न्यूज़ नेशन प्रबंधन का तुगलकी फरमान- मार्केटिंग करो, तरक्की पाओ!

न्यूज नेशन चैनल के HR डिपार्टमेंट ने अपने कर्मचारियों को ऑफीशियल मेल करके चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म की मार्केटिंग करने की जिम्मेदारी दी है। यहां तक की ऑफिस के हर कंप्यूटर पर अब फेसबुक भी खुलने लगा है, जो कि पहले ब्लॉक रहता था। मेल में यह भी लिखा है कि इस मार्केटिंग से हर कर्मचारी के आने वाले अप्रेजल पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

भाजपाई असहिष्णुता अब क्रूरता में बदलने लगी है

ये क्या कर डाला गुस्से में! भाजपाई असहिष्णुता की एक और मिसाल! इनकी असहिष्णुता अब क्रूरता में बदलने लगी है। गाय को छोड़ किसी पशु को भी अब ये नहीं बख्शेंगे। 14 मार्च को देहरादून में जो जघन्य कारनामा इन्होंने किया, वह दिल दहला देने वाला है। मेरे एक मित्र वीर विनोद छाबड़ा ने फेसबुक पर इस कारनामे पर अपनी टिप्पणी के साथ एक घायल पड़े घोड़े की तस्वीर पोस्ट की है।

Respectful tribute to Pandit Surya Narayan Sharma

We pay our respectful homage to Shri Surya Narayan Sharma, a veteran journalist, who passed away yesterday in Mumbai at the ripe old age of 92. He was fearless journalist, who wielded very facile pen in Hindi and English as well. He worked for many Hindi and English newspapers but retired from the Hindustan Times of Delhi some 35 years ago. For the last nearly a quarter of a century, he was mostly living in Mumbai with his son.

हत्या के मुलजिम को बचाने के नाम पर ठगी के आरोप में इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल गिरफ़्तार

इंदौर । इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल को सदर बाज़ार पुलिस ने सोमवार रात गिरफ़्तार कर लिया। खारीवाल पर हत्या के मामले में एक मुलजिम को बचाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप है। गिरफ़्तारी से पत्रकार और प्रेस क्लब पदाधिकारी भी सकते में है। कई लोग पुलिस कार्यवाही का समर्थन कर रहे हैं।

मजीठिया मामले में अंतिम सुनवाई की तारीख सुप्रीम कोर्ट ने तय कर दी, 19 जुलाई को हो जाएगा आरपार

आज सुप्रीम कोर्ट में प्रिंट मीडियाकर्मियों के मजीठिया वेज बोर्ड मामले की सुनवाई है. विद्वान न्यायाधीश ने आखिरी सुनवाई की तारीख तय कर दी. 19 जुलाई को फैसला आ जाएगा. फाइनल हियरिंग की तारीख तय होने से मीडियाकर्मी खुश हैं. कोर्ट ने लंबी तारीख इसलिए भी दी है ताकि मीडिया मालिक खुद अपने स्तर पर अपनी कमियों को दुरुस्त कर पीड़ितों को राहत दे दें अन्यथा सुप्रीम कोर्ट को फैसला सुनाना पड़ जाएगा. देखना है कि 19 जुलाई के पहले मीडिया मालिक खुद न्याय कर पाते हैं या फिर सुप्रीम कोर्ट की लाठी का इंतजार करते हैं. आज हुई सुनवाई और पूरे मामले की विस्तृत रपट जाने माने वकील परमानंद पांडेय ने भड़ास को मेल से भेजा है, जिसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है.

पढ़िए हिंदुस्तान टाइम्स में क्या छपा है युवा पत्रकार अशोक दास के बारे में

अशोक दास ‘दलित दस्तक’ मैग्जीन के संस्थापक और संपादक हैं. वह अमर उजाला समेत कई मीडिया हाउसों में काम कर चुके हैं. समाज के उपेक्षित पीड़ित लोगों के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे से लैस अशोक ने अपने लगन और मेहनत के बल पर कम समय में ही नाम कमाया व अपनी अलग पहचान बनाई.

NDTV ने अपनी प्रगतिशीलता, धर्मनिरपेक्षता और जनपक्षधरता को विजय माल्या के साथ इस तरह शेयर किया था

Pushya Mitra : तो माल्या साहब NDTV के पार्टनर भी रह चुके हैं। नाहक जी न्यूज़ बदनाम है।:) वैसे NDTV के साझेदारों में तो वेदांता समूह का भी नाम आता है, जिन पर नियामगिरी में आदिवासियों को खदेड़ कर पहाड़ कब्जाने का आरोप रहा है। वस्तुतः प्रगतिशीलता यही होती है। बनियान चाहे जितनी मैली हो कुरता झकाझक सफ़ेद रहना चाहिए। वैसे ndtv के साथ किंगफिशर वाली वह चिड़िया बड़ी प्यारी लग रही है 🙂

अब सेक्यूलरिज़्म के दूसरे सूरमा प्रणव राय पर भी बन आई है…

: भारतीय पत्रकारिता में सेक्यूलरिज्म का तड़का और उस का यह हश्र : विजय माल्या और प्रणव राय की गलबहियां : भारतीय पत्रकारिता में सेक्यूलरिज्म का तड़का भी अजीबोगरीब स्थितियां पेश कर देता है। क़िस्से तो बहुतेरे हैं पर अभी दो लोगों को याद कीजिए। एक तुर्रम खां हैं तहलका के तरुण तेजपाल जो अर्जुन सिंह द्वारा दिए गए सरकारी अनुदान से वाया तहलका सेक्यूलर चैम्पियन बने। फिर जल्दी ही वह कुख्यात माफ़िया पोंटी चड्ढा की गोदी में जा गिरे और देखते-देखते अरबों में खेलने लगे।

हरीश रावत की चाटुकारिता पर उतर आया अमर उजाला!

देहरादून। एक वक्त था जब उत्तराखंड में अमर उजाला अपनी धारदार खबरों के लिए पहचाना जाता था, लेकिन अब यह अखबार जिस तरह सत्ता की चाटुकारिता के लिए पूरी नंगई पर उतर आया है वह हैरान करने वाला है। देहरादून में ज्योतिषिlयों का मजमा लगाने वाले अमर उजाला ने बेजान दारूवाला के हवाले से हरीश रावत की दोबारा ताजपोशी का ऐलान कर दिया है। अमर उजाला ने हरीश रावत की चुनाव में फिर वापसी की भविष्यवाणी की है।

ज़ी न्यूज़ के खिलाफ एक्शन लेने के लिए जाने-माने लोगों ने की अपील

Om Thanvi : देश के नागरिकों को देशद्रोही ठहराने वाले ज़ी न्यूज़ के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के बाबत नसीरुद्दीन शाह, शुभा मुद्गल, प्रशांत भूषण, शर्मिला टैगोर, जॉन दयाल, शबनम हाशमी आदि की अपील। भोले लोग हैं जो इस सरकार से ऐसी उम्मीद लगा बैठते हैं। सरकार ने ज़ी संपादक की सरकारी सुरक्षा की प्रत्यक्ष व्यवस्था कर रखी है; अप्रत्यक्ष क्या है किसे मालूम? पढ़ें द हिंदू में प्रकाशित खबर….

रेलवे के इतने बड़े झूठ और फर्जीवाड़े पर मीडिया और मंत्रालय ने चुप्पी क्यों साध रखी है?

Sanjaya Kumar Singh : रेल मंत्री ट्वीटर पर व्यस्त और अपराधी-ठग अपने धंधे में… अब स्पष्टीकरण से क्या लाभ जब चिड़िया चुग गई खेत… रेल मंत्री सुरेश प्रभु जब ट्वीटर के सहारे मुश्किल में फंसे रेल यात्रियों को खाना, पानी और डायपर पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे तो ठगों, अपराधियों और संभवतः रेलवे से जुड़े लोगों का एक गिरोह आम युवाओं, रोजगार तलाश करने वालों को ठगने-लूटने में लगा हुआ था। जरूरी नहीं है कि यह सूचना सही हो। यह भी संभव है कि रेल मंत्रालय की जानकारी के बगैर या कायदे-कानूनों को पूर्ण किए बगैर रेल सुरक्षा बल में 17,000 कांसटेबल की नियुक्ति के विज्ञापन निकाल दिए गए हों और अब जब पता चला तो नियुक्ति की घोषणा को फर्जी करार दिया गया।

अखिलेश यादव के जंगलराज की कहानी बयां करती अमर उजाला में छपी यह तस्वीर देखेंगे तो आप भी दहल जाएंगे

Mohammad Haider : A shameful situation…. Does this picture not cast a blow our nerves? And our hearts? It’s a very tragic situation. The Medical and Health facilities in the State have almost collapsed. Medical Aid is available only to the high and mighty…. Friends, you may, as educated and able person try and rid your fellow citizens, who are the lesser mortals, by ensuring the initiation of a corrective action…. Every step counts. The process may be initiated by taking a stock of the situation… The PHCs, the CHCs, the District Hospitals are ill equipped, with a fraction of actual workforce, vis-a-vis sanctioned strength… The Nursing homes run sans any approval, exploiting and harassing people…. Its high time. We need to ACT.. Its already TOO LATE.

एक पत्रकार हमें भेड़ियों में बदल रहा है

Himanshu Pandya : यह तस्वीर एक शिक्षक उमा खुराना की है. 28 अगस्त,2007 को उनके तुर्कमान गेट स्थित सरकारी स्कूल के बाहर अचानक भीड़ इकठ्ठा हुई और उमा जी कुछ समझ पातीं, इसके पहले गुस्साई भीड़ ने उन्हें स्कूल के बाहर खींचकर सड़क पर न केवल जान से मारने का प्रयास ही किया बल्कि सरे राह उनके कपडे फाड़ कर नग्न तक कर दिया था. मौके पर पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव कर दिया. पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई.

मुजफ्फरपुर में ‘JNU Speaks’ कार्यक्रम पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने किया हमला, देखें वीडियो

बिहार के मुजफ्फरपुर से खबर है कि ‘जेएनयू स्पीक्स’ नामक कार्यक्रम पर भाजपा के छात्र विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. इसके कार्यक्रम में शामिल कई लोगों को चोटें आई हैं. जेएनयू से जुड़ी रहीं महिलावादी और भाकपा माले नेता कविता कृष्णन ने इस बारे में जानकारी अपने फेसबुक वॉल पर दी है. उन्होंने बोलने के अधिकार पर लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे कार्यक्रम पर हमला करने की संघी गुंडों की हरकत को बेहद शर्मनाक करार दिया. 

अमिताभ अग्निहोत्री ने दिया इंडिया नाऊ से इस्तीफा, पहुंचे चैनल वन, साधना से ब्रजमोहन सिंह का इस्तीफा

बड़े बड़े दावे करते हुए इंडिया नाऊ नामक एक कथित रीजनल चैनल, जो लांच होने से पहले ही ढेर सारे विवादों में फंस चुका है, में एडिटर इन चीफ के पद पर काबिज हुए अमिताभ अग्निहोत्री के बारे में सूचना आ रही है कि उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया है. चैनल के मालिकों के झूठ-फरेब के मायाजाल में देर तक न फंसते हुए अमिताभ ने तत्काल यहां से मुक्ति पाई और बताया जा रहा है कि उन्होंने चैनल वन ज्वाइन कर लिया है. लोग कह रहे हैं कि आसमान से गिरे तो खजूर में अंटके.

भास्कर समूह का नया अंग्रेजी दैनिक ‘डीबी पोस्ट’ लांच

भास्कर समूह ने अपना नया अंग्रेजी अखबार लांच किया है. भोपाल में लांच इस अखबार का नाम डीबी पोस्ट है. अखबार की प्रिंट लाइन में मुद्रक के रूप में नाम मनीष शर्मा और संपादक के रूप में नाम श्याम पारेख का जा रहा है. भोपाल में स्थानीय संपादक अंकित शुक्ला हैं. अखबार कुल दस पन्ने का है जिसे आनलाइन भी पढ़ा जा सकता है. इ-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: 

माल्या जी, आपके ललका जहाज़ की सीट के पाकेट से मैं लाल रंग वाला ईयर फोन ले आया था : रवीश कुमार

माल्या का भागना, चैनलों का जागना

आनंदप्रिय विजय माल्या जी,

आमतौर पर आदरणीय का प्रयोग होता है लेकिन आपके लिए आनंदप्रिय ठीक है । इसका कत्तई मतलब नहीं कि आप आदरणीय नहीं है । आपके कैलेंडर सराहनीय हो सकते हैं तो आप आदरणीय क्यों नहीं हो सकते हैं ।आपने समाज में मनोरंजन और रसरंजन को प्रतिष्ठित किया है । आप हमारे मुल्क ( भारत नहीं लिख रहा पता नहीं कब कौन सेडिशन लगवा दे) के उदास चेहरों के बीच खिलखिलाने का ब्रांड एंबेसडर हैं । जिसे देखिये वही दुखी है । आपको देखकर लगता था कि एक है जो सबसे सुखी है । इसलिए आपको आनंदप्रिय कहा है । लोकप्रिय तो बहुत मिल जाते हैं।

विजय माल्या-प्रणय रॉय और किंगफिशर-एनडीटीवी गुड टाइम्स में जबरदस्त याराना का राज जानिए

Dilip C Mandal : माल्या ने मीडिया को धमकी दी है कि मेरे बारे में ज्यादा बोलोगे तो सबके राज़ खोल दूंगा कि किसको क्या क्या दिया है. आखिर कैसे राज़ हैं माल्या के पास? चलिए एक के बारे में मैं बता देता हूं. वैसे तो यह कोई राज़ भी नहीं है. 2007 में एक चैनल खुला था NDTV गुड टाइम्स.  एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय और विजय माल्या का साझा करिश्मा. उस समय की खबरें देखिए. माल्या का 100 करोड़ रुपये लगाने का वादा. चैनल के लोगो पर मंडराता किंगफिशर पक्षी. माल्या का टैगलाइन गुड टाइम्स चैनल का टैगलाइन बना. यह वही दौर था जब माल्या बैंकों को लूट रहा था. भारतीय प्रगतिशीलता में बहुत झोल है बाबू! एक गिरोह है जो मिलकर देश को लूट रहा है.

