‘हाय ईसाई-हाय ईसाई’ !

संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों ”हाय ईसाई-हाय ईसाई” के दर्द से पीड़ितहैं। उनके दर्द की दवा भारत के किसी धर्म में नहीं है । मोहन भागवत की खूबी यह हैकि वे निजीतौर पर ”हाय ईसाई” की पीड़ा से परेशान नहीं है वे सांगठनिक तौर पर परेशान हैं !राजनीतिकतौर पर परेशान हैं ! ”हाय ईसाई” धीमा बुखार है। जो भागवतियोंको बारह महीने रहता है ! कभी-कभी पारा कुछ ज्यादा चढ़ जाता है !  खासकर उस समय पारा ज्यादा चढ़ जाता है जब वे ईसाईयों को गरीबों की सेवा करते देखते हैं ,स्कूल चलाते देखते हैं ।अस्पताल चलाते देखते हैं। आम लोगों के घरों में ईसा मसीह की तस्वीर देखते हैं अथवा किसी ईसाई संत को देखते हैं ।

इथियोपिया में मिला पहले मानव का जीवाश्म !

इथियोपिया में वैज्ञानिकों ने मानव के निचले जबड़े का 28 लाख साल पुराना जीवाश्म ढूंढ लिया है। अफार प्रदेश के ‘लीडी गेरारू रिसर्च एरिया’ से इस जीवाश्म को एक इथोपियाई छात्र शालाशेऊ सेयूम ने खोजा। सेयूम उसे देखते ही ‘हैरान’ रह गए थे। क्या यह सचमुच पहला मानव था, इस पर रिसर्च जारी है।

अखिलेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, अफसरों को जेल भेजने की चेतावनी

नई दिल्ली: ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीज़ेड) में पेड़ लगाने के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को जबरदस्त फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जरूरत पड़ी तो दोषी अफसरों को जेल भेज दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि इस मामले में दोषी अफसरों के खिलाफ जांच की जाए और यूपी सरकार एक रोडमैप लेकर फिर से सुप्रीम कोर्ट आए। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। 

टोना-टोटका के लिए मस्जिद में दो बच्चियों को जलाया

सहारनपुर : जिले के ननौता कस्बे की एक मस्जिद में मुअज्जिन ने टोना-टोटका करने में विफल होने पर दो बच्चियों को जिंदा जलाने की कोशिश की। एक बच्ची को गंभीर हालत में देहरादून के अस्पताल में भरती कराया गया है।

कैलाश चौरसिया को मंत्री पद से न हटाने पर याचिका दायर

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश चौरसिया के तीन साल की सजा पाने के बाद कानूनन मंत्री नहीं रहने के कारण पद से हटाने की रिट याचिका दायर कर दी। याची के अधिवक्ता अशोक पाण्डेय हैं।

विनोद मेहता ने चुपचाप नंगी तस्वीर जेब में रख ली

विनोद मेहता तथाकथित अश्लील पत्रिका डेबोनेयर के संपादक हुआ करते थे। इमरजेंसी लगने के बाद सूचना प्रसारण मंत्री विद्याचरण शुक्ल ने पत्रिका के एक अंक की नैतिकता का स्तर जांचने के लिए विनोद मेहता को प्रस्तावित प्रकाशन सामग्री के साथ राजभवन में बुलाया। इस काम में वे इतने गंभीर हुए कि एक नंगी तस्वीर चुपचाप …

ISIS ने हैक कर ली हरियाणा सरकार की वेबसाइट

नई दिल्ली। आईएसआईएस ने हरियाणा सरकार की वेबसाइट हैक उस पर अपना झंडा लगा दिया है। हरियाणा शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एसईआरटी) की वेबसाइट पर हैकर ने आईएसआईएस का झंडा लगाने के बाद लिख दिया ‘वी आर एवरीवेयर’। गुड़गांव पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज़ कर ली है।   

इंडिया टुडे स्पोर्ट्स पेज के एडिटर सौरव गांगुली

दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने indiatoday.in/worldcup2015 के एडिटर का जिम्मा संभाल लिया है। क्रिकेट में दादा ने कप्तान के तौर पर टीम इंडिया को कई बड़ी जीत दिलाई हैं। शाम 5 बजे से हरभजन सिंह इंडिया टुडे के क्रिकेट फैन्स के साथ फेसबुक पर भी जुड़ेंगे।  

कामरेड रघुवंशी का निधन स्तब्धकारी एवं दुखद : जलेस

जनवादी लेखक संघ के महासचिव मुरली मनोहर प्रसाद सिंह और उप-महासचिव संजीव कुमार सिंह ने अपने एक शोक संदेश में कहा है कि भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) के महासचिव कामरेड जीतेन्द्र रघुवंशी का आकस्मिक निधन प्रगतिशील-जनवादी लेखकों एवं संस्कृतिकर्मियों के लिए एक स्तब्धकारी सूचना है। 

नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बने बल्देव भाई शर्मा

दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बल्देव भाई शर्मा को नेशनल बुक ट्रस्ट (राष्ट्रीय पुस्तक न्यास) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। उन्होंने राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के मुद्दों पर सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं के लिए लेखन किया है। वे विभिन्न हिंदी समाचार चैनलों पर राजनीतिक व सामाजिक विषयों पर होने वाले विमर्शों के चर्चित चेहरे हैं। वे आकाशवाणी से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वह कई एक सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े हैं। पहली बार आधुनिक मीडिया में पिछले तीन-चार दशकों तक शीर्ष पदों पर रहे पत्रकारिता के लंबे अनुभवों से संपन्न किसी व्यक्ति को न्यास का सबसे प्रमुख पदभार सौंपा गया है।

नेशनल बुक ट्रस्ट के नये चेयरमैन बल्देव भाई शर्मा

साहित्य अकादमी पुरस्कार वितरण समारोह आज दिल्ली में

दिल्ली : साहित्य अकादमी, दिल्ली ने वर्ष 2014 के लिए 22 भाषाओं में अपने जिन वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा 19 दिसंबर 2014 को की थी, उन सभी 24 भाषाओं के वार्षिक अकादमी पुरस्कार सोमवार, 9 मार्च 2015 को नई दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में दिए जाने हैं। पुररस्कार वितरण समारोह कमानी ऑडिटोरियम, दिल्ली में शाम 5.30 बजे से आयोजित किया गया है।

उत्‍तर उजाला, हल्‍द्वानी के एडिटोरियल इंचार्ज बने प्रमोद श्रीवास्‍तव

अमर उजाला, देहरादून में कंसलटेंट के रूप में कार्यरत रहे वरिष्‍ठ पत्रकार प्रमोद श्रीवास्‍तव ने अपनी नई पारी हल्‍द्वानी में उत्‍तर उजाला से प्रारंभ की है. उन्‍हें यहां एडिटोरियल इंचार्ज बनाया गया है. बताया जा रहा है कि उत्‍तर उजाला हल्‍द्वानी से बाहर भी अपने विस्‍तार की योजना बना रहा है, इसलिए प्रमोद श्रीवास्‍तव को अखबार से जोड़ा गया है. प्रमोद अपने ढाई दशक के करियर में लंबे समय से उत्‍तराखंड की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 

‘इंडिया’ज डॉटर’ पर पाबंदी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात : जलेस

रविवार की रात एनडीटीवी ने प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज़ डॉटर’ के नाम पर घंटे भर तक स्क्रीन पर सिर्फ एक जलता दीया दिखाया। इस तरह के प्रसारण पर कई लोगों का कहना था कि इसमें बलात्कार के एक दोषी को मंच दिया गया है। एक यूज़र ने ट्विटर पर लिखा कि एनडीटीवी तुम बहुत पक्षपाती हो और संदिग्ध हो। अन्य एक और ने लिखा – अगर एनडीटीवी को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए तो ये बहुत बड़ी मदद होगी। एक अन्य की प्रतिक्रिया थी- पहले एनडीटीवी अपने पसंद के मंत्री बनवाना चाहता था, और अब वो सरकार से अपनी मर्ज़ी के फैसले चाहता है। जनवादी लेखक संघ का कहना है कि ‘इंडिया’ज डॉटर’ पर पाबंदी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात है।

कुछ कह रही है निर्भया, सुनो तो !

उसका शरीर तो जल गया पर आत्मा आज भी हर पल रोती होगी… तींखती होगी हर उस लड़की की पीड़ा के साथ, जो हैवानों की हवस की शिकार बनती है…कुछ कह रही है निर्भया! सालों बीत गए, आज तक उन चीखों को इंसाफ नहीं दे पाया ये कानून. .सड़को पर उतरे लोगों के गुस्से को इंसाफ नहीं दे पाया ये कानून… मां बाप के आंसू भी अब तो सूख गए इंसाफ की आस में.. कानून की उस मूर्ति की आंखों पर से वो काली पट्टी हटाने का मन करता है और मन करता है कि अदालत में खड़ी होकर कहूं कि देख, देख इन मां बाप के आंसुओं को… देख इस गुस्से को, सुन उन नारों को जो कितने दिनों तक गूंजते रहे अमर जवान ज्योति के सामने… दे सकती है तो दे इंसाफ उस देश की बेटी को जो सबको भारतीय होने पर शर्म महसूस करने पर मजबूर कर गई ..

महिलाओं के मुद्दे पर मीडिया सनसनी न फैलाए – शंकर शरण

भोपाल : वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक शंकर शरण ने कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर मीडिया को जिम्मेदारी एवं जवाबदेहीपूर्ण रवैया अपनाने की आवश्यकता है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के जो समाचार आज मीडिया में आ रहे हैं, वे सनसनी ज्यादा पैदा करते हैं। मीडिया को चाहिए कि वह सनसनी फैलाने के स्थान पर समाज में मूल्यों की स्थापना में सहयोग दे।

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संविमर्श 

गुजरात दंगों में निष्पक्ष भूमिका निभाने वाले आईपीएस अफसर राहुल शर्मा को अंतत: इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा

Amitabh Thakur : मैं अपने साथी और बैचमेट राहुल शर्मा (1992 बैच, गुजरात कैडर आईपीएस), जिन्होंने हाल में सेवा से इस्तीफा दे दिया को सलाम करता हूँ. राहुल को आईजी पद पर प्रोमोशन नहीं मिला, उन पर 2 विभागीय जांच थे, उन्हें एक प्रतिकूल एसीआर मिला था पर जिस तरह उन्होंने 2002 गुजरात दंगों में एसपी भावनगर के रूप में पूर्णतया निष्पक्ष और न्यायसंगत भूमिका निभायी थी.

7 स्टार हास्पिटल Medanta Medicity में बहुत ही घटिया एकदम third class खाना मिलता है!

Ajit Singh :  अभी outlook पत्रिका के आखिरी पन्ने पे किन्ही भाईचंद पटेल साहब का संस्मरण पढ़ा जो उन्होंने Medanta Medicity में अपने knee replacement के बारे में लिखा है। देश का सबसे महंगा 7 star हॉस्पिटल है भाया। अच्छा होना ही चाहिए। पर उसके भोजन की बड़ी आलोचना की है उन्होंने। बहुत ही घटिया एकदम third class बताते हैं। लेख पढ़ते मुझे दिल्ली के सफदरजंग hospital का अपना अनुभव याद आ गया। मुझे लगा की उसे आपके साथ शेयर करना चाहिए। सफ़दर जंग हॉस्पिटल में ही है Sports injury centre, दिल्ली सरकार का उपक्रम जिसकी स्थापना दिल्ली के common wealth games के दौरान हुई।

जाने-माने भोजपुरी गायक पवन सिंह की पत्नी ने खुदकुशी कर ली

Vinayak Vijeta : जाने-माने भोजपुरी गायक पवन सिंह की पत्नी ने मुंबई स्थित अपने आवास पर खुदकुशी कर ली है। हालांकि अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। पवन सिंह का विवाह पिछले दिसम्बर माह में बिहार के भोजपुर जिला मुख्यालय आरा में उनके बड़े भाई की साली से काफी धूमधाम से हुआ था। इस विवाह में कई राजनीतिक फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी हस्तियां सम्मिलित हुई थीं।

विनोद मेहता पत्रकारों को पगार देने के नाम पर बेहद कंजूस थे लेकिन ‘एडिटर’ कुत्तों पर खूब खर्च करते थे

(स्व. विनोद मेहता जी)


Sumant Bhattacharya : विनोद मेहता की रुखसती का मतलब… मैं शायद उन चंद किस्मत वाले पत्रकारों में हूं, जिनका साक्षात्कार विनोद मेहता साहब ने लिया और पत्रकारिता के अपने स्कूल में दाखिला लिया। मैं हिंदी आउटलुक में था और हिंदी आउटलुक को नीलाभ मिश्र साहब देख रहे हैं। वो भी मेरे बेहद पसंदीदा और मेरी नजर में पत्रकारिता के बेहद सम्मानित, काबिल नाम हैं।

अगर इन गालियों का इस्तेमाल करते हैं तो आप दलित-ओबीसी विरोधी हैं!

