दिल्‍ली पहुंची जगेंद्र को इंसाफ दिलाने की मांग, जंतर-मंतर पर पत्रकारों का विशाल प्रदर्शन

: प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपा, अभिव्यक्ति की आजादी को सुरक्षा देने की मांग : सपा कार्यालय ने नहीं स्वीकार किया ज्ञापन, कहा लखनऊ जाओ : नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों और शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह की नृशंस हत्या के विरोध में सोमवार को दिल्‍ली जंतर-मंतर पर करीब दो सौ पत्रकारों ने प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पत्रकारों ने उत्‍तर प्रदेश  सरकार और केंद्र सरकार से मांग की कि पत्रकारों पर हो रहे राजनीतिक हमलों पर लगाम लगाई जाए और जगेंद्र सिंह हत्याकांड के दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो. वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाजों को दबाने की ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. प्रदर्शन के बाद पत्रकारों की ओर से उनकी सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी को सुनिश्चित करने को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सौंपा गया जबकि समाजवादी पार्टी के कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करने से इनकार कर दिया और ज्ञापन सौंपने गए पत्रकारों से कहा कि ज्ञापन सौंपना है तो लखनऊ जाओ.

हत्यारे मंत्री को हटाए जाने तक अखिलेश सरकार का कवरेज न करें मीडियाकर्मी

Mukesh Yadav : जंतर मंतर पर प्रदर्शन के साथ साथ यह निर्णय भी हो ही जाना चाहिए कि जब तक जगेंद्र का हत्यारोपित यूपी सरकार का मंत्री हटा नहीं दिया जाता, कोई भी मीडिया माध्यम अखिलेश यादव सरकार की कवरेज नहीं करेगा। इसके लिए तमाम मीडिया संगठनों पर दबाव बनाया जाए। साथ ही वेस्टेड इंटरेस्ट वाले एडिटर्स गिल्ड और एनबीए को बाध्य किया जाए कि वे जगेंद्र प्रकरण में शामिल उक्त मंत्री के हटने तक यूपी सरकार की कवरेज रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी करें। क्योंकि ध्यान रहे अखिलेश सरकार तो हर रोज अपनी विदाई की पटकथा खुद ही लिख रही है। इस पटकथा को सूबे की पीड़ित जनता जल्दी ही साकार कर देगी। लेकिन ये लालची मीडिया संगठन, जिनके लिए पत्रकारों की सुरक्षा कोई मुद्दा ही नहीं है, कहीं नहीं जाने वाले। इसलिए इन्हें एक्सपोज करने का भी यह एक उचित अवसर है। इस क्रूर व्यवस्था में, जहाँ सच के लिए कोई जगह ही नहीं है, अगर आज इतना भी हो जाए तो एक उम्मीद बंधती है! बाकि इस भ्रष्ट सिस्टम में सत्य के दीवानों के लिए जगेंद्र होना ही नियति है।

ललित मोदी के वकील की प्रेस कांफ्रेंस को लाइव दिखाने का मतलब नायाब मीडिया मैनेजमेंट!

Om Thanvi : सुषमा स्वराज की इसके लिए दाद देनी चाहिए कि उन्होंने अपनी गलती तुरंत स्वीकार की। लेकिन मोदी गुट के अमित शाह और संघ उनके हक में खड़े दिखाई दे रहे हैं तो क्या यह संदेह नहीं खड़ा होता कि काला दाल में नहीं, दाल ही काली है? क्या सुषमा स्वराज किसी षड्यंत्र का शिकार हुई हैं? क्या सुषमा स्वराज के निर्णय के पीछे सचमुच कोई पारिवारिक कारण हैं या ‘मानवीय आधार’ पर पार्टी या सरकार में वे इस्तेमाल हुई हैं; जिन्होंने उन्हें इस अनाचार इस्तेमाल किया, उन्हें भय है कि स्वराज को इस मामले में किनारे करने पर उनका भांडा फूट जाएगा? वरना मोदी दूसरे मोदी के नाम पर अपनी सरकार को बदनाम क्यों होने देंगे?

अर्णब गोस्वामी और नविका कुमार को एजेंट घोषित किया जाएगा…

Samarendra Singh : इस्तीफा तो देना ही चाहिए. नैतिकता का तकाजा तो यही कहता है. लेकिन सुषमा के बचाव में जिस तरह समूचा संघ परिवार मैदान में उतरा है उससे लगता नहीं की हाल-फिलहाल कोई इस्तीफा होगा. तो फिर क्या होगा? हंगामा होगा और इस हंगामे की अगुवाई कांग्रेस करेगी. हंगामा तो लोहिया और जयप्रकाश नारायण जी के चेलों को भी करना चाहिए, लेकिन अपराध और भ्रष्टाचार में गर्दन तक डूबे समाजवादियों की ऐसी हैसियत और नीयत – दोनों नहीं है कि वह कोई नैतिक मांग कर सकें. और क्या होगा?

साहसी और बेबाक पत्रकार जगेंद्र की यही खासियत उन्हें उनके बलिदान की वजह बनी…

Arvind Pathik : लगभग दो ढाई वर्ष पुरानी बात होगी. फेसबुक पर किसी ने एक समाचार का लिंक शेयर किया कि काकोरी कांड के अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह की पौत्रवधु की झोपडी गाँव के दबंगों ने जला दी है. कड़कड़ाती सर्दी में खुले आसमान के नीचे शहीद के वंशज रात गुजारने को मजबूर हैं. समाचार पढकर धक्का लगा. समाचार का स्रोत थे ‘शाहजहांपुर समाचार’ के नाम से फेसबुक पर सक्रिय जगेन्द्र सिह. मैं उन दिनों किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम के संयोजन में व्यस्त था पर मैंने सोशल मीडिया पर मुहिम चलायी और मेरी उस मुहिम में जगेन्द्र सिंह, सिराज फैसल खान, अमित त्यागी, भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ अधिकारी श्रीकांत मिश्र ‘कान्त’ आदि जुड़े.

जगेंद्र हत्याकांड : 19 जून को दिल्ली चलो, मुलायम के बंगले पर होगा विरोध प्रदर्शन

(पत्रकार जगेंद्र के हत्यारे मंत्री को बर्खास्त करने और जेल भेजने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को संबोधित करते प्रेस क्लब आफ इंडिया के महासचिव नदीम अहमद काजमी)

पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार दिए जाने के कुकृत्य के खिलाफ पूरे देश में उबाल है. दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद अब तय किया गया है कि 19 जून को शाम पांच बजे से प्रेस क्लब आफ इंडिया में एक बैठक का आयोजन किया जाएगा. इस बैठक के बाद एक विरोध मार्च निकाला जाएगा जो मुलायम सिंह यादव के दिल्ली स्थित आवास तक जाएगा.

जगेन्द्र हत्याकांड की जांच में आई PCI टीम के गठन पर सवाल उठे

लखनऊ : जगेन्द्र सिंह हत्याकांड की जांच में आई PCI (प्रेस काउंसिल आफ इंडिया) की टीम के गठन पर ही सवाल उठ रहे हैं. इसके एक सदस्य है रिटायर्ड फोटोग्राफर एस एन सिन्हा जिनकी अध्यक्षता वाली इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन ने डेढ़ वर्ष पूर्व शाहजहांपुर में अपना सम्मलेन कराया था. इसमें अभियुक्त मंत्री राम मूर्ति वर्मा ने सहायता और शिरकत करी थी. दूसरी सदस्य सुमन गुप्ता हैं, जो दैनिक जनमोर्चा से जुड़ी हैं.

राहुल बाबा, जो मीडिया पक्षपाती है, वही आपका साथी है

: संदर्भ – राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा : दूसरे अन्य दौरों की तरह ही कांग्रेस के युवराज तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे ने भी खासी सुर्खियां बटोरी। पार्टी के रॉक स्टार बन चुके युवराज राहुल गांधी के दौरे का मकसद साफ था कि वे यहां उन आदिवासियों की व्यथा-कथा जानने पहुंचे थे जो जल, जंगल, जमीन, आजीविका और अपनी संस्कृति बचाने के लिए सालों से उस औद्योगिक-माफिया से लड़ रहे हैं जिसकी गिद्धदृष्टि लगभग 30 हजार हेक्टेयर में फैली कोयला और बाक्साइट जैसी प्राकृतिक संपदा है और जिसे वह कोल आबंटन जैसी सरकारी प्रक्रिया का ठप्पा लगवाकर आराम से लीलना चाहते हैं।

शीघ्र आ रहा लोकप्रिय हिंदी पत्रिका ‘पहल’ का सेंचुरी अंक

हिंदी जगत की अनिवार्य पत्रिका के रूप में मान्‍य ‘पहल’ का 100वां अंक शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रहा है। जबलपुर जैसे मध्‍यम शहर से पहल जैसी अंतरराष्‍ट्रीय पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 1973 में शुरू हुआ और इसने विश्‍व स्‍तर को प्राप्‍त किया। ‘पहल’ के जरिए इसके संपादक ज्ञानरंजन ने लगातार जड़ता तोड़ने के काम किया। इसलिए पिछले 42 वर्षों से ‘पहल’ गंभीर लेखन व विचारों से जुड़ी पत्रिकाओं के बीच शीर्ष स्‍थान पर है और नए संपादकों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाती जा रही है। 

मिथुन चक्रवर्ती ने प्रवर्तन निदेशालय को लौटाए सारदा चिटफंड से लिए 1.20 करोड़ रुपये

सारदा चिट फंड घोटाले में नाम आने के बाद अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने मंगलवार को 1.20 करोड़ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी को लौटा दिए हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने मिथुन को लेन-देन संबंधी दस्तावेज मुहैया नहीं कराने पर समन जारी किया था। मिथुन पर इस समूह से करीब 2 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगा था। वह सारदा समूह की एक मीडिया इकाई के ब्रांड एम्बैसडर थे।

मध्य प्रदेश में गुपचुप तैयार हो गई पत्रकारों की यूनियन, सभी बड़े अखबारों से सदस्यता

इंदौर : मजीठिया की लड़ाई में अब तक सबसे ठन्डे माने जा रहे मध्यप्रदेश में इसे लेकर गुपचुप तरीके से बड़ी लड़ाई की तैयारी चल रही है। यहाँ के कुछ पत्रकारों ने इस लड़ाई में पंजीकृत ट्रेड यूनियन का महत्व समझते हुए चुपचाप इसका गठन कर लिया है। 

अरुण पुरी ने बेटी कली पुरी को बना दिया ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर

अरुण पुरी यानि आजतक, इंडिया टुडे समेत कई चैनलों पत्रिकाओं के मालिक ने अब अपनी बेटी कली पुरी को ग्रुप का एडिटोरियल डायरेक्टर बना दिया है. इंडिया टुडे ग्रुप में कली पुरी अब ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्‍टर के बतौर ब्रॉडकास्‍ट और न्‍यू मीडिया का काम देखेंगी. इससे पहले कली पुरी ग्रुप सिनर्जी और क्रिएटिव ऑफिसर पद पर थीं.

