जैन हवाला स्कैम ब्रेक करने वाले विनीत बोले- तब भी न्यायपालिका बिकी थी (देखें वीडियो)

जानिए जैन हवाला कांड कैसे खुला और इसे उजागर करने वाले विनीत नारायण के साथ क्या कुछ घटित हुआ… उन्हें क्यों देश छोड़कर भागना पड़ा था… Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

सुब्रमण्यम स्वामी अब अपनी धोती संभालें : विनीत नारायण (देखें वीडियो)

देश में वीडियो / टीवी पत्रकारिता की शुरुआत ‘कालचक्र’ के माध्यम से करने वाले वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण आजकल भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी से खासे नाराज चल रहे हैं. विनीत के खिलाफ सुब्रमण्यम स्वामी ने आठ पेज की चिट्ठी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यहां रवाना किया तो जवाब में विनीत नारायण ने स्वामी …

वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण से भड़ास एडिटर यशवंत की बातचीत (पार्ट वन) : देखें वीडियो

भड़ास एडिटर यशवंत को अपनी किताब ‘अदालत की अवमानना, कानून का दुरुपयोग’ भेंट करते वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण. भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने जब वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण को नटवरलाल बताते हुए आठ पेज की चिट्ठी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास प्रेषित किया तो अचानक ही विनीत फिर से सुर्खियों में आ गए. …

राजदीप और आशुतोष की आत्मा जिंदा होती तो इस डाक्टर से माफी मांग चुके होते, देखें वीडियो

डाक्टर अजय अग्रवाल नोएडा के जिला अस्पताल के सीएमएस हैं. घुटना प्रत्यारोपण के फील्ड में देश के जाने माने डाक्टर हैं. हम बताएंगे कि इनकी जिंदगी किस तरह एक न्यूज चैनल ने तबाह कर दी…. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

मीडिया घरानों को नंगा करने वाले ‘कोबरा पोस्ट’ के संपादक अनिरुद्ध बहल का वीडियो इंटरव्यू देखें

दो पार्ट में मीडिया घरानों का स्टिंग कराने वाली मीडिया कंपनी कोबरापोस्ट के कर्ताधर्ता हैं अनिरुद्ध बहल. चमक-दमक और प्रचार से दूर रहने वाले इस शख्स के बारे में लोग कम ही जानते हैं. भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह ने कल नोएडा स्थित कोबरापोस्ट के आफिस जाकर अनिरुद्ध बहल का एक विस्तृत वीडियो …

लाल झंडे वाले कबीराना फोटो जर्नलिस्ट सुनील कुमार दत्ता से एक मुलाकात, देखें वीडियो

कबीर के नाम से चर्चित एसके दत्ता उर्फ सुनील कुमार दत्ता आजमगढ़ की एक जानी-मानी शख्सियत हैं. साइकिल से करियर शुरू करने वाले दत्ता साहब दैनिक जागरण, टाइम्स आफ इंडिया, राष्ट्रीय सहारा से लेकर अमर उजाला तक में काम करते हुए कुछ बरस से मोपेड से चलने लगे हैं. जाहिर है, उनके जीवन में, उनकी …

सुप्रिय प्रसाद मीडिया इंडस्ट्री के सर्वश्रेष्ठ बॉसेज में से एक हैं!

Yashwant Singh : संपादक को अपने व्यवहार और दिमाग से कैसा होना चाहिए… मैं जो समझ पाता हूं वो ये कि उसे नितांत डेमोक्रेटिक होना चाहिए. सबकी सुने…सबको मौका दे.. सरल-सहज रहे ताकि उससे कोई भी मिल जुल कह बता सके… नकारात्मकता न हो… कोई बुरा कहे तो जज्ब कर ले… कोई अच्छा करे तो उसे वाहवाही दे दे… आज के दौर के युवा संपादकों की बात करें तो कुछ ही हैं जो इस पैमाने पर खरे उतरते हैं… सुप्रिय प्रसाद को उनमें से एक मानता हूं…

सुप्रिय प्रसाद

भास्कर ग्रुप को धूल चटाने वाली इस लड़की का इंटरव्यू देखें-सुनें

मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने में बहुत बड़े बड़े पत्रकारों की पैंट गीली हो जाती है लेकिन भास्कर समूह में रिसेप्शनिस्ट पद पर कार्यरत रही एक लड़की ने न सिर्फ भास्कर ग्रुप से कानूनी लड़ाई लड़ी बल्कि अपना हक हासिल करने की अग्रसर है.