Pramod Ranjan : आप अपने विरोधियों के लिए किस प्रकार की गालियों का इस्‍तेमाल करते हैं? ‘हंस’ के संपादक राजेंद्र यादव व अनेक स्‍त्रीवादी इस मसले को उठाते रहे हैं कि अधिकांश गालियां स्‍त्री यौनांग से संबंधित हैं। पुरूष एक-दूसरे को गाली देते हैं, लेकिन वे वास्‍तव में स्‍त्री को अपमानित करते हैं। लेकिन जो इनसे बची हुई गालियां हैं, वे क्‍या हैं? ‘चूतिया’, ‘हरामी’, ‘हरामखोर’..आदि। क्‍या आप जानते हैं कि ये भारत की दलित, ओबीसी जातियों के नाम हैं या उन नामों से बनाये गये शब्‍द हैं। इनमें से अनेक मुसलमानों की जातियां हैं।

जी हाँ ! हम ठगते हैं और ठगने का लाइसेंस देते हैं !

नागरिकों को सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा देना, रोजगार उपलब्ध करवाना कल्याणकारी सरकार का संवैधानिक धर्म है। अत: शैक्षणिक गतिविधियों से कोई वसूली करना स्पष्ट: संविधान विरुद्ध है किन्तु स्वयं शिक्षा जगत का क्या हाल है और सरकार इसकी किस तरह दुर्गति कर रही है, इसका शायद आम नागरिक को कोई अनुमान नहीं है। उदारीकरण, जो कि संविधान की समाजवाद की मूल भावना के सर्वथा विपरीत है, का लाभ धनपतियों और कुबेरों को मुक्त हस्त दिया जा रहा है। यही कारण है कि पंचवर्षीय योजनाओं को ठेंगा दिखाती हुई गरीब और अमीर के बीच की खाई स्वतन्त्रता के बाद बढ़ती ही जा रही है। शायद इस अधोगति के रुकने के कोई आसार भी नहीं दिखाई देते।

‘एडिटर’ नाम के कुत्‍ते के कारण विनोद मेहता से कई संपादक चिढ़ते थे

Ashish Maharishi : विनोद मेहता नहीं रहे। उनसे पहली और अंतिम मुलाकात कुछ साल पहले साउथ दिल्‍ली के Nirula’s में हुई थी। दोपहर का वक्‍त था। पेट की भूख शांत करने के लिए रेस्‍टोरेंट में जैसे घुसा तो सामने विनोद जी बड़ी शांति से बैठकर कुछ खा रहे थे। मैं उन्‍हें देखता रहा। उनका लिखा अक्‍सर मुझे अंदर तक झंकझोर देता था। खासतौर से आउटलुक में उनका कॉलम। जिसमें में वे साधारण शब्‍दों में बड़ी बातें कह दिया करते थे।

विनोद मेहता कहीं आलोक मेहता के भाई तो नहीं हैं?

Sushant Jha : विनोद मेहता से सिर्फ एक बार मिला, वो भी संयोग से। सन् 2004 में IIMC में एडमिशन लेना था, प्रवेश परीक्षा का फार्म खरीद लिया था। एक सज्जन थे जो 1000 रुपये प्रति घंटा विद चाय एंड समोदा कोचिंग करवाते थे। किसी भी कीमत पर IIMC में घुस जाने की जिद ने मुझे नोएडा सेक्टर 30(शायद) के एक सोसाइटी में पहुंचा दिया। सुबह के सात-साढे सात बजे होंगे। हमारी कोचिंग चल ही रही थी, कि कॉलबेल बजा।

संपादक की संस्था थोड़ी और हिल गई… (पढ़िए, विनोद मेहता के निधन पर किसने क्या कहा)

Om Thanvi :  विनोद मेहता के निधन के साथ निरंतर कमजोर होती संपादक की संस्था थोड़ी और हिल गई। डेबनेयर से लेकर आउटलुक तक मैंने उनकी विफलता और सफलता के कई मुकाम देखे। आउटलुक उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी। पंद्रह दिन के अंतराल में निकलने वाले इंडिया टुडे को आउटलुक ने न सिर्फ सफल चुनौती दी, उसे भी हफ्तेवार शाया होने को विवश किया। बेबाकी मेहताजी के स्वभाव में थी और उनकी संपादकी में भी; खुशी है कि आउटलुक उसे बराबर निभा रहा है। मुझे निजी तौर भी एक दफा उनका अप्रत्याशित समर्थन मिला। जब एडिटर्स गिल्ड में महासचिव पद से मैंने एमजे अकबर के आचरण के खिलाफ इस्तीफा दे दिया तो उन्होंने मुझे जूझने को प्रेरित किया था; गिल्ड के इतिहास में पहली दफा आपतकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें अकबर ने माफी मांगी और इस्तीफा वापस हुआ। मेहताजी के साथ उनका अनूठा तेवर चला गया; लोकतांत्रिक, बेबाक और जीवट वाला तेवर पहले से दुर्लभ था, उनके जाने से जमीन कुछ और पोली हो गई। विदा, बंधु, विदा!

पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्ट को एनएफआई फैलोशिप

नई दिल्ली : नेशनल मीडिया फाउंडेशन (एनएफआई) की ओर से वर्ष 2013 के लिए घोषित मीडिया फैलोशिप पूर्ण करने पर नई दिल्ली के इंडिया हैबिटाट सेंटर में एक समारोह में चुने हुए फैलोज को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, महिला अधिकारों के लिए सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता वृंदा ग्रोवर, प्रोफेसर शिव विश्वनाथ और योजना आयोग की पूर्व सदस्य सईदा हमीद मुख्य रूप से उपस्थित थीं। 

फैलोज को सम्मानित करते पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश

भास्कर के रिपोर्टर की शासन से शिकायत

होशंगाबाद : भास्कर के एक रिपोर्टर की हरकतों से तंग आकर जिला चिकित्सालय हौशंगाबाद (मध्यप्रदेश) की नर्सों ने प्रदेश के प्रमुख सचिव से इंसाफ की गुहार लगाई है। सचिव ने आरोप का संज्ञान लेते हुए जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 

आरोपी रिपोर्टर अमित शर्मा

ईशान बने दबंग दुनिया के कार्यवाहक संपादक

इंदौर : ‘दैनिक दबंग दुनिया’ इंदौर से स्थानीय संपादक ललित उपमन्यु को अपदस्थ कर दिए जाने की सूचना है। सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार ईशान अवस्थी को कार्यवाहक संपादक बनाया गया है। पिछले तीन सालों में अखबार का पूरा स्टॉफ कई बार बदल चुका है। पता चला है कि ललित को अब रीजनल हेड बना …

बीबीसी टेलीकॉस्ट पर ये तोहमत उछालने वाले!

रेप पर बीबीसी द्वारा टेलीकास्ट की गई फिल्म पर मीडिया नैतीकता का सवाल उठा रहा है। नैतिकता का सवाल कौन खड़ा कर रहा है…जी टीवी के सुधीर चौधरी। वही सुधीर चिौधरी जो कारपोरेट जासूसी में जेल जा चुका है। हद हो गई। क्या भारतीय मीडिया खास तौर से टीवी वालों को नैतीकता का सवाल खड़ा करने का कोई मॉरल राइट्स है। इंडिया टीवी ने खुद अपने गिरेबान में झांक कर देखा है की वह कितना मॉरल है। चैनलों में टीआरपी की अंधी दौड़ के कारण जो कुछ परोसा जा रहा है, उसके चलते आज पूरा मीडिया कटघरे में है। 

नितेंद्र, गणेश, विशाल के बारे में सूचनाएं

बिहार : टीवी पत्रकारिता से प्रिंट मीडिया में पहुंचे नितेंद्र दुबे को प्रभात खबर से हटा दिए जाने की अपुष्ट सूचना है। बताया गया है कि बिहार के बेतिया में उनकी जगह पर प्रभात खबर के ही गणेश वर्मा को प्रभारी बनाया गया है।

अमर उजाला को चाहिए ब्राह्मण पत्रकार

उत्तर प्रदेश : सुलतानपुर में अमर उजाला लांच होने पर रमाकांत तिवारी को ब्यूरो चीफ बनाया गया था। इनके कार्यकाल के दौरान से रिपोर्टर व कैमरामैन पदों पर ब्राह्मण बिरादरी के लोग तलाशे जा रहे हैं। इधर बीच कानाफूसी कर ब्यूरो चीफ ने होनहार कैमरामैन पंकज गुप्ता की छुट्टी करवा दी। इसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। अमर उजाला लांच के समय यानि सात साल पहले पंकज गुप्ता को सुलतानपुर में कैमरामैन पद पर नियुक्त किया गया था। अपने अच्छे काम के चलते पंकज ने चंद दिनों में ही अमर उजाला को एक नया मुकाम दिला दिया, लेकिन यहां के ब्यूरो चीफ शायद ब्राह्मण को ही ज्यादा पसंद करते हैं।

तख्त-ताज उछालने का सपना अधूरा ही रह जायेगा ?

“आप” से कोई बड़ा होकर नहीं निकला। जो बड़े दिखायी दे रहे थे वह सभी अपना और अपनों का रास्ता बनाने में कुछ ऐसे फंसे कि हर किसी की हथेली खाली ही नजर आ रही है। हालांकि टकराव ऐसा भी नहीं था कि कोई बड़े कैनवास में आप को खड़ा कर खुद को खामोश नहीं रख सकता था। लेकिन टकराव ऐसा जरुर था जो दिल्ली जनादेश की व्याख्या करते हुये हर आम नेता को खास बनने की होड़ में छोटा कर गया।

वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता का निधन

AAA VINOD MEHTA

नई दिल्ली। आउटलुक के संस्थापक संपादकीय प्रमुख और संपादकीय अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार विनोद मेहता, 73, का रविवार सुबह निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। मेहता का जन्म रावलपिंडी में हुआ था। पत्रकारिता में उन्होंने काफी लंबे समय तक अपना योगदान दिया। उनकी मौत से मीडिया जगत को धक्का लगा है। मेहता ने आउटलुक को नई पहचान दिलाई।

मुंगौड़ी, कचौड़ी, पकौड़ी और रंगमंच

अमेरिकी नाटककार व रंग-चिन्तक डेविड ममेट ने अपनी किताब “सत्य और असत्य” (true and false : heresy and common sense for the actors) में लिखा है कि “आपका काम नाटक को दर्शकों तक पहुंचना है, इसलिए शुतुरमुर्ग की तरह रेत में गर्दन घुसा लेने या विद्वता मात्र से काम नहीं बनेगा।” वैसे कुछ अति-भद्रजनों को शीर्षक से आपत्ति हो सकती है कि मंगौड़ी, कचौड़ी, पकौड़ी, चटनी के साथ रंगमंच की बात! तो अर्ज़ है कि मुंगौड़ी, कचौड़ी, पकौड़ी, चटनी खाने की लजीज़ चीज़ें हैं और रंगमंच खेलने और देखने की। जब हम कोई चीज़ खेलते हैं तो सब कुछ भूलकर उसी में मस्त हो जाते हैं, भूख-प्यास तक गायब हो जाती है। इंसान की बनावट ऐसी है कि वह खाए और खेले बिना ज़्यादा दिन तक नहीं रह सकता है। खाना और खेलना आदिम प्रवृति है। जो बिना खाए और बिना खेले जीवित रहते हैं वह निश्चित रूप से किसी और ही ग्रह के प्राणी होगें। उन्हें भ्रम है कि वो इंसान हैं। खैर, बात को जलेबी की तरह गोल गोल घुमाने से अच्छा है कि सीधे-सीधे मुद्दे की बात की जाय।

