सोशल मीडिया पर मशहूर शायर मुनव्वर राणा के निधन की झूठी ख़बर फैला दी गई

सोशल मीडिया वर्तमान समय का सबसे आसान और सुलभ माध्यम है। जिसके जरिए अपनी बात लोगों तक आसानी से पहुंचाई जाती है, अपने जज्बात बयान किए जाते हैं और समाजी-सियासी मुद्दों पर चर्चा भी होती है। आम आदमी को इसका हिस्सा बनने में पलभर का समय लगता है। इस समय लगभग हर आदमी किसी न …

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना ‘रोर मीडिया’ को पसंद न आया तो इस युवा पत्रकार ने मुंह पर मारा इस्तीफा

Shyam Meera Singh : पत्रकार साथी मुरारी द्वारा फेसबुक पर प्रगतिशील विचार लिखने के कारण Roar Media द्वारा नौकरी से निकाले जाने पर… Murari Tripathi इसी वर्ष IIMC से पासआउट हुए हैं जहां से रोर मीडिया नामक मीडिया संस्थान में उनका केम्पस प्लेसमेंट हुआ था। मैं चूंकि मुरारी का सहपाठी रहा हूँ इसलिए मुरारी को …

फेक न्यूज़ के साइड इफेक्ट

पिछले एक साल में भारत के कई राज्यों में व्हॉट्सऐप (WhatsApp) पर बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण भड़की भीड़ ने लगभग २७ मासूम लोगों को पीट-पीटकर हत्या कर दी। लोग यह सोंचने समझने का प्रयास तक नहीं करते की फेक न्यूज़ फेक ही होती है, इस पर संयम बरतने के बजाय, लोग अचानक से …

मंत्रीजी की इस एक फोटो से भाजपा की हो रही भरपूर किरकिरी

Yashwant Singh : भारी बारिश में खुद पर छाता तनवा कर पौधे को पानी देने में जुटे हैं मंत्री जी. सही पकड़ा आपने. ऐसा काम भाजपाई नेता ही कर सकते हैं. वैसे, पहले ऐसे अजब गजब काम करने वाले नमूने कांग्रेस में बहुतायत में पाये जाते थे. लेकिन जबसे बीजेपी ने खुद को कांग्रेस बना लिया है, तबसे सारे नमूने इधर शिफ्ट हो गए हैं. ये तस्वीर अपने देश के राजकाज और नीति-नियमों की सुंदर व्याख्या करने में सफल है. ध्यान से फोटो देखिए और थोड़ा खुलकर हंस लीजिए, सेहत पर असर पाजिटिव होगा. आनंदित करने वाले इस शानदार दृश्य को मुहैया कराने के लिए नेता जी और बीजेपी का आभार.

यशवंत की कुछ एफबी पोस्ट्स : चींटी-केंचुआ युद्ध, दक्षिण का पंथ, मार्क्स का बर्थडे और उदय प्रकाश से पहली मुलाकात

Yashwant Singh : आज मैं और Pratyush Pushkar जी दिल्ली के हौज खास विलेज इलाके में स्थित डिअर पार्क में यूं ही दोपहर के वक्त टहल रहे थे. बाद में एक बेंच पर बैठकर सुस्ताते हुए आपस में प्रकृति अध्यात्म ब्रह्मांड आदि की बातें कर रहे थे. तभी नीचे अपने पैर के पास देखा तो एक बिल में से निकल रहे केंचुए को चींटियों ने दौड़ा दौड़ा कर काटना शुरू किया और केंचुआ दर्द के मारे बिलबिलाता हुआ लगा.

रोमियो शब्द का अर्थ प्रेमी नहीं, रसिक या कामुक है!

Sujata Mishra : शैक्सपीयर के प्रसिद्द नाटक “रोमियो-जूलियट” का चर्चित पात्र रोमियो महज़ एक नाट्य चरित्र था, कोई वास्तविक व्यक्ति नहीं. रोमियो मूलत: इटालियन भाषा का शब्द है. इस शब्द का अर्थ है रसिक, कामुक, इश्कबाज़. आप इसे प्ले बॉय या कैसनोव शब्द से भी समझ सकते हैं. यानि ऐसा पुरुष जो स्त्रियों के प्रति जरुरत से ज्यादा रूचि रखता हो या जिसके एकाधिक स्त्रियों से सम्बन्ध हो. शैक्सपीयर के नाटक रोमियो जूलिएट में भी जूलियट से मिलने से पूर्व रोमियो रोसलिन की तरफ आकर्षित दिखाया गया है.

एयर इंडिया वाले लतखोर होते ही हैं!

Yashwant Singh : उपराष्ट्रपति के साथ वेनेजुएला जा रहा था तो एक मेरे पत्रकार मित्र एआई वन के मेल फीमेल एयरहोस्टेस की विनम्रता देख दंग थे. कहते थे यशवंत जी पहली बार इन्हें इतना विनम्र देखा हूं. जरूर इन्हें प्रायश्चित पोस्टिंग मिली है ये. वे कहते रहे कि ये ऐसे बात-बिहैव करते हैं जैसे ये खुदा हों. पत्रकार मित्र आने-जाने के दौरान एयर होस्टेस और एयर इंडिया स्टाफ की विनम्रता देख-देख आंखे फाड़ रहे थे.

मैं तो अपने कप्तान के खिलाफ भी एफआईआर लिखने से न झिझकता : अमिताभ ठाकुर

Amitabh Thakur : जब मैं 1996 में एसपी सिटी मुरादाबाद था तो मैं एक मामले में एफआईआर दर्ज करने की बात कह रहा था क्योंकि कोई व्यक्ति खुद को पीड़ित बता कर अपनी एफआईआर लिखवाना चाहता था. मेरे सीनियर एसएसपी मुरादाबाद एफआईआर नहीं चाहते थे, कहीं से कोई दवाब था.

इस सीट पर ईवीएम से छेड़छाड़ न कर सके तो हार गई भाजपा!

Ashwini Kumar Srivastava : यह है मेरठ की उसी सीट से जुड़ी खबर, जिस पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी इस भयंकर मोदी तूफ़ान में भी हार गए थे। ईवीएम के साथ वीवीपीएटी की चाक चौबंद व्यवस्था में यहाँ 11 फ़रवरी को मतदान हुआ। इसके बाद जहाँ ईवीएम मशीन रखी गयी, वहां हर समय मौजूद रहने वाले व्यक्ति की लाश गटर में मिली। यानी इस बात की पूरी सम्भावना है कि मतदान के बाद यहाँ रखी ईवीएम से छेड़छाड़ की कोशिश की गयी, जिसे इस व्यक्ति ने देख लिया और इसी के चलते यह हत्या हो गयी।

सागरिका घोष ने मुख़्तार परिवार के महिमामंडन वाला लेख लिखा!

ये एक दिन में नहीं हुआ है। और, ये स्थापित करने में सबसे बड़ी भूमिका बड़का टाइप के सरोकारी साबित पत्रकार, लेखकों ने निभाई है। ताज़ा सागरिका घोष का मुख़्तार परिवार का महिमामंडन वाला लेख पढ़ लीजिए या किसी हरिशंकर तिवारी, रघुराज प्रताप सिंह जैसों के बारे में दिल्ली लखनऊ से इन आरोपी अपराधियों के इलाक़े में गए पत्रकारों की रिपोर्टिंग पढ़िए। सब राबिनहुड छवि बनाने का ठेका लिए दिखते हैं।

हां मोदी जी, आपके माथे पर एक नहीं, कई कई कलंक हैं, लीजिए सुनिए…

Deshpal Singh Panwar :  बड़े सरकार आज मेरठ की धरती पर दहाड़ रहे थे -है कोई कलंक मेरे माथे पर-बिना किसी की सुने खुद ही फैसला सुना रहे थे-नहीं है ना। तो सुनिए मैं बताता हूं आपके माथे पर कलंक क्या-क्या हैं, ना तो अाप मानेंगे और ना ही आपके चेले फिर भी–

डीआईजी विजय भूषण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मनोरोगी’ बताया!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में तैनात डीआईजी विजय भूषण ने एक अजीबोगरीब पोस्ट को साझा किया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मनोरोगी’ बताया गया है. एक बड़े पद पर आसीन पुलिस अफसर द्वारा अपने प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी का यह मामला तूल पकड़ता, उससे पहले ही अफसर ने सफाई दे दी कि सिस्टम जनरेटेड इरर के कारण यह पोस्ट कई ह्वाट्सएप ग्रुपों में गलती से शेयर हो गया.

ये मीडिया को ‘विलेन बनाने’ का दौर है

Dilnawaz Pasha : ये मीडिया को ‘विलेन बनाने’ का दौर है. भारत में ‘प्रेस्टीट्यूट’ शब्द को स्वीकार कर लिया गया है और एक धड़ा जमकर इसका इस्तेमाल कर रहा है. सरकार ने मंत्रालयों में पत्रकारों की पहुंच कम कर दी है. यहां तक कि प्रधानमंत्री अपनी यात्राओं में पत्रकारों को साथ नहीं ले जा रहे हैं, जैसा कि पहले होता था.

हे अखिलेश, जब मुजफ्फरनगर में दंगा और सैफई में नाच हो रहा था तब आपने क्यों नहीं आवाज निकाली?

