हाई कोर्ट परिसर में लाल-नीली बत्ती नियमों का खुला उल्लंघन

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने चीफ जस्टिस, इलाहाबाद हाई कोर्ट को अधीनस्थ न्यायिक सेवा के अधिकारियों द्वारा लाल नीली बत्ती के कथित गलत प्रयोग के सम्बन्ध में शिकायत भेजी है. शिकायत के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने हाल में एसएलपी (सिविल) संख्या 25237/2010 अभय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश शासन में लाल नीली बत्तियों के दुरुपयोग पर भारी नाराजगी दिखाई थी और इनके सम्बन्ध में कई निर्देश दिए थे. इनके अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अधिसूचना संख्या 352 /XXX-4-14-8(1)/2013 तथा 354 /XXX-4-14-8(1)/2013, दिनांक 10 मार्च 2014 द्वारा क्रमशः वाहनों पर लाल और नीली बत्ती के प्रयोग के बारे में निर्देश जारी किये थे.

पाकिस्तान के महानायक बनने जा रहे हैं नवाज शरीफ

: पड़ोसी मुल्क का आंखों देखा हाल : मुझे पाकिस्तान आए एक हफ्ता हो गया है। हम लोग आए थे, एक भारत-पाक संगोष्ठी में भाग लेने ताकि नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ ने जो पहल की है, उसे आगे बढ़ाया जा सके, लेकिन इस समय पाकिस्तान की राजनीति में अचानक दो बड़े तहलके मच गए हैं। एक तो सरकार ने आतंकवादियों के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया है और दूसरा लाहौर के मॉडल टाउन में भयंकर रक्तपात हो गया है। यहां सभी टीवी चैनलों और अखबारों में पिछले तीन-चार दिन से लाहौर छाया हुआ है। उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी फौज जिस बहादुरी से आतंकवादियों को खदेड़ रही है, यह ऐतिहासिक और अपूर्व घटना भी फिलहाल हाशिए में चली गई है।

कहां गुम हो गए राजनीतिक ख़बरों के महारथी दीपक चौरसिया?

इंडिया न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया मीडिया जगत का एक ऐसा नाम है जिसको राजनीतिक ख़बरें ब्रेक करने में महारत हासिल है। इंडिया न्यूज़ के प्राईम टाईम में दीपक दो शो को होस्ट करते हैं। ‘टु नाईट विद दीपक चौरसिया’ और ‘अंदर की बात।’ जनमानस में दीपक की छवि  राजनीतिक ख़बरों के मास्टर की ही रही है। दीपक चौरसिया किसी शो को होस्ट करते है और खासकर ऐसे शो जो देश- दुनिया के राजनीतिक मुद्दों से जुड़े हों तो शो को टीआरपी मिलना तय है। दीपक खबरों में वेरायटी देखते हैं और अपने ख़ास अंदाज़ में राजनेताओ की चुटकी भी लेते हैं। वे हंसी-मज़ाक और चुटकुलो के जरिये गंभीर डिबेट को सरल और सहज बना देते हैं ताकि व्यक्तिगत सम्बन्धो पर इसका असर ना पड़े।

एनएनआईएस न्यूज़ एजेन्सी के स्ट्रिंगर को नौ महीने से काम का पैसा नहीं मिला

सर जी नमस्कार,

एनएनआईएस न्यूज़ एजेन्सी की हालत बेहद ख़राब हो चुकी है। एजेन्सी में काम करने वाले स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। पिछले 9 महीनो से स्ट्रिंगरों को पैसों के नाम पर सिर्फ तारीख दी जा रही है। लेकिन पेमेंट की वो तारीख कब आएगी, यह कोई नहीं जानता। इस पत्र को लिखने वाला मैं खुद इस न्यूज़ एजेन्सी से जुड़ा एक स्ट्रिंगर हूं और ख़राब माली हालत से गुजर रहा हूं।

उत्तराखण्ड से लगी चीनी सीमा पर हमें चौकन्ना रहने की ज़रूरत है

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने एक बार फिर भारतीय सीमा के अंदर हेलीकाप्टर उड़ाकर हवाई सीमा का उल्लंघन किया है। यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन इस बार जो नया है वह यह कि पीएलए ने शांत माने जाने बाले उत्तराखंड के चमोली जनपद के इलाके को चुना। हालांकि पूर्व में भी यहां चीनी सैनिक सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में आते रहे हैं लेकिन किसी भी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दिया गया। इस साल दो माह के अन्तराल में पीएलए के हैलीकाप्टर ने एक बार नहीं दो बार हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है।

इराक, पश्चिमी मीडिया, भारतीय अपहृत और रैंबो हमारे मोदी जी

Sanjay Tiwari : इराक के बारे में कुछ भी जानने के लिए एक बार हम लोग फिर उसी पश्चिमी मीडिया पर निर्भर हैं जिसने इराक वार की पृष्ठभूमि रचने में ‘मित्र’ देशों की मदद की थी. हालात खराब हैं, सच है. बहुत ज्यादा खराब हैं, यह भी सच है. लेकिन मामला इतना भी एकतरफा नहीं है जितना पश्चिमी मीडिया प्रसारित कर रहा है. सूचना के लिए खुद मैं इराक के जिन वैकल्पिक स्रोतों पर नजर रख रहा हूं उनकी रिपोर्टिंग इतनी निराशाजनक नहीं है. इराकी फौंजे भी मजबूती से लड़ रही हैं और आइसिस के आतंकी बड़ी संख्या में मारे जा रहे हैं. लेकिन ऐसी खबर किसी एपी, एएफपी, रायटर, न्यूयार्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट या गार्जियन के हवाले से अब तक प्रसारित नहीं की गई है.
इराक के बारे में पश्चिमी मीडिया की रिपोर्टिंग कितनी शातिर है इसका नमूना देखना हो तो आज बैजी रिफाइनरी पर आतंकियों की हमले की खबर देखिए. सब यही बता रहे हैं कि इराक की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर आतंकियों ने हमला कर दिया लेकिन कोई यह नहीं बता रहा कि हमले में शामिल 40 आतंकियों को इराकी सुरक्षा बलों ने मार गिराया है. 

इंडिया टीवी को गैर सरकारी दूरदर्शन का दर्जा दे दिया जाना चाहिए!

Sanjay Tiwari : जिस मेहनत और लगन से इंडिया टीवी मोदी सरकार का गुणगान और बखान कर रहा है उसे देखते हुए चैनल को गैर सरकारी दूरदर्शन का दर्जा दे दिया जाना चाहिए.

मीडिया में आया तो मेरे बेबाक बोलने पर भी पाबंदी लग गई… फिलहाल दो महीने से बेरोजगार हूं…

दिखती है ज़िंदगी मुझे उस मजार पर, जिसमें कोई बेरोजगार दफन था…. मैं पिछले दो महीनो से बेरोजगार बैठा हूँ… फोकस न्यूज़ में हुए विवाद ने मेरी भी नौकरी ले ली थी… इस विवाद का दंश मैं अब तक झेल रहा हूँ… दो महीनों से नौकरी की तलाश में दिल्ली में हूँ… यहां सांत्वना को छोड़ कुछ नहीं दिया जाता… नौकरी मांगता हूँ तो सिर्फ मिलता है एक झूठा आस… मीडिया में मैंने शुरुवात की थी बे-बाक बोलने लिखने के जरिए लेकिन यहाँ अब बोलने में भी पाबंदी लग चुकी है.

रांची से दिल्ली आया पर नौकरी नहीं मिली… मेरी पांच साल की मीडिया की पढ़ाई बेकार गई!

: Scene of Media : Respected Sir, I am Swetabh, a pass out of 5 year integrated course in mass communication from Central University of Jharkhand, Ranchi. I passed out this year. No campus was done in my university, Hence i had to come to Delhi in search for  job.  I tried out in almost all the big as well as small media houses but still the result was not positive because i was a fresher and had no contact. From last two months i am in Delhi, just trying my luck over here.

आईबीएन7 के खीरी जिले के प्रतिनिधि को मिली जान से मारने की धमकी

न्यूज चैनल आईबीएन 7 में खीरी जिले के प्रतिनिधि के पद पर कार्यरत मनोज शर्मा ने मैलानी थाने में एक तहरीर दी है. उन्होंने कहा कि दिनांक 19.06.2014 की मध्य रात्रि 12.37 बजे से 12.43 मिनट तक छह बार और सुबह 8.29 बजे तक प्रार्थी के मोबाइल नं. 9936000036 पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल नं. 7054527458 से जान से मारने की धमकी देते हुए भद्दी भद्दी गालियां दी जा रही है। प्रार्थी को लगातार जान से मारने की मिल रही धमकी से वह और उसका परिवार काफी डरा सहमा है और मानसिक रूप से काफी परेशान है।

टीवी जर्नलिस्ट धर्मेंद्र मिश्रा की पत्नी के पर्स से डेढ़ लाख के गहने चोरी

नई दिल्ली से खबर है कि लाजपत नगर इलाके में एक टीवी चैनल के रिपोर्ट की पत्नी के बैग को काटकर डेढ़ लाख के गहने उडा़ लिये। पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।  धर्मेन्द्र मिश्रा (28)पत्नी प्रज्ञा मिश्रा(22)के साथ भरत नगर न्यू फ्रेंडस कालोनी इलाके में किराए के मकान पर रहता है। वह एक निजी न्यूज चैनल में नौकरी करता है।

झारखंड के मंत्री ने कहा- मजीठिया वेतनमान नहीं दिया तो अखबारों पर कार्रवाई करूंगा

रांची । झारखंड सरकार के मंत्री केएन त्रिपाठी मजेठिया वेतनमान को लेकर गंभीर हैं.  गुरूवार को एक प्रेस कांफ्रेस में उन्होनें कहा कि मजीठिया नहीं देने वाले अखबारो के खिलाफ 15 अगस्त के बाद कार्रवाई करेंगे. श्रम विभाग ने अखबारों को नोटिस भेजा था. जवाब नहीं मिलने पर रिमाइंडर भेजा गया था, लेकिन किसी अखबार प्रबंधन ने जवाब नहीं दिया.