एनडीएमसी ने मीडिया को हराया

दिल्ली : इंडियन मीडिया वैल्फेयर एसोसिएशन के माध्यम से मीडिया और सरकारी विभागों के बीच दोस्ताना क्रिकेट मैच दिल्ली के तालकटोरा गार्डन में खेला गया। टाइअप हो रहे मैच को एनडीएमसी के बल्लेबाज ने एक रन लेकर अपनी टीम को जिता दिया।

वह जादू की झप्पी-सी मुस्कान अब कहां

वह लड़ाई जारी रखे हुए थे। अपनी तरह से लड़ रहे थे। अनवरत लड़ रहे थे रंगकर्म के बहाने। आगरा प्रवास के दौरान वह मुझसे अक्सर कहते थे- ‘क्या हम लोग कभी एक नहीं हो सकते। आपस में याराना नहीं, न सही, कम- से-कम दुश्मनी करने से बाज आ जाएं, तब भी बात बहुत कुछ बन सकती है। हम बहुत ज्यादा हैं और उतने ही जिद्दी। क्या किसी मामूली से मुद्दे पर भी हम एक मंच पर नहीं आ सकते!’ उनका इशारा वैचारिक कट्टरता के बहाने आपसी टकराव, वाम बिखराव, भटकाव, दुराव (छिपाव भी) की तरफ होता था।

कैफी आजमी से बातचीत कर कुछ लिखते हुए जीतेंद्र रघुवंशी का एक दुर्लभ चित्र, साथ में आगरा के वरिष्ठ पत्रकार ओम ठाकुर।

इप्टा महासचिव जीतेंद्र रघुवंशी नहीं रहे

आगरा/दिल्ली : स्वाइन फ्लू से पीड़ित इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा) के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी नहीं रहे। रघुवंशी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अपने पत्रकार पिता राजेंद्र रघुवंशी के पदचिह्नों पर चलते हुए वह अपने नाट्य सरोकारों के नाते आजीवन आगरा के जन-जन की धड़कनों में समाए रहे। दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

‘आप’ पर मयंक गांधी का एक और ब्लॉग-बम

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी में भूचाल मचाने वाले राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मयंक गांधी ने शनिवार को एक और ब्लॉग-बमबारी करते हुए लिखा है कि पार्टी छोड़ने के लिए उन्हें अपमानित किया जा रहा है। इस संबंध में योगेंद्र यादव का कहना है कि वह पार्टी के भीतर के ताजा हालात पर सार्वजनिक रूप में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। पार्टी की अपनी प्रतिष्ठा है। वह उस मर्यादा में रह कर काम करना चाहते हैं। 

‘पुरुष आयोग’ बनाने के लिए मुंबई में धरना-प्रदर्शन, महिलाएं भी शामिल

मुंबई। उत्तर प्रदेश के आईपीएस ऑफिसर अमिताभ ठाकुर की ओर से ‘पुरुष आयोग’ के गठन संबंधी याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल होने के बाद देशव्यापी स्तर पर यह मामला मुखर होने लगा है। आज शनिवार को मुंबई के आजाद मैदान में पूर्वाह्न 10 बजे से शाम छह बजे तक सैकड़ों पुरुषों के साथ महिलाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मंत्रालय पहुंचकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के नाम पुरुष आयोग के गठन संबंधी मांगपत्र दिया गया।

यादव सिंह प्रकरण : हलफनामे ने भेद खोला

यादव सिंह मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर की पीआईएल में उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा विकास प्राधिकरण के हलफनामे कई गंभीर बातों का खुलासा कर रहे हैं।

बेगूसराय के नाम पर गंध फैला रहा सीरियल

(संपादक, भड़ास4मीडिया, भड़ास पर न्यूज चैनलों और प्रिंट के बारे में काफी सामग्री रहती है लेकिन आपको मुंबइया मनोरंजन चैनलों और उनकी करतूतों की भी पोल खोलनी चाहिए। इन चैनलों में जिस तरीके की कमीशनखोरी और कटेंट के नाम पर गंध फैलाया जा रही है, समाज में जहर घोलने के सिवाय और कुछ नहीं कर रही है। इनके ईपीओ ने कुछ ठेकेदार टाइप तथाकथित लेखकों का एक गिरोह बना रखा है, जो हर चैनल के हर सीरियल में घुसे हुए हैं। ये लोग खुद कुछ नहीं लिखते बल्कि अपना मोटा कमीशन काटकर दूसरों से लिखवाते हैं। हालत ये है कि पढ़े-लिखे टैलेंटेड लोग अपना खून पसीना एक कर कुछ लिखते हैं और ये कमीशनखोर उसमें सही गलत गोद-गादकर अपनी दुकान चला रहे हैं। न इन्हें समाज की समझ है, न इंसानी रिश्तों की। ये सीरियल क्या खाक लिखेंगे। आजकल सुभाषचंद्रा के नए चैनल एंड टीवी पर बेगूसराय के नाम पर गंध फैलाया जा रहा है। मैने इसके बारे में कुछ लिखा है। अगर उचित लगे तो इसे भड़ास पर जगह दे दीजिए। – अनुज जोशी)

हिंदी सीरियलों के निर्माता पता नही किस दुनिया में रहते हैं। इन्हें न समाज के बारे में पता होता है न समाजिक ताने-बाने के बारे में और ना ही सामाजिक संबन्धों के बारे में। फिर भी ये लोग सीरियल बनाए जा रहे हैं और मनोरंजन चैनलों में बैठे कूढ़मगज इन्हें मोटी धनराशि देकर इनकी सेवाएं ले भी रहे हैं। कुछ एक टीवी धारावाहिकों को छोड़ दें तो ज्यादातर का हाल इतना बुरा है कि कोई संजीदा इंसान जिसके पास थोड़ा बहुत भी भेजा है, इन्हें बर्दाश्त नहीं कर सकता। यही वजह है कि पिछले 10 सालों में न जाने कितने मनोरंजन चैनल आए और गए लेकिन हालत में सुधार कतई नहीं। उस पर तुर्रा ये कि ये सभी सीरियल निर्माता हमेशा ज्ञान बघारते रहते हैं कि यार टीवी में टैलेंटेड राइटर की बेहद कमी है। जबकि सच्चाई ये है कि ये फटीचर खुद लेखन और निर्माण के बारे में कुछ नहीं जानते। 

अजयमेरु प्रेस क्लब में पत्रकारों का रंगोत्सव

अजमेर। रंग-पर्व पर अजयमेरु प्रेस क्लब में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और वेब मिडिया पत्रकारों ने जमकर होली मनाई।

अजमेरु प्रेस क्लब में पत्रकारों का होली मिलन समारोह

कोठे के ठेकेदार निकले ‘पत्रकार’!

इंसान हूं आखिर कब तक झेल सकता हूं। लिखना तो नहीं चाहिए, लेकिन जब लिखना हो और बोलना हो तो चुप रहना भी नहीं चाहिए। वक्त के हिसाब से अगर इंसान लिखता-बोलता रहे, तो वो समाज के हित में होता है। खबर-मंडी से सिसकती-बिलखती, खुद का बलात्कार कराये हुए एक “खबर” आ रही है, कि ‘न्यूज-नेशन’ नाम के देश के नंबर-वन (कथित तौर पर नंबर-1) खबरों के एक ‘अड्डे’ में बड़ा गड़बड़झाला हो गया है। गड़बड़झाला यूपी के बुलंदशहर जिले में रखे गये स्ट्रिंगर-महाशय को लेकर (दो लोग) हुआ है।

बिजनौर प्रेस क्लब में गंगा-जमुनी होली

बिजनौर : गंगा-जमुनी तहजीब कायम रखते हुए बिजनौर प्रेस क्लब की ओर से ऐजाज अली हाल की लाइब्रेरी में अध्यक्ष ज्योति लाल शर्मा की अध्यक्षता व मरग़ूब रहमानी के संचालन में होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया।

बिजनौर प्रेस क्लब में गंगा-जमुनी होली-मिलन कार्यक्रम की एक झलक ।

पत्रकार श्रीकांत सिंह ने जागरण वालों पर यूं मारी पिचकारी, देखें वीडियो

दैनिक जागरण नोएडा से जुड़े हुए वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत सिंह काफी समय से बगावती मूड में हैं. इन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से अपना एरियर व सेलरी पाने के लिए मुहिम छेड़ रखी है. साथ ही दर्जनों कर्मचारियों को इस मुहिम से जोड़ रखा है. पिछले दिनों नाराज प्रबंधन ने श्रीकांत का तबादला जम्मू कर दिया. बाद में वे नोएडा बुलाए गए लेकिन उन्हें आफिस में नहीं घुसने दिया गया. साथ ही जागरण के गार्डों ने उनसे मारपीट व छिनैती की. इस पूरे मामले को लेकर वे लेबर आफिस गए लेकिन उनका आरोप है कि अफसर ने सेटिंग करके रिपोर्ट जागरण के पक्ष में दे दी है.

मुलायम को स्वाइन फ्लू, मेदांता में भर्ती

दिल्ली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल के आईसीयू नंबर आठ में भर्ती कराए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक उनको स्वाइन फ्लू हो गया है। उन्हें एयर एंबुलेंस से गुड़गांव ले जाया गया। वह डॉ. नरेश त्रेहान की देख-रेख में हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने …

रजनीकांत, आलोक नाथ और आलिया भट्ट के बाद अब अरनब गोस्वामी की बारी

होली के मौके पर टाइम्स नाऊ के एंकर अरनब गोस्वामी को लेकर एक पोस्ट सोशल मीडिया और मोबाइल पर खूब वायरल हुआ. इसमें कहा गया है कि रजनीकांत, आलोक नाथ और आलिया भट्ट पर तो खूब जोक मारे गए. अब बारी अरनब गोस्वामी सीरिज शुरू करने की है. तो लीजिए पढ़िए, अरनब गोस्वामी के बारे में आजकल सोशल मीडिया के लोग क्या क्या इजहार ए खयाल करते हैं…

सेक्स टेप वायरल होने के बाद अतुल अग्रवाल ने ईटीवी से दिया इस्तीफा

अतुल अग्रवाल पर भाग्य और दुर्भाग्य का ग़ज़ब का साया पड़ा रहता है. जब इंडस्ट्री के लोग अतुल अग्रवाल के करियर के अंत होने की भविष्यवाणी कर देते हैं तो यह शख्स अपने दम पर फिर से पत्रकारिता में पुनर्जीवन पाकर छा जाता है. लेकिन ज्योंही यह आदमी सफलता के चंद कदम चल पाता है कि अपनी ही किन्हीं हरकतों से धड़ाम होकर जमींदोज हो जाता है. न्यूज24 चैनल से एक गुमनाम आईडी से ग्रुप मेल भेजने के आरोप में नौकरी गई तो भास्कर न्यूज से एक लड़की से यौन दुर्व्यवहार को लेकर निकाले गए. इन दिनों ईटीवी में थे, जहां से उन्हें इसलिए इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि उनका एक सेक्स टेप यूट्यूब पर वायरल हो गया है.