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल के फेसबुक वॉल से.

राजस्‍थान के सबसे बड़े पिंकसिटी प्रेस क्‍लब में बिछी चुनावी बिसात, 30 मार्च को चुनाव

जयपुर : राजस्‍थान के सबसे बड़े प्रेस क्‍लब पिंकसिटी प्रेस क्‍लब में चुनावी रणभेरी बज चुकी है. पुराने मुद्दों को सुलझाने में नाकाम पदाधिकारी फिर से इन मुद्दों को भुनाने की कवायद में है. इनमें सबसे बड़ा मसला पत्रकार आवास योजना है. पत्रकारों के सम्‍मान, प्रेस क्‍लब की प्रतिष्‍ठाख्‍ राजस्‍थान के हालिया बजट में पत्रकारों की अनदेखी सहित कई मुद्दों पर यह चुनाव लड़ा जा रहा है.

राष्ट्रीय सहारा कानपुर के सिटी हेड दिलीप पहुंचे ‘इंडिया वायस’

राष्ट्रीय सहारा, कानपुर से सूचना है कि सिटी हेड दिलीप कुमार सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने नई पारी की शुरुआत इंडिया वायस न्यूज चैनल के साथ की है. उन्हें चैनल में न्यूज कोआर्डिनेशन हेड उत्तर प्रदेश उत्तराखंड का पद मिला है. इंडिया वायस में सहारा के तमाम अनुभवी साथियों ने ज्वाइन किया हुआ है.

जब सोनिया गांधी सत्ता की सर्वेसर्वा थीं तो उनके कालेधन के बारे में उसी दौर में भड़ास पर स्टोरी छापी गई थी

Yashwant Singh : मूर्ख भाजपाइयों और भक्तों को बता दें कि जब वो चुप्पी मारे बिल में थे तब भी हम लोग सत्ता के खिलाफ लिखते थे और सीना ठोक कर लिखते थे. ये स्टोरी भड़ास के तब कंटेंट एडिटर रहे Anil Singh ने तैयार की थी और जून 2011 में तब प्रकाशित किया था भड़ास पर जब कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी और आदरणीया सोनिया जी सर्वेसर्वा हुआ करती थीं. मीडिया का काम ही सत्ता में बैठे लोगों की कुनीतियों और कदाचारों का खुलासा होता है.

जी न्यूज और इंडिया न्यूज लुढ़का, इंडिया टीवी को सर्वाधिक फायदा

इस साल के नौवें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि जी न्यूज और इंडिया न्यूज लुढ़क गए हैं. सबसे ज्यादा नुकसान जी न्यूज का हुआ है जिसने 1.6 अंक खोकर चौथे स्थान पर आ गया है. इंडिया न्यूज को छठें स्थान पर गिरकर संतोष करना पड़ा है. न्यूज नेशन ने पांचवें पोजीशन पर कब्जा जमा लिया है.

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में अपने वकील का प्रमोशन की तरफ भी ध्यान दिलाएं

मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंषा के अनुसार वेतन और सुविधाएं पाने के लिये सुप्रीम कोर्ट में या देश के दूसरे किसी भी अदालत में या लेबर कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे सभी पत्रकार भाई अपने अपने प्रमोशन की तरफ भी अपने वरिष्ठ अधिवक्ता का ध्यान दिलाएं। सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 11 नवम्बर 2011 को भारत के राजपत्र में अधिसूचना संख्या 2532 (अ) में अधिसूचित कर आदेश दिया है जिसके मुताबिक़ 10 वर्ष की सेवा संतोषजनक करने पर पदोन्नति का प्रावधान है।

बीबीसी ने चैनल पर चला दी शो में बैठी गेस्ट की न्यूड फुटेज!

बीबीसी ने अपने एक शो के दौरान एक महिला नौकाचालक की न्यूड फुटेज प्रसारित कर दी. यह नौकाचालक बतौर मेहमान शो में शामिल थी. इस चूक के लिए चैनल को दर्शकों और मेहमानों से माफी मांगनी पड़ी. ये महिला शो में बतौर मेहमान गिनीज बुक में दर्ज अपनी उपलब्धि के बारे में चैनल को बता रही थी. बीबीसी के सुबह के प्रसारण में यॉर्कशायर की महिला नौका टीम अटलांटिक पार करने के अपने रिकॉर्ड के बारे में बता रही थी. इस दौरान जो फुटेज चैनल पर चली उसमें हेलन बटर्स नाम की महिला नौकाचालक पूरी तरह से अर्धनग्न थी. उसने टीशर्ट के नीचे कुछ नहीं पहन रखा था. बटर्स टीम की सबसे शर्मीली सदस्य थीं और उन्हें अपनी टीम के सामने कपड़े उतारने में हिचक होती थी.

युवा डायरेक्टर विनोद ने बनाई शॉर्ट फिल्म ‘काश! सब ठीक हो जाए’, यूट्यूब पर रिलीज

शॉर्ट फिल्म- य़स इट डज़ मैटर
निर्देशक- विनोद
कास्ट- अक्षय मिश्रा, ज्योति मिश्रा, शिव सिंह श्रीनेत, मयंक शाहनी
म्यूजिक- प्रमोद रिसालिया

युवा निर्देशक विनोद के निर्देशन में बनी शॉर्ट फिल्म य़स इट डज़ मैटर गुंगी फिलम् होते हुए भी बहुत बोल जाती है। इस फिल्म में नौकरी के लिए भटक रहे एक लड़के कहानी को कम समय काफी दिखाने का प्रयास किया गया है जोकि काफी सराहनीय है। ऐसी कहानी आम तौर पर भारत के हर शहर और मौहल्लों में सुनने और देखने को मिलती है खासकर लड़कियों के साथ। इस फिल्म में विजय नाम का लड़का काफी गरीब और आर्थिक तौर पर  कमजोर होने के कारण गांव को छोड़ कर शहर में नौकरी की तलाश में आता है। काफी इंटरव्यूज़ के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिलती।

दूरदर्शन भोपाल में उड़ रहीं प्रसार भारती से नियमों की धज्जियां

पिछले कुछ दिनों से विवादों में चल रहे दूरदर्शन भोपाल के समाचार एकांश में एक उपनिदेशक समाचार की जबरदस्त मनमानी चल रही है। मनमानी के चलते अधिकारी प्रसार भारती के नियमों को भी ताक पर रखे है। आलम यह है कि अधिकांश लोग जिस काम के लिए भर्ती किए गए थे उनसे उनका काम कम करवाकर जिस काम के लिए उनका चयन हुआ ही नहीं वह काम करवाए जा रहे हैं। प्रसार भारती ने मार्च-अप्रैल 2014 में 2 कॉपी एडिटर, 2 कॉरसपॉन्डेंट, 2 ब्रॉडकास्ट एक्जीक्यूटिव, 1 एंकर कम कॉरस्पॉन्डेंट, 2 वीडियो एडिटर, 1 लाईब्रेरी सहायक, 2 ट्रेनी पैकेजिंग समेत एक असाईन्मेंट कॉर्डिनेटर को भर्ती किया था। इन सबका चयन बाकायदा परीक्षा और इंटरव्यू लेकर किया गया था।

मजीठिया केस की सुप्रीम कोर्ट में 14 मार्च को सुनवाई : कोर्ट नंबर 7, आइटम नंबर 2

14 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड मामले की होने वाली सुनवाई के बारे में पता चला है कि यह सुनवाई कोर्ट नंबर सात में होगी और मजीठिया वेज बोर्ड का केस आइटम नंबर दो पर है. यानि सुबह कोर्ट खुलते और जज के बैठते ही यह मामला सामने आने वाला है. इस लिहाज से जो भी साथी सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित रहकर कार्रवाई देखना सुनना चाहते हैं वह करीब आठ साढ़े आठ बजे ही सुप्रीम कोर्ट गेट पर पहुंच कर अपने संबंधित वकील से लिखित अनुमति पत्र लेकर पास वगैरह बनवा लें ताकि समय से कोर्ट रूम नंबर सात में पहुंच सकें.

Even Shillong Times, only major newspaper of Meghalaya has skipped Majithia

‘The Shillong Times’ is the only major daily newspaper, which is published from Meghalaya. There are 51 employees, including journalists or non-journalists, who work for this newspaper. As per the status report on the implementation of the Majithia Award submitted before the Supreme Court of India by the Meghalaya’s Labour Commissioner, Smt. Merilyn Nellie Nampui, ‘The Shillong Times’ falls under category VI of the Majithia Report. However, this newspaper has also failed to comply with the implementation of the Majithia Award.

सुधीर चौधरी की दंगाई पत्रकारिता पर अदालत, प्रेस परिषद और मीडिया संगठनों को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए

Krishna Kant : गौहर रजा की नज्में सुनीं. सुधीर चौधरी नामक पत्रकार पर अब तक निजी तौर पर मैंने कुछ नहीं लिखा था. अपनी टीआरपी छाप सनक में ये शख्स उमा खुराना के चीरहरण से लेकर उगाही राष्ट्रवाद तक पहुंचते पहुंचते पागल हो गया है. इसको हाई लेवल सिक्योरिटी की नहीं, अब पागलखाने की जरूरत है. मोदी सरकार को देशहित में यह काम जरूर करना चाहिए. इन भाई साहब ने पहले फर्जी स्टिंग करके एक महिला को वेश्या साबित करने की कोशिश की और इनका चैनल बंद हुआ. फिर इन्होंने रिपोर्ट के बदले उगाही खाने की कोशिश की और जेल की हवा खाकर आए. अब ये मीडिया के नाम पर राष्ट्रवादी दुकान खोलकर बैठ गए हैं. सोने में सुहागा कि इन्हें मोदी सरकार मिल गई है.

एनडीटीवी न्यूज चैनल अब फ्री में देखने को मिलेगा, बढ़ेगी टीआरपी

9 मार्च के प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में एनडीटीवी न्यूज चैनल के प्रबंधन की ओर से एक विज्ञापन प्रकाशित हुआ है। इस विज्ञापन में कहा गया है कि एनडीटीवी के न्यूज चैनल अब तक पे चैनल थे, लेकिन आगामी 16 अप्रैल से सभी प्लेटफार्म पर एनडीटीवी के चैनल फ्री देखें जा सकेंगे। यानि टाटा स्काई, एयरटेल, रिलायंस, वीडियोकॉन आदि ऑपरेटरों से जो प्रति ग्राहक शुल्क वसूला जाता था, उसे अब एनडीटीवी का प्रबंधन नहीं लेगा। यानि जिस प्रकार दूरदर्शन के सभी चैनल फ्री टू एयर में देखे जाते हैं, उसी प्रकार अब उपभोक्ताओं को एनडीटीवी के चैनल भी देखने को मिलेंगे।

टुकड़खोर चैनल वाले माल्या द्वारा मीडिया को दी गई धमकी पर प्राइम टाइम नहीं दिखाएंगे

Yashwant Singh : बिकाऊ मीडिया के मालिक और संपादक सारे ज्यादातर बड़े उद्योगपतियों से पैसे खाकर बैठे हैं. तभी तो कभी ललित मोदी मीडया के दलालों को धमका जाता है तो कभी भगोड़ा विजय माल्या अपने पालतू संपादकों को डांट जाता है. ध्यान से देखिएगा, किस चैनल और किस अखबार को टोन डाउन होता है विजय माल्या को लेकर. वैसे तो ये चैनल व अखबार पहले ही विजय माल्या जी को महामहिम की तरह पेश कर रहे हैं, जैसे देश से भागकर उन्होंने कोई एहसान कर दिया हो हम लोगों पर.

माल्या के कहने का मतलब ये है- ”रायता कभी भी फैल सकता है, संभल जाओ, सुधर जाओ संपादकों!”

