आईपीएस अमिताभ ठाकुर बोले- आत्मरक्षार्थ गोली न मारता तो दरोगा की कचहरी परिसर में हत्या हो जाती (देखें गोली मारने का वीडियो)

लखनऊ : इलाहाबाद कचहरी गोलीकांड पर आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने डीजीपी को वीडियो समेत पूरा सौंपा है। घटनाक्रम की छानबीन के बाद उन्होंने बताया है कि वारदात के दौरान दारोगा शैलेन्द्र सिंह को आत्मरक्षा के लिए गोली चलानी पड़ी थी वरना उस दिन कचहरी परिसर में ही उनकी हत्या कर दी जाती। उन्होंने बताया कि चौकी नारीबारी, थाना शंकरगढ़ तथा अन्य स्थानों पर दारोगा के बारे में उन्होंने अपने स्तर से छानबीन की। उन्हें लगभग सभी पुलिसवालों ने बताया कि मौके पर ऐसे हालात बन गए थे कि दारोगा के पास आत्मरक्षा के लिए गोली चलाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं बचा था, वरना उन्हें मार डाला जाता।

गुजरात दंगों में निष्पक्ष भूमिका निभाने वाले आईपीएस अफसर राहुल शर्मा को अंतत: इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा

Amitabh Thakur : मैं अपने साथी और बैचमेट राहुल शर्मा (1992 बैच, गुजरात कैडर आईपीएस), जिन्होंने हाल में सेवा से इस्तीफा दे दिया को सलाम करता हूँ. राहुल को आईजी पद पर प्रोमोशन नहीं मिला, उन पर 2 विभागीय जांच थे, उन्हें एक प्रतिकूल एसीआर मिला था पर जिस तरह उन्होंने 2002 गुजरात दंगों में एसपी भावनगर के रूप में पूर्णतया निष्पक्ष और न्यायसंगत भूमिका निभायी थी.

CAT reserves order in petition challenging IAS, IPS promotion guidelines

The Lucknow bench of Central Administrative Tribunal (CAT) today reserved its order in the petition filed by IPS officer Amitabh Thakur challenging the promotion guidelines for IAS, IPS and IFS officers. The bench consisting of Navneet Kumar and Jayati Chandra reserved its order after hearing petitioner’s counsel Dr Nutan Thakur and Government of India’s counsel Raj Singh.

ये है अखिलेश यादव की नाक तले काम कर रही लखनऊ पुलिस की हकीकत

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आज डीआईजी लखनऊ आर के चतुर्वेदी को पत्र लिख कर लखनऊ पुलिस की हकीकत बताई है. पत्र में उन्होंने कहा है कि उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर ने स्वयं से सम्बंधित एक शिकायती पत्र थाना गोमतीनगर में भेजा पर थानाध्यक्ष और एसएसआई सहित सभी ने पत्र रिसीव करने तक से मना कर दिया. श्री ठाकुर ने इस सम्बन्ध में एसएसआई से फोन पर बात करना चाहा तो उन्होंने इससे भी मना कर दिया.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर लगातार निराधार आरोप लगा रहा लखनऊ का कथित सोशल एक्टिविस्ट संजय शर्मा

कंटेंट चोरी के आरोपों से घिरा लखनऊ का एक कथित सोशल एक्टिविस्ट संजय शर्मा लगातार अपने ब्लॉग पर मेरे पति अमिताभ ठाकुर को फ्रॉड, चोर, शातिर, छली, कूट रचना करने वाला और मुझे उनका समर्थन करने वाला बता कर लेख लिख रहा है जिसे अपने फेसबुक पर भी डाल रहा है और व्यक्तिगत आक्षेप वाली अनुचित टिप्पणी लिख रहा हैं. साथ ही वह तमाम मीडिया के साथियों को इनकी प्रतियाँ ईमेल कर रहा है जिस पर कई मीडिया के साथियों ने मुझसे भी स्थिति पूछा.

यूपी पुलिस के सीओ आशुतोष मिश्रा की कारस्तानी : पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेंद्र तिवारी को छह साल जेल कटवा दिया

04 सितम्बर 2009 को क़स्बा अनंतराम, थाना अजीतमल, जिला औरैया में महेंद्र कुमार की हत्या हुई जिसमे अनिल कुमार त्रिपाठी नामजद हुए और पिच्चू मिश्रा आरोपों के घेरे में आये. विवेचना के दौरान विवेचक सीओ अजीतमल आशुतोष मिश्रा ने जबरदस्ती पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेन्द्र कुमार तिवारी पुत्र चंद्रशेखर को पुच्ची मिश्रा बताते हुए 11 सितम्बर 2006 को गिरफ्तार कर इटावा जेल भेज दिया जबकि वे जानते थे कि यह पिच्चू मिश्रा नहीं है.

