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All posts tagged "sanjay kumar singh"

सुख-दुख

Sanjaya Kumar Singh : मैं पहले ही लिख चुका हूं कि झारखंड के चतरा में पत्रकार की हत्या हुई तो बात आई-गई हो गई।...

इंटरव्यू

Sanjaya Kumar Singh : अरुण शौरी और करण थापर की शानदार और दिलचस्प बातचीत। अंत में करण थापर ने पूछा है, क्या आप नरेन्द्र...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : जनसत्ता एक अच्छा अखबार था और जब खराब होना शुरू हुआ तो लगातार खराब होता गया। उसका कोई ग्राफ नहीं...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : बदल रहा है पत्रकारों का धंधा... हिन्दी पत्रकारों के बारे में अक्सर यह कहा सुना जाता है कि पत्रकार हैं...

वेब-सिनेमा

Sanjaya Kumar Singh : नए पत्रकारों के लिए क्या करें, क्या नहीं... जानना जरूरी... फरीदाबाद में पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के मामले में...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : छोटे शहरों के बड़े अखबारों की पत्रकारिता... भदोही में एक नेता के भतीजे ने किसी लड़की से छेड़खानी की और...

वेब-सिनेमा

Sanjaya Kumar Singh : भूल सुधार... एक पोस्ट में मैंने लिखा कि भाजपा के विचारक राकेश सिन्हा जनसत्ता में थे। परिचित हैं। उसे भड़ास4मीडिया...

वेब-सिनेमा

Sanjaya Kumar Singh : भक्ति या आस्था समर्थन, नहीं रोग है... मित्र सुमंत भट्टाचार्य फेसबुक पर भक्तों के बीच वैसे ही लोकप्रिय हैं जैसे...

सियासत

Sanjaya Kumar Singh : रेल मंत्री ट्वीटर पर व्यस्त और अपराधी-ठग अपने धंधे में... अब स्पष्टीकरण से क्या लाभ जब चिड़िया चुग गई खेत......

प्रिंट

मुझे पत्रकारिता का पेशा इसीलिए पसंद है। अपना काम करते रहने के लिए किसी लाला की दुकान की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, लालाओं ने...

टीवी

Sanjaya Kumar Singh : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राजनीति से पत्रकारिता में आए रजत शर्मा बुधवार, 17 फरवरी को अपने चैनल पर दिल्ली...

प्रिंट

खबर और विचार बिल्कुल अलग चीजें हैं। पत्रकारिता की पहली सीख होती है, खबर में विचारों का घालमेल ना हो। उसपर कोई राय भी...

सुख-दुख

जस्टिस मार्कंडेय काटजू मैं कह चुका हूं कि भारत एक तरह की फ्रेंच क्रांति की ओर बढ़ रहा है। कई इतिहासकार फ्रेंच नेशनल असेम्बली...

दिल्ली

Sanjaya Kumar Singh : अरुण जेटली का महत्त्व... लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जब नरेन्द्र मोदी अनोखे और बाद में जुमले घोषित किए जा...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : भक्तों की भीड़ ने विवादित ढांचे पर फैसला कर दिया। राम लला तंबू में आ गए तो आ गए। 23...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : मेरा पसंदीदा अखबार। इसी को पढ़कर पत्रकारिता का चस्का लगा था और जब इसमें अपनी रिपोर्ट छप गई तो लगा...

सुख-दुख

(जन्म से बीमार और ह्वीलचेयर धारी पुत्र आदित्य शौरी के साथ अरुण शौरी. फोटो साभार हिंदुस्तान टाइम्स) Sanjaya Kumar Singh : अरुण शौरी जब...

सियासत

Sanjaya Kumar Singh : मुंबई में शिवसैनिकों ने वामपंथी से दक्षिणपंथी हुए, साप्ताहिक ब्लिट्ज में पत्रकारिता करते हुए लाल कृष्ण आडवाणी के करीबी और...

वेब-सिनेमा

Sanjaya Kumar Singh : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की युद्ध भूमि वाराणसी में हुई चुनावी लड़ाई को दिखाने वाली...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : यही अच्छे दिन हैं क्या। पर किसके लिए? ना खाउंगा ना खाने दूंगा तो ठीक है। पर जायज पैसे भी...

सुख-दुख

Sanjaya Kumar Singh : मीडिया के कारनामे और मीडिया में एफडीआई... भारत को एफडीआई (विदेशी संस्थागत निवेश) तो चाहिए पर समाचार मीडिया में सिर्फ...

टीवी

Sanjaya Kumar Singh : स्टार टीवी और ऐसे दूसरे विदेशी चैनलों के भारत आने का विरोध करने वालों का सबसे मजबूत तर्क था -...

सुख-दुख

Sanjaya Kumar Singh : शीशे के घरों से चुनाव लड़ना... भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर पार्टी की ओर से दिल्ली की मुख्यमंत्री पद...

टीवी

Shambhunath Shukla : एक अच्छा पत्रकार वही है जो नेता को अपने बोल-बचन से घेर ले। बेचारा नेता तर्क ही न दे पाए और...

दिल्ली

Sanjaya Kumar Singh : दिल्ली में सत्ता पाने के लिए भारतीय जनता पार्टी 24 घंटे बिजली, गरीबों को घर, झुग्गी-झोपड़ी खत्म करना, अवैध कॉलोनी...

दिल्ली

Sanjaya Kumar Singh : दिल्ली विधानसभा चुनाव एफएम रेडियो पर अच्छा चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने रेडियो पर एक विज्ञापन चलाया जो...

सुख-दुख

साथी Sanjay Sinha ने अमेरिका के ट्विन टावर पर हमले की खबर से संबंधित एक टिप्पणी आज सवेरे फेसबुक पर लिखी और पांच घंटे...

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Sanjaya Kumar Singh : ये कैसी खबर... काफी समय से मेरा मानना रहा है कि अखबारों में (और चैनलों पर भी) कैसी खबरें की...

टीवी

Sanjaya Kumar Singh : भड़ास पर छपी 'पुण्य प्रसून बाजपेयी, सुप्रिय प्रसाद, राहुल कंवल और दीपक शर्मा कल क्यों जा रहे हैं लखनऊ?' खबर...

प्रिंट

Sanjaya Kumar Singh : पत्नी बीमार हैं और दो महीने में तीसरी बार अस्पताल में हैं। तीमारदारी करते हुए अस्पताल में समय काटने के...

सुख-दुख

Sanjaya Kumar Singh :  हिन्दी, हिन्दी की नौकरी, अर्ध बेरोजगारी और हिन्दी में बने रहना... जनसत्ता में उपसंपादक बनने के लिए लिखित परीक्षा पास...

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