पत्रकारों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : अनुमंडल पत्रकार संघ

जादूगोड़ा के पत्रकारों के सम्मान समारोह के दौरान घाटशिला अनुमंडल के सभी पत्रकारों ने एक स्वर मे कहा की पत्रकारों पर अब और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब भी किसी पत्रकार पर किसी प्रकार की मुसीबत आएगी, सभी पत्रकार एक जुट होकर उसका मुक़ाबला करेंगे। पत्रकारों पर हमला काफी चिंताजनक है। पत्रकारों को हमेशा मजबूती एक रहना पड़ेगा।

जादूगोड़ा के पत्रकारों के सम्मान समारोह की एक झलक

एनडीटीवी की तरफ से आया बयान, चैनल के मालिक अंबानी नहीं हैं

अंतत: एनडीटीवी प्रबंधन को बयान जारी करना पड़ा. इस बयान में कहा गया है कि एनडीटीवी नेटवर्क के स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं किया गया है. एनडीटीवी ने यह बयान मुंबई स्‍टॉक एक्‍सचेंज को भेजा है. एनडीटीवी द्वारा जारी स्‍टेटमेंट में बताया गया है कि नेटवर्क के स्‍वामित्‍व में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

भाजपा मुख्यालय से डोंगल चुरा ले गया चैनल का पोलिटिकल करेस्पांडेंट!

एक बड़े न्यूज चैनल का पोलिटिकल करेस्पांडेंट दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय से डोंगल चुरा ले गया. प्रधानमंत्री पद पर मोदी के एक साल पूरे होने पर 11 अशोका रोड स्थित बीजेपी हेड आफिस पर एक बड़ा कार्यक्रम पिछले दिनों आयोजित किया गया था. आयोजन को कवर करने के लिए सारे चैनलों और अखबारों के करेस्पांडेंट्स को बुलाया गया. एक बड़े न्यूज चैनल के पोलिटिकल करेस्पांडेंट ने मौका देखकर वहां आफिस में लगे टाटा फोटान के डोंगल को चुरा लिया. इस डोंगल के जरिए पांच छह लैपटाप कनेक्ट होते थे और भाजपा कार्यकर्ता काम करते थे.

खगड़िया में पत्रकार पर लाठी से हमला, जान बची, दो चाचा घायल

खगड़िया (बिहार) थाना क्षेत्र के बौरने गांव के रहने वाले पत्रकार रणवीर कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया गया लेकिन वह बाल-बाल बच गए। हमलावरों ने उनके दो चाचा को लाठी-डंडे से पीट-पीट कर घायल कर दिया। रणवीर सिंह ने अपने गांव के ही संतोष कुमार, रितेश कुमार एवं उमेश्वर सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

धरनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं जगेंद्र सिंह की पत्नी सुमन

शाहजहांपुर (उ.प्र.) के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड के आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सपरिवार धरने पर बैठीं सुमन धरना स्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। आनन-फानन में पास के डॉक्टरो की टीम बुलाकर उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। पल्स रेट डाऊन होने से उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन परिवारवाले राजी नहीं हुए और धरनास्थल पर ही इलाज करने की जिद पर अड़े रहे। उधर, मंत्री के विरोधी एवं सपा से निष्कासित पूर्व विधायक और देवेंद्र पाल सिंह भी धरने पर बैठ गए हैं।

तू यूँ ही चाटते, खुजाते रह

(नोट : जिसे दिनकर की बात का बुरा लगे वो डूब मरे।) अशोक की लाट तुझे पहनने को मिलती है, सलामी तू तिरंगे की लेता है, कसम तिरंगे के नीचे लेके आता है, फिर तू कुर्सी पे आता है, तेरी कुर्सी और तेरी तशरीफ़ के नीचे तौलिया भी होता है। अरे तुझे इज्जत से जीने के लिए कितने पैसे चाहिए होते हैं? 

समाचार प्लस के इटावा संवाददाता मनोज दुबे का सड़क दुर्घटना में निधन

‘समाचार प्लस’ इटावा के संवाददाता मनोज दुबे का असामयिक निधन हो गया। तीन साल से समाचार प्लस परिवार का हिस्सा रहे मनोज का सड़क हादसे में निधन हुआ।

मोदी समर्थक क्रोनी कैपिटल के ऐतिहासिक साइज के प्रपंच से दयनीय स्तर तक अनभिज्ञ है

Sheetal P Singh : BJP के हाथियों के दंगल में पैदल सेना की बड़ी दुर्गति है. बीजेपी की पैदल सेना मुख्यत:दरिद्र सवर्णो की रुग्णशाला से आती है। रुग्णशाला का मतलब यहाँ उन प्रतिभागियों से है जो आर्थिक शैक्षिक शारीरिक मोर्चों पर दोयम दर्जा रखते हैं पर मनु महाराज की अनुकम्पा से उन्हे अपने से बुरे हाल में सड़ रहे ग़रीब नसीब हैं, जिन्हें देखकर उन्हे ख़ुद के “बड़े” होने का एक झूठा अहसास तरावट देता रहता है. तो यह पैदल सेना अपनी दो हज़ार से बीस हज़ार के मध्य झूलती सामुदायिक विपन्नता के दौर में अरबों ख़रबों के वारे न्यारे करने वाले फ़ैसलों /विवादों के पैरवीकारों के रूप में अपने आप को पाकर समझ ही नहीं पाती कि बैटिंग किधर करनी है. इंतज़ार करती है कि कुछ ऊपर से ज्ञान छिड़का जाय तो वह भी लोकल बघारे.

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में बदायूं के पत्रकारों ने किया धरना-प्रदर्शन

बदायूं : मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर पत्रकारों ने पहले शाहजहांपुर निवासी पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या पर गुस्से का इजहार किया, फिर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। 

आपको मैनेज किया था, फिर कैसे छप गई आपके अखबार में खबर (सुनें टेप)

पूरे देश में अवैध खनन को लेकर हल्ला हो रहा है. इस खनन में नेता, अफसर, मीडिया वालों की मिलीभगत की चर्चा होती रहती है. भड़ास के पास एक ऐसा आडियो हाथ लगा है जिसके जरिए अवैध खनन में मीडिया की पूरी संलिप्तता जगजाहिर हो रही है. ये पूरा आडियो सुनकर आपको अपना माथा पीटने का मन करेगा, हंसने का मन करेगा, रोने का दिल करेगा. मामला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का है.

Massive rally at Jantar Mantar for journalist Jagendra Singh

A huge protest demonstration and a rally was organised today at Jantar Mantar of New Delhi demanding justice for the late journalist Jagendra Singh, who was burnt alive by an Inspector of Police in Shahjahanpur at the instance of a minister Ram Murti Singh Verma in the Akhilesh Yadav Government. Journalists, Trade Unionists, artists, playwrights, bloggers and university teachers assembled in the scorching heat to condemn the brutal murder of Jagendra Singh. Speaker after speaker denounced the lawless government of Uttar Pradesh, which is shamelessly harbouring the goondas. Those who raise their voice against the anti-social elements and the rampant corruption, prevailing in the present government of Uttar Pradesh, they are attacked and murdered and go scot-free because they enjoy the patronage of the leadership of the State.

पत्रकारों पर हमले के विरोध में उरई कलेक्ट्रेट में धरना, मंगलवार को कैंडल मार्च

उत्तर प्रदेश में पिछले तीन सप्ताह में शाहजहाँपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिन्दा जलाने, जालौन में दो पत्रकारों, कानपुर के पत्रकार दीपक मिश्रा तथा लखनऊ के पत्रकार अमित सिंह पर हमलों के विरोध में जिला पत्रकार संघर्ष समिति उरई कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। पत्रकारों ने आरोपी राज्य मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा तथा पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार करने और घटना की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की। 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने जगेंद्र हत्या कांड को बड़ी खबर के रूप में छापा

विश्व के सबसे प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार ‘द न्यूयार्क टाइम्स’ ने जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर विस्तार से समाचार प्रकाशित किया है। समाचार अंग्रेजी में पढ़ें –

जगेंद्र का पूरा परिवार धरने पर बैठा, शिवपाल ने कहा – जांच पूरी होने से पहले मंत्री को नहीं हटाएंगे

लखनऊ : कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव से शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार डालने के आरोपी पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा को हटाये जाने की सम्भावना के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि जांच पूरी हुए बगैर किसी भी मंत्री को नहीं हटाया जाएगा। उधर न्याय पाने के लिए पत्रकार जगेंद्र सिंह का पूरा परिवार धरने पर बैठ गया है। 

जगेंद्र को फूंकने में नेता, अपराधी, पुलिस और पत्रकार की साजिश

मृत्‍योपरान्‍त किसी व्‍यक्ति को वास्‍तविक पहचान दिलाते हुए शहीद के तौर पर सम्‍मानित करना और अपने पापों का सार्वजनिक क्षमा-याचना करते हुए पश्‍चाताप करना बड़ी बात माना जाती है। इतिहास तो ऐसे मामलों से भरा पड़ा हुआ है, जब सरकार या किसी समुदाय ने किसी को मार डाला, लेकिन बाद में उसके लिए माफी मांग ली। ठीक ऐसा ही मामला है शाहजहांपुर के जांबाज शहीद पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह और उसके प्रति मीडिया के नजरिये का। इसी मीडिया ने पहले तो उसे ब्‍लैकमेलर और अपराध के तौर पर पेश किया था। फेसबुक आदि सोशल साइट पर अपना पेज बना कर खबरों की दुनिया में हंगामा करने वाले जागेन्‍द्र सिंह को शाहजहांपुर से लेकर बरेली और लखनऊ-दिल्‍ली तक की मीडिया ने उसे पत्रकार मानने से ही इनकार कर लिया था। लेकिन जब इस मामले ने तूल पकड़ लिया, तो मीडिया ने जागेन्‍द्र सिह को पत्रकार के तौर पर सम्‍बोधन दे दिया।

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (2) : फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों से कराया गया था नवीनीकरण

कुछ स्वयंभू पत्रकारों ने स्वार्थ पूरा करने के लिए एक सम्मानित संस्था ( एनजीओ ) कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर पर धोखाधड़ी कर और क्लब के संस्थापक सदस्यों को दर किनार कर न सिर्फ कब्ज़ा किया बल्कि फ़र्ज़ी कागजों के दम पर उसका नवीनीकरण करा कर 7 के स्थान पर 17 लोगों की फ़र्ज़ी कार्यकारिणी बना दी। आरटीआई में प्राप्त कागजों से कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर का फर्जीवाड़ा खुल रहा है।

कानपुर में पत्रकार को गोली मारने वाले दो हमलावर पुलिस ने दबोचे

कानपुर में पत्रकार दीपक मिश्रा को गोली मारने वाले दो हमलावरों दो आरोपियों सचिन पांडेय और मोहनीश उर्फ जीतू पांडेय को पुलिस ने नौबस्ता के हंसपुरम क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी राजा पांडेय को पुलिस तलाश रही है। 

सड़क पर उतरे गोंडा के पत्रकार, मौन जुलूस, कलेक्ट्रेट में धरना

गोंडा (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड के विरोध में रविवार को यहां के पत्रकारों ने मौन जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। पत्रकारों ने जगेंद्र को जलाकर मार डालने की साजिश रचने वाले राज्य सरकार के मंत्री राम मूर्ति वर्मा को मंत्रिपरिषद से तत्काल बर्खास्त करने, घटना की सीबीआइ से जांच, निलम्बित पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने तथा मृतक पत्रकार के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। पत्रकारों ने तय किया कि पीड़ित परिवार को गोंडा से आर्थिक सहायता भी भेजी जाएगी। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में गोंडा में जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर जाते पत्रकार 

दो पीड़ित पत्रकार भाइयों को एनएचआरसी ने पच्चीस पच्चीस हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया

झारखंड के पूर्वी सिंघभूम के जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले दो पत्रकार भाई संतोष अग्रवाल एवं सुशील अग्रवाल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 25-25 हज़ार रूपये हर्जाना देने का निर्देश झारखंड राज्य के गृहविभाग को दिया है. मानवाधिकार आयोग के इस फैसले ने यह मुहर लगा दिया है किस प्रकार सच को दबाने के लिए पुलिस प्रशासन किसी भी हद तक जा सकता है. इसका ताज़ा उदाहरण यूपी के ईमानदार पत्रकार जगेन्द्र के साथ हुई दर्दनाक वारदात पुलिस प्रशासन की जनविरोधी कार्यशैली की पुष्टि करती है.