प्रिय अखिलेश भैया,

जब 2012 में चुनाव था, तब मेरे पास वोट नही था। सपा नापसन्द होते हुए भी मैंने आपको सपोर्ट किया, दूसरों को कहा आपको वोट दें। ऐसा सुनने में आता रहा कि आप तो इस परिवारवाद से ऊपर आना चाहते हैं लेकिन आपके ही घर के लोग आपको फैसले नहीं करने देते, वगैरह!! तो मुझे आपसे यह कहना है कि फैसले कदम दर कदम लिए जाते हैं। आपने तब क्यों नहीं आवाज़ निकाली जब मुजफ्फरनगर दंगे हो रहे थे, और सैफई में नाच होता रहा।

बरखा दत्त और रवीश कुमार का ईमेल व ट्वीटर एकाउंट हैक

रवीश कुमार ने ईमेल-ट्वीटर एकाउंट हैक किए जाने को लेकर अपने ब्लाग नई सड़क पर एक पोस्ट का प्रकाशन किया है, जो इस प्रकार है…

हम फ़कीर नहीं हैं कि झोला लेकर चल देंगे..

रवीश कुमार

मेरे हमसफ़र दोस्तों….

वरिष्ठ पत्रकार वेद विलास उनियाल ने देहरादून के किस अखबार का लंबा-चौड़ा पोस्टमार्टम कर डाला

Ved Uniyal : उस ईश्वर का धन्यवाद जिसने अपने इस प्यारे राज्य उत्तराखंड के हित में सच लिखने कहने का साहस दिया है। प्लीज जानिए कि मैं कहना क्या चाहता हूं । मेरा निवेदन कि अखबार के मालिक इस पोस्ट को जरूर पढें। मान्यवर कुछ समय तक हम देखते रहे कि शायद ठीक हो जाएगा। लेकिन अब बहुत गंद मच गई है। आपसे निवेदन पत्रकारिता के जरिए इस पहाड को बचाइए। आपके संस्थान का और पहाड का एक नाता रहा है। यह विवशता में लिखना पडा रहा है। कोई और चारा नहीं है हमारे पास।

शिवराज चौहान ने भोपाल के चर्चित वीडियो ब्लागर अभिषेक मिश्रा को गिरफ्तार कराया, देखें वीडियो

अभिषेक मिश्रा

भोपाल के अभिषेक मिश्रा नामक एक चर्चित वीडियो ब्लॉगर को ग्यारह नवम्बर को मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान के इशारे पर गिरफ्तार कर लिया गया. यह आरोप खुद अभिषेक मिश्रा ने लगाया है. बताया जा रहा है कि अभिषेक को सिर्फ इसीलिए गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि इन्होंने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एक खबर चला दी थी. इस खबर में कहा गया था कि शिवराज सिंह चौहान अपनी कार में करोड़ों रुपये ले जा रहे थे. अभिषेक ने व्यापम घोटाले के बारे में भी कई तथ्य शेयर किए. ये सारी खबरें रातों रात वायरल हो गईं.

जेटली के लौंडे को कार पार्किंग का तरीका समझाने वाले दिल्ली पुलिस के दो सिपाही सस्पेंड

Anand Sharma : जेटली साहब पूरे देश पर कड़ा टैक्स शिकंजा थोपना चाहते हो पहले अपने गोबर औलाद के पुत्र मोह से निकलो. उस कांस्टेबल से मुआफी मांगो और लौंडे को चौराहे पर जूतों से पीटों ताकि तुम बाप बेटों का अहंकार तुम्हारे सड़े दिमाग से निकले…..साले औलाद को पार्किंग की तमीज सीखा नहीं पाए पूरे देश को ईमानदारी सिखाएंगे….ब्लडी इम्पोस्टर….loser…. लीच

मुलायम कुनबे में झगड़े से जो बड़े खुलासे हुए, उसे आपको जरूर जानना चाहिए….

Nikhil Kumar Dubey : घर के झगड़े में जो बड़े ख़ुलासे हुए…

1: यादव सिंह घोटाले में रामगोपाल और अक्षय फँसे हैं, बक़ौल शिवपाल. 

2: अमर सिंह ने सेटिंग करके मुलायम को जेल जाने से बचाया था: ख़ुद मुलायम ने बताया.

3: शिवपाल रामगोपाल की लड़ाई में थानों के कुछ तबादले अखिलेश को जानबूझकर करने पड़े थे: ख़ुद अखिलेश ने कहा.

4: राम गोपाल नपुंसक है : अमर सिंह ने कहा.

5: प्रतीक काग़ज़ों में पिता का नाम एम एस यादव लिखते हैं लेकिन मुलायम के किसी हलफ़नामे में उनके दूसरे बेटे का नाम नहीं

6: प्रमुख सचिव बनने की योग्यता मुलायम के पैर पकड़ने से तय होती है : अखिलेश.

बॉब डिलन का एक गीत “Masters of War” तो वाकई क़माल का है!

Om Thanvi : बीकानेर में छात्रजीवन में मेरे कमरे की दीवार पर बॉब डिलन का एक पोस्टर चिपका रहता था, लाल और काले महज़ दो रंगों में। JS (जूनियर स्टेटसमन) में कुछ अंकों में क़िस्तों में छपा था, जोड़कर टाँग दिया। मगर डिलन के बारे में जाना बाद में। उनका काव्य, उनके गीत और गान। फिर बरसों बाद कवि-मित्र लाल्टू ने डिलन के गीतों का एक कैसेट दिया। मैंने उसे आज तक नहीं लौटाया। अक्सर उसे सुना और अपनी सम्पत्ति बना लिया।

सोशल मीडिया नाम के बेकाबू भस्मासुर को फलने फूलने का आशीर्वाद देने वाले तमाम देवता हुए चिंतामग्न!

Amitaabh Srivastava : सोशल मीडिया नाम के बेकाबू भस्मासुर को फलने फूलने का आशीर्वाद देने वाले तमाम देवता अब घुटनों में सर दिए चिंता में डूबे हुए हैं. कहाँ जाएँ इससे बच के. मनमोहन सिंह की खिल्ली उड़ाने में सबको बड़ा आनंद आ रहा था और समर्थकों को उकसा उकसा कर ऊल-जलूल किस्म का हंसी ठट्ठा खूब चला, अब भी चल रहा है. लेकिन अब पृथ्वीराज चौहान के बाद दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाले हिन्दू ह्रदय सम्राट (स्वर्गीय अशोक सिंघल साहब का बयान याद करें) नरेंद्र मोदी जी को भी लोग कायर और डरपोक कह रहे हैं.

पुलिस वाले की नजर में एक पत्रकार की औकात (देखिए तस्‍वीर)

sach

पाकुड़ : पुलिस वाले की नजर में एक पत्रकार की क्या औकात है? ये तस्वीर उसी सच को बयाँ कर रही है। टेबल पर दोनों पैर चढ़ाए ये महानुभाव पाकुड़ जिले के महेशपुर सर्किल के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी रामचंद्र राम हैं। यह तस्वीर बुधवार की संध्या में एक मित्र ने चोरी से लिया उस वक्त जब महेशपुर प्रखंड के दैनिक  प्रभात खबर के प्रतिनिधि सरदार माधव सिंह कुछ जानकारी थाना लेने गए थे।

पैलेट गन संबंधी सवाल पर CRPF DG का पत्नी पिटाई वाला जवाब बना चर्चा का विषय

Sushmita Verma : CRPF DG on being asked that when the usage of pellets will be stopped in Kashmir, says that this is like asking when will you stop beating your wife!

ब्राज़ील की संसद में डिबेट करते हुए बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिला सांसद की तस्वीर वायरल

Chandra Mohan : प्रस्तुत चित्र मित्र डा. विजय मलिक की वॉल से लिया हूँ। यह दृश्य ब्राज़ील के नेशनल एसेम्बली में बहस में हिस्सा लेते हुए एक महिला सांसद का है। सैल्यूट है मातृत्व भाव की पराकाष्ठा और नारी के इस कुंठामुक्त अस्तित्व को। सच है नारी को ख़ुद उस ज़ंजीर को तोड़ना होगा जिससे हज़ारों साल से पुरूष ने मर्यादा और संस्कार के नाम से उसे जकड़ रखा है। गंदगी उसके निगाह में है और वर्जना नारी के अस्तित्व पर।

अखिलेश यादव जी सुनहरे विज्ञापनों से उत्तर प्रदेश की वास्तविकता छुपाना चाहते हैं!

अवधेश पाण्डेय : आज के द इण्डियन एक्सप्रेस अखबार के साथ सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा प्रकाशित 24 पेज का टेबलायड विज्ञापन आया है, जिसमें पंपिंग सेट का फोटू चेप कर उसे अखिलेश सरकार की उपलब्धि बताया गया है। दूसरे पेज पर एक कविता छपी है, जिसमें कहा गया है कि महिलाएँ बेखौफ बाहर जाती हैं और हवा में भाईचारा घुला हुआ है। आँखो में सीधे सीधे धूल झोंकने का काम उस हाईटेक गौतमबुद्ध नगर जिले में हो रहा है, जहाँ कि महिलाओं ने आभूषण पहनने बंद कर दिये हैं और अभी कल ही एक व्यक्ति के परिवार पर गौकशी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। अपना मानना है कि अखिलेश जी वह धूलझोंकू मुख्यमंत्री हैं, जो सुनहरे विज्ञापनों से प्रदेश की वास्तविकता छुपाना चाहते हैं।

जब फेसबुक की खुबसूरत “बला” ने मुझे ब्लॉक कर दिया… पढ़ें लाइव चैट

बच गया गुरु आज एक खुबसूरत दिखाई देने वाली फेसबुकिया मोहतरमा के हाथों नंगा होने से…आप भी अलर्ट रहें… इस फेसबुक पर खूबसूरत सी दिखाई देने वाली कई मोहतरमायें मर्दों को इनबाक्स में घर बैठे बैठे ही नंगा करने का इंतजाम करे बैठीं हैं… खूबसूरत चेहरे वाली जलील मोहतरमा और मेरी चैट को पढ़ें….

