग का दृश्य…

लीजिए, तैयार हो गया ‘संपादक चालीसा’ …मीडिया में श्योर शाट सफलता की कुंजी

हिंदी मीडिया में कुछ साल काम करने के बाद मैंने अनुभव के आधार पर हनुमान चालीसा की तर्ज पर यह संपादक चालीसा लिखी है… इसके नियमित वाचन से वे कनफ्यूज लोग जो नहीं समझ पाते कि आखिर उनका दोष क्या है, सफलता के पथ पर निश्चित ही अग्रसर हो सकेंगे… यह संपादक चालीसा मीडिया में श्योर शाट सफलता की कुंजी है इसलिए इसका रोजाना वाचन और तदनुसार पालन अनिवार्य है… आइए इस रचना के पाठ के पहले सामूहिक रूप से कहें- आदरणीय श्री संपादक महाराज की जय….

उत्तर प्रदेश में भूख से मर गया किसान कमलेश बघेल, प्रशासन साजिश और लीपापोती में जुटा

अन्नदाता की बेहाली का आलम देखना हो तो एटा जिले में आवागढ़ थाना क्षेत्र के नगला गलुआ आइए जहां चालीस वर्षीय किसान कमलेश बघेल ने भूख के चलते अपने प्राण त्याग दिए. परिजनों के मुताबिक पिछले सात आठ दिनों से अन्न के लिए वह तरस रहा था और भूख के चलते उसकी मौत हो गयी. परिवार में पत्नी शारदा, चार बेटे और एक बेटी की जिम्मेदारी से कमलेश टूट गया था. बैंक का कर्ज और पांच बीघा खेत में दो बीघा खेत भट्टे को दे देने के बाद कमलेश के पास तीन बीघा जमीन बची थी जिस पर दस कुंतल गेंहू हुआ था.

भिलाई में टीवी पत्रकार पर भाजपा नेता और उसके बेटे ने किया जानलेवा हमला

भिलाई में टीवी पत्रकार नरेन्द्र मार्कंडेय के साथ मारपीट की खबर है। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता प्रभुनाथ मिश्रा के बेटे ने पत्रकार से जमकर मारपीट की है और उनका प्रेस का आई कार्ड भी छीन लिया है। कोई खबर बनाने के सिलसिले में विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। खबर ये भी आ रही है कि भाजपा नेता प्रभुनाथ मिश्रा ने खुद भी छावनी थाना में पुलिस के सामने पत्रकार से मारपीट की है।

देवरिया में ट्रक की भीषण टक्कर से कार सवार पत्रकार की मौत

यूपी के देवरिया-सलेमपुर रोड पर शुक्रवार रात ट्रक-कार की भिडंत में स्‍थानीय पत्रकार सतीश चन्‍द्र मिश्र (38) की मौत हो गई। इस दुर्घटना में कार के परखचे उड़ गए। सदर कोतवाली क्षेत्र के अहिल्‍यापुर गांव के रहने वाले सतीश शुक्रवार को किसी काम से सलेमपुर गए थे।

परमानंद पांडेय के खिलाफ शिकायती पत्र पर सर्वोच्च न्यायालय ने बार कौंसिल को दिया कार्यवाही का निर्देश

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भारत के बार कौंसिल को निर्देशित किया है कि वह IFWJ द्वारा अपने पूर्व प्रधान सचिव परमानंद पाण्डेय (अब एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड) के विरुद्ध प्रदत्त शिकायत पत्र पर कार्यवाही करे| विगत 10 मार्च 2016 को IFWJ ने भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर को आवेदन दिया था कि वकील परमानन्द पाण्डेय “पेशेवर अवचार, उपेक्षा, दुर्व्यपदेशन और कपट” के दोषी है| अपने 20-पृष्ट के ज्ञापन में, जिसमे कई दस्तावेज तथा नियमावली शामिल है,  IFWJ ने कहा कि “ पाण्डेय पूर्णकालिक अधिवक्ता( एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड : क्रमांक 809, पंजीकृत संख्या 13888, तारीख 14-12-2001, सर्वोच्च न्यायालय) है तथा साथ ही में पूर्णकालिक श्रमजीवी पत्रकार भी है|” ऐसी बात वकील और पत्रकार दोनों के नैतिक आचरण के विरुद्ध है|

साक्षी महाराज ने नहीं, मीडिया वालों ने जींस खोलकर चोट दिखाने को कहा था (देखें वीडियो)

उन्नाव के बी जे पी सांसद साक्षी महाराज के सामने मैनपुरी जिले के फर्दपुरा गाव में पुलिस बर्बरता की शिकार हुए परिवार की एक लड़की के सबके सामने कपडे उतरवाने और चोट दिखाने की कोशिश से जुड़े विवाद में आज उस समय एक नया मोड़ आ गया जब इस मामले से जुडी लड़की और उसकी बहन ने एटा में साक्षी महाराज के आश्रम में मीडिया के सामने कहा कि साक्षी महाराज ने चोट दिखाने से मना किया था परन्तु मीडिया वालों के चोट दिखाने की बात कहने पर उन्होंने चोट दिखाने का प्रयास किया था।

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (TMU) में फिर एक मेडिकल छात्रा का शव पंखे से लटका मिला

तीन साल पहले भी टीएमयू में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध हालात में लाश मिली, रेप कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, तब परिजनों ने टीएमयू के चांसलर सुरेश जैन और पुत्र मनीष जैन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, मामले की सीबीआई जांच जारी

मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के जंगलराज में फिर एक होनहार छात्रा की जान जाने की सूचना मिली है। मुरादाबाद में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित तीर्थाकंर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में मेडिकल छात्रा दीक्षा अग्रवाल का शव टीएमयू परिसर के गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में लटका मिला। छात्रा की उम्र 22 साल है। पिता का नाम संतोष अग्रवाल है जो लालकोला पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार की सुबह लगभग नौ बजे विश्वविद्यालय प्रबंधन की तरफ से सूचना मिलते ही थाना पाकबडा पुलिस फॉरैसिंक जांच दल को लेकर मौके पर पहुंच गई।

दलित महिला से फोन पर रंगीन बात करने वाले सीडीओ त्रिपाठी जी को बचाने में जुटे सारे अफसर (ये रही पूरी बातचीत)

उत्तर प्रदेश के संभल में एक दलित महिला कर्मचारी ने ब्राह्मण मुख्य विकास अधिकारी पर अश्लील फोन काल करने के आरोप लगाते हुए उसकी आडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल कर दी है. जिसके बाद अधिकारियों में हडकंप मचा हुआ है. महिला संगठन, आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग कर रहे हैं. पीड़ित महिला का कहना है की वो दलित समाज से है इसलिए उसको इन्साफ नहीं मिल रहा है. जबकि, उसने जिला अधिकारी से लेकर लखनऊ तक तमाम अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. अब उसने सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया और अधिकारी की आडियो क्लिप को सोशल मीडिया में वायरल करा दिया.

यूपी और उत्तराखंड में खुद के नंबर वन होने के बारे में अमर उजाला ने किया ऐलान, पढ़ें पूरी खबर

अमर उजाला की वेबसाइट अमर उजाला डाट काम पर यूपी और उत्तराखंड में अमर उजाला अखबार के नंबर वन होने के बारे में खबर छापी गई है. ये खबर नई दिल्ली डेटलाइन से है और अमर उजाला ब्यूरो की है. इससे साफ है कि यूपी उत्तराखंड में नंबर वन अखबार अमर उजाला हो चुका है. अमर उजाला डाट काम पर इस बारे में प्रकाशित पूरी खबर पढ़िए…

एबीसी आंकड़े : भास्कर ने देश और अमर उजाला ने उत्तर प्रदेश में बजाया दैनिक जागरण का बैंड

एबीसी के आंकड़े अभी आफिसियली जारी नहीं किए गए हैं लेकिन इसकी वेबसाइट पर डाले जा रहे आंकड़े मार्केट में सरकुलेट होने लगे हैं. ऐसा एबीसी के मेंबर अखबारों को एबीसी वेबसाइट पर मिली लागिन सुविधा के कारण संभव हो पा रहा है. भास्कर और अमर उजाला ने आंकड़े निकाल कर यह बता दिया है कि दैनिक जागरण की हर तरफ से बैंड बज रही है.