राजस्थान पत्रिका के भ्रामक और भड़काऊ संपादकीय के खिलाफ सामाजिक संगठन HRD ने की पुलिस में रिपोर्ट

जयपुर। राजस्थान पत्रिका के 30 मर्इ, 2015 के जयपुर संस्करण के सम्पादकीय में आरक्षण के बारे में भ्रामक और भड़ाकाने वाला सम्पादकीय लिखकर प्रकाशित करने पर हक रक्षक दल (HRD) सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रूपचन्द मीणा के साथ पुलिस थाना मोती डूंगरी, जयपुर में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट पेश की है और राजस्थान पत्रिका के विरुद्ध आपराधिक और देशद्रोह का अभियोजन चलाने एवं राजस्थान पत्रिका के प्रकाशन पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग की है।

रिपोर्टर बनाने का सपना दिखा प्रेस आईडी कार्ड देने के नाम पर 4500 रुपये वसूलती है ये न्यूज एजेंसी

दिल्ली के द्वारका में एक न्यूज एजेंसी है. नाम है- परफेक्ट न्यूज इंटरनेशनल. इसके मालिक का नाम कुमार सौरव है. ये एजेंसी प्रेस आईडी कार्ड देने के नाम पर लोगों से 4500 रुपये वसूलती है. पैसे लेकर आईडी कार्ड दिए जाते हैं. आईडी कार्ड देकर कहा जाता है कि अब तुम रिपोर्टर बन गए. साथ ही अगर कोई स्टेट ब्यूरो पाना चाहता है तो उसे पंद्रह हजार रुपये देने पड़ते हैं.

यूपी : मीडिया सलीब पर और इंसाफ मुजरिमों की मुट्ठी में !

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि उनके मंत्रियों को फंसाया जा रहा है, साथ ही कहना है कि सरकार पर दबाव बनाये रखने के लिए विरोधी दलों के नेता आये दिन मंत्रियों के त्याग पत्र मांगते रहते हैं। आरोप यह भी है कि समाजवादी पार्टी पर मीडिया हमलावर रहता है। समाजवादी पार्टी के नेताओं की इस दलील का आशय यह है कि उनकी सरकार में सब कुछ ठीक है एवं सभी मंत्री संवैधानिक दायरे में रह कर ही कार्य कर रहे हैं, जिन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट होना शेष है कि समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान के दायरे में रहने की बात करते हैं, या समाजवादी पार्टी का कोई और संविधान है?

रायबरेली और मिर्जापुर के दो और पत्रकारों की जान को खतरा

उत्तर प्रदेश के शाहजंहापुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह को राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा द्वारा जिंदा जलवा देने की घटना, बहराइच में आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद शुक्ला की हत्या, कानपुर में पत्रकार को गोली मारने और बस्ती में पत्रकार पर हमले के बाद मिर्जापुर के थाना जिगना ग्राम मनकथा निवासी पत्रकार अनुज शुक्ला की पैत्रिक जमीन पर समाजवादी पार्टी के दबंग राधेश्याम यादव पुत्र अनन्त यादव, स्थानीय विधायक भाई लाल कोल के प्रतिनिधि विनोद यादव के संरक्षण में पुलिस की मदद से अदालती स्टे के बावजूद जबरन कब्जा किया जा रहा है।

अब पीलीभीत में चैनल के रिपोर्टर पर अटैक, बहाने से बुलाकर पीटा

पीलीभीत में एक चैनल में कार्यरत पत्रकार को धोखे से बुलाकर छह लोगों ने जमकर मारापीटा। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्रकार ने घायल अवस्था में पहुंच कर कोतवाली में सूचना दी। सूचना के आधार पर थाना पुलिस ने घटना की एनसीआर दर्ज कर ली है। 

जगेंद्र की हत्या से हाथरस के पत्रकारों में रोष, मंत्री पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन

हाथरस : शहजहांपुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह की जलाकर हत्या किये जाने से स्थानीय मीडियाकर्मियों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को प्रेस क्लब सिकंदराराऊ द्वारा उपजिलाधिकारी एनपी पाण्डेय को प्रदेश के राज्यपाल के नाम सम्बोधित एक ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही तथा पीड़ित परिवार को 25 लाख रूपये मुआवजा दिये जाने की मांग की गई। पत्रकारों ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया।

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में ज्ञापन देते हाथरस के पत्रकार

‘ज़ी पुरवइया’ ने अपने आठ मीडिया कर्मियों को नौकरी से निकाला

ज़ी मीडिया के बिहार-झारखंड के चैनल ज़ी पुरवईया से आठ लोगों को निकाल दिया गया है। लोगों का कहना है कि ज़ी मीडिया के इतिहास में ऐसा कम ही होता है जब किसी को निकाला जाता है। हालांकि ज़ी पुरवईया से जिन लोगों को निकाला गया है, संस्थान ने उनसे (दबाव देकर) त्यागपत्र लिया है। खबर ये भी है कि अगले कुछ दिनों बाद फिर कुछ लोगों को निकाला जाएगा। 

युवती की लाश से बरसे 40 लाख के नोट और फूंक डाला गया जगेन्‍द्र

बहुत दिलचस्‍प है शाहजहांपुर में नेता-पुलिस-अपराधी-पत्रकार गठजोड़। लाखों की रकम खुद डकार लेना चाहते थे चुनिन्‍दा नेता-पत्रकार। शाहजहांपुर में तीन पत्रकारों का एक गुट बन गया था। जागेन्‍द्र सिंह, अमित भदौरिया और राजू मिश्र। यह करीब चार साल पहले की बात है। इनमें सबसे ज्‍यादा तेज-तर्रार था जागेन्‍द्र। खुटार के मूलत: जागेन्‍द्र को पत्रकार की दुनिया में सबसे पहले अमर उजाला के प्रभारी अरूण पाराशरी ने प्रवेश कराया था। 

क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में 72 रन से जीती पत्रकारों की टीम

जौनपुर : नगर के राज कालेज के मैदान पर चल रही जेकेपी त्रिकोणीय क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में पत्रकार क्रिकेट क्लब ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुये जेसीआई को 72 रन के भारी अंतर से हराकर चैम्पियन का खिताब हासिल कर लिया। विजेता टीम के कुमार कमलेश को लगातार तीसरे मैच में मैन आफ द मैच दिया गया। पूरी प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुये 135 रन बनाने के साथ 12 विकेट लेने वाले जेसीआई के कप्तान आलोक सेठ को मैन आफ द सीरिज दिया गया। मुख्य अतिथि नगर पालिकाध्यक्ष दिनेश टण्डन ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्राफियां प्रदान कीं। 

जौनपुर के राज कालेज मैदान पर दिनेश टण्डन से विजेता ट्राफी लेते पत्रकार। छाया-कुमार कमलेश

देहरादून सहारा से अमित सिंह के जाने की खबर

सहारा को बेसहारा करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है । आये दिन कोई न कोई कर्तव्य योगी (सहारा में कोई कर्मचारी नहीं है सारे के सारे कर्तव्य योगी हैं तब यह हाल है) संस्थान का दामन छोड़ रहा है। 

बड़े धनवान ला रहे छोटे अखबार, पत्रकारों के शोषण की इंतहा

अखबार मालिकों ने पत्रकारों को इतना व्‍यस्‍त कर दिया है कि उनके पास दूसरी नौकरी तलाशने तक का समय नहीं है। फोर्थ पिलर ने कई छोटे अखबारों का सर्वे किया है, जहां अत्‍याचार की इंतहा है। कुछ बड़े धनपशु चोला बदलकर अखबारबाजी के क्षेत्र में उतर रहे हैं। इन्‍हें पहचानना थोड़ा कठिन होगा। इनका अखबार तो इतना छोटा होता है कि वहां वेज बोर्ड की बात करना भी बेमानी ही होगी, लेकिन शोषण की कहानी बड़े अखबारों से भी बदतर है।

‘नई दुनिया’ ग्वालियर के संपादक बने अजीत सिंह

मध्यप्रदेश, बिहार में विभिन्न अखबारों में लंबे समय तक शीर्ष संपादकीय पदभार संभालते रहे अजीत सिंह ने ‘नई दुनिया’ ग्वालियर के संपादक के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की है।

नई दुनिया ग्वालियर के नए संपादक अजीत सिंह

खामोशी से बाज आओ पत्रकारों वरना ये सिलसिला अब थमने वाला नहीं

इस देश में क्या हो रहा है, कहीं कोर्ट परिसर में मर्डर तो कहीं जर्नलिस्ट का मर्डर तो कहीं ४२० के केस में पुलिस एनकाउंटर करती है, तो कहीं पुलिस मर्डर के अभियुक्त को समोसे खिलाती है, आखिर कितने जगेंद्र सिंह जैसे बेगुनाह और कलम के सिपाहियों की बलि लेगा ये देश।

न्यूज चैनल की हरकत से टॉपर छात्रा पहुंची अस्पताल, पिता ने की पुलिस से शिकायत

आखिर मीडिया राजस्थान बोर्ड की इस टॉपर छा़त्रा की मार्कशीट पर लाल घेरा फेर कर क्या साबित करना चाहता है?

शाहजहाँपुर की डीएम ने कहा – जगेन्द्र के घर जाने से विवादित हो जाऊंगी

कल आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने पत्रकार जगेन्द्र सिंह के गाँव खुटार जा कर उनके परिवार वालों से मिल कर मौजूदा स्थिति, विवेचना और उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी ली. स्थितियों पर उन्होंने पूरी तरह असंतोष जाहिर करते हुए मुआवज़े और घटना की सीबीआई जांच की मांग की. 

झूठी खबर प्रसारित कर ईटीवी ने करा दिया बंद, भारी नुकसान

ई टीवी बिहार/झारखंड न्यूज़ चैनल में ११ जून २०१५ को रात्रि में एक ब्रेकिंग न्यूज़ पहले चली कि झारखंड के पलामू जिले के बकोरिया थाना इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गए। नक्सलियों के पक्ष में भाकपा माओवादियों ने १२ , १३ एवं १४ जून को पांच राज्य बंद करने का आवाहन किया है। यह आवाहन नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी के बयान पर बताया गया।  और यह भी दिखाया गया की पुलिस मुख्यालय इसकी पुष्टि नहीं करता है।  

नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की छाया प्रतियां

जगेंद्र की मौत से सुलगते सवाल : दुनिया के हक की बात करने वालो अपने हक के लिये आवाज बुलंद कब करोगे?