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा #ArrestCHORasia : टीआरपी के लिए झूठी-फर्जी खबरें दिखाने वाले दीपक चौरसिया की गिरफ्तारी की मांग

नई दिल्ली । इंडिया न्यूज नामक चैनल का संपादक दीपक चौरसिया इन दिनों सोशल मीडिया के निशाने पर है। इस टीआरपीबाज और बाजारू संपादक की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है। टीवी पत्रकार दीपक चौ‍रसिया रविवार को अचानक सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए हैं जिसके कारण रविवार को Twitter पर #ArrestCHORasia ट्रेंड करने लगा।

‘आजतक’ ने अरनब को मोदी का चमचा बताने वाले ट्वीट के लिए मांगी माफी

पीएम नरेंद्र मोदी के अंग्रेजी चैनल टाइम्‍स नाऊ को दिए इंटरव्यू का मजाक उड़ाती एक फोटो, जिसमें लिखा अरनब को मोदी का चमचा बताया गया है, को आजतक चैनल की तरफ से ट्वीट किए जाने के बाद से बवाल बच गया. यह फोटो न्‍यूज चैनल ‘आज तक’ के टि्वटर हैंडल से शेयर हुआ. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ‘आज तक’ को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा. बहुत सारे सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया कि उनके चैनल को इंटरव्यू का मौका न मिलने की वजह से वे यह अनाप शनाप बिलो द बेल्ट ट्वीट कर रहे हैं.

जानो कानून : : सुप्रीम कोर्ट का फैसला- फेसबुक पर किसी की आलोचना करना अपराध नहीं, एफआईआर रद्द करो

Facebook postings against police… criticising police on police’s official facebook page…. F.I.R lodged by police….

HELD – Facebook is a public forum – it facilitates expression of public opinion- posting of one’s grievance against government machinery even on government Facebook page does not by itself amount to criminal offence – F. I.R. Quashed.

(Supreme Court)
Manik Taneja & another – Vs- State of Karnataka & another
2015 (7) SCC 423

अरविंद केजरीवाल ने अरनब गोस्वामी को मोदी का चमचा कह दिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने टाइम्स नाऊ के एडिटर इन चीफ अरनब गोस्वामी को मोदी का चमचा करार दिया. दरअसल भाजपा नेता और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान को राष्ट्रीय फैशन टैक्नालॉजी संस्थान (निफ़्ट) का नया निदेशक बनाए जाने पर अरविंद ने ट्वीटर पर चुटकी ली और एक ट्वीट में कहा, “मोदी जी ने भी चुन-चुन के चमचों की फ़ौज जमा की है। गजेंद्र चौहान, चेतन चौहान, पहलाज निहलानी, अरणब गोस्वामी और स्मृति इरानी।”

आजतक में कार्यरत शम्स ताहिर खान, रेहान अब्बास, मुहम्मद अनस जुबैर और शादाब मुज्तबा की फेसबुक पर क्यों हो रही है तारीफ, आप भी पढ़िए

Vikas Mishra : मेरे दफ्तर में शम्स ताहिर खान, रेहान अब्बास, मुहम्मद अनस जुबैर, शादाब मुज्तबा हैं, उच्च पदों पर हैं ये लोग, बेहद जहीन। जानते हैं कि इनमें एक समानता क्या है, इन सभी की एक ही संतान है और वो भी बेटी। वजह क्या है, वजह है इनकी तालीम, इनकी शिक्षा। क्योंकि इन्हें पता है कि जिस संतान के दुनिया में आने के ये जरिया बने हैं, उसके पालन-पोषण में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इन्हें नहीं रटाना है कम संतान-सुखी इंसान।

बददिमाग युवा आईएएस अफसर की यह तस्वीर हो रही है सोशल मीडिया पर वायरल

ये हैं छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज के एसडीएम और प्रशिक्षु आईएस अफसर. इनका नाम है डॉक्टर जगदीश सोनकर. ये गए रामानुजगंज के जिला हॉस्पिटल का निरीक्षण करने. वे अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र भी गए. इस दौरान वहाँ भर्ती कुपोषित बच्चे और पास बैठी उनकी माँ से एसडीएम महोदय बतियाने लगे. लेकिन अपने पद के गुरुर में वे अपने जूते को मरीज और महिला के बेड पर रख दिए.

गालियों से परेशान होकर राजदीप सरदेसाई ने अपना टि्वटर एकाउंट डिसेबल किया

वरिष्ठ और चर्चित पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने टि्वटर को अलविदा कह दिया है. टि्वटर पर कई लोगों के निशाने पर आए राजदीप सरदेसाई को पिछले कुछ समय से कई यूजर्स डायरेक्‍ट मैसेज करके गालियां दे रहे थे. शुरुआत में राजदीप ने इसे इग्‍नोर किया लेकिन जब मां-बहन की गालियां सुनने को मिली तो राजदीप ने एक ट्वीट करके टि्वटर छोड़ देने का ऐलान किया. अपना ट्विटर एकाउंड डिसेबल करने से पहले सरदेसाई ने ट्वीट किया, “कुछ लोग कितना नीचे गिर सकते हैं? मेरा एकाउंट हैक कर सकते हैं? जाली मैसेज भेज सकते हैं? ये कब खत्म होगा? अब वक्त आ गया है कि इस एकाउंट को बंद कर दिया जाए. बस, बहुत हो चुका.”

फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग की सुरक्षा पर 83 करोड़ रुपये खर्च हुए

फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग की सुरक्षा पर इतने पैसे खर्च होते हैं जितनी बहुत सारे बड़े लोगों की सेलरी नहीं होगी. फेसबुक इंक ने बताया है कि उसने जकरबर्ग की सुरक्षा में बीते साल 4.26 मिलियन डॉलर यानी करीब 28 करोड़ 30 लाख रुपए खर्च किए हैं, जबकि तीन बीते वर्षों में यह राशि‍ 12.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 83 करोड़ रुपए है.

बिहार में शराब बंदी के साइड इफेक्ट पर पत्रकार उमाशंकर सिंह की एक शानदार पठनीय पोस्ट

Umashankar Singh : बिहार में शराब बंद होने के बाद लगातार ह्दय विदारक घटनाएं हो रही हैं। पर करेजा चीड़ देने वाला वाकया सुनाया बीरेन्दर भैय्या ने। बोलते-बोलते उनकी आंखें भर गई। हमने समझा बिहारी आदमी साला बिना ड्रामा किए एक लाइन भी नहीं बोल सकता! पर कुछ ही देर में समझ आ गया वे सचमुच में उदास हैं। उनने कहा, क्या कहें भईवा! शराब बंदी के बाद आधा दर्जन शादी अटेंड कर चुके हैं। लगता ही नहीं है कि ब्याह हो रहा है।

क्या कला केंद्र वाला ‘ईनाम’ लेकर राम बहादुर राय ने खुद को छोटा कर लिया है?

Akhilesh Pratap Singh : ‎कला केंद्र को राम बहादुर राय‬ के हवाले किए जाने के बात सुन रहा हूं कि वह बहुत भले आदमी हैं…. पत्रकारिता में तो हीरा कह लीजिए उन्हें…. उनकी ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता…. आप तो यह समझ लीजिए कि आरएसएस में वह सोशलिस्ट हैं… मने कह लीजिए कि संघ में होकर भी वह… मने समझिए कि वहां होकर भी… मने….. पहले भी सुनता था, पर अब समूह गान के रूप में सुन रहा हूं…….चंपू ब्रिगेड से सिर्फ एक सवाल है मेरा… अगर आपकी बताई हर बात के बावजूद किसी को संघ के विचारों का ही समर्थन करना है तो ऐसी कथित विद्वत्ता, ऐसी कथित ईमानदारी अंतत: समाज के लिए फायदेमंद है या आपके निजी हितों के लिए?

बीएचयू के प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा ने दी खुली धमकी- ‘जेएनयू के लोग इधर आए तो देख लेंगे’

Mithilesh Priyadarshy : बीएचयू के राजनीतिशास्त्र विभाग का एक प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा, जो घोर दलित विरोधी भी रहा है, उसने चेतावनी दी है कि बीएचयू कैम्पस में यदि जेएनयू के लोग आएं तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. मतलब ये आदमी प्रोफेसर है, गुंडा है, मवाली है, क्या है. देखिए कि संघी मानसिकता वाली सरकार के सत्ता में आते ही ऐसे ‘नफरती कनखजूरे’ कैसे अपने बिलों से एक-एक कर बाहर आने लगे हैं. अबे दीवाने, बीएचयू को भारत के नक्शे से बाहर कर उसके चौधरी बन चुके हो क्या, जो आने से मना कर रहे हो?

पीएम ने की महाराष्‍ट्र के इस गरीब कि‍सान से मुलाकात जिसका वजन 70 किलो गिर चुका है :)

नई दि‍ल्‍ली : सोमवार को देश की शुरुआत एक खुशनुमा दोपहर से तब हुई, जब चुनाव प्रचार के अपनी अति‍व्‍यस्‍त कार्यक्रम से मौका नि‍कालकर प्रधानमंत्री ने महाराष्‍ट्र के इस गरीब कि‍सान से मुलाकात की। इस कि‍सान की गुरबत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गरीबी में इसका वजन 70 कि‍लो गि‍र चुका है।

राकेश सिन्हा ने कहा है कि वे जनसत्ता में कभी नहीं रहे… फिर सच्चाई क्या है…

Sanjaya Kumar Singh : भूल सुधार… एक पोस्ट में मैंने लिखा कि भाजपा के विचारक राकेश सिन्हा जनसत्ता में थे। परिचित हैं। उसे भड़ास4मीडिया ने प्रकाशित किया और अपने ट्वीटर पर भी। राकेश जी ने कहा है कि वे जनसत्ता में कभी नहीं रहे। मैंने चेक कर लिया। मुझे ही गलत याद था और मैं उन्हें जनसत्ता का स्ट्रिंगर समझता था। पर चूंकि स्ट्रिंगर और स्टाफर के तकनीकी अंतर को मैं नहीं मानता इसलिए मैंने लिख दिया था कि वे जनसत्ता में थे।

सुमंत भट्टाचार्य फेसबुक पर भक्तों के बीच वैसे ही लोकप्रिय हैं जैसे टीवी पर राकेश सिन्हा!