पत्रकार हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख सीबीआई कोर्ट में हाजिर

सिरसा (हरियाणा): पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड सहित तीन मामलों में आरोपी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह विदेश से लौटने के बाद सीबीआई की अदालत में हाजिर हुए। इस दौरान उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी। 

रीढ़-न-जमीर, नाम ‘संपादक’

जिस संस्थान के लिए पत्रकार जीतोड़ मेहनत करते हैं, ख़बर लिखते हैं, सामाजिक सरोकारों और जनता के हक़ की लड़ाई लड़ते हैं, गरीबों को न्याय दिलाते हैं, बेसहारों का सहारा बनते हैं, उन्हीं संस्थानों का का संपादक प्रतिष्ठान पतन की हद तक आत्मजीवी और बाजारवादी हो चुका है। पत्रकारों की ही लेखनी की बदौलत मीडिया संस्थान तरक्की करते हैं, ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग पत्रकारों की ही लिखी खबरें पढ़ते हैं, उन्हीं पत्रकारों की बदौलत वाहवाही लूटने के लिए अखबार आत्मप्रचार करते हैं कि हमारी  “खबर का असर”, सबसे पहले हमने उठाई थी ये आवाज, हमने दिलाया न्याय, आदि आदि। लेकिन इस खोखलेपन का पता उस समय चलता है, जब उन पत्रकारों पर मुसीबत पड़ती है, कोई आफत आती है।

पत्रकारों को मान्यता देने में भाषायी भेदभाव

उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा पत्रकारों को मान्यता देने में भाषायी भेदभाव किया जा रहा है। पत्रकार-हित की बात करने वाली संस्थाएं और उनके पदाधिकारी इस पर ख़ामोशी साधे हुए हैं और विभाग के उच्चाधिकारी भी आँख बंद कर अपने मातहतों के इस कारनामे पर मुग्ध लगते हैं। उर्दू अखबारों में कार्यरत जिन हिन्दू पत्रकारों ने अपनी मान्यता की पत्रावली प्रस्तुत की, उसमे सूचना विभाग के अधिकारियों द्वारा कहा गया है कि “उर्दू भाषा के ज्ञान का अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत कर अगली बैठक में प्रस्तुत करे।”

‘वह लड़की मुझे आज भी नहीं भूलती’

मैं उसे भुला नहीं पा रहा हूँ। साल भर पहले तक टीवी, इंटरनेट, अखबार सभी उसकी कहानी से भरे पड़े थे। पहले वह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती रही। फिर सिंगापुर उसे भेजा गया और अब वह हमेशा के लिए यह दुनिया छोड़ गई। पल-पल उसकी बिगड़ती हालत के बारे में बताया जा रहा था और मेरे दिमाग में वह वीभत्स रात गहराती जा रही थी। उसे कैसे भूल सकता हूँ। शायद इसलिए नहीं भूल सकता, क्योंकि मैं दिल्ली में रह रही अपनी बहन को याद करता हूँ तो महसूस होता है कि वो सड़क पर अकेले खड़ी होकर बस या ऑटो का इंतजार करते हुए उन परिस्थितियों का सामना करती होगी, जब लोग उसे घूरते होंगे। मैंने महसूस किया है उसे। मैं उसे इसलिए नहीं भूल सकता क्योंकि उसके लिए मैने पहले भी अखबारों में लिखा था। नहीं भूल सकता मैं उसे क्योंकि महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। इसलिए भी नहीं भुला पा रहा हूं, क्योंकि यह डर कहीं न कहीं मेरे मन में भी बैठा हुआ है कि यह मेरी दोस्त या रिश्तेदार के साथ भी हो सकता था या हो सकता है। कारण भले ही कुछ भी हो, मगर मैं उस बहादुर लड़की और उसके साथ हुई पाशविकता को भुला नहीं पा रहा हूँ। मैं क्या करूं? हम में से कोई कर भी क्या सकता है?

फ़िरोज़ाबाद प्रेस क्लब ने मनाया होली मिलान समारोह

 सुहागनगर स्थित भार्गव पैलेस में प्रेस क्लब फ़िरोज़ाबाद के होली मिलन समारोह में जनपद के पत्रकारों के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

फिरोजाबाद प्रेस क्लब की ओर से लोक गायक हरप्रसाद और हास्य कवि प्रशांत उपाध्याय का सम्मान

‘आप’ का ‘मैं’ तक चेहरा व्यक्तिवादी

लगभग दो वर्ष पूर्व जब आम आदमी पार्टी की नींव रखी गई तो एक नई विचारधारा के राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश का दावा किया गया। इस विचारधारा के महिमा मंडन और हकीकत में इसके अनुसरण पर कई प्रश्र चिन्ह भी लगे परन्तु सभी प्रश्रों को निरूत्तर करते हुए आप ने अपनी ऐतिहासिक सफलता की इबारत लिखी।      इस सफलता की खुमारी अभी पुरी तरह से उतरी भी न थी कि फिर से पार्टी एक विवाद में फंस गई। विवाद आप पार्टी में लोकतंत्र के गौण और व्यक्ति के प्रधान होने का। विवाद प्रश्र उठाने और एतराज जताने के अधिकार का।

मिथिला में रंग बरसे…

मिथिला में होली खेलने की बहुत पुरानी परंपरा है। यहां की निराली होली के कहने ही क्या ! रंग और उमंग में पूरा मिथिलांचल सराबोर हो जाता है। मिथिला नरेश की इस धरती पर राम को याद किए बिना, उनके साथ रंग अबीर उड़ाए बिना सीता के मायके की होली भला कैसे पूरी हो सकती है। इस दिन हर घर, दरवाजे पर लोग पारंपरिक होली गीत गाने जाते हैं और वो भी ढ़ोल और नगाड़े के साथ।

अखबारों का पेशेवर होना समाज के लिए घातक

आज अखबार इस तरह से पेशेवर हो गए हैं कि समाज के लिए घातक बनते जा रहे हैं। मीडिया में पिछले ढाई दशक से होने के बावजूद मुझे यह लिखने में कत्तई संकोच नहीं कि बड़े-बड़े अखबार चंद सिक्कों की खातिर देश और समाज के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा आज लिखना पड़ रहा है तो इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है।

आरोपी मंत्री को बचाने पर सीएम की राज्यपाल से शिकायत

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक से शिकायत की है कि तीन साल की सजा पाने के बावजूद मंत्री कैलाश चौरसिया को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हटाया नहीं है। उनका कहना है कि कैलाश चौरसिया अब कानूनन मंत्री नहीं हैं। 

बलात्‍कार के आरोपी पत्रकार के घर सभासद को गोली मारी

मथुरा। एमबीए की छात्रा से बलात्‍कार के आरोपी पत्रकार कमलकांत उपमन्‍यु के आवास पर बीती रात एक सभासद को गोली मार दी गई। काफी देर बाद घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने पत्रकार के घर से कारतूस का खोखा बरामद कर लिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।

पत्रकार की गोली मार कर हत्या

प्रतापगढ़ : जिले में आसपुर देवसर थाने क्षेत्र के रानीपुर में बाइक सवारों ने ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ के रिपोर्टर और शिक्षक देवेन्द्र पाण्डेय की गोली मारकर हत्या कर दी। हमले के दौरान वह बाइक से स्कूल जा रहे थे। 

बैसाखी पर किसान टीवी लांच करेगी सरकार

नई दिल्ली। किसानों को समर्पित टेलीविजन चैनल ‘किसान टीवी’ को हिन्दी पंचांग के नववर्ष बैसाखी के अवसर पर लांच किया जाएगा। पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में इस दौरान फसल की कटाई एवं अन्न संग्रह का समय होता है। सरकार ने संसद में रखे गये अपने 2015-16 के बजट पेपर में इस चैनल के लांच की तिथि की घोषणा की है।

‘अमर उजाला’ के आशुतोष मिश्र और टीम को केसी कुलिश अवार्ड

‘अमर उजाला’ कानपुर के सीनियर रिपोर्टर आशुतोष मिश्र और उनकी टीम को केसी कुलिश इंटरनेशनल मेरिट अवॉर्ड देने की घोषणा की गई है। मेरिट अवार्ड के लिए ‘अमर उजाला’ की ओर से भेजी गई दोनों एंट्रीज को चुन लिया गया है। टीम को यह अवार्ड 14 मार्च को जयपुर राजस्थान में होने वाले कार्यक्रम में दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय पुल्तिजर पुरस्कार जैसे ख्यातिलब्ध केसी कुलिश इंटरनेशनल अवार्ड का प्रथम पुरस्कार 11 हजार यूएसए डॉलर है। इसके अलावा दस मेरिट अवॉर्ड भी दिए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार जगत में उल्लेखनीय पत्रकारिता के लिए यह पुरस्कार राजस्थान पत्रिका समूह की ओर से दिया जाता है।

Notice to Govts on Norms for Scribes

CHENNAI: The Madras High Court on Monday directed issuing of notices to Central and State governments following a PIL seeking guidelines for appointing scribes to assist visually-impaired students for board exams. The petitioner, C Govindakrishnan, a social activist, submitted that the Ministry of Social Justice and Empowerment Department of Disability Affairs released an Official Memorandum dated February 26, 2013 listing the guidelines for conducting written examinations for persons with disabilities.

‘बीबीसी की गाइडलाइन के अनुरूप है डॉक्यूमेंट्री’

बीबीसी-4 ने दिल्ली गैंगरेप के दोषी मुकेश सिंह के इंटरव्यू वाली लेज़्ली उडविन की डॉक्यूमेंट्री लंदन में 4 मार्च को प्रसारित कर दी। बीबीसी का कहना है, “डॉक्यूमेंट्री हमारे एडिटोरियल गाइडलाइन के अनुरूप है और इस संवेदनशील मुद्दे को पूरी जिम्मेदारी के साथ पेश करती है। इसलिए ‘बीबीसी-4 ने इसका प्रसारण ब्रिटेन में किया है।”

केजरीवाल के करीबी ने किया पत्रकार का स्टिंग

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्सर जनता से अपील करते हैं कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए स्टिंग करो। अब खुलासा ये हुआ है कि केजरीवाल की टीम ने एक पत्रकार का ही फोन रिकार्ड कर लिया है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक केजरीवाल के करीबी बिप्लव कुमार नामक व्यक्ति ने पत्रकार …

भारतीय संस्कृति का दर्शन कर विदेशी छात्र गद्गद्

हिन्दू हैरिटेज फ़ाउण्डेशन की ओर से गंगा तट पर 15वीं हैरिटेज सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें नौ देशों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उन्हें ऋषिकेष-हरिद्वार के परमार्थ आश्रम ऋषिकेश के स्वामी चिदानन्द, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के योग गुरु बाबा राम देव, आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण, गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पांण्डया, विहिप के अंतर्राष्ट्रीय सयुंक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानन्द और केन्द्रीय मंत्री प्रशांत हरतालकर आदि ने आशीर्वाद दिया। सेमीनार 27 फरवरी से 01 मार्च 2015 तक चली।

किस-किस को कत्ल करोगे केजरीवाल… हिम्मत हो तो अब मयंक गांधी को बाहर निकाल कर दिखाओ…

Yashwant Singh :  किस-किस को कत्ल करोगे केजरीवाल… हिम्मत हो तो अब मयंक गांधी को बाहर निकाल कर दिखाओ… मयंक गांधी ने सारी सच्चाई बयान कर दी है… (पढ़ने के लिए क्लिक करें: http://goo.gl/IY1Bx9 ) …मयंक गांधी ने आम आदमी पार्टी बनने और चलाए जाने के असली विजन को बेहद ईमानदारी से सबके सामने रख दिया है… इसलिए, हे केजरी, 67 सीटें जीत जाने से ये मत सोचो कि सिर्फ केजरीवाल के कारण ये सीटें मिल गई हैं और तुम्हीं सबके बाप हो… कांग्रेस और भाजपा की घटिया व परंपरागत राजनीति से उबे करोड़ों लोगों का तन मन धन लगा, दुआएं मिलीं, आशीर्वाद और प्यार मिला, अलग-अलग किस्म की क्रांतिकारी धाराएं एकजुट हुईं तब जाकर सब मिलाकर आम आदमी पार्टी नामक परिघटना तैयार होती है..