बिना सेलरी और बिना नौकरी वाले ये लखनऊ के पत्रकार कहां से गाड़ियां, कोठियां, स्कॉच हासिल कर लेते हैं!

Zafar Irshad : मुख्यमंत्री जी को घेरे है चाटुकार पत्रकारों की टीम..प्रदेश में कुछ कर गुजरने की ख्वाहिश रखने वाले युवा मुख्य्मंत्री अखिलेश जी भी चाटुकार पत्रकारों के चक्कर में पड़ गए लगते है..उनके इर्द गिर्द वही पत्रकार चक्कर लगा रहे है,जो इससे पहले वाली सरकारों के दरबार में दण्डवत हाज़िरी लगाते थे..यकीन न हो इनका रिकॉर्ड देख लें की यह महानुभाव बड़का पत्रकार 4 साल पहले और उससे पहले कहाँ हाज़िरी लगाते थे..

करण थापर ने अरुण शौरी से पूछा- आप मोदी के प्रति इतने कटु इसलिए हैं कि आपको मंत्री नहीं बनाया?

Sanjaya Kumar Singh : अरुण शौरी और करण थापर की शानदार और दिलचस्प बातचीत। अंत में करण थापर ने पूछा है, क्या आप नरेन्द्र मोदी के प्रति इतने कटु इसलिए हैं कि आप मंत्री बनना चाहते थे और आपको मंत्री नहीं बनाया गया। इसका दिलचस्प जवाब देते हुए अरुण शौरी ने पूछा, हम लोग एक दूसरे को कितने साल से जानते हैं? यही कोई 20-30 साल। चलिए 20 साल। मैं आपसे पूछता हूं, क्या आपको लगता है कि मैं इन लोगों के साथ रह पाता। और फिर हंसते हुए कहते हैं, इस लिहाज से मैं उन्हें दूरदर्शी कहूंगा कि उन्हें पहले से अंदाजा था।

जानिए, अपने सूट में पेशाब करते हुए स्पेस में जाने वाले पहले व्यक्ति कैसे बन गए थे एलन शेफर्ड

POOP IN SPACE : कृपया नाक पर रुमाल रख कर के पोस्ट पढ़ें…

5 May, 1961… Freedom-2 स्पेस शटल…. के कैप्सूल कक्ष में बैठे अमेरिकन अन्तरिक्ष यात्री Alan Shephard उत्सुकता से उस पल का इन्तजार कर रहे थे जब…. विश्व के दुसरे….और अमेरिका के प्रथम अन्तरिक्ष यात्री बनने का सेहरा उनके सर पर सजने जा रहा था मन अन्तरिक्ष से अपनी पृथ्वी को निहारने की कल्पनाओं के जाल में उलझा था और उन्हें पता चला की उनकी फ्लाइट में विलम्ब होगा.. 5 घंटे बीत गए और उन्हें… पेशाब लग आई.

‘जनसत्ता’ जिस हाल में निकल रहा है उसमें यही समझना मुश्किल हो गया है कि निकल किस लिए रहा है!

Sanjaya Kumar Singh : जनसत्ता एक अच्छा अखबार था और जब खराब होना शुरू हुआ तो लगातार खराब होता गया। उसका कोई ग्राफ नहीं बना। कुंए में (गड्ढे) में जाती बाल्टी की तरह सीधी रेखा बनती जा रही है। मैं समझ रहा था कि बाल्टी मराठवाड़ा के किसी कुंए में छोड़ दी गई है पड़ी हुई है। लेकिन अच्छे अखबार के पाठक भी अच्छे होते हैं और बता देते हैं कि जनसत्ता आज कैसे और नीचे गया। एक दिन मैं भी लिखने बैठा था तो लगा कहां दीवार पर सिर मारूं।

बड़े-बड़े अखबारों के प्रतिनिधि असल में पैसे कमाने के लिए ठेकेदारी से लेकर ब्लैकमेल तक के धंधे करते हैं!

Sanjaya Kumar Singh : बदल रहा है पत्रकारों का धंधा… हिन्दी पत्रकारों के बारे में अक्सर यह कहा सुना जाता है कि पत्रकार हैं ये तो ठीक है, गर चलाने के लिए क्या करते हैं? शुरू में यह मजाक लगता था बाद में पता चला कि देश के ज्यादातार हिस्से में बड़े-बड़े अखबारों के प्रतिनिधि असल में पैसे कमाने के लिए ठेकेदारी से लेकर ब्लैकमेल तक के धंधे करते हैं। कहने वाले कह देते हैं कि अंशकालिक संवाददाताओं के धंधे बुलंद होते हैं पर कुछेक अपवाद को नियम नहीं माना जा सकता।

मीडिया में आए नए लोगों के लिए स्टिंग और ब्लैकमेलिंग वाली पत्रकारिता बन गई है मजबूरी!

Sanjaya Kumar Singh : नए पत्रकारों के लिए क्या करें, क्या नहीं… जानना जरूरी… फरीदाबाद में पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के मामले में कहा जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग का आरोप लगने के बाद वह अवसाद में थी और इसीलिए उसने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या कर लेने से ब्लैकमेलिंग का मामला कम नहीं होता पर जिस ढंग से उसके अलग-थलग पड़ जाने के मामले सामने आ रहे हैं उसमें क्या यह जरूरी नहीं है कि मीडिया संस्थान स्टिंग (जोखिम वाली रिपोर्टिंग) करने करवाने के बारे में अपने नियम बनाए और घोषित करे। क्या इसमें सरकार और समाज की कोई भूमिका नहीं है। अव्वल तो मेरा मानना है कि गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 ही बेजरूरत है और एक तरफ इसका अपेक्षित लाभ नजर नहीं आ रहा है तो दूसरी तरफ इसके दुरुपयोग के कई मामले हैं।

हे भक्तों, पत्रकारों को समझने में 67 साल भी कम पड़ जाएंगे, पहले ढंग से जान तो लो

Sanjaya Kumar Singh : भक्तों को जब से पता चला है कि अगस्ता वेस्टलैंड ने पत्रकारों को भी पैसे दिए थे – सब पगलाए घूम रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि सरकार 15 लाख नहीं दे पाई तो क्या हुआ अगस्ता से पैसे पाने वाले पत्रकारों के नाम मालूम हों और सबों को भक्ति की लाइन में लगा लें। (मने पैसे अगस्ता ने दिए काम भक्त उनसे अपना वाला कराएंगे)। सपना है, लेकिन समस्या वो नहीं है। समस्या भक्तों के अधकचरे ज्ञान से है।

यूपी के जंगलराज से भयमुक्त होने के लिए वरिष्ठ पत्रकार ने अपनाया था यह नायाब तरीका

Shambhunath Shukla : तीव्र शहरीकरण किसी इलाके को हुआ है तो वह शायद एनसीआर का इलाका ही होगा। देखते ही देखते दिल्ली के करीब बसे नोएडा व गाजियाबाद में इस तेजी से बहुमंजिली इमारतें खड़ी हुई हैं कि यह पूरा इलाका कंक्रीट के जंगल में ही बदल गया है। इसमें भी गाजियाबाद जिले का इंद्रा पुरम इलाका तो अव्वल है। अभी ज्यादा दिन नहीं बीते जब यहां से गुजरने मेें दिन को भी डर लगता था। मैने यहां पर अपना 200 मीटर का एक भूखंड इसलिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को वापस कर दिया था क्योंकि 1993 में उन्होंने इस भूखंड के लिए 264000 रुपये मांगे थे जो कि मेरे लिए बहुत ज्यादा रकम थी और मैने वह आवंटित भूखंड सरेंडर कर दिया।