चीन में पत्रकारों पर नयी पाबंदी

अमेरिका की एक मीडिया निगरानी संस्था ने चीन में पत्रकारों पर नये प्रतिबंध लागू किये जाने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इससे मीडिया की भूमिका कमजोर होगी। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट के एशिया प्रोग्राम कॉऑर्डिनेटर बॉब डायटज ने कहा कि आज लागू पांबदी सरकार की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है जिसका मकसद राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर होने वाली किसी भी तरह की आलोचना को दबाना है।

फिल्म या प्रोमो दिखाने से पहले सर्टिफिकेट लें टीवी वाले

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्टर्स को दिए नए निर्देश. कोई भी फिल्म या प्रोमो दिखाने से पहले उन्हें सीबीएफसी यानि सेंसर बोर्ड  से प्रमाण लेना होगा. मंत्रालय ने ऐसा नहीं करने पर केबल टीवी नेटवर्क्स एक्ट 1995 की धारा 20 और अपलिंक/ डाउनलिंक गाइडलाइंस के अंतर्गत कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है.  नोटिस में कहा गया है कि कई बार चैनल्स नई फिल्मों के प्रोमो बिना सीबीएफसी सर्टिफिकेट के दिखाते हैं.

निजी एफएम रेडियो को समाचार प्रसारण की मिल सकती है अनुमति

मोदी सरकार ने संकेत दिया कि वह निजी एफएम रेडियो पर समाचार प्रसारित करने की अनुमति दे सकती है. चैनलों के पास तीन-चार स्रोत से सामग्री हासिल करने का विकल्प होगा और पूर्व के प्रस्ताव के तहत केवल आल इंडिया रेडियो के बुलेटिन नहीं होगा. सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं से कहा, एमएम रेडियो पर समाचार प्रसारित करने का विषय मेरे दिल के काफी करीब है. जब 24 घंटे समाचार प्रसारित करने वाले चैनलों को जो भी दिखाना चाहते हैं, उसकी स्वतंत्रता है.. तब रेडियो चैनलों ने क्या गलती की है कि वे समाचार प्रसारित नहीं कर सकते.

जयपुर से प्रकाशित ‘दैनिक अंबर’ के मीडियाकर्मी पांच-छह महीने से सेलरी न मिलने से हड़ताल पर

जयपुर। ‘अब सच आपके सामने’ की टैगलाइन के साथ जयपुर से प्रकशित अखबार दैनिक अंबर अब पहले से और भी खस्ता-हालत  में आ गया है। इन्ही हालातों से लगता है शायद अब यह अखबार बंद होने की कगार पर आ गया है। बताया जा रहा है कि इस अखबार में काम कर रहे लोगों को पिछले करीब 5-6 महीने से तनख्वाह नहीं मिली है, जिसकी वजह से पिछले 3-4 दिनों से इन लोगों ने सांकेतिक हड़ताल के रूप में दफ्तर जाना बंद कर रखा है, जिससे अखबार के लिए काम कर रहे कुछेक लोगों पर अतिरिक्त काम का भार बढ़ गया है।

उत्तराखंड में भी हुआ हृदयेश जोशी की किताब का विमोचन

एनडीटीवी फेम हृदयेश जोशी की लिखी किताब ‘तुम चुप क्यों रहे केदार’ का विमोचन दिल्ली के बाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी हुआ. उत्तराखंड मुक्त विश्व विद्यालय सभागार में कुलपति सुभाष धूलिया, अमर उजाला के स्थानीय संपादक सुनील शाह, पत्रिकारिता विभाग के प्रमुख गोविन्द सिंह, बुक वर्ल्ड के एमडी रणधीर अरोरा ने हृदयेश जोशी के साथ इस किताब को पाठकों तक पहुँचाया।

मालिक के रवैये से नाराज प्रभात रंजन दीन ने वायस आफ मूवमेंट से इस्तीफा दिया

खबर है कि लखनऊ के वायस आफ नेशन अखबार के एडिटर इन चीफ पद से वरिष्ठ पत्रकार प्रभात रंजन दीन ने इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक प्रभात इस बात से नाराज थे कि उनके लिखे आर्टकिल पर अखबार मालिक प्रखर सिंह ने खुद का नाम लगाकर क्यों छपवा लिया. इस सीनाजोरी से खफा प्रभात ने इस्तीफा दे मारा. वैसे ये अपनी तरह का पहला मामला होगा जिसमें प्रधान संपादक के लिखे लेख पर अखबार मालिक ने खुद का नाम देकर छपवा लिया और इसके कारण विरोध में प्रधान संपादक ने इस्तीफा दे दिया.

24वें हफ्ते की टीआरपी : आजतक के गर्दन तक पहुंचा इंडिया टीवी

24वें हफ्ते की टीआरपी आ गई है. टॉप टेन चैनलों में आजतक नंबर वन पर बरकरार तो है लेकिन उसकी टीआरपी काफी कम हुई है. इंडिया टीवी का बढ़त बनाओ अभियान जारी है. उसने इस हफ्ते भी अच्छा खासा गेन किया है. इंडिया टीवी धीरे धीरे आजतक के गर्दन तक पहुंच गया है.

जागरण का फर्जीवाड़ा उजागर करने वालों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं

दैनिक जागरण के सरकारी विज्ञापन घोटाला को उजागर करने वाले बिहार के मुजफ्फरपुर जिला निवासी  व परिवादी रमण कुमार यादव को दैनिक जागरण अखबार प्रकाशित करने वाली कंपनी मेसर्स जागरण प्रकाशन लिमिटेड। कानपुर। की ओर से लगातार प्रलोभन और जान से मार देने की धमकी उनके मोबाइल पर दी जा रही है। परिवादी रमण कुमार यादव ने मुजफ्फरपुर जिला के वरीय पुलिस अधीक्षक से मिलकर उन्हें इस संबंध में लिखित शिकायत की है।

दैनिक जागरण सरकारी विज्ञापन घोटाला : रिवीजन पीटिशन पर फैसला 21 जून को होगा

‘माई लार्ड, जागरण प्रकाशन लिमिटेड के चेयरमैन, निदेशक, प्रकाशक, मुद्रक और संपादक  संयुक्त रूप से फर्जी दैनिक जागरण अखबार का  संस्करण मुजफ्फरपुर स्थित नए प्रिंटिंग प्रेस से  18 अप्रैल 2005 से 28 जून 2012 तक मुद्रित, प्रकाशित और वितरित करते रहे और सरकार के राजस्व को करोड़ों में वर्षों वर्ष तक लूटते रहे।’ यह बात अंतिम सुनवाई के  दरम्यान मुजफ्फरपुर जिले के जज श्री सुबोध कुमार श्रीवास्तव के समक्ष विपक्षी रमण कुमार यादव की ओर से बहस करते हुए  बिहार के वरीय व विद्वान अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने कही।

मीटिंग में प्रधान संपादक की गाली न सुनना पड़े इसलिए संपादक ने इस्तीफा दे दिया!

प्रधान संपादक के क्रोध का असर देखिए… घबराए संपादक ने बचने के लिए इस्तीफा देना ही बेहतर समझा… मामला नईदुनिया के उज्जैन संस्कारण का … नईदुनिया के चीफ एडिटर श्रवण गर्ग का मंथली रिव्यू काफी कुख्यात है क्योंकि इसमें केवल जलालत-मलामत ही होती है… पूरे वक्त अपने भास्कर के कथित किस्से, किसे कब नौकरी के लिए मोहताज किया, किसकी कैसे बारह बजाई… आदि आदि।

प्रीति जिंटा के साथ बदसलूकी वाला सवाल पूछने पर महिला पत्रकार पर भड़क गए सलमान खान

नई दिल्ली : प्रीति जिंटा पिछले 15 सालों से बॉलीवुड में हैं, लेकिन उनके साथ हुई बदसलूकी के मामले में बॉलीवुड की चुप्पी हैरान करने वाली है। अब तक एक भी शख्स खुलकर प्रीति के समर्थन में नहीं आया है। प्रीति के करीबी दोस्त माने जाने वाले सलमान खान से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उनका पारा चढ़ गया।

इंडियन एक्सप्रेस को एलाट की गई जमीन का आवंटन निरस्त

: शर्तों के मुताबिक मार्ट 2013 तक भवन निर्माण करना था, जो नहीं किया : जयपुर। जेडीए ने मैसर्स इंडियन एक्सप्रेस न्यूज़पेपर्स (मुंबई) लि. को ग्राम सवाई गैटोर में दी गई 4 हज़ार वर्गमीटर भूमि का आवंटन निरस्त किया है। जेडीए के मुताबिक, यह ज़मीन कार्यालय निर्माण व प्रिंटिंग प्रेस को लगाने के लिए दी गई थी। ज़मीन का खसरा नं. 69, 74 व 77 है। शर्तों के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस को आवंटन पत्र मार्च 2006 में जारी होने के तीन साल में निर्माण करना था, लेकिन इन्होने काम नहीं किया और सात साल का समय और मांगा।

सूचना प्रसारण मंत्रालय के बाद अब वित्त मंत्रालय के कार्यालय में लगी आग

नई दिल्ली : केंद्र में सरकार बदलने के बाद अचानक आग लगने का सिलसिला तेज हो गया है। ये हैरतअंगेज है कि जहां सब कुछ वीवीआईपी व्यवस्था के तहत है, वहां अचानक आग दर आग क्यों है। कहीं इसके पीछे सुनियोजित साजिश तो नहीं। आशंकाएं तरह तरह की लोग व्यक्त कर रहे हैं हालांकि सरकार इसे रूटीन आग मान रही है। वैसे भी बड़े लोगों के बड़े खेल और खोल की सच्चाई नीचे कहां आ पाती है। नार्थ ब्लाक स्थित वित्त मंत्रालय के कार्यालय की दूसरी मंजिल पर बुधवार सुबह आग लग गयी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक ए के शर्मा ने कहा कि इमारत की दूसरी मंजिल पर एक कमरे में विंडो एसी में आग लग गई। इस पर 15 मिनट में काबू पा लिया गया।

पत्रकार गढ़ते थे एसपी सिंह

आज पत्रकारिता के मायने बदल गए हैं, बदल रहे हैं अथवा बदल दिए गए हैं, नतीजतन, उन पत्रकारों के सामने भटकाव जैसी स्थिति आ गई है, जो पत्रकारिता को मनसा-वाचा-कर्मणा अपना धर्म-कर्तव्य और कमज़ोर-बेसहारा लोगों की आवाज़ उठाने का माध्यम मानकर इस क्षेत्र में आए और हमेशा मानते रहे. और, वे नवांकुर तो और भी ज़्यादा असमंजस में हैं, जो पत्रकारिता की दुनिया में सोचकर कुछ आए थे और देख कुछ और रहे हैं. ऐसे में, 2005 में प्रकाशित संतोष भारतीय की पुस्तक-पत्रकारिता: नया दौर, नए प्रतिमान हमारा मार्गदर्शन करती और बताती है कि हमारे समक्ष क्या चुनौतियां हैं और हमें उनका सामना किस तरह करना चाहिए. चार दशक से भी ज़्यादा समय हिंदी पत्रकारिता को समर्पित करने वाले संतोष भारतीय देश के उन पत्रकारों में शुमार किए जाते हैं, जो देश और समाज से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर निर्भीक, सटीक, निष्पक्ष टिप्पणी करते हैं. पुस्तक-पत्रकारिता: नया दौर, नए प्रतिमान में रविवार से लेकर चौथी दुनिया तक की यात्रा के उनके विभिन्न अनुभव एवं रिपोर्ट्स संकलित हैं, जिनका प्रकाशन हम शृंखलाबद्ध तरीके से प्रारंभ कर रहे हैं. उम्मीद है, सुधी पाठकों और पत्रकारिता की दुनिया के साथियों को हमारा यह प्रयास पसंद आएगा.