‘मलिकज़ादा’ के विमोचन के बाद यशवंत ने की इसके लेखक नज़ीर मलिक से बातचीत, देखें वीडियो

35 साल सेवा के बाद वरिष्ठ पत्रकार को क्यों देना पड़ा दैनिक जागरण से इस्तीफा, जानिए पूरी दास्तान… सिद्धार्थनगर जिले के दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ रहे वरिष्ठ पत्रकार नज़ीर मलिक अपने जीवन, करियर और संघर्षों की कहानी बयां कर रहे हैं, भड़ास संपादक यशवंत से एक विशेष बातचीत में… 

मोदी जी का इंटरव्यू और जी न्यूज के सामने पकौड़े वाला….

Nitin Thakur : सुधीर सर ने जो इंटरव्यू लिया उसे जर्नलिज़्म के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाए. छात्रों को वो हुनर सिखाया जाए कि एकतरफा संवाद करनेवाले नेता के भाषण के बीच में सवालनुमा टिप्पणी कुशलतापूर्वक घुसाकर कैसे इंटरव्यू होने का भ्रम पैदा किया जाता है. मोदी जी ने बाकायदा समझाया कि कैसे ज़ी न्यूज़ के बाहर पकौड़े तलनेवाले को 200 रुपए रोज़ाना का रोज़गार मोदीकाल में मिला है।

समय बीतने के साथ एनडीटीवी की मानहानि की कीमत कम होती गई और अब शून्य हो चुकी है… देखें इंटरव्यू भाग-दो

चर्चित आईआरएस अधिकारी एसके श्रीवास्तव को एनडीटीवी के आर्थिक घपलों को पकड़ने के कारण बहुत प्रताड़ित किया गया. इस अफसर के पास एनडीटीवी की पूरी कुंडली है. भड़ास से बातचीत में एसके श्रीवास्तव ने खुलासा किया था कि मनमोहन राज में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने NDTV पर छापा डालने जा रहे इनकम टैक्स अफसरों को रोक दिया था.

प्रणय राय की काली कमाई की पोल खोल दी इस IRS अधिकारी ने, देखें वीडियो

प्रणय राय अपना अफ्रीका वाला फार्म हाउस गिरवी रख देते तो सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी बच जाती… 

Yashwant Singh :  आपको मालूम है, प्रणय राय ने काली कमाई से अफ्रीका में सैकड़ों एकड़ का फार्म हाउस खरीद रखा है जिसमें ऐय्याशी के सारे साजो-सामान उपलब्ध है. प्रणय राय ने गोवा में समुद्र किनारे बंगला खरीद रखा है. दिल्ली और देहरादून में बंगले खरीद रखे हैं. एक हेलीकाप्टर भी खरीदा हुआ है. अगर वो सिर्फ अफ्रीका का अपना सैकड़ों एकड़ वाला रैंच या गोवा का सी-बीच वाला बंगला गिरवी रख दें तो सैकड़ों करोड़ रुपया मिल जाएगा. इस पैसे से वह एनडीटीवी की माली हालत ठीक कर सकते थे. सैकड़ों कर्मियों का ‘कत्ल’ करने से बच सकते थे.

युवा अखबार मालिक अभिजय चोपड़ा शतरंज के जरिए पंजाबी युवाओं में फैली नशे की लत को देंगे मात

दिमाग के खेल शतरंज यानि चेस में अब उत्तर भारत, खासतौर पर पंजाब के कई खिलाड़ी अपनी धाक जमाने लगे हैं। पंजाब में चेस के इस बढ़ते कल्चर का श्रेय ‘पंजाब केसरी’ के डायरैक्टर अभिजय चोपड़ा को जाता है जिन्होंने जालन्धर में पंजाब केसरी सेंटर ऑफ चेस एक्सीलैंस शुरू किया है। इस मंच के तहत जालन्धर में चेस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे भाग लेकर चेस की बारीकियां सीख रहे हैं और अपने आपको बड़े टूर्नामैंट के लिए तैयार कर रहे हैं। भड़ास ने अभिजय चोपड़ा के साथ जालन्धर में विशेष बातचीत की। पेश है अभिजय चोपड़ा से बातचीत का एक अंश :