जो लोग एनडीटीवी पर रवीश कुमार के मुरीद हैं, उन्हें एक बार राज्यसभा टीवी पर आरफा खानम शेरवानी को भी देखना चाहिए

Sushil Upadhyay : राज्यसभा टीवी, केरल, आरफा और हिंदी… कल रात साढ़े आठ बजे राज्यसभा टीवी पर आरफा खानम शेरवानी का कार्यक्रम देखकर मन खुश हो गया। जो लोग एनडीटीवी पर रवीश कुमार के मुरीद हैं, उन्हें एक बार राज्यसभा टीवी पर आरफा खानम शेरवानी को भी देखना चाहिए। खासतौर से, उनकी भाषा को। वे अपनी प्रस्तुति में रवीश कुमार की तुलना में ज्यादा संतुलित, शालीन और बौद्धिक नजर आती हैं। कल वे केरल में थीं, वहां से चुनावी मुहिम पर शो प्रस्तुत कर रही थीं। उनके पैनल के नाम देखकर एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद आज का शो अंग्रेजी में होगा। पैनल में सीपीएम के वी. शिवदासन, आरएसएस के डॅा. के.सी. अजय कुमार, ईटीवी के प्रमोद राघवन, पत्रकार गिलवेस्टर असारी और केरल से प्रकाशित कांग्रेस के दैनिक अखबार के संपादक (जिनका नाम याद नहीं रहा) शामिल थे।

मुकेश अंबानी की कंपनी को 11 नए टीवी चैनलों का लाइसेंस मिला

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पिछले महीने 16 निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को लाइसेंस दिए हैं. इनमें मुकेश अंबानी की कंपनियों को कुल 11 टीवी चैनलों के लाइसेंस मिले हैं. मुकेश अंबानी की कंपनी टीवी18 ब्रॉडकास्ट को छह लाइसेंस मिले हैं. इसी तरह मुकेश अंबानी की एक अन्य कंपनी वायकॉम18 को पांच लाइसेंस पावर प्ले, यूप्लेक्स, नेशनकास्ट, एनएक्सटी और जैप के नाम से दिए गए हैं.

कुछ भी करो… चाहे मजदूरी करो लेकिन पत्रकार न बनो… पत्रकार पूजा तिवारी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा

फरीदाबाद में कार्यरत रहीं महिला पत्रकार पूजा तिवारी के सुसाइड नोट में पत्रकारिता को लेकर बेहद गंभीर बातें लिखी गई हैं. अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट का मजमून नीचे दिया जा रहा है…

पत्रकारों के आवास नियमों में सरलीकरण का आईएफडब्ल्यूजे ने किया स्वागत

भोपाल। लंबे समय से राजधानी के पत्रकारों को आवास संकट से जूझना पड़ रहा था। आज हुई मप्र सरकार की केबीनेट बैठक में इस संबंध में निर्णय लेकर पत्रकारों के आवास नियमों के सरलीकरण किए है। सरकार के इस निर्णय से आवास समस्या से जूझ रहे पत्रकारों को लाभ मिलेगा। पत्रकारों  के  देश के सबसे बड़े संगठन आईएफडब्ल्यूजे ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णमोहन झा ने विज्ञप्ति जारी कर सरकार द्वारा पत्रकार हित में उठाए गए कदम पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए पत्रकार आवास कमेटी जो तीन लोगों की बनाई गई है उसमें वरिष्ठ पत्रकारों को भी शामिल किए जाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि पत्रकारों आवास समस्या कई दिनों से हल नहीं हो रही थी, लेकिन सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय से पत्रकारों को अवश्य लाभ मिल सकेगा।

वे केवल मजदूर थे… यही उनकी जाति थी और यही धर्म!

‘मजदूर’ शब्द मनन करते ही एक तस्वीर एैसे परिवार की भी उभरती है जो किसी छोटे से मकान से लेकर आलीषान कोठी के र्निमाण के लिये तपती धूप में अपना पसीना बहाता है। मजदूर महिला देश के बचपन को पीठ पर बांधे अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दो वक्त की रोटी कमाती है । ईंट-पत्थरों के टूटे टुकड़ों से खेलते हुये इस परिवार के बच्चों का बचपन जाने कब गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता। बहुत जल्दी छोटे मजदूर काम के लिये तैयार हो जाते हैं। कई दिनों, महीनों बाद इन मजदूरों के श्रम योगदान से जब घर या इमारत बन जाती है तो मजदूर परिवार फिर किसी और का घर बनाने चला जाता है।

चुनाव चर्चा : आजम खान की बयानबाजी से समाजवादी पार्टी को यूपी में होगी मुश्किल

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव अब चंद महीनों की बात रह गये हैं। यूपी में अगली सरकार किस दल की बनेगी यह जनता ही तय करेगी । परंतु इस सच्चाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि तमाम राजनैतिक दल सूबे की सत्ता पर काबिज होने के लिये अपने-अपने तरीके से मतदाताओं का ब्रेनवॉश करने में लगे हैं। पिछले 27 वर्षो से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और 14 वर्षो से बीजेपी वनवास झेल रही हैं। घूम फिर के समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ही अपनी-अपनी सरकार बन रहे र्हैं। पिछले दो विधान सभा चुनावों को छोड़ दिया जाये तो प्रदेश की जनता कई वर्षो से  किसी भी दल को भी पूर्ण बहुमत नहीं दे रही थी। 2017 में भी पिछले दो विधान सभा चुनावों का इतिहास दोहराया जायेगा इसकी संभावना जानकारों को कम लगती है जो हालात नजर आ रहे हैं उससे तो यही लगता है कि यूपी में फिर खिचड़ी सरकार बन सकती है। इस बात से तमाम राजनैतिक दल बेचैन हैं, वहीं उन छोटे-छोटे दलों की लाटरी लग सकती है जो चंद सीटों पर बड़े दलों से मोलभाव करने की ताकत रखते हैं।

बलिया में डकैतों से खूब लड़ीं ये बहादुर महिलएं, पुलिस साबित हुई नपुंसक (देखें वीडियो)

यूपी में जंगलराज का सच सब जानते हैं लेकिन प्रदेश सरकार सब जान कर भी कान में तेल डाले बैठी है. भ्रष्टाचार का आलम यह है कि यूपी पुलिस के अंदर की जांबाजी और बहादुरी गायब हो चुकी है. सबकी नजर सिर्फ वसूली और लेन-देन, गेटिंग-सेटिंग पर है. यही कारण है चोरों से लेकर बलात्कारी, डकैत, हत्यारे सरेआम वारदात कर रहे हैं और पुलिस नपुंसक बनी बैठी रहती है. अपराधियों के बुलंद हौसले और पस्त पुलिस का सीन बलिया में देखने को मिला.

इंस्पेक्टर अमित ने ही मारा था पत्रकार पूजा को, हुआ गिरफ्तार (देखें तस्वीर)

फरीदाबाद पुलिस ने अपने हत्यारे इंस्पेक्टर को बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मीडिया के द्वारा सच्चाई सामने लाए जाने पर अंतत: इंस्पेक्टर अमित को गिरफ्तार कर लिया गया. पत्रकार पूजा तिवारी आत्महत्या मामले में पुलिस ने इंस्पेक्टर अमित को गिरफ्तार कर आज शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा. कोर्ट ने पुलिस को चार दिन का रिमांड दिया. दरअसल अमित और पूजा के अपने दोस्त भरत से बातचीत के वायरल हुए ऑडियो ने गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई. यह ऑडियो पूजा की मौत से कुछ घंटे पहले का है.

वाह रे ‘आज’ : शशि शेखर ने क्या कहा और अखबार ने क्या छाप दिया!