जिया न्यूज़ के स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर

जिया न्यूज़ की हालत बेहद ख़राब हो चुकी है… जिया न्यूज़ में काम करने वाले स्ट्रिंगर भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं… पिछले आठ महीनो से स्ट्रिंगरों को पैसो के नाम पर सिर्फ तारीख पर तारीख दी जा रही है लेकिन वो तारीख कब आएगी, यह कोई नहीं जानता… इस पत्र को लिखने वाला मैं भी खुद इस चैनल से जुड़ा एक स्ट्रिंगर हूं, जो इस माली हालत से गुजर रहा हूं… 

दैनिक जागरण में अवनींद्र कमल, संजीव जैन, मनीष शर्मा, अश्विनी त्रिपाठी, नीरज गुप्ता, सुमन लाल की जिम्मेदारी बदली

दैनिक जागरण मेरठ यूनिट में एडिटोरियल हेड मनोज झा के लंबी छुट्टी से लौटने के बाद बड़ा फेरबदल कर दिया गया है. इसमें सबसे अहम निर्णय लंबे समय से रिपोर्टिंग का सुख भोग रहे अवनींद्र कमल की बाबत लिया गया है. उन्हें सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज से हटाकर मेरठ हेड आफिस से अटैच किया गया है. कमल को फिलहाल कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है. उनके स्थान पर संजीव जैन को सहारनपुर भेजा गया है.

यूपी में महिला एसआई से छेड़छाड़, आरोपी आईपीएस का बचाव

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने डीजीपी, यूपी से एसआई(सीपी), पीटीएस, मेरठ अरुणा राय द्वारा आईपीएस डी पी श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज कराये गए मुकदमे की विवेचनाधिकारी तत्काल बदलते हुए इसकी विवेचना आईपीएस अलंकृता सिंह अथवा किसी अन्य महिला आईपीएस से कराये जाने और इसका पर्यवेक्षण स्वयं डीजीपी अथवा आईपीएस सुतापा सान्याल से करवाने जाने की भी मांग की है. साथ ही गलत विवेचना के लिए विवेचक पर आपराधिक कार्यवाही करने की मांग की है.

दैनिक भास्कर इंदौर : इस ब्लंडर पर आइए विलाप करें और सर फोड़ें

Sandip Naik : तो लीजिये साहेबान पेश है दैनिक भास्कर इंदौर की प्रस्तुति … वाह क्या भाषा है और क्या शब्द!!! कमाल यह है कि इस अखबार में ढेर सारे लोगों की फौज है जो बाकायदा ज्ञानी है, पत्रकारिता और भाषा में पारंगत है, बस एक ही दिक्कत है कि निकम्मे हैं। शर्म भी नहीं आती कि इतना गलत लिखते हैं छापते हैं और अफसोस भी जाहिर नहीं करते। “अपसेंट” क्या होता है?

अजय वर्मा पिटाई प्रकरण में भोपाल के कथित वरिष्ठ पत्रकारों की घटिया भूमिका

Ashish Maharishi : पुलि‍स के गुंडे भोपाल में एक युवा पत्रकार अजय वर्मा को जमकर पी‍टते हैं। अजय की गलती बस इतनी थी कि वह पुलि‍सि‍या अकड़ के आगे झुकने को तैयार नहीं थे। अजय अभी अस्‍पताल में भर्ती हैं। अजय के कुछ चुनिंदा साथी उससे मि‍लने कभी कभार अस्‍पताल पहुंच जाते हैं। अजय अपनी लड़ाई अकेला ही लड़ रहा है।

हरदोई में अमर उजाला का पत्रकार आमरण अनशन पर बैठा

यूपी के हरदोई से खबर है कि बीते दिनों अमर उजाला के रिपोर्टर से डाक्टरों ने अभद्रता कर दी तो कार्रवाई की मांग को लेकर रिपोर्टर ने आमरण अनशन शुरू कर दिया. पीड़ित रिपोर्टर का नाम है अमित सिंह. ये डीएम आफिस के सामने आमरण अनशन पर बैठे हैं. बताया जाता है कि सीएचसी के चिकित्सक और कर्मचारियों ने पत्रकार अमित के साथ अभद्रता की.

यूपी में प्रश्नकाल आनलाइन हो गया, पत्रकारों की एक पुरानी मांग पूरी

Siddharth Kalhans : दो साल से कवायद चल रही थी और हमारी यानी के उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की मांग थी। विधानसभा की कारवाई आनलाइन हो। विधायकों, मंत्रियों के पूंछे गए सवाल सबकी जानकारी में हों। धन्यवाद विधानसभा अध्यक्ष श्री माता प्रसाद पांंडे जी, सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाले प्रमुख सचिव विधान सभा प्रदीप दुबे जी। प्रश्नकाल आनलाइन हो गया है।

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नियुक्ति घोटाले में फंसे प्रोड्यूसर दीपक चौकसे पर जनसंपर्क विभाग मेहरबान

भोपाल । माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नियुक्ति घोटाले में फंसे प्रोडयूसर दीपक चौकसे पर जनसंपर्क विभाग मेहरबानी कर रहा है। चौकसे की सरकारी नौकरी के साथ वेबसाइट भी चल रही है, जिसमें जनसंपर्क से सरकारी विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। पहले ही इस घोटाले में एक दर्जन कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त जांच चल रही है। इनमें एक नियुक्ति व्यापमं घोटाले में रिमांड पर गए पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के भांजे की हुई थी, जिसे विवाद के बाद रद्द किया गया है। इन एक दर्जन नियुक्तियों में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 17 सितंबर 2013 को दीपक चौकसे को बतौर प्रोडयूसर मोटी तनख्वाह पर नियुक्ति दी थी।

राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित होंगे ओम थानवी, राजेंद्र धोड़पकर और सुरेश सलिल

भोपाल। माधवराव सप्रे संग्रहालय की तीसवीं वर्षगांठ पर 19 जून को पत्रकार ओम थानवी, राजेन्द्र धोड़पकर, साहित्यकार सुरेश सलिल को उनके उत्कृष्ट कृतित्व के लिए राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के पत्रकारीय अवदान पर ओम थानवी का व्याख्यान होगा। प्रकाशन की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में ‘एक भारतीय आत्मा’ माखनलाल चतुर्वेदी की मासिक ‘प्रभा’ के अवदान पर सुरेश सलिल वक्तव्य देंगे।

पेड न्यूज मामले में चव्हाण के खिलाफ सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के खिलाफ कथित रूप से धन देकर खबर छपवाने के मामले तथा चुनाव खर्चे का गलत ब्यौरा देने की अंतिम सुनवाई की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत तथा चुनाव आयुक्तों एचएस ब्रहमा व एसए जदी की सदस्यता वाली पूर्ण पीठ ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनीं और फैसला सुरक्षित रख लिया। आयोग मुख्यालय में तीन घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद चव्हाण के वकील अभिमन्यु भंडारी ने बताया कि इस मामले में दलीलों का अंतिम दिन था। हमने विस्तार से दलीलें दी और दोनों पक्षों ने अपने बयान दिए। आयोग ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

दिल्ली के टीवी रिपोर्टर अपनी हरकतों से ज़लील होते हैं लेकिन बाज़ नहीं आते

Shahnawaz Malik : दिल्ली के रिपोर्टर खासकर टीवी वाले कुत्ते की उस दुम की तरह हैं जिनके सीधे होने की गुंजाइश बिल्कुल भी नहीं है। ज़्यादातर प्रेस कांफ्रेंस में अपनी हरकतों से ज़लील होते हैं लेकिन बाज़ नहीं आते।  सुनंदा पुष्कर स्यूसाइड केस के बाद एम्स मॉर्चरी के बाहर इन्हें बैरिकेड लगाकर रोका गया, वरना ज़्यादातर कैमरामैन और रिपोर्टर मॉर्चरी में घुस जाते। जब एम्स पीआरओ ब्रीफिंग के लिए आए तो यहां कैमरामैनों में गालीगलौज शुरू हो गई और पीआरओ उनके शांत होने के इंतज़ार में खड़े रहे। ख़बर ब्रेक करने के चक्कर में एक-दो चैनलों पर ग़लत ख़बर भी चली, फिर भी हाल जस का तस है।

महज पीएस के चुनाव पर मोदी के ऑफिस ने राजनाथ की पसंद में टांग फंसा दी

Nadim S. Akhter : चलिए, अंदर की बात बाहर तो आई. शीतयुद्ध का पता तो चला. नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की -सोच- के बीच का अंतर जगजाहिर तो हुआ. पीएमओ (नरेंद्र मोदी पढ़ें) ने राजनाथ सिंह की पसंद पाले पीएस की नियुक्ति को फिलहाल रोक दिया है. ये वही राजनाथ हैं जिन्होंने बीजेपी अध्यक्ष होने के नाते मोदी को -पीएम बनाने- के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था. सरकार बनने के बाद मंत्रालय भी मिला तो ठीक अटल-आडवाणी वाली जोड़ी की तर्ज पर. गृह मंत्रालय. राजनाथ गदगद.

आजकल की टीवी पत्रकारिता- किसी खास के लिए… किसी खास के खिलाफ…..