हाई कोर्ट का आदेश- सहारा क्यू शॉप के खिलाफ शिकायत की सेबी जांच करे

चिटफंडियों के खिलाफ देश में चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता उस वक्त मिली जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा सहारा क्यू शॉप अग्रिम तथा बॉण्ड जारी किये जाने के सम्बन्ध में दी गयी शिकायत की जांच के आदेश दिए हैं. जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस राकेश श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि इन शिकायतों की जांच न्यायहित में आवश्यक है और उन्होंने सेबी को इन लोगों द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदन को तीन माह में निस्तारित करने के आदेश दिए.

लखनऊ का कथित सामाजिक कार्यकर्ता संजय शर्मा कंटेंट चोर है!

: ‘यूपी के आईपीएस अमिताभ ठाकुर के पास खाने और दिखाने के दाँत अलग अलग’ संबंधी आरोपों का जवाब : मैंने एक सज्जन संजय शर्मा द्वारा लिखा “यूपी के आईपीएस अमिताभ ठाकुर के पास खाने और दिखाने के दाँत अलग-अलग” शीर्षक लेख पढ़ा जिसमे सब-टाइटल है-“पारदर्शिता की बात करने बालों को ही पारदर्शिता से परहेज”.

गौरी हत्याकांड : यूपी पुलिस पर गंभीर मानवाधिकार हनन का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने कल अपने पति अमिताभ ठाकुर के साथ गौरी हत्याकांड के कथित घटनास्थल पर अभियुक्त की बहन डॉली से बातचीत के आधार पर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग और यूपी के डीजीपी को अभियुक्त के परिवार वालों के मानवाधिकार उल्लंघन के सम्बन्ध में शिकायत की है. डॉली ने इन्हें बताया था कि पुलिस गिरफ़्तारी की रात 12 बजे और फिर 4 बजे सुबह बिना महिला पुलिस के आई थी और उन लोगों ने डॉली सहित महिलाओं से अभद्रता की थी.

यूपी के डीजी कमलेन्द्र प्रसाद के खिलाफ गवाही देंगे आईजी अमिताभ ठाकुर

आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर अपने ही डीजी कमलेन्द्र प्रसाद के खिलाफ मशहूर गीतकार संतोष आनंद के बेटे संकल्प आनंद आत्महत्या मामले में पुलिस के सामने गवाही देंगे. उन्होंने आज प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को पत्र लिख कर इस बात से अवगत कराया है. पत्र में उन्होंने यह कहा है कि श्री प्रसाद के साथ पिछले लगभग डेढ़ माह में काम करते हुए उन्होंने उनकी कार्यप्रणाली में वे सभी बातें देखीं जो संकल्प आनंद ने अपने सुसाइड नोट में कहा था.

मतंग सिंह को बचाने वाले पूर्व केन्द्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी की आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सीवीसी में लिखित शिकायत की (पढ़ें पत्र)

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने पूर्व केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी द्वारा सारधा  घोटाले के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी कथित रूप से रुकवाने के लिए सीबीआई पर दवाब बनाने की भूमिका के सम्बन्ध जांच करने हेतु केन्द्रीय सतर्कता आयोग में शिकायत भेजी है. उन्होंने कहा है कि इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद श्री गोस्वामी को पद से तत्काल हटाया जाना स्वागत योग्य है पर उन्हें तत्काल स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिल जाने से उनके संभावित दुराचरण के विषय में उचित दंड नहीं दिया जा सका है.

आसाराम केस के गवाह के पिता को हत्या में आसाराम की बेटी पर शक

आसाराम बापू मामले के गवाह अखिल कुमार गुप्ता की हत्या में उनके पिता नरेश गुप्ता को आसाराम की बेटी भारती पर शक है. श्री नरेश ने आज आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन कर विस्तार से बताया कि उनके लड़के का केस किसी रंजिश का परिणाम नहीं है और यह हत्या 05 जनवरी 2015 को गुजरात हाई कोर्ट द्वारा आसाराम की जमानत याचिका ख़ारिज होने से सीधा जुड़ा है. श्री नरेश ने कहा कि आसाराम के परिवार में उनके अरबों की संपत्ति के लिए आपसी झगड़े की स्थिति है और उनकी बेटी भारती, जो जेल से बाहर हैं, द्वारा यह कांड कराये जाने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