वाराणसी। हिन्दुस्तान अखबार के प्रधान संपादक ने 27 अप्रैल को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय में आयोजित एक कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में राष्ट्रपति को ही दिवंगत बता दिया! ये मैं नहीं, बनारस में सबसे पुराने अखबार ‘आज’ में छपी रिपोर्टिंग तो यही कहती है. हैरत की बात तो यह है कि यह वही आज अखबार है, शशि शेखर ने जिस अखबार से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की. इतना ही नहीं, लम्बे समय तक इस अखबार से जुड़े रहने वाले शशिशेखर आज अखबार के आगरा संस्करण के स्थानीय संपादक भी रहे।

पंजाब के फास्टवे केबल नेटवर्क पर ज़ी पंजाबी का प्रसारण बंद कराया बादल सरकार ने

खबर है कि पंजाब में जी ग्रुप के पंजाबी चैनल जी पंजाबी का प्रसारण फास्टवे केबल नेटवर्क पर बंद कर दिया गया है. इस केबल नेटवर्क का मालिक बादल खानदान है. बताया जाता है कि जी पंजाबी के संपादक दिनेश शर्मा ने इस केबल नेटवर्क पर जी पंजाबी को बंद न होने देने के लिए भरपूर प्रयास किया, लेकिन बादल सरकार ने गाज गिरा ही दी. पंजाब में बादल सरकार की मर्जी पर चैनल चलते हैं. बताया जाता है कि बादल सरकार के लोगों को खुश करने के लिए संपादक दिनेश शर्मा ने स्टाफ को हुकम किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नाम के साथ हर खबर में “श्री” या “सरदार” लगाएं.

स्टॉप एसिड कैंपेन को जर्मनी के डॉयचे वेले का बॉब्स पुरस्कार मिला

यह कैंपेन एसिड अटैक पीड़ितों की मदद के लिए काम करता आया है. कैंपेन को भारतीय वेबसाइट स्टॉप एसिड अटैक्स द्वारा संचालित किया जाता है. डॉयचे वेले के प्रतिष्ठित बॉब्स पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की गई है. अंतरराष्ट्रीय जूरी ने भारत के “स्टॉप एसिड अटैक्स” की मुहिम को चुना है. इसके अलावा एक अन्य भारतीय वेबसाइट चौपाल ने यूजर्स पुरस्कार जीता है. अन्य विजेता हैं बांग्लादेश, ईरान और जर्मनी से. डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग ने बॉब्स पुरस्कारों की घोषणा के मौके पर कहा, “अभिव्यक्ति की आजादी के लिहाज से 2016 अच्छा साल साबित नहीं हो रहा है. सभी महाद्वीपों में अभिव्यक्ति पर किसी ना किसी रूप में रोक लगाई जा रही है.”

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के समर्थन में पिथौरागढ़ में आंदोलन शुरू

पिथौरागढ़, 06 मई 2016 : जे.एन.यू. के छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगाये गए निष्कासन और आर्थिक दंड के फैसले को वापस लिए जाने की माँग को लेकर आज यहाँ भाकपा (माले) ने जिला अधिकारी के माध्यम से केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को ज्ञापन दिया। भाकपा माले के जिला सचिव गोविंद सिंह कफलिया ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ के नेतृत्व में 19 छात्र जे.एन.यू. के छात्रों पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों के अन्यायपूर्ण निष्कासन और जुर्माना लगाये जाने के फैसले की वापसी की मांग पर 27 फरवरी से आमरण अनशन पर हैं।

लोकतांत्रिक संस्थाओं से निराश भारतीय नागरिक अब केवल मीडिया से उम्मीद लगाए हैं

पत्रकारिता की स्वतंत्रता और मूल्य दोनों की रक्षा से ही बचेगा पत्रकारिता का सम्मान… ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान द्वारा “वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे” पर आयोजित कार्यक्रम में ली शपथ…

ग्वालियर। प्रेस का विस्तार हुआ तो जिम्मेदारियां भी बढीं है। अब प्रेस न केवल प्रिंट या इलेक्ट्रोनिक मीडिया तक सीमित है बल्कि सोशल मीडिया और अब सिटिजन रिपोर्टिंग तक पहुँच गया है। इससे पत्रकारों के काम में नयी चुनौतियां आयी हैं। अब विश्वसनीयता और ब्रेकिंग में देरी को कोई स्थान नहीं है। इसलिए पत्रकारों को और अधिक जागरूक होने की जरूरत होने लगी है। अच्छी बात यह है कि नयी पीढ़ी इस चुनौती का ठीक से जबाव दे पा रही है।

झारखंड के श्रम मंत्री बोले- मजीठिया के लिए साहस के साथ पत्रकार आगे आएं, सरकार उनके साथ

इंडियन मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई पत्रकार हुए सम्मानित

रांची । इंडियन मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने एक प्रस्ताव पास कर सभी राज्य सरकारों से मांग की है कि पत्रकारों के असामयिक निधन पर उनके आश्रितों को समुचित आर्थिक मदद और परिवार को जीविका के लिए स्थाई साधन उपलब्ध करायी जाये। मई दिवस के मौके पर इंडियन मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की रांची और देवघर में आयोजित बैठक में इसके अलावा पत्रकारों के हितों में और भी कई प्रस्ताव पास किये गये। पारित प्रस्तावों में पत्रकारों के उन्नयन और ट्रेनिंग के लिए समय समय पर परिभ्रमण, टीवी पत्रकारों को श्रम कानून के दायरे में शामिल करने और इसके लिए अलग से आयोग के गठन, केंद्रीय विद्यालयों में पत्रकारों के बच्चों के लिए सीटें आरक्षित करने, पत्रकारों के लिए कैलाश मानसरोवर और अमरनाथ यात्रा के लिए अलग से सरकारी व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके अलावा यूनियन ने सरकार से पत्रकारों की प्रताड़ना से जुड़े मामलों को स्पीडी ट्रायल के जरिये निपटाने की भी मांग की है।

मजीठिया वेज बोर्ड मांगने के कारण बनारस के कई अखबारों में कर्मियों का उत्पीड़न, देखें लिस्ट

नीचे एक शिकायती पत्र है जिसे बनारस के एडवोकेट दादा अजय मुखर्जी ने ‘समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन पत्रकार और गैर पत्रकार’ की तरफ से उप श्रमायुक्त, वाराणसी परिक्षेत्र को भेजा है. इस पत्र में उन्होंने कई अखबारों में कार्यरत मीडिया कर्मियों का नाम गिनाया है जिनका मजीठिया वेज बोर्ड मांगने के कारण उत्पीड़न करते हुए ट्रांसफर कर दिया गया या फिर नौकरी से निकाल दिया गया.

मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सुब्रत राय को सुप्रीम कोर्ट ने पेरोल पर रिहा करने के आदेश दिए

खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को मां छवि राय के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पेरोल पर रिहा करने के आदेश दिए हैं. सुब्रत राय की तरफ से वकील कपिल सब्बल ने पेरोल के लिए याचिका दायर की थी जिस पर आज दोपहर दो बजे सुनवाई शुरू हुई. पैरोल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी 4 हफ्ते की पैरोल मंजूर कर ली है.

बीमार मां से मिलने की सुब्रत रॉय की इच्छा अधूरी रह गई, छवि राय का निधन

सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय तिहाड़ जेल में हैं और लखनऊ में उनकी मां छवि राय का निधन हो गया. सुब्रत राय की बहुत इच्छा थी कि वो अपनी बीमार मां से मिल सकें. इसके लिए उन्होंने कोर्ट में एक बार अर्जी भी लगाई थी लेकिन कोर्ट ने उनकी अपील को ठुकरा दिया था. बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सुब्रत राय ने सुप्रीम कोर्ट से पेरोल मांगा है.