Rajesh Ranjan : खबरिया चैनलों की टाईम स्लॉट चेक करो तो समझ में आ जायेगा कि कितनी एकतरफा खबरें चल रही हैं. 24 घंटे के चैनल में सिर्फ यूपी की नेगेटिव खबरें और बाकि बचे टाईम पर दिल्ली और प्रधानमंत्री की खबरें… आखिर देश के अन्य राज्यों में आबादी नहीं है या कोई हलचल नहीं है?  देश की 1 अरब आबादी को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने उपेक्षित कर रखा है…. धिक्कार है ऐसी पत्रकारिता पर…यह पत्रकारिता नहीं दलाली है… किसी खास के लिए किसी खास के खिलाफ….. ध्यान रखना, 1 अरब लोग जिस दिन उठ खड़े होंगे उस दिन देश में ना दलाल बचेंगे ना दलाली करने वाली मीडिया और पत्रकार….

महात्मा गांधी पंच परमेश्वर पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित

मासिक पत्रिका ‘पंचायत की मुस्कान’ द्वारा आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप पंचायतों एवं पंचायती राज के संबंध में किए गए विशिष्ट योगदान के लिए महात्मा गांधी पंच परमेश्वर पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार में कप, प्रमाण पत्र एवं दस हजार रूपए की राशि शामिल है। इस हेतु पंचायत प्रतिनिधियों, एनजीओ और संस्थाओं से मय दस्तावेज ( संबंधित कार्यक्रलापों के फोटो, पत्र-पत्रिकाओं में यदि समाचार प्रकाशित हो तो उसकी छायाप्रति और अन्य पुरस्कार यदि कोई मिला हो आदि) आवेदन पत्र आमंत्रित है। आवेदन पत्र संपादक, पंचायत की मुस्कान, ईगल भवन के सामने, गली नं. 2, तेलीबांधा, रायपुर छत्तीसगढ़ के पते पर 31 दिसंबर 2014 के पूर्व पंहुच जाने चाहिए।

श्री न्यूज के सीओओ बोले- आफिस आओ या मत आओ, हमारे पास सैलरी देने को पैसे नहीं हैं

श्री न्यूज़ के हालात बेहद खराब हैं… पिछले 8 महीनों में हिचकोले भर रहा श्री न्यूज़ का जहाज अब डूबने की तैयारी कर रहा है. तैयारी कहना इसलिए ठीक है क्यूंकि उसके तेवर उसके ऐसे हालातों को पूरी तरह ज़ाहिर करता है. श्री न्यूज़ में अक्टूबर से सैलरी कुछ इस कदर से लेट हुई की सिलसिला अब तक जारी है. धन्य है भड़ास4मीडिया जिसने हम मीडिया के सताए लोगों की आवाज को ताकतवर मंच प्रदान किया. दिसंबर 2013 में भड़ास पर श्री न्यूज़ के चर्चों के बाद  सैलरी कुछ हद तक ठीक हुई लेकिन फिर से डूबता जहाज डगमगाया और मार्च के बाद सैलरी देना बंद कर दी और शुरू किया तारीखों का सिलसिला. फिर भड़ास पर श्री न्यूज़ के चर्चे हुए तो भड़ास की खबर का असर हुआ और 20 मई को सैलरी मिली लेकिन फिर से हालात ख़राब हुए और  जारी रहा तारीखों का सिलसिला …

पहले विचारों से दुनिया बदलती थी, अब तकनीकी से दुनिया बदल रही है : हरिवंश

(हरिवंश)


जदयू के राज्यसभा सांसद व वरीय पत्रकार हरिवंश का मानना है कि पहले विचारों से दुनिया बदलती थी, अब तकनीकी से दुनिया बदल रही है। बदलाव का सबसे बड़ा वाहक तकनीकी हो गया है। विचारों का स्थान उसके बाद हो गया है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद सोमवार को उनसे पहली मुलाकात हुई थी। उनके ही पटना स्थित कार्यालय में। साथ में नौकरशाहीडॉटइन के संपादक इर्शादुल हक भी थे। करीब 20 मिनट की मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत तकनीकी  पर ही केंद्रित हो गयी।

आईएएस बनने के लिए ‘द हिन्दू’ पढ़ें

बायोकैमिस्ट से एमबीए बने दिल्ली के मुनीश शर्मा ने संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मुनीश कहते हैं कि उनकी सफलता का कारण पाठ्य पुस्तकें नहीं बल्कि न्यूज़ पेपर्स हैं। मुनीश ने बताया ‘मैंनें बहुत ज़्यादा पढ़ाई नहीं की, न ही घंटों तक अपने आप को पाठ्य पुस्तकों में डुबाए रखा। मैंने तो बस ‘द हिन्दू’ अख़बार को लगातार पढ़ता रहा, उसकी ख़बरों उसकी रिपोर्ट्स का एक एक शब्द पढ़ता रहा। द हिन्दू मुझे अच्छा लगता है। मैंने बस उसे पढ़ा और परीक्षा में उत्तर लिखे।’

रिलायंस कथा : जानिए पर्दे के पीछे का सारा खेल…

कभी आपने सोचा है कि क्यों आप अभी गैस के लिए 4.2$ दे रहे हैं? गैस के कुएं अम्बानी को कैसे मिला? सरकार ने क्या किया? क्या है KG बेसिन? नहीं ना! तो आईए अब जान लीजिए… क्योंकि यह गैस आपको और रूलाने वाला है. आपके घरेलू बजट पर ज़बरदस्त डाका डालने वाला है…

KG D6 बेसिन आखिर है क्या बला?

दरअसल, KG का तात्पर्य कृष्णा गोदावरी बेसिन से है, जो आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में कृष्णा और गोदावरी नदी किनारे करीब 50000 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है. इन किनारों में एक जगह है, जिसे धीरुभाई-6 कहते हैं, यानी D6… यहीं पर रिलायंस इंडस्ट्री ने देश के सबसे बड़े गैस के भण्डार का पता लगाया.

केजरीवाल को दिल्ली में कोई किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है!

‘बंधु दिल्ली में कोई हमें घर देने को तैयार नहीं है।’ यह ना तो मुंबई की तर्ज पर किसी मुस्लिम का कथन है और ना ही घर ढूंढने वाले किसी बेरोजगार का। जिससे किराया मिलेगा या नहीं इस डर से मकान मालिक घर देने से इंकार कर दे। यह शब्द अरविन्द केजरीवाल के हैं। जी, वही केजरीवाल जिन्होंने दिल्ली में बेघरों को घर दिलाने की जद्दोजहद की। ठंड भरी रातों में खुले आसमान तले रात बेघरों को गुजारनी ना पड़े इसके लिये केजरीवाल के मंत्री जद्दोजहद करते रहे। उसी केजरीवाल को दिल्ली में कोई किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है।

कथा व्यास अपने को प्रचारित कराने के लिये मीडिया वालों को बांटते है घूस

: धार्मिक आयोजनों की आड़ में दलालों की पौ बारह : आगरा। शहर में आजकल भागवत कथाओं का धंधा बड़े जोरों पर चल रहा है। कथा का वाचन करने बाले कथा व्यास भी अब अपनी कथाओं की किसी ब्रांड की तरह बिक्री करने में लगे हुऐ है। कथा आयोजक व कथा व्यास अपने प्रचार के लिये अब मीडिया को घूस देने से भी नहीं चूकते। इन लोगों ने धार्मिक कार्यक्रम को भी बाजार बाद में खड़ा करने के लिये मीडिया को मैनेज करने बाले ठेकेदार का साहरा लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जब यह नजारा कमलानगर में आयोजित होने बाली भागवत कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा में देखा गया।

दिलीप जी का प्रेम ही अनुराधा दीदी की जीवनी शक्ति थी : मनीषा पांडेय

(मनीषा पांडेय) Manisha Pandey : ये अनुराधा दीदी के बारे में नहीं है। दिलीप सर के बारे में है।  आज वो मेरे बॉस नहीं हैं। निजी लेन-देन और ताकत का कोई रिश्‍ता हमारे बीच नहीं। इसलिए अब ये लिख सकती हूं। ये बातें पहले कभी कही नहीं। कभी लिखी नहीं। इसलिए नहीं कि इन बातों …

तेंदुआ के हमले में छत्तीसगढ़ के टीवी जर्नलिस्ट संतोष साहू बुरी तरह घायल

बया (छत्तीसगढ़)। कसडोल उपवनमंडल अंतर्गत अर्जुनी वन परिक्षेत्र के ग्राम मानपुर में तेंदुआ के हमले से रेंजर व एक निजी चैनल का रिपोर्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में रिफर किया गया जहां रेजर की हालत गंभीर बताई गई है। सोमवार को ग्राम मानपुर में तेंदुआ घुस गया जिसे देख सैकड़ों ग्रामीण घेर लिए।  ग्रामीणों ने इसकी सूचना अर्जुनी वन परिक्षेत्र अधिकारी पीपी पटेल को दी। जिस पर श्री पटेल वन विभाग अमला के साथ मौके पर पहुंचे और लकड़ी का घेरा बनाकर तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश की।

वो जो ‘अच्छे दिन’ न आने थे, न आए

शीतल पी. सिंह


 

Sheetal P Singh : अच्छे दिन… पिछले कई महीनों से होर्डिंग्स TV चैनल्स अख़बार रेडियो और सोशल साइट्स इन्हीं का डंका पीट रही थीं। ख़ुद साहब ने कहा “अच्छे दिन आ गये”। मेरी तरह साहब के कई आलोचकों को इस पर यक़ीन न था। हमारा तर्क था “नीतियों और आचरण के मामले में कांग्रेस और बीजेपी में कोई फ़र्क़ नहीं है”। अब यह दुबारा उनके लिये साबित होने जा रहा है जो २००४ में भाजपा के चुनाव के बाद मतदाता बने और इस चुनाव में अगर वे हिन्दू धर्मावलम्बियों में से थे तो ज़्यादातर “मोदी” जी के पक्ष में मत देने गये।

अजय राजपूत, रास बिहारी, विजय गुप्ता, गुंजन कुमार, हरीश लखेड़ा, दिनेश और दुर्जय पासवान के बारे में सूचनाएं

दैनिक भास्कर, पानीपत यूनिट से सूचना है कि यहां चौदह साल तक सेवा देने वाले चीफ रिपोर्टर रहे अजय राजपूत ने इस्तीफा दे दिया है. बताया जाता है कि अजय राजपूत ने कुछ वरिष्ठ लोगों द्वारा परेशान किए जाने के कारण इस्तीफा दिया. अजय ने नई पारी की शुरुआत दैनिक आज समाज अखबार के साथ की है. उन्होंने एक जून से हिसार यूनिट में ब्यूरो हेड की कमान संभाल ली है.