Sanjaya Kumar Singh : भक्ति या आस्था समर्थन, नहीं रोग है… मित्र सुमंत भट्टाचार्य फेसबुक पर भक्तों के बीच वैसे ही लोकप्रिय हैं जैसे टीवी पर राकेश सिन्हा। दोनों जनसत्ता में रहे हैं। राकेश सिन्हा सिर्फ परिचित हैं। सुमंत मित्र रहे हैं। विमर्श के बड़े पैरोकार हैं। मुझसे भी उलझते रहते हैं और कहते हैं कि विमर्श का फलक खुला रहना चाहिए। जब आप सवाल उठाते हैं तो कोई भी आपसे सवाल पूछ सकता है। आपकी निष्पक्षता जांच सकता है। यहां तक कि मैं कन्हैया को जमानत मिल जाने की बात करूं तो वे मुझसे पूछ सकते हैं कि मैं शाहबानो मामले में क्या जानता हूं। और फिर ऐसे ही विमर्श करते रहना चाहते हैं जिसमें मुद्दा गोल हो जाता है। जो अक्सर भाजपा, संघ या सरकार के खिलाफ होता है। मैंने उनसे सार्वजनिक रूप से हार मान ली है और मानता हूं कि वे विमर्श के बहाने लोगों को विषयांतर करने का महान काम कर रहे हैं।

मोदी की फर्जी फोटो ट्वीट करने वाले सीएनएन आईबीएन के पत्रकार राघव चोपड़ा ने मांगी माफी, भाजपा ने दर्ज कराई पुलिस कंप्लेन

सीएनएन आईबीएन चैनल में एक पत्रकार काम करते हैं, राघव चोपड़ा नाम से. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फर्जी, फोटोशाप्ड की हुई फोटो ट्विटर से जारी की. इस फोटो में प्रधानमंत्री मोदी को सऊदी अरब के शासक का चरण छूने के लिए झुकते हुए दिखाया गया है. भाजपा के अरविंद गुप्ता ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की छेड़छाड़ की हुई फोटो डालने पर इस पत्रकार राघव चोपड़ा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा में शिकायत दर्ज कराई है.

पत्रकार अजय सेतिया के अर्धसत्य की अजीत अंजुम और संजय कुमार सिंह ने खोली पोल

Ajit Anjum : ये साहब बड़े पत्रकार हैं और हमारे 25 साल पुराने मित्र भी… लेकिन कैसे अर्धसत्य परोसकर डॉक्टर पंकज नारंग की हत्या को हिंदू की हत्या बताकर एक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं …सेतिया जी, मारने वालों में भी 5 हिंदू थे.. आप जैसों के लिए ही इलाके की डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने ट्वीट करके जानकारी दी है… एक बार पढ़ लीजिए. उसके बाद भी अगर आपकी यही राय रही तो सलाम आपकी मुहिम को.

भारतीय मोहतरमा को एक पाकिस्तानी के प्यार में पड़ने की ये सजा मिली, न्यूड तस्वीरें आनलाइन हो गईं

Yashwant Singh : एक भारतीय मोहतरमा ने एक पाकिस्तानी से चैट किया और प्यार में पड़कर अपनी कई न्यूड तस्वीरें भेज डालीं. उन परदेसी भाई साहब ने एक रोज सब कुछ आनलाइन कर दिया. साथ ही मोहतरमा के सारे एफबी मित्रों के पास उस आनलाइन फोटोज के लिंक भेज दिए. मेरे पास भी आई हैं कुछ नंगी तस्वीरें लेकिन मैंने एक आंख से देखा और दूसरी आंख से डिलीट का बटन दबा दिया. सुना है वस्त्र विहीन तस्वीरें देख कुछ करीबियों की जुगलबंदियां टूट गईं और दिल इधर उधर छटपटाते बिखरे पाए गए.

हम जीत गए, फेसबुक हार गया

Rahul Pandey : हम जीत गए, फेसबुक हार गया। आज सोमवार को ट्राई ने फेसबुक और रि‍लायंस को उसकी औकात बताते हुए हम लोगों की नेट न्‍यूट्रैलि‍टी की पैरोकारी को वि‍जयी बनाया है। अब फेसबुक अपने यहां फ्री बेसि‍क्‍स का फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएगा। ट्राई ने साफ कहा है कि सर्विस प्रोवाइडर अलग-अलग कंटेंट के लिए डिफरेंट टैरिफ नहीं ले पाएंगे। आज ही इसका नोटिफि‍केशन जारी कि‍या गया है जो अभी से ही सारी टेलीकॉम कंपनि‍यों पर लागू है। न माना तो हर दि‍न पचास हजार रुपये जुर्माना भी देना पड़ेगा और ट्राई उस कंपनी का टैरि‍फ वापस भी ले लेगा।

पीड़िता ने पत्रकार का घटिया चैट किया सार्वजनिक

पत्रकार रमेश ठाकुर ने जिस लड़की को कालगर्ल, चीटर बताया और उसकी फोटो समेत उसके बारे में ढेर सारी बुरी बातें ह्वाट्सएप, मेल और फेसबुक पर अपने दोस्तों को शेयर किया, उस लड़की ने सामने आकर पत्रकार से किए गए चैट को सार्वजनिक कर दिया है. सबसे पहले रमेश ठाकुर की वाल से वो पोस्ट जिसमें उन्होंने लड़की का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर आदि देकर उसके बारे में ढेर सारी नकारात्मक बातें कही हैं और गंभीर आरोप लगाए हैं. कानूनी प्रावधानों के कारण लड़की की पहचान छुपाने के लिए उसके नाम मोबाइल नंबर व फोटो को ब्लैक कर दिया गया है.

पत्रकार रमेश ठाकुर ने ‘कालगर्ल’ होने का आरोप लगाया तो लड़की बोली- ‘अश्लील चैट करता था’

पत्रकार रमेश ठाकुर पर एक लड़की ने बदनाम करने का आरोप लगाया है. उसने वो चैट सार्वजनिक कर दिया है जिसमें रमेश ठाकुर लड़की से अश्लील बातें कर रहे हैं. इससे पहले लड़की पर रमेश ठाकुर ने मदद मांगने के नाम पर पुलिस व पत्रकार को भ्रमित करने, पैसे मांगने, चीटिंग करने समेत कई किस्म के गंभीर आरोप लगाए थे. बाद में जब ये आरोप लड़की तक पहुंचे तो उसने पत्रकार पर अश्लील बातें करने का आरोप लगाया और पूरे चैट को सार्वजनिक कर दिया.

पीएचडी छात्र का सुसाइड लेटर… ‘मैं मर कर खुश हूं जीने से अधिक’

Prakash Vanol : हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र रोहित वेमुला ने रविवार रात फांसी लगाकर ख़ुदक़ुशी कर ली. दलित समुदाय के रोहित को उनके चार अन्य साथियों के साथ कुछ दिनों पहले हॉस्टल से निकाल दिया गया था. इसके विरोध में वो पिछले कुछ दिनों से अन्य छात्रों के साथ खुले में रह रहे थे. कई अन्य छात्र भी इस आंदोलन में उनके साथ थे. आत्महत्या से पहले रोहित वेमुला ने एक पत्र छोड़ा है. यहां हम अंग्रेज़ी में लिखे उनके पत्र का हिंदी में अनुवाद दे रहे हैं:

पानी से भी सस्ता हो चुके तेल के दाम को देश में न घटाने पर सोशल मीडिया में मोदी की फजीहत शुरू

Yashwant Singh : अमर उजाला अखबार में आज कच्चे तेल के जबरदस्त रूप से सस्ता हो जाने की खबर लीड खबर के रूप में है. ठीक भी है. आखिर बहुत दिनों बाद पेट्रोल डीजल का दाम इतना कम हुआ है अंतरराष्ट्रीय मार्केट में. मिनरल वाटर से सस्ता हो गया है तेल. लेकिन ये क्या. राष्ट्रीय मार्केट में तो दाम वहीं का वहीं. बस थोड़ा सा हेरफेर है. आखिर जब तेल की कीमतों को बाजार के हवाले करने का तर्क देकर सब्सिडी खत्म किया गया था तो इसे बाजार के हवाले ही रहने देते महराज. जब दाम बढ़े अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तो बढ़ने देते. जब दाम घट चुके हैं भयंकर रूप से तो इसे घटने देते. लेकिन नहीं.