प्रजातांत्रिक भारत का सिस्टम भी अजब—गजब है। देश की राजधानी दिल्ली की सरकार में एक मंत्री की डिग्री फेक होने के कारण उन्हें जेल में डाला गया है और पूछताछ जारी है तो दूसरी तरफ उत्तरप्रदेश की सरकार है,​जिसमें उसके एक मंत्री और के गुर्गों द्वारा एक पत्रकार को जिंदा जला दिया गया उसकी मौत हो गई आरोप साबित हैं सबकी आंखों के सामने फिर भी समाजवादी सरकार के नेता कहते हैं क्या ए​फआईआर दर्ज होने से कोई आरोपी साबित हो जाता है। 

आरटीआई कार्यकर्ता गुरु प्रसाद की हत्या के लिए सपा सरकार जिम्मेदार : रिहाई मंच

लखनऊ : रिहाई मंच ने कहा है कि शाहजहांपुर में पत्रकार की हत्या के बाद जिस तरीके से बहराइच में आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद शुक्ला की दिन दहाड़े हत्या, आरटीओ चुन्नी लाल पर बेसिक शिक्षा एवं बालपुष्टाहार मंत्री कैलाश चैरसिया द्वारा थप्पड़ तानने और उन्हें जान से मारकर गंगा में फेंकने की धमकी दी गई, इस सबने साबित कर दिया है कि सपा सरकार इंसाफ मांगने की हर आवाज का कत्ल कर देना चाहती है। 

हम शर्मिन्दा हैं लेकिन हमें शर्म नहीं आती

सुनते आये हैं जो आया है वो जाएगा भी। सभी को जाना है लेकिन किस तरह से ? क्षमा करेंगे, एक और चला गया, पहले भी कई गए हैं। एकता के नारे लगाये जा रहे हैं। हक़ और बदले की भी बातें हो रहीं। कोई कम तो कोई ज्यादा आक्रमक भी है, जमात के लोग अपने अपने अंदाज में अपने अपने झंडे भी बुलंद कर रहे हैं। परिणाम की सुधि किसे है, ये बड़ा प्रश्न हो सकता है।

पत्रकारों की शहादत, बेशर्म सियासत

सारी दुनिया में पत्रकारों के सिर पर 24 घंटे मौत का साया मंडराता रहता है। कलम पर हमले जारी हैं। भारत के कई राज्यों में स्थिति बेहद संवेदनशील है। खासकर उत्तर प्रदेश में पत्रकार बेखौफ होकर काम नहीं कर पा रहे हैं। सत्ता और कानून के पहरेदारों (पुलिस) की संगीने हर पल कलम का पीछा कर रही हैं। बात अस्सी के दशक से शुरू करते हैं। मैं ग्रुजुएशन करके निकला था। दिल्ली के नवभारत टाइम्स, दिनमान और असली भारत के अलावा बांदा से छपने वाले दैनिक मध्ययुग, कर्मयुग और बम्बार्ड में लिखने लगा था। इस दशक की वो काली तारीख अब मुझे याद नहीं है, जब बबेरू कस्बे में तत्कालीन दरोगा अरुण कुमार शुक्ला के इशारे पर भुन्नू महाराज एंड कंपनी ने दैनिक जागरण कानपुर के तत्कालीन संवाददाता और मध्ययुग के संपादक सुरेशचंद गुप्ता की दिनदहाड़े लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वर्ष जरूर मुझे याद है-1983। सुरेश चंद गुप्ता का कुसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने पुलिस के फर्जी एनकाउंटर की रिपोर्ट छापी थी।

पत्रकार जगेंद्र सिंह के हत्यारोपी इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच भी शुरू

लखनऊ : आईजी कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि शाहजहांपुर के पत्रकार हत्याकांड में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। तफ्तीश में तेजी से जुटी पुलिस फिलहाल मंत्री राममूर्ति वर्मा से पूछताछ नहीं करेगी। जांच में अगर सुबूत और साक्ष्य मिले तभी पूछताछ होगी।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रवीश कुमार की चिट्ठी- ‘पढ़ते ही राममूर्ति को संस्पेड करें’

आदरणीय अखिलेश जी,

इस उम्मीद से यह ख़त लिख रहा हूं कि पढ़ते ही आप मंत्री राममूर्ति वर्मा को सस्पेंड कर देंगे। पद और पार्टी दोनों से।

पत्रकार जगेन्द्र की हत्या की हो सीबीआई जांच-आइपीएफ

लखनऊ : शाहजंहापुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की जिंदा जलाकर हत्या कर दिए जाने पर आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अजेय नहीं है और उसे जनमत का सम्मान करना चाहिए। यह अफसोसनाक है कि पत्रकार की हत्या के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा को सरकार अपने मंत्रिमण्डल में बनाए हुए है और जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज है, उन्हें निलंम्बित तक नहीं किया गया है।

मौत से पहले छटपटाते जगेंद्र सिंह का दर्दनाक वीडियो वायरल हुआ

पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार देने के मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल हो गई है। मंत्री राममूर्ति वर्मा के खिलाफ संघर्षरत रहे जगेंद्र सिंह की मौत से पहले का एक दर्दनाक विडियो पुलिस की करतूत का खुलासा करता है। …

अमर उजाला फाउंडेशन ने एक-एक लाख रुपये की दो फेलोशिप के लिए मांगा आवेदन, करें अप्लाई

नई दिल्ली। अमर उजाला ने अमर उजाला फाउंडेशन राष्ट्रीय पत्रकारिता फैलोशिप-2015 की घोषणा कर दी है। इस बार फाउंडेशन ने दो पत्रकारों को एक-एक लाख रुपये की फैलोशिप देने का निर्णय लिया है। यह फैलोशिप छह माह की होगी। विषय चयन: इच्छुक अभ्यर्थी देश के किसी खास क्षेत्र या समूचे देश को अपना कार्य क्षेत्र बना सकते हैं। कोई भी ऐसा मुद्दा ले सकते हैं, जिस पर शोध से सामाजिक पत्रकारिता में योगदान के अवसर खुल सकें। आयु सीमा: अभ्यर्थी की उम्र 35 साल और पत्रकारिता में पांच साल का अनुभव अनिवार्य है। आवेदन के समय संस्थान का अनापत्ति पत्र देना जरूरी होगा।

मल्टी टैलेंटेड विजुअली चैलेंज्ड मोनिका-अंकिता पर कोई मां-पिता क्यों न करे गर्व…

मोनिका और अंकिता के साथ करीब 4 घंटे का समय बिताने का मौका मिला और उस समय उनसे बातचीत कर अहसास हुआ कि हम जैसे रोशन आंखों वालों की दुनिया से कहीं ज्यादा रोशनी है उनकी दुनिया में। मासूमियत, सच्चाई, इंसानियत की रोशनी। ये हमसे कहीं ज्यादा संवेदनशील हैं समाज के प्रति, इंसानियत के प्रति। हम लोग हर दर्जे में इनसे कमतर हैं। पढिय़े मोनिका और अंकिता की रोचक, सुरीली और साहसी कहानी मध्य प्रदेश की पत्रकार ममता यादव की जुबानी….

सीएम खट्टर ने मुझे मीडिया के पास जाने से मना किया है : सांसद अश्विनी चोपड़ा

सोनीपत / पानीपत (हरियाणा) : सांसद अश्विनी चोपड़ा ने खुलासा किया है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने उन्हें मीडिया के पास जाने से मना किया है। सीएम ने कहा कि वे उनसे सीधी बात करें। आगे से अपने मुद्दों को लेकर मीडिया के पास न जायें। सांसद के अनुसार सीएम ने कहा- ‘क्या जरूरत है, आपको मीडिया में जाने की, मुझे बताओ, मैं सब ठीक करूंगा।’ इस पर चोपड़ा का सीएम को जवाब था – ‘मैं भी चाहता हूं कि आपसे बतौर सांसद बात करूं, पर क्षेत्र की उपेक्षा सहन नहीं कर पाता और मेरे भीतर का पत्रकार जाग उठता है, मैं क्या करूं?’

यूपी के आला पुलिस अफसरों ने खाकी को चुल्लू भर पानी में डुबोया

उत्तर प्रदेश में खाकी अपनी करतूतों के चलते अक्सर ही शर्मसार होती रहती है, लेकिन जब भ्रष्टाचार के आरोप विभाग के मुखिया पर ही लगे तो हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। खाकी पर अबकी से उसके दो ‘हाकिमों’ (पूर्व पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) के कारण दाग लगा है। दोनों डीजीपी ने अपनी तैनाती के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग को धंधा बना लिया।

जगेंद्र सिंह की वक्त पर मदद न कर पाने के लिए मैं गुनहगार, लखनऊ के पत्रकार शर्मसार : के. विक्रम राव

मैं खुद को गुनेहगार मान रहा हूँ, क्योंकि मै “जगेन्द्र सिंह” की समय पर सहायता नहीं कर पाया। यह बात अलग है कि मैं लखनऊ के बाहर था, पर वह कोई उचित तर्क नहीं हो सकता। सात दिनों तक लखनऊ के अस्पताल में शाहजहाँपुर का एक खोजी पत्रकार जगेन्द्र सिंह ज़िन्दगी से जूझता रहा, उसके घर में घुस कर जलाने वाले आज़ाद हैं। सिर्फ इसलिए की एक राज्यमंत्री की दबंगई थी। जगेन्द्र सिंह घोटोलो का भंडाफोड़ करता रहा।

जगेंद्र हत्याकांड पर मेरठ के पत्रकार गुस्से में, काली पट्टी बांधकर सत्याग्रह

मेरठ : यहां के पत्रकारों में शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या से जबरदस्त गुस्सा है। पत्रकारों का सत्याग्रह शुरू हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार 12जून को पूर्वाह्न 11 बजे शहर के लगभग सभी प्रमुख पत्रकार और मीडियाकर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट में जुटे। 

जगेंद्र के लिए इंसाफ की लड़ाई जारी, शाहजहांपुर में कैंडल मार्च

शाहजहांपुर (उ.प्र.) : ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन शाहजहांपुर के आह्वान पर जगेन्‍द्र सिंह के परिजनों को न्‍याय, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, जगेन्‍द्र सिंह के बच्‍चों के लिये शासन से 50 लाख रूपये का मुआवजा, एक बेटे या बेटी को नौकरी दिलाने की मांग करते हुए पत्रकारों ने कैंडिल जुलूस निकाला। 

यूपी में एक और पत्रकार पर सपा नेता का अटैक, हालत मरणासन्न, लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती

बस्ती (उत्तर प्रदेश) : एक और पत्रकार को समाजवादी पार्टी के विधायक ने मौत के घाट उतारने की कोशिश की। पत्रकार की हालत गंभीर है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भरती कराया गया है। वह पांच जून की रात से लगातार कोमा में हैं। बताया गया है कि अमर उजाला प्रबंधन, प्रशासन और पुलिस सब इस मामले को दबाने में लगे हुए हैं। 

लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती पत्रकार धीरज पांडेय

जांबाज पत्रकार जागेन्‍द्र को अपराधी के तौर पर पेश करने की कवायद

वो सफेद झूठ बोल रहे हैं, जो कह रहे हैं कि जागेन्‍द्र सिंह का धन्‍धा उगाही, वसूली और रंगदारी ही था। सच बात तो यह है कि शाहजहांपुर की ही पुलिस ने उसके ऊपर लगे एक मुकदमे में उसे पूरी तरह निर्दोष पाया था। लेकिन इस तथ्‍य के बावजूद चंद पुलिस और अपराधियों द्वारा पेट्रोल डाल कर सरेआम फूंक डाले गये शाहजहांपुर के जांबाज पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह को अब ब्‍लैकमेलर, उगाही करने वाला और रंगदारी वसूली करने वाले अपराधी के तौर पर पेश करने की कवायद चल रही है। मकसद यह कि किसी न किसी तरीके से इस मामले पर मंत्री राममूर्ति वर्मा की खाल बचा ली जाए। उधर पता चला है कि समाजवादी पार्टी ने अपने एक स्‍थानीय नेता और ददरौल से विधानसभा चुनाव लड़ चुके देवेन्‍द्र पाल को पार्टी से बर्खास्‍त कर दिया है।

हत्या के आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा के बचाव में उतरे रामगोपाल यादव

शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने मंत्री राममूर्ति वर्मा का बचाव करते हुए कहा है कि सिर्फ एफआईआर दर्ज होने से कोई दोषी नहीं हो जाता।

लोकमत उत्तर प्रदेश के पांचवें स्थापना दिवस पर सोलह विभूतियां हुईं सम्मानित

उत्तर प्रदेश की माटी से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित करने के क्रम में संगीत नाट्य अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में राज्यपाल श्री राम नाईक द्वारा  प्रदेश की सोलह विभूतियों को सम्मानित किया गया। लोकमत समाचार पत्र पिछले कई वर्षों से ऐसी विभूतियों को सम्मानित करता आया है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करके समाज पर अपनी छाप छोड़ी है।

पत्रकार अविकल थपलियाल को उत्तराखंड राज्य वित्त आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया

देहरादून : राज्य सरकार ने पत्रकार अविकल थपलियाल को राज्य वित्त आयोग का सदस्य नियुक्त किया है. हरीश रावत ने गढ़वाल में जन्मे अविकल थपलियाल को ये बड़ी जिम्मेदारी दी है जिसका मीडिया के लोगों ने स्वागत किया है. अविकल के पास करीब 25 सालों का लम्बा पत्रकारीय अनुभव है. वे कई सालों तक सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे.