मीडिया केंद्रित फिल्म ‘JD’ में कई पत्रकारों ने किया काम, गिना रहे हैं डायरेक्टर शैलेंद्र पांडेय सबके नाम (देखें वीडियो)

मीडिया पर जोरदार फ़िल्म ‘जेडी’ बनाने वाले शैलेन्द्र पांडेय ने निकाली अपनी भड़ास। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को कठघरे में खड़ा किया। कई असली पत्रकारों ने फिल्म में पत्रकार का किरदार निभाया है। तो, फ़िल्म में किन-किन असली पत्रकारों ने रोल किया, उन सबके नामों का किया खुलासा किया। शैलेंद्र पांडेय से बातचीत की भड़ास के संपादक यशवंत सिंह ने।

जंगल से आदिवासियों को बेदखल कर कारपोरेट को बसाने का अभियान मोदी सरकार ‘नक्सल सफाया’ के नाम पर चला रही है : वरवर राव

1940 में आंध्र-प्रदेश के वारंगल में जन्मे वरवर राव ने कोई 40 सालों तक कॉलेजों में तेलुगू साहित्य पढ़ाया है और लगभग इतने ही सालों से वे भारत के सशस्त्र माओवादी आंदोलन से भी जुड़े हुए हैं। वैसे वरवर राव को भारतीय माओवादियों के संघर्ष का प्रवक्ता माना जाता है, सरकारी दावे के अनुसार वे सशस्त्र माओवादियों के नीतिकार भी हैं, परंतु वरवर राव अपने को क्रांतिकारी कवि कहलाना ज्यादा पसंद करते हैं। सत्ता के खिलाफ लिखने-पढ़ने, संगठन बनाने और पत्र-पत्रिकायें प्रकाशित करने वाले वरवर राव टाडा समेत देशद्रोह के आरोप में लगभग 10 वर्षों तक जेल में रहे हैं और अभी लगभग 50 मामलों पर विभिन्न कोर्टों में सुनवाई चल रही है तो कुछ मामलों पर जमानत पर हैं।

‘अनारकली आफ आरा’ का क्लाइमेक्स 28 बार री-राइट किया गया : अविनाश दास

(फिल्म ‘अनारकली आफ आरा’ की हीरोइन स्वरा भास्कर के साथ फिल्म लेखक और निर्देशक अविनाश दास. फाइल फोटो)

‘अनारकली आफ आरा’ देश भर में 24 मार्च को रीलीज़ हो रही है। ‘नील बटे सन्नाटा’ के बाद स्वरा भास्कर की यह महत्वाकांक्षी सोलो फिल्म है। प्रोमोडोम कम्युनिकेशन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म में उसने एक सड़कछाप गायिका का किरदार निभाया है। फिल्म का निर्देशन किया है अविनाश दास ने। अनारकली की कहानी भी उन्होंने ही लिखी है। इससे पहले अविनाश दास प्रिंट और टीवी के पत्रकार रहे हैं। उन्होंने आमिर ख़ान की ‘सत्यमेव जयते’ के लिए भी रिपोर्टिंग की है। ‘अनारकली’ में स्वरा भास्कर के अलावा संजय मिश्रा, पंकज त्रिपाठी और इश्तियाक़ ख़ान महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म का अनोखा संगीत रचा है रोहित शर्मा ने, जिन्होंने ‘शिप आफ थिसियस’ में भी संगीत दिया था।

Priya Singh Paul claims that she is daughter of late sanjay gandhi!