Prince Singh : खामोश होने की कड़क चेतावनी है। ह्वीच आर डॉक्यूमेंडेट का मतबल ये है कि रायता कभी भी फैल सकता है, संभल जाओ, सुधर जाओ संपादकों! सोशल मीडिया जर्नलिस्ट प्रिंस सिंह के फेसबुक वॉल से. मूल खबर ये है : भगोड़े विजय माल्या ने बड़े चैनलों और अखबारों के संपादकों को पैसे खिला …

ये ट्वीट ही “आज के मीडिया” की असली तस्वीर है

Pranav Sirohi : ये ट्वीट ही “आज के मीडिया” की असली तस्वीर है। और हां, ये फर्जी नहीं, विजय माल्या के वेरिफाइड अकाउंट से किया गया है। सोशल मीडिया जर्नलिस्ट प्रणव सिरोही के फेसबुक वॉल से. मूल खबर ये है : भगोड़े विजय माल्या ने बड़े चैनलों और अखबारों के संपादकों को पैसे खिला रखा …

विजय माल्या पर जो भी संपादक चुप रहे वो माल्या का नमक खाया है

Sheeba Aslam Fehmi : समझ लीजिए कि विजय माल्या पर जो भी संपादक चुप रहे वो माल्या का नमक खाया है. जेएनयू की रिसर्च स्कालर और चर्चित महिलावादी शीबा असलम फहमी के फेसबुक वॉल से. मूल खबर ये है :  भगोड़े विजय माल्या ने बड़े चैनलों और अखबारों के संपादकों को पैसे खिला रखा है, …

भारत के टुकड़खोर मीडिया को धमकाते माल्या जी के पावन वचनों का भावानुवाद जानिए

Dinesh Choudhary : “कुत्तों, यह न भूलो कि मैं तुम्हें सालों से हड्डी के टुकड़े और रोटियां फेंकता आया हूँ। मेरे बरामदे में लोट-लोटकर तुम अपनी पीठ की खुजली मिटाते आये हो। अब मुझ पर और भोंकने से पहले सोच लो!” (भारत के टुकड़खोर मीडिया को धमकाते माल्या जी के पावन वचनों का भावानुवाद।) भिलाई …

भगोड़े विजय माल्या ने बड़े चैनलों और अखबारों के संपादकों को पैसे खिला रखा है, निगेटिव खबर चलाने पर दी धमकी

हम लोगों के देश के जो बड़े अखबार हैं और जो बड़े टीवी चैनल हैं, उसके मालिकों व संपादकों को विजय माल्या ने जमकर पैसे खिलाए हैं. पैसे खिलाने के अलावा कई तरह से उपकृत किया है और यह सब लिखत पढ़त में किया है. सोशल मीडिया के दबाव में जब चैनलों व अखबारों में विजय माल्या के खिलाफ देश से भाग जाने की खबरें चलनी शुरू हुई तो तिलमिलाए विजय माल्या ने कारपोरेट व करप्ट मीडिया की औकात बता दी. उन्होंने ट्वीट करके जो कहा उसका मतलब यही है कि संपादक लोग औकात में रहो, ज्यादा निगेटिव लिखा व निगेटिव दिखाया तो पूरी पोल पट्टी खोल देंगे जो आन पेपर है. इस ट्वीट के बाद बिकाऊ मीडिया के संपादकों को सांप सूंघ गया है. लोग अब माल्या से मांग करने लगे हैं कि उनमें अगर दम हो तो मीडिया के दलाल संपादकों के नाम सार्वजनिक कर देने चाहिए.

एक भूतपूर्व सांसद व प्रसिद्व पत्रकार ने विजय माल्या के लिए दलाली करते हुए उनके साथ उत्तराखंड में नेताओं की बैठकें करवाई…

मालामाल माल्या की कंगाली कथा

-निरंजन परिहार-

अब आप इसे ख्याति कहें या कुख्याति, कि संसार में शराब के सबसे बड़े व्यापारियों में से एक भारत में कभी अमीरों की जमात के सरदार रहे विजय माल्या कंगाली की कगार पर देश छोड़ कर फुर्र हो गए हैं। यह जगविख्यात तत्य है कि है कि ज्ञान, चरित्र और एकता का दुनिया को पाठ पढ़ाने वाले संघ परिवार की दत्तक पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने ही संसार में शराब के सबसे बड़े व्यापारियों में से एक माल्या को कर्नाटक से राज्यसभा में फिर से पहुंचाया था। और माल्या कभी देश की जिस संसद में बैठकर भारत के भाग्य विधाता बने हुए थे, वह संसद भी सन्न है। क्योंकि लुकआउट नोटिस के बावजूद वे गायब हो गए। पर, इस बात का क्या किया जाए कि जिस लाल रंग से माल्या को बहुत प्यार है, सरकार उस लाल रंग की झंडी किंगफिशर के कंगाल को दिखाए, उससे पहले ही विजय माल्या बचा – खुचा माल बटोरकर सर्र से सरक गए।

जंगलराज के खिलाफ सीएम अखिलेश यादव के आवास के सामने धरने पर बैठ गया एक आईपीएस आफिसर, देखें तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर प्रदेश ने प्रदेश सरकार पर जंगलराज, मनमानी और अन्याय का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवास के सामने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए. अमिताभ ठाकुर ने अपने निलंबन के आठ महीने के बाद भी खुद को नौकरी पर बहाल न किए जाने और बुजुर्ग को थप्पड़ मारने वाले पुलिस अफसर को मात्र आठ दिनों बाद ही बहाल किए जाने को लेकर सरकार की पक्षपाती मंशा पर सवाल खड़ा किया. इसी अन्याय के खिलाफ वह धरने पर बैठे. धरने पर बैठने की घोषणा वह पहले ही कर चुके थे.

जी न्यूज के इस संवाददाता को खबर रोकने के लिए चाहिए फ्लैट या दस लाख रुपए! (सुनें टेप)

हरिद्वार के जी न्यूज संवाददाता नरेश गुप्ता द्वारा एक प्रापर्टी डीलर से एक फ्लैट या 10 लाख रूपये की मांग करते हुए ब्लैकमेल किये जाने की एक आङियो क्लिप इन दिनों हरिद्वार में खूब चर्चा का विषय बनी हुई है. इसमें जी न्यूज संवाददाता प्रापर्टी डीलर से विवादित जमीन की खबरें न दिखाने की एवज में एक फ्लैट या 10 लाख रुपये की मांग कर रहा है. वह उस व्यक्ति को साफ साफ इशारों में कह रहा है कि यदि वह न मानेगा तो वह खेल बिगाड़ देगा.

कोर्ट ने डॉ. अब्दुल करीम टुंडा को बाइज्जत बरी किया तो फिर मीडिया वालों के लिए वह आतंकी कैसे हो गये? देखिए शर्मनाक रिपोर्टिंग

Shameer Aameen Sheikh : डॉ. अब्दुल करीम टुंडा, पिलखुवा (यूपी) के एक होम्योपैथी चिकित्सक, जिनको 16 अगस्त’ 2013 को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था, 1996-1998 के बीच 40 से अधिक बम ब्लास्ट करने का आरोप था इन पर| 3 साल बाद अभी न्यायालय ने करीम साहब को बाइज्जत बरी कर दिया| फिर भी दैनिक हिंदुस्तान लिखता है “लश्कर आतंकी टुंडा बम विस्फोटों से जुड़े मामले में बरी”।

दैनिक जागरण ने इलाहाबाद के पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह को जीते जी मार दिया

दैनिक जागरण महान अखबार है. यहां कभी मायावती के लिए गंदी गंदी गालियां छप जाया करती हैं तो कभी जिंदा लोगों को मरा घोषित कर दिया जाता है. ताजा मामला इलाहाबाद एडिशन का है. कल दैनिक जागरण इलाहाबाद में पेज नंबर नौ पर एक छोटी सी खबर छपी है जिसमें बताया गया है कि पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह के निधन के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष निर्मल खत्री ने उनके घर पहुंचे और उन्होंने वहां शोक संतप्त परिवार को सांत्वाना दी.

पंजाब सरकार की शराब से रेवन्यू बढ़ाने की नीति को देखते हुए महिलाएं अब करेंगी शराबियों का ‘सम्मान’ : बेलन ब्रिगेड

लुधियाना : बेलन ब्रिगेड की तरफ से सर्कट हाउस में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया जिसमें विभिन्न संस्थाओं की महिलाओं ने हिस्सा लिया और समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर चर्चा की गयी।  इस अवसर पर बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि आज समाज में महिलाओं के लिए शराब सबसे बड़ी समस्या है और जिसे  पंजाब सरकार नशा नहीं मानती। आज महंगाई  के युग में शराब गरीब महिलाओं के लिए एक श्राप है क्योंकि महिलाएं भूखी रह सकती हैं गरीबी में रूखी सूखी खाकर अपने बच्चे पाल सकती हैं लेकिन शाम को जब उनके पुरुष शराब पीकर घर पर लौटते हैं और बच्चो से गाली गलौच करते हैं, पीटते हैं जिससे घर का माहौल गमगीन हो जाता है। ऐसी घडी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी दु:खदायी होती है। तब उसकी कोई मदद नहीं करता और लोग तमाशा देखते हैं।

गौहर रज़ा हैं देशद्रोही कवि! शर्म करो जी न्यूज!!

Vineet Kumar : गौहर रज़ा हैं देशद्रोही कवि! शर्म करो जी न्यूज!! इन दिनों जी न्यूज अफजल प्रेमी गैंग नाम से खबरों की सीरिज चला रहा है. उसने राष्ट्रभक्ति का दायरा इतना संकुचित कर लिया है कि जो सत्ता के साथ नहीं है, जो लंपटता का विरोध करता है, वो इनके हिसाब से देशद्रोही है. प्रतिरोध में अपनी बात कहनेवाले को ये चैनल देशद्रोही का सर्टिफिकेट जारी करने में बहुत ज्यादा वक्त नहीं लगाता.

भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ रहा लोकसभा टीवी

कहने को तो लोकसभा टीवी एक संसदीय चैनल है। लेकिन सच्चाई यही है इसकी शुरुआत से आज तक इस संसदीय चैनल में भाई भतीजावाद का ही बोल-बाला रहा है। जिसके चलते अपनी स्थापना के दस साल के बाद भी भारी भरकम बजट वाला ये चैनल अपनी पहचान को तरस रहा है। इस चैनल की कहीं कोई चर्चा नहीं है, कार्यक्रमों के लिए ये नहीं जाना जाता। जबकि महज़ चार साल पहले जन्मा राज्यसभा टीवी थोड़े समय में ही अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।

स्क्रीन पर स्त्री : जो खल चरित्र होंगी वो प्रगतिशील, पढ़ी-लिखी, कामकाजी, खुद की पहचान के लिए जद्दोजद करती नजर आएंगी

 

दिल्ली। टेलीविजन अपने चरित्रों को पहले लोकप्रिय बनाता है और फिर हमारे वास्तविक जीवन में उसकी दखल होती है। हम जो वास्तविक जिंदगी मे हैं वो व्यक्तित्व टेलीविजन बाहर निकालकर लाता है| उक्त विचार सुपरिचित मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार ने हिन्दू कालेज की वीमेंस डेवलपमेंट सेल के वार्षिक उत्सव समारोह मे ”स्क्रीन पर स्त्री ”विषय  संगोष्ठी में व्यक्त किए।

डिफाल्टर और भगोड़े विजय माल्या के लिए न्यूज चैनल्स ऐसे खबर पढ़ रहे हैं जैसे वो भारत का राष्ट्रपति हो!

Dhiraj Kumar Bhardwaj : 9000 करोड़ का कर्ज लेकर विजय माल्या तो भाग गया.. लेकिन न्यूज चैनल्स उसके लिये ऐसे खबर पढ़ रहे हैं जैसे वो भारत का राष्ट्रपति है.. “किंग ऑफ गुड टाइम्स विजय माल्या देश छोड़ कर जा चुके हैं.” शायद विज्ञापनों के अहसानों का बोझ अभी भी दबाये हैं.

वेद प्रताप वैदिक बोले- अरनब गोस्वामी बहुत नीच आदमी है (देखें वीडियो)

वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार हैं. काफी सुलझे हुए पत्रकार माने जाते हैं. भाषा और विचार के स्तर पर संतुलित माने जाते हैं. लेकिन अरनब गोस्वामी को लेकर उनका गुस्सा ऐसा फूटा कि उन्होंने अरनब गोस्वामी को ना जाने क्या क्या कह दिया, वह भी पूरी मीडिया के सामने. उपर दिए गए तस्वीर पर क्लिक करिए और वीडियो देखिए.

विजय माल्या को विदेश भाग जाने देने को लेकर सोशल मीडिया पर मोदी की थू-थू शुरू

Sanjiv Bhatt : Government informs Supreme Court that Rajya Sabha MP Vujay Mallya left India on 2 March. Top five defaulters in India… Ambani, Adani, Anil Agarwal of Vedanta, Jaypee Group, and Sajjan Jindal (The one who arranged Modi’s impromptu meeting with Nawaz in Pakistan)

हिंदी न्यूज वेबसाइटों पर अब ऐसी खबरें भी छपने लगीं : ”शिवपाल के बेटे की शादी में दि पंजाब बैंड बजाएगा गाना”

Yashwant Singh : एक वेबसाइट है. ‘तहलका न्यूज’ नाम से. इस पर एक खबर की हेडिंग है : ”शिवपाल के बेटे की शादी में दि पंजाब बैंड बजाएगा गाना”. इस साइट पर यूपी के अखिलेश सरकार का एक विज्ञापन भी लगा है. सुना है इसे लखनऊ के एक ‘महान’ पत्रकार चलाते/चलवाते हैं. ये भी संभव है कि इस साइट के संपादक जी यानि संचालक जी इस वक्त इटावा की तरफ हों और इसी बैंड के किसी गाने में ‘शामिल बाजा’ माफिक डोल डाल कर रहे हों. 🙂

पब्लिक का हजारों करोड़ रुपया दबाए विजय माल्या सरकार की नाक के नीचे से भाग गया!