जिला जज ने हाई कोर्ट से मांगी जून की छुट्टियों में न्यायिक कार्य करने की अनुमति

भारत के मुख्य न्यायाधीश की भावुक अपील पर लिया ऐतिहासिक फैसला

भारत वर्ष में यह अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें भदोही जिले के जनपद न्यायाधीश कमल किशोर शर्मा ने उच्च न्यायलय इलाहाबाद से जून की छुट्टियों में भी सिविल कोर्ट्स को खोलने और  काम करने की अनुमति मांगी है जिससे न्यायलय में लंबित पड़े मुकदमों को निपटाया जा सके। इस आशय का एक पत्र लिख कर लोक हित में न्यायिक कार्य करने की अनुमति इलाहाबाद हाई कोर्ट से मांगी है। रजिस्ट्रार जनरल इलाहाबाद हाई कोर्ट को पत्र लिखकर उन्होंने जून की पूरी छुटियों में न्यायिक कार्य करने की अनुमति मांगी है।

पांच माह से वेतन न दिए जाने पर संपादक ने दिया इस्तीफा, अखबार बंद

चंडीगढ़ से एक खबर के मुताबिक चंडीगढ़ से प्रकाशित दैनिक सत्य स्वदेश के संपादक खुशहाल लाली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वे मैनेजमेंट द्वारा स्टाफ को वेतन न दिए जाने से नाराज थे. सत्य स्वदेश में पांच माह से स्टाफ का वेतन नहीं दिए गया है. संपादक खुशहाल लाली के इस्तीफे के …

जागरण में सतीश श्रीवास्तव को बड़ी जिम्मेदारी, कुलदीप पंवार संभालेंगे सतीश का काम

दैनिक जागरण के हरियाणा एनसीआर एडिटोरियल हेड सतीश श्रीवास्तव को मिली प्रोन्नति. अब न्यूज एडिटर के रूप में पानीपत की जिम्मेदारी संभालेंगे सतीश. अभी तक सतीश नोएडा में हरियाणा स्टेट डेस्क संभाल रहे थे, जहां उनके अंडर में दक्षिण हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद, मेवात, पलवल, रेवाड़ी, नारनौल सहित सोनीपत संस्करण भी था।

मैंने इंडिया टीवी से इस्तीफा नहीं दिया था, अब भी यहां कार्यरत हूं : जगदीप संधू

इंडिया टीवी के पंजाब और हिमाचल ब्यूरो चीफ जगदीप सन्धु ने अपनी टीम सहित इस चैनल से किनारा कर लेने की खबर के बारे में बताया कि यह सूचना सही नहीं है. उन्होंने मौखिक इस्तीफा जरूर दिया था लेकिन अब उसे वापस ले चुके हैं और चैनल में बने हुए हैं. उन्होंने स्ट्रिंगर्स के सेलरी रोके जाने के मामले को भी गलत बताया. उनका कहना है कि इंडिया टीवी बेहतर संस्थान है और पैसे की कभी कोई संकट नहीं आई. चंडीगढ़ में पंजाब और हिमाचल और के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत जगदीप सन्धु के मुताबिक वे चैनल के साथ बने हुए हैं और आगे उनका यह चैनल छोड़ने का इरादा नहीं है.

हिंदुस्तान ने पहले जिंदा डाक्टरों को ‘मार’ डाला, फिर अगले रोज मांग ली माफी

बुलंदशहर हिंदुस्तान संस्करण में 3 मई को प्रकाशित समाचार ‘गंगा में डूबे तीन युवकों की मौत’ में जिन्दा डॉक्टरों के फ़ोटो लगा दिए गए। एक मई को संस्कार हॉस्पिटल की भव्य ओपनिंग करने वाले डॉ संजीव अग्रवाल और डॉ मोहित गुप्ता का फ़ोटो मृतकों में लगा दिया गया और पेज तीन पर चार कॉलम का समाचार तान के लगा दिया गया। तीन मई को जैसे ही लोगों ने हिंदुस्तान अखबार पढ़ा तो सनसनी मच गयी। प्रसिद्ध डॉक्टरों के मर जाने से संबंधित समाचार पढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इन डाक्टरों को फ़ोन घनघनाना शुरू कर दिया। सैकड़ों लोगों का संजीव अग्रवाल के घर और अस्पताल के बहार तांता लग गया।

मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कराने के लिए महाराष्ट्र सरकार समिति बनाएगी

समिति में पांच पत्रकार, पांच अधिकारी और पांच अखबार मालिकों के आदमी होंगे

मुंबई : केन्द्र सरकार द्वारा श्रमिक पत्रकार और पत्रकारेतर कर्मचारियों के लिये गठित मजिठिया वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के लिये और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को अमल में लाने के लिये महाराष्ट्र में आठ दिनों के अंदर एक समिति बनायी जायेगी। यह निर्देश महाराष्ट्र के कामगार मंत्री प्रकाश मेहता ने दिया है। मुंबई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टीविस्ट शशिकांत सिंह के मुताबिक मजिठिया वेतन आयोग की सिफारिश लागू कराने के बावत महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय में एक बैठक का आयोजन किया गया।

अजित अंजुम ने कहा- एक बार फिर टीम ‘इंडिया टीवी’ की जय हो!

Ajit Anjum : इंडिया टीवी लगातार चौथे सप्ताह नंबर वन ..और हाँ, नंबर वन ही नहीं हैं, काफी फासले से हम पहले पायदान पर हैं, बाकी सब बहुत पीछे हैं… इंडिया टीवी की टीम की मेहनत का नतीजा..

सारठ प्रेस क्लब के अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद राय का सड़क हादसे के बाद निधन

सारठ : सड़क दुर्घटना में घायल सारठ के वरीय पत्रकार व सारठ प्रेस क्लब के अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद राय का रिम्स में इलाज के दौरान सोमवार की रात निधन हो गया. निधन पर सारठ समेत विभिन्न प्रखंड के पत्रकारों ने शोक जताया. 31 मार्च को सारठ-चितरा मुख्य पथ पर मोटरसाइकिल-ट्रक की टक्कर में गंभीर रूप से हेड इंजरी हुई थी. सारठ सीएचसी द्वारा बेहतर इलाज के लिए उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया था. अर्जुन राय 1974 के आंदोलन मे जेल भी गये थे.

गंवई पत्रकारिता के इन दो शिखर पुरुषों बिजुरी मिसिर उर्फ बिज्झल बाबा और दशरथ मिसिर उर्फ घुट्ठन बाबा को प्रणाम बोलिए

Tarun Kumar Tarun : ये जो दो शख्स दिख रहे हैं, वे गंवई पत्रकारिता के शिखर पुरुष हैं। इनके नाम हैं- बिजुरी मिसिर उर्फ बिज्झल बाबा और दशरथ मिसिर उर्फ घुट्ठन बाबा!! जब आधुनिक सनसनीधर्मी टीवी पत्रकारिता हमारे गप्प-रसिक मरुआही गांव तक नहीं पहुंची थी तब वहां की गंवई पत्रकारिता का बोझ बिज्झल जी और …

आजतक से बहुत आगे निकल गया इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज नंबर तीन पर बहाल

17वें हफ्ते के बार्क टीआरपी आंकड़े से पता चलता है कि इंडिया टीवी नंबर वन पर लगातार मजबूत होता जा रहा है. आजतक की टीआरपी लगातार गिर रही है. अब नंबर वन इंडिया टीवी और नंबर दो आजतक के बीच फासला काफी बढ़ गया है. इस हफ्ते सबसे ज्यादा टीआरपी आजतक की ही गिरी है. पूरे 1.4 के पतन के साथ चैनल की टीआरपी 16.8 रह गई है जबकि इंडिया टीवी की टीआरपी 21.3 है.

पढ़िए पत्रकार पूजा का फरीदाबाद के पत्रकारों को भेजा आखिरी ई-मेल जिससे उसकी बेगुनाही साबित होती है

पूजा तिवारी ने फरीदाबाद के सभी जर्नलिस्टों से सहायता माँगी थी. लेकिन वह अपनी लड़ाई अकेली ही लड़ती रही. पूजा तिवारी ने मीडिया को एक ईमेल भेजा था जिसमें उसने अपना पक्ष रखा था. मेल का कंटेंट ये है…

पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के लिए हरियाणा पुलिस का इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ जिम्मेदार!