दैनिक जागरण, इलाहाबाद के संपादकीय प्रभारी अवधेश गुप्ता से परेशान हैं आम मीडियाकर्मी

दैनिक जागरण इलाहाबाद का माहौल यहाँ के निरंकुश सम्पादकीय प्रभारी अवधेश गुप्ता की अराजकता और तानाशाही से दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है। आलम यह है कि अवधेश ने डरा-धमकाकर करीब दस लोगों को नौकरी से निकाल दिया है, जबकि और भी कई लोगों से इस्तीफा देने को कहा जा रहा है। इस खराब माहौल के चलते जागरण इलाहाबाद में कोई नौकरी करने आना ही नहीं चाहता। फिर भी अवधेश गुप्ता सबके उत्पीड़न पर उतारू है। यहाँ अवधेश के दो साल के कार्यकाल में पीयूष उपाध्याय, कौशलेंद्र मिश्रा, विशाल सिंह, शोमा रॉय, विपिन त्रिवेदी, मनीष मिश्रा, संदीप दुबे समेत कइयों ने इसके उत्पीड़न के बाद नौकरी से हाथ धो दिया।

मजीठिया वेज बोर्ड के इंप्लीमेंटेशन में यूनीफार्मटी नहीं… कहीं कहीं तो इंप्लाई की सेलरी कम हो जा रही है

(पीटीआई के दो अलग अलग लोगों की अप्रैल महीने की सेलरी स्लिप)


Subject : Regarding Majithia Wage Board for proper implementation

Yashwant Singh jee

Namaskar

Majithia Wage Board ki news hardin publish kar rahe hain, eske liye Bahot bahot Dhanyawad. Sir, Majithia Wage Board Kahi kahi implement huwa hai. Kahi kahi Galat tarike se implement huwa hai. Implementation me uniformaty rahani chahiye.

भास्कर डाट काम वालों के कैलेंडर में 31 जून की तारीख भी है!

17 जनू को भास्कर डॉट काम पर प्रकाशित एक खबर यूपी के राज्यपाल बीएल जोशी ने दिया इस्तीफा, शीला और शिवराज का पद छोड़ने से इनकार में लिखा है कि ”बता दें कि आगामी 31 जून को देश के 7 राज्यपालों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।”  सबको पता है कि जून महीने में केवल 30 तारीख ही होती है। पर भास्कर वाले 31 जून भी पैदा कर दे रहे हैं।

रेत माफिया के हमले में घायल पत्रकार विनोद को तीन दिन बाद भी होश नहीं, तबीयत गंभीर

महाराष्ट्र के अकोला से पब्लिश होने वाले दैनिक देशोन्नती के रिपोटर्र विनोद कळस्कर पर जान लेवा हमला किया गया है. अकोला में गैरकानूनी ढंग से रेत निकाली जा रही है. इसके खिलाफ अपनी कलम से आवाज उठा रहे विनोद के उपर अकोला के नजदीक वडूद गांव में रविवार की रात हमला बोल दिया गया. हमलावरों ने विनोद के शरीर पर प्रहार किये हैं. विनोद को अकोला के एक निजी हास्पिटल में भरती किया गया है. लेकिन तीन दिन के बात भी विनोद को होश नहीं आया है. बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत काफी गंभीर है.

भ्रष्टाचारियों को बचाने को प्रतिबद्ध राजस्थान सरकार!

राजस्थान सरकार ने राज्य के दो दर्जन से अधिक भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों अर्थात जनता के नौकरों अर्थात् लोक सेवकों पर जनहित को दरकिनाकर करते हुए दरियादिली दिखायी है। ये सभी लोक सेवक किसी न किसी गैर कानूनी कार्य या गलत कार्य को करते हुए या जनहित को नुकसान पहुँचाते हुए या राज्य के खजाने या जनता को लूटते हुए रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़े गये थे। जिन्हें बाकायदा गिरफ्तार भी किया गया और ये जेल में भी बन्द रहे थे। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कड़ी मेहनत करके इन सभी के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाकर मामले को अदालत में प्रस्तुत करके इन्हें दोषी सिद्ध करने का सराहनीय साहस दिखाने का बीड़ा उठाया, लेकिन भय, भूख और भ्रष्टाचार को समाप्त करके राम राज्य की स्थापना करने को प्रतिबद्ध भाजपा की राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को कह दिया है कि सरकार की नजर में इन लोक सेवकों ने कोई गलत काम नहीं किया। अत: इनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।

तुम्हारी मौत पहाड़ से भारी है : दिलीप मंडल

Dilip C Mandal : मैं अब खाली हो गया हूं, बिल्कुल खाली.  मैं अपनी सबसे प्रिय दोस्त के लिए अब पानी नहीं उबालता. उसके साथ में बिथोवन की सिंफनी नहीं सुनता. मोजार्ट को भी नहीं सुनाता. उसे ऑक्सीजन मास्क नहीं लगाता. उसे नेबुलाइज नहीं करता. उसे नहलाता नहीं. उसके बालों में कंघी नहीं करता. उसे पॉल रॉबसन के ओल्ड मैन रिवर और कर्ली हेडेड बेबी जैसे गाने नहीं सुनाता. गीता दत्त के गाने भी नहीं सुनाता. उसे नित्य कर्म नहीं कराता. उसे कपड़े नहीं पहनाता. उसे ह्वील चेयर पर नहीं घुमाता. उसे अपनी गोद में नहीं सुलाता. उसे हॉस्पीटल नहीं ले जाता.

मिस्र की जेल में बंद अल-जजीरा के पत्रकार को किया जाएगा रिहा

काहिरा। मिस्र की जेल में पिछले 306 दिनों से बंद अल-जजीरा के पत्रकार को रिहा किया जाएगा। अब्दुल्ला अलशैमी को पिछले साल काहिरा में हुए हिंसक प्रदर्शन की कवरेज के दौरान गिरफ्तार किया गया था।  हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए अल-जजीरा अरबी के रिपोर्टर अब्दुल्ला को गुरूवार सुबह रिहा किया जाएगा। उनके भाई ने बताया कि अब्दुल्ला को खराब स्वास्थय के कारण छोड़ा जा रहा है। उसके साथ 10 अन्य बंदियों को भी छोड़ जा रहा है।

ट्रेन से कटे एबीपी न्यूज के संवाददाता के ससुराल पक्ष पर मुकदमा

इटावा : एबीपी न्यूज चैनल के पत्रकार ने ससुरालियों के मानसिक उत्पीड़न से त्रस्त होकर ट्रेन से कटकर जीवनलीला समाप्त कर ली. आत्महत्या करने से पूर्व उसने एसएसपी को संबोधित सुसाइड नोट में सारी व्यथा व्यक्त कर दी. इसके तहत उसकी पत्नी, साले तथा ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज कराया गया है.

नप गए यूपी के प्रमुख सचिव दीपक सिंघल, राकेश बहादुर की ताजपोशी

लखनऊ। दीपक सिंघल हटा दिए गए। आज ही नतून ठाकुर ने दीपक सिंघल और अमर सिंह टेप वार्ता का उल्लेख करते हुए करीब एक करोड़ रुपये के लेनदेन की बातचीत की जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखा था. टेपों को आधार बनाकर लिखे गए शिकायती पत्र के जाने के कुछ देर बाद ही दीपक सिंघल को प्रमुख सचिव के पद से हटा दिया गया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था के मोर्चे पर लगातार हो रही किरकिरी के बीच प्रमुख सचिव दीपक सिंघल को हटाया है।

अमर सिंह-दीपक सिंघल फोन वार्ता में 96.5 लाख रुपये देने की जांच हो (पढ़ें टेप में क्या-क्या बातचीत है)

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने पूर्व सपा नेता अमर सिंह और दीपक सिंघल, प्रमुख सचिव (गृह) के बीच हुए तीन कथित फोन टेप की जांच कराये जाने की मांग की है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजी अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि हाल में उन्होंने प्रदेश भर के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में कई सख्त निर्देश दिए हैं जिसमे विशेषकर बेईमानी से दूर रहने पर ख़ास जोर दिया है. इस सम्बन्ध में उन्हें हाल में श्री सिंघल के तीन कथित टेप मिले हैं जिसमे एक में श्री सिंह और श्री सिंघल के बीच किसी शुगर डील, एसईजेड के टेंडर डॉक्यूमेंट और उसकी पालिसी तथा लैंड अलोटमेंट में मनमाफिक बदलाव आदि की खुली चर्चा है.

भोपाल में पत्रकार अजय वर्मा को पीटने वाला थाना प्रभारी लाइन हाजिर

मध्य प्रदेश के भोपाल में गृह और जेल मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा टी टी नगर थाने में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना के प्रकरण की जांच के आदेश के बाद थाना प्रभारी राजुकमार सराफ को लाइन हाजिर कर दिया गया. मामले में पहले ही एक उपनिरीक्षक और आरक्षक को निलंबित किया गया है.

‘हाफ पैंट…’ वाली खबर भड़ास को मैंने नहीं भेजी, कृपया इसे अप्रकाशित करें

श्रीमान् यशवंत सिंह जी,

सादर नमन।

Subject: हिंदुस्थान समाचार वाराणसी की ओर से शिकायत दर्ज करें।

मैं शरद बाजपेयी, पत्रकार, हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी, वाराणसी, आप से अनुरोध करता हूं कि आप के न्यूज पोर्टल पर चल रही एक समाचार से मेरा कोई वास्ता नही है, जिसका शीर्षक ” ‘हिन्दुस्थान समाचार’ में परमानेंट उन्हीं को किया जाता है जो हाफ पैंट पहन संघ की शाखा में हर रोज जाते हों!” है।

दूरदर्शन और एआईआर से कांग्रेस के करीबियों की होगी छुट्टी, बंपर भर्ती की तैयारी

मोदी सरकार की तरफ से दूरदर्शन और आल इंडिया रेडियो में बड़े पैमाने पर भर्ती की तैयारी चल रही है. इसके पीछे वजह बताया जा रहा है दूरदर्शन को निजी चैनलों के मुकाबले खड़ा करने की मंशा. भर्तियों के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय में तैयारियां भी शुरू हो गई है. मंत्रालय की ओर से जल्द ही दूरदर्शन में देशभर के लिए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने की योजना है. पेशेवर कलाकारों, समाचार रिपोर्टरों और संपादकों की भर्ती करने की योजना बनाई जा रही है.