आज तक की वेब टीम ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को करा दिया गिरफ्तार, विरोध में सोशल मीडिया पर चला अभियान

Mohammad Anas : ये देखिए आज तक की वेब टीम का कमाल। आज तक की वेब टीम में काम कर रही मोनिका शर्मा, ने अमरोहा की एक ख़बर लगाई है जिसमें उसने मोहम्मद शमी की फ़ोटो लगाते हुए लिखा है कि पशु तस्करी में भारतीय क्रिकेटर शमी पकड़े गए। लेकिन जब आप लिंक पर चटका लगा कर ख़बर पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि शमी नहीं बल्कि उनका भाई पकड़ा गया है। वैसे भी वेब वाले हिट्स पाने के लिए साथ काम कर रही महिलाओं का ही फ़ोटो और वीडियो डालते रहे हैं लेकिन यह पहली बार हुआ है कि मोनिका शर्मा ख़ुद ही इस नीच हरकत में कूद पड़ीं। मोनिका शर्मा कौन है यह मुझे नहीं पता। आज तक की वेब टीम की नीचता को मुँह तोड़ जवाब देने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में इसे शेयर करें।

भक्तों की सरकार, अफवाहों की सोशल मीडिया, सेल्फी पत्रकार, खबरों का नाश

खबरों के मामले में इन दिनों बड़ी मजेदार स्थिति है। हर तरह की खबर है आप चाहे जो ले लीजिए, जिसपर विश्वास कीजिए या आपको जो मिल जाए। सब संभव है। आप चाहें तो केंद्र सरकार की भक्ति वाली खबरें देख सुन पढ़ सकते हैं, थोड़ी मेहनत करें तो अधिकृत खबर पा सकते हैं, थोड़ा और मेहनत-खर्च करें तो वास्तविक स्थिति जान सकते हैं। कहने का मतलब कि अधिकृत बताई जाने वाली खबर भी आधी-अधूरी, एक पक्षीय या जैसा कल मैंने लिखा था, विचार घुसेड़ी हुई हो सकती है।

रीता बहुगुणा को परेशान करने के लिए फेसबुक पर कट्टरपंथी हिंदूदवादी ग्रुप ने किया कारनामा, मुकदमा दर्ज

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने फेसबुक और कुछ अन्य सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने के आरोप में शुक्रवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। रीता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि कुछ शरारती और कट्टरपंथी तत्वों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उनकी फोटो सहित झूठा बयान फेसबुक और कुछ अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों पर पोस्ट किया गया है। इसमें अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनका निजी मोबाइल नंबर डाला गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे इस पोस्ट को शेयर करें और रीता जोशी को फोन करके परेशान करें।

शोध रिपोर्ट : महिलाओं को सशक्त बना रहा सोशल मीडिया

डॉ. कठेरिया के नेतृत्व में महिला फेसबुक उपयोगकर्ता पर हिंदी विवि में हुआ शोध
फेसबुक उपयोग करने वाली 47 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक के नियम, कानून से परिचित हैं
34 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक का उपयोग सामाजिक सरोकार के लिए करती हैं
55 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक का उपयोग सूचना प्राप्त करने के लिए करती हैं
मित्रों से चैट करने के लिए केवल 13 प्रतिशत ही इसका उपयोग करती हैं
युवतियां फेसबुक का उपयोग सामाजिक मुद्दों एवं महत्वपूर्ण विषयों के संदर्भ में अधिक करती हैं
विचारों के आदान-प्रदान के लिए फेसबुक को सशक्त माध्यम की संज्ञा दी गई है

एएनआई की मूर्खतापूर्ण रिपोर्टिंग की सोशल मीडिया पर जगहंसाई

Sheetal P Singh : गदहपचीसी! जब पत्रकार / पत्र / एजेंसी भक्तिभाव में लीन हो जाती है तो ऐसी रचनायें जन्म लेती हैं। राजेन्द्र कुमार के बैंक एकाउंट्स में लेन देन के २८ लाख रुपयों को समाचार एजेंसी ने “सी बी आई की खोज” बताया! हम बेवक़ूफ़ थे जो बैंक के ज़रिये संचालन को “व्हाइट …

टाइम्स आफ इंडिया प्रबंधन ने अपने मीडियाकर्मियों से ट्विटर व फेसबुक एकाउंट का पासवर्ड मांगा!

Rakesh Praveer : पत्रकारों पर प्रबंधन का पहरा… दुनियाभर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दम भरने वाले एक बड़े मीडिया घराने ने अपने यहां कार्यरत पत्रकारों और स्टाफ से सोशल मीडिया के उनके निजी अकाउंट डीटेल्स मांगे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट क्वॉर्ट्ज के भारतीय संस्करण में प्रकाशित समाचार के अनुसार ‘बैनेट एंड कोलमैन’ अखबार समूह ने अपने तमाम पत्रकारों से कहा है कि वे अपने ट्विटर और फेसबुक के पासवर्ड दफ्तर के हवाले कर दें।

बीते दो दशकों में मीडिया की दशा-दिशा में आए बदलावों का वरिष्ठ पत्रकार एलएन शीतल द्वारा विस्तृत विश्लेषण

मीडिया के बदलते रुझान-1 : इन नवकुबेरों ने मिशन शब्द का अर्थ ही पागलपन कर दिया

 

अगर हम मीडिया के रुझान में आये बदलाव के लिए कोई विभाजन-रेखा खींचना चाहें तो वह विभाजन-रेखा है सन 1995. नरसिंह राव सरकार के वित्तमन्त्री मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गयी खुली अर्थव्यवस्था के परिणामस्वरूप अख़बारी दुनिया में व्यापक परिवर्तन हुए. पहला बदलाव तो यह आया कि सम्पादक नाम की संस्था दिनोदिन कमज़ोर होती चली गयी, और अन्ततः आज सम्पादक की हैसियत महज एक मैनेजर की रह गयी है.

श्रुति सेठ, कविता कृष्णन, शर्मिला टैगोर, शोभा डे आदि को रंडी, वेश्या, चरित्रहीन कहने वाले ये लोग कौन हैं?

Krishna Kant : भारतीय सवर्ण मर्द के पास महिला की बात का जवाब नहीं होता तो तुरंत चरित्र हनन पर उतर आता है. यह पाखंडी समाज है इसलिए किसी का भी चरित्र हनन बहुत कारगर हथियार है. प्राय: पति जब पत्नी से हारता है तो लांछन लगा देता है. कोई किसी से हारता है तो उसके चरित्र पर कीचड़ उचाल देता है. सोशल मीडिया पर महिलाओं को गालियां देने वाले कौन लोग हैं?

मुलायम को फेसबुक पर बुड्ढा लिख दिया तो कानपुर में दर्ज हो गई एफआईआर!

इमरोज़ खान युवा पत्रकार हैं. जनता की आवाज़ नामक ऑनलाइन पोर्टल चलाते हैं. उन्होंने फेसबुक पर अपने पोर्टल की एक स्टोरी शेयर करते हुए मुलायम की फोटो के साथ लिख दिया कि ”बुड्ढे का पागलपन बढ़ता हुआ”. बस, इसी पर उनके खिलाफ कानपुर में एफआईआर दर्ज हो चुकी है. इस बारे में इमरोज ने भड़ास को एक मेल भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी है, जिसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर साइबर गुंडागर्दी से बचने का एक ही तरीका है…

Dilip C Mandal : सोशल मीडिया पर साइबर गुंडागर्दी से बचने का एक ही तरीका है कि आप बचने की कोशिश न करें। आप बच जाएँगे।

मोदी और केजरी स्टाइल का ‘आदर्श’ मीडिया… जो पक्ष में लिखे-बोले वही सच्चा पत्रकार!

: मीडिया समझ ले, सत्ता ही है पूर्ण लोकतंत्र और पूर्ण स्वराज! : मौजूदा दौर में मीडिया हर धंधे का सिरमौर है। चाहे वह धंधा सियासत ही क्यों न हो। सत्ता जब जनता के भरोसे पर चूकने लगे तो उसे भरोसा प्रचार के भोंपू तंत्र पर होता है। प्रचार का भोंपू तंत्र कभी एक राह नहीं देखता। वह ललचाता है। डराता है। साथ खड़े होने को कहता है। साथ खड़े होकर सहलाता है और सिय़ासत की उन तमाम चालों को भी चलता है, जिससे समाज में यह संदेश जाये कि जनता तो हर पांच बरस के बाद सत्ता बदल सकती है। लेकिन मीडिया को कौन बदलेगा? तो अगर मीडिया की इतनी ही साख है तो वह भी चुनाव लड़ ले… राजनीतिक सत्ता से जनता के बीच दो-दो हाथ कर ले… जो जीतेगा, उसी की जनता मानेगी!

व्हाय आई स्टैंड विद रवीश कुमार

Shayak Alok : रवीश कुमार पर बातें हो रही हैं .. रवीश पर तीन प्रकार की बातें हो रही हैं .. पहली बात के अंदर रवीश कुमार की फेक आईडी वगैरह बनाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है .. इसी बात के अंदर फिर रवीश को गाली बकी जा रही है .. रवीश कुमार दलाल है आदि .. रवीश का मानसिक शोषण ही नहीं, जान माल पर खतरे की आशंका भी .. दूसरी बात के अंतर्गत वे बातें हैं जहाँ लोग रवीश का कथित साथ दे रहे हैं .. रवीश को महान, एकमात्र ईमानदार, एकमात्र निर्भीक पत्रकार आदि कहकर लोग साथ दे रहे हैं .. रवीश कुमार मत घबराना – तेरे पीछे अंधा काना ..

रवीश हम आपके साथ हैं… #‎IStandWithRavishKumar‬

Ashok Kumar Pandey : रवीश से कोई दोस्ती तो नहीं पर वह मुझे जानते हैं। उनको तो खैर कौन नहीं जानता। मेले में स्टाल पर आये तो दो किताबें लीं। एक प्रशंसक ऑटोग्राफ के लिए पगलाया था। उसके हाथ में फैज़ का संकलन था आगे बढ़ा दिया। मुझसे रहा नहीं गया। पर मैं कुछ बोलूँ उसके पहले वह बोल पड़े – मैं फैज़ की किताब पर ऑटोग्राफ दूंगा? इतनी औकात नहीं है मेरी। इसे संभाल के रखिये। यह असली साहित्य है। लाइए कोई सादा काग़ज़ उस पर साइन कर देता हूँ। उस आदमी के सामने यह सेलिब्रिटी वगैरह बकवास है। Satyanand Nirupam थे वहां… उस घटना ने सम्मान जगा दिया रवीश के लिए मन में। आज जब उन पर घटिया हमले हो रहे हैं तो मैं कहना चाहता हूँ : रवीश हम आपके साथ हैं। #‎IStandWithRavishKumar‬

अशोक कुमार पांडेय के उपरोक्त फेसबुक स्टेटस पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं….