Sheetal P Singh : वो हू ला ला ला करके देश को दस हज़ार करोड़ का प्रत्यक्ष चूना लगा कर निकल गया। देशभक्त प्रोफ़ाइलों का मुँह आटोमेटिकली तालाबन्द हो गया है “नो कमेंट”! वे सेना और सैनिक बहुत बेचते हैं, ख़ासकर जब कोई सैनिक या सैन्य अफ़सर बार्डर पर शहीद हो जाय तो तुरंत उसके फ़ोटो लाइक/ शेयर करने के मर्सिये पढ़ने लगते हैं। पन्द्रह दिन बाद उसके घर परिवार के दुख लापता हो जाते हैं! हेमराज (जिसका सर पाकिस्तानियों ने नहीं लौटाया) का परिवार कहाँ किस हाल में है किसी को पता है? और, सेना श्री श्री के लिये फ़्री में प्लांटून पुल बनाने में लगा दी गई है। ध्यान से नोट करते रहिये देशभक्ति को।

सुप्रीम कोर्ट आजतक चैनल के बारे में फैसले पर पुनर्विचार करे : यूपी विधानसभा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा ने मुजफ्फरनगर दंगों पर हुए स्टिंग आपरेशन के सिलसिले में आजतक समाचार चैनल के पत्रकारों के पेश होने पर उच्चतम न्यायालय द्वारा स्थगनादेश दिये जाने के बाद एक प्रस्ताव पारित कर तय किया कि शीर्ष अदालत से फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया जाएगा. विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने प्रस्ताव पेश किया, जिसमें कहा गया, ‘‘जांच समिति ने टीवी टुडे नेटवर्क के जिन पदाधिकारियों को दोषी पाया है, उन्हें सदन में पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये गये हैं. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ सदन यह प्रस्ताव पारित करता है कि शीर्ष अदालत से अनुरोध किया जाये कि चार मार्च को इस संबंध में दायर रिट याचिका में सदन की कार्यवाही स्थगित करने के विषय में पारित आदेश पर पुनर्विचार किया जाये.”

बीबीसी हिंदी की ज्यादातर खबरें किसी औसत प्रतिभा के व्यक्ति की फेसबुक पोस्ट्स जैसी लगती हैं

Shayak Alok : बीबीसी हिंदी की ज्यादातर खबरें मुझे किसी औसत प्रतिभा के व्यक्ति की फेसबुक पोस्ट्स जैसी लगती हैं .. सतही और प्रभावित .. जबकि मैंने पाया कि बीबीसी अंग्रेजी की भारत पर लिखी रिपोर्टों की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है .. बीबीसी हिंदी की सबसे अच्छी खबरें उन्हीं खबरों का हिंदी अनुवाद हैं..

जिस हत्यारे शहाबुद्दीन को फांसी होनी चाहिए, उसे सलामी देने जेल में अपना मंत्री भेजते हैं नीतीश कुमार, सोशल मीडिया चुप्पी साधे है

Yashwant Singh : दो भाइयों को तेजाब से नहला कर मारने और तीसरे की गवाही देने जाते वक्त हत्या करने के आरोपी कुख्यात शहाबुद्दीन को फांसी देने की जगह इसके जेल के दरबार में हाजिरी लगाने जाते हैं नीतीश कुमार के एक मंत्री… आप चुप हैं क्योंकि ये मामला भाजपा और मोदी से जुड़ा नहीं है… इस पर भी बोलिए लिखिए अभियान चलाइए जनाब… बिहार के सीवान जिले के चंदा बाबू जिस हत्यारे शहाबुद्दीन और उसके गिरोह के कारण तीन बेटे गंवा चुके हैं, उस शहाबुद्दीन से जेल में मिलने बिहार के एक मंत्री महोदय जाते हैं. जेल में बाकायदा चाय नाश्ता होता है. फोटो सोटो खींचे खिंचवाए जाते हैं. शहाबुद्दीन सांसद रहा है, हार्डकोर क्रिमिनल है, दर्जनों मामले उस पर हैं. वह लालू और नीतीश कुमार का प्रिय पात्र माना जाता है. यही कारण है कि नीतीश-लालू की मिली जुली सरकार के मंत्री महोदय बाकायदे हाजिरी लगाने जेल में जाते हैं और शहाबुद्दीन से मिलकर आते हैं.

‘समाजवादी जंगलराज’ में ट्रेंड यूपी की ‘भयमुक्त’ पुलिस की इस हकीकत को सुनेंगे तो कांप जाएंगे…

Yashwant Singh : महिला दिवस के दिन रामपुर में बस के अंदर महिला से गैंगरेप किया गया. यह खबर आपने टीवी पर और अखबारों में देखी पढ़ी होगी. ये भी पढ़ा देखा होगा कि गैंगरेप के दौरान नवजात बेटा हाथ से गिरा और मर गया. महिला नवजात बच्चे को दवा दिलाने आई थी और गांव लौट रही थी. बस में बैठते ही नशे में डूबे ड्राइवर और कंडक्टर ने कुकर्म अंजाम दिया. जिस बच्चे को दवा दिलाने आई थी, वो पंद्रह दिन की उम्र वाला नवजात इस छीनाझपटी और गैंगरेप में गिरकर जीवन से हाथ धो बैठा.

दुनिया सुधर जाएगी लेकिन न तो यूपी का ‘समाजवादी जंगलराज’ सुधरेगा और न सुधरेगी अपढ़ व भ्रष्ट यूपी पुलिस

Request for intervention as post Nirbhaya legal reforms fails to reform UP police

Respected Madam,

In wide public interest I want to draw your kind attention towards poor implementation of Sec 166 (A) (c) Indian Penal Code,  a post Nirbhaya amendment in criminal law, on recommendations of Justice Verma Committee. Section 166 (A) (c) inserted in IPC, makes non-registration of FIR an offence,  in case of acid attacks, molestation/ sexual harassment, rape and women trafficking. It was made punishable by a rigorous imprisonment for a minimum period of 6 months which can be extended up to 2 years. This Criminal Law  (Amendment) Act came into force from February 2013.

विभूति नारायण राय और अभिरंजन कुमार सम्मानित

सामाजिक संस्था “भोर” और सुगौली प्रेस क्लब, मोतिहारी द्वारा 4 और 5 मार्च को संयुक्त रूप से आयोजित “भोर लिटरेचर फेस्टिवल – 2016” में वरिष्ठ साहित्यकार विभूति नारायण राय को प्रथम रमेश चंद्र झा स्मृति सम्मान और चर्चित कवि-पत्रकार अभिरंजन कुमार को प्रथम पंकज सिंह स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। बिहार के महत्वपूर्ण गीतकार-उपन्यासकार और स्वाधीनता सेनानी रहे स्वर्गीय रमेश चंद्र झा की स्मृति में शुरू किया गया सम्मान साहित्य और समाज के क्षेत्र में, जबकि कवि-पत्रकार स्वर्गीय पंकज सिंह की स्मृति में शुरू किया गया सम्मान साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है।

मजीठिया : लेटलतीफी और समय पर जवाब न देने पर जागरण पर लगा 10 हजार रुपये का जुर्माना

नई‍ दिल्‍ली। दिल्‍ली में विश्‍वकर्मा नगर (झिलमिल कालोनी) स्थित उप श्रमायुक्‍त कार्यालय में चल रहे रिकवरी मामले में लेटलतीफी और समय पर जवाब नहीं देने पर दैनिक जागरण पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कन्हैया के साथ उसकी दोस्त की तस्वीर को पंजाब केसरी ने अय्याशी बता दिया!

Vineet Kumar : फेसबुक टाइमलाइन पर कन्हैया के साथ उसकी दोस्त की जो तस्वीर तैर रही है, पंजाब केसरी जैसा अखबार समूह जिसे जेएनयू की प्रोफेसर की अय्याशी बता रहा है, मुझे रत्तभर भी हैरानी नहीं हो रही है. मैं मीडिया की कुंठा को बेहद करीब से जानता-समझता हूं और उनसे बुरी तरह प्रभावित लोगों को भी.. इन दिनों मेरे बेहद करीबी रिश्तेदार लोग जो उम्र में मुझसे कम से कम दस-बारह साल बड़े होंगे, व्हॉट्स अप पर चुटकुले भेजने का काम कर रहे हैं, उन्हें बुरा न लगे तो शुरू-शुरू में स्माइली भेज दिया करता.

हे सड़े हुए दिमाग वाले भक्तों, कन्हैया के साथ तस्वीर में लड़की कोई प्रोफ़ेसर नहीं, एमफिल स्टूडेंट सौम्या हैं

Samar Anarya : कल 15 साल की बच्ची के सहारे कन्हैया को घेरने की कोशिश करने वाले भक्त आज इस तस्वीर के सहारे यह कोशिश कर रहे हैं। बावजूद इसके कि मुझे समझ ही नहीं आया कि इस तस्वीर में भक्तों के दिमाग़ में भरी यौन कुंठा के सिवा आपत्तिजनक क्या है- कुछ झूठ साफ़ करने की ज़रूरत है। पहला यह कि तस्वीर में मौजूद लड़की कोई प्रोफ़ेसर नहीं बल्कि एक छात्रा हैं, कन्हैया की बहुत अच्छी दोस्त होने के साथ साथ मेरे एक बहुत प्यारे छोटे भाई Shishir Kumar Yadav की भी अच्छी दोस्त हैं। दूसरा यह कि अगर प्रोफ़ेसर भी होतीं तो भी क्या बदल जाता, आपत्तिजनक हो जाता?

वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा ने दिलीप मंडल, बरखा दत्त और सुधीर चौधरी से पूछा एक-एक गंभीर सवाल… क्या ये लोग जवाब देंगे?

Deepak Sharma : दलित कह रहे हैं ब्राह्मणवाद खत्म होना चाहिए. और बहन मायावती पंडित सतीश चन्द्र मिश्रा को पार्टी के चुनाव प्रभार की बागडोर सौंप रही हैं. भक्त कह रहे हैं मुसलमान बीफ से परहेज करें वरना हिसाब होगा. उधर मोदी जी अरब के बीचोंबीच अबु धाबी में मंदिर निर्माण कर रहे हैं. कन्हैया मज़दूर की लड़ाई लड़ना चाहता है और दूसरी ओर कामरेड जावेद अख्तर जेट एयरवेज की डायरेक्टरशिप लेकर पूँजीवाद का पूरा मज़ा ले रहे हैं.

हे पुरुष, तुम अपनी सहूलियत के लिए ये ड्रामा बंद कर दो कि हम बेचारी हैं : डा. रूपा जैन

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एटा जिले की जानी मानी गाइनेकोलॉजिस्ट, भ्रूण हत्या के विरोध में और महिलाओं-बच्चियों की शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए लंबे समय से काम कर रहीं चर्चित डॉक्टर रूपा जैन ने साक्षात्कार में जो कुछ कहा है, उसे उनके शब्दों में यहां रख रहा हूं…

मीडिया को गरियाने से पहले मोदी के उपासक पढ़ लें ताजे और पुराने घपलों-घोटालों की यह लिस्ट

जिन मई ’14 से पहले अखबार नईं वेख्या…

सबसे पहले प्रतिष्ठित रचनाकार असगर वज़ाहत Asghar Wajahat साहब से माफ़ी कि उनके कालजयी नाटक “जिन लाहौर नहीं वेख्या” से मिलता जुलता शीर्षक रख रहा हूँ। बात दरअसल ये है कि इस वक्त एक पूरी जमात उठ खड़ी हुयी है जिसने 16 मई 2014 से पहले न अखबार देखे हैं न टीवी का रिमोट हाथ में उठाया था। और इसीलिए यह जमात देश के प्रधानमंत्री और सत्ताधारी पार्टी की आलोचना पर छाती कूटने लगती है। भाई लोग ऐसे कलपते, किकियाते, बिलबिलाते हैं मानो इससे पहले कभी किसी प्रधानमंत्री के खिलाफ एक शब्द भी न लिखा गया हो न बोला गया हो।

प्रभात खबर के खिलाफ बैनर पोस्टर लेकर शिक्षक उतरे सड़क पर (देखें तस्वीरें)

मोतिहारी। अब शिक्षक भी मीडिया की दबंगई से आजिज आकर सड़क पर उतरने लगे हैं। सोमवार को कुछ ऐसा ही दृश्य मोतिहारी की सडकों पर देखने को मिला। ‘शिक्षक दलाल कैसे? प्रभात खबर बताये’ जैसे स्लोगन लिखे स्टीकर व पोस्टर लगाये गाड़ियों पर जब हुजूम में शिक्षक सड़क पर उतरे तो खबर लिखने वाले पत्रकार अपनी औकात पर आ गए। फोन पर मनाने का सारा प्रयास विफल होने के बाद प्रभारी सहित प्रभात खबर की टीम ने शिक्षकों के बैठक स्थल के बगल में जिला परिषद परिसर में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर मामले को रफादफा करने की कोशिश की।

हिंदुस्तान और दैनिक जागरण भागलपुर में कई इधर उधर

हिंदुस्तान अखबार की भागलपुर यूनिट से सूचना मिली है कि सत्यप्रकाश को भागलपुर से बांका आफिस का इंचार्ज बनाकर भेजा गया है. नीतेश भगत को भागलपुर से लखीसराय आफिस इंचार्ज के पद पर भेजा गया है. दैनिक जागरण भागलपुर में भी कुछ लोग इधर उधर हुए हैं. सिटी चीफ के रूप में दिवाकर झा को …

मीना शर्मा ईटीवी से जुड़ीं, आनंद सिंह ओपिनियन पोस्ट के हिस्से बने

ईटीवी से मिल रही जानकारी के अनुसार फोकस न्यूज में एडिटर (जेंडर) के पद पर काम करने वाली डॉ मीना शर्मा ने ईटीवी का दामन थाम लिया है. डॉ मीना शर्मा को हैदराबाद में एग्जीक्यूटिव एडिटर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मीना शर्मा ग्रुप एडिटर राजेश रैना को रिपोर्ट करेंगी. गौरतलब है कि मीना शर्मा इससे पहले सहारा समय में काम कर चुकी हैं और ईटीवी में प्रसारित होने वाले महिला केन्द्रित प्रोग्राम ‘अबके बरस मोहे बिटिया ही दीजो’ की एंकरिंग भी कर चुकी हैं. इस कार्यक्रम के लिए डॉ मीना शर्मा को नारी सशक्तिकरण पुरस्कार से राष्ट्रपति द्वारा भी सम्मानित किया जायेगा.