महिला विरोधी मानसिकता के प्रदर्शन के लिए आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही की मांग

सामाजिक संगठन तहरीर ने यूपी आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा कार्यालय में ”अकेली महिलाओं का प्रवेश रोकने” सम्बन्धी नोटिस लगाने को लोकसेवकों के आचरण के विरुद्ध बताते हुए मामले की जांच कर आईजी को दण्डित करने की मांग करने का मांग-पत्र सूबे के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और महिला आयोग की अध्यक्ष को भेजा है. मांग-पत्र की प्रति लखनऊ के जिलाधिकारी, डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गयी है.

लोनी के फरार हत्यारोपी सपा नेता फेसबुक पर दिखते करते उद्घाटन

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने ग्राम निठौरा, थाना-लोनी गाजियाबाद निवासी ओमप्रकाश के भाई मनोज की 2006 में हुई हत्या में सीजेएम गाजियाबाद के बार-बार निर्देशों के बाद भी अभियुक्तों की गिरफ़्तारी नहीं होने के सम्बन्ध में डीजीपी यूपी को पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है. श्री ठाकुर ने कहा है कि हाल में 15 अक्टूबर 2014 को लोनी थाने के उपनिरीक्षक प्रीतम सिंह ने ग्राम प्रधान फतियाबाद, निठौरा की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि अभियुक्तगण अब गांव में नहीं रह रहे हैं ग्राम प्रधान सत्तो देवी बैसोया ने अपने पत्र दिनांक 25 नवम्बर में साफ़ कहा है कि किसी ने उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगा कर यह फर्जी प्रमाणपत्र दाखिल करवाया है.

संदर्भ- आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर की सरकारी घेराबंदी : …नहीं तो शेर खा जाएगा!

बचपन में एक कहानी सुनी थी। हांलाकि कहानी तो कहानी ही यानि मनघड़ंत होती है…मगर उससे कुछ सीख मिल जाए तो क्या बुराई है! कहानी कुछ यूं थी कि एक जंगल में चार भैंसे रहते थे। आपस में बेहद प्यार और मिलजुल कर रहते थे। वहीं एक शेर भी रहता था। जिसका मन उनका शिकार करने को हमेशा बना रहता था। लेकिन उनकी एकता के आगे उसकी कभी न चली। जब भी शेर हमला करता चारों मिलकर उसको खदड़े देते। तभी एक लोमड़ी से शेर की वार्तालाप हुई। लोमड़ी को भी शेर के शिकार में अपने पेट भरने के आसार नज़र आए और उसने शेर से कुछ वादा किया।

यूपी में महिला आयोग और मंत्री की सांठगांठ से आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर एक और बलात्कार का आरोप!

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने राज्य महिला आयोग को उनके और उनके पति आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ षडयंत्र करने का आरोप लगाते हुए इसकी गन्दी भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने हेतु आज राज्यपाल की प्रमुख सचिव जुथिका पाटनकर से मुलाकात की. सुश्री पाटनकर ने इसमें न्यायसंगत कार्यवाही की बात कही. सुश्री ठाकुर के अनुसार एक ही दिन (14 जनवरी) को लगातार क्रम संख्या 1501 और 1502 पर दो शिकायतें राज्य महिला आयोग को मिलीं, एक में गाजियाबाद की एक महिला का आरोप है कि उन्होंने उसे नौकरी के बहाने लखनऊ बुला कर पति से रेप कराया, दूसरे में एटा की लड़की का कहना है कि डॉ ठाकुर एनजीओ के नाम पर लड़की सप्लाई करती हैं और उस औरत को जबरदस्ती अपने पति के पास तेल मालिश और दुराचार के लिए भेजा.

आईपीएस पर रेप का फर्जी आरोप लगाने वाली महिला का पति समाजवादी पार्टी का नेता निकला

: सीबीआई जांच की मांग : मेरे और मेरे पति अमिताभ ठाकुर पर गाज़ियाबाद की एक महिला द्वारा लगाए गए पूर्णतः फर्जी बलात्कार के आरोपों में आज हमें महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई. यह ज्ञात हुआ कि खुद को गरीब असहाय कहने वाली इस महिला के पति ‘वरिष्ठ’ सपा नेता हैं जो मोहल्ले में काम लायक रसूख और पहचान रखते हैं. इस तथ्य के सामने आने के बाद पूरे केस की वस्तुस्थिति देखते हुए मुझे पूर्ण विश्वास हो गया है कि यह षडयंत्र मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा उनके खिलाफ चल रही जांच में डराने और फंसाने के लिए कराया गया है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं को ये रसूखदार लोग कैसे फंसाते हैं, अब मुझे समझ में आ रहा है : अमिताभ ठाकुर