आनलाइन गुंडागर्दी से दुखी रवीश कुमार ने अपना फेसबुक और ट्विटर एकाउंट बंद कर दिया

Ambrish Kumar : पत्रकार रवीश कुमार ने अपना फेसबुक और ट्विटर एकाउंट बंद कर दिया ‘आन लाइन गुंडागर्दी’ के खिलाफ. यह शब्द ‘आनलाइन गुंडागर्दी’ भी उन्ही का गढ़ा है क्योंकि उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा था. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है. पर किसी भी तरह की गुंडागर्दी से पलायन समस्या का समाधान नहीं है. आज देश के हर जिले हर कसबे में सामान्य गुंडागर्दी जारी है. कई जगह स्कूली छात्राओं को इतना परेशान किया गया कि कई ने ख़ुदकुशी कर ली. गांव में दलित अति पिछड़ों के साथ सामन्ती व्यवहार आज भी जारी है. ऐसे में पत्रकार ही सुरक्षित रहें, यह भी संभव नहीं. पर कुछ तथ्य गौर करने वाला है.

ट्वीटर और फेसबुक पर मेरे नाम का दुरुपयोग कर घटिया बातें लिखी जा रही हैं : रवीश कुमार

मेरे नाम से समय समय पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाया जाते रहता है। इस मुल्क की संस्थाएँ इतनी फटीचर हो चुकी है आप उनसे संपर्क भी नहीं कर सकते कि कौन फैला रहा है और उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए। ट्वीटर और फेसबुक पर नकली आईडी से मेरे नाम का इस्तमाल किया जा रहा है। तस्वीर लगाकर मेरे नाम से अनाप शनाप बातें कही जा रही है। ऑनलाइन दुनिया के गुंडाराज से किसे दिक्कत नहीं हो रही है? क्या ये वही हैं जिन्हें जंगलराज से दिक्कत हो रही है? ये कैसा घटिया समाज है जो मुझे अकेला छोड़ इस गुंडागर्दी को सह रहा है। मैं गिन रहा हूँ। देख रहा हूँ।

सारा चैट सुरक्षित है, अपने लड़कियापे का नाजायज फायदा न उठाओ : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : परसों एक लौंडिया पर शक किया कि उसकी fb id फेक लग रही है तो वो बार बार धमकावे कि unfriend kar dungi. उसकी फेक id की पहचान की प्रक्रिया में उसके परिचय और फोन आदि के बारे में फिर बहाने से तहकीकात की तो वो कहे बार बार कि unfriend kar …

भड़ास वाले यशवंत जैसे नमूने ने आज मुझे काफी मेंटल टार्चर किया : अर्चना गौतम

Archana Gautam : कोई बताएगा का फेसबुक चैट का स्क्रीन शॉट निकलते कैसे हैं? एक नमूने का निकालना है, भड़ास4मीडिया का यशवंत सिंह है कोई। पहले तो बोलता है कि आप फेक हैं और फिर नंबर मांगता है मेरी कन्फर्मेशन के लिए। उसके बाद कहता है कि तुममें बहुत घमंड है और ईश्वर उसे जरूर तोड़ेंगे और फिर गाली दे कर निकल जाता है। ऐसे नमूनों को भी देखना चाहिए कभी-कभी।

फेसबुक अपनी तरफ से कर रहा मेरा प्रचार, मैंने एक पैसा खर्च नहीं किया : बरखा दत्त

बरखा दत्त के स्पांसर्ड फेसबुकी पेज के बारे में भड़ास4मीडिया पर छपी खबर को लेकर ट्विटर पर बरखा दत्त ने अपना बयान ट्वीट के माध्यम से जारी किया. उन्होंने लोगों के सवाल उठाने पर अलग-अलग ट्वीट्स के जरिए जवाब देकर बताया कि उनकी बिना जानकारी के फेसबुक उनके पेज को अपने तरीके से प्रमोट कर रहा है. उन्होंने बताया कि फेसबुक की तरफ से उनके पास फोन आया था जिसमें ट्विटर की तरह एफबी पर भी सक्रिय होने के लिए अनुरोध किया गया. तब मैंने उन्हें कहा कि कोशिश करूंगी. ऐसे में एक भी पैसा देने का सवाल ही नहीं उठता. बिलकुल निराधार खबर भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हुई है. 

पैसे वाली पत्रकार हैं बरखा दत्त, फेसबुक लाइक तक खरीद लेती हैं!

Yashwant Singh : बरखा दत्त इन दिनों फेसबुक पर खूब सक्रिय हो गई हैं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर इस बाबत लिखा भी है. साथ ही कई कहानियां किस्से विचार शेयर करना शुरू कर दिया है. बरखा समेत ज्यादातर अंग्रेजी पत्रकारों की प्रिय जगह ट्विटर है. लेकिन सेलेब्रिटी या बड़ा आदमी होने का जो नशा होता है, वह फेसबुक पर भी ले आता है, यह जताने दिखाने बताने के लिए यहां भी मेरे कम प्रशंसक, फैन, फालोअर, लाइकर नहीं हैं. सो, इसी क्रम में अब ताजा ताजा बरखा दत्त फेसबुक पर अवतरित हुई हैं और अपने पेज पर लाइक बढ़ाने के लिए फेसबुक को बाकायदा पैसा दिया है. यही कारण है कि आजकल फेसबुक यूज करने वाले भारतीयों को बरखा दत्त का पेज बिना लाइक किए दिख रहा है. पेज पर Barkha Dutt नाम के ठीक नीचे Sponsored लिखा है.

शादी की खबर फैलते ही Amrita Rai ट्विटर ट्रेंड्स में सबसे टॉप पर पहुंचीं

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से शादी कर लेने की सूचना को पत्रकार अमृता राय ने फेसबुक पर पोस्ट किया और इस तरह शादी की अटकलों की पुष्टि कर दी. इसके कुछ घंटे के भीतर ही यह खबर मीडिया जगत में फैलने लगी. इस वक्त Amrita Rai शब्द ट्विटर पर ट्रेंडिंग में सबसे शीर्ष पर है. दरअसल आज अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपने सूत्रों के हवाले से दिग्विजय और अमृता की शादी की खबर पब्लिश की है.

दिग्विजय सिंह और अमृता राय की शादी ने समाज को नया रास्ता दिखाया है

Sadhvi Meenu Jain : खबर है कि दिग्विजय सिंह ने अमृता राय से विवाह कर लिया है. खबर सुनकर चुस्की लेने या सिंह की नैतिकता / अनैतिकता से इतर मैं इस बहाने एक दूसरे विषय पर बात करना चाहती हूँ. हमारा समाज विधवा / विधुर / तलाकशुदा वरिष्ठ नागरिकों को दोबारा से एक नया जीवनसाथी चुनने की इजाजत क्यों नहीं देता और जो समाज की धारणा के विपरीत जाकर ऐसा कर भी लेते हैं उनका मखौल उड़ाया जाता है. उन पर ‘चढ़ी जवानी बुढ्ढे नूं’ ‘बुड्ढा जवान हो गया’ ‘तीर कमान हो गया’ ‘बुड्ढी घोड़ी, लाल लगाम’ जैसी फब्तियां कसी जाती हैं.

वीडियो एडिटर को चैनल से क्लिप चुरा कर वायरल करना पड़ा महंगा, अरेस्ट

चैनल से क्लिप चुरा कर लीक करने की ढेर सारी घटनाएं हुई हैं जिससे कई किस्म के खुलासे भी हुए. आमतौर पर ऐसे मामलों में चैनल के अंदर काम करने वालों की भूमिका होती है. कई बार ये काम जनहित में बहुत बड़ा होता है क्योंकि चैनल जिस खबर सूचना बातचीत को दबाना चाहता है, एडिट कर देता है, उसे लीक करके जनता के सामने ला दिया जाता है ताकि सच्चाई सामने आ सके.

टीवी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी पर ट्विटर से कई सेक्सिस्ट टिप्पणियां करने वाले अंग्रेजी के एक बड़े पत्रकार जाएंगे जेल

(टीवी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी)


Deepak Sharma : महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए. चाहे वो कर्मचारी हों या अधिकारी. चाहे वो पत्रकार हों या टीवी पर खबर पढ़ने वाली एंकर. भाषा का संयम और भद्रता अनिवार्य है. वरना वही हाल होगा जो अब दिल्ली के अंग्रेजी अखबार के एक बड़े पत्रकार का होने वाला है. इन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से टीवी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी पर कई सेक्सिस्ट टिप्पणियां की और आज़िज़ आकर स्वाति ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी.

सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही बाबा रामदेव और बालकृष्ण की ये तस्वीर, जानें क्यों…

 

जब तक कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी, बाबा रामदेव रोज काला धन की हुंकार भरते थे. काला धन का हिसाब अपने भक्तों और देशवासियों को बताते थे कि अगर वो काला धन आ गया तो देश की सारी समस्याएं हल हो जाएंगी. काला धन के मुद्दे को नरेंद्र मोदी ने भी लपका और बाबा रामदेव की मुहिम को समर्थन किया. माना जाने लगा कि रामदेव और नरेंद्र मोदी की जोड़ी अगर जीतकर केंद्र में सरकार बनाने में सफल हो गई तो यह तो तय है कि देश में काला धन वापस आ जाएगा. लेकिन जोड़ी के जीतने और सरकार बनाने के बावजूद काला धन देश वापस नहीं आया.

दसवीं पास हैं तो तीन महीने में पत्रकार बनें!