Apprise with factual position to Inspectors for Majithia

The struggle, rather the battle, for Majithia Awards has come to decisive phase of the history. Most of the governments have already appointed Special Labour Inspectors on the direction of the hon’ble Supreme Court of India on 28.04.2015. There are, however, some states, which find luxury in laziness, and they have yet to act on it. The major states, which have not moved in this direction so far are – Uttar Pradesh, Bihar, Odisha and West Bengal. This act of these laggard states itself amounts to the contempt of the Court.

सपा के दलाल शैलेन्द्र अग्रवाल और दो पूर्व डीजीपी के मामले में पीआईएल दायर

आगरा के शैलेन्द्र अग्रवाल के साथ दो पूर्व डीजीपी ए एल बनर्जी और ए सी शर्मा द्वारा भारी धन उगाही के मामले में आज इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में एक पीआईएल दायर किया गया. वादी सेण्टर फॉर सिविल लिबर्टीज की ओर से अधिवक्ता डॉ नूतन ठाकुर ने बताया कि चूँकि इस मामले में इन दो डीजीपी के साथ कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अफसरों के नाम सामने आ गए हैं.

शाहजहांपुर पहुंचे पत्रकार कुमार सौवीर, पढ़िए उनकी लाइव रिपोर्ट : अपराधी सत्ता, नपुंसक पुलिस, बेशर्म पत्रकार…

Kumar Sauvir : बेशर्मी की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं शाहजहांपुर के पत्रकारों ने। जो पत्रकार था, उसे पत्रकार मानने से तैयार नहीं थी यह पत्रकार-बिरादरी और जो पत्रकार नहीं हैं, उन्‍हें जबरिया पत्रकार का तमगा देने पर आमादा थे यही लोग। पत्रकारिता के नाम पर कलंक बने इन्‍हीं हत्‍यारेनुमा पत्रकारों ने पुलिस, अफसर, नेता और मन्‍त्री की चौकड़ी तैयार कर ऐसा जाल बुन डाला, जिस शिकंजे में जागेन्‍द्र सिंह को जकड़ लिया गया और दिन-दहाड़े उसे पेट्रोल डाल कर जिन्‍दा फूंक दिया गया। इतना ही नहीं, जागेन्‍द्र सिंह की मौत के बाद अब इन्‍हीं पत्रकारों ने उसके नाम पर मर्सिया भी पढ़ना शुरू कर दिया है। हैरत की बात है कि जागेन्‍द्र सिंह की हत्‍या के बाद जिले के एक भी अधिकारी ने जागेन्‍द्र के घर जाने की जहमत नहीं फरमायी, लेकिन मूल कारणों को खोजना-विश्‍लेषण करने के बजाय अब इन्‍हीं पत्रकारों की टोलियां अब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक और यहां के नेताओं की ओर से प्रतिनिधिमण्‍डल बना कर जागेन्‍द्र सिंह के घर पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, यही पत्रकार अब इन अफसरों-नेताओं की ओर से आश्‍वासन तक दे रहे हैं कि जागेन्‍द्र की पत्‍नी को अनुग्रह दिलाया जाएगा, पीडि़त परिवार को मकान दिया जाएगा, उसे जमीन मुहैया करायी जाएगी और आश्रित लोगों को सरकारी नौकरी दिलायी जाएगी।

इस सदी के स्वघोषित सबसे बड़े महानायक केजरीवाल की नाक जड़ से कट गई…

Samarendra Singh : जिसका अंदेशा था वही हुआ. अभय कुमार दुबे की बात सही निकली. किसी एक की नाक जड़ से कटनी थी और इस सदी के स्वघोषित सबसे बड़े महानायक की नाक जड़ से कट गई. कमाल के केजरीवाल जी दुखी हैं. बोलते नहीं बन रहा है. इसलिए अदालत के फैसले का इंतजार किये बगैर उन्होंने अपने क्रांतिकारियों को अपने बचाव में आगे कर दिया है. तोमर की डिग्री फर्जी है, यह मानने के लिए अब उन्हें किसी अदालत के फैसले की जरुरत महसूस नहीं हो रही है. अब उनके क्रांतिकारी कह रहे हैं कि माननीय को गहरा सदमा लगा है. तोमर ने उन पर जादू कर दिया था. फर्जी आरटीआई दिखा कर भ्रमित कर दिया था. हद है बेशर्मी की. बार-बार झूठ बोलने पर जरा भी लाज नहीं आती.

अब ‘ईटी नाऊ’ की कमान भी संभालेंगे अर्नब गोस्वामी

टाइम्स नाऊ के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी अब ‘टाइम्स नाऊ’ और ‘ईटी नाऊ’ दोनों का प्रेसिडेंट-न्यूज़ और एडिटर-इन-चीफ बना दिए गए हैं। चश्मिश गोस्वामी अब अंग्रेज़ी बिजनेस न्यूज चैनल ईटी की संपादकीय टीम का नेतृत्व भी करेंगे। 

Jagran Prakashan completes acquisition of Radio City

Leading media group Jagran Prakashan Ltd said it has completed the acquisition of Music Broadcast Pvt Ltd, which operates the popular Radio City FM stations. “We are delighted to announce that Radio City has now become a part of Jagran Prakashan Ltd. The acquisition marks JPL’s foray into the high growth radio industry and catapults the company to a leadership position in the radio segment of the media industry,” said Jagran Prakashan CMD Mahendra Mohan Gupta.

अब 10 हजार करोड़ का डीमेट घोटाला

व्यापमं महाघोटाले की जांच तो चल ही रही है, वहीं अब निजी डेंटल और मेडिकल कॉलेजों में बीते 10-11 सालों में हुए डीमेट घोटाले की परतें भी खुलने लगी हैं। 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के इस डीमेट घोटाले में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेसी भी फंस रहे हैं। निजी कॉलेजों ने 20 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ और उससे भी अधिक राशि लेकर हजारों एडमिशन दे डाले। इस मामले में गिरफ्तार किए गए डीमेट के कोषाध्यक्ष रहे योगेश उपरित ने कई चौंकाने वाली जानकारियां भी दी हैं।

मजीठिया वेतनमानः अभी निर्णायक संघर्ष का समय, इसके बाद शुरू होगा मालिकों का नंगनाच

पत्रकारों के लिए अब निर्णायक समय आ गया है क्योंकि हर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार श्रम अधिकारियों की विशेष टीमें गठित कर दी हैं और ये टीम 31 जुलाई तक सक्रिय रहेंगी. 

लंदन में जारी हुई ‘इश्क़ कोई न्यूज़ नहीं’ की प्रोमो पुस्तिका

लंदन : ‘लप्रेक : फेसबुक फिक्शन श्रृंखला की दूसरी किताब ‘इश्क़ कोई न्यूज़ नहीं’ को पाठकों के बीच लाने की तैयारियाँ जब ज़ोरों  पर हैं, इसी बीच इसका प्रोमो लंदन में आयोजित एक कार्यशाला के उपरान्त अनौपचारिक रूप से लांच किया गया।

पत्रिका के संपादकों और मैनेजरों में मजीठिया के लिए केस करने वालों को तोड़ने की होड़

खबर है कि राजस्थान पत्रिका उदयपुर के मैनेजर नायर ने मजीठिया वेज बोर्ड के लिए केस करने वाले पांच कर्मचारियो को तोड़ लिया है. अखबार मालिक निहार कोठारी अपने सभी मैनेजरों और संपादकों पर दबाव डाले हुए हैं कि वे मजीठिया के लिए केस करने वाले कर्मियों को किसी तरह समझाएं और पटाएं. संपादकीय प्रभारी राजेश कसेरा पर भी यही दबाव है. सूत्रों के मुताबिक कसेरा को तीन बार मुख्यालय बुलाकर मजीठिया की मांग करने वालों को अपने पाले में करने के लिए दबाव बनाया गया.

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (1) : पत्रकारों की आँखों में धूल झोक कर चुनाव क्या सिर्फ दिखावा !

एस.आर.न्यूज़ टीम : दोस्तों आज हम खुलासा करने जा रहे हैं कुछ ऐसे स्वयंभू पत्रकारों के बारे में जिन्होंने न सिर्फ एक सम्मानित संस्था ( एनजीओ ) कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर पर धोखाधड़ी कर और क्लब के संस्थापक सदस्यों को दर किनार कर न सिर्फ कब्ज़ा किया बल्कि उस संस्था के सदस्यों की संस्था के प्रति आस्था से भी खिलवाड़ किया। चुनाव के नाम पर दे दिया सदस्यों और पदाधिकारियों को हार का लालीपाप।

सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार ने सुधीर को ‘तिहाड़ी’ करार दिया!

ट्विटर पर जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और कवि व ‘आप’ के नेता कुमार विश्वास के बीच जबरदस्त आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को एक ट्वीट में ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार विश्वास ने सुधीर चौधरी को ‘तिहाड़ी’ करार देते हुए पूछा कि उन्हें उनके घर के किस सदस्य ने कामुक जैसी गोपनीय जानकारी दी है. दोनों के आरोप-प्रत्यारोप संबंधी ट्वीट का स्क्रीनशाट यूं है…

उनकी डिग्रियां भी जाली हो सकती हैं मगर उन्हे शर्म क्यों नहीं आती !

क्यों नहीं सभी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों व नौकरशाहों की डिग्रियों का सत्यापन करके देखा जाये? हो सकता है, काफी लोगों की डिग्री फर्जी निकले। कुछ तो नेता व मंत्रियों के फर्जी डिग्री के मामले आज कल चर्चा में भी है, यहां तक कि तमाम ऐसे लोग विदेशी डिग्री भी लिए फिरते हैं। लोक सेवा आयोग, इलाहाबाद के अध्यक्ष, अनिल यादव की डिग्री/मार्कशीट का सत्यापन कराया जाये, हो सकता है कि अवश्य फर्जी निकले ! आम आदमी क्या करे, उसे तो जेल में डालना आसान है, इन बड़ों को कौन पकड़े?