केजरीवाल की तानाशाही के खिलाफ मयंक गांधी ने किया विद्रोह, पढ़िए कार्यकर्ताओं के नाम लिखी उनकी खुली चिट्ठी

प्रिय कार्यकर्ताओं,

मैं माफी चाहता हूं कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कल जो कुछ हुआ उसे बाहर किसी को न बताने के निर्देशों को तोड़ रहा हूं। वैसे मैं पार्टी का एक अनुशासित सिपाही हूं। 2011 में जब अरविंद केजरीवाल लोकपाल के लिए बनी ज्वाइंट ड्राफ्ट कमेटी की बैठक से बाहर आते थे तो कहते थे कि कपिल सिब्बल ने उनसे कहा है कि बैठक में जो कुछ हुआ उसे वो बाहर न बताएं। लेकिन अरविंद कहते थे कि ये उनका कर्तव्य है कि वे देश को बैठक की कार्यवाही के बारे में बताएं क्योंकि वो कोई नेता नहीं थे बल्कि लोगों के प्रतिनिधि थे। अरविंद ने जो कुछ किया वो वास्तव में सत्य और पारदर्शिता थी।

आध्यात्मिक चैनल के मालिक विपुल कृष्ण गोस्वामी की हार्ट अटैक से मौत

Dr Praveen Tiwari : बहुत दुखद समाचार.. विपुल कृष्ण गोस्वामी नहीं रहे। उनकी पहचान प्रसिद्ध भागवत कथा वाचक मृदुल कृ्ष्ण गोस्वामी के छोटे भाई और राधे-राधे बरसाने वाली राधे.. गीत के जरिए मशहूर हुए गौरव कृष्ण गोस्वामी के चाचा के रूप में थी। उन्होंने विपुल म्यूजिक इंडस्ट्री के जरिए अपने लिए एक अलग राह चुनी। आध्यात्म चैनल के जरिए उन्होंने डिवोशनल चैनल की दुनिया में अपना नाम बनाया। मेरी उनसे मुलाकात उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट न्यूज 30 की लांचिंग को लेकर हुई थी।

Dainik Hindustan 200 cr Government Advt Scam : SC to hear SLP of Shobhana Bharatia on 24 March

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement scandal, the Supreme Court of India(New Delhi) has listed the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 / 2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for hearing on March, twenty four 2015 next. Meanwhile, the Superintendent of Police, Munger (Bihar), Mr. Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013. Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh has to file the Counter-Affidavit in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

‘न्यूज नेशन’ चैनल दलालों को पत्रकारिता का प्रमाण-पत्र बांट रहा है!

बुलंदशहर में न्यूज नेशन चैनल दलालों को पत्रकारिता का प्रमाण-पत्र बांट रहा है। 26 जनवरी तक मोहित गौमत नाम के एक शख्स को न्यूज नेशन ने पत्रकार बना रखा था जो इंटरलाक टाइल्स मामले में फैक्ट्री संचालकों से रुपये वसूलते हुए पकड़ा गया। केस में जिलाधिकारी से शिकायत होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी गयी और सीएम अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद मोहित गौमत को चैनल के मालिकों ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया। अब नया कारनामा सुनिये। नदीम खान नाम के एक व्यक्ति को अब न्यूज नेशन की ‘आईडी’ देकर पत्रकार बना दिया गया है।

हिलाने वाले पत्रकारों की खुद की कुर्सियां क्यों हिलने लगी?

आमतौर पर खोजी पत्रकारिता नेताओं की कुर्सियाँ हिलाती है, लेकिन पिछले सप्ताह भारतीय समाचारपत्र, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में एक ख़बर छपने के बाद से अब पत्रकारों की कुर्सियाँ हिल रही हैं. ख़बर के मुताबिक़ कई पत्रकार एस्सार नाम की कंपनी के ख़र्चे पर टैक्सी जैसे फ़ायदे उठाते रहे हैं. आरोप मामूली हैं, लेकिन फिर भी अनैतिकता स्वीकारते हुए एक महिला और एक पुरुष संपादक ने अपने-अपने अखबारों से इस्तीफ़ा दे दिया है. एक टीवी समाचार चैनल में काम करने वाली एक और महिला पत्रकार को आंतरिक जाँच के चलते काम से हटा दिया गया है.

आइए आप और हम मिलकर इस बेलगाम मीडिया पर नकेल कसें, आप मीडिया संबंधी अपनी जानकारी-सूचनाएं साझा करें

: अखबारों-टीवी की विज्ञापन नीति और नैतिक मापदंडों के लिए मदद करें : बड़े नाम के किसी भी अखबार और पत्रिका को उठा लीजिए, मजीठिया वेतन बोर्ड आयोग की सिफारिशों के अनुरूप पत्रकारों को वेतन देने में बहानेबाजी कर रहे अखबार मालिकों की माली हैसियत सामने आ जाएगी। लेकिन इनके अखबारों में विज्ञापनों की इतनी भरमार रहती है कि कभी तो उनमें खबरों को ढूंढना पड़ता है। लेखकों को दिए जा रहे पारिश्रमिकों की हालत यह है कि सिर्फ लेख लिखने के दम पर गुजारा करने की बात सोची नहीं जा सकती। हमारे देश में सिर्फ एक अखबार या पत्रिका में लेख या स्थायी स्तंभ लेखन के जरिए गुजारे की कल्पना करना, उसमें भी हिन्दी भाषा में, असंभव है।

9वें हफ्ते की टीआरपी : इंडिया न्यूज ने न्यूज नेशन को और एनडीटीवी ने आईबीएन7 को पीटा

 

इस साल के नौवें हफ्त की टीआरपी में दो बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. दीपक चौरसिया के प्रधान संपादकत्व वाले इंडिया न्यूज चैनल ने न्यूज नेशन चैनल को एक पायदान नीचे धकेल कर खुद नंबर पांच की कुर्सी हासिल कर ली है. न्यूज नेशन अभी तक नंबर पांच पर हुआ करता था लेकिन अब यह नंबर छह पर चला आया है. एनडीटीवी ने आईबीएन7 को पछाड़ दिया है.

योगेंद्र-प्रशांत निष्कासन प्रकरण के बाद अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है

‘आप’ की ‘पीएसी’ से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को निकलाने व इसके पहले चले पूरे विवाद के बाद अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है. सोशल मीडिया पर जो चिंतक, पत्रकार और एक्टिविस्ट किस्म के लोग केजरीवाल की तारीफ करते न अघाते थे, अब वे इस घटनाक्रम के बाद से केजरीवाल पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं. साथ ही, पूरे प्रकरण के बाद से योगेंद्र यादव की लोकप्रियता और कद में इजाफा हुआ है. यहां फेसबुक से उन कुछ स्टेटस को दिया जा रहा है जिससे पता चलता है कि अब तक ‘आप’ को सपोर्ट करते रहे लोग पूरे प्रकरण से दुखी हैं और केजरीवाल को कोस रहे हैं. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

बीबीसी ने बैन के बावजूद आज तड़के डॉक्युमेंटरी ‘इंडियाज़ डॉटर’ दिखा दिया…

Om Thanvi : तड़के बीबीसी ने डॉक्युमेंटरी ‘इंडियाज़ डॉटर’ दिखाई और सुबह से वह यू-ट्यूब, ट्विटर लिंक आदि के जरिए सामने है! अर्णब गोस्वामी, राजनाथ सिंह, माननीय सांसदगण, माननीय अदालत और दिल्ली पुलिस का शुक्रिया। आज के युग में बैन आगे से दिखाने के लिए लगाया कीजिए, न दिखाने के लिए नहीं – इतना तो टीवी पर उस अंगरेजी डॉक्युमेंटरी को लोग भी न देखते! और वह कलमुँहा ड्राइवर – पता नहीं फिल्म में कब आया और अपनी बकवास में अपनी ही मौत मर गया! उसके बयान (जिसमें ज्यादा समय विजुअल दूसरे ही चलते हैं) से उस रात के पाशविक कृत्य, अपराधियों की मानसिकता आदि को मुझे ज्यादा शिद्दत से समझने का मौका मिला। … इस पर चीखे अर्णब तुम सारी-सारी रात?

केजरीवाल से मेरा मोहभंग… दूसरी पार्टियों के आलाकमानों जैसा ही है यह शख्स…

Yashwant Singh : केजरीवाल से मेरा मोहभंग… घटिया आदमी निकला… दूसरे नेताओं जैसा ही है यह आदमी… संजय सिंह, आशुतोष, खेतान जैसे चापलूसों और जी-हुजूरियों की फ़ौज बचेगी ‘आप’ में… सारा गेम प्लान एडवांस में रचने के बाद खुद को बीमार बता बेंगलोर चला गया और चेलों के जरिए योगेन्द्र-प्रशांत को निपटवा दिया… तुम्हारी महानता की नौटंकी सब जान चुके हैं केजरी बाबू… तुम्हारी आत्मा कतई डेमोक्रेटिक नहीं है… तुम सच में तानाशाह और आत्मकेंद्रित व्यक्ति हो… तुममें और दूसरी पार्टियों के आलाकमानों में कोई फर्क नहीं है…

व्यापम घोटाले का पैसा मध्य प्रदेश के एक शाम के अख़बार में लगा!

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े घोटाला व्यापम का पैसा एक शाम के अखबार में लगा होने की खबर ने सबको चौंका दिया है। STF को भी इस बात की जानकारी थी। लेकिन अब उसके हाथ अहम दस्तावेज़ भी लग गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि STF को जानकारी मिली है कि सुधीर शर्मा का व्यापम घोटाले से कमाया हुआ काफी पैसा भोपाल से निकलने वाले शाम के एक अखबार में लगाया गया है।

दैनिक जागरण के महाप्रबंधक समेत चार के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मुकदमा

पटना से एक बड़ी खबर आ रही है. दैनिक जागरण के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी समेत चार लोगों के खिलाफ पटना कोतवाली में यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया है. ये मुकदमा दैनिक जागरण में कार्यरत एक महिला पत्रकार ने दर्ज कराया है. 24 फरवरी को दर्ज मुकदमें में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानि आईपीसी की धाराएं 341, 354, 506, 509, 504, 34 लगाई गई हैं.

छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार अहफाज रशीद का दिल का दौरा पड़ने से निधन

रायपुर से एक दुखद खबर है. युवा पत्रकार अहफ़ाज़ रशीद नहीं रहे. उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. अहफाज रशीद साधना न्यूज़ के छत्तीसगढ़ी बुलेटिन से जुड़े थे. उनको दिल का दौरा पड़ने के बाद एस्कॉर्ट्स फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका. युवा पत्रकार के निधन से छत्तीसगढ़ के पत्रकारों में शोक की लहर है.

पत्रकार पर बरसे विराट, गाली-गलौज

भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान विराट कोहली ने एक भारतीय पत्रकार को जमकर गालियां दीं। बाद में हकीकत पता चलने के बाद पत्रकार से माफी मांग ली।

जौहर संस्थान परिवाद : नूतन ठाकुर ने दिया लोकायुक्त को जवाब

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने जौहर अली शोध संस्थान मंत्री आज़म खान के निजी ट्रस्ट को सौंपने के मामले में प्रस्तुत परिवाद पर लोकायुक्त की आपत्तियों का जवाब दिया। अपने उत्तर में उन्होंने कहा है कि गोपनीयता की शर्त पर जानकारी देने वाले अधिकारियों का नाम जानने की बजाए मामले की फाइल तलब की जाए ताकि तथ्यों का खुलासा हो सके। 

मासूम की मौत की खबर पी गए अखबार

सुलतानपुर। ट्रेन से फेंकी गई मासूम की खबर प्रभात और श्री टाइम्स को छोड़ और किसी अखबार ने नहीं छापी। पहले तो पुलिस भी इतनी दर्दनाक घटना पर लीपापोती करती रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब वह घटना का ब्योरा जुटाने में लग गई है। 

मासूम का शव दफनाते समाजसेवी एवं पत्रकार

Lathi charge on Hundreds of Delhi Metro Rail Corporation contract employees

The real face of Aam Admi Party Government gets exposed. Kejriwal government ordered lathi charge on hundreds of Delhi Metro Rail Corporation contract employees protesting at the Delhi Secretariat to remind Mr. Kejriwal of his promise to abolish contract system on perennial nature work. TOM operators, Housekeepers and Security guards working in DMRC held a protest demonstration at the Delhi Secretariat today to raise their demands in front of the newly formed Kejriwal government. The demonstration was organized under the banner of Delhi Metro Rail Contract Workers Union by the contract workers to highlight  their  plight  and  the  discrimination  faced  by  them  at  the  hands  of  Delhi  Metro  Rail Corporation.