Amitabh Thakur :  अब लगा रेप का आरोप… कल मुझे अपने ऊपर एक ऐसे आरोप की जानकारी हुई जिसकी मैंने कभी कल्पना तक नहीं की थी- रेप का आरोप. एक पत्रकार के जरिये हमें मालूम हुआ था कि गाज़ियाबाद की एक महिला ने राज्य महिला आयोग में आरोप लगाया कि गाज़ियाबाद में उन्हें हमसे किसी नेता ने मिलाया, मेरी पत्नी नूतन ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ बुलाया जहां हमारे गोमतीनगर आवास पर नूतन ने उस महिला से मुझे मिलाया और मैंने देर रात उसे कमरे में बुला कर बेइज्जती और बलात्कार किया. यह भी आरोप लगाया कि हम दोनों ने उसे धमकी दी है कि अगर यह बात कहीं बतायी गयी तो उन्हें जेल भिजवा दिया जाएगा.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर बलात्कारी!

यूपी के भ्रष्ट नेताओं, भ्रष्ट मंत्रियों, भ्रष्ट अफसरों की आंख के किरकिरी बने जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फंसाने की साजिशें जाने कब से चल रही हैं लेकिन अब इन साजिशों की गुणवत्ता थोड़ी उच्च होने लगी है. इनके मकान में चोरी कराने से लेकर इनकी पोस्टिंग रोकने, ट्रांसफर करते रहने, छुट्टी के आवेदन पर विचार न करने से लेकर हर कदम पर इनके लिए मुश्किलें व चुनौतियां खड़ी करने वाला उत्तर प्रदेश का भ्रष्ट सत्ता-सिस्टम अब इन्हें रेप के आरोपों में फंसाकर डिमोरलाइज करना चाहता है, नष्ट करना चाहता है. यह सब उन दिनों किया जा रहा है कि जिन दिनों अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर ने यूपी सरकार के एक भ्रष्ट मंत्री जो खनन का काम देखता है के अवैध खनन के कारनामों का लंबा चौड़ा कच्चा चिट्ठा मय प्रमाण लोकायुक्त को सौंप रखा है और पूरे प्रदेश में इसे लेकर हलचल मची हुई है.

आसाराम गवाह हत्याकांड में गवाही की दिशा में जांच हो : अमिताभ ठाकुर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आज आसाराम मामले के गवाह अखिल गुप्ता हत्या मामले में आईजी मेरठ ज़ोन आलोक शर्मा से आसाराम गवाही की दिशा में विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है. मृतक के चचेरे भाई और मुकदमे के वादी आशीष गुप्ता से बात के आधार पर आईजी मेरठ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि श्री आशीष ने साफ़ किया कि मामला लूटपाट या स्थानीय व्यक्तिगत रंजिश से कत्तई नहीं जुड़ा है क्योंकि एक तो श्री अखिल के पास से मोबाइल और पूरे पैसे बरामद हुए और दूसरे उनकी किसी से भी कोई रंजिश नहीं थी.

हाजी याकूब कुरैशी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर देंगे 20 हज़ार रुपये का इनाम

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने कोतवाली, मेरठ में हाजी याकूब कुरैशी के खिलाफ इंस्पेक्टर लाल सिंह द्वारा धारा 505 (1) (सी) आईपीसी में दर्ज मुकदमे में धारा 153ए आईपीसी बढाने का निवेदन किया है. डीजीपी यूपी को भेजे पत्र में श्री ठाकुर ने इन दोनों धाराओं की विधिक परिभाषा बताते हुए कहा है कि जब पुलिस यह मान रही है कि श्री कुरैशी का बयान व्यक्तियों के एक समुदाय को किसी दूसरे समुदाय के विरुद्ध अपराध करने के लिए उद्दीप्त करेगा तो स्वाभाविक तौर पर यह माना जाएगा कि इस बयान से धार्मिक समूहों में असौहार्द्र तथा वैमनस्य की भावनाएं बढेंगी तथा इससे लोक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. 