जी हां. ये दावा है एक विज्ञापन का. विज्ञापन में बताया गया है कि उन्हें तीन महीने में क्या क्या सिखाया जाएगा ताकि पत्रकार बन सकें. साथ ही पांच सौ रुपये अलग से देने पर उन्हें क्या अलग ज्ञान दिया जाएगा. सोचिए. दसवीं पास अगर तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद पत्रकार बन गया तो वह क्या देश समाज को दिशा देगा और सच्चाई को क्या कितना समझ पाएगा. जिनको खुद अपने ज्ञान को अपडेट करने की जरूरत है, वही जब पत्रकार बनकर सही गलत का फैसला करेंगे तो जाहिर तौर पर उनका दकियानूसी माइंडसेट आम जन और समाज का बहुत नुकसान करेगा. दसवीं पास पत्रकार बनने का यह विज्ञापन आजकल सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है और लोग पत्रकारिता के गर्त में गिरने को लेकर चिंता जता रहे हैं.

भाजपा के आईटी सेल ने नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया समर्थकों में कराया दो-फाड़!

Sharad Tripathi : नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक मजबूत गढ़ “सोशल मीडिया” पर पार्टी के भीतर से ही अबतक का सबसे बड़ा और सफल हमला. हमले में पार्टी के IT CELL गैंग ने निभायी निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका. केंद्र में सत्तारूढ़ होते ही दिल्ली के “अंधाधुंध” भाजपाई दरबार में कैसे कैसे गधे पंजीरी खा रहे हैं और कैसे कैसे बंदरों के हाथों में किस किस तरह के उस्तरे चमक रहे हैं इसका सर्वाधिक शर्मनाक उदाहरण दो दिन पूर्व सामने आया है.

यूट्यूब की तरह फेसबुक भी वीडियो अपलोड करने वालों को देगा कमाई करने का मौका

जैसे यूट्यूब पर लोग वीडियो अपलोड करके पैसे कमाते हुए, उसी तरह फेसबुक पर भी ओरिजनल वीडियो अपलोड करने वाले कमाई कर सकते हैं. फेसबुक एक नया फीचर जोड़ने जा रहा है. इसके तहत अगर आप अपनी टाइमलाइन या फेसबुक पेज पर कोई वीडियो अपलोड करते हैं तो फेसबुक उस पर एड चलाएगा और इससे होने वाली आमदनी को आपके साथ शेयर भी करेगा. वीडियो ओरिजनल होना चाहिए और उस पर किसी का कॉपीराइट नहीं होना चाहिए.

और भाजपा के मंत्री महोदय महिला डाक्टर का कालर ठीक करने लगे… फोटो हुई वायरल

ये वो तस्वीर है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. जो शख्स इसमें दिख रहे हैं वो मंत्री हैं और भाजपा नेता भी. महिला डॉक्टर का कॉलर पकड़े ये मंत्री जी उसे बता रहे हैं कि कालर कैसे रखना चाहिए. मंत्री का नाम चौधरी लाल सिंह है. ये जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री हैं. चौधरी लाल सिंह की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर फैल गई है. इसमें उन्हें एक महिला डॉक्टर का कॉलर ठीक करते हुए देखा जा सकता है.

दिल्ली में ‘पीपली लाइव’ : वो फांसी लगाता रहा और तुम लाइव रिपोर्टिंग में लगे रहे…

Sheetal P Singh : दौसा, राजस्थान से दिल्ली आकर एक किसान ने केजरीवाल की रैली के दौरान पेड़ पर फन्दा डालकर आत्महत्या की कोशिश की। राजस्थान और केन्द्र में पूर्ण बहुमत की बीजेपी की सरकारें हैं पर वहाँ का किसान भी आत्महत्या कर ले तो टीवी चैनल केजरीवाल को कैसे दोषी सिद्ध कर सकते हैं, बीजेपी का नाम भी लिये बिना, यह इस समय देखने लायक है! किसान “आप” की रैली में फाँसी चढ़ा : इसको तो रिपोर्ट करो, गढ़ो, फैलाओ… लेकिन किसान फाँसी क्यों चढ़ा : इसे पूरी तरह गोल कर जाओ… मीडिया के पाखंड का सूक्त…

Ajay Bhattacharya : वो फांसी लगाता रहा और तुम लाइव रिपोर्टिंग में लगे रहे. कैमरा छोड़कर उसे थाम लेते तो एक जिंदगी बच जाती. जो तुम्हारी खबर से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण थी. खुद को मीडिया वाले कहते हो?

फेसबुक ने लेखक-पत्रकार अमरेंद्र किशोर के अकाउंट को बिना किसी कारण बताये बंद कर दिया

(अमरेंद्र किशोर)


: फेसबुक का मनमानापन भारत में अघोषित आपातकाल की ओर इशारा कर रहा है – अमरेंद्र किशोर : फेसबुक ने लेखक-पत्रकार अमरेंद्र किशोर के अकाउंट को बिना किसी कारण बताये बंद कर दिया है। अमरेंद्र ने बीते शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह अपने कॉलेज के जमाने से ही सांप्रदायिक ताक़तों के खिलाफ लिखते रहे हैं और ख़ास तौर से राज-व्यवस्था में फिरकापरस्त ताक़तों के  बढ़ते वर्चस्व को खारिज किया है। फेसबुक की इस कार्रवाई को अमरेंद्र ने पूरी तरह से घटिया करार देते हुए फेसबुक के कट्टरपंथी भावना से मुक्त होने के दावे पर सवाल उठाए हैं। अमरेंद्र ने जोर देकर कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तिवित भूमि-बिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री का अचानक उभर आया गीता-प्रेम और मोदी सरकार के वादों के सन्दर्भ में जमकर फेसबुक पर सवाल उठाये थे। इनमें श्रीमद्भागवत गीता के सामाजिक सरोकारों पर अमरेंद्र द्वारा उठाये गए सवालों को लेकर फेसबुक पर जमकर मोदी समर्थकों ने आपत्ति प्रकट की थी।

मेरी इस सुंदर-सी फेसबुक दोस्त ने कल आधी रात के बाद सुसाइड कर लिया और मैं अनजान रहा…

Yashwant Singh : मेरी इस सुंदर-सी फेसबुक दोस्त ने कल आधी रात के बाद सुसाइड कर लिया और मैं अनजान रहा… अपने फेसबुक फ्रेंड और प्रतिभाशाली युवा लिक्खाड़ नितिन ठाकुर की पोस्ट पढ़कर ठिठक गया. दुबारा-तिबारा पढ़ा. अंशु सचदेवा ने खुदकुशी कर ली. उन्होंने यह जानकारी देते हुए अंशु का फरवरी महीने का एक स्टेटस शेयर किया जिसमें अंशु सचदेवा ने लिखा है: ”वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन, उसे एक खूबसूरत मोड़ दे के छोड़ना अच्छा”. यह सब पढ़ के सोचा कि देखूं, कहीं अंशु सचदेवा मेरी फ्रेंड लिस्ट में तो नहीं. देखा तो ऐसा ही निकला. अंशु सचदेवा मेरी फेसबुक फ्रेंड हैं. 16 अप्रैल तक उन्होंने अपना स्टेटस अपडेट किया हुआ है. उनकी वॉल और उनकी पोस्ट्स और उनकी तस्वीरें देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह खूबसूरत संगीतमय लड़की अचानक सुसाइड कर लेगी.

इसीलिए तो ये PRESSTITUTE कहलाते हैं… फिर सारे क्यूं दिल पर ले रहे हैं…

Rajat Amarnath : जब पत्रकार कलम के ज़रिऐ चैनल के अख़बार के मालिक बन जाते हैं और दो नंबर का धंधा करने वाले मालिक अपना धंधा बचाने के लिऐ पत्रकार बन जाते हैं (वो भी शामिल हैं जो जोड़तोड से सरकार का गुणगान करके इनाम लेते हैं) तभी वो “PRESSTITUTE” कहलाते हैं. सारे क्यूं दिल पर ले रहे हैं.

वीके सिंह पर बड़ा सवाल पूछने वाला एबीपी न्यूज खुद सवालों के घेरे में घिरा

फेसबुक और ट्विटर पर एबीपी न्यूज की तरफ से एक बड़ा सवाल पूछा गया है. लेकिन जो सवाल है, वह खुद सवाल के घेरे में है. वजह है पूछे गए सवाल के वाक्य संरचना में गलती. एक छोटी-सी गलती के कारण अर्थ का अनर्थ हो रहा है. लोग मजे ले लेकर इसे शेयर कर रहे हैं. इस तरह एबीपी न्यूज ने जो सवाल पूछा, वह तो गौण हो गया. प्रमुख हो गया एबीपी न्यूज द्वारा की गई गलती.

सहारा के रिपोर्टर आजकल बांट रहे डाइरेक्टर की बेटी की शादी के कार्ड

लखनऊ : सहारा लखनऊ के संपादक मनोज तोमर अपने रिपोर्टरों से न्यूज का काम रुकवा कर डाइरेक्टर ओपी श्रीवास्तव की बेटी की शादी के कार्ड बंटवा रहे हैं। 

bhadash4media से वैकल्पिक मीडिया की ताकत मिली तो लांच कर दिया ऑनलाइन चैनल ‘newsnationonline’

”आदरणीय यशवंत जी, प्रभु कृपा और आपके आशीर्वाद से अपना वेब न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ नेशन ऑनलाइन’ के नाम से लांच कर दिया हैं। इस बारे आपसे फ़ोन पर भी बात हुई थी। bhadash4media ने ही हमे यह ताकत दी वरना मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुआ एक अदना पत्रकार यह कैसे साहस कर सकता था।

Protest in arrest on FB comment on Azam Khan’s pressure

Social activists, led by Dr Nutan Thakur, today protested at Gandhi Statue, Hazratranj, Lucknow against arbitrary arrest of Class XI student for FB comment saying that this is complete State highhandedness undertaken purely on Azam Khan’s pressure. They included Devendra Dixit, Sharad Mishra, Anupam Pandey, Rohit Tripathi, Dr Praveen and others.

