लाल झंडे वाले कबीराना फोटो जर्नलिस्ट सुनील कुमार दत्ता से एक मुलाकात, देखें वीडियो

कबीर के नाम से चर्चित एसके दत्ता उर्फ सुनील कुमार दत्ता आजमगढ़ की एक जानी-मानी शख्सियत हैं. साइकिल से करियर शुरू करने वाले दत्ता साहब दैनिक जागरण, टाइम्स आफ इंडिया, राष्ट्रीय सहारा से लेकर अमर उजाला तक में काम करते हुए कुछ बरस से मोपेड से चलने लगे हैं. जाहिर है, उनके जीवन में, उनकी …

आईएफडब्ल्यूजे के महासचिव परमानंद पांडेय ने भी खोला अध्यक्ष के. विक्रम राव के खिलाफ मोर्चा

पत्रकार संगठन इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्टस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. विक्रम राव की निरंकुश एवं अधिनायकवादी कार्यशैली एवं उन पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के कारण संगठन में अब विद्रोह की स्थिति पैदा हो चुकी है। संगठन के सदस्यों का एक बड़ा तबका श्री राव का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए तैयार …

यूपी में महिला एसआई से छेड़छाड़, आरोपी आईपीएस का बचाव

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने डीजीपी, यूपी से एसआई(सीपी), पीटीएस, मेरठ अरुणा राय द्वारा आईपीएस डी पी श्रीवास्तव के विरुद्ध दर्ज कराये गए मुकदमे की विवेचनाधिकारी तत्काल बदलते हुए इसकी विवेचना आईपीएस अलंकृता सिंह अथवा किसी अन्य महिला आईपीएस से कराये जाने और इसका पर्यवेक्षण स्वयं डीजीपी अथवा आईपीएस सुतापा सान्याल से करवाने जाने की भी मांग की है. साथ ही गलत विवेचना के लिए विवेचक पर आपराधिक कार्यवाही करने की मांग की है.

राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित होंगे ओम थानवी, राजेंद्र धोड़पकर और सुरेश सलिल

भोपाल। माधवराव सप्रे संग्रहालय की तीसवीं वर्षगांठ पर 19 जून को पत्रकार ओम थानवी, राजेन्द्र धोड़पकर, साहित्यकार सुरेश सलिल को उनके उत्कृष्ट कृतित्व के लिए राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के पत्रकारीय अवदान पर ओम थानवी का व्याख्यान होगा। प्रकाशन की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में ‘एक भारतीय आत्मा’ माखनलाल चतुर्वेदी की मासिक ‘प्रभा’ के अवदान पर सुरेश सलिल वक्तव्य देंगे।

पेड न्यूज मामले में चव्हाण के खिलाफ सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के खिलाफ कथित रूप से धन देकर खबर छपवाने के मामले तथा चुनाव खर्चे का गलत ब्यौरा देने की अंतिम सुनवाई की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त वीएस संपत तथा चुनाव आयुक्तों एचएस ब्रहमा व एसए जदी की सदस्यता वाली पूर्ण पीठ ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनीं और फैसला सुरक्षित रख लिया। आयोग मुख्यालय में तीन घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद चव्हाण के वकील अभिमन्यु भंडारी ने बताया कि इस मामले में दलीलों का अंतिम दिन था। हमने विस्तार से दलीलें दी और दोनों पक्षों ने अपने बयान दिए। आयोग ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

गंगा को निर्मल रहने दो, गंगा को अविरल बहने दो

केंद्र की नई सरकार ने गंगा नदी से जुड़ी समस्‍याओं पर काम करने का फैसला किया है। तीन-तीन मंत्रायल इस पर सक्रिय हुए हैं। एक बार पहले भी राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्‍व काल में गंगा की सफाई की योजना पर बड़े शोर शराबे के साथ काम शुरू हुआ था। गंगा ऐक्‍शन प्‍लान बना। मनमोहन सिंह सरकारने तो गंगा को राष्‍ट्रीय नदी ही घोषित कर दिया। मनो पहले यह राष्‍ट्रीय नदी नहीं रही हो। अब तक लगभग बीस हजार करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद गंगा का पानी जगह-जगह पर प्रदूषित और जहरीला बना हुआ है। गंगा का सवाल ऊपर से जितना आसान दिखता है, वैसा है नहीं। यह बहुत जटिल प्रश्‍न है। गहराई में विचार करने पर पता चलता है कि गंगाको निर्मल रखने के लिए देश की कृषि, उद्योग, शहरी विकास तथा पर्यावरण संबंधी नीतियों में मूलभूत परिवर्तन लाने की जरूरत पड़ेगी। यह बहुत आसान नहीं होगा। केवल रिवर फ्रंट बना कर उसकी सजावट करने का मामला नहीं है। दरअसल, ‘गंगा को साफ रखने’ या ‘क्‍लीन गंगा’ की अवधारणा ही सही नहीं है।

Open life threat to me from Modi’s dirty department

 

Dear Narendra bhai Hitler Modi

if you think that life threats to me and reporting of Idhar Udhar blog as spam due to which Google has disabled my ad sense account, will able to force me to stop writing against you, then you and your dirty department are living in fool paradise world. I don’t write articles just for the sake of earning from google ads. I have direct ads of Sujata Magazine and web designing also. Even if google close my blog, then also I have an option to create my own website.