झूठ की नींव पर खड़े सहारा शहर के खिलाफ अमिताभ-नूतन ने किया युद्ध का शंखनाद

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने सहारा शहर के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण तथ्य सामने लाते हुए लखनऊ नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण से इस बारे में जांच कर आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग की है. साथ ही उन्होंने इन मामलों से जुड़े अभिलेख भी दिखाए जाने का अनुरोध किया है. इन दोनों ने लखनऊ नगर निगम तथा सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड के बीच 22 अक्टूबर 1994 को हुए 25 पृष्ठों की लाइसेंस एग्रीमेंट प्रस्तुत किया है जिसके अनुसार नगर निगम ने एलडीए से प्राप्त 170 एकड़ भूमि  सहारा हाउसिंग को इस आशय से दिया कि सहारा हाउसिंग इस पर प्लाट तथा भवन बना कर लोगों को अपनी तरफ से एलॉट करेगा, यद्यपि भूमि पर स्वामित्व और कब्जा नगर निगम का रहेगा और उसी के द्वारा लीज डीड किया जाएगा. यह स्कीम अधिकतम चार साल में पूरी की जानी थी.

दूरदर्शन पर बच्चों का चैनल चाहते हैं जावड़ेकर

नई दिल्ली। प्रकाश जावड़ेकर के नेतृत्व में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कामकाज शुरू हो गया है और इसने गति पकड़ ली है। जावड़ेकर ने कामकाज को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है और बच्चों का एक चैनल शुरू करने के अतिरिक्त दूरदर्शन पर एनिमेशन कार्यक्रम प्रसारित की भी सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, जावड़ेकर फाइलों को तेजी से निपटा रहे हैं, जिसमें वे फाइलें भी शामिल हैं, जो उनके पूववर्ती मंत्री मनीष तिवारी के कार्यकाल से जुड़ी हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जावड़ेकर नतीजे चाहते हैं और हर काम की निगरानी कर रहे हैं।

ईटी ने एचटी की पोल खोली तो अब एचटी ने ईटी के खिलाफ भड़ास निकाली

हिंदुस्तान अखबार में छपी प्रशात झा की इस रिपोर्ट में दो अखबारों के बीच लड़ाई में एचटी ग्रुप का पक्ष देखा जा सकता है. ईटी ने जो कुछ अपने यहां एचटी के खिलाफ छापा है, उसे बिलकुल नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई में आकाशवाणी के पीटीसी की तरफ भी ध्यान दें

यशवंत भाई

नमस्कार… 

पत्रकार साथियों को मजीठिया दिलाने की जो मुहिम आपने शुरू की है, वह मुक्त कंठ से सराहनीय है। आपको बार- बार बधाई। आपके संज्ञान में एक बात यह भी लाना चाहता हूं। सूचना प्रसारण मंत्रालय भी पत्रकारों का शोषण कर रहा है। आकाशवाणी द्वारा देश के प्रत्येक जिले में अंशकालिक संवाददाता रखे हुए है जिन्हें आकाशवाणी की भाषा में पीटीसी यानि पार्ट टाईम करेस्पांडेंट कहा जाता है। इन्हें प्रत्येक माह कुल साढे़ चार हजार रुपये दिया जाता है। इसमें तीन हजार रुपये पारिश्रमिक, और 1500 रुपये मोबाईल व पेट्रोल का शामिल है। यानि पारिश्रमिक के रूप में मात्र सौ रुपये रोज, मनरेगा के मजदूर की मजदूरी से भी कम।

श्रम विभाग के अफसर के सामने पेश हुए नेशनल दुनिया के संपादक, सेलरी देने के आदेश को हवा में उड़ाया

एएलसी एके सिंह के सामने तलब हुए संपादक सुभाष सिंह और नेशनल दुनिया के पीड़ित कर्मचारी. एएलसी एके सिंह के सामने तलब हुए संपादक सुभाष सिंह और नेशनल दुनिया के पीड़ित कर्मचारी.

नेशनल दुनिया मेरठ के कर्मचारियों को 4-5 माह से वेतन न मिलने के मामले काफी घेरेबंदी के बाद नोएडा भाग गए स्थानीय संपादक सुभाष सिंह को मजबूरन 13 जून को श्रम विभाग के अफसरों के सामने पेश होना पड़ा. असिस्टेंट लेबर कमिश्नर (एएलसी) के समक्ष पीड़ित मीडियाकर्मी भी उपस्थित हुए.  पेशी में एएलसी ने सभी पीड़ित कर्मचारियों का पक्ष सुनते हुए संपादक सुभाष सिंह को निर्देशित किया कि 14 जून तक कम से कम एक माह का वेतन सभी कर्मचारियों को दे दिया जाए.

गंगा को निर्मल रहने दो, गंगा को अविरल बहने दो

केंद्र की नई सरकार ने गंगा नदी से जुड़ी समस्‍याओं पर काम करने का फैसला किया है। तीन-तीन मंत्रायल इस पर सक्रिय हुए हैं। एक बार पहले भी राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्‍व काल में गंगा की सफाई की योजना पर बड़े शोर शराबे के साथ काम शुरू हुआ था। गंगा ऐक्‍शन प्‍लान बना। मनमोहन सिंह सरकारने तो गंगा को राष्‍ट्रीय नदी ही घोषित कर दिया। मनो पहले यह राष्‍ट्रीय नदी नहीं रही हो। अब तक लगभग बीस हजार करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद गंगा का पानी जगह-जगह पर प्रदूषित और जहरीला बना हुआ है। गंगा का सवाल ऊपर से जितना आसान दिखता है, वैसा है नहीं। यह बहुत जटिल प्रश्‍न है। गहराई में विचार करने पर पता चलता है कि गंगाको निर्मल रखने के लिए देश की कृषि, उद्योग, शहरी विकास तथा पर्यावरण संबंधी नीतियों में मूलभूत परिवर्तन लाने की जरूरत पड़ेगी। यह बहुत आसान नहीं होगा। केवल रिवर फ्रंट बना कर उसकी सजावट करने का मामला नहीं है। दरअसल, ‘गंगा को साफ रखने’ या ‘क्‍लीन गंगा’ की अवधारणा ही सही नहीं है।

Open life threat to me from Modi’s dirty department

 

Dear Narendra bhai Hitler Modi

if you think that life threats to me and reporting of Idhar Udhar blog as spam due to which Google has disabled my ad sense account, will able to force me to stop writing against you, then you and your dirty department are living in fool paradise world. I don’t write articles just for the sake of earning from google ads. I have direct ads of Sujata Magazine and web designing also. Even if google close my blog, then also I have an option to create my own website.

NEFOMA PROTEST MARCH AGAINST AUTHORITY AND BUILDERS DATED 22/6/2014

As we all know from long time buyers of NOIDA, Greaer Noida and Greater Noida west (Noida Extension) are waiting for their dream homes and now when they were thinking that their home will be ready to live, they are getting surprised by actions of different authorities and builders itself. Authorities are saying there can’t be possession as there is issue in getting completion certificate to these builders due to issue raised by NGT. On other hand builders are not satisfying buyers by giving the flat possession, they are giving reason that NGT approval is pending and some builders like Unitech is giving possession date in 2017 to the buyers who have booked flats in the year 2009.

आज समाज के कई ब्यूरोज में कोआर्डिनेशन का काम देखेंगे रवि जायसवाल

आज समाज के संपादक के आदेशानुसार आप सबको सूचित किया जा रहा है कि आज से लागू नयी व्यवस्था के मुताबिक जीटी रोड से सम्बद्ध सभी संस्करणों – अम्बाला,  कुरुक्षेत्र – कैथल, करनाल , पानीपत और सोनीपत (तथा यमुनानगर ) ब्यूरो से समाचारों के संदर्भ में रवि जायसवाल कोआर्डिनेट करेंगे। आप सभी उन्हीं के ही संपर्क में रहेंगे और सवेरे 11 बजे तक आपको अपने यहाँ के समाचारों की सूची उन्हीं को ही भेजनी होगी। सूची मिलने के बाद श्री जायसवाल उस पर काम करेंगे और आपको निर्देश भी देंगे।

भड़ास पर खबर छपने के बाद जागा न्यूज नेशन प्रबंधन, यूपी-यूके के संवाददाताओं को मिलने लगी सेलरी

गुड न्यूज. भड़ास पर ख़बर छपने का हुआ असर. न्यूज़ नेशन के सहयोगी चैनल यूपी-उत्तराखंड ने आधे से ज़्यादा स्ट्रिंगरों / संवाददाताओं को किया भुगतान. स्ट्रिंगरों / संवाददाताओं ने भड़ास और न्यूज नेशन प्रबंधन के प्रति व्यक्त किया आभार.

हिमाचल प्रदेश के ऊना में पंजाब केसरी के रिपोर्टर पर हमला

हिमाचल प्रदेश के ऊना में गैर इरादतन हत्या के आरोपी ने पंजाब केसरी टीवी के संवाददाता अमित शर्मा पर हमला कर दिया और साथ ही साथ कोर्ट में पेशी के दौरान कवरेज को लेकर गुस्साए आरोपी ने संवाददाता को जान से मारने की धमकी भी दी। मीडिया टीम इस मामले की कवरेज करने गई थी और पुलिस हिरासत में आरोपी की कवरेज करने और उसका पक्ष जानने गई थी, लेकिन आरोपी उल्टा मीडिया टीम पर भड़क गया। आरोपी सतनाम सिंह सत्ता इससे पहले भी कई मामलों में आरोपी रह चुका है।

लखनऊ में जनसंदेश टाइम्स के रिपोर्टर जसवंत सोनकर को इन्स्पेक्टर ने पीटा, जीप में लादकर लाकअप में ठूंसा

लखनऊ। दो पक्षों में झगड़े की सूचना पर मौके पर पहुंचे एक पत्रकार से बीती रात इलाके के पुलिस इंस्पेक्टर ने मारपीट की और जीप में लादकर थाने के लाकअप में ठूंस दिया. पुलिस ने थाने में भी पत्रकार की पिटाई की. घटना की जानकारी मिलने पर आक्रोशित पत्रकारों ने देर रात जिलाधिकारी आवास पर धरना दिया. जबकि शुक्रवार की शाम पत्रकार इस मामले पर मुख्यमंत्री से मिले. मुख्यमंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई की आश्वासन दिया है. गुरुवार की रात दस बजे पान दरीबा, थाना- नाका, इलाके में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई. सूचना पाकर घटना कवरेज करने के लिए जन सन्देश का रिपोर्टर जसवंत सोनकर मौके पर पहुंचा तो पाया कि एक महिला और उसका बच्चा तथा दो अन्य युवकों को इन्स्पेक्टर हुसैनगंज सतेन्द्र सिंह तथा सिपाही जबरन जीप में बैठाये थे.