स्वावलंबन पेंशन कार्ड में 4 करोड़ की ठगी

भारत सरकार की स्वावलंबन पेंशन योजना के तहत निःशुल्क प्रान कार्ड बनाने के नाम पर चार करोड़ की ठगी उजागर हुई है। इस सम्बन्ध में हजरतगंज थाने में सुशील अवस्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। टाइम इनफार्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (बख्शूपुर, जमानिया रोड, गाजीपुर) द्वारा ये कार्ड बनाने के नाम पर 700 रुपये लेने के सम्बन्ध …

‘आप’ का संकट : नई राजनीति बनाम वैकल्पिक राजनीति

पहली लड़ाई संघर्षशील कार्यकर्ता और वैचारिक राजनीति के बीच हुई। जिसमें कार्यकर्ताओं की जीत हुई क्योंकि सड़क पर संघर्ष कर आमआदमी पार्टी को खड़ा उन्होंने ही किया था। तो उन्हें आप में ज्यादा तवोज्जो मिली। दूसरी लड़ाई समाजसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओ और राजनीतिक तौर पर दिल्ली में संघर्ष करते कार्यकर्त्ताओं के बीच हुई । जिसमें आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय तौर पर चुनाव में हार मिली । क्योंकि सिर्फ दिल्ली के संघर्ष के आसरे समूचे देश को जीतने का ख्वाब लोकसभा में उन सामाजिक संगठन या कहें जन आंदोलनों से जुड़े समाजसेवियों ने पाला, जिनके पास मुद्दे तो थे लेकिन राजनीतिक जीत के लिये आम जन तक पहुंचने के राजनीतिक संघर्ष का माद्दा नहीं था । इस संघर्ष में केजरीवाल को भी दिल्ली छोड़ बनारस जाने पर हार मिली। क्योंकि बनारस में वह दिल्ली के संघर्ष के आसरे सिर्फ विचार ले कर गये थे। और अब तीसरी लडाई जन-आंदोलनों के जरीये राजनीति पर दबाब बनाने वाले कार्यकत्ताओं के राजनीति विस्तार की लड़ाई है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ा अपराधों का ग्राफ

उत्तरप्रदेश की बागडोर जब से सपा ने संभाली है, तब से कानून व्यवस्था को लेकर उसकी किरकिरी होती रही है। लूट, हत्या, डकैती, चोरी, बलात्कार जैसे संगीन अपराध रोक पाने में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। बेलगाम पुलिस सदैव कटघरे में नजर आती है। बढ़ते अपराधो और कार्यशैली को लेकर पुलिस महकमा एक बार फिर चर्चा में है।

‘फ्री प्रेस’ से श्रवण गर्ग ने की नई पारी की शुरुआत

नई दुनिया से अलग हुए श्रवण गर्ग ने इंदौर के प्रतिष्ठित अखबार ‘फ्री प्रेस’ के एडिटर इन चीफ के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। वह लंबे समय तक दैनिक भास्कर के संपादक और समूह संपादक के रूप में कार्यरत रहे हैं. पत्रकारिता में लगभग 40 सालों से सक्रि‍य श्रवण गर्ग ने …

भास्कर प्रबंधन से तंग सब एडिटर का इस्तीफा

कोटा के दैनिक भास्कर प्रबंधन से तंग आकर उपसंपादक दीपेश तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मजीठिया वेजबोर्ड का लाभ सभी अखबार कर्मियों को देने की मैनेजमेंट को नसीहत दी थी। उनका कहना है कि जिन भास्कर कर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है, उन सभी को मैनेजमेंट आज नहीं तो कल कार्यवाही …

सावन स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सीएम से फरियाद

दिल्ली के भट्ठी माइन रोड स्थित सावन पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री से मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है। बताया गया है कि प्रबंधन के अनुचित कदम से स्टॉफ और छात्र ही नहीं, पूरे स्कूल का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। 

कवियत्री मधुरिमा सिंह नहीं रहीं

सुप्रसिद्ध कवियत्री डॉ. मधुरिमा सिंह नहीं रहीं। लगभग 59 वर्ष की आयु में मंगलवार को उनका लखनऊ में निधन हो गया। दोपहर बाद यहां गोमती तट पर ‘वैकुण्ठ धाम’ स्थित श्मशान घाट पर उनका अन्तिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार, बुद्धिजीवी, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से उन्हें अन्तिम विदाई दी। मुखाग्नि पति जगन्नाथ सिंह ने दी। डॉ. मधुरिमा के एक पुत्र और पुत्री हैं। 

दैनिक भास्कर जयपुर में भी हड़ताल, मीडियाकर्मी आफिस से बाहर आए

एक बड़ी खबर जयपुर से आ रही है. कल शाम दर्जनों मीडियाकर्मी दैनिक भास्कर आफिस से बाहर आ गए. ये लोग मजीठिया वेज बोर्ड मांगने और सुप्रीम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा करने के कारण प्रबंधन की रोज-रोज की प्रताड़ना से परेशान थे. कल जब फिर प्रबंधन के लोगों ने मीडियाकर्मियों को धमकाया और परेशान करना शुरू किया तो सभी ने एक साथ हड़ताल का ऐलान करके आफिस से बाहर निकल गए.

पलटीमार मोदी सरकार : करप्शन घपले घोटाले की गुमनाम शिकायतों की जांच नहीं की जाएगी

ये लीजिए…. मोदी सरकार की एक और पलटी. दरअसल, पलटी तो महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने मारी है, लेकिन अगर तकनीकी तौर पर मुखिया यानी मुख्यमंत्री को साइड कर दें तो सरकार एक तरह से मोदी की ही है और उन्हीं के नाम पर चुन कर आई है. उन्हीं का चेहरा देखकर राज्य के लोगों ने भाजपा को वोट दिया था. इसलिए इस पलटी को मोदी की पलटी कहना गलत नहीं होगा. मोदी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान चीख-चीख कर कहा था कि उनकी सरकार आई, तो भ्रष्टाचार की गुमनाम शिकायतों पर भी कार्रवाई की जाएगी.

उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल एवं डॉ.ज्ञान चतुर्वेदी को ढींगरा फ़ाउण्डेशन साहित्य सम्मान

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘हिन्दी चेतना’ के भारत समन्वयक तथा पत्रिका के सह सम्पादक पंकज सुबीर के मुताबिक ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’ तथा ‘हिन्दी चेतना-कैनेडा’ के साहित्य सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। निर्णायक समिति के समन्‍वयक लेखक नीरज गोस्‍वामी के अनुसार सम्मान के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल एवं डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को चयनित किया गया है। सम्मान समारोह 30 अगस्त 2015 को मोर्रिस्विल, नार्थ कैरोलाइना, अमेरिका में आयोजित किया जाएगा। तीनों रचनाकारों को ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’ की ओर से पांच-पाँच सौ डॉलर (लगभग 31 हज़ार रुपये) प्रदान किए जाएंगे।

8 मार्च को महिला पत्रकारों के सम्मान में प्रेस क्लब आफ इंडिया में कई किस्म का आयोजन

साल 2014 से प्रेस क्लब में महिला पत्रकारों के सम्मान में महिला दिवस मनाने का रिवाज शुरू हुआ. इस साल भी यह कार्यक्रम होगा. साल 2014 की तरह इस बार भी प्रेस क्लब के प्रांगण में महिला पत्रकार पत्रकारिता के साथ-साथ अन्य खूबियों के साथ मौजूद रहेंगी. इस 8 मार्च, दिन रविवार को पिछले साल से भी बड़े स्तर पर महिला दिवस का आयोजन किया जा रहा है. प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमेटी की ज्वांईट सेक्रेटरी विनीता यादव, जो प्रेस क्लब में समय-समय पर अलग अलग कार्यक्रम करवाती आई हैं, का मानना है कि क्लब में महिला दिवस बड़े स्तर पर मनाने से ये पता चलता है कि क्लब महिला पत्रकारों के सम्मान, क्लब में उनकी बराबर उपस्थिति और उनकी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.

Journalist Kashi Prasad honoured at Munger

Munger, March 04.The Munger Commissioner,Sunil Kumar Singh on March 03 evening honoured the seniormost journalist of Munger,Kashi Prasad by presenting him a ‘shawl’ as a token of love for his  contribution to the society for several decades at the launch of a city news channel  at Munger.The D.I.G(Munger Range),S.P.Shukla,the  District & Session Judge(Munger), Santosh Kumar Shrivastawa,the Collector(Munger), Amrendra Pd Singh and   other senior officials of Munger were present on the occasion. 

 

Munger Commissioner,Sunil Kumar Singh presents the seniormost journalist ,Kashi Prasad  a ‘shawl’ as a token of love  for his contribution to the society at Munger on March 03 evening.

प्रताप सिंह राठौड़ लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष निर्वाचित

उदयपुर। उदयपुर पत्रकार हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से गठित हुए लेकसिटी प्रेस क्लब के 11वें अध्यक्ष के रूप में प्रतापसिंह राठोड निर्वाचित हुए। प्रेस क्लब के इतिहास में लंबे अरसे बाद हुई मतदान प्रक्रिया में प्रताप सिंह राठोड ने 61 मतों से जीत हासिल कर अपने प्रतिद्वंदियों को करारा जवाब दिया। दरअसल चुनाव प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रोनिक मीडिया से जुडे प्रतापसिंह के सामने ओम पुर्बिया और प्रमोद गौड जनाधार नहीं होने के बावजुद अपनी जिद पूरी करने के लिये चुनावी मेदान में उतरे लेकिन क्लब से जुडे पत्रकारों ने क्लब में हुए विकास कार्यो को प्रमुखता देते हुए प्रतापसिंह राठोड को भारी मतों से विजयी बनाया।

यशवंत की ‘जानेमन जेल’ : विपरीत हालात में खुद को सहज, सकारात्मक और धैर्यवान बनाये रखने की प्रेरणा देने वाली किताब

पूनमपूनम

Poonam Scholar : इस बार विश्व पुस्तक मेला में एक ही बार जाने का मौका मिल सका. हिन्द युग्म प्रकाशन के सामने से गुजरते हुए अचानक याद आया कि इसी प्रकाशन से तो यशवन्त जी की पुस्तक ‘जानेमन जेल’ भी प्रकाशित हुई है. काफी समय से पढ़ने की इच्छा थी सो खरीद ली. कल जाकर समय मिला पढ़ने का. यशवन्त जी ने जेल जीवन के बारे में जो कुछ भी लिखा है उसे पढ़कर जेल के प्रति जो भ्रान्तियाँ हम लोगों के मनों में बनी हुई हैं न केवल वो दूर होती हैं बल्कि विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को सहज, सकारात्मक और धैर्यवान बनाये रखने की प्रेरणा भी मिलती है.

CAT reserves order in petition challenging IAS, IPS promotion guidelines

The Lucknow bench of Central Administrative Tribunal (CAT) today reserved its order in the petition filed by IPS officer Amitabh Thakur challenging the promotion guidelines for IAS, IPS and IFS officers. The bench consisting of Navneet Kumar and Jayati Chandra reserved its order after hearing petitioner’s counsel Dr Nutan Thakur and Government of India’s counsel Raj Singh.

‘टाइम्स नाऊ’ चैनल का बॉयकाट होगा, सोशल एक्टिविस्टस की तरफ से अरनब गोस्वामी को खुला पत्र

Dear Mr Arnab Goswami,

We, the undersigned, who have on many occasions participated in the 9:00 p.m. News Hour programme on Times Now, anchored by you, wish to raise concerns about the shrinking space in this programme for reasoned debate and the manner in which it has been used to demonize people’s movements and civil liberties activists.

प्रबंधन के खिलाफ हिसार भास्कर यूनिट ने फूंका विद्रोह का बिगुल, मजीठिया के लिए सुप्रीम कोर्ट गए

मजीठिया वेज बोर्ड लागू कराने और अपना बकाया एरियर लेने के लिए दैनिक भास्कर की हरियाणा यूनिट भी एकत्र होनी शुरू हो गई है। इसकी पहल सबसे पहले हिसार यूनिट की ओर से की गई है। इसमें भिवानी ब्यूरो से प्रदीप महता, कुलदीप शर्मा, भूपेंद्र सिंह, राकेश भट्ठी, संजय वर्मा और सुखबीर ने सुप्रीम कोर्ट के वकील अक्षय वर्मा के माध्यम से भास्कर के मालिक रमेश चंद्र अग्रवाल से लेकर भिवानी के ब्यूरो प्रमुख अशोक कौशिक तक लीगल नोटिस भिजवा दिए हैं।

ये है इंडिया मेरी जान : भाजपाइयों ने स्टेशन पर कराया बैंड बाजा डांस… सुनिए स्टेशन मास्टर का अदभुत बयान

नीचे दो वीडियो लिंक हैं. पहले में बलिया के सुरेमनपुर रेलवे प्लेटफार्म पर बैंड बाजा डांस है. दूसरे में इस डांस और भीड़ पर स्टेशन मास्टर सुरेमन पुर टीएन यादव का बयान है. बलिया के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर स्टेशन मास्टर की मौजूदगी में हुआ डांस चर्चा का विषय बन गया है. हजारों लोगों ने बिना प्लेटफार्म टिकट लिये स्टेशन पर नाच का खूब मजा लिया. जनता ने खुश होकर नाचने वाली को पैसे भी खूब दिए.