संजय गांधी की बेटी होने का दावा… कोई न्यूज चैनल बात नहीं कर रहा… ‘छत्तीसगढ़’ नामक अखबार से लंबी बातचीत में प्रिया पॉल अपने दावे के लिए डीएनए जांच को तैयार

दिल्ली में रहने वाली, भारत सरकार के एक बड़े ओहदे पर काम चुकीं प्रिया सिंह पॉल का दावा है कि वे संजय गांधी की बेटी हैं, और वे यह संबंध साबित करने के लिए डीएनए जांच के लिए तैयार हैं। वे किसी राजनीति में नहीं हैं, और कई चैनलों में वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। अभी चार दिन पहले उन्होंने फेसबुक पर यह बात लिखी, और तब से लगातार इस अखबार, ‘छत्तीसगढ़’, ने लगातार उनसे बात करने की कोशिश की। वे आज सुबह इस बातचीत के लिए तैयार हुईं, और उनसे लंबे साक्षात्कार के कुछ हिस्से यहां प्रस्तुत हैं।

पांच मिनट में शास्त्रीय संगीत की अवधारणा पेश करने वाले खयाल गायक पं. सत्यशील देशपांडेय से विशेष बातचीत

खयाल गायक पं. सत्यशील देशपांडेय से मुहम्मद जाकिर हुसैन की खास बातचीत : जिसकी सांगीतिक आत्मा तड़पती है तो उसको शास्त्रीय संगीत तक आना पड़ता है… आम जनता को खुश करने के लिए नहीं है शास्त्रीय संगीत… 

अंग्रेजी अख़बार ‘मिल्ली गज़ट’ बंद, पढ़िए एडिटर ज़फरुल इस्लाम खान से विशेष बातचीत

एडिटर ज़फरुल इस्लाम खान ने ‘एशिया टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में कहा- ”भारत के मुसलमानों की प्राथमिकताओं में मीडिया शामिल नहीं”

नई दिल्ली : वर्ष 2016 के दिसंबर के अंतिम दिनों में यह खबर मिली कि सत्रह साल से जारी अंग्रेजी पाक्षिक ‘मिल्ली गजट’ ने अपने पाठकों को अलविदा कह दिया। अंतिम अंक ३१ दिसंबर को प्रकाशित हुआ। वास्तव में यह खबर बेहद दुखदहै। ‘मिल्ली गजट’ के संपादक डॉक्टर ज़फरुल इस्लाम खान ने यह अखबार सन 2000 में इस सोच के साथ शुरू किया था कि वे भारतीय मुसलमानों की आवाज़ देश -विदेश तक पहुंचाएंगे जिसे नेशनल मीडिया में कोई जगह नहीं दी जाती। लेकिन मीडिया की इस घाटी में काफी समय तक खाली हाथ यात्रा कब तक संभव है।

इंटरव्यू : टी. जार्ज जोसेफ (वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, रिटायर्ड)

यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टी. जार्ज जोसेफ भले ही कई बरस पहले रिटायर हो गए हों लेकिन उनको जानने चाहने वालों की कमी लखनऊ में नहीं है. ईमानदारी और सादगी के मामले में चर्चित जार्ज जोसेफ साहब पिछले दिनों वो दृष्टांत मैग्जीन की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में लखनऊ आए तो उनसे नौकरशाही, राजनीति, जीवन समेत कई आयामों / मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह ने.

इंटरव्यू : ब्रजेश मिश्रा (एडिटर इन चीफ और चेयरमैन, यूपी टीवी)

लखनऊ में हजरतगंज स्थित यूपी टीवी के मुख्यालय जाकर भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह ने इस नए लांच हो रहे चैनल के एडिटर इन चीफ और चेयरमैन ब्रजेश मिश्रा से नए-पुराने दोनों चैनलों को लेकर विस्तार से बातचीत की. ईटीवी छोड़ने और यूपी टीवी शुरू करने के पीछ की कहानी ब्रजेश ने विस्तार से बताई. साथ ही इस बारे में भी जानकारी दी कि आखिर कैसे उनका यह नया चैनल यूपी का नंबर वन चैनल बन जाएगा. ब्रजेश मिश्र को ठीक से जानने वाले कहते हैं कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी इस शख्स के पास अदभुत विजन और अथक मेहनत करने की क्षमता के साथ-साथ पूरी टीम को उर्जा से भरकर लगातार चलते रहने के लिए प्रेरित करते जाने की पाजिटिव एनर्जी है.