बलरामपुर की महिला पत्रकार ने डीएम पर लगाया अभद्रता करने का आरोप

बलरामपुर (यूपी) में एक महिला पत्रकार ने डीएम मुकेश चन्द पर अभद्रता और अपशब्दों के प्रयोग का आरोप लगाया है। महिला पत्रकार ने मुख्यमंत्री और महिला आयोग को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि समाज कल्याण विभाग में हुए पेंशन घोटाले के मामले की जानकारी के लिए वह 13 जून को डीएम से मिलने उनके कार्यालय पर गई थी। लगभग एक बजे डीएम अपने कार्यालय से बाहर निकले और महिला पत्रकार से अभद्रता की और उस पर अमर्यादित टिप्पणी भी की। वहीं डीएम मुकेश चन्द ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

खालिक भाई, आप यूं खुदकुशी करने वाले तो नहीं थे

Vivek Bajpai : अभी-अभी इटावा से एक हमारे मित्र ने एक दुखद समाचार सुनाया है, उसने बताया है कि इटावा से एबीपी न्यूज संवाददाता मो. खालिक ने पारिवारिक कलह से तंग आकर आत्महत्या कर ली हैं, अगर ये सच है (मेरा दिल अभी भी मनाने को तैयार नहीं हैं) तो खालिक की मौत से इटावा ने एक निर्भीक पत्रकार खो दिया हैं. मुझे पता है कि खालिक भाई आप जहां गए है वहां से कभी कोई नहीं वापस आता है, हमेशा दूसरों से सख्त सवाल पूछने वाले मो. खालिक आज मैं तुमसे आखिरी सवाल पूछ रहा हूं, क्यों किया ऐसा जघन्य अपराध. क्योंकि तुम ऐसे तो नहीं थे.  Mohd Khaliq BHAI REST IN PEACE.

इटावा में एबीपी न्यूज के संवाददाता ने ट्रेन से कटकर दी जान

इटावा से खबर है कि एबीपी न्यूज के संवाददाता मोहम्मद खालिक ने रविवार को नीलांचल एक्सप्रेस के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. तलाशी लिए जाने पर उनकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसको लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. बताया जाता है कि मोहम्मद खालिक करियर और परिवार को लेकर तनाव में चल रहे थे. 44 वर्षीय मोहम्मद खालिक इटावा के मोहल्ला साबितगंज कोतवाली सदर निवासी थे. वे एबीपी न्यूज के संवाददाता थे. वे रविवार को इटावा रेलवे स्टेशन पर अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे पहुंचे. वहां कई लोगों से बातचीत करने के बाद वह प्लेटफार्म एक से पश्चिमी की ओर चले गए.

जेडीए ने आईएएस अधिकारियों के लिए कब्जाई गांधीवादी संस्था की जमीन

जयपुर। केंद्र में सत्ता बदलने के साथ ही गांधीवादी संस्थानों की जमीनें सत्तारूढ़ दल को खटकने लगी हैं। राजस्थान से राजनीतिक हमले की शुरुआत हो गई है। 6 जून को प्रदेश की गांधीवादी संस्था राजस्थान समग्र सेवा संघ, दुर्गापुरा जयपुर को आवंटित 21 हजार 300 वर्गमीटर भूमि का आवंटन जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने निरस्त कर दिया। 7 जून को राज्य सरकार ने अलोकतांत्रिक और गैर कानूनी तरीके से दमनकारी कार्यवाही करते हुए संघ के कार्यकर्ताओं को बर्बरता पूर्वक खदेड़ दिया। संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि गोकुल वाटिका में आईएएस अधिकारियों को जमीन देने के मकसद से जेडीए ने बेदखली की यह कार्रवाई की है।

न्यूज़ एक्सप्रेस के ओम प्रकाश को मिला बेस्ट कैमरामैन अवार्ड

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जनसंचार विभाग के पूर्व छात्र और न्यूज़ एक्सप्रेस के कैमरामैन ओम प्रकाश को बेस्ट कैमरामैन का अवार्ड मिला है। ओम प्रकाश द्वारा बीते दिनों लोक सभा चुनाव, प्रधानमंत्री सुरक्षा, दिल्ली साइक्लोन और बदायूँ रेप कांड की स्टोरी में किये गए बेहतरीन दृश्यांकन के लिए वरिष्ठ पत्रकार और संपादक विनोद कापड़ी द्वारा बेस्ट कैमरामैन का अवार्ड दिया गया।

जमशेदपुर के पत्रकार जयंत का निधन, यूनियन ने जताया शोक

जमशेदपुर। पत्रकार जयंत कुमार साहू के निधन पर झारखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। इस सन्दर्भ में एक बैठक यूनियन के जमशेदपुर जिला संयोजक रबि कुमार झा की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रमोद कुमार झा, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शशि भूषण पाण्डेय, अभिजीत अधरजी ने जय साहू के असामयिक निधन पर शोक प्रकट करते हुए शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। यूनियन शोक की इस घड़ी में मृतक पत्रकार के परिवार के साथ है और हर संभव सहायता करने को तत्पर है।

महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा और पेंशन कानून बनने के आसार, राज्य कैबिनेट लाएगी प्रस्ताव

मुंबई। महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून बनने की संभावना व्यक्त की जा रही है। राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटील ने कल मुंबई मे कहा कि अगली कैबिनेट की मीटिंग के सामने पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकार पेन्शन के विषय में प्रस्ताव लाकर उस विषय पर सकारात्मक फैसला लिया जायेगा। राज्य के विधानसभा का वर्षाकालीन अधिवेशन का कल समापन हो गया। इस अधिवेशन के आखिरी दिन विधानसभा के अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटील ने राज्य के पत्रकारों की समस्या के विषय में चर्चा करने के लिए पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति को आमंत्रित किया था। इस बैठक मे आरआर पाटील भी उपस्थित थे।

भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा पर पुलिसिया हमले की चहुंओर निंदा, जांच की मांग

पत्रकारों पर भांजी हर लाठी का हिसाब होगा : अर्पण जैन

इन्दौर, 14 जून 2014। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमले और राज्यशासन द्वारा पत्रकारो की सुरक्षा की उपेक्षाए दुखद है । कलम का सिपाही दिनरात एक कर के खबरो पर नजर बनता है और उसमे भी अपनी जान पर खेल कर किंतु इस स्तिथि मे भी शासन द्वारा उसे कोई सुरक्षा नही उपलब्ध करवाई जाती है बल्कि उसी कलम के सिपाही पर हमले होते है। कल भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए थाने मे आत्मदाह करते हुए व्यक्ति का फोटो लेना चाहा तो पुलिसकर्मियो ने उस पर लाठिया बरसाना शुरू कर दिया । हमले मे अजय वर्मा बुरी तरह घायल हुए और गंभीर हालत मे उन्हे अस्पताल मे भर्ती कराया गया । पत्रकार संचार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्पण जैन ने इस संबंध मे भोपाल आई जी योगेश चैधरी से मुलाकात की भोपाल आई. जी. चौधरी ने श्री जैन को बताया की दोषी पुलिसकर्मीयो को तत्काल लाइन अटेच भी कर दिया है तथा एक कमेटी इसकी जाँच के लिए बनाई गई है जो जाँच कर रही है तथा दोषियो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का भरोसा भी दिलाया । आई. जी. चैधरी से मुलाकात के बाद प्रदेश कार्यालय पर श्री जैन ने परिषद के साथियो की मीटिंग भी ली तथा सभी पत्रकारो को संगठित होने का आव्हान भी किया और कहा की ‘‘ ये हमला लोकतंत्र पर हमला है जो निंदनीय है तथा हमारे साथी अजय पर बरसाई हर लाठी का हिसाब लिया जाएगा ।’’

‘न्यूज़ फर्स्ट’ टीवी का सॉफ्ट लांच

देश के सबसे नए लाइव वेब न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ फर्स्ट डॉट टीवी’ का सॉफ्ट लांच हो गया। गौरी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड समूह के इस नए वेब न्यूज़ चैनल के सीएमडी और समूह संपादक डॉक्टर ललित भारद्वाज हैं। मेरठ में हुई लांच पार्टी में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के तमाम बड़े आईएएस और आईपीएस अफसर, उद्योगपति, राजनेता, मंत्री, सांसद, विधायक, यूनिवर्सिटी के चांसलर्स, नामचीन डॉक्टर्स और पत्रकार शामिल हुए। इस मौक़े पर डॉक्टर ललित भारद्वाज के पुत्र अधिराज वर्द्धन भारद्वाज का नाम करन संस्कार भी किया गया।

श्रवण गर्ग का कैंसर पीड़ित मीडियाकर्मी दिनेश जोशी से यह बर्ताव कतई उचित नहीं कहा जाएगा

अपने गुस्से के लिए चर्चित श्रवण गर्ग (नईदुनिया के प्रधान संपादक) ने एक और बेकसूर कर्मचारी का शिकार किया है। पिछले 15 साल से संस्थान की सेवा कर रहे चीफ सब एडिटर दिनेश जोशी को कुछ माह पूर्व ब्रेन टयूमर हो गया था। कंपनी नियमों के अनुसार श्री जोशी ने चिकित्सकीय अवकाश के लिए आवेदन दिया और दक्षिण भारत में उपचार करवाया। वापस लौटने पर अपनी पत्नी के साथ प्रधान संपादक से मिलने कार्यालय पहुंचे। उन्हें देखते ही प्रधान संपादक का पारा सांतवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्हें तुरंत काम पर लौटने का फरमान सुना दिया।