संपादक ने प्रबंधन के साथ मिल कर्मचारियों के साथ किया धोखा

महाराष्ट्र के दूसरे सबसे बड़े समाचार पत्र समूह अंबिका पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित हिन्दी दैनिक ‘यशोभूमि’ के संपादक ने प्रबंधन साथ मिलकर कर्मचारी के साथ शर्मनाक छल किया है। बता दें कि समूह के कर्मचारी कंपनी से लंबे समय से मजीठिया वेज बोर्ड को लागू करने की मांग कर रहे थे। परन्तु कंपनी उन्हें हर बार झूठे आश्वासन देकर बहला देती थी। कंपनी के इस रवैये को देखते हुए कर्मचारियों ने कमगार आयुक्त की शरण ली। जहां से कंपनी जैसे-तैसे करके कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि कर दी।

गोइन्का साहित्यिक पुरस्कार 2015 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके वर्ष 2015 के लिए “बाबूलाल गोइन्का हिन्दी साहित्य पुरस्कार” एवं हिन्दीतर भाषी हिन्दी युवा लेखकों के लिए “प्रो. एन. नागप्पा युवा साहित्यकार पुरस्कार” (वय सीमा 35 वर्ष) तथा “रामनाथ गोइन्का पत्रकारिता शिरोमणि पुरस्कार” के साथ-साथ हिन्दी से तमिल व तमिल से हिन्दी एवं मलयालम से हिनदी व हिन्दी से मलयालम अनुवाद के लिए सद्य घोषित “बालकृष्ण गोइऩ्का अनूदित साहित्य पुरस्कार” के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं।

दिल्ली की मीडिया इंडस्ट्री में हर रोज पत्रकार होने का दर्द भोग रहे हैं ढेर सारे नौजवान

: इंतजार का सिलसिला कब तक….  : दूर दराज के इलाकों से पत्रकार बनने का सपना लिए दिल्ली पहुंचने वाले नौजवान अपने दिल में बड़े अरमान लेकर आते हैं। उन्हे लगता है कि जैसे ही किसी न्यूज चैनल में एन्ट्री मिली तो उनका स्टार बनने का ख्वाब पूरा हो जाएगा. लेकिन जैसे ही पाला हकीकत की कठोर जमीन पर होता है वैसे ही सारे सपने धराशायी होते नजर आते हैं. अभी चंद रोज पहले मेरे पत्रकार मित्र से बात हुई तो पता चला कि उनके संस्थान में पिछले चार महीने से तनख्वाह नहीं दी गई है। हैरानी की बात ये है कि फिर भी लोग बिना किसी परेशानी के न केवल रोज दफ्तर आते हैं बल्कि अपने हिस्से का काम करते हैं।  जब बात सैलरी की होती है तो मिलता है केवल आश्वासन या फिर अगली तारीख.

यूपी के बरेली में नौनी राम और गोण्डा में अफजल की जेल में कैसे हुई मौत?

लखनऊ । रिहाई मंच ने बरेली जेल में नौनी राम व गोण्डा जेल में अफजल की हिरासत में मौत को मानवाधिकार उत्पीड़न का गंभीर मसला बताते हुए इन दोनों मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। रिहाई मंच प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल यादव ने कहा कि बरेली जेल में नौनी राम की हिरासत में मौत हुई जो कि 2006 से आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। इस प्रकरण में जिस तरीके से पुलिस ने कहा कि वह मानसिक तौर पर बीमार था और उसने अपने मफलर से फांसी लगाकर जान दी, वह प्रशासन को कई सवालों के घेरे में लाता है।

भारत को अपना 21वीं सदी का सबसे बड़ा झुट्ठा और सबसे बड़ा झूठ मिल गया है!

Yashwant Singh :  भारत को अपना 21वीं सदी का सबसे बड़ा झुट्ठा मिल गया है. वह हैं माननीय नरेंद्र मोदी. जाहिर है, जब झुट्ठा मिल गया तो सबसे बड़ा झूठ भी खोज निकाला गया है. वह है- ‘अच्छे दिन आएंगे’ का नारा. नरेंद्र आम बजट में चंदा देने वाले खास लोगों को दी गयी 5% टैक्स की छूट… इसकी भरपाई वोट देने वाले आम लोगों से 2% सर्विस टैक्स बढा कर की जाएगी.. मोदी सरकार पर यूं ही नहीं लग रहा गरीब विरोधी और कारपोरेट परस्त होने के आरोप. खुद मोदी के कुकर्मों ने यह साबित किया है कि उनकी दशा-दिशा क्या है. इन तुलनात्मक आंकड़ों को कैसे झूठा करार दोगे भक्तों… अगर अब भी मोदी भक्ति से मोहभंग न हुआ तो समझ लो तुम्हारा एंटीना गड़बड़ है और तुम फिजूल के हिंदू मुस्लिम के चक्कर में मोदी भक्त बने हुए हो. तुम्हारी ये धर्मांधता जब तुम्हारे ही घर के चूल्हे एक दिन बुझा देगी शायद तब तुम्हें समझ में आए. कांग्रेस की मनमोहन सरकार से भी गई गुजरी मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने का वक्त आ गया है… असल में संघ और भाजपा असल में हिंदुत्व की आड़ में धनिकों प्रभुओं एलीटों पूंजीपतियों कार्पोरेट्स कंपनियों मुनाफाखोरों की ही पार्टी है। धर्म से इनका इतना भर मतलब है कि जनता को अल्पसंख्यक बहुसंख्यक में बाँट कर इलेक्शन में बहुमत भर सीट्स हासिल कर सकें। दवा से लेकर मोबाइल इंटरनेट घर यात्रा तक महंगा कर देना कहाँ के अच्छे दिन हैं मोदी जी। कुछ तो अपने भासड़ों वादों का लिहाज करो मोदी जी। आप तो मनमोहन सोनिया राहुल से भी चिरकुट निकले मोदी जी।

आंदोलनकारी भास्कर कर्मियों ने राज्यपाल कल्याण सिंह को ज्ञापन दिया

दैनिक भास्कर कोटा के पीड़ित कर्मचारी भास्कर प्रबंधन के खिलाफ एकजुट होकर दिनांक एक मार्च 2015 को दोपहर 1:30 बजे राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह से सर्किट हाउस कोटा में मिले और ज्ञापन दिया। ज्ञापन में विस्तार से बताया गया है कि दैनिक भास्कर किस तरह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है और वर्षों से कार्यरत कर्मठ कर्मचारियों व उनके परिवार वालों के साथ अन्याय कर रहा है।

किसको मूर्ख बनाना चाहता है डेरा प्रमुख? फिल्म की कमाई को लेकर बोला बड़ा झूठ

सिरसा । डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह ने अपनी फिल्म से व्यक्तिगत तौर पर बेशक 100 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली हो लेकिन फिल्म अभी तक 10 करोड़ रुपए का बिजनेस ही कर पाई है। जी हां, फिल्म की कमाई का निर्धारण करने वाले बॉक्स ऑफिस के आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो फिल्म ने पहले सप्ताह में केवल 9.92 करोड़ रुपए की कमाई की। बड़ी बात यह है कि फिल्म निर्माण करने वाली कंपनी के प्रवक्ता द्वारा चार दिन में 61 करोड़ से अधिक कमाई कर लिए जाने संबंधी प्रेस नोट जारी कर दिया गया। इसके बाद छह दिन में 82 करोड़ व एक सप्ताह में 100 करोड़ से अधिक कमाई कर लिए जाने की जानकारी फिल्म के प्रोडक्शन हाउस की तरफ से दी गई।

प्रशांत, सचिन और उज्जवल का इस्तीफा, इन 12 पत्रकारों को मीडिया फेलोशिप, कुलदीप को पीएचडी की डिग्री

देश के 12 पत्रकारों को नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया ने 2015 की मीडिया फेलोशिप प्रदान की है. नयी दिल्ली के इंडिया हैबीटेट सेंटर में आयोजित समारोह में यह फेलोशिप दी गई. जिन मीडियाकर्मियों को यह फेलोशिप मिली है उनमें मोनिका गुप्ता, पवन श्रीवास्तव, अखिलेश्वर पांडेय, राकेश कुमार मालवीय, विकास सिन्हा, संदीप कुमार, अपर्णा कार्तिकेयन, नरजिस हुसैन,जान्हवी, जॉन्सन, प्रियंका वोरा शामिल हैं. नेशनल फाउंडेशन फॉर इंडिया पिछले कई सालों से अलग-अलग भाषाओं में काम करने वाले पत्रकारों को यह फेलोशिप देती है।

एक विलुप्त संत का सार्थक दान

मेरी पत्नी मंजु के एक ताउजी थे श्री बलदेव राम तुली। विवाह नहीं किया। एक दम संत स्वाभाव। घर में किसी से पानी का गिलास मांगने में भी संकोच होता था।  एक आध्यात्मिक पुरुष ने भी बताया था कि ये तो मरणोपरांत भी अपना कोई काम नही कराएंगे ऐसा ही हुआ। लगभग 71 वर्ष की आयु में, एक दिन, अचानक वे लापता हो गए।  ढूंढने के सब प्रयत्न असफल ही रहे।  7 वर्ष की लम्बी प्रतीक्षा के बाद परिवार ने भी मान लिया कि संभवतः वे अब नही रहे। उनकी काफी संपत्ति थी।  सब भाई-बहनो ने फैसला किया कि वे समाज के थे उनकी संपत्ति भी समाज को ही दान कर दी जाये।  उनकी ग्वालियर की ज़मीन व उनका धन अदालत की अनुमति से सेवा भारती, ग्वालियर, को दान में दे दिए गए।

बीजेपी के चंदे का काला धंधा देखिए… ऐसे में मोदी जी क्यों नहीं पूंजीपतियों के हित में काम करेंगे….

दिल्‍ली विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी को चंदे के मुद्दे पर घेरने वाली बीजेपी के चंदे का खेल देखकर आप हैरान रह जाएंगे। खबरों के अनुसार भाजपा के खजाने में 92 फीसदी चंदा 2014 में लोकसभा चुनावों के ठीक पहले आया। बीजेपी को 20 हजार रुपए से अधिक 92 फीसदी चंदा बड़े कॉर्पोरेट घरानों ने दिया। उन घरानों में भारती समूह की सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज और केयर्न इंडिया ने 2014 में ही भाजपा को चंदा दिया। संयोग से 2014 से पहले इन घरानों ने भाजपा को चंदा दिया भी नहीं था। ये जानकारियां भाजपा द्वारा चुनाव आयोग में को दिए गए वर्ष 2013-14 के चंदो के आंकड़ों में सामने आई है। एसोशिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) ने आंकड़ों के विश्लेषण के बाद बताया है कि लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा को 157.84 करोड़ रुपए चंदा बड़े कॉर्पोरेट घराने ने ही दिया।

‘आप’ की आंतरिक लड़ाई का असली सच जानिए

Sheetal P Singh : ‘आप’ की जो आज ख़बर है वह पिछले क़रीब छ: माह से खदबदाती हाँड़ी का विस्तार भर है, सिर्फ़ उसका कैनवास बड़ा हो गया है। वजह: भूषण परिवार ने इस पार्टी के पैदा होते समय तन मन और “धन” लगाया था पर प्रशांत भूषण की रेडिकल पृष्ठभूमि(ख़ासकर कश्मीर में plebiscite पर उनके stand) से केजरीवाल ने अनवरत सचेत रुख़ से ख़ुद और पार्टी को बचा के रक्खा। बीजेपी/संघ ने हर मुमकिन कोशिश की पर केजरीवाल बच के निकल गये पर वे भूषण परिवार के उतने क़रीब भी न रहे जितना तन मन धन के कारण भूषण’s चाहते थे। उन्होंने योगेन्द्र यादव को समानान्तर स्थापित करने का प्रयास आगे बढ़ाया। लोकसभा में बड़ी हार से उन्हे मौक़ा भी मिल चुका था पर हरियाणा में योगेन्द्र यादव भी न सिर्फ़ फ़ेल रहे थे बल्कि नवीन जयहिंद (हरियाणा के एक अन्य नेता) से उलझ कर रह गये थे।

मस्तमौला पत्रकार रजनीश रोहिल्ला का साथ और गीत-संगीत भरी शाम… आप भी आनंद लीजिए

रजनीश रोहिल्ला अजमेर के पत्रकार हैं. दैनिक भास्कर में काम करते हुए एक रोज जब सभी से कहा गया कि इस कागज पर साइन कर दीजिए तो सबने चुपचाप साइन कर दिया लेकिन रजनीश रोहिल्ला ने साइन करने से न सिर्फ मना किया बल्कि जो कागज उन्हें साइन करने के लिए दिया गया था, उसकी फोटोकापी कराकर अपने पास रख लिया. इस कागज पर लिखा हुआ था कि हमें मजीठिया वेज बोर्ड नहीं चाहिए और हम लोग अपनी सेलरी से संतुष्ट हैं. कुछ इसी टाइप की बातें थी जिसके जरिए प्रबंधन मीडियाकर्मियों का हक मारकर अपने को कागजी व कानूनी रूप से सुरक्षित बनाना चाह रहा था.