प्रभात सिंह अमर उजाला नोएडा में निशीथ जोशी की केबिन में बैठने लगे

अमर उजाला गोरखपुर के स्थानीय संपादक पद से हटाए गए प्रभात सिंह के बारे में सूचना है कि वह नोएडा मुख्यालय में निशीथ जोशी की केबिन में बैठने लगे हैं. जोशी जी के रिटायर हो जाने के कारण केबिन खाली पड़ी हुई थी. प्रभात सिंह को लेकर दो तरह की चर्चाएं हैं. उन्हें छोटी यूनिट …

चोरी से न्यूड वीडियो बना इसे वायरल करने वाले होटल मालिक को महिला पत्रकार ने कोर्ट में दी शिकस्त, मिलेगा 350 करोड़ रुपये जुर्माना (देखें तस्वीरें)

कोर्ट में अपनी पीड़ा व्यक्त करतीं खेल पत्रकार एरिन फूट फूट कर रो पड़ीं…

इस महिला खेल पत्रकार को पूरे सात साल बाद इंसाफ मिला. और, जब इंसाफ मिल गया तो वह खुद को रोक न सकी. फफक कर रो पड़ी. खेल पत्रकार एरिन का होटल की दीवार में सुराख कर न्यूड वीडियो बनाया गया था. वीडियो बनाने वाले पर होटल मालिक पर अदालत ने 350 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. मामला अमेरिका का है.

सहारा मुंबई के आंदोलनकारी सुब्रत राय के पत्र के झांसे में फंसे, आंदोलन स्थगित

सहारा मुंबई के ढेरों कर्मी इसी सात मार्च को सहारा के मुंबई स्थित बड़े होटल सहारा स्टार के सामने अधनंगे होकर प्रदर्शन करने वाले थे. ये सेलरी के लिए सड़क पर आने की तैयारी कर चुके थे. इसके लिए सहारा इंडिया कामगार संघठन नामक यूनियन के बैनर तले सभी कर्मचारी एकजुट थे. काफी प्रचार प्रसार भी कर दिया गया. लेकिन अंत में सारे कर्मी फिर सहाराश्री सुब्रत राय के झांसे में आ गए.

दिल्ली सरकार ने फर्ज़ी वीडियो चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर बेहद ज़रूरी काम किया है : मुकेश कुमार

Mukesh Kumar : जब केंद्र सरकार चुप हो, उसके मातहत काम करने वाली दिल्ली पुलिस चुप हो, चैनलों के संपादकों का संगठन चुप हो, एनबीए चुप हो, नियामक चुप हो, पत्रकारों के संगठन कुछ न कर रहे हों या कुछ न कर पा रहे हों तब दिल्ली सरकार ने फर्ज़ी वीडियो बनाने और चलाने वालों के खिलाफ़ कार्रवाई करने की दिशा में क़दम उठाकर बेहद ज़रूरी काम किया है। अगर इस फर्जीवाड़े की प्रवृत्ति को रोका न गया तो ये न केवल मीडिया की बची-खुची साख को खा जाएगा, बल्कि पूरे देश को भारी संकटों में डालता रहेगा।

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार के फेसबुक वॉल से. उपरोक्त स्टटेस पर आया जसबीर चावला का कमेंट इस प्रकार है…

लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन से 6 साल के लिए निकाले गए के. विक्रमराव

लखनऊ : वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कलहंस ने आज जारी एक नोटिस में कहा है कि के. विक्रमराव को लगातार उनकी संस्था विरोधी गतिविधियों और जारशाही रवैये के लिए लिखित और मौखिक रूप से चेतावनियाँ दी जाती रही है मगर उन्होंने अपनी हरकते बंद नहीं की और इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट  (IFWJ) के ई मेल अकाउंट और फेसबुक पेज के जरिये लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के लिए अपमानजनक कार्य करते रहे.

सुभाष चंद्रा के जी न्यूज पर प्रकट होने और ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता’ पर भाषण देने के निहितार्थ

Yashwant Singh : आज सुभाष चंद्र कक्का ‘ज़ी’ पर प्रकटे, खुद का असली डीएनए दिखाने अउर राष्ट्र को अपनी सतत हलकट पत्रकारिता की मज़बूरी के बारे में ज्ञान पिलाने। वैसे ये राष्ट्र के नाम सम्बोधन का वीडियो भी लाइव नहीं था। दे दनादन रीटेक और झउवा भर एडिटिंग से तैयार सम्बोधन में वो बताए कि उ अउर उनका बड़का ग्रुप काहें राष्ट्रवादी होइ गवा, झार झार के। हं, ई छिपा गए कि मनमोहन की पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में नौजवान धाकड़ धनपशु कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल से कोल ब्लाक घोटाला की खबर रोकने के बदले सौ करोड़ मांगने उगाहने के चक्कर में लाइव धरा गए और रायता इतना फैला कि संपादक लोग तिहाड़ी हो गए, खुद किसी तरह रोय गाय मैनेज करके जेल जाने से बचे। मुकदमा में नाम तो है ही।

कर्जखोर माल्या पर सिस्टम की दरियादिली से दुखी वेस्ट यूपी के एक प्रगतिशील किसान ने सुनाई आपबीती

Mukesh Yadav : किसान Vs माल्याज : नीचे एक किसान की आपबीती है… यह पोस्ट इस व्यवस्था का आईना है, जरूर पढ़िए. अंधभक्त भी देखें कि ‘सीमा पर जवान, खेत में किसान’ शहादत दे रहे हैं और माल्या अम्बानी अडानी जैसे लुटेरे टैक्सपेयर्स का पैसा लूटकर प्रधामनंत्री टाइप के लोगों को किस तरह जेब में रखते हैं. संविधान इनकी डस्टबिन में पड़ा है और जज पुलिस इनकी ‘शुभ दीपावली’ की मिठाई खाकर जमीर इनके यहां गिरवी रख चुके हैं. अब आप बताइये कौन देशभक्त और कौन देशद्रोही?

वेब जर्नलिस्ट मुकेश यादव के फेसबुक वॉल से.

जेएनयू को बदनाम करने वाले ‘इंडिया न्यूज’ और ‘जी न्यूज’ का गेस्ट बनने से शीबा असलम फ़हमी का इनकार

Sheeba : आज सुबह से इंडिया न्यूज़ और ज़ी न्यूज़ की तरफ से फ़ोन आते रहे पैनल में बैठने के लिए. दोनों किसी मुस्लिम-महिला केंद्रित घटना पर बहस में आमंत्रित कर रहे थे. मैंने विरोध जताते हुए मना कर दिया की जेएनयू को आपने जिस तरह षड्यंत्र कर के बदनाम किया उसके बाद हम आपके चैनल की टीआरपी की ग़ुलामी में सहयोग देने नहीं आएँगे.

जी न्यूज, इंडिया न्यूज और टाइम्स नाऊ की पीत पत्रकारिता के खिलाफ केजरीवाल ने कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीत पत्रकारिता करने वाले तीन न्यूज चैनलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. ये चैनल हैं- जी न्यूज, इंडिया न्यूज और टाइम्स नाऊ. दिल्ली सरकार पहले इन चैनलों से पूछेगी कि बिना किसी जांच पड़ताल के आपने कैसे कन्हैया से जुड़े वो वीडियो चलाए जो फेक थे. साथ ही यह भी पूछा कि जांच के बाद जब यह बात साफ हो गई कि वीडियो फर्जी थे तो इस पीत पत्रकारिता पर आपने क्या सार्वजनिक रूप से माफी मांगी?

‘इकोनॉमिस्ट’ ने भी मोदी सरकार पर की बहुत तीखी टिप्पणी, पढ़ें पूरा आर्टकिल

Mahendra Mishra : विदेशी मीडिया में भारत के हालात को लेकर बहस शुरू हो गई है। मशहूर पत्रिका इकोनॉमिस्ट भी अब इससे अछूती नहीं रही। पत्रिका में छपे एक लेख में मौजूदा हालात को लेकर गहरी चिंता जाहिर की गई है। साथ ही मौजूदा घटनाओं को भारत की छवि के लिए बड़ा धक्का करार दिया गया है। लेख में बताया गया है कि इससे देश में होने वाला विदेशी निवेश सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। और सारी चीजों के लिए प्रधानमंत्री मोदी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।

लोकतंत्र में मीडिया वालों ने भी खूब कर ली है तरक्की, पत्रकार से बन गए हैं पक्षकार!

Sanjay Tiwari : लोकतंत्र में पत्रकारों ने भी खूब तरक्की कर ली है। पत्रकार से अब वे पूरी तरह से पक्षकार हो गये हैं। संघी पक्षकार। कम्युनिस्ट पक्षकार। कांग्रेसी पक्षकार। प्रिंट में भी ऐसा रहा है लेकिन तब एक्सपोज होने में वक्त लगता था लेकिन अब तो टीवी का जमाना है। एक्सपोज होने में वक्त नहीं लगता। पेशे के लिहाज से देखें तो यह डिजास्टर है। पत्रकार को हमेशा अनप्रिडेक्टिबल होना चाहिए और यह तभी हो सकता है जब वह खुद विचारधाराओं के मकड़जाल से मुक्त हो। निष्पक्ष हो। लेकिन अभी के दौर में ऐसा नहीं रह गया है। टीवी के बड़े पत्रकारों में अर्णब गोस्वामी को छोड़ दें तो सारे बड़े नाम अब प्रिडेक्टिबल हो गये हैं। अब आप टीवी पर चेहरा देखकर बता सकते हैं कि सामने वाला बंदा किसका पक्ष लेगा। जिस दिन कोई पत्रकार इतना प्रिडेक्टिबल हो जाए कि उसको देखकर आपको अंदाज लग जाए कि यह क्या बोलनेवाला है, उस दिन उसके पत्रकारिता के मौत की मुनादी बज जाती है।

डीडी न्यूज़ पर आज रात 10:30 बजे से अशोक श्रीवास्तव के साथ देखिए ‘दो टूक’

आज सोमवार 7 मार्च से डीडी न्यूज़ पर रात 10:30 बजे “दो टूक” नामक एक नया प्रोग्राम लॉन्च हो रहा है। दो टूक समसामयिक और ज्वलंत मुद्दों पर बहस आधारित कार्यक्रम हैl  फिलहाल पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुऐ अभी यह प्रोग्राम केवल सोमवार और बुधवार को ही प्रसारित होगा, लेकिन चुनाव के बाद यह हफ्ते में पांच दिनों तक प्रसारित होगा यानि हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार। यह क्रार्यक्रम राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक विषयों की चर्चा वाला होगा।

दैनिक भास्कर मुंबई के विजय सिंह को महाराष्ट्र सरकार का पत्रकारिता पुरस्कार

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार कि तरफ से दिया जाने वाला राज्यस्तरीय उत्कृष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार (हिंदी) इस वर्ष दैनिक भास्कर के प्रमुख संवाददाता विजय सिंह कौशिक को दिया जायेगा। मुख्यमत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने मंगलवार को यह घोषणा की। जल्द ही एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों यह पुरस्कार (बाबू विष्णुराव पराड़कर पुरस्कार) प्रदान किया जायेगा।