पूजा की मौत न तो स्वाभाविक है और न ही आत्महत्या है

फरीदाबाद में पत्रकार पूजा तिवारी की छत से गिरकर मौत हो गई. ज़ी मीडिया के डिजिटल प्लेटफार्म डीएनए के लिए काम कर चुकी पूजा की मौत के वक्त दो सबसे करीबी साथी वहीं मौजूद थे. उनमें से एक साथी को ही इस मौत की वजह माना जा रहा है. मौत से महज कुछ मिनट पहले का एक ऑडियो बताता है कि पूजा की मौत न तो आत्महत्या है न ही स्वाभाविक है. हरियाणा पुलिस तमाम सबूतों के बावजूद इसे आत्महत्या का मामला बता रही है. शायद इसलिए क्योंकि इस हादसे से जुड़ा मुख्य संदिग्ध हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर है.

बददिमाग युवा आईएएस अफसर की यह तस्वीर हो रही है सोशल मीडिया पर वायरल

ये हैं छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के एसडीएम और प्रशिक्षु आईएस अफसर. इनका नाम है डॉक्टर जगदीश सोनकर. ये गए रामानुजगंज के जिला हॉस्पिटल का निरीक्षण करने. वे अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र भी गए.

Pooja Tiwari was recently put under suspension after allegations were made against her

MEDIA STATEMENT : In a tragic incident, Pooja Tiwari, 30-years-old and a journalist from the online team of www.iamin.in passed away. The police are investigating the issue to determine the exact cause of death. She joined the iamin team, which is a hyperlocal digital content platform, in September 2015 and worked with the organization for 7 Months.

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर ईमानदार व दलाल पत्रकारों को शुभकामनाएं

प्रिय यशवंत जी
संपादक, भड़ास4मीडिया

आज की पत्रकारिता जगत आप जैसे स्वतंत्र व निष्पक्ष पत्रकारों की वजह से ही बनी हुयी है। आप द्वारा लगातार छेड़े गये अभियान काफी बेहतर होते है। आपकी लिखने की शैली से तो इस समय कोई मुकाबला नही कर पाएगा। मैं भड़ास 4 मीडिया का काफी पुराना पाठक हूं और इसे कई वर्षों से पढ़ता चला आ रहा हूं। अपनी ही बिरादरी का जिस प्रकार से आप निष्पक्ष व निर्भीक होकर समाचार को फ्लैश करते है वह बड़ी ही काबिले तारीफ की बात है।

बाबी घोष बने एचटी के चीफ एडिटर, भास्कर के अंग्रेजी अखबार के हल्दर बने एडिटर

वरिष्ठ पत्रकार बॉबी घोष हिन्दुस्तान टाइम्स के चीफ एडिटर बनाए गए हैं. वे संजॉय नारायण की जगह लेंगे. बाबी घोष अभी बिजनेस न्यूज वेबसाइट ‘क्वॉर्ट्ज’ के मैनेजिंग एडिटर हैं. वे ‘टाइम’ मैगजीन के वर्ल्ड एडिटर भी रह चुके हैं. वे ‘टाइम’ मैगजीन के बगदाद ब्यूरो चीफ भी रह चुके हैं.

अवधेश गुप्ता, आनंद शर्मा, राघवेंद्र चड्ढा, सतीश श्रीवास्तव समेत दैनिक जागरण के कई संपादकों का तबादला

दैनिक जागरण में तबादलों की बयार चल रही है. राघवेंद्र चड्ढा को दैनिक जागरण हल्द्वानी में संपादकीय प्रभारी और जनरल मैनेजर बना कर भेजा गया है. चड्ढा अभी तक दैनिक जागरण कानपुर के संपादकीय प्रभारी हुआ करते थे. दैनिक जागरण में बड़े स्तर पर हुए संपादकों के बदलाव में आगरा और इलाहाबाद की यूनिटें भी प्रभावित हुई हैं. इलाहाबाद के संपादक अवधेश गुप्ता को आगरा की कमान सौंपी गई है.

उमेश कुमार ने भड़ास4इंडिया पोर्टल के संपादक नारायण परगाईं को भेजा बीस करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस

देहरादून में एक वेब जर्नलिस्ट हैं, नारायण परगाई. ये भड़ास4इंडिया नामक न्यूज पोर्टल चलाते हैं. इन्होंने जानकारी दी कि समाचार प्लस से जुड़े उमेश कुमार से संबंधित एक खबर छापने के कारण उन्हें 20 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा गया है. नारायण परगाई कहते हैं-  ”जब वो दूसरों के खिलाफ समाचारों को चलाता है तो वो बन जाता है ईमानदार और जब कोई उसके खिलाफ समाचार लिखता है तो भेज देता है क़ानूनी नोटिस. ये कैसा दोगलापन है. सही खबर लिखे जाने पर ऐसी तिलमिलाहट क्यों.

दैनिक जागरण के गाजियाबाद कार्यालय में उठापटक, इंदू शेखावत ने भूपेंद्र तालान के खिलाफ थाने में दी तहरीर

गजियाबाद । अधिकारियों की चाटुकारिता और खबरों के एवज में वसूली जैसे आरोपों के कारण चर्चा में रहने वाले दैनिक जागरण के गाजियाबाद कार्यालय में उठापटक और सिर फुटव्व्ल की नौबत आ गयी है। ताजा मामला नगर निगम के आयुक्त अब्दुल समद के पक्ष में प्लांट करके लगायी जा रही खबरों से जुड़ा है। नगर निगम की बीट जागरण संवाददाता भूपेंद्र तालान देखते हैं। काफी समय से तालान पर यह आरोप लग रहे थे कि वह नगर आयुक्त के पक्ष में जागरण में पाजिटीव खबरें लगाा रहे हैं। इस मामले में जागरण के प्रबंधन को शिकायतें भी मिल रही थीं, लेकिन ब्यूरो चीफ राज कौशिक का सानिध्य होने के कारण तलान पर कभी आंच नहीं आयी।

अमर उजाला बुलंदशहर के ब्यूरो चीफ शादाब रिजवी का नेशनल ब्यूरो में तबादला

अमर उजाला बुलंदशहर में पिछले साढे तीन साल से ब्यूरो चीफ के पद पर तैनात शादाब रिजवी का तबादला नेशनल ब्यूरो दिल्ली के लिए कर दिया गया है। उनके स्थान पर गाजियाबाद में डेस्क इंचार्ज शशि कुमार श्रीवास्तव ने पदभार संभाला है। शादाब रिजवी ने बुलंदशहर अमर उजाला को साढे तीन साल में नए आयाम तक पहुँचाया। उनके कार्यकाल में अमर उजाला का सर्कुलेशन 45 हजार से बढ़कर 60 हजार से ज्यादा हो गया।

यूपी में पीके ने सीएम पद के लिए राहुल, प्रियंका और शीला दीक्षित का नाम सुझाया

अजय कुमार, लखनऊ

उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हमेशा से काबिल नेताओं की लम्बी-चौड़ी फौज रही है। कई नेताओं के नाम गिनाये जा सकते हैं जिन्होंने अपने दम से प्रदेश ही नहीं पूरे देश में अपना नाम रोशन किया। फिर भी यूपी में कांग्रेस मरणासन स्थिति में हो तो आश्चर्य होता है। 27 वर्षो से वह सत्ता से बाहर है। इन 27 वर्षो में सत्ता में वापसी के लिये कांग्रेस लगातार प्रयासरत् रही है। जब भी चुनावी बिगुल बजता है कांग्रेसी ‘सपनों की उड़ान’ भरने लगते हैं, लेकिन अंत में निराशा ही हाथ लगती है।

ब्लैकमेलिंग का आरोप लगने से दुखी पत्रकार पूजा तिवारी ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर लिया

फरीदाबाद से दुखद खबर है कि महिला पत्रकार पूजा तिवारी ने फरीदाबाद के सेक्टर-46 के सदभावना अपार्टमेंट की 5वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. पूजा पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा था. इंदौर की रहने वाली पूजा तिवारी एक वेब पोर्टल में काम करती थीं. पिछले दिनों उनके खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज हुआ था. पुलिस को उनकी एक सहेली ने बताया कि इस मामले के बाद वेबसाइट ने उसे सस्पेंड कर रखा था.