अरविंद श्रीवास्तव, मनोज लोहानी, मालचंद तिवाड़ी और रवीश कुमार के बारे में सूचनाएं

दैनिक जागरण लुधियाना एक बार फिर से चर्चा में है। इस अखबार ने अपने सीनियर चीफ रिपोर्टर अरविंद श्रीवास्तव को एक नया पद देते हुए वरिष्ठ मुख्य संपादक बना दिया है। दैनिक जागरण में अभी तक सिर्फ प्रधान संपादक एवं ग्रुप एडिटर का ही पद था। लेकिन एक चीफ रिपोर्टर को इतना बड़ा पद देना कहीं मजीठिया आयोग का असर तो नहीं? इस चीफ रिपोर्टर को वरिष्ठ मुख्य संपादक बनाए जाने से लुधियाना की मीडिया में काफी चर्चा है।

न्यूज24 में कंसल्टेंट मयूर शेखर झा पर भी एस्सार घराना रहता है मेहरबान

प्रसिद्ध उद्योगपति रुईया परिवार द्वारा संचालित एस्‍सार समूह की मेहरबानी पत्रकार मयूर शेखर झा पर भी रही है. पीआईएल में 26 अक्‍टूबर 2012 का एक ईमेल शामिल किया गया है जिसमें पत्रकार मयूर शेखर झा के 15 दोस्‍तों के लंच के लिए साउथ एक्‍सटेंशन स्थित गेस्‍ट हाउस बुक करने का आग्रह किया गया है. एनडीटीवी प्राफिट और हेडलाइंस टुडे में वरिष्‍ठ पद पर काम कर चुके मयूर शेखर झा इन दिनों न्यूज24 में कंसल्टेंट हैं.

क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए?

(रजनीश रोहिल्ला)


Rajneesh Rohilla : सुधीर अग्रवाल जी आग से खेलोगे तो जल जाओगे। बहुत हो चुका। सहने की भी सीमा है। इतना अत्याचारी आपको किसने बनाया? इतने कठोर आप कब से हो गए? क्या पैसों की भूख और धंधे की हवस में सुधीर अग्रवाल सर कहीं खो गए? जिन लोगों ने आपके लिए रात दिन एक किये, आज वो आपके काम के क्यों नहीं रहे? सर मुझे बड़े दुःख के साथ आपको यह कहना पड़ रहा है कि आपके आस-पास मीडिया का तमगा लगाए पत्रकारों का एक ऐसा गिरोह घूम रहा है, जो आपको सचाइयों से बहुत दूर किये हुए है।

विष्णु त्रिपाठी का खेल, दैनिक जागरण की बन गई रेल

दैनिक जागरण में संपादक पद की शोभा बढ़ाने वाला स्वनामधन्य विष्णु त्रिपाठी किस प्रकार गेम करके अखबार को क्षति पहुंचा रहा है उसकी एक बानगी हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। मजीठिया मामले में मालिकों से बुरी तरह लताड़े जाने के बाद अब मालिकों के बीच अपनी छवि चमकाने के लिए विष्णु त्रिपाठी रोज नई नई चालें चल रहे हैं।पिछले दिनों रेल बजट और आम बजट के दौरान सेंट्रल डेस्‍क को नीचा दिखाने और अपनी वाहवाही करवाने की अपने गुर्गों के सहारे चली चालें उल्‍टी पड़ गई लगती हैं। प्‍लान ये था कि बजट और रेल बजट से सेंट्रल डेस्‍क को अलग कर यह दिखाया जाए कि इन महत्‍वपूर्ण अवसरों पर सेंट्रल डेस्‍क की भूमिका न के बराबर है। और इस तरह सेंट्रल डेस्‍क पर अपने चपाटियों के हवाले करने की साजिश कुछ इस तरह रची गई।

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : अमर उजाला को जवाब दायर करने का अब आखिरी मौका, भारत सरकार भी पार्टी

अमर उजाला हिमाचल से खबर है कि यहां से मजीठिया वेज बोर्ड के लिए लड़ाई लड़ रहे प्रदेश के एकमात्र पत्रकार को सब्र का फल मिलता दिख रहा है। अमर उजाला के पत्रकार रविंद्र अग्रवाल की अगस्त 2014 की याचिका पर सात माह से जवाब के लिए समय मांग रहे अमर उजाला प्रबंधन को इस बार 25 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आखिरी बार दस दिन में जवाब देने का समय दिया है। अबकी बार कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस बार जवाब न मिला तो अमर उजाला प्रबंधन जवाब दायर करने का हक खो देगा और कोर्ट एकतरफा कार्रवाई करेगा।

जागरण के पत्रकार ने नोएडा के उप श्रमायुक्त की श्रम सचिव और श्रमायुक्त से की लिखित शिकायत

मजीठिया मामले में अपने को पूरी तरह से घ‍िरा पाकर दैनिक जागरण प्रबंधन इतना बौखला गया है कि अब वह हमला कराने, घूसखोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने पर उतर आया है। इस बात के संकेत उस जांच रिपोर्ट से मिल रहे हैं, जिसके लिए जागरण के पत्रकार श्रीकांत सिंह ने उप श्रम आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया था। जांच के लिए पिछले 21 फरवरी 2015 को श्रम प्रवर्तन अध‍िकारी राधे श्याम सिंह भेजे गए थे। यह अफसर इतना घूसखोर निकला कि उसने पूरी जांच रिपोर्ट ही फर्जी तथ्यों के आधार पर बना दी। उसने जांच रिपोर्ट में बतौर गवाह जिन लोगों के नाम शामिल किए हैं, उनमें से कोई भी घटना के मौके पर मौजूद नहीं था।

पन्ना के कलेक्टर पर केंद्रीय विद्यालय प्राचार्या ने यौन शोषण का आरोप लगा आत्महत्या की कोशिश की

(कलक्टर और प्राचार्या की फाइल फोटो. पीड़िता की पहचान छुपाने के लिए उनके चेहरे को फोटोशॉप के जरिए ब्लर कर दिया गया है.)

पन्ना : केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्या ने पन्ना जिले के प्रशासनिक मुखिया कलेक्टर आर.के. मिश्र पर दो बार जबरदस्ती शारीरिक सम्बन्ध बनाने का गंभीर आरोप लगाया है. इससे पन्ना के साथ-साथ पूरे प्रदेश के प्रशासनिक हलके में सनसनी फ़ैल गई है. शनिवार की सुबह लगभग 9 बजे केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्या ने मानसिक प्रताड़ना के चलते फिनायल पी कर आत्महत्या करने की कोशिश की. विद्यालय के स्टाफ ने गंभीर हालत में प्राचार्या को जिला चिकित्सालय में भरती कराया है जहां उनका इलाज चल रहा है.

मजीठिया के लिए कोर्ट गए दिव्य मराठी के हेमकांत को भास्कर प्रबंधन प्रताड़ित कर रहा

औरंगाबाद दिव्य मराठी में कार्यरत हेमकांत चौधरी अपने हक के लिए गुजरात हाईकोर्ट गए हैं. वे मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी व एरियर न देने पर अखबार प्रबंधन के खिलाफ खुलकर लड़ रहे हैं. जैसे ही कंपनी को पता चला कि हेमकांत ने केस लगाया है, उत्पीड़न शुरू कर दिया गया. दिव्य मराठी अखबार दैनिक भास्कर समूह का मराठी दैनिक है. औरंगाबाद दिव्य मराठी से हेमकांत चौधरी द्वारा हाईकोर्ट जाने पर कोर्ट ने भास्कर मैनेजमेंट को नोटिस जारी कर दिया.

मंत्री के हाथों कबूतर उड़वाने की इच्छा रखने वाले बेचारे पीआरओ के खुद कबूतर उड़ गए

अंबाला : मीड‍िया के घनघोर प्रेमी हर‍ियाणा के एक वर‍िष्‍ठ पीआरओ को चतुराई महंगी पड़ गई। हर‍ियाणा सरकार के सबसे वर‍िष्‍ठ जनसंपर्क अधिकार‍ी में शाम‍िल केवल ब‍िंद्र जो वर्तमान में जिला जनसंपर्क एवं सूचना अधिकारी के पद पर हैं, को प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य व खेल मंत्री से भारी डांट डपट खानी पड़ी। अपमान का ये घूंट उन्‍हें उम्र के उस मुकाम पर पीना पड़ा, जब उनके रिटायर होने में तीन हफ़्ते मु‍श्‍क‍‍िल से रह गए हैं। अम्‍बाला में तैनात केवल ब‍िंद्र नामक इस जनसंपर्क अध‍िकारी को कबूतर उड़ाना महंगा पड़ गया।

दैनिक भास्कर कोटा के कर्मियों की एकजुटता देख झूठ बोलने को मजबूर हुआ भास्कर प्रबंधन

दैनिक भास्कर कोटा के दर्जनों कर्मियों ने मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इसकी जानकारी जब प्रबंधन को लगी तो इन कर्मियों के उत्पीड़न का दौर शुरू हो गया. कभी किसी को काम पर आने से रोका गया तो किसी को काम करते वक्त डिमोरलाइज करके अलग-थलग कर दिया गया. किसी को टर्मिनेशन नोटिस थमाया गया तो किसी को नेतागिरी करने पर भुगत लेने की धमकी दी गई. तरह-तरह की प्रताड़ना से तंग आकर भास्कर कोटा के कर्मियों ने एकजुट होकर लेबर आफिस जाने का फैसला लिया.

मुम्बई के मंच पर विष्णु खरे की बोलती बंद

Bodhi Sattva : निराला जी की सरस्वती वंदना का मजाक बनाया खरे जी ने…. कौन कहता है कि कविवर विष्णु खरे जी को नियंत्रित और संयमित या दबा कर बैठाया नहीं जा सकता। 27 फरवरी 2015 को मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित मंगलेश डबराल जी के काव्यपाठ के एक आयोजन में विष्णु खरे को अपनी बोलती बंद रख कर मंच पर काफ़ी समय निर्गुण-निर्विकार संत की तरह मौन बैठना पड़ा। या यूँ कहें कि दबंगई भूल कर दबे रहना पड़ा…. कार्यक्रम के दौरान कवि विष्णु खरे ने अपनी चिरपरिचित दबंग या असंत मुद्रा का विकट प्रदर्शन किया.. अपना रौद्र रूप भी दिखाया। लेकिन संचालन कर रहे गीतकार-कवि देवमणि पाण्डेय जी ने ज़रा भी भाव न खाते हुए उनसे मंच पर अध्यक्षीय गरिमा के साथ और नियंत्रित और संयमित तरीके से यानी का़यदे से बैठने को कहा।