आर. अनुराधा का निधन

नई दिल्ली । भारतीय सूचना सेवा की वरिष्ठ अधिकारी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग में संपादक आर. अनुराधा नहीं रहीं। वे लम्बे समय से कैंसर से जूझ रही थी। 2005 में अनुराधा ने कैंसर से अपनी पहली लड़ाई पर आत्मकथात्मक पुस्तक लिखा था, “इंद्रधनुष के पीछे-पीछे : एक कैंसर विजेता की डायरी”। यह किताब राधाकृष्ण प्रकाशन से 2005 में प्रकाशित हुई थी। उनकी एक और महत्वपूर्ण कृति है- “पत्रकारिता का महानायकः सुरेंद्र प्रताप सिंह संचयन” जो राजकमल से जून 2011 में प्रकाशित हुआ था।  वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल की पत्नी होने के वावजूद आर. अनुराधा की अपनी अलग लेखकीय पहचान थी।

भारतीय मीडिया का एक हिस्सा अब पहले से कम ‘स्वतंत्र और विश्वसनीय’ है

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ द्वारा नेटवर्क18 के अधिग्रहण पर मुख्यधारा के मीडिया में बहुत कम विमर्श हुआ। ‘इकोनॉमिक एंड पोलिटिकल वीकली’ के एक लेख में वरिष्ठ पत्रकार प्रान्जॉय गुहा ठाकुरता लिखते हैं कि रिलायंस और नेटवर्क18 के इस गठबंधन का असर सूचना और मतों के प्रसार की विजातीयता और विविधता पर पड़ेगा। इससे भारत जैसे बहु-सांस्कृतिक देश में मीडिया की बहुलता में कमी आएगी।

संजय पांडेय, नीलाभ, शिवेंद्र सिंह चौहान बन गए अंबानी के कर्मचारी, रिलायंस से जुड़े

कभी अंबानी का नौकर बनना मीडिया वालों के लिए गाली की तरह माना जाता था लेकिन बदले वक्त में सबसे बड़ा मीडिया मुगल बन चुके अंबानी के यहां नौकरी करने की होड़ मच चुकी है पत्रकारों में. मुकेश अंबानी वाले रिलायंस के मीडिया वेंचर के साथ कई लोग जुड़ने लगे हैं. इनमें कार्टूनिस्ट नीलाभ, संजय पांडे,  शिवेंद्र चौहान आदि शामिल हैं. इसके पहले गौतम चिकरमाने, उमेश उपाध्याय, बी.वी.राव, आलोक अग्रवाल आदि रिलायंस के मीडिया उपक्रम से जुड़ चुके हैं.

मजीठिया के नाम पर चवन्नी बढ़ा, पत्रिका ने भी जबरन साइन कराया हलफनामा

जयपुर से सूचना है कि राजस्थान पत्रिका ने एडिटोरियल विभाग सहित सभी कर्मचारियों से जबरन एक हलफनामा साइन कराया है कि वे मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के नाम पर बढ़ाए गए वेतन-भत्तों से खुश हैं। गौरतलब है कि मजीठिया सिफारिशों की धज्जियां उड़ाते हुए पत्रिका ने सिर्फ 1000 से 3000 रुपए ही बढ़ाए हैं। जैसा कि अन्य संस्थानों में हुआ है, नौकरी खोने के डर से पत्रिका कर्मियों ने इस हलफनामे पर साइन कर दिए हैं।

अभिव्यक्ति की रचनात्मक परंपरा है ‘हस्तलिखित भित्ती पत्र-पत्रिकाएं’

“तुम जो बोलते हो मैं उसका समर्थन कभी नहीं करूंगा लेकिन तुम्हारे बोलने के अधिकार का समर्थन मैं मरते दम तक करूंगा”…. वॉल्टेयर द्वारा कहा गया यह वाक्य एक स्वस्थ समाज में अभिव्यक्ति व विरोध की उपस्थिती की अनिवार्यता को दर्शाता है।

आज जबकि सोशल नेटवर्किंग का दौर है लोगों के हाथों में टैबलेट्स, मोबाईल, गैजेट्स, लैपटॉप सहित अन्य आधुनिक उपकरणों ने संचार की गति को अत्यधिक तीव्रता प्रदान की है। मीडिया कर्न्वजेंस ने आज दैनिक समाचार पत्र  जैसे पारंपरिक मुद्रित माध्यम के किसी भी क्षेत्रीय अंक को भी लोगों के एनराइड सेट्स तक पंहुचा दिया है। मोबाईल में उपलब्ध एफएम व विविध भारती ने रेडियो को स्मृति चिन्ह के रूप में तब्दील कर दिया। माध्यम के साथ अभिव्यक्ति का स्वरूप और भाष बदलने लगी। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या समूह बहुत पुराने परंपरागत माध्यम द्वारा हाथ से लिखकर, पृष्ठसज्जा कर, कार्टून व कैरिकेचर बनाकर शिद्दत के साथ अलग-अलग दीवारों पर जाकर अपने विचारों को अभिव्यक्त करे तो निश्चित ही एक उत्सुकता का विषय बनता है। आखिर ये युवा ऐसा कर क्यों रहें हैं? तमाम अत्याधुनिक संचार माध्यमों को छोड़कर इस प्रकार से विचारों की अभिव्यति का क्या उद्देश्य हो सकता है?

लगता है अखिलेश सबसे नाकारा मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र का भी रिकार्ड तोड़ देंगे!

Dayanand Pandey : अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव अगर परिवारवाद की जकड़न और प्रशासन में यादव वर्चस्व से मुक्ति दे दें, थाना प्रभारियों में यादवों का जोर काम कर दें और कि अपना हस्तक्षेप भी कम से कम कर दें तो शायद अखिलेश सरकार की फजीहत में कुछ कमी आ जाए । नहीं तो …

‘आज समाज’ से जुड़े रवीन ठुकराल, ‘संडे गार्डियन’ की भी संभाली कमान

वरिष्ठ पत्रकार रवीन ठुकराल को हिन्दी दैनिक अख़बार ‘आज समाज’ का एडिटर-इन-चीफ और अंग्रेज़ी के साप्ताहिक अखबार ‘द संडे गार्डियन’ का ग्रुप एडिटर बनाया गया है। उन्होंने दिल्ली स्थित कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण किया। रवीन की एक लंबे अंतराल के बाद सक्रिय पत्रकारिता में वापसी हो रही है।

‘न्यूज नेशन’ चैनल ने अपने संवाददाताओं को पहुंचाया भुखमरी की कगार पर

YASHWANT SIR, आज देश का एक बड़ा युवा वर्ग मीडिया की ओर आकर्षित हो रहा है और इस पेशे में वह भविष्य देख रहा है। मगर वह इस सच्चाई से कोसों दूर है कि जिस पेशे के सपने वह संजो रहा है उस पेशे से जुड़े लोगों की कितनी बुरी दशा है। आज वह किस …

आरएनआई यानी रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया घूसखोरी का अड्डा है

Samarendra Singh : आरएनआई यानी रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया घूसखोरी का अड्डा है. टाइटल क्लियर करने के लिए भी इशारों में रिश्वत मांगते हैं. रजिस्ट्रेशन के लिए तीस दिन तय किया हुआ है. लेकिन तीन-तीन, चार-चार महीने से फाइल पड़ी रहती है और बंदा दौड़ता रहता है तो भी बताते नहीं हैं कि आखिर …

विधायकजी ने पत्रकारजी को मैनेज किया, अब पत्रकारजी मीडिया को मैनेज करेंगे

ज्वालामुखी (हिप्र)। अपने विरूद्ध छप रही खबरों से परेशान ज्वालामुखी के विधायक ने मीडिया को मैनेज करने का एक अनोखा तरीका ईजाद किया है। उन्होंने इलाके के पत्रकारों को रिझाने के लिये चारा फेंकना शुरू कर दिया है। पत्रकारों को अब विज्ञापनों के लिये नहीं गिगिड़ाना होगा। इसके साथ ही विधायक जी ने उदारता का परिचय देते हुए एक प्रमुख समाचार पत्र के पत्रकार को गुपचुप तरीके से एक प्रमुख मंदिर के लंगर का ठेका भी दे दिया। ये ठेका पिछले पांच महीनों से येन-केन-प्रकारेण चल रहा है। हर बार बहाना बनाया जाता है कि ठेका केवल एक माह के लिेय ही दिया गया है। लेकिन उसके बाद एक्सटेंशन दे दी जाती है।

हिन्दी विज्ञान वेबसाइट ‘विज्ञान दृष्टि’ शुरू, मनीष शुक्ला संपादक

जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय के जन संचार केन्द्र के विद्यार्थियों ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2014 को वैज्ञानिक विषयों पर केन्द्रित हिन्दी भाषा की वेबसाइट vigyandrishti.com शुरू की है।

वरिष्ठ पत्रकार मधुसूदन आनंद ने जी न्यूज से इस्तीफा दिया, मानीटरिंग डिपार्टमेंट पर समीर अहलूवालिया ने गिराई गाज

वरिष्ठ पत्रकार मधुसूदन आनंद ने जी न्यूज से अपना नाता तोड़ लिया है. उन्होंने 31 मई 2014 को अपना इस्तीफा प्रबंधन को सौंप दिया. वे जी न्यूज के मानीटरिंग डिपार्टपेंट के हेड  हुआ करते थे. वे यह काम नवंबर 2013 से कर रहे थे. माना जा रहा है कि आलोक अग्रवाल के जी न्यूज से …

ईटी ने एचटी मीडिया के आंकड़ों को अविश्वसनीय बताया

आईआरएस 2013 के आंकड़ों पर लगी रोक के तकरीबन पांच महीने बाद ‘द इकोनॉमिक्स टाइम्स (ईटी)’ ने आज फ्रंट पेज पर छपी रिपोर्ट में एचटी मीडिया के रीडरशिप आंकड़ों को ‘अविश्वसनीय’ बताया है। ईटी में छपे लेख ‘All Down, HT Up. Entire Media Industry Foxed’ में बताया है कि कैसे देश के विभिन्न हिस्सों के …

भोपाल में पत्रकार अजय वर्मा को पुलिस वालों ने पीटा, मीडियाकर्मियों में गुस्सा

भोपाल। शुक्रवार की शाम लगभग 6 बजे टीटी नगर थाने पर रिपोटिंग करने पहुंचे पीपुल्स समाचार के पत्रकार अजय वर्मा पर थाना प्रभारी राजकुमार सर्राफ और एसआई सेंगर ने साथी सिपाहियों के साथ मिलकर मारपीट की। इस घटना में अजय को गंभीर चोटें आयी हैं।