यूपी का इतिहास पत्रकारों की लाश पर नहीं लिखने देंगे, हर पत्रकार जगेंद्र बनेगा

उत्तर प्रदेश  में पत्रकारों पर हमले बढ़ रहे हैं। पहले शाहजहाँपुर के जगेंद्र सिंह को जिन्दा जला कर मार दिया गया। फिर कानपुर में पत्रकार दीपक मिश्रा को पांच गोलियां मारी गयीं। साफ़ है कि अगर पहली घटना में अखिलेश सरकार तुरंत कार्यवाही करती तो कानपुर की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती। पहली घटना  में आरोपी मंत्री और पुलिस कर्मियों पर प्रभावी कार्यवाही न होने से माफिया के हौसले और बढ़ गए और उन्होंने एक और पत्रकार को  निशाना बना दिया। अब जगेंद्र की तरह दीपक मिश्रा के हमलावर भी गिरफ्तार नहीं हुए।

व्यापम घोटाला : निजी मेडिकल कॉलेजों ने काउंसिलिंग के बाद ज्वॉइनिंग को छिपाया

भोपाल : प्रदेश शासन द्वारा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में भरी जाने वाली सीटों की प्रक्रिया को लेकर जांच कर रही एएफआरसी ने अपने 21 मई 2015 के खुलासे में भारी अनियमितता का उल्लेख करते हुए बताया है कि धोखाधड़ी से महाविद्यालयों में निजी उम्मीदवारों को प्रवेश दिलवाया गया। 

पत्रकारों को इंसाफ चाहिए, राज्यपाल से गुहार, ज्वॉइंट कमिश्नर को ज्ञापन

अलीगढ़ : पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड के विरोध में मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति ने अध्यक्ष सुबोध सुहृद के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कमिश्नरी पर ज्वांइट कमिश्नर राजाराम को दिया। ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रदेश में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने के लिए एक संस्था का गठन किया जाना चाहिए और मृत पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवारीजनों को मुआवजा व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

जगेंद्र सिंह हत्याकांड के विरोध में ज्वॉइंट कमिश्नर को ज्ञापन देते अलीगढ़ के पत्रकार

यूपी में पत्रकारों की जान को खतरा, जगेन्द्र हत्याकांड पर कैंडल मार्च

मुगलसराय : उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में नगर के पत्रकारों ने गुरुवार की शाम एक कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च लाल बहादुर शास्त्री पार्क से आरम्भ होकर जीटी रोड होता हुआ सुभाष पार्क पहॅुचा, जहां दिवंगत पत्रकार जगेंद्र सिंह को श्रद्वांजलि अर्पित की गयी। 

एएनआई की बॉस स्मिता प्रकाश अब भी पूरी बेशर्मी से अड़ी हुई हैं

Samar Anarya : Myanmar rubbishes Indian claims of killing rebels inside its territory against contentions that it was on board! Abki baar, jhooth dar jhooth sarkar. कल दिन भर एएनआई द्वारा जारी फर्जी फोटो दिखा दिखा छाती 56 इंच करने के बाद आज रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता का आधिकारिक बयान आ गया है कि रक्षा मंत्रालय ने कोई तस्वीर नहीं जारी की है. हाँ, एएनआई की बॉस स्मिता प्रकाश अब भी पूरी बेशर्मी से अड़ी हुई हैं- जारी नहीं अधिकृत की थी! https://goo.gl/p07ORX

हैरान हूं कि इस चैनल के सम्पादक सतीश के सिंह हैं!

Mayank Saxena : ग़लती से Live India चैनल लगा लिया… सोचा 2 मिनट हेडलाइन सुन ही लेता हूं… हैरान हूं कि इस चैनल के सम्पादक सतीश के सिंह हैं। मैंने सतीश जी के नीचे, ज़ी न्यूज़ में तब काम किया है, जब वह बीजेपी का मुखपत्र भी नहीं था और न ही दलाली के मामले में लिप्त था। तब ज़ी न्यूज़ वाकई एक गंभीर चैनल था। लेकिन बात ज़ी की नहीं, लाइव इंडिया की…

शहीद पत्रकार जगेंद्र के खून का बदला हम लेंगे, यूपी विस चुनाव में सपाइयों की जमानत जब्त कराके दम लेंगे

Yashwant Singh : शाहजहांपुर के न्यू मीडिया के पत्रकार साथी जगेंद्र सिंह को जलाकर मार डालने का पाप उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार का नाश कर देगी, यह तय है. आजकल जब बड़े अखबार और न्यूज चैनल के मालिक-संपादक-रिपोर्टर लोग मंत्रियों-अफसरों के करप्शन पर कलम चलाने की जगह करप्शन में हिस्सा लेकर चुप्पी साध जाते हों तब न्यू मीडिया के साथी ही वो सच्चे पत्रकार नजर आते हैं जो अपने अपने तरीके से अपने अपने इलाके के भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करते दिखते हैं. सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर आदि से लेकर मोबाइल, ह्वाट्सएप आदि तक को समाहित किए न्यू मीडिया के सच्चे सिपाही जगेंद्र सिंह की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देना है.

जगेंद्र की तीन तस्वीरें- जीवन से मरघट तक… : इस बहादुर पत्रकार की यूपी सरकार के एक मंत्री राममूर्ति ने जघन्य तरीके से हत्या करा दी. इस कांड ने सभी सच्चे नागरिकों को झकझोर दिया. बेशर्म यूपी सीएम अखिलेश यादव अब भी चुप्पी साधे हुए हैं. हत्यारा मंत्री और हत्यारा कोतवाल खुलेआम घूम रहे हैं.

पत्रकार और शिक्षक नदीम एस. अख्तर ने लांच की रीयल इस्टेट कंपनी

Nadim S. Akhter : आप सभी दोस्तों एवं शुभचिंतकों को सूचित करना चाहता हूं कि मैंने Real Estate की एक कम्पनी बना ली है और इसका नाम रखा है–वास्तोस्पति (VASTOSPATI). यह नाम मैंने ऋग्वेद से लिया है. कुछ वक्त पहले ही मैंने फेसबुक के इस मंच पर कहा था कि अब वक्त आ गया है कि मैं पढ़ने-पढ़ाने और लिखने से जुदा कोई अलग रास्ता बनाऊं. पहले भारतीय नौ सेना की नौकरी छोड़ी, फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनते-बनते IIMC आ गया और पत्रकारिता में रम गया. फिर एक और पड़ाव आया जब मैं पत्रकारिता पढ़ाने IIMC के Radio and Television Department में आ गया. लगभग 15 साल के इस कैरियर में जीवन के बहुत उतार-चढ़ाव देखे. अपनों को दूर जाते देखा और परायों को अपना बनते देखा. इस छोटी उम्र में ही जीवन के कई रंग देख लिए. सबको आजमा लिया-समझ लिया. फिर मन बनाया कि कुछ अपना करते हैं. कई जगह दिमाग लगाया कि क्या किया जाए. E-commerce से लेकर सब्जी बेचने तक के धंधे को टारगेट में लिया लेकिन finally रीयल इस्टेट का बिजनेस मुझे भाया. वैसे E-commerce का धंधा भी मेरे राडार में है क्योंकि मैंने वर्ष 1998 में पटना में उस वक्त इंटरनेट के माध्यम से लड़का-लड़की ढूंढने का (Shaadi.com टाइप) आइडिया बताया था, जब ऐसी कोई वेबसाइट भारतीय बाजार में उपलब्ध नहीं थी और उस वक्त भारत में इंटरनेट बहुत-बहुत नया था. खैर.

भड़ास पर खबर आते ही उत्तराखंड सरकार सक्रिय, दोषी पुलिस अफसरों का तबादला, समीर रतूड़ी ने जल ग्रहण किया

उत्तराखंड के मलेथा में खनन माफिया के खिलाफ आंदोलन चला रहे समीर रतूड़ी के आमरण अनशन को लेकर भड़ास4मीडिया पर खबर छपने के बाद उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार सक्रिय हो गई. उत्तराखंड सरकार ने दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग मान ली है. खनन माफिया से अपनी जमीन मुक्त कराने के लिए आंदोलनरत ग्रामीणों और नेतृत्व कर रहे युवा सोशल एक्टिविस्ट व पर्यावरणविद समीर रतूड़ी पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया था. इसके बाद समीर रतूड़ी ने दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अन्न जल त्याग दिया.

प्रेस परिषद की तीन सदस्यीय टीम शाहजहांपुर में 13 जून को जगेंद्र हत्याकांड की छानबीन करेगी

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) : पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड की जांच के लिए 13 जून को भारतीय प्रेस परिषद की तीन सदस्यीय टीम शाहजहांपुर आएगी। यह टीम मौके पर घटना से संबंधित-असंबंधित सभी पक्षों से घटना के संबंध में पूछताछ, छानबीन करेगी। सर्वोच्चन्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद की ओर से घटनास्थल पर छानबीन के लिए भेजी जा रही इस तीन सदस्यीय टीम में प्रेस परिषद की सदस्य सुमन गुप्ता भी हैं। यह टीम जगेंद्र के परिजनों, आरोपी पक्ष, पुलिस, स्थानीय पत्रकारों के साथ ही जन साधारण से भी घटना पर प्रतिक्रिया लेगी। 

 

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद

जब मीडिया मालिकों ने यशवंत को जेल भिजवाया था, तभी मैंने आगाह कर दिया था….

Palash Biswas : शाहजहांपुर में सोशल मीडिया के पत्रकार को मंत्री के गुर्गों और पुलिसे के द्वारा उसके घर में जिन्दा जला कर मार देने की घटना रौंगटे खड़ा कर देने वाली हैl साथ ही यह उत्तर प्रदेश कि सरकार के साथ साथ प्रदेश के पत्रकारों के चरित्र को भी उजागर करती हैl साथियों, याद करें जब मजीठिया की लड़ाई में पत्रकारों की अगुवाई करने वाले भड़ास के यशवंत को मालिकों की रंजिश की वजह से जेलयात्रा करनी पड़ी, तो हमने सभी साथियों से आग्रह किया था कि हमें एकजुट होकर अपने साथियों पर होने वाले हमले के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। हम शुरू से पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर वैकल्पिक मीडिया के हक में लामबंदी की अपील करते रहे हैं। हम लामबंद होते तो हमारे साथी रोज-रोज मारे नहीं जाते।

भदौरिया हम लोगों की तनख्वाह और पीएफ पर कुंडली मारकर बैठ गया है

मैंने जनवरी 2014 में नेशनल दुनिया अखबार ज्वाइन किया था। लेकिन मुझे महज दो माह की तनख्वाह दी गई और कई माह का वेतन आज तक लटका रखा है। नेशनल दुनिया के जीएम मनीष अवस्थी से दिन में कम से कम दो-तीन बार बात करता हूं। लेकिन झूठे आश्वासन मिलते रहे हैं। दिल्ली में लैंडलाइन फोन से अखबार के मालिक शैलेंद्र भदौरिया से भी बात की, लेकिन उन्होंने भी झूठा आश्वासन दिया है। नेशनल दुनिया पर मेरी कुल धनराशि पचास हजार रुपये बैठ रही है। मैंने मेहनत की है तो मैं अपने पैसे को नहीं भुला पा रहा हूं। गरीबों की बददुआ लेने वाला भदौरिया मार्किट से तो उजड़ गया। अब तो अखबार की महज खानापूर्ति की जा रही है।

मीडिया पर भारी पड़ सकता है महाराष्ट्र सरकार का हलफनामा

एक जनहित याचिका के जवाब में महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है। उसमें कोर्ट को बताया गया है कि आरोपी और पीड़ित की निजता बनाए रखने के लिए पुलिस को दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसमें आरोपी का नाम, उसकी तस्वीर और उससे जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया को देने के लिए मना किया गया है। सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ये महाराष्ट्र में मीडिया ट्रायल के नाम पर मीडिया पर पाबंदी की कोशिश तो नहीं है? 