मजीठिया वेतनमान : जब उम्मीद खत्म हो जाए तब होता है न्याय

यह इंडिया है. यहां न्याय तब मिलता है जब आप न्याय की उम्मीद छोड़ दें। दूसरे शब्दों में कहें तो कानून पूंजीपतियों की रखैल है जो अपने सुविधा अनुसार कानून की परिभाषा बदलवा देते हैं या पैसे के दम पर सुनवाई १० साल से २० तक टलती रहती है। वहीं सरकार की बात करें तो वह आरोपी को विचाराधीन कैदी बनाकर ही फैसले से पहले ही सजा दे दे। कुल मिलाकर कहें तो कानून एक वर्ग के लिए ही हितकारी है। शेष को न्याय मिलते सालों लग जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मजीठिया वेतनमान को लेकर है। पहले सुप्रीम कोर्ट में इस पर बहस चली कि मजीठिया वेतनमान वैध है या अवैध। ४ सालों की बहस के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्टे नहीं दिया फिर भी अधिकांश प्रेस मालिकों में कोर्ट में मामला बताकर इस संबंध में कोई विचार नहीं किया। जब कोर्ट का फैसला आ गया तो प्रेस मालिकों ने साफ कह दिया हम मजीठिया वेज नहीं देंगे, जो करना है कर लो। अब अधिकांश पत्रकार कोर्ट गए। वहीं भारत सरकार ने इन उद्योगपतियों के आगे घुटने टेक दिया और शिकायत के बाद भी इस संबंध में कोई पहल नहीं की।

आईआईएमसी के एसोसिएट प्रोफेसर अमित सेनगुप्ता ने दिया इस्तीफा

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के एक प्रोफेसर ने शुक्रवार को यह आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया कि दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या और जेएनयू व एफटीआईआई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उन पर कार्रवाई की और उनका तबादला ओड़ीशा में कर दिया। अंग्रेजी पत्रकारिता विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर अमित सेनगुप्ता ने ओड़ीशा के ढेंकानाल जिले में अग्रणी मीडिया स्कूल के कैंपस में तबादले के जारी आदेश के बाद इस्तीफा दे दिया।

‘देशद्रोही’ खोजते दीपक चौरसिया!

मीडिया मंडी पर मीडिया ‘ट्रायल’ के संगीन आरोप लगते रहे हैं। समाज व देशहितकारी मुद्दों पर सकारात्मक दिशा दे अगर ‘ट्रायल’ होते हैं तो उनका स्वागत है किंतु जब मीडिया मंडी के न्यायाधीश सकारात्मक दिशा की जगह नापाक विचारधारा थोप नकारात्मक दिशा देने लगें, मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद आरोपियों को  सिर्फ अपराधी नहीं देशद्रोही तक घोषित करने लगे, कानून और सबूतों को ठेंगे पर रख फैसले सुनाने लगे तब, मंडी के दलालों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा ही।

सांघी जी हैदराबाद से पटना आ गये, लेकिन पुराने कर्मचारियों की सुध नहीं ले रहे

Pravin Bagi : पटना-रांची के बीच गौरव ट्रेवल्स की वोल्वो बस चलती है। कई अन्य शहरों के लिये भी उसकी बस चलती है। इसके मालिक हैं गिरीश सांघी। राज्यसभा के पूर्व सांसद हैं। सांघी हैदराबाद के बडे उद्योगपति हैं। रामोजी फिल्मसिटी के पास काफी बडे एरिया में सांघी नगर बसा हुआ है। भाईयों के झगडे में उद्योग बंद हो गया। कर्मचारियों का वर्षों का वेतन नहीं मिला।

टाइम्स ग्रुप के मालिक विनीत जैन का वो ट्वीट पढ़िए जो उन्होंने डर के मारे कुछ ही देर में हटा लिया

सबसे उपर विनीत जैन की तस्वीर और उसके नीचे उनके द्वारा किया गया ट्वीट.

Priyabhanshu Ranjan : देश के सबसे बडे मीडिया ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर ने की RSS प्रमुख मोहन भागवत की गिरफ्तारी की मांग! चौंकिए मत। आप बिल्कुल सही देख रहे हैं। भारत के सबसे बडे मीडिया ग्रुप Bennett, Coleman & Co. Ltd ( The Times of India अखबार की parent company) के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन ने आज ट्वीट किया है-

यूपी में जंगलराज : सपा विधायक के भाइयों ने छोटी-सी बात पर युवक को गोलियों से भून डाला, मौके पर ही मौत

गोंडा। सत्ता के नशे में चूर बलरामपुर के सदर विधायक जगराम पासवान के भाइयों ने बरात से लौट रहे युवक को गोलियों से भून डाला। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। युवक का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने गाडिय़ों की भिड़ंत के बाद गालीगलौज का विरोध किया था। मौका-ए-वारदात से सचिवालय पास व विधायक की पदनाम पट्टिका लगी गाड़ी को पुलिस ने बरामद कर लिया गया है। वारदात रात करीब डेढ़ बजे गोंडा के धानेपुर क्षेत्र में रेहराबाजार रोड पर गोदहना गांव के पास हुई। क्षेत्र के करियापुरवा गांव में बरात आई थी।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कार्यकारी परिषद के लिए रजत शर्मा के नाम वाली फाइल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लौटा दिया

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के दफ्तर ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा भेजी गई एक फाइल को लौटा दिया है। इस फाइल में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद में खाली पड़ी एक सीट पर नियुक्ति के लिए कुछ उम्मीदवारों के नाम दिए गए थे। राष्ट्रपति के दफ्तर से यह फाइल वापस मंत्रालय को भेजकर नियुक्ति के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची में अधिक नाम शामिल करने का निर्देश दिया गया है।

इंदौर में अंगदान की आड़ में सरकार, डाक्टर और अफसर सौदेबाजी कर रहे!

Mahendra Kumar Srivastava : इंदौर से हो रही है मानव अंग की तस्करी! इंदौर में जिस तेजी से अंगदान हो रहा है उससे मुझे तो शक है कि कहीं दान की आड़ में सरकार, डाक्टर और अफसर सौदेबाजी तो नहीं कर रहे हैं? जहां तक मेरी जानकारी है देश के कुछ बडे अस्पताल जहां दिल, जिगर, किडनी, कॉर्निया, बोन मेरो और आंखों के ट्रांसप्लांट की सुविधा है, ये अंग न मिलने की वजह से दोहराता हूं अंग दान में न मिलने की वजह से भारी घाटे में थे।

‘जय गंगाजल’ देखते हुए आपको हर वक्त यूपी के समाजवादी जंगलराज की याद आएगी

Yashwant Singh : जय गंगाजल… प्रकाश झा की फ़िल्में हमेशा मुझे पसंद रही हैं। पूरा सिस्टम इसमें दिख जाता है। जय गंगाजल पूरे तीन घंटे जमकर बांधे रखती है। धड़ाधड़ सीन एक्शन इमोशन बदलते बढ़ते रहते हैं जिससे बोर फील नहीं कर सकते।

तीन बेटे गंवा चुके चंदा बाबू के पास हत्यारे शहाबुद्दीन के जमानत को चैलेंज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने भर पैसे नहीं… pls help

Santosh Singh : आपको कॉमरेड कन्हैया से कोई उम्मीद दिखती है तो कॉमरेड चंद्रशेखर (चन्दू) भी याद होंगे. उनमे भी बहुतों को उम्मीद दिखी थी, पर बिहार के दबंग जनता दल सांसद शहाबुद्दीन से उसके क्षेत्र सीवान में टकराना उन्हें भारी पड़ा और एक उम्मीद को समय से पहले बुझना पड़ा. उसी शहाबुद्दीन और उसके गुर्गों के एक शिकार चन्द्रकेश्वर प्रसाद बर्णवाल उर्फ़ चन्दा बाबू भी हुए जिनको एक एक कर के अपने तीन बेटों से हाथ धोना पड़ा. दो बेटों को तेजाब से नहलाकर हत्या तो तीसरे बेटे को गोली मारकर हत्या कर दी गयी.. अब इस मामले में शाहबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली है तो यह मामला फिर से लोगों की नजर में आया है…

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड के चर्चित जनपक्षधर युवा आंदोलनकारी समीर रतूड़ी का जीवन खतरे में डाला

Prabhat Dhyani‎ : मुख्यमंत्री हरीश रावत वादा निभाओ वादा निभाओ… झूठी घोषणायें करना बन्द करो। आमरण अनशन एवं जल त्याग कर अनशन में बैठे मातृसदन हरिद्वार के स्वामी शिवानन्द जी तथा हिमालय बचाओ आन्दोलन के नेता समीर रतूड़ी जी का जीवन खतरे में। मलेथा में सरकार द्वारा नियम कानूनों को ताक पर लगाये जा रहे स्टोन क्रसर के खिलाफ किये गये आन्दोलन के दौरान ग्रामीणों तथा समीर रतूणी पर लगाये गये मुकदमों को वापिस लेने की मांग को लेकर हिमालय बचाओ आन्दोलन के नेता समीर रतूड़ी का टिहरी जेल के अन्दर आमरण अनशन 22 फरवरी से जारी है उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है वहीं मातृसदन हरिद्वार के स्वामी शिवानन्द जी ने भी गंगा नदी में अवैध खनन के विरोध में अन्न जल त्याग दिया है उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने उनकी मांगे मान लिये जाने की सार्वजनिक घोषणा के वावजूद इस सम्बन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की है।

राजनीति के शोर में दबती मुरथल की आवाज

-प्रभुनाथ शुक्ल-

मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं अपनी बात कहां से रखूं। हमारे पास विषय की कमी नहीं दिखी है। लेकिन मैं खुद से उलझा हूं कि क्या हम अपने सामाजिक और राष्टिय दायित्वों के प्रति न्याय कर पा रहा हूं। अपने आप में यह बड़ा सवाल है। देश आज भक्ति को लेकर जल रहा है। राष्टभक्ति और हमारी विश्वसनीयता सवालों के कटघरे में खड़ी है।  लेकिन देश और उसकी द्रोहता को लेकर संसद और उसका सत्र गर्म है। रोहित बेमुला के साथ कन्हैया कुमार भी है। साथ में हमारी कथित रुप से पंथ, धर्म और जाति निरपेक्षी राजनीति भी। अगर मैं किसी को छोड़ दूंगा तो यह हमारे लिए नाइंसाफी होगी, खैर हम कोई इंसाफ के देवता नहीं है मामूली इंसान हैं और गलती उसका स्वभाव है। लेकिन जब गलती जानबूझ कर की जाय तो उसे माफी नहीं दी जा सकती है। उसका प्रायश्चित सिर्फ दंड और उसका विधान ही है।

वीरेन डंगवाल – ‘रहूंगा भीतर नमी की तरह’

-मनोज कुमार सिंह-

हिन्दी के प्रसिद्ध कवि व पत्रकार वीरेन डंगवाल की स्मृति में उनकी कर्मस्थली बरेली में उन्हें याद करने के लिए देश भर से लेखक व संस्कृतिकर्मी 20 व 21 फरवरी को जुटे।  ‘रहूंगा भीतर नमी की तरह’ – यह काव्य पंक्ति है वीरेन की कविता का और इस आयोजन का नाम भी यही था। दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन जन संस्कृति मंच और वीरेन डंगवाल स्मृति आयोजन समिति की ओर से बरेली कॉलेज सभागार में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कवि वीरेन डंगवाल के व्यक्तित्त्व और कविताओं पर केन्द्रित एक पुस्तक ‘रहूँगा भीतर नमी की तरह’् के विमोचन से हुआ जिसे जसम उत्तर प्रदेश के सचिव युवा आलोचक प्रेमशंकर ने संपादित किया है।

आरटीआई से हुआ खुलासा : मुंबई के यशोभूमि समाचार पत्र में संपादक से लेकर प्यून और प्रूफ रीडर तक हैं सगे भाई

मुंबई से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में एक से बढ़कर एक संपादक बैठे है। नौकरी की रेवड़ी बटती देख अपनों में ही बाट दिया। इसी तरह के एक मामले में खुलासा हुआ है क़ि मुम्बई से प्रकाशित हिंदी दैनिक यशोभूमि के संपादक आनंद राज्यवर्द्धन राज नारायण शुक्ला ने अपने तीन सगे भाइयों को नौकरी की रेवड़ी बंटवा दी है। मुम्बई के निर्भीक पत्रकार शशिकांत सिंह ने आरटीआई के जरिये मुम्बई के श्रम आयुक्त कार्यालय से ये जानकारी निकाली है।

रिहाई मंच नेता लक्ष्मण प्रसाद के भतीजे पर जानलेवा हमला सपा गुंडाराज का ताजा उदाहरण

लखनऊ । प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, गुंडों और पुलिस की मिली भगत से आम लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है जिसका ताजा उदाहरण रिहाई मंच नेता लक्ष्मण प्रसाद के भतीजे दिलीप कुमार पर इलाहाबाद में हुआ जानलेवा हमला है। रिहाई मंच ने राजनाथ सिंह के इस दावे कि मानव संसाधन राज्य मंत्री राम शंकर कठेरिया ने आगरा में कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया और इसीलिए उनका नाम एफआईआर में नहीं है को सफेद झूठ बताते हुए कहा है कि अगर कठेरिया का भाषण भड़काऊ नहीं है तो फिर उन्हें भड़काऊ भाषण की परिभाषा भी बतानी चाहिए। मंच ने इस पूरे मामले में सपा सरकार पर कठेरिया को बचाने के लिए उनका नाम एफआईआर में नहीं डालने को सपा और भाजपा के मिलीभगत का ताजा उदाहरण बताया है।

हे केकेआर एण्ड कम्पनी, मोदी को अभिमन्यु मत समझो यार!