बिल्डर एमबीएससी ग्रुप के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा 02 जनवरी को एसएसपी, लखनऊ  यशस्वी यादव से मुलाकात कर मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज में एमबीएससी ग्रुप के लोगों के आपराधिक कृत्यों तथा उस गांव के पोसलाल पुत्र परीदीन की जमीन को जबरदस्ती खरीदने के प्रयास के बारे में दी गयी शिकायत पर थाना गोसाईंगंज में एफआईआर दर्ज हो गयी है. एफआईआर के अनुसार एमबीएससी ग्रुप ने बीएससी होम्स नाम से लगभग 170 लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले भी लिए हैं जबकि अभी उसके पास न तो आवश्यक जमीन है और न ही उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत है.

गायत्री प्रजापति धमकी के एफआईआर में लखनऊ पुलिस ने किया खेल

मुझे और मेरे पति पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को एक कथित टीवी पत्रकार द्वारा दी गयी धमकी में दी गयी शिकायत पर गोमतीनगर थाने में पूरी तरह गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गयी है. मेरे प्रार्थनापत्र के अनुसार मामला 506 आईपीसी तथा 66ए आईटी एक्ट 2000 का संज्ञेय अपराध बनता है लेकिन थानाध्यक्ष ने इसे सिर्फ धारा 507 आईपीसी के असंज्ञेय अपराध में दर्ज किया. आम तौर पर धमकी देने पर 506 आईपीसी का अपराध होता है जबकि 507 आईपीसी तब होता है जब कोई आदमी अपना नाम और पहचान छिपाने की सावधानी रख कर धमकी देता है.

कथित पत्रकार ने अमिताभ और नतून ठाकुर को मंत्री गायत्री प्रजापति संपत्ति मामले से दूर रहने की धमकी दी

कल (03 /01 / 2015-शनिवार) मुझे और मेरे पति पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को हमारे मोबाइल पर फोन नंबर 093890-25750 से स्वयं को एक टीवी चैनेल का पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के कई बार फोन आये. उन्होंने मुझसे और मेरे पति से बहुत निकटता दिखाते हुए मुझे कई प्रकार से समझाया कि मैंने गायत्री प्रजापति की संपत्ति और कथित अवैध प्लोटिंग के बारे में लोकायुक्त को जो बातें कही हैं वे पूरी तरह गलत और निराधार हैं. उन्होंने मुझसे यह भी कहा कि खनन निदेशक भास्कर उपाध्याय बहुत ही अच्छे आदमी हैं और मुझे उनसे मिलना चाहिए.

अमिताभ और नूतन ठाकुर को जानबूझ कर सुरक्षा नहीं दे रही यूपी की अखिलेश सरकार

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने जीवन भय के कारण मांगी गयी सुरक्षा के आवेदन को लखनऊ जिला सुरक्षा समिति द्वारा अस्वीकृत किये जाने के खिलाफ प्रमुख सचिव गृह को अपील किया है. इन दोनों ने सामाजिक कार्यों में तमाम रसूखदार और ताकतवर लोगों की नाराजगी मोल लेने के कारण अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी थी जिसपर एसएसपी लखनऊ ने 27 दिसंबर के पत्र द्वारा उन्हें जिला सुरक्षा समिति की रिपोर्ट भेज कर बताया कि उनकी मांग कोई जीवन भय नहीं पाते हुए अस्वीकृत कर दी गयी है.

यह शिकायत साढ़े तीन माह में दिल्ली से चल कर तीन राज्यों से घूमते हुए फिर दिल्ली पहुंच गयी है

19 अगस्त 2014 को आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने इंदिरानगर, लखनऊ निवासी शुचिता श्रीवास्तव को फेसबुक के जरिये ठगने की शिकायत दिल्ली पुलिस कमिश्नर से की थी. शिकायत में कहा गया था कि सुश्री सुचिता को कथित सीरिया निवासी एलेग्जेंडर जिओर्जी ने भारत में अस्पताल खोलने के नाम पर संपर्क किया था और 19 अगस्त 2014 को उनके मोबाइल पर फोन आया कि एलेग्जेंडर दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो करोड़ सत्तर लाख नकद के साथ मौजूद हैं जिन्हें 1.30 लाख रुपये पेनल्टी पर छोड़ा जा सकता है. सुश्री शुचिता को यह रकम एचडीएफसी बैंक में श्री बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के बैंक एकाउंट पर भेजने को कहा गया. 