संजॉय नारायण, श्रवण गर्ग और अमीष देवगन के बारे में सूचनाएं

हिन्दुस्तान टाइम्स के प्रधान संपादक पद से संजॉय नारायण ने इस्तीफा दे दिया है. वे 2008 में प्रधान संपादक बने थे. इसके पहले वे ‘बिजनेस टुडे’ में संपादक थे. उधर, श्रवण गर्ग ने बिजनेस वर्ल्ड ग्रुप के साथ नई पारी की शुरुआत की है. उन्हें सलाहकार संपादक बनाया गया है. श्रवण गर्ग ‘दैनिक भास्कर’ और ‘नईदुनिया’ जैसे अखबारों के प्रधान संपादक रह चुके हैं. हाल फिलहाल वह ‘फ्री प्रेस जर्नल ग्रुप’ में प्रधान संपादक थे.

जनसत्ता अखबार में देवी प्रसाद त्रिपाठी की प्रशस्ति पढ़कर मुझे घोर आश्चर्य हुआ

जनसत्ता 2 मई के अंक में संपादकीय पृष्ठ पर मुकेश भारद्वाज द्वारा रचित भाई डी पी त्रिपाठी की प्रशस्ति पढ़ी। मुझे घोर आश्चर्य हुआ कि जो पत्र किसी भी बड़े लेखक, वैज्ञानिक, कलाकार के बारे में अवसर विशेष पर भी कोई टिप्पणी छापने से गुरेज करता है उसमें इस तरह की प्रशस्ति कैसे छप गई। संभव है मुकेश भारद्वाज की जनसत्ता में अलग हैसियत हो। बहरहाल मेरी नजर में देवी प्रसाद त्रिपाठी का व्यक्तित्व बेहद रहस्यमय है। इसमें कोई दो राय नहीं कि साहित्य और समाज की गहरी समझ के साथ ही उनकी राजनीतिक समझ भी काबिले तारीफ़ है। लेकिन जैसा कि मुकेश भारद्वाज इंगित करना चाहते हैं देवी प्रसाद त्रिपाठी की प्रतिबद्धता न तो सिंह वाली है न मिमियाती हुई है बल्कि भारतीय राजनीति के अवसरवादी यथार्थ से ही संचालित है।

मोदी की आंबेडकर पर अशिष्टता

-आनंद तेल्तुम्ब्ड़े-

हाल में मोदी जी ने अपने आप को आंबेडकर भक्त कहा था और दलितों को यह भरोसा दिलाया था कि वह आरक्षण के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होने देंगें चाहे आंबेडकर ही आ कर इस की मांग क्यों न करें. मोदी की यह अशिष्टता यह दर्शाती है कि हिंदुत्व की ताकतों के लिए दलितों को पटाने के लिए आंबेडकर को गलत ढंग से पेश करने तथा शासक वर्गों की राजनीतिक रणनीति में आरक्षण की कितनी नाज़ुक भूमिका है. आरक्षण जो कि दलितों के लिए वरदान है वास्तव में उनकी गुलामी का औज़ार बन गया है.

रामजी जायसवाल सहित 4 हस्तियां हुईं सम्मानित

जौनपुर। व्यंग्य पत्रिका ‘व्यंग्य-तरंग’ के वार्षिक विशेषांक के लोकार्पण अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ जहां साहित्य, पत्रकारिता एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 4 विभूतियों को सम्मानित किया गया। नगर के कजगांव पड़ाव पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव रहे जहां अध्यक्षता देश के जाने-माने हिन्दी कवि माहेश्वर तिवारी ने किया।

आध्यात्मिक पत्रकारिता के जनक थे शुक्लजी : इंद्र कांत

इलाहाबाद. पंडित देवी दत्त शुक्ल एकमात्र ऐसे पत्रकार थे जिनकी जितनी पकड़ साहित्य में थी उतनी ही अध्यात्म में थी. उन्होंने दो दशक से भी अधिक समय तक सरस्वती पत्रिका का संपादन किया. उनके संपादन में इस पत्रिका ने देश की उस समय की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पत्रिका होने का गौरव हासिल किया था. शुक्लजी पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि अध्यात्म क्षेत्र में कई पुस्तकें लिखी जो शोधार्थियों के शोध का प्रमुख स्रोत हैं. उक्त विचार वरिष्ठ पत्रकार इंद्र कांत मिश्र ने शुक्ल जी की जयंती पर रविवार (एक मई) को अलोपीबाग स्थित चंडीधाम  कार्यालय में आयोजित एक परिचर्चा में व्यक्त किये.

उपजा द्वारा आयोजित मई दिवस समारोह में सम्मानित हुए पत्रकार

लखनऊ। स्थानीय कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन सम्बद्ध नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इण्डिया) तथा लखनऊ इकाई द्वारा मई दिवस (श्रमिक दिवस) समारोह परम्परागत् ढंग से सोल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सोशल एक्टिविस्ट् तथा समाजवादी पार्टी की नेत्री अर्पणा यादव थीं तथा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजवादी पार्टी के सदस्य विधान परिषद श्री मधुकर जेटली थे। आये हुए अतिथियों का स्वागत् सम्मान प्रतीक चिन्ह,प्रशस्ति पत्र देकर तथा शाल ओढाकर किया गया। इस मौके पर पत्रकारों एवं श्रम कानूनों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। दीर्घकालीन एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया, तथा पत्रकारों की समस्याओं का ज्ञापन सरकार को सौंपा गया।

मजीठिया वेजबोर्ड वर्कशाप : क्लेम फाइल करने के लिए सेलरी व एरियर गणना जैसे कठिन काम का निकला हल

30 अप्रैल को दिल्ली में इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के सेमिनार हाल में आयोजित वर्कशाप में मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से मीडियाकर्मियों की सेलरी व एरियर गणना कर उसके हिसाब से क्लेम तैयार कराने जैसे जटिल काम पर विमर्श किया गया. साथ ही मजीठिया वेज बोर्ड से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई. एडवोकेट उमेश शर्मा, भड़ास एडिटर यशवंत सिंह, मुंबई के पत्रकार व आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकांत सिंह समेत दर्जनों पत्रकारों ने अपनी बात रखी.

JC Show : INTERVIEW WITH UNION MINISTER NITIN GADKARI BY ETV NEWS NETWORK HEAD JAGDEESH CHANDRA

Q: Welcome to ETV’s JC Show. Though there’s a lot of debate on whether Good Days of Modi has come or not, one thing is for sure that Nitin Gadkari is doing very good works. What are those?

 

A: People can better judge my work. I feel that we are a rich nation with poor population. We can change this situation. I have a budget of 3.5 lakh crore for five years combining the two ministries that is under me. But, I have targeted to complete 25 lakh crore worth projects by the completion of my five year tenure. At least five crore youths will get jobs through the projects that we have under taken in roads, ports, shipping, waterways sectors. We want to build dry ports in Rajasthan. If we compare the cost of transporting, then what costs 1.5 rupees by road, will cost one rupee by train and by waterways it costs only 20 paise. At international market, our logistic cost is 18 per cent, where as that of China is 8 per cent. 47 per cent of China’s passengers and goods traffic depend on water ways. It’s 43 to 44 per cent in Korea and Japan. In UK, European countries and Germany, it’s more than 40 Per cent. But, in India it was earlier only 3.5 per cent. In two years, we increased it to 6 Per Cent. I want to run ships in Indira Canal. Through this, one will not only get water to drink, but also for irrigation for agriculture, fisheries, as well as goods and passengers can be transported. We want to build water grid and want to link to ocean. Our parliament has passed the bill to make inland water ways in 111 rivers. We have started the work on Ganga River worth 4 thousand crore rupees. We also want to work in Rajasthan. Chief Minister of Rajasthan, Vasundhara Raje has given a report in this regard. We will make a canal from Gujarat Boarder, between Kandla and Mundra Port. The canal will go 350 Kilometers through Jhalore district. People will get water from this, and waterways can also be helpful for transport. This will increase the export and also create jobs for the people.