-एलएन शीतल-

‘केकेआर एण्ड कम्पनी’ ने मोदी को अभिमन्यु समझ लिया है. ‘केकेआर एण्ड कम्पनी’ बोले तो केजरीवाल-कन्हैया-राहुल और उनके हमख़याल संगी-साथियों का वह हुज़ूम, जिनमें धुर वामपन्थी, नक्सली और प्रकारान्तर में वे तमाम गुट शामिल हैं, जो ‘आज़ादी’ के लिए छटपटा रहे हैं. आज़ादी बोले तो ‘कुछ भी बोलने’ की आज़ादी और अगर ‘कुछ भी बोलने’ से काम न चले तो ‘कुछ भी करने’ की आज़ादी. अभिमन्यु बोले तो वही महाभारत वाला अभिमन्यु, जिसे चक्रव्यूह भेदना नहीं आता था. वह बेचारा अपनी इसी लाचारी की वजह से धूर्त कौरवों के अनैतिक सामूहिक हमले में वीरगति को प्राप्त हुआ था.

कन्हैया, देशद्रोह, सशर्त जमानत और उसका भाषण

-आनंद सिंह-

1992-93 में जब हम लोग पत्रकारिता की शुरुआत में थे, मैं नागपुर से अपने घर झुमरीतिलैया आया हुआ था। हमारे एक मित्र थे। पवन बर्णवाल। अर्थशास्त्र के विद्यार्थी। हमारे बाबूजी जगन्नाथ जैन कालेज में इसी विषय के विभागाध्यक्ष थे। पवन को जब कोई दिक्कत होती थी, वह बाबूजी से मिल लेता था। उसकी समस्या का समाधान हो जाता था। उस दिन भी उससे मुलाकात हुई। हाथ मिलाने के बाद उसने पूछाः आनंद आइसा ज्वाइन करोगे। मैंने पूछा-यह क्या है। उसने बताया कि यह सीपीआई का यूथ विंग है। छात्र राजनीति के लिए बढ़िया मंच। मैंने कहा, देखते हैं। मैं तो नौकरी कर रहा हूं। एबी वर्द्धन के संपर्क में हूं। नागपुर में प्रायः हर माह उनसे मुलाकात हो जाती है।

दिल्ली श्रम विभाग ने दैनिक जागरण प्रबंधन से लड़ रहे कर्मचारियों को दी बड़ी राहत

नई दिल्ली । दैनिक जागरण प्रबंधन के खिलाफ संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दिल्ली श्रम विभाग ने दी है। मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों अनुसार वेतन की मांग कर रहे जिन कर्मचारियों को जागरण प्रबंधन ने निलंबित कर रखा है उनकी बर्खास्तगी पर 8 मार्च तक रोक लगा दी गई है। इसे लेकर प्रबंधन पस्त होता नज़र आ रहा है वहीँ कर्मचारियों में जोश का माहौल है। दैनिक जागरण में कर्मचारियों का संघर्ष करीब 6 माह से चल रहा है।

मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई से जुड़ी तीन जरूरी जानकारियां, प्रिंट मीडिया का हर कर्मचारी इसे पढ़े और दूसरों को पढ़ाए

पहली जानकारी ये कि सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड प्रकरण की अगली सुनवाई की तारीख तय हो चुकी है. इसी महीने यानि मार्च की चौदह तारीख को सुनवाई की जाएगी. यह जानकारी भड़ास4मीडिया की तरफ से सैकड़ों अवमानना केस दायर करने वाले एडवोकेट उमेश शर्मा ने दी.

मजीठिया वेज बोर्ड : 20जे पर दूर करें भ्रांतियां

साथियों, आपमें से अभी भी कई साथी 20जे को लेकर शंकित है। हम एक बार फि‍र से आपको स्‍पष्‍ट कर देना चाहते हैं कि 20जे कहीं से भी मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार न्‍यूनतम वेतनमान प्राप्‍त करने के आपके हक के आड़े नहीं आ रहा है। आपको यह मालूम होना चाहिए कि वर्किंग जर्नलिस्‍ट एक्‍ट 1955 आपके न्‍यूनतम वेतनमान के हक की पूर्णता रक्षा करता है और एक्‍ट हमेशा वेजबोर्ड से ऊपर होता है, क्‍योंकि वेजबोर्ड का गठन एक्‍ट के अंतर्गत् ही होता है, यानि वेजबोर्ड की कोई भी सिफारिश एक्‍ट से ऊपर नहीं हो सकती। वर्किंग जर्नलिस्‍ट एक्‍ट 1955 की धारा 13 में स्‍पष्‍ट उल्‍लेख है कि किसी भी कर्मचारी का वेतन वेजबोर्ड द्वारा तय न्‍यूनतम वेतनमान से किसी भी दशा में कम नहीं होगा। धारा 13 को पढ़कर आप खुद इस बात को समझ जाएंगे।

कन्हैया की राजनीति को समझिए

कन्हैया की राजनीति को समझिए। वो aisf का सदस्य है। aisf, cpi का छात्र विंग है। cpi आजादी के पहले से ही भारत में सक्रिय है। १९६४ में इसमें विभाजन हुआ। जो अधिक क्रांतिकारी थे, वो चीन के सवाल पर cpm में चले गए। १९६७ में cpi ml बना। चारू मजुमदार नेता थे। नक्सलवाद इन्हीकी विचारधारा को कहते हैं। इन्होने बहुत ही हिंसक रास्ता लिया। ७५ में इनकी मृत्यु के पहले ही ये दल छिन्न भिन्न होने लगा था। सब भूमिगत होकर बिखर गए यहाँ वहाँ। उनमें से एक दल ने भूमिगत रास्ते की व्यर्थता को समझा और छोड़ दिया और जनसंगठन बनाकर पूरी तरह खुली राजनीति करने लगे। इनके छात्र संगठन का नाम पहले पीएसओ था। मैं अपने छात्र जीवन में उसका सदस्य था।

कन्हैया कुमार की तरह नरेंद्र मोदी पर ऐसा बड़ा हमला अभी तक कोई भी नहीं कर पाया था

कामरेड कन्हैया में लेकिन आग बहुत है। और लासा भी। ललक और लोच भी बहुत है। लेकिन कुतर्क की तलवार भी तेज़ हो गई है। वह जेल से जे एन यू लौट आए हैं। जैसे आग में लोहा तप कर आया हो। जैसे सोना कुंदन बन कर आया हो। जे एन यू में बोल गए हैं धारा प्रवाह। कोई पचास मिनट। आधी रात में। तेवर तल्ख़ हैं। उम्मीद बहुत दिखती है इस कामरेड में। लोकसभा में बस पहुंचना ही चाहता है। वक्ता भी ग़ज़ब का है। बस हार्दिक पटेल याद आता है। उस का हश्र याद आता है। फिसलना मत कामरेड।

पूरे देश में लाल सलाम गुंजा देने में मदद का शुक्रिया मोदी, ईरानी और बस्सी जी

जी, मैंने झूम के लाल सलाम के नारे लगाए हैं. न न, सिर्फ जेएनयू में नहीं, हम जी उन चंद लोगों में से हैं जो जेएनयू पहुँचने के बहुत पहले कामरेड हो गए थे. उन्होंने जिन्होंने महबूब शहर इलाहाबाद में लाल सलाम का नारा भर आवाज बुलंद किया है. पर जी तब हम बहुत कम लोग होते थे. तमाम तो हमारे सामने ही कामरेडी कह के मजाक उड़ाते थे हमारा. हम भी समझते थे कि बेचारे वो नहीं समझ रहे हैं जो हम समझ पा रहे हैं- रहने दो तब तक जब तक इनके सपनों की राष्ट्रवादी सरकार अडानी का बैंक कर्जा माफ़ करने के लिए इन मध्यवर्गीय भक्तों की भविष्य निधि पर टैक्स नहीं लगा देते.

सवाल संपादकों के स्वाभिमान का है

बिहार विधान सभा की प्रेस सलाहकार समिति के गठन को लेकर खड़ा किया गया सवाल किसी अकेले पत्रकार की लड़ाई नहीं है। यह सवाल संपादक नामक संस्था की गरिमा से जुड़ा है, उनके मान-सम्मान से जुड़ा सवाल है। प्रेस सलाहकार समिति के गठन के पूर्व विधान सभा सचिवालय ने किसी संपादक से परामर्श नही किया और अपनी मनमर्जी से प्रेस प्रतिनिधियों को मनोनीत कर दिया है। यदि किसी संपादक को स्पीकर की ओर से चिट्टी भेजी गयी हो तो विस सचिवालय उस पत्र को सार्वजनिक करे।

Doordarshan to live telecast National Conference on ‘Women Legislators: Building of Resurgent India’.

New Delhi, 4th March 2016: Ahead of International Women’s Day, a National Conference of ‘Women Legislators: Building of Resurgent India’ is scheduled to be held on 5th and 6th March, 2016 at Vigyan Bhawan, New Delhi. The conference will deliberate on the ways in which women legislators can play a more meaningful and effective role in nation building.

जेलों के भीतर किस किस्म का भ्रष्टाचार होता है, जानिए इस पत्र से

Dear Mr. Director general Ajeet Singh ji

Rajasthan prisons

jaipur

Subject : input media reports about various irregularities and corruption at Bikaner central jail

Dear sir

We have strong media inputs and reports with evidences etc concerning with below mentioned points. .. ..

३ मार्च को आप (डीजी जेल) वहां बीकानेर पहुंचे ..जेल देखा भी होगा… वहां की वस्तुस्थिति आप की जानकारी के लिये कुछ इस तरह से है… गौर फरमाया जाये व जांच कराई जावे…

दैनिक भास्कर के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट हरिओम तिवारी के कार्टून एग्जविशन ‘द टाइगर स्पीक’ का हुआ उदघाटन

देश के कई अखबारों और पत्रिकाओं में काम कर चुके दैनिक भास्कर के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट हरिओम तिवारी के कार्टून एग्जविशन ‘द टाइगर स्पीक’ का दिल्ली में उद्घाटन केंद्रीय खान एवं इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। आईटीओ मेट्रो स्टेशन के पास स्थित प्यारेलाल भवन में 3-5 मार्च तक यह एग्जविशन आयोजित है। उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ कार्टूनिस्ट इरफान, भाजपा नेता और सांसद प्रभात झा भी उपस्थित रहे।

कन्हैया पहले छात्रनेता हैं जिनके पूरे एक घंटे के भाषण का सीधा प्रसारण हुआ

Mahendra Mishra : जब सड़क पड़ी संसद पर भारी। कल प्रधानमंत्री का दिन होना था। उन्हें संसद में राष्ट्रपति अभिभाषण पर बहस के बाद धन्यवाद देना था। लिहाजा उनकी एक-एक बात बहुत महत्वपूर्ण होनी थी । लेकिन मोदी जी देश के प्रधानमंत्री और सदन के नेता के तौर पर कम सत्ता के मद में चूर एक अहंकारी शासक के रूप में ज्यादा दिखे। अहम उनके चेहरे पर बिल्कुल साफ़ था लेकिन परेशानी भी उसी अनुपात में झलक रही थी। जो माथे की लकीरों और उनके लाल चेहरे से स्पष्ट था।

सलाम तुम्हें कन्हैया, तुमने उन चैनलों को भी आइना दिखा दिया जो भक्त हो गये थे

कन्हैया बोला- मीडिया में कुछ लोग ‘वहां’ से वेतन पाते हैं

Sanjay Sharma : वर्षों से इतना बढिया और दिल की गहराइयों से बोलने वाला भाषण नहीं सुना.. जेएनयू और कन्हैया ने इस देश को लूटने वालों के खिलाफ आज़ादी की जो जंग शुरू की है उसके बड़े नतीजे देश भर में जल्दी ही देखने को मिलेंगे.. ग़लत जगह हाथ डाल दिया भक्तों ने. रात के दस बजे कन्हैया के मुँह से निकले कई नारे कई कंसों के पेट में दर्द कर देगे.. कन्हैया ने जेएनयू पहुँच कर सबसे पहले भारत माँ की जय के नारे लगाये और उसके वाद वही नारे लगाये जो सत्ता के लोगों के पेट मे दर्द पैदा करते हैं.. हमको चहिये आज़ादी .. पूँजीवाद से आज़ादी .. मनुवाद से आज़ादी .. ब्राह्मण वाद से आज़ादी ..सलाम तुम्हें कन्हैया.. तुम्हारा भाषण दिल को छू गया.. तुमने उन चैनलों को भी आइना दिखा दिया जो भक्त हो गये थे.. भरोसा है तुम्हारे जैसे नौजवान समाजवाद को सही रूप मे लायेंगे.. जो राजनैतिक दल कन्हैया की विचारधारा का समर्थन कर रहे थे उन्हे कन्हैया को राज्यसभा भेजना चहिये.. इस देश की संसद को कन्हैया जैसे सांसद और उनकी आवाज़ चहिये संसद में.. सारा विपक्ष मिलकर मोदी सरकार की इतनी बैंड नही बजा पाया जितनी अकेले कन्हैया ने बजा दी..

अखिलेश यादव और आजम खान के मीडिया विरोधी मंसूबे पर सुप्रीम कोर्ट ने फेरा पानी

आज 4 मार्च है. आज के दिन आजतक वाले पत्रकारों को यूपी विधानसभा के कठघरे में पेश होना था. अखिलेश यादव और आजम खान तुले हुए हैं कि आजतक चैनल को सबक सिखाया जाए. इसी बहाने वे सारे मीडिया संस्थानों को कड़ा संदेश देना चाहते थे. इसी बहाने वह चौथे खंभे को आतंकित करना चाहते थे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके मंसूबे पर पानी फेर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी और यूपी सरकार को फटकारा.

एबीपी न्यूज़ को जी न्यूज़ ने पटका

इस साल के आठवें हफ्ते की टीआरपी में ज़ी न्यूज़ ने एबीपी न्यूज़ को पीटते हुए नंबर तीन की कुर्सी पर कब्ज़ा कर लिया है। इंडिया न्यूज़ नंबर पांच की कुर्सी पर विराजमान है। टीआरपी के लिहाज से सबसे ज्यादा फायदा आजतक को हुआ है। इसने खुद को नंबर दो इंडिया टीवी से बहुत आगे कर लिया है। देखें आंकड़े…

कटोरा लेकर Hotel Sahara Star पर करेंगे प्रदर्शन

विगत 18 महीनों से प्रबंधन के साथ कई दौर की बातचीत विफल होने के बाद अब सहारा इंडिया कामगार संगठन ने प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की जंग का एेलान कर दिया है। संगठन ने इसकी सूचना सहारा प्रबंधन सहित मुंबई पुलिस आयुक्त वा मु्ख्यमंत्री वा श्रममंत्री को भी दे दी है।  

सेलरी संकट के कारण कशिश न्यूज चैनल के कर्मचारी भुखमरी की हालत में

रांची से चलने वाले कशिश न्यूज चैनल ने अपने कर्मचारियों को भुखमरी की हालत में ला खड़ा किया है। कर्मचारियों को नवंबर 2015 के बाद वेतन नहीं मिला है। 3 महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से ज्यादातर कर्मचारियों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है। चैनल के मालिक सुनील चौधरी बिहार के बेनीपुर से जेडीयू विधायक हैं। पिछले पांच सालों में सुनील चौधरी ने चैनल के बल पर बिहार और झारखंड में अपने व्यवसाय को बड़ा आयाम दिया।

अठारहवें अम्बिकाप्रसाद दिव्य साहित्य पुरस्कार के लिए कई लेखक और संपादक चयनित

भोपाल । राष्ट्रीय ख्याति के बहुचर्चित अठारहवे अम्बिकाप्रसाद दिव्य स्मृति प्रतिष्ठा पुरस्कारों की घोषणा , सोमवार दिनांक 29 फरवरी ,2016 को , साहित्य सदन , 145-ए , साईँनाथ नगर , सी-सेक्टर , कोलार रोड , भोपाल में आयोजित एक साहित्यिक समारोह में की गई । पुरस्कारों की घोषणा इलाहाबाद की कवयित्री एवं लेखिका श्रीमती विजयलक्ष्मी विभा ने की। इक्कीस सौ राशि के दिव्य पुरस्कार – प्रो. सरन घई (कैनेडा ), को उनके उपन्यास “राजद्रोह ,“ श्री स्वप्निल शर्मा (मनावर ) को काव्य संग्रह “ पटरी पर दौडता आदमी “, डा घनश्याम भारती ( सागर ) को निबन्ध संग्रह “शोध और समीक्षा के विविध आयाम “ श्री विजय कुमार ( सिकन्दराबाद ) को कहानी संग्रह “ एक थी माया “ तथा डा नरेन्द्रनाथ लाहा ( ग्वालियर ) को व्यंग संग्रह “व्यंग कथाएँ “ के लिये प्रदान किये जायेंगे।

भविष्य निधि पर टैक्स मोदी सरकार के गले की फांस बनी, सफाई देने के चक्कर में ज्यादा बुरे फंसे

भविष्य निधि के भविष्य को लेकर नौकरीशुदा लोगों का वर्तमान परेशान हो गया है। क्या वित्त मंत्री अपने इस फैसले को वापस लेंगे, ऐसा तो कोई संकेत नहीं है कि नहीं लेंगे। बल्कि सूत्र आधारित जानकारी के अनुसार बीजेपी और सहयोगी दलों के सांसदों के साथ बैठक में उन्होंने उत्सुक सांसदों को कारण समझाने का प्रयास तो किया लेकिन वापसी की मांग को देखते हुए कह गए कि फैसला प्रधानमंत्री लेंगे। तो क्या ये फैसला प्रधानमंत्री का था या वित्त मंत्री ने ये कहना चाहा कि वे अपने इस फैसले पर अड़े रहेंगे। मंगलवार को एक बार फिर से राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने सफाई दी कि पीपीएफ पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

फिल्म ‘अलीगढ़’ की कहानी जे एन यू की घटना से कितनी मिलती है : रवीश कुमार

Ravish Kumar : हम सब ‘बाई’ में है । बचपन में सुना था ये शब्द । मतलब अंधाधुँध रफ़्तार से भागे जा रहे हैं । तब ज़िंदगी रफ़्तार को अलग से देख लेती थी अब रफ़्तार ही ज़िंदगी है । ऐसे में कोई फ़िल्म हमारे ज़हन में ठहर जाए तो आदमी के पास भागने के लिए कोई दूसरा शहर नहीं बचता । अलीगढ़ ने ज़माने तक रफ़्तार का साथ दिया मगर अब वो ठहरने लगा है । शहर और विश्वविद्यालय दोनों । मुझे उम्मीद थी कि जहाँ जहाँ अलीगढ़ के पढ़े छात्रों का समूह है वहाँ ये फ़िल्म दिखायी जाएगी और देखी जाएगी । अलीगढ़ एक स्टेशन का नाम भर नहीं है कि वो खड़ा रह जाए और बदलते ज़माने की रफ़्तार वाली गाड़ियाँ वहाँ से गुज़र जाए।

बसपा के पास गुंडे नहीं हैं, पर लुटेरे हैं, जबकि सपा के पास गुंडे और लुटेरे दोनों हैं : कंवल भारती

Kanwal Bharti : क्या उत्तर प्रदेश में २०१७ में बसपा सत्ता में आ सकती है? पूछा कुछ बसपाईयों ने. मैंने कहा, अगर यही हालात रहे, जो आज हैं, और कोई विशेष घटना नहीं घटी, तो बसपा वापिस आ सकती है. वे बोले, कैसे? जरा समझाइये. मैंने कहा, अगर कोई विशेष घटना नहीं हुई, तब.

सीबीआई से डरे समाजवादी कुनबे ने यूपी में भाजपा को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की छूट दी!

Vishwanath Chaturvedi : मुलायम के मुंह में जमी दही, कठेरिया के बयान पर राम गोपाल की जवाबी कौव्वाली.. 5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अपनी हार के प्रति आश्वस्त भाजपा ने उत्तर प्रदेश में राजनैतिक ध्रुवीकरण की तैयारी शुरू कर दी है. मुलायम भाजपा के मोहरे की तरह इस्तेमाल होने को मजबूर हैं क्योंकि सीबीआई केंद्र के पास है और कुनबा 2007 से वांटेड है। यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले में बात-बात पर बाहें चढ़ाने वाले राम गोपाल के बेटे व बहू का नाम आ जाने के बाद अब भाजपा के पास इनको नचाने का अवसर मिल गया है। 

यादव सिंह की कंपनी में राजा भैय्या और उनकी पत्नी ने लगाए 150 करोड़ रुपये!

Vishwanath Chaturvedi : राजा भैय्या ने यादव सिंह की कंम्पनी में लगाये 150 करोड़… राजा भैय्या के पी आर ओ राजीव यादव ने सी बी आई को सौंपे दस्तावेज… उत्तर प्रदेश में 2 लाख करोड़ के खादय् घोटाले (जिसकी जांच सीबीआई कर रही है) के समय मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह सिंह द्वारा जिलों से …

टैक्‍स न देने के चलते सहारा पर गिरी गाज, एक लाख करोड़ रुपये का एंबी वैली रिसॉर्ट सील

महाराष्‍ट्र सरकार ने 4.82 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान न करने पर मंगलवार को सहारा ग्रुप के एंबी वैली रिसॉर्ट को सील कर दिया। मुलशी तालुका के तहसीलदार ने गैर कृषि टैक्‍स न देने पर लोनावाला स्थित इस संपत्ति एंबी वैली रिसॉर्ट को सील कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस लग्‍जरी रिजॉर्ट के लिए सहारा ग्रुप छोटे निवेशकों के पैसे का उपयोग कर रहा है। कंपनी रेगुलेटर के समक्ष पेश किए गए दस्‍तावेजों के अनुसार सहारा ने अपने दो क्रेडिट कॉपरेटिव्‍ज से एम्‍बी वैली रिसॉर्ट प्रोजेक्‍ट में निवेश किया है। कुछ निवेशकों ने शिकायत की है कि सहारा उनका वापस नहीं लौटा रहा है।

एक हुए नीलाभ अश्क और भूमिका द्विवेदी

पिछले वर्ष नीलाभ अश्क और उनकी पत्नी भूमिका द्विवेदी के बीच झगड़ा हुआ. लेकिन लंबी और दमदार लड़ाई के बाद दोनों फिर एक हो गए हैं. मामला पुलिस थाना तक भी पहुंचा. अब नीलाभ ने एक पत्र पुलिस को देकर मामले को खत्म कर दिया है और दोनों लोग फिर से एक साथ रहने लगे हैं. पढ़िए वो पत्र जो नीलाभ ने थानेदार को लिखा है…

हरिद्वार जिला प्रेस क्लब के हुए दो फाड़, नए न्यूज़ क्लब उत्तराखंड का गठन

हरिद्वार जिला प्रेस क्लब के हुए दो फाड़। महामंत्री संजय कश्यप सहित कई सदस्यों ने दिया इस्तीफा। पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिये नये न्यूज क्लब उत्तराखण्ड का हुआ गठन जिसमें संजय कश्यप अध्यक्ष और अनिल बिस्ठ को महामन्त्री का कार्यभार सौंपा गया और हरिद्वार जिला प्रेस क्लब के कई सदस्यों सहित पदाधिकारियो ने न्यूज़ क्लब में सदस्यता ली। अध्यक्ष संजय कश्यप ने कहा कि अगर किसी भी न्यूज़ क्लब के पत्रकार के साथ कोई भी परेशानी होगी तो न्यूज़ क्लब का हर आदमी अपने उस साथी के हर अच्छी और बुरी स्थिति के साथ खड़ा होगा।

एक पत्रकार की आपबीती : मेरे कुछ समझने से पहले ही कुछ आंदोलनकारियों ने डंडों से कार के शीशे तोड़ना शुरू कर दिया

दहशत की वो रात : 20 फरवरी को सुबह जब घर से निकला था तब ये सोचा न था कि आज रात घर न आ पाउंगा। हर रोज की तरह पत्‍नी नाश्‍ता लेकर आई और कहा रात में आते समय घर की सब्‍जियां लेते आना। मैं अपनी धुन में अपनी गाड़ी उठाए हवा से बात करे हुए दिल्‍ली पहुंचा। रास्‍ते में कुछ आंदोलनकारी दिखे, लेकिन उनको अनदेखा कर मैं आगे बढ़ता गया। पूरे दिन काम खत्‍म करने के बाद जब घर की तरफ निकला तो एक दोस्‍त ने फोन किया कि आज सोनीपत न आना। घर फोन किया तो फोन नहीं लग रहा था। दिल में बेचैनी थी और घबराहट भी कि जाने कैसे होंगे घर और मोहल्‍ले वाले।

नेशनल दुनिया के मालिकों को अंतिम मौका, पीएफ राशि जमा नहीं कराई तो गिरफ्तारी वारंट

जयपुर। भविष्य निधि (पीएफ) की राशि जमा नहीं करवा रहे नेशनल दुनिया अखबार के मालिकों, संपादक, महाप्रबंधक व कंपनी के निदेशकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकते हैं और इस अपराध के लिए मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। पत्रकार व गैर पत्रकारों के वेतन से पीएफ राशि काटकर उसे जमा नहीं कराने के मामले में कर्मचारी भविष्य निधि कोर्ट जयपुर ने इस मामले में अखबार मालिकों व कंपनी निदेशकों को आखिरी मौका देते हुए 15 मार्च तक सभी बकाया राशि जमा कराने और अगली तारीख पर अखबार मालिकों व कंपनी निदेशकों को हाजिरी होने को कहा है, साथ ही उनकी गैरहाजिरी पर मालिकों की तरफ से अधिकृत अफसरों को पेश होने के निर्देश दिए हैं।