यूपी में जंगलराज : MBSC ग्रुप के बिल्डर को अपनी जमीन औने-पौने दाम में नहीं बेचने पर जान के लाले

अमिताभ ठाकुर


(आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपनी जनपक्षधरता और जनसक्रियता से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक क्रांति ला दी है. आमतौर पर यूपी पुलिस विभाग के अफसर सत्ता के दबाव और सत्ता के इशारे पर संचालित होते हैं. लेकिन अमिताभ ठाकुर किसी भी जेनुइन मामले को बिना भय उठाते हैं भले ही उससे सीधे सीधे सत्ता के आका लोग निशाने पर आते हों. ऐसे ही एक मामले में आज अमिताभ ठाकुर ने पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए मुहिम शुरू की. पढ़िए इस नए प्रकरण की कहानी उन्हीं की जुबानी.  -एडिटर, भड़ास4मीडिया)


आज मैंने एसएसपी, लखनऊ यशस्वी यादव से मुलाकात कर मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज में एमबीएससी ग्रुप के लोगों के आपराधिक कृत्यों तथा उस गांव के पोसलाल पुत्र परीदीन की जमीन को जबरदस्ती खरीदने के प्रयास के बारे में शिकायत दिया. एसएसपी ने एसओ गोसाईंगंज को तत्काल मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. शिकायत के अनुसार एमबीएससी ग्रुप ने बीएससी होम्स नाम से लगभग 170 लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले भी लिए हैं जबकि अभी उसके पास न तो आवश्यक जमीन है और न ही उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत है.

भय दिखाकर वसूली करने वाले इस फर्जी पत्रकार की शक्ल याद रखिए, ये न तो दैनिक जागरण में है और न के. न्यूज में

सेवा में,
प्रभारी, साइबर सेल,
हजरतगंज,
जनपद लखनऊ

विषय- कथित पत्रकार रणजीत सिंह राठौड़, जनपद लखनऊ विषयक

महोदय,

कृपया निवेदन है कि मुझे कतिपय विश्वस्त सूत्रों द्वारा यह बताया गया कि रणजीत सिंह राठौड़ नाम के एक व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बता कर ना सिर्फ तमाम लोगों पर गलत-सही रौब दिखा रहा है बल्कि वह इसके जरिये कई सरकारी कर्मियों को भय दिखा कर उनसे वसूली भी कर रहा है. मुझे जब इस बारे में विश्वास हो गया कि ये शख्स फर्जी है, तो इस प्रकरण में कार्यवाही कराने के लिए आवेदन कर रहा हूं.

फर्जी पत्रकार ने अपने फेसबुक वॉल पर खुद की यही फोटो डाल रखी है

पत्रकार सचिन जैन ने 10,000 रुपये में एफआईआर कराने का जिम्मा लिया और दो घंटे में करा भी दिया!

कुलदीप कुमार (शिव कॉलोनी रादोंर, जिला यमुना नगर, हरियाणा) ने थाना चिलकाना (सहारनपुर) में एक कथित पत्रकार के माध्यम से की जाने वाली दलाली के सम्बन्ध में आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को शिकायत भेज कर मदद मांगी जिस पर श्री ठाकुर ने डीजीपी यूपी से जांच करा कर कार्यवाही की मांग की है. कुलदीप कुमार ने 10 अगस्त 2014 को थानाध्यक्ष चिलकाना को 800 ट्राली बिल्डिंग मटेरियल की चोरी की लिखित शिकायत दी ताकि एफआईआर दर्ज हो लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. 18 सितम्बर को उन्हें एक कथित पत्रकार सचिन जैन मिला जिसने 10,000 रुपये में एफआईआर कराने का जिम्मा लिया और 2 घंटे में एफआईआर संख्या 218/2014 धारा 379/506 आईपीसी दर्ज हो गया.

मायावती के दबाव में बनी डीएसपी धीरेन्द्र राय के खिलाफ रिपोर्ट : अमिताभ ठाकुर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आज डीएसपी धीरेन्द्र राय को पत्र भेज कर रिटायर्ड आईपीएस बद्री प्रसाद सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के दवाब के कारण उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखने के बारे में बताया है. ठाकुर ने कहा है बद्री प्रसाद ने पूर्व डीजी बृजलाल के ऑफिस में स्वयं बताया था कि वे इस मामले में जांच अधिकारी थे. तत्कालीन डीजीपी करमवीर सिंह और प्रमुख सचिव गृह फ़तेह बहादुर सहित सभी पुलिस और गृह विभाग के सभी अफसर चाहते थे कि ठोकिया द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में धीरेन्द्र राय दण्डित नहीं हों क्योंकि उनकी कोई गलती नहीं थी.