देश भक्त मोदी के कारिंदो का काला चिट्ठा आरटीआई के जरिए हुआ उजागर

Vishwanath Chaturvedi : देश भक्त मोदी के कारिंदो का काला चिट्ठा जानिये…. पूँजीपतियों की किस किस कम्पनी ने लगाया चूना, देश और देशभक्ति के नाम पर : आर टी आई से हुआ खुलासा… आप एक विजय माल्या की बात करते हैं.. मैं आपको बता दूँ अभी हाल में एक आरटीआई आवेदन के ज़रिये इस बात का खुलासा हुआ कि 2013 से 2015 के बीच देश के सरकारी बैंकों ने एक लाख 14 हज़ार करोड़ रुपये के कर्जे माफ़ कर दिये। इनमें से 95 प्रतिशत कर्जे बड़े और मझोले उद्योगों के करोड़पति मालिकों को दिये गये थे। यह रकम कितनी बड़ी है इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि अगर ये सारे कर्ज़दार अपना कर्ज़ा लौटा देते तो 2015 में देश में रक्षा, शिक्षा, हाईवे और स्वास्थ्य पर खर्च हुई पूरी राशि का खर्च इसी से निकल आती।

राहत का सोमवार : odd-even फॉर्मूले ने तौबा करवा दी

Sarjana Sharama : इस बार सोमवार राहत का सोमवार होगा। ऑटो या टैक्सी खोजने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के श्री अरंविंद केजरीवाल के odd-even फॉर्मूले ने तौबा करवा दी। इतनी भीषण गरमी में लोग तपती धूप में 20-20 मिनट ऑटो का इंतज़ार करते रहे। रेडियो टैक्सी के अपने नखरे हैं। अभी इस रूट पर कोई टैक्सी नहीं मिल सकती। दो घंटे से पहले नहीं आ सकते आदि आदि।

मोदी सरकार के वर्तमान इकनॉमिक मॉडल में रोजगार रहित विकास : पुण्य प्रूसन बाजपेयी

गुजरात में पाटीदारों ने आरक्षण के लिए जो हंगामा मचाया, जो तबाही मचायी, राज्य में सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति स्वाहा कर दी उसका फल उन्हें मिल गया। सरकार ने सामान्य वर्ग में पाटीदारों समेत आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों के लिए दस फीसदी आरक्षण की व्यवस्था कर दी। तो विकास की मार में जमीन गंवाते पटेल समाज के लिये यह राहत की बात है कि जिनकी कमाई हर दिन पौने दो हजार की है उन्हें भी आरक्षण मिल गया। यानी सरकारी नौकरी का एक ऐसा आसरा जिसमें नौकरी कम सियासत ज्यादा है। यानी आरक्षण देकर जो सियासी राजनीतिक बिसात अब बीजेपी बिछायेगी उसमें उसे लगने लगा है कि अगले बरस गुजरात में अब उसकी हार नहीं होगी।

गालियों से परेशान होकर राजदीप सरदेसाई ने अपना टि्वटर एकाउंट डिसेबल किया

वरिष्ठ और चर्चित पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने टि्वटर को अलविदा कह दिया है. टि्वटर पर कई लोगों के निशाने पर आए राजदीप सरदेसाई को पिछले कुछ समय से कई यूजर्स डायरेक्‍ट मैसेज करके गालियां दे रहे थे. शुरुआत में राजदीप ने इसे इग्‍नोर किया लेकिन जब मां-बहन की गालियां सुनने को मिली तो राजदीप ने एक ट्वीट करके टि्वटर छोड़ देने का ऐलान किया. अपना ट्विटर एकाउंड डिसेबल करने से पहले सरदेसाई ने ट्वीट किया, “कुछ लोग कितना नीचे गिर सकते हैं? मेरा एकाउंट हैक कर सकते हैं? जाली मैसेज भेज सकते हैं? ये कब खत्म होगा? अब वक्त आ गया है कि इस एकाउंट को बंद कर दिया जाए. बस, बहुत हो चुका.”

पत्रकारिता में नारद सम्मान के लिए आवेदन आमंत्रित

Subject : Entries for Narad Samman 2016

Dear Sir

As you are aware Indraprastha Vishva Samvad Kendra is organising it’s prestigious annual journalism award function for the year 2015-16 titled  – Narad Samman.

We will appreciate if you send entries from your esteemed organisation for the following categories…

सिर्फ रस्म-अदायगी भर बनकर रह गया है मई दिवस

आज 1 मई अर्थात् ‘मई दिवस’ है। आज दुनिया भर के मजदूरों की काम से छुट्टी रहेगी और वे परस्पर ‘दुनिया भर के मजदूरो एक हो जाओ’ का सामूहिक मंत्रजाप कर अपनी एकजुटता का आह्वान करेंगे। भले ही इसे मजदूर आंदोलनों के सामाजिक और आर्थिक उपलब्धियों का एक अंतर्राष्ट्रीय उत्सव के तौर पर प्रचारित किया जाता है और यह संसार भर में मई दिवस ‘अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस’ या ‘श्रम दिवस’ के रूप में श्रमिक संगठनों, राजनीतिक दलों तथा समाजवादी समूहों द्वारा प्रदर्शनों, सभा-सम्मेलनों आदि विभिन्न तरीकों से श्रमिकों के हित-साधन के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है, लेकिन यह भी एक कटुसत्य है कि यह दिन एक सालाना कर्मकाण्ड की रस्म-अदायगी मात्र से अधिक कुछ भी नहीं रह गया है।

मई दिवस पर लगा विशाल मेला, हजारों लोगों ने की शिरकत

भीम, राजसमन्द, राजस्थान : आज मजदूर किसान शक्ति संगठन की स्थापना के 26 साल पूरे होने व अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राजसमन्द जिले के भीम के पाटियों के चौड़ा में आयोजित मजदूर मेले में 5000 से भी अधिक मजदूरों और किसानों ने भाग लिया. मेले में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न भागों से मजदूर, किसान और उनके साथ काम करने वाले लोग आये. राजस्थान के कई जिले के लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया और अपनी पीड़ा भी बताई और संगठित होने पर बल दिया. मेले में आये मजदूरों और किसानों को संबोधित करते हुए सूचना के अधिकार और रोज़गार गारंटी जैसे कानूनों की जनक और मजदूर किसान शक्ति संगठन की संस्थापक अरुणा रॉय ने कहा कि “ हमें अब विचार करने पर मजबूर होना पड़ेगा और उन्होंने नारा दिया कि राजस्थान के मजदूरों एक हो जाओ” चाहे वे ग्रामीण मजदूर हों, नरेगा में काम करने वाले मजदूर हो या किसी कारखाने मेन काम करने वाले सभी को संगठित होकर सत्ता के दमन और शोषण का शामना करना चाहिये. 

आज के जनसत्ता को लेकर एक समीक्षात्मक टिप्पणी : अलिवदा जनसत्ता!

प्रिय बंधु
नमस्कार
जनसत्ता को लेकर एक टिप्पणी भेज रहा हूं। सुना है कि आपका ब्लाग काफी पढ़ा जाता है। मेरी चिंता को स्थान देंगे तो बहुत आभारी रहूंगा। मैं एक शिक्षक हूं और आज का जनसत्ता देखकर दुखी हूं। सोच रहा हूं कि संपादक को भी लिखूं। टिप्पणी थोड़ी आक्रोश में लिखी है, आप देख लीजिए।

देवेंद्र नागमणि
आरके पुरम
दिल्ली