उत्तरांचल में क्रशर माफिया के हाथों की कठपुतली बना इलैक्ट्रॉनिक मीडिया

क्रशर माफिया से जूझ रहे उत्तरांचल के ग्रामीणों पर लाठीचार्ज हुआ। सीता देवी, हेमंती देवी, दस-दस दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठीं, लेकिन अपने को जनता का हितैषी बाताने वाले श्रीनगर, गढ़वाल, उतराखंड के इलैक्ट्रानिक मीडिया ने अपने कैमरे कभी भी इन पीड़ित ग्रामीणों की ओर नहीं घुमाये। घुमाये भी तो उसे प्रसारण के लिए नहीं भेजा। भेजें भी कैसे, नगर के अधिकांश इलैक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार क्रशर माफिया के मित्र जो ठहरे। जी हां  श्रीनगर से लगे टिहरी जिले के मलेथा गांव में जल-जगंल-जमीन के खिलाफ पिछले आठ महीने से एक आन्दोलन चल रहा है।

जगेंद्र हत्याकांड : पुलिस वाले 12 लाख रुपये लेकर मुंह बंद रखने का दबाव बनाने लगे

बुधवार को शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार प्रभारी जेपी तिवारी और महिला एसआई सीमा सिंह पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर खुटार पहुंचीं। महिला एसआई सीमा सिंह ने जगेंद्र की पत्नी सुमन के बयान दर्ज किए। कोतवाल ने उनके पिता सुमेर सिंह के बयान लिए। आरोप है कि महिला एसआई ने बयान दर्ज करने के बाद समझाने के नाम पर जगेंद्र की पत्नी और बहन को धमकी दी कि विवाद बढ़ाने से कोई लाभ नहीं होगा और एक पैसे की भी मदद नहीं मिलेगी। एसआई ने सुमन को अपना भविष्य देखने की भी सलाह दी।

अशोक मिश्रा ने ‘न्यू ब्राइट स्टार’ ज्वॉइन किया

वरिष्ठ पत्रकार अशोक मिश्रा ने एनबीएस मीडिया ग्रुप के एनसीआर से प्रकाशित समाचार पत्र ‘न्यू ब्राइट स्टार’ में स्थानीय संपादक का पद भार संभाल लिया है। वह व्यंग्यकार भी हैं। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्या इन पांच सवालों के जवाब देंगे!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पांच सवाल ऐसे हैं, जो अनेक लोगों के मन में आजकल गूंज रहे हैं। क्या अरविंद केजरीवाल इन वांच सवालों का जवाब दे सकते हैं? अरविंद केजरीवाल के पास इन सवालों का क्या जवाब है-  

यूपी में जंगलराज : शाहजहांपुर के बाद कानपुर में पत्रकार पर जानलेवा हमला

शाहजहांपुर में पत्रकार की जलाकर की गई हत्या की आग अभी शांत भी नहीं हुई थी कि कानपुर के नौबस्ता इलाके में एक प्रिंट मीडिया के पत्रकार दीपक मिश्रा को गोली मार दी गई. घटना में दीपक को दो गोली लगी. उन्हें गंभीर हालत में हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. दीपक दैनिक मेरा सच अखबार में काम करते थे. आपरेशन के बाद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. दीपक ने क्षेत्र के कुछ जुएबाज दबंगों की पुलिस से शिकायत की थी और उनके अड्डे की पहचान बताई थी. एसएसपी शलभ माथुर ने देर रात अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया. एसएचओ नौबस्ता ने घटनास्थल का जायजा ले उच्च अधिकारियों को अवगत कराया.

‘दबंग दुनिया’ में संपादक की कुर्सी संभालते ही पत्रकारों की नौकरी से खेलने लगे विजय शुक्ला

भोपाल : एजेंट से संपादक बने विजय शुक्ला इस समय भोपाल के ‘दबंग दुनिया’ अखबार में संपादक बन गए हैं। संपादक बनने के बाद से ही वह वर्षों से काम कर रहे पत्रकारों को परेशान करने लगे हैं। उनके कारण संस्थान से कई लोग बाहर जा चुके हैं। बाहर जाने वालों में प्रशासनिक संवाददाता राजेंद्र वर्मा, विजेंद्र उपाध्याय, मनोहर पाल, सकुर्लेशन हेड प्रवीण शर्मा, अजय द्विवेदी, आरबी सिंह आदि हैं। अमित देशमुख, जो शुरूआत से काम कर रहे हैं, उन्होंने किसी तरीके से अपना ट्रांसफर दिल्ली कराकर अपनी नौकरी बचाई है। 

जवाब तो देना ही पड़ेगा केजरीवाल को

दिल्ली के कानून मंत्री रहे जितेन्द्र तोमर को पुलिस ने फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार किया है और कोर्ट द्वारा दी गई रिमांड पर अब पुलिस तोमर को साथ ले जाकर फर्जी डिग्री कांड की जांच में जुटी है और प्रथम दृष्ट्या तो साबित भी हो रहा है कि तोमर के पास वैध नहीं, बल्कि अवैध डिग्रियां ही हैं। यह भी सोचने वाली बात है कि दिल्ली पुलिस इतनी भी मूर्ख नहीं है कि वह केजरीवाल सरकार के एक मंत्री को इस तरह गिरफ्तार करे, जब तक कि उसके पास पुख्ता सबूत ना हों, क्योंकि यह मामला दिल्ली पुलिस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केन्द्र की मोदी सरकार के साथ चल रहे केजरीवाल सरकार के पंगे का भी बड़ा मामला है।

मासिक पत्रिका “दलित दस्तक” के चौथे स्थापना वर्ष का समारोह 14 जून को

सन् 2012 में लांच होने के बाद तेजी से सफलता की ओर बढ़ रही और वंचित तबके की आवाज बन चुकी मासिक पत्रिका ‘दलित दस्तक’ का चौथे वर्ष का समारोह 14 जून को होने जा रहा है. पत्रिका के संपादक अशोक दास ने बताया कि इस समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व न्यायधीश जस्टिस खेमकरण होंगे जबकि मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटर मध्य प्रदेश के कुलपति टी.वी. कट्टीमणि होंगे. विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रख्यात समाजशास्त्री एवं जवाहर लाल नेहरू विवि में प्रोफेसर विवेक कुमार, बौद्ध चिंतक एवं साहित्यकार आनंद श्रीकृष्ण और वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल शामिल होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटा. पी.सी.एस अधिकारी जे.सी आदर्श करेंगे. कार्यक्रम का विषयः दलित एजेंडा- 2050 रखा गया है. पत्रिका मई, 2015 अंक के साथ अपने प्रकाशन के तीन साल पूरे कर चुकी है.

जगेंद्र हत्याकांड पर कई राज्यों की पत्रकार यूनियनों में रोष, आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या के दोषियों की अविलंम्ब गिरफ़्तारी की मांग करते हुए मृतक के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता की मांग की है । यूनियन अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने एक बयान जारी कर इस मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त  से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है । आईएफडब्लूजे के सेक्रेटरी (दक्षिण) क़ादरख़ान असदुल्लाह ने बताया कि तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र  प्रदेश एवं अन्य प्रदेशों में हुई शोक सभाओं में पत्रकारों ने घटना पर गुस्सा जताते हुए तुरंत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

चौधरी साब ने बजा दिया बाजा : छठें नंबर का चैनल हुआ ‘जी न्यूज’

एक अच्छा खासा न्यूज चैनल नए जमाने की धंधेबाज पत्रकारिता की सोहबत में पड़ा और देखते ही देखते पतन के पराकाष्ठा तक पहुंच गया. जिस जी न्यूज चैनल को लोग नंबर वन न्यूज चैनल की तरह ट्रीट करते थे और इसे नंबर वन न्यूज चैनल आजतक का प्रतिद्वंद्वी मानते थे, वह जी न्यूज अब छठें नंबर का न्यूज चैनल बन चुका है. इस सारे पतन के पीछे सिर्फ एक शख्स का नाम लिया जा सकता है और वह हैं सुधीर चौधरी. चौधरी साहब एजेंडा पत्रकारिता यानि सुपारी पत्रकारिता यानि रंगदारी पत्रकारिता के बादशाह माने जाते हैं. कभी जिंदल ग्रुप तो कभी कुमार विश्वास. कभी केजरीवाल तो कभी कोई अन्य.

मिस्टर पुरुष, बदल लो सिंगल रहने वाली लड़की के प्रति सोच

Mamta Yadav : लडकी सिंगल रहती है, जरूर परेशान होगी, मजबूर होगी, पैसों की तंगी होगी। मदद कर देते हैं, कुछ न कुछ तो मिलेगा। इस ‘कुछ न कुछ’ की हद एक लडकी के मामले में कहां तक जा सकती है, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल नहीं है। दिमागों के जाले वक्त से पहले साफ कर लिये जायें तो सरेबाजार बेपर्दा होने का डर कभी नहीं सतायेगा। या तो जो मुखौटा है उसे कायम रखा जाये या असली थोबडे के साथ घूमिये तथाकथित भैया, अंकल, दोस्त। उन लडकियों को थोडी नहीं, बहुत आसानी होगी जो आपकी नजर में कमजोर बेचारी हैं।

ये कैसा आक्रोश है जो माखनलाल के एक एचओडी पर गाज गिरने के बाद ही भड़कता है!

Mayank Saxena : भोपाल से पत्रकारिता विश्वविद्यालय विवाद की आवाज़ें थोड़ी बहुत सुन रहा हूं और हंस रहा हूं। आखिर ये किस तरह का आक्रोश है, जो हर बार तब ही भड़कता है और आंदोलनधर्मी हो जाता है, जब किसी एचओडी पर गाज गिरती है? क्या जब एचओडी को पद से नहीं हटाया गया था, तब हालात अच्छे थे? क्यों आखिर हर बार इस नौटंकी का इंतजार किया जाता है?

सरोकारी चैनलों का सच : एनडीटीवी मनी लांड्रिंग में दोषी… न्यूज नेशन उगाही में लिप्त…

Yashwant Singh : एनडीटीवी न्यूज चैनल मनी लांड्रिंग का दोषी पाया गया… सेबी ने दो करोड़ रुपये जुर्माना ठोंका… उधर, न्यूज नेशन चैनल उगाही को नंबर एक का धंधा बनाने में लिप्त मिला… एफआईआर दर्ज होने के बाद पूरा मामला दिल्ली के क्राइम ब्रांच के पास… दोस्तों ये दो न्यूज चैनलों की ताजी और बड़ी कहानियां हैं… अच्छा है… सब नंगे हो रहे हैं… बहुत जल्दी जल्दी…. बाजार ने लालचियों को बेनकाब कर डाला है… हिप्पोक्रेटों के असली चेहरे दिखा दिए हैं…. ये लोग सरोकार की पत्रकारिता का डंका पीटते हैं… पर पर्दे के पीछे क्या खेल करते हैं, यह जानकर हमको आपको धक्का जरूर लगता है…

खनन माफियाओं से उत्तराखंड सरकार का याराना! : मलेथा आंदोलन पर लाठीचार्ज, समीर रतूड़ी का जीवन खतरे में

उत्तराखंड के मलेथा में एक युवा सोशल एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद समीर रतूड़ी सात दिनों से अन्न जल त्यागे हुए हैं. करीब छह स्टोन क्रशर स्थानीय लोगों की जमीन पर कब्जा जमाकर इलाके में खनन का काम कर रहे थे. इन खनन माफियाओं से इस युवा ने लोहा लिया और सात में से छह स्टोन क्रशर बंद करा दिया है. उत्तराखंड पुलिस ने खनन माफियाओं के प्रति अपनी पक्षधरता दिखाते हुए स्टोन क्रशर बंद कराए जाने की खुन्नस निकालने के लिए समीर रतूड़ी और उनके आंदोलनकारी स्थानीय ग्रामीण साथियों को बुरी तरह पीट डाला.