झूठ, घंटा और मोदी (चुटकुला)

यमराज : हे चित्रगुप्त, हर आदमी के नाम पर एक ऐसी मशीन बना जो झूठ बोलने पर बजने लगे ताकि पता चल सके कौन बदमाश झूठ बोल रहा है…!!

चित्रगुप्त : ठीक है प्रभु…!!

चित्रगुप्त ने एक घंटा बनवाया. उसमें लाई-डिटेक्टर समेत कई तरह के एप इंस्टाल किए. प्रत्येक घंटा का सेंसर संबंधित व्यक्ति से ब्लूटूथ-वाईफाई के जरिए मैनुवली कनेक्ट-अटैच किया.

अखबारों और न्यूज चैनलों के फेसबुक पेज न्यूज की आड़ में गंदगी परोसते हैं

Sushant Jha : पिछले साल भर में जितने भी हिंदी समाचार पत्र या चैनलों के फेसबुक पेज थे लगभग सबको अनलाइक कर चुका हूं, क्योंकि ये सिर्फ न्यूज की आड़ में ‘गंदगी’ परोसते हैं। फेसबुक पेज पर भी वे ऐसी खबरों को प्रमोट करेंगे जो अरुचिपूर्ण हो, अव्वल आप उनकी साइट पर देखें तो भले ही वो खबरें पूरी खबरों में महज 5 फीसदी हो-लेकिन फेसबुक पर अक्सर पोर्न किस्म की खबरें ही प्रमोट की जाती है या उसका एक शातिराना अंतराल होता है।

टाइम्स आफ इंडिया में खबर दब सकती है लेकिन फेसबुक पर नही : दीपक शर्मा

Deepak Sharma : टाइम्स ऑफ़ इंडिया देश का सबसे रसूखदार अख़बार है. इसके मालिक की हैसियत मोदी जैसी नही तो मोदी से कम भी नही. टाइम्स के देश में 7.20 करोड़ पाठक है. टाइम्स की एक प्रति का दिल्ली में मूल्य 4.50 रूपए है. एक पाठक के तौर पर आपकी हैसियत टाइम्स में वैसी ही है जो किसी दूकान से कोई सामान खरीदते वक़्त किसी की होती है. यानी आप एक ग्राहक है.

डीडी न्यूज वालों की जय हो, अबकी मोदी बंदर कथा

डीडी न्यूज वाले लगातार गलती पर गलती करते जा रहे हैं. ताजा मामला भी ट्वीट से जुड़ा है. डीडी न्यूज की तरफ से ट्वीट किया गया- “A man dressed as Santa Claus feeds monkeys ahead of Christmas”. लेकिन इस कैप्शन के साथ जो तस्वीर लगाई गई उसमें नरेंद्र मोदी बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं और बैठक में Amit Shah, Arun Jaitley, Sushma Swaraj और Rajnath Singh हैं. लोग सोच में पड़ गए कि आखिर इस तस्वीर में क्या मोदी सांता हैं और बंदर बाकी लोग?

फेसबुक वालों ने सुब्रमण्यम स्वामी का ओरीजनल एकाउंट डिलीट कर दिया

अदभुत कांड हो गया है. फेसबुक वालों ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का ओरीजनल एकाउंट डिलीट मार दिया है. हुआ ये कि एक रोज सुब्रमण्यम स्वामी ने फेसबुक को मेल भेज कर कहा कि उनके नाम का एक पैरोडी एकाउंट चल रहा है, इसे हटा दो वरना मुकदमा कर दूंगा. फेसबुक वालों को जाने क्या सूझा कि उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी का ओरीजनल एकाउंट डिलीट कर दिया और फर्जी एकाउंट को चलने दिया.

निखिल वागले को अगर मौका मिला तो वह बलात्कारी बन सकते हैं!

ट्वीटर पर पत्रकार निखिल वागले ने पेशावर घटनाक्रम को लेकर ट्वीट किया कि भारत में आरएसएस परिवार भले तालिबान की तरह ना हो लेकिन अगर उन्हें मौका मिला तो तालिबानी बन सकते हैं.

डीएम हो तो इन मैडम की तरह, करप्ट अफसरों को पब्लिक के सामने ही औकात में ला दिया (देखें वीडियो)

राहुल गोयल ‘बुलंदशहर एक्सप्रेस’ नामक वेबसाइट चलाते हैं. इन्होंने भड़ास को पत्र लिखकर सूचित किया है बुलंदशहर की डीएम बी. चंद्रकला का जो वीडियो वायरल हुआ है, दरअसल वो ओरीजनली उन्होंने यूट्यूब पर अपलोड किया था जिसे बाद में बड़ी मीडिया कंपनियों ने डाउनलोड कर अपने अपने पोर्टलों पर अपलोड कर लिया. राहुल का कहना है कि उनकी मेहनत का रिकागनाइज किया जाना चाहिए. राहुल का पत्र इस प्रकार है…

बंद हुआ सरकारी खर्चे पर अखिलेश यादव के निजी एफबी और ट्विटर का प्रचार

पिछले एक लम्बे समय से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित किये जा रहे विज्ञापनों में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निजी ट्विटर एकाउंट twitter.com/yadavakhilesh और फेसबुक एकाउंट facebook.com/yadavakhilesh का लगातार हो रहा प्रचार अब बंद कर दिया गया है. मैंने 06 नवम्बर को सरकारी पैसे पर इस प्रकार से निजी सोशल साईट एकाउंट और उसमे लिखी गयी तमाम राजनैतिक बातों का प्रचार करने के बारे में श्री यादव को शिकायत की थी, जिसमे इन एकाउंट में समाजवादी पार्टी का वेबसाइट samajwadiparty.in  दर्शाये जाने और समाजवादी पार्टी को वोट देने, पार्टी के कार्यक्रम और राजनैतिक भाषण होने की बात कहते हुए इन व्यक्तिगत एकाउंट को सरकारी प्रचार सामग्री से तत्काल हटाये जाने और चापलूस अफसरों पर कार्यवाही करने की मांग की थी.

भड़ास के जरिए मैंने जिंदगी में पहली बार न्यू मीडिया / सोशल मीडिया की शक्ति का अनुभव किया

जानिब ए मंजिल की ओर अकेला चला था मगर
लोग मिलते गए, कारवां बनता गया!!!

यशवंतजी की ओर से देशभर के पत्रकारों के नाम भड़ास पर पोस्ट हुआ संदेश न्याय की लड़ाई में उबाल ला चुका है। भड़ास के जरिए मैंने जिंदगी में पहली बार न्यू मीडिया / सोशल मीडिया की शक्ति का अनुभव किया। भड़ास की पूरी टीम को मेरा धन्यवाद! धन्यवाद देने का एक बड़ा कारण यह भी है कि मजीठिया के मामले में देश के पत्रकारों को एकजुट होने का मंच भी मिला है। भड़ास के यशवंतजी का मेरे को लेकर लेख आने के बाद मेरे पास पिछले दो दिनों से देशभर से बड़ी संख्या में पत्रकारों के फोन आ रहे हैं। अधिकांश पत्रकार मजीठिया की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं।

मीडिया ने मेरे खिलाफ खूब खबरें छापी पर मैंने इसे अपनी सहज आलोचना माना : मुलायम सिंह यादव

लखनऊ : बदलते दौर में सोशल मीडिया की प्रासंगिकता बढ़ रही है। आज के दौर में इसे नजरअंदाज कर न तो राजनीति संभव है और न ही सरकार चलाना। पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने यह विचार इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) की ओर से ‘सोशल मीडिया-वरदान या अभिशाप’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में व्यक्त किए। राजनीति के शुरुआती दिनों को याद करते हुए श्री यादव ने कहा कि कई बार कहा कि मीडिया ने उनके खिलाफ खबरें छापी पर उन्होंने इसे अपनी सहज आलोचना के रूप में ही लिया।

सोशल मीडिया के मित्रों ने मुझे मोदी विरोधी कहते हुए हमला बोल दिया : अमोल पालेकर

हां, मैंने नोटा का बटन दबाया और बूथ के बाहर खड़े मीडिया को अपनी स्याही लगी बायें हाथ की उंगली उठा कर दिखा दिया. जी हां, मेरे विचार इन स्वार्थी लोगों से नहीं मिलते! मेरी ऐसी इच्छा भी नहीं है कि मेरे बारे में छोटी-छोटी बात दूसरे लोग जानें. शायद यही वजह है कि मुझे सोशल मीडिया और मोदी विरोधी मान लिया गया. आज ‘ब्रांडिंग’ के दौर में एक खास विचारधारा के लोग मुझ पर ठप्पा लगाने से नहीं चूक रहे. ये गजब है. या तो आप मोदी के समर्थक हैं या फिर मोदी विरोधी हैं. जिस समय मैंने ये कहा कि मोदी की आलोचना उनके कद को और ऊंचा कर देगी, मेरे आजाद ख्याल दोस्तों ने मुझे  मोदी का पक्षकार मान लिया और जिस क्षण मैंने ‘सेकुलर’ पर बात की, मेडिसन स्क्वायर से सोशल मीडिया के मित्रों ने मुझे  मोदी विरोधी कहते हुए हमला बोल दिया.

IBN7 के कंटेंट से छेड़छाड़ के आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सक्रिय

नई दिल्ली। सोशल मीडिया का दुरूपयोग कर भ्रम फैलाने वाले अब टीवी चैनलों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में IBN7 के कंटेंट के साथ छेड़छाड़ कर और चैनल के लोगो का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया में दुष्प्रचार करने के मामले में नोएडा पुलिस ने राजस्थान के तपन मेघावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आईटी एक्ट और कॉपीराइट एक्ट के तहत उस शख्स को इस मामले में आरोपी बनाया है। सोशल मीडिया में चैनल के नाम के दुरूपयोग की बात सामने आने के बाद आईबीएन7 ने इसकी शिकायत नोएडा पुलिस से की थी।