साक्षात्कार- के.जी. सुरेश (महानिदेशक, आईआईएमसी)

भारत के प्रमुख मीडिया प्रशिक्षण संस्थान आईआईएमसी के महानिदेशक के.जी. सुरेश से पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप व चुनौतियों पर खास बातचीत…

‘समकालीन तीसरी दुनिया’ मैग्जीन के संपादक आनंद स्वरूप वर्मा का इंटरव्यू

हिंदी के दिग्गज और पुरोधा पत्रकार हैं आनंद स्वरूप वर्मा. ग्लैमर, पैसा और बाजार के आकर्षण से बिलकुल दूर अलग वे अपने पत्रकारीय मिशन में डूबे / लीन रहते हैं. आनंद स्वरूप वर्मा को अगर हिंदी पत्रकारिता का लौह पुरुष कहा जाए तो अनुचित न होगा. न जाने कितने झंझावात और उतार चढ़ाव आए, लेकिन उनका विजन, सरोकार और लक्ष्य नहीं बदला. वे ‘समकालीन तीसरी दुनिया’ मैग्जीन के जरिए आम जन के लिए पत्रकारिता को जीते रहे और सिस्टम को चुनौती देते रहे. आनंद स्वरूप वर्मा ने इस मैग्जीन की मदद से कई पीढियों को देश-दुनिया की हलचलों के पीछे की सरोकारी समझ से शिक्षित-प्रशिक्षित किया और बाजार के प्रभाव से दिमाग में निर्मित हो रहे वैचारिक झाड़-झंखाड़ और झालों को साफ कर जनता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रतिष्ठित करने का काम अनवरत किया.

मीडिया इम्पलॉयर का राज दमन वाला राज है : एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस

जस्टिस मजीठिया वेजबोर्ड मामले पर जानिये क्या कहते हैं सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में मीडियाकर्मियों की तरफ से सुप्रीमकोर्ट में लड़ाई लड़ रहे सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस का नाम हमेशा सुर्खियों में रहा है। जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले पर मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट शशिकान्त सिंह ने उनसे बातचीत की। बातचीत का सिलसिला चला तो कॉलिन गोंसाल्विस ने दिल की हर बात जुबां पर ला दी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश…

अखबार मालिक मजीठिया वेज बोर्ड लागू करें अन्यथा जेल जाएंगे : एडवोकेट परमानन्द पांडे

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में मीडिया कर्मियों की तरफ अखबार मालिकों के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट परमानंद पांडे को मीडिया का भी काफी तजुर्बा है। वे इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के सेक्रेटरी जनरल भी हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके परमानंद पांडे पर मीडियाकर्मियों को पूरा भरोसा है। वजह भी साफ़ है। परमानंद पांडे मीडियाकर्मियों का दर्द जानते हैं। यही वजह है कि वे माननीय सुप्रीमकोर्ट में सटीक मुद्दा रखते हैं। जो बात कहना रहता है पूरे दम से कहते हैं। मजीठिया वेज बोर्ड मामले पर एडवोकेट परमानंद पांडे से बात किया मुम्बई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट शशिकान्त सिंह ने। पेश है बातचीत के मुख्य अंश…

मजीठिया वेज बोर्ड की सुनवाई में जब लीगल इश्यू की डफली बजने लगेगी तो कमेटी की बात पीछे रह जायेगी : एडवोकेट उमेश शर्मा

सुप्रीमकोर्ट के जाने माने एडवोकेट उमेश शर्मा जब अपने चिर-परिचित अंदाज में सुप्रीम कोर्ट में बहस करते हैं तो अखबार मालिकों की घिग्घी बंध जाती है। मीडियाकर्मियों के पक्ष में पालेकर वेज बोर्ड, बछावत वेज बोर्ड, मणिसाना वेज बोर्ड और अब जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे उमेश शर्मा को लेबर लॉ का काफी अनुभव है। साफगोई से हर बात कहने वाले मृदुभाषी उमेश शर्मा ने मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर देश भर में मीडियाकर्मियों के लिये एक आंदोलन खड़ा किया। हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले उमेश शर्मा से आठ नवंबर को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सुनवाई और उसके बाद आये आर्डर पर बात किया मुंबई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट शशिकांत सिंह ने। प्रस्तुत है बातचीत के मुख्य अंश…

कैंसर की नई दवा के परीक्षण में जुटे गाजीपुर के डाक्टर एमडी सिंह का कवि रूप (देखें वीडियो इंटरव्यू)

Yashwant Singh : गाज़ीपुर जिले के मशहूर चिकित्सक डॉक्टर मुनि देवेंद्र सिंह उर्फ एमडी सिंह के कवि रूप को उनके ही जिले के बहुत कम लोग जानते होंगे। इस बार गाज़ीपुर प्रवास की उपलब्धि रहे DR. MD SINGH जी. आधे घंटे तक उनसे विस्तार से बातचीत हुई और पूरी बातचीत को मोबाइल में रिकार्ड किया. इस इंटरव्यू में एक डॉक्टर को कैसा होना चाहिए और संवेदनशीलता किस तरह शब्दों में ढलकर व्यक्ति को कवि बना देती है, इसके बारे में बताया डाक्टर एमडी सिंह ने.

एक मैग्जीन ऐसी भी… इंटरव्यू विशाल जैन (एडिटर इन चीफ)

Vishal Jain

Yashwant Singh : एक मेरे पुराने मित्र हैं. विशाल जैन. आजकल वे एजुकेशन और स्कूलिंग के फील्ड में कई नए प्रयोग कर रहे हैं. एक रोज उनसे मुलाकात हुई तो सामने टेबल पर रखी उनकी मैग्जीन पर भी नजर चली गई. इसके पन्ने पलटने लगा. लगा कि इसके बारे में सबको बताना चाहिए. क्या खूब हो कि आपका बच्चा स्कूल पढ़ने गया हो और एक दिन वह कमिश्नर का इंटरव्यू कर लाए और उसे एक मैग्जीन में छाप भी दिया जाए. विशाल अपने स्कूल के बच्चों से ऐसे कई क्रिएटिव काम कराते हैं.

देश के 80 प्रतिशत पत्रकारों के पास दृष्टि नहीं, संपादक भी दृष्टिहीन : विमल कुमार

कविताओं के जरिए मोदी को लगातार एक्सपोज करने में जुटे हैं कवि और पत्रकार विमल कुमार : हिन्दी के वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार विमल कुमार पिछले दो सालों से लगातार सोशल मीडिया पर मोदी शासन के खिलाफ कवितायें लिखते रहे हैं. उनकी यह रचनाशीलता भवानी प्रसाद मिश्र की याद दिलाती है जब वे रोज तीन कवितायें आपातकाल के विरुद्ध लिखते रहे और बाद में उनकी पुस्तक ‘त्रिकाल संध्या’ भी आयी. 56 वर्षीय विमल कुमार की गत दो सालों में लिखी गयी कविताओं की पुस्तक ‘हत्या से आत्महत्या’ छपकर आयी है. उनकी इन कविताओं ने फेसबुक पर सबका ध्यान खींचा है. आखिर विमल कुमार को किन परिस्थितियों ने इन कविताओं को लिखने के लिए मजबूर किया, इस भेंटवार्ता में जानिए यह खुलासा –

मोदी के इंटरव्यू में अर्णब गोस्वामी खुद एक्सपोज हो गए, सोशल मीडिया पर हो रही थू थू

Mukesh Kumar : बहुत बेरहम मीडियम है टीवी। आप कभी किसी को एक्सपोज़ कर रहे होते हैं तो कभी खुद भी एक्सपोज़ हो रहे होते हैं। राहुल गाँधी को आपने एक्सपोज़ किया मगर मोदी को इंटरव्यू करते हुए खुद देश के सामने। प्रधानमंत्री का पहला इंटरव्यू लेते समय न्यूज़ ऑवर के आक्रामक, दूसरों की बोलती बंद कर देने वाले या दूसरों को बोलने ही न देने वाले, बड़बोले, तर्कों और रिसर्च से लैस अर्नब गोस्वामी को क्या हो गया था? वे इतने नरम क्यों थे, बार-बार नवनीत लेपन क्यों कर रहे थे? क्या उन्होंने ये इंटरव्यू कुछ शर्तों के साथ किया? क्या प्रश्न पहले से तय थे? क्या ये पीआर एक्सरसाइज थी? और हाँ, इतना बड़ा चैनल प्रधानमंत्री का इंटरव्यू करे और तकनीकी स्तर पर इतनी बड़ी चूक करे अच्छा नहीं लगता। ऑडियो बहुत खराब था भाई।