पुलिस उत्पीड़न के निशान दिखाते समीर रतूड़ी

इंडिया टीवी को तगड़ा झटका, एक्जिक्यूटिव एडिटर शुभाशीष मलिक का इस्तीफा

इंडिया टीवी को एक तगड़ा झटका लगा है। यहां कार्यरत बेहद प्रतिभाशाली और एक्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर तैनात शुभाशीष मलिक ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है ।

दैनिक जागरण प्रबंधन के होश उड़े, कर्मचारियों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी करो वरना सीधे टकराएंगे

इलाहाबाद हाईकोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यूनियन पर स्टे लेने वाले दैनिक जागरण प्रबंधन की खुशियां बहुत दिन टिक नहीं पाईं इसके पहले कि वह कर्मचारियों के शोषण व उत्‍पीड़न के अपने इरादों को अंजाम देने की दिशा में कोई कार्रवाई कर पाता, जागरण के कर्मचारियों ने श्रम कानूनों में ही निश्चित प्रावधानों के तहत अपनी एक सभा कर अपने बीच से ही सात प्रतिनिधियों का चुनाव कर प्रबंधन को पटखनी दे दी। इन सात प्रतिनिधियों के मार्फत एक सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर जागरण प्रबंधन को थमा दिया गया है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो पिछली सात फरवरी की तरह वह हड़ताल पर चले जाएंगे।

दैनिक जागरण प्रबंधन को दिए गए मांगपत्र की छाया प्रति (पृष्ठ-1)

पत्नी लिपिका मित्रा के आरोपों पर भारती ने मीडिया से निजता का वास्ता दिया, ट्विटर पर ट्रेंड में

सोमनाथ भारती ने ट्विटर पर लिखा है, ‘मैं पार्टी के काम के सिलसिले में केरल में हूँ। मैं बहुत आहत हूँ कि मेरी पत्नी ने घरेलू मामले को सार्वजनिक कर दिया है। घरेलू हिंसा के अगर आरोप लगे हैं तो ये बेबुनियाद हैं। मैं अपनी पत्नी और बच्चों से प्यार करता हूँ। मैं मीडिया से अपील करता हूँ कि मेरी निजता का सम्मान करें।” भारती की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई पड़ी है। शाम चार बजे जैसे ही उनकी पत्नी लिपिका मित्रा महिला आयोग पहुंचीं और भारती पर मारपीट के आरोप की खबर उड़ी, वैसे ही ट्विटर पर सोमनाथ भारती ट्रेंड में आ गए। महज 30 मिनट में हजारों टवीट्स हो गए। ट्रेंड तीसरे पायदान पर पहुंच गया।

लिपिका मित्रा और सोमनाथ भारती

जगेंद्र हत्याकांड से यूपी के पत्रकारों में रोष, सीबीआई जांच की मांग

गाजीपुर (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर यहां विरोध प्रकट करते हुए पत्रकारों ने कचहरी कैम्प कार्यालय पर शोकसभा की। बैठक में पत्रकारों ने इसे चौथे स्तम्भ पर करारा आघात करार दिया। पत्रकारों ने राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और कोतवाल श्रीप्रकाश राय के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की मांग के साथ ही घटना की जांच सीबीआई से कराने, परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने, नौकरी के साथ 50 लाख रूपये का मुआवजा एवं जगेंद्र के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिए जाने की मांग की है। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में प्रभारी जिलाधिकारी को ज्ञापन देते गाजीपुर के पत्रकार

यूपी : फिल्म उद्योग की भरपूर संभावनाएं, विलेन पटकथा का टेंशन नहीं

बचपन में कई हिन्दी फिल्मों में मजबूर आम आदमी, सच के पहरेदारों और ईमानदार चरित्रों को जालिम नौकरशाह, हैवान नेता और बिकी हुई पुलिस के हाथों मरते देखा है। तब केवल फिल्मों की कहानी समझकर 3 घंटे बाद भूल जाते थे । लेकिन आज हालात दूसरे हैं। फिल्में देखने की जरूरत ही नहीं है । रोजाना अखबारों के पन्ने, टी.वी, मोबायल की स्क्रीन पर नयी फिल्मों के चित्र और पहले से ज्यादा हिला देने वाली स्टोरी दिखायी देती है। 

सन टीवी लाइसेंस : मारन भाइयों के सामने मालिकाना हक छोड़ने की चुनौती

सन टीवी नेटवर्क के पास 33 सेटलाइट चैनल हैं। इसके प्रमोटर कलानिधि मारन पूर्व मंत्री दयानिधि मारन के भाई हैं। गृह मंत्रालय ने सन टीवी नेटवर्क को चैनल के लाइसेंस नवीनीकरण पर अब शर्त लगा दी है कि इस समय मुकदमों में फंसे दोनो भाई इसका मालिकाना हक छोड़ दें।  

बे-मन की बात : आकाशवाणी के कैजुअल एनाउंसरों पर लटक रही छंटनी की तलवार

न्यायालय और संसदीय कमेटी के आदेश को भी दरकिनार करते हुए आकाशवाणी में कार्यरत कैज़ुअल एनाउंसरों को असंवैधानिक तरीके से बाहर निकालने की साजिश चल रही है। ख़ासकर वे कैज़ुअल एनाउंसर, जो पिछले पंद्रह वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं, उन्हें एक अंडरटेकिंग के माध्यम से निकाले जाने का अंदेशा गहराता जा रहा है। 

गजेंद्र की हत्या पर एनयूजे, यूजेए ने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग बुलंद की

लखनऊ : नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स(इंण्डिया) व यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन से जुडे सभी पत्रकारों ने शाहजहांपुर के सोशल मीडिया के पत्रकार जोगेन्द्र की हत्या की कडी निंदा की है। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंण्डिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उप्पाला लक्ष्मण व महासचिव प्रसन्ना मोहंती ने घटना की कडी भर्त्सना करते हुए केन्द्र सरकार से मांग की कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर इसे लागू किया जाय। 

मीडिया मालिकों का बांड एवं फार्मों पर साइन कराना अवैध, पत्रकारों को कत्तई डरने की जरूरत नहीं

सबसे बड़ी अदालत के फरमान ने श्रम विभाग को कितना और किस तरह सक्रिय कर दिया है, यह अब पर्दे में नहीं रह गया है। चहुंओर दिखने, नजर आने लगा है। फरमान जारी होने के बाद महीने भर तक तो सब कुछ शंकाओं-आशंकाओं-अटकलों-अनुमानों, यहां तक कि अफवाहों के गर्दो-गुबार, परतों में दबा-छिपा-ढंका था। कुछ पता ही नहीं लग रहा था, समझ ही नहीं आ रहा था कि होगा क्या? क्या माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल होगा? कुछ कार्रवाई-कार्यवाही होगी? प्रदेश सरकारों का तंत्र मुख्य सचिवों के निर्देश-निगरानी-देखरेख में श्रमजीवी पत्रकार कर्मचारियों एवं गैर पत्रकार कर्मचारियों के भले के लिए कुछ करेगा या नहीं? लेबर कमिश्नरों की अगुआई में नोडल अफसरों/लेबर इंस्पेक्टरों/अफसरों का कुनबा, टीम कुछ सार्थक करेगी या नहीं? या फिर यह महकमा श्रमिक हितों के चोले में उनके हितों पर हमेशा की तरह खंजर ही चलाएगा?

Rajasthan Government Appoints 39 Special Labour Inspectors to Enquire the Majithia Status

Ram P. Yadav (Secy. IFWJ) : After Delhi and Madhya Pradesh, the Rajasthan Government has appointed the Special Labour Inspectors in compliance with the direction of the Hon’ble Supreme Court of India. The Government has appointed 39 Labour Inspectors of different ranks under Section 17B of the Working Journalists Act.

खनन माफिया पर कार्रवाई न कर यूपी सरकार ने बढ़ाया राम मूर्ति जैसों का मनोबल

लखनऊ : रिहाई मंच ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया और प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा, कोतवाल श्रीप्रकाश राय व अन्य द्वारा शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह को जिंदा जलाने की घटना ने प्रदेश में गुंडा और माफिया की सरकार होने को फिर से पुष्ट कर दिया है। मंच ने कहा है कि राम मूर्ति जैसे लोगों की जगह मंत्रालय नहीं बल्कि जेल में है। मंच ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए राम मूर्ति सिंह को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

 

फेसबुक पर ‘ट्रोजन’ पोर्न वायरस का अटैक, शर्मिंदा हो रहे लोग

फेसबुक यूजर्स के लिये चेतावनी है। पिछले कुछ दिनों से फेसबुक ‘पोर्न वायरस’ के हमले से जूझ रहा है । इन्टरनेट के जरिये तेजी से फैलता यह वायरस फेसबुक जैसी लोकप्रिय सोशल मंच के एकाउन्ट यूजर्स के वाल पर अश्लील वीडियो के लिंक भेज रहा है । इस लिंक को क्लिक करते ही यह यूजर्स के 20 से 25 फेसबुक मित्रों को टैग कर देता है और इसके साथ ही कई हजार फैसबुक एकाउन्टस पर अश्लील वीडियो के दृश्य दिखायी देने लगते हैं । 

हत्या की रिपोर्ट से तिलमिलाए मंत्री की पत्रकारों को धमकियां !

वाराणसी : शाहजहाँपुर के सोशल मीडिया पत्रकार जोगेन्द्र सिंह प्रकरण में सरकार की सच्चाई और मंत्री की मनमानी खुल कर सामने आ गई है। अब समाजवादी पार्टी के नेता पत्रकारों को गालियां देने लगे हैं और मंत्री धमकियां दिलवा रहा है। लखनऊ प्रेस क्लब में कल मीटिंग कर पत्रकारों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आगाह कर दिया है कि सरकार इस हरकत को नहीं रोकती तो कीमत चुकानी पड़ेगी। 

सहारा कर्मियों को मिल गया भत्ता, भागते भूत की लंगोटी ही भली

आखिरकार सहारा मीडिया के कर्तव्य योगियों को इस महीने की खुराक ( दो बूंद जिंदगी की) मिल गई। हालाँकि यह चकित करने वाला है, क्योंकि बीते सवा साल से कभी भी समय पर वेतन नहीं मिला, सिवाय जून को छोड़ कर। 

एक श्रद्धा पुष्प जगेंद्र के नाम

कुछ क्रूर भेड़िए सफेदपोश का लबादा ओढ़े समाज में छिपे बैठे हैं उन्हें चेतावनी ? तुम सुधर जाओ हमारी कलम कब तक तोड़ोगे एक जुगेन्द्र को जिंदा जला कर मार डाला चुनौती तुम्हारे गुनाहों पर पर्दा नहीं डाल सकेगा हम सभी खबरनबीसों को शूली पर चढ़ा दो तब भी कितनी मांओं की कोख से और …

दिल्ली के कानून मंत्री की गिरफ्तारी से कानून खुद के शिकंजे में

परिपक्व संविधान मजबूत लोकतंत्र और युवा भारत दुनिया में भारत की फिलहाल यह भी एक मजबूत पहचान है लेकिन कानून के उपयोग और व्याख्या को लेकर अक्सर जो माजरा खड़ा होता है उससे एक अजीब से राजनीतिक मकसद की बू आती है जिसे लेकर कहीं न कहीं लोकतंत्र पर ही सवाल और कानून खुद-ब-खुद शिकंजे में दिखाई देने लगता है। कई बार ऐसा लगता है कि जंग कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच है तो कई बार यह जंग विधायिका और न्यायपालिका के बीच दिखती है। मजबूत लोकतंत्र और दुनिया में अपना डंका बजाने के लिए बेताब भारत के लिए यह हितकर नहीं